इनफर्टिलिटी, आईवीएफ से लेकर सेक्सुअल लाइफ तक, यहां मिलेगा हर प्रौब्लम का सोल्यूशन

आज की भागम भाग वाली जिंदगी और खराब किस्‍म के खान पान के चलते हमें ऐसी कई समस्याओं के शिकार हो जाते हैं जिसका असर हमारी सेक्सुअल लाइफ पर पड़ता है. इनफर्टिलिटी, संतान होने में देरी, सेक्स की कमी या फिर यौन दुर्बलता ऐसी ही कई समस्याओं से लोगों को सामना होता है जिसका इलाज करवाने के लिए वो अलग-अलग जगह जाते हैं लेकिन अगर आपको एक ही जगह इन सभी समस्याओं का समाधान एक ही डॉक्टर के पास मिल जाए तो.

ऐसे ही एक डॉक्टर है लखनऊ के डॉक्टर ए. के. जैन, जो पिछले 40 सालों से इन सभी समस्याओं का इलाज कर रहे हैं. तो आप भी पाइए अपनी सभी  सेक्स समस्या का बेहतर इलाज
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति एवं मान्यता प्राप्त डॉ. ए. के. जैन द्वारां.

आइए जानते हैं डॉक्टर ए. के. जैन के चुनिंदा कामों के बारे में…

  1. इनफर्टिलिटी

इनफर्टिलिटी एक बहुत गंभीर समस्‍या है. जिसके कारण बहुत से कपल्‍स की गोद सूनी ही रह जाती है. मौजूदा लाइफस्टाइल की वजह से इनफर्टिलिटी की समस्‍या आम बात हो गई है. इनफर्टिलिटी का मुख्य लक्षण प्रेग्नेंट न हो पाना है. अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं तो संपर्क करिए लखनऊ के डॉक्टर जैन से जो पिछले 40 सालों से इसका इलाज कर रहे हैं.

  1. आईवीएफ

निःसंतानता एक दम्पती के लिए अभिशाप के समान है. संतान न होने से एक दम्पती न सिर्फ निजी तनाव महसूस करता है बल्कि उसके ऊपर सामाजिक व पारिवारिक दबाव भी रहते हैं. निःसंतान दम्पतियों को भारतीय समाज में हमेशा से दोयम दर्जे का समझा जाता है, बावजूद इसके कि संतान न होने में उन दम्पतियों की कोई गलती नहीं होती, फिर भी उन्हें हमेशा इसकी सजा मिलती रहती है. खासतौर से महिलाओं को इसका अत्यधिक नुकसान भुगतना पड़ता है.

संतान न होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे की आनुवांशिक कारण, जीवनशैली, महिला के गर्भधारण में समस्या या फिर पुरुष के शरीर में कोई समस्या लेकिन वर्तमान समय में आईवीएफ जैसे उपाय से आप बिना किसी खतरे के संतान सुख प्राप्त कर सकते हैं.

  1. सेक्सुअल प्रॉब्ल्म

हम सभी एक ऐसा समाज में रहते हैं जहां शारीरिक संबंध बनाने, संभोग करने या फिर सेक्‍स को लेकर बात ही नहीं की जाती. यहीं वजह है कि अक्‍सर लोग यौन जीवन (Sex Life) का सुख पूरी तरह ले ही नहीं पाते. क्‍योंकि जब इस विषय पर खुलकर बात ही नहीं कि जाती तो यौन समस्‍याओं (Sex Problems) पर भी लोगों को अधिक जानकारी नहीं होती. अगर आपको भी ऐसी ही किसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है तो डॉक्टर जैन आपके सभी सवालों का जवाब देने के लिए सबसे सही व्यक्ति होंगे.

  1. मैरिड लाइफ प्रॉब्लम

प्यार करते हैं तो सेक्स से परहेज क्यों? क्या आप सेक्स से दूरियाँ बना रहे हैं? यदि आप ऐसा कर रहे हैं तो सावधान हो जाये क्योकि ये आपके और आपकी पत्नी के बीच के प्यारे रिश्ते के लिए अच्छा नहीं. एक सर्वे रिपोर्ट्स की मानें तो भारत में 70 फीसदी तलाक, अच्छी सेक्सुअल लाइफ ना होने के कारण होते हैं.

