जनता पर भारी है यह खेल

2000 में साउथ अफ्रीका और इंगलैंड के बीच खेले जा रहे मैच में हैंसी क्रोनिए ने 5 दिन के टैस्ट मैच में 5वें दिन पहली इनिंग लंचटाइम में डिक्लेयर कर दी और इंगलैंड ने बाकी समय में मैच 2 विकेट से जीत लिया. उस समय यह खेल भावना वाला निर्णय माना गया, जिस में हैंसी ने 5 दिन में से बारिश से खोए 2 दिनों के बाद अंतिम घंटों में जान डाली थी.

बाद में पता चला कि खेल भावना तो कोरी दिखावेबाजी थी. असल में यह फिक्सिंग थी, जिस में भारतीय मूल के संजीव चावला का दखल था, जो लंदन में रहता था. दिल्ली पुलिस को दिए बयान में संजीव चावला ने कहा है कि हर क्रिकेट मैच जिस का प्रसारण होता है, फिक्स होता है. उस का कहना है खिलाड़ी तो ऐक्टर होते हैं, जो किसी डायरेक्टर के कहने पर गेंद फेंकते हैं, बल्ला घुमाते हैं, फील्डिंग करते हैं.

क्रिकेट में इतना पैसा इसलिए नहीं है कि यह रोमांचक खेल है. यह पैसा तो सट्टेबाजों की मेहरबानी है, जो अरबों खर्च करते हैं ताकि उन के गुरगे उन के इशारों पर लड़ सकें. जनता इतना पैसा मैच देखने या उन के साथ चलने वाले विज्ञापनों पर खर्च नहीं करती जितना सट्टेबाजी में करती है, जिस का बड़ा हिस्सा छिपी ताकतों के हाथों में जाता है और कुछ ही आम खिलाडि़यों को मिलता है.

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हां, जो कुछ भी आम खिलाड़ी को मिलता है वह उस के लिए काफी होता है, जिस में वह ऐश की जिंदगी जी सकता है.

सवाल यह है कि रतन खत्री के मटके की तरह के खेल पर राष्ट्रपतिप्रधानमंत्री आखिर क्यों तालियां पीटते हैं? क्यों उन्हें सरकारी दावतों पर बुलाया जाता है? क्यों उन्हें पुरस्कार दिए जाते हैं?

हर साल कई क्रिकेटरों को पद्म पुरस्कार मिल जाते हैं. अर्जुन पुरस्कार भी इन्हीं की झोली में जा गिरते हैं. सरकारें क्रिकेट में अरबों नाजायज अपराधी पैसा होने के बाद भी तरहतरह की छूट देती हैं. यह सब एक अपराधी खेल को बढ़ावा देता है. सरकारी नेताओं का क्रिकेट बोर्डों में होना अपराध को सरकारी संरक्षण देता है. सुप्रीम कोर्ट का बोर्डों के कामकाज में समय लगाना क्रिकेट माफिया के काम में विवादों को हल करना मात्र रह गया है.

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क्रिकेट न केवल जनता पर भारी है वरन यह ऊंचीनीची जातियों की विभाजन रेखा भी बन गया है. साहबों का यह खेल भारत के लायक तो है ही नहीं. यह खेल तो जुआ है जो मैदान में नहीं जुआघरों में खेला जाता है. इसे बैन तो नहीं किया जाना चाहिए पर इस पर जनता की हामी की मुहर नहीं लगनी चाहिए.

coronavirus: इन 7 बातों से रखें परिवार को सुरक्षित

कोरोना वायरस का संक्रमण दुनिया भर में फैलता जा रहा है. रोज कोरोना पीडि़तों और मृतकों की संख्या में हो रही वृद्धि ने डर का माहौल पैदा कर दिया है. औफिस बंद हो रहे हैं, स्कूलकालेज भी बंद हो गए हैं, पूरा परिवार घर में है. ऐसे में महिलाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है. उन्हें परिवार की सुरक्षा का खास खयाल रखना पड़ रहा है.

कैसे रखें बच्चों का खयाल

बच्चों को भरोसा दें: छोटे बच्चे अकसर चीजें छूतें हैं और खानेपीने की चीजें दूसरों से शेयर करते हैं. यानी वे संक्रमण फैलाने का बहुत बड़ा जरिया होते हैं. ऐसे में आप को अपने बच्चे को बताना होगा कि कोरोना क्या है और इस से बचने की जरूरत क्यों है. अपने बच्चों के साथ इस मुद्दे पर खुल कर बात करें. उन्हें जरूरी एहतियात बरतने को कहें.

कोरोना वायरस जैसे बड़े मसले पर बच्चों से बात कैसे करनी है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि उन की उम्र कितनी है. छोटे बच्चे खासतौर से 6-7 साल से कम उम्र के बच्चे इस तरह के विषयों पर बात नहीं करना चाहते. ध्यान से बात नहीं सुनते. उन्हें प्यार से गोद में बैठा कर इस बीमारी की बेसिक जानकारी दें. इस के प्रति सावधान करें. बड़े बच्चों को भी हाथ धोने और मास्क पहनने का महत्त्व समझाएं. उन्हें बताएं कि कुछ लोग बीमार होंगे पर सावधानी रखी जाए तो ज्यादातर लोगों को इस से कुछ नहीं होगा. उन्हें समझाएं कि ऐसे कौन से कदम उठाने चाहिए ताकि वे संक्रमित होने के खतरे को टाल सकें, साथ ही उन्हें यह एहसास भी हो कि चीजें उन के अपने हाथ में हैं.