अगर आप भी इनमें से किसी गंभीर समस्या से घिरे हैं, तो आज ही कीजिये बातें भारत के जाने-मानें सेक्सोलॉजिस्ट से. डॉ० ए० के० जैन, 40 वर्षो का अनुभव. 

#lockdown: होममेड तरीकों से बनाएं ब्यूटी केयर प्रोडक्ट

विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण पूरा देश लॉकडाउन कर दिया गया है. आप घरों से बाहर नहींं जा सकतीं. समस्या घर में रहने में नहीं है बल्कि घर में खत्म होते ब्यूटी केयर प्रोडक्ट. जब तक बाजार में खुलेगा यह ब्यूटी प्रोडक्ट्स घर में आना मुश्किल है.  अब क्या किया जाए ? मैं लाई हूं आपके लिए कुछ आसान से उपाय जिन्हें अपनाकर आप अपनी खूबसूरती बरकरार रख सकतीी हैं इन प्रोडक्ट्स के बिना भी.

1. बनायें फेसवॉश

फेसवॉश खत्म हो गया है तो परेशान क्यों हो रही हैं? घर पर ही बनाइए एक नेचुरल फेस वाश.कुछ आसान से टिप्स अपनाएं और फेस की रौनक बढ़ाएं. एक बड़ा चम्मच कच्चा दूध लीजिए और उसे साफ सी काॅटन बाॅल से पूरे फेस पर थपथपाते हुए लगाएं. आपकी फेस की स्किन साफ ही नहीं बल्कि टोन भी हो जाएगी. आप चाहें तो इसमें दो बूंद गुलाब जल की भी मिला सकती हैं.

2. बचे हुए साबुन की बार से

यही नहीं आप बची हुई साबुन की बार को पानी में घोल लें और एक बोतल में भर लें अब इसे फेसवॉश की तरह इस्तेमाल कर सकती हैं.

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3. उड़द की दाल का स्क्रब

यदि इन दिनों में आपके पास आपका फेस स्क्रब खत्म हो रहा है तो घबराए नहीं.आप घर पर भी फेस स्क्रब तैयार कर सकती हैं . इसके लिए एक बड़ा चम्मच उड़द की दाल पाउडर ले लीजिए और उसमें एक चम्मच मलाई मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें और इस पेस्ट से फेस को स्क्रब करें. आपको मिलेगी स्मूद और शायनिंग स्किन.

4. कॉफी से बना स्क्रब

यह स्क्रब भी फेस के लिए काफी उपयोगी है. इसके लिए आपको एक बड़ा चम्मच कॉफी लेनी है. इस कॉफी में 10 से 15 बूंदें शहद की मिलाइए और फेस स्क्रब कीजिए.आप कॉफी की जगह क्रश्ड शुगर और नींबू भी ले सकती हैं. इस तरफ से आसानी से डैड स्किन हट जाती है और आपको मिलती बेदाग मुलायम स्किन.

5. एलोवेरा जैल का टोनर

आपको यदि समझ में नहीं आ रहा कि इन दिनों में टोनर कैसे खरीद कर लाए तो आप इसे घर पर ही तैयार कीजिए. अधिकांश घरों में एलोवेरा प्लांट होता है आप 1-2 एलोवेरा तोड़ लें. चम्मच की सहायता से उसका जैल निकाल कर और गुलाब जल मिलाकर अच्छे से मैश करें चाहे तो मिक्सी में चला ले और फिर इस मिश्रण को छान लें और एक स्प्रे बॉटल मे भर लें. याद रखें यह मिश्रण 2 दिन से ज्यादा नहीं चलाना.रात को सोने से पहले स्प्रे बॉटल की सहायता से फेस पर लगाएं.

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6. मॉइश्चराइजर

इन दिनों में मौसम की वजह से घर पर रहते हुए भी स्किन फटी फटी रहती है अब समस्या यह है कि लोग डाउन की वजह से घर से बाहर जाया नहीं जा सकता और मॉइश्चराइजर खत्म हो गया है क्या करें आप घर पर ही आसान तरीके से मॉइश्चराइजरका प्रयोग कर सकती हैं. मॉइश्चराइजर के लिए आप घर में आसानी से अवेलेबल ऑयल जैसे कि ऑलिव ऑयल कोकोनट ऑयल जैसमिन ऑयल जो भी हो उसको एलोवेरा और गुलाब जल के साथ मिक्सस कर फेस पर लगाएं. यदि यह एसेंशियल ऑयल नहीं है तो ताजी मलाई (नहाने से पहले) प्रयोग कर सकती हैं. एसेंशियल ऑयल ना सिर्फ स्किन को नमी प्रदान करते हैं ,बल्कि यह मेकअप रिमूवर का भी काम करेंगे.