आप से सीखते हैं बच्चे:

छोटे बच्चे अकसर अपने मांबाप से प्रभावित होते हैं और उन से सीखते हैं. वैसा ही करने का प्रयास करते हैं जैसा अभिभावक करते हैं. आप बाहर निकलते समय मास्क पहनेंगे. समयसमयपर हाथ धोएंगे अैर सैनिटाइजर लगाएंगे तो बच्चे भी ऐसा करना सीखेंगे. किशोर उम्र के बच्चों का तरीका अलग होता है. वे दुनिया की खबरों के लिए अपने मांबाप पर कम निर्भर होते हैं. उन्हें ज्यादातर जानकारी अपने दोस्तों से मिलती है. किसी 14 साल के बच्चे को यह कहने से काम नहीं चलेगा कि सब ठीकठाक है, परेशान होने की बात नहीं, क्योंकि जब आप उस से ऐसा कहेंगे तो वह पलट कर कहेगा कि आप को कुछ पता ही नहीं है, आप को बच्चों को इतना खुलापन देना चाहिए जिस में उन्हें अपने मन की हर बात खुल कर कहने की आजादी हो. आप उन्हें सवाल पूछने और जानकारी जुटाने को प्रोत्साहित करें.

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किस को ज्यादा खतरा:

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं और बच्चों में कोरोना वायरस का असर कम दिख रहा है. मृतकों के आंकड़ों में महिलाओं और बच्चों की संख्या कम है. लेकिन इस का अर्थ यह नहीं कि आप को सावधान रहने की जरूरत नहीं है.

उम्र की बात करें तो जहां वायरस से संक्रमित 0.2 फीसदी बच्चे और किशोरों की मौत हुई है वहीं 80 साल से ज्यादा उम्र के 15 फीसदी लोगों की मौत हुई है. उम्र बढ़ने पर लोग वैसे भी ज्यादा बीमार हो जाते हैं, क्योंकि उन की रोगप्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है. उम्रदराज लोगों में या पहले से ही कमजोर प्रतिरोधक क्षमता व गंभीर अस्थमा जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में ज्यादा संक्रमण पाया गया है. इसलिए बुजुर्गों और बीमारों की सेहत का खास खयाल रखें. उन्हें बाहर जाने से रोकें.

गर्भावस्था में प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है और इस से शरीर भ्रूण को गर्भाशय में स्वीकार नहीं कर पाता है. इस से महिलाओं को संक्रमण होने का खतरा भी बढ़ जाता है. समान उम्र की अन्य महिलाओं के मुकाबले गर्भवती महिलाओं की फ्लू आदि से मौत होने की आशंका ज्यादा होती है.

कोरोना वायरस से कैसे करें बचाव

मुलाकात से बचें: बीमार लोगों से मिलने से परहेज करें, यदि खुद बीमार हैं तो डाक्टर से मिलने के अलावा बाहर निकलने से बचें. खांसी और जुकाम होने पर टिशू का इस्तेमाल करें. परिवार वालों के साथ कम बैठें. सोशल डिस्टैंसिंग अपनाएं. दरवाजों के हैंडल, स्विचबोर्ड, हैंड रेलिंग को बारबार छूने से बचें.

घर की सफाई की ध्यान रखें: घर पर जिन वस्तुओं का रोजाना इस्तेमाल हो रहा है उन की सफाई रोजाना करें. कुरसी, मेज, लाइट के स्विच, दरवाजे आदि को घर के सभी लोग इस्तेमाल करते हैं. अत: इन्हें दिन में 2 बार साफ करें.

20 सैकंड्स तक साफ करें हाथ: पानी और साबुन या हैंड वाश का इस्तेमाल करते हुए हाथों को 20 सैकंड्स तक रगड़रगड़ कर साफ करें. खाना खाने के पहले और बाद, टौयलेट के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथों को धोएं. ऐसे सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें, जिस में 60 फीसदी अल्कोहल हो.

मास्क का इस्तेमाल: अपने मुंह को मास्क से ढक कर रखें. खांसते आर छींकते समय टिशू का इस्तेमाल करें और फिर उसे कूड़ेदान में फेंक दें. बाहर निकलते समय भी मास्क का इस्तेमाल करें. यदि आप के संपर्क में कोई वायरस आता भी है तो मुंह और नाक ढकी होने के कारण आप को संक्रमित नहीं कर पाएगा और आप सुरक्षित रहेंगे.

कैसी हो डाइट: कोई भी एक खाद्यपदार्थ आप को कोरोना से नहीं बचा सकता, बल्कि पौष्टिक और बैलेंस्ड डाइट आप की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकती है, जिस से कोरोना से लड़ने के लिए आप का शरीर मजबूत बन पाएगा. खाने में विविधता होनी चाहिए. विभिन्न फल, स्प्राउट्स, मेवे और हरी सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें.

फलसब्जी: रोगप्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में विटामिन सी का महत्त्वपूर्ण स्थान है. संतरा, मौसमी, आंवला, लाल या पीली शिमलामिर्च, कीवी, पपीता, गाजर, नींबू आदि से आप को आसानी से विटामिन सी मिल सकता है.

अंडा और दालें: यदि शरीर में जिंक की कमी हो तो आप आसानी से बीमारियों के शिकार हो सकते हैं. संपूर्ण अनाज, बींस, मटर, दालें आदि जिंक का बेहतर स्रोत हैं.

अदरक वाली चाय: यदि आप को सर्दी या खांसी हो तो खाने में अदरक को जरूरत शामिल करें. सब से अच्छा है कि अदरक वाली चाय पीएं. अदरक में आयरन, जिंक, कैल्सियम और मैग्निशियम भरपूर मात्रा में होता है, जिस से खांसी या बुखार जैसी बीमारियों से लड़ने में अधिक शक्ति प्राप्त होगी.

नारियल का तेल: घर में खाना बनाते समय सरसों के तेल या रिफाइंड की जगह नारियल के तेल का इस्तेमल करना ज्यादा बेहतर होगा. इस में लौरिक ऐसिड आर कैप्रिलिक ऐसिड होता है, जो आप के इम्यूनिटी सिस्टम को बूस्ट कर वायरस से सुरक्षा करता है.

विटामिन ए: आप की सेहत और रोगप्रतिरोधक शक्ति को मजबूत बनाए रखने के लिए विटामिन ए बेहद महत्त्वपूर्ण है. मछली, अंडे का पीला भाग, चीज, दालें और मेथीपालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों से आप को पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए मिल सकता है.

लहसुन: इस में एलिसिन पाया जाता है, जिस के सेवन से शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. लहसुन की दो कलियां रोजाना गरम पानी के साथ लें या फिर इस का सूप बना कर भी पी सकते हैं. इस के सेवन से तमाम तरह के वायरल इन्फैक्शन और संक्रमण से बच सकते हैं.

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विटामिन डी: सूरज की किरणों से प्राकृतिक रूप से विटामिन डी मिलता है. सुरमई, फिश, अंडों, चीज, मशरूम से भी विटामिन डी प्राप्त होता है.

पानी: पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं. कुनकुना पानी पीएं, खुद को हाइड्रेटेड रखें.

आराम और व्यायाम: पर्याप्त मात्रा में नींद लें, साथ ही सुबहसुबह की सैर और ऐक्सरसाइज जरूर करें. ऐक्सरसाइज से शरीर अंदर से मजबूत बनता है और इन्फैक्शन का खतरा कम रहता है.

Monsoon Special: बच्चों के लिए बनाएं क्रीमी एग रोल

अंडे हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. आपको बता दें कि अंडे में पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं. यह बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. क्रीमी एग रोल का नाम आप सबने सुना होगा. क्रीमी एग रोल बनाना बहुत ही आसान है. आज हम आपको क्रीमी एग रोल बनाने का तरीका बता रहे हैं जिसे बच्चे खाकर खुश जायेंगे.

हमें चाहिए

तेल – 1 चम्मच

प्याज – 40 ग्राम

नमक – 1/4 चम्मच

पत्ता गोभी – 40 ग्राम

चिली फ्लेक्स – 1/4 चम्मच

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काली मिर्च – 1/4 चम्मच

अंडे – 2

मेयोनिज

टार्टिला

बनाने का तरीका

क्रीमी एग रोल बनाने के लिए सबसे पहले आप एक पैन लें और उसमें तेल डालकर गर्म करें. अब इसमें प्याज डालें और हल्का-सा भून लें.

फिर इसमें पत्ता गोभी, चिली फ्लेक्स और नमक डालकर दो से तीन मिनट तक पकाएं. अब एक बाउल में दो अंडे लें. इसमें नमक और काली मिर्च डालकर अच्छे से फेंट लें.

अब एक दूसरे पैन में तेल डालकर अंडे का आमलेट बनाएं. अब आमलेट को टार्टिला के ऊपर रख दें. फिर इसके ऊपर मेयोनिज लगाएं.

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अब पहले से पका कर रखी गई सब्जियां लगाकर इसका रोल बना लें. क्रीमी एग रोल बनकर तैयार हैं. इसे सर्व करें.

आलिया भट्ट के बाद वॉटर बेबी बनीं एक्ट्रेस श्रुति हासन, PHOTOS VIRAL

एक्ट्रेस श्रुति हासन अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर स्टनिंग लुक वाली अंडरवाटर फोटोशूट की फोटोज शेयर की, जिसमें उन्होंने खुद को वॉटर बेबी बताया है. श्रुति हासन की इस तस्वीरों को ढाई लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है.

फिल्म अभिनेता कमल हासन की खूबसूरत बेटी, एक्ट्रेस श्रुति हासन ने ग्लैमरस अंदाज में फोटोशूट करवाया हैं. उन्होंने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर स्टनिंग लुक वाली अंडरवाटर फोटोशूट की तस्वीरे शेयर की. जिसमें उन्होंने खुद को वॉटर बेबी बताया है. श्रुति हासन की इस तस्वीरों को ढाई लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है.

 

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I can dance anywhere 🖤

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हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने वाली एक्ट्रेस श्रुति हासन अक्सर अपनी फोटोज से सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं.  श्रुति इन दिनों भी सोशल मीडिया पर खूब  सुर्खियां बटोर रहीं हैं, श्रुति ने अपने  ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर अंडरवाटर फोटोशूट की तस्वीरे पोस्ट की है, उन्होंने इसे अंडर वाटर यानी पानी के अंदर शूट किया गया है. जिसमें वो  काफी स्टनिंग नजर आ रहीं हैं। फोटो के साथ उन्होने मस्त कैप्शन भी लिखा है.

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श्रुति हासन  ने दो फोटो शेयर की है, जिसमें एक में वो ब्लैक एंड व्हाइट में नजर आ रही हैं. जबकि दूसरी फोटो में वो कलरफुल दिख रही हैं. उन्होंने कैप्शन में लिखा है: ‘वाटर बेबी.’  अपनी फोटो को शेयर करते हुए श्रुति ने खुद को वॉटर बेबी बताया है.

दूसरे में श्रुति ने अपने फेस की एक फोटो पोस्ट की है, जिसमें वो अपने आंख में दिख रहे दो बर्थ मार्क्स दिखाती नजर आ रही है. श्रुति ने इन तस्वीरों को शेयर करते हुए लिखा, हां ये मेरी आंख है, इसमें मौजूद मार्क्स बर्थ मार्क्स हैं, नहीं, इसमें कुछ भी ऐसा नहीं है, जिस पर कोई अजीब प्रतिक्रिया दी जाए और  उन्होंने लिखा कि हर उन चीज को सेलिब्रेट करें, जिनसे वो बनते हैं या अलग दिखाई देते हैं.