#lockdown: Students कैसे करें समय का सदुपयोग

कोरोना संक्रमण से बचने के लिए आज देश ही नहीं लगभग पूरी दुनिया लॉकडाउन का पालन कर रही है. इस वजह से स्कूल, कॉलेज, संस्थान और सभी एजुकेशनल एक्टिविटीज बंद हो गई हैं. इस स्थिति से निबटने के ऐसें छात्रों को चाहिए कि वे खुद का ध्यान रखने के साथसाथ अपनी पढ़ाई को भी जारी रखें.

1. अपनी स्किल्स रिकवर करें

लॉकडाउन के समय जब सबकुछ थम सा गया है, तब स्टूडेंट्स के पास यह अच्छा मौका है अपनी स्किल्स को रिकवर करने का. तो आइए, आप को बताते हैं कुछ टिप्स  जिन से आप बोर हुए बिना अपने कोर्स और सिलेबस के साथ ही अपनी बाकी स्किल्स को भी रिकवर कर सकते हैं.

2. ऑनलाइन कोर्सेस का सहारा लें

लॉकडाउन के दौरान  जब स्टूडेंट्स और टीचर्स के बीच दूरियां बढ़ी हैं, इस समय इंटरनेट काफी सहायक सिद्ध हुआ है. टीचर्स को सलाह दी गई है कि वे वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग के जरिए छात्रों से जुड़े और उन की मदद करें. लेकिन ऐसे में हो सकता है कि छात्रों को टीचर्स से इतना सहयोग न मिल पाए तो वो ऑनलाइन एजुकेशनल एप्स जैसे बाईजूज लर्निंग एप, अनअकैडमी, यूट्यूब चैनल्स या साइट्स का सहारा ले सकते हैं.

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3. छात्र ऑनलाइन कोर्सेज पर न करें फालतू खर्च

युवाओं को इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि बढ़ते लॉकडाउन के कारण पेरेंट्स को आर्थिक स्थिति का भी सामना करना पड़ सकता है, इसलिए ऑनलाइन कोर्स में ज्यादा रुपए खर्च न करें. यदि लॉकडाउन आगे बढ़ा तो  परिवार के सामने 1-2 महीने में आर्थिक संकट आ सकता है.

हां, यदि आप को इस दौरान कहीं वालंटियर बनने का मौका मिले तो इसमें हिस्सा ले सकते हैं. वॉलंटियर बनने में खतरा तो है, लेकिन लाभ भी काफी होगा.

4. मानव संसाधन मंत्रालय कर रहा मदद

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, यूजीसी ने अपने समय का सदुपयोग करने के लिए छात्रों और शिक्षकों के लिए दस ऑनलाइन शिक्षण पाठ्यक्रम जारी किए हैं. एमएचआरडी, यूजीसी और इस के अंतर-विश्वविद्यालय केंद्रों (आईयूसी) की अन्य पहलों के साथ सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क (इनफ्लिबनेट) और कंसोर्टियम फॉर एजुकेशनल कम्युनिकेशन (सीईसी) ने अपने ऑनलाइन पाठ्यक्रम जारी किए हैं. ये चैनल हैं : SWAYAM, e-PG Pathshala, National Digital Library. इन सभी पोर्टल पर ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्सेज की डिजिटल सामग्री उपलब्ध है. इस पोर्टल पर यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त कई कोर्स भी मिल जाएंगे.

5. समय का सदुपयोग करें

अपनी कमजोर स्किल्स को रिकवर कर

इस लॉकडाउन में आप के पास समय ही समय है, बस, जरूरत है  समय का सदुपयोग करने की. ऐसे में छात्र अपने ऐसे पहलुओं पर ध्यान दें, जो उन्हें कमजोर लगते हैं. छात्र ऐसी किसी भाषा पर अपनी पकड़ को इस दौरान मजबूतबना सकते हैं, जिस में वे अपने आप को कमजोर समझते हैं या फिर वे छात्र जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, अपनी मेथ्स, इंगलिश, रीजनिंग, करंट अफेयर्स आदि विषयों पर अपनी पकड़ मजबूत बना सकते हैं.