 

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Reaching for tomorrow 🖤

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तेलुगु फिल्मों में अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाली श्रुति हासन बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं. जिसमें ‘वेलकम बैक, रमैया वस्तावैया, गब्बर इज बैक, लक, डी-डे, बहन होगी तेरी, रॉकी हैंडसम और तेवर’ जैसी फिल्में है. एक्ट्रेस होने के साथ ही वह एक बेहतरीन सिंगर भी हैं.

 

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Water baby ❤️ #throwback

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श्रुति हासन से पहले  एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने ‘वोग इंडिया’ मैग्जीन के साथ अंडर वाटर हॉट फोटोशूट करवाया था. आलिया भट्ट का अंडर वाटर बोल्ड बिकिनी फोटोशूट खूब वायरल हुआ था. कुछ ही घंटों  में आलिया की फोटो को लगभग 16 लाख से भी ज्यादा बार लाइक किया गया था इन तस्वीरों में आलिया मल्टी कलर बिकिनीज में नजर आईं थीं.

वैश्विक महामारी ला सकता है चीन में मिला एक और वायरस, पढ़ें खबर

जहां एक तरफ चीन के वुहान शहर से निकले कोरोनावायरस से पूरी दुनिया जूढ रही है तो वहीं चीन में ही एक और वायरस निकल गया है. वहीं वैज्ञानिक समुदाय ने दावा कर दिया है कि यह एक और वैश्विक महामारी का कारण बन सकता है. हाल ही में एक खबर में बताया गया है कि चीन में सुअरों के बीच पाए जा रहे फ्लू वायरस का एक नया प्रकार सूअर उद्योग से जुड़े कर्मचारियों को तेजी से प्रभावित कर रहा है. आइए आपको बताते हैं क्या और कैसे फैल रहा है ये वायरस…

वायरस का नाम है जी4

शोधकर्ताओं का कहना है कि चीन के सूअरों में इंफ्लुएंजा के एक नए स्ट्रेन का पता लगा है जो कि मनुष्यो में फैलने में सक्षम है और एक अन्य वैश्विक महामारी का रूप ले सकता है. यह दावा अमेरिका के साइंस जर्नल प्रोसीडिंग्स ऑफ दि नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज (पीएलएएस) में प्रकाशित के एक अध्ययन में किया गया है. इस वायरस को जी4 (G4) नाम दिया गया है और यह 2009 में महामारी के कारण बने एच1एन1 वायरस में जेनेटिक बदलाव से बना है.

सूअरों में पाया जा रहा ये वायरस

सूअरों में जी4 वायरस साल 2016 से ही प्रमुखता से पाया जा रहा है. चीन में साल 2011 से 2018 के बीच सूअरों की निगरानी के आधार पर सामने आए इस ताजा अध्ययन में पाया गया है कि जी4 वायरस वायरस मानव कोशिकाओं में संग्राहक अणुओं (रिसेप्टर मॉलीक्यूल्स) से बंध जाता है और श्वसन तंत्र की बाहरी परत में खुद की प्रतिकृतियां तैयार कर सकता है यानी खुद की संख्या बढ़ा सकता है.

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मनुष्य से मनुष्य में प्रसार का अभी कोई सबूत नहीं

चीन के विश्वविद्यालयों के लेखकों और वैज्ञानिकों के साथ चीन के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने भी कहा है कि यह वायरस एक संभावित वैश्विक महामारी बनने के सभी लक्षण रखता है. वहीं शोधकर्ता इस बात से परेशान हैं कि यह वायरस पहले ही म्यूटेट होकर जानवरों से मनुष्यों में न पहुंच चुका हो, लेकिन अभी तक इसके मनुष्य से मनुष्य में प्रसार को कोई सबूत नहीं मिला है.

दो मामले आ चुके हैं सामने

जी4 वायरस के संक्रमण की बात करें तो दो मामले साल 2016 और 2019 में सामने आ चुके हैं. इन मरीजों के पड़ोसी सूअर पालन करते थे. इनमें से पहले मरीज की आयु 46 साल और दूसरे की आयु नौ साल थी. ऐसे में यह सुझाव दिया जा रहा है कि जी4 वायरस सूअरों से मनुष्य में प्रसारित हो सकता है और और गंभीर संक्रमण के साथ मृत्यु का कारण भी बन सकता है.

मनुष्यों में इस वायरस के लिए पहले से प्रतिरक्षा नहीं

शोधकर्ताओं ने अध्ययन में कहा है कि सूअरों में अन्य वायरस की तुलना में यह वायरस ज्यादा फैल रहा है. उनका कहना है कि ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि सूअरों और मनुष्यों में जी4 वायरस को लेकर उचित निगरानी की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए. उन्होंने आगे कहा कि सूअरों में जी4 वायरस का बड़े स्तर पर प्रसार से मनुष्यों के लिए जोखिम बढ़ सकता है.

ये हो सकते हैं लक्षण

अध्ययन में पता चला है कि यह वायरस एयरोसोल ट्रांसमिशन के माध्यम से फेरेट (नेवले की जाति का एक जानवर) को संक्रमित कर सकता है जिससे उनमें छींक, खांसी, सांस लेने में तकलीफ जैसे गंभीर लक्षण नजर आने के साथ ही उनके शरीर का 7.3 से 9.8 फीसदी द्रव्यमान के बराबर वजन कम हो सकता है. अध्ययन में यह भी पाया गया कि इंसान को अन्य इंफ्लुएंजा वैक्सीन से मिलने वाली रोग प्रतिरोधक क्षमता जी4 वायरस से नहीं बचा सकती. यह इस बात का संकेत है कि वायरस के प्रति शरीर में पहले से कोई प्रतिरक्षा मौजूद नहीं है.

उभरती स्थिति पर नजर रखना जरूरी

अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के महामारीविद् एरिक फिग्ल डिंग ने ट्वीट किया कि यह वायरस अब तक सिर्फ सुअरों में है. उन्होंने ट्विटर पर कहा, ‘केवल दो मामले. और यह 2016 की उत्पत्ति वाला पुराना वायरस है. इंसान से इंसान में नहीं फैला है. सुअर उद्योग के 10 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिलीं. कोई डराने वाली बात के साक्ष्य नहीं मिले हैं.’ बता दें कि डिंग इस अध्ययन से जुड़े नहीं हैं. इसके अलावा अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन के बायोलॉजिस्ट कार्ल टी बर्गस्ट्रॉम ने कहा कि वायरस से लगातार अत्यधिक संपर्क में रहने के बाद भी इसके मनुष्य से मनुष्य में फैलने के कोई साक्ष्य नहीं हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि उभरती स्थिति पर नजर रखना महत्त्वपूर्ण है. बर्गस्ट्रॉम ने कहा, ‘जांच आवश्यक होगी खासकर तब जब सूअर उद्योग से जुड़े कामगारों में बीमारी के समूह में उभरने स्थिति आ जाए.’

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बता दें, देश और दुनिया में दिन पर दिन संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा हैं. वहीं भारत में संक्रमित मामलों की बात करें तो 5 लाख 85 हजार से ज्यादा तक आंकड़ा पार हो गया है, लेकिन ठीक होने वालों की संख्या मरने वालों से काफी अधिक है, जिसके कारण स्थिति कंट्रोल में लग रही है.

‘ससुराल सिमर का’ फेम मनीष रायसिंघानी ने गर्लफ्रेंड संग रचाई शादी, देखें फोटोज

कोरोनावायरस के कहर के बीच टीवी के एक कपल ने सात फेरे ले लिए हैं. दरअसल, टीवी के पौपुलर एक्टर्स में से एक मनीष रायसिंघानी और संगीता चौहान ने सात जन्मों के लिए एक-दूसरे का हाथ थाम लिया है. बीते दिन 30 जून को सीरियल ‘ससुराल सिमर का’ (Sasural Simar Ka) फेम एक्टर मनीष रायसिंघानी (manish raisinghan) और एक्ट्रेस संगीता चौहान (Sangeeta Chauhan) ने एक गुरुद्वारे में शादी रचाई, जिसके फोटोज सोशलमीडिया पर वायरल हो रही हैं. आइए आपको दिखाते हैं कपल की मास्क वाली शादी की कुछ खास फोटोज…

मास्क के साथ गुरूद्वारे पहुंचे मनीष

एक्टर मनीष रायसिंघानी (manish raisinghan) सज-धजकर अपने परिवार के साथ मास्क लगाकर गुरुद्वारे पहुंचे. साथ ही मनीष रायसिंगानी ने मास्क लगाकर ही शादी की रस्मों निभाई. वहीं शादी में गेस्ट की बात करें तो मनीष रायसिंघानी के साथ उनका परिवार नजर आया तो वहीं इस शादी में बाकी करीबी लोगों ने वर्चुअली हिस्सा लिया.

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मनीष रायसिंघानी ने मारा खूब टशन

शादी के दिन मनीष रायसिंघानी खूब टशन मारते हुए नजर आए तो वहीं दुल्हे राजा के बाद जब संगीता चौहान ने एंट्री मारी तो हर कोई उन्हें देखते ही रह गया. इसी बीच मनीष रायसिंघानी और संगीता चौहान ने शादी में कोरोना वायरस से बचने के सारे इंतजाम किए.

एक दूसरे से बातें करते नजर आया कपल

मनीष रायसिंगानी और संगीता चौहान ने शादी के बाद सभी का आर्शीवाद लिया और नई जिंदगी के ढेर सारी दुआएं मांगी. मनीष रायसिंघानी और संगीता चौहान की शादी में घर के लोग ही शामिल हुए. शादी की रस्मों के बीच मनीष रायसिंघानी संगीता चौहान से खूब बातें करते हुए नजर आए.

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बता दें, मनीष और संगीता की ये शादी सुर्खियों में बनी हुई थी, क्योंकि 30 जून को ही मनीष की खास दोस्त अविका गौर का भी बर्थडे आता है. वहीं दोनों इस बात से बेहद खुश दिखाई दिए.

श्वेता तिवारी के बच्चों से मिलने की पाबंदी पर बोले पिता अभिनव कोहली, किए कईं खुलासे  

कसौटी जिंदगी के फेम एक्ट्रेस श्वेता तिवारी की पर्सनल लाइफ इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है. जहां पति अभिनव कोहली श्वेता के साथ अपने रिश्ते ठीक होने की बात कह रहे हैं तो वहीं श्वेता ऐलान कर चुकी हैं कि वह पति से अलग रह रही हैं. इसी बीच अभिनव कोहली ने पर्सनल व्हाट्स ऐप चैट शेयर करके श्वेता को झूठा साबित किया था तो वहीं एक्ट्रेस ने भी इशारों इशारों में झूठ कहने की बात रही थी. वहीं अब एक्ट्रेस श्वेता तिवारी और उनके पति अभिनव कोहली के बीच चल रही खींचतान ने नया मोड़ ले लिया है. आइए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला…

अभिनव कोहली ने किए खुलासे

हाल ही में एक रिपोर्ट में एक्टर ने चौंकाने वाले खुलासे करते हुए कहा है कि श्वेता तिवारी उनके साथ सही बर्ताव नहीं कर रही है. वो उन्हें अपने बच्चे रेयांश से भी मिलने नहीं दे रही है. इतना ही नहीं अभिनव कोहली ने श्वेता तिवारी पर इल्जाम तक लगा दिया है कि वो उन्हें एक नौकर की तरह ट्रीट कर रही है.

नौकर जैसे व्यवहार की कही बात

अभिनव कोहली ने कहा है, ‘मैं अब जाकर सिर्फ इसलिए बात कर रहा हूं क्योंकि मैं खुद को ठगा हुआ सा महसूस कर रहा हूं. पिछले साल सितंबर से मई 2020 तक, श्वेता मेरे साथ संपर्क में रहीं हैं. इस दौरान मैंने उसकी और मेरे बच्चे की जरूरतों का ख्याल रखा. कार में पेट्रोल भरवाने से लेकर लवु (पलक) को कुछ भी चाहिए होता है मैं वहां रहता हूं. जब भी उसे मेरी जरूरत होती है मैं उसके लिए सुबह के 2 बजे या 4 बजे भी मौजूद होता हूं. मैं वहां था क्योंकि मैं अपने बच्चे के साथ रहना चाहता था, लेकिन अब वह मुझे उससे मिलने नहीं दे रही है. उसने मेरे साथ एक नौकर की तरह व्यवहार किया है.’

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बच्चों से मिलना चाहते हैं अभिनव

 

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A big thank you to all those supporting me in my fight to give my child a normal childhood.

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अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने कहा है, ’मैं चाहता हूं कि बस अब कोई मानवाधिकार संगठन या किसी एनजीओ मेरी मदद करे. मैं दोबारा अपने बच्चे के साथ मिलना चाहता हूं. मुझे करीब डेढ़ महीने से ऊपर हो गया है मैं अपने बच्चे की शक्ल तक नहीं देख पा रहा हूं. प्लीज कोई आकर मेरी मदद करे. यह सब मैंने काफी समय से देख रहा हूं. लेकिन यह सोचकर कि उसका व्यवहार मेरे लिए अच्छा है, इसलिए यह हमारे बच्चे के लिए बेहतर है क्योंकि उसे अपने माता-पिता दोनों का प्यार मिल रहा है.

रिश्ता बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं अभिनव

 

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@shweta.tiwari AND WHY HAVEN’T YOU FILED FOR DIVORCE TILL DATE.

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बच्चों को लेकर बात करते हुए अभिनव ने कहा कि ’14 मई को, जब मैं रेयांश से बात कर रहा था, तो उसने कहा, “मुझे पापा की याद नहीं आती’. ये सुनकर मैं हैरान रह गया था कि एक 4 साल का बच्चा जिसे ‘याद’ शब्द का अर्थ भी नहीं पता. वो ऐसा कैसे कह सकता है. मैंने श्वेता से कहा कि आपने तलाक के लिए अर्जी भी नहीं दी है और आप उसे ऐसी चीजें सिखा रहे हो ताकि आप उसे मुझसे दूर कर सको. वह सुबह से रात तक मेरे साथ रहा करता था. ऐसे में बच्चा ऐसे कैसे कह सकता है. मैंने इस रिश्ते को बनाने की पूरी कोशिश की है.’

अपना दर्द किया बयां

इतना ही नहीं, अभिनव ने ये भी कहा कि वो जब वो 14 मई को अपने बेटे रेयांश से मिलने गए, तो श्वेता ने पुलिस को फोन कर दिया और उन्हें घर के बाहर खींच लिया गया. टीवी एक्टर ने कहा, ‘मैं अपने बेटे रेयांश से आखिरी बार 15 मई को मिली था. श्वेता ने मुझे और उस समय उसे वहां बुलाया था. उस वक्त उसे कोरोनावायरस के बारे में डर नहीं था. लेकिन अचानक वह मुझे (रेयांश) से मिलने नहीं दे रही है और बहाना बना रही है कि कोविड-19 के डर के चलते वो रेयांश को दूर रख रही है.’ उन्होंने बताया, ‘दो महीने के लिए मैंने खुद अपने बेटे से मिलने की खास कोशिश नहीं की क्योंकि मैं किराने का सामान या दूसरी चीजें लाने के लिए अक्सर बाहर निकलता था.

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14 मई को, रेयांश ने मेरे लिए एक वीडियो कॉल किया. अचानक वह बहुत जोर से चिल्लाया और आईपैड को फेंक दिया, मैं बहुत डर गया था और तुरंत उससे मिलने के लिए दौड़ा. श्वेता ने पुलिसवालों को बुलाया और मुझे घर से बाहर खींच लिया. मेरा मतलब है कि मेरी गलती क्या थी, मैं अपने बच्चे के लिए चिंतित ही हुआ था न. इन दो महीनों में, मैं फोन कॉल और वीडियो कॉल के जरिए रेयांश के संपर्क में रहा जब 14 मई को मैं उससे मिलने गया, तो उन्होंने पुलिस को फोन कर दिया. मैंने पुलिसवालों से विनती की कि मुझे मेरे बच्चे से मिलने दिया जाए. उस दिन मैं पुलिस स्टेशन में तीन घंटे रोया भी था, क्योंकि मैं सिर्फ अपने बच्चे से मिलना चाहता था और असहाय महसूस कर रहा था. मुझसे पुलिस ने कहा कि अरे कोहली साहब चुप हो जाओ… मर्द होकर आप रो रहे हो.’

बता दें, बीते दिनों खबर थी कि एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने अपने बच्चों को अभिनव कोहली से दूर रखने के लिए पुलिस से मदद मांगी थी, जिसके बाद से दोनों का विवाद मीडिया में छाया हुआ है.

New Promo: फैमिली को बचाने के लिए डबल रोल निभाएगी ‘नायरा’, पढ़ें खबर

बीते दिनों कईं टीवी सीरियल्स की शूटिंग शुरू हुई है, जिनमें शिवांगी जोशी और मोहसिन खान का सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) भी शामिल है. वहीं फैंस भी इस बात से बेहग खुश हैं. हाल ही में शो के सेट की कुछ फोटोज वायरल हुई थीं, जिनमें नायरा (Shivangi Joshi) और कार्तिक (Mohsin Khan) कुछ अलग लुक में नजर आए थे, जिसके बाद फैंस सीरियल में आने वाले नए ट्विस्ट जानने के लिए एक्साइटेड हो गए थे और अब शो के मेकर्स ने एक नया प्रोमो रिलीज किया है, जिसमें लौकडाउन के बाद आने वाली कहानी की झलक देखने को मिल रही है. आइए आपको बताते हैं क्या शो के नए प्रोमो में..

डबल रोल में नजर आएंगी नायरा

नए प्रोमो के मुताबिक एक बार फिर से नायरा सिंघानिया (शिवांगी जोशी) अपने परिवार की खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार रहेगी. सीरियल के नए प्रोमो में दिखाया गया है कि गोयनका हाउस को किसी की बुरी नजर से बचाने के लिए वो डबल रोल निभाएगी और उसको देखकर कार्तिक (मोहसिन खान) भी परेशान हो जाएगा और उससे ये सब जल्द से जल्द खत्म करने को कहेगा.

सीरियल में होगी नई एंट्री

 

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नए सिरे से कहानी को शुरु करते हुए प्रोमो में नई कहानी और नए किरदार अलका कौशल की भी एंट्री दिखाई दे रही है. अलका कौशल के रोल की वजह से ही नायरा और कार्तिक की जिंदगी में एक नया भूचाल आएगा और खुद को और अपने परिवार को बचाने के लिए नायरा अपनी नकली जुड़वा बहन टीना का सहारा लेगी, जिसमें उसका परिवार उसका साथ देगा.

इसी हफ्ते शुरु हुई है शूटिंग

कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते टीवी सीरियल्स की शूटिंग बंद थी और तीन महीने तक किसी भी सीरियल की शूटिंग नहीं हुई थी. वहीं इसी हफ्ते मुंबई में कई टीवी सीरियल्स की शूटिंग शुरु की जा चुकी है और इनमें से एक ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ भी है. इसी के साथ प्रोमो से साफ पता चल रहा है कि शिवांगी जोशी सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ को अलविदा नहीं कहने वाली हैं.

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देह मेरी अधिकार मेरा

स्त्री का शरीर उस की अपनी संपत्ति है और वह जब चाहे उस के साथ कुछ भी कर सकती है. इस प्राकृतिक तथ्य को धर्म सदियों से नकारता रहा है और उस ने राजाओं और लोकतांत्रिक सरकारों को जबरन ऐसे कानून बनाने को कहा जो औरत के शरीर पर तरहतरह के बंधन लगाते हैं.

विवाह बिना यौन संबंध अभी पिछली सदी तक औरतों के लिए बहुत समाजों में जुर्म रहा है. हाल के दशकों में ही इस कानून पर अमल होना बंद हुआ है. हालांकि बहुत से देशों की कानून की किताबों में यह आज भी किसी कोने में पड़ा मिल जाएगा.

गर्भपात को ले कर कानून भी ऐसा ही है. ज्यादातर देशों ने गर्भपात को औरत का मौलिक व प्राकृतिक अधिकार नहीं मान रखा है, क्योंकि धर्म गर्भपात का विरोधी है. धर्म को भगवान की भक्ति और अपना चढ़ावा भी चाहिए तो भी वह चाहेअनचाहे, विवाहपूर्व, विवाह बाद, पति या गैर मर्द से यौन संबंध को रोकने के लिए कैसे गर्भपात को गैरकानूनी या नियंत्रित कर सकता है? लेकिन ज्यादातर सरकारें धर्म के आगे हार जाती हैं.

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हाल ही में मुंबई की एक औरत को 25वें सप्ताह में गर्भपात की इजाजत सुप्रीम कोर्ट से मिली. इस इजाजत में खासीयत यह थी कि यह गर्भ में पल रहे जुड़वां बच्चों में से एक के गर्भपात की थी, जिसे शायद डाउन सिंड्रोम था. यह निर्णय असल में डाक्टरों का ही होना चाहिए था. इस पर न सरकार, न कानून, न धर्म, न पुजारी, न सास, न पति, न साथी किसी का कोई हक नहीं. औरत जिस का शरीर है और डाक्टर जिस ने गर्भपात कराना है, निर्णय लेने में सक्षम होने चाहिए.

मैडिकल टर्मिनेशन औफ प्रैगनैंसी ऐक्ट 1971 के अनुसार भी आजादी औरतों को नहीं. इजाजत डाक्टरों को है कि वे गर्भपात करा सकते हैं. इस कानून की धारा 3 में इतनी शर्तें हैं कि आएदिन लोगों को इजाजत के लिए लोगों को उच्च न्यायालय या फिर उच्चतम न्यायालय में आना पड़ता है.

यह कानून 18 साल से कम की लड़की का गर्भपात बिना पिता या मां की इजाजत से भी रोकता है. जब गर्भ ठहरने के लिए किसी की इजाजत नहीं चाहिए तो गर्भ गिराने के लिए इजाजत क्यों?

इस कानून की भावना यही है कि यदि गर्भ के रहने से गर्भवती के स्वास्थ्य को खतरा हो तो गर्भपात किया जा सकता है. जो बिना किसी चिकित्सकीय कारण से गर्भपात कराना चाहती हैं उन्हें झूठ ही बोलना पड़ता है.

यह गलत है और धर्मशास्त्रों का हुक्म आज भी माना जाता है. धर्म के दुकानदार हमेशा से औरत के यौनांग पर अपना हक रखना चाहते हैं. वे तरहतरह के नियम बनाते रहे हैं. कहीं उस की पूजा करवाते हैं, कहीं उस की शुद्धि को चरित्र का प्रमाणपत्र मानते हैं. पति के अतिरिक्त इजाजत से या बिना इजाजत संबंध बना लेने पर जो होहल्ला मचाया जाता है वह पुरुषों पर क्यों नहीं लागू होता?

गर्भपात कानून असल में औरतों को दंड देने के लिए बने हैं. जहां गर्भपात है वहां भी दंड दिया जाता है जहां गर्भपात की इजाजत है वहां भी शर्तें हैं कि यह एक अपराध सा ही लगे.

इस के बावजूद हर साल लगभग 6 करोड़ गर्भपात दुनियाभर में होते हैं और धर्म और कानून की मार के डर की वजह से 45% असुरक्षित होते हैं. बलात्कार तक में भी गर्भपात की मांग करने पर डाक्टर हजार सवाल करते हैं और इसीलिए दुनियाभर में छिपे हुए क्लीनिक चलते हैं.

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गर्भधारण और गर्भपात औरतों का मौलिक व प्राकृतिक अधिकार होना चाहिए. पुरुषों को इस में दखल देने की जरूरत नहीं है. शरीर औरत का है. वह चाहे कैसे इसे इस्तेमाल करे. हां, उस के साथ जबरदस्ती हो सकती है पर जबरदस्ती तो पुरुषों के साथ भी होती है. उस पर जैसे पुरुष अपने निर्णय खुद लेते हैं, वैसे ही औरतें लें. काम करते हुए आरे से हाथ कट जाए तो पुरुष को डाक्टर की सलाह माननी होती है, अपनी सहमति देनी होती है, बस. न धर्म बीच में आता न कानून. गर्भ के मामले में भी ऐसा ही हो. यौन संबंध चाहेअनचाहे बने, गर्भ ठहरा और गिरा दिया. जोखिम औरत के हैं. शरीर औरत का है. नैतिकता का पाठ पुरुषों का धर्म और कानून आप की पैंट में रखें. बहुत खयाल है तो कानून पुरुषों की पैंटों की जिपों के बनने चाहिए कि कितनी बार वे औरतों को देख कर पैंट ढीली कर सकते हैं.

Monsoon Special: ये 5 मैट लिपस्टिक देंगी आपको नया लुक

सौफ्ट और कलरफुल लिप्स सुंदरता के साथ-साथ कौन्फिडेंस को भी बूस्ट करते हैं. अगर आप हर मौके पर आगे रहना चाहते हैं तो लिक्विड मैट लिपस्टिक आपको ट्रेंड में सबसे आगे रखने में मदद करेगी. ब्यूटी चार्ट को अगर कोई रूल कर रहा है तो वह है  मैट लिप्स शेड्स. ये स्किन के  मौइस्चर को लौक कर आपके लिप्स को क्लीन फिनिश देते हैं. जिससे लिप्स बेहद ही आकर्षक नजर आने लगते हैं.

1. एन वाई X मैट लिपस्टिक

यह आपको अट्रैक्टिव अपील के साथ ,लिप्स को बेहतर टेक्सचर  और कलर देते हैं .इसके लिए n y x का यह फंकी पिंक लिप  शेड चुने जो सुपरकूल फिनिश  देगा. हर अवसर के हिसाब से यह कलर आपकी लुक को गजब का बूस्ट देता है ताकि आप भीड़ में सबसे अलग नजर आयें.

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2. कलर एसेंस मैट लिप्स क्रेयौन

क्रेयौन की तरह दिखने वाला यह प्रोडक्ट मौर्निंग टू इवनिंग आपको फ्रेश दिखने में मदद करती है. औफिस और पार्टी दोनों ही लिहाज से आप इस लिपस्टिक को अपने होठों पर अप्लाई कर सकती हैं. विटामिन ई युक्त यह लिपस्टिक होंठों को कलर देने के अलावा उन्हें प्रोटेक्ट भी करके रखती है. मौइस्चर को लौक करके यह आपके लिप्स को सौफ्ट बनाता है. जिन महिलाओं को लिपस्टिक लगाने का ज्यादा शौक नहीं है, वह इसे जरूर ट्राई करके देखें. टिंटेड होने के साथ-साथ कलर एसेंस की यह लॉन्ग वियर रेंज आपके होठों पर लिप बाम इफेक्ट भी देती है.

3. मैक मैट लिपस्टिक

अपने यूनिक व बोल्ड कलर्स की वजह से मैक   ट्रेंडी ब्रांड माना जाता है .सभी ऐसेसरीज की मदद में से यह इकलौती ऐसी ब्रांड है जिसे आज तक कोई हरा नहीं पाया है .इसकी यूएसपी है टाइमलेस अपील प्रदान करना.ब्यूटी की दुनिया में   मैक हर दिन कोई ना कोई नया प्रोडक्ट उतारता ही रहता है .बेस्ट सेलर होने की वजह से भी सभी लड़कियों की डिमांड लिस्ट में सबसे ऊपर है .

4. मैट लिपस्टिक

14 अलग-अलग रंगों में उपलब्ध यह लौन्ग वियर लिपस्टिक आपकी ओवरौल लुक को कंप्लीट करती है. इस लिपस्टिक की मदद से हर पार्टी को रौक किया जा सकता है. इसकी लौन्ग वेयर क्वौलिटी आपके लिप्स को परफेक्ट टच देने में पूरी तरह से सक्षम है .आप अपनी लुक को बोल्ड अपील देना चाहती हैं तो इससे बेहतर लिपस्टिक आपको नहीं मिलेगी.

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5. लिक्विफाइड मैट लिपस्टिक

यह लिपिस्टिक वाकई गजब की क्षमता रखती है. ग्लास की तरह दिखने वाला यह प्रोडक्ट होंठों  पर लगते ही आपको मैट स्मूद  नैस प्रदान करता है. लिप्स को प्लम यानी फुलर दिखने में और उन्हें आकर्षक दिखाने में यह लिपस्टिक बहुत ही भूमिका निभाती है .यदि आप हाल फिलहाल में कोई वेडिंग पार्टी या डिनर डेट अटेंड करने की सोच रहे हैं ,तो टू फेस्ड की इस नई रेंज को जरूर अपनाएं.

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