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6. विषय से हट कर पढ़ने का मौका

स्कूल या कॉलेज में पढ़ रहे स्टूडेंट्स पर सिलेबस को पूरा करने का ही बोझ इतना होता है कि वे बाकी विषय के बारे में जान ही नहीं पाते. ऐसे में ये लॉकडाउन छात्रों को उन के विषय से हट कर पढ़ने का भी मौका दे रहा है. छात्रों को चाहिए कि वे समय का सदुपयोग करें और किसी ऐसे विषय के बारे में पढ़ें जिनसे अब तक वो अछूते रहे हों. जैसे किसी ऐसे साहित्यकार या शख्शियत के बारे में जाने जो आप के कोर्स में न हो. ऐसी ही कोई नई भाषा को सीखने का विचार बनाएं या कोई कहानी कविता की किताब पढ़ें.

#lockdown: हे प्रभु! इस लॉकडाउन से बचाओ

लेखक- अनिता तोमर ‘अनुपमा

जब-जब पति को वर्क फ्रॉम होम करते देखती तो जलन होने लगती थी. एक बार कुढ़कर ताना मारकर ज़रूर कहती, “अरे! ऐश है भई घर से काम करने वाले लोगों की, जब मन करे काम करो और जब मन करे आराम.

पति घूरकर मेरी ओर देखते और कहते, “तुम्हें जैसा लगता है वैसा बिलकुल भी नहीं है. हमें भी बँधकर काम करना पड़ता है. पता चलेगा जिस दिन खुद वर्क फ्रॉम होम करोगी.

मैं तुनुककर जवाब देती- “वे दिन मेरी ज़िंदगी के सबसे सुहावने दिन होंगे. ना सुबह-सुबह तैयार होने का झंझट होगा, ना खाना पैक करने का. जब मन करेगा उठेंगे और जब मन होगा काम करने लगेंगे. अंधे को क्या चाहिए दो नैन. परंतु हम अध्यापकों की ऐसी किस्मत कहाँ? भई! तुमने पिछले जन्म में मोती दान किए थे जो वर्क फ्रॉम होम कर रहे हो. एक हम हैं लगता है गधे दान किए थे, जो जिंदगी बिल्कुल वैसी ही बन गई है.”

पतिदेव मुस्कुराकर कहते, “तुम लोगों का काम कम से कम स्कूल के घंटों में अनुशासन में रहकर तो हो जाता है. हमें देखो! एक टारगेट मिलता है, उसे पूरा करने में दिन-रात, जी-तोड़ मेहनत करनी पड़ती है. केवल नाम ही है कि हम घर से काम करते है, जबकि देखा जाए तो कहीं ज्यादा मेहनत हो जाती है.”

मैं अधीर होकर बीच में ही बात काटते हुए कहती, “कुछ भी कहो, मैं नहीं मानती. स्कूल की नौकरी में सुबह उठना, भागदौड़ करके नाश्ता-लंच तैयार करना, फिर पूरा दिन स्कूल में बच्चों के साथ माथापच्ची करना. क्या जिंदगी बन गई है, ऐसा लगता है हम अध्यापक नहीं आज भी स्कूल में पढ़ने वाले छात्र हैं. घंटी के साथ दिन शुरू होता है और हर घंटे के साथ भागदौड़ चलती रहती है. कभी-कभी तो अनुशासन भी दुश्मन लगने लगता है.”

हमारी इस तरह की नोंकझोंक अकसर चलती रहती थी. कितनी बार स्कूल में भी हँसी-मज़ाक  में सहेलियों के सामने मुँह से निकल जाता – “काश! इन मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वालों की तरह हम लोग भी वर्क फ्रॉम होम कर पाते. अपनी इच्छानुसार जब मन करता काम करते. पर यार! हम अध्यापकों के जीवन में तो ऐसा कभी नहीं हो सकता, इसलिए  सोचना ही बेकार है.”

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जाने कहाँ बैठे श्रीहरि यह सब सुन रहे थे. कुछ सोचकर वे मंद-मंद मुस्काए और बोले, “हे शिक्षकों! चिंता मत करो. तुम्हारे जीवन में कोरोना काल आएगा तब तुम्हारी यह इच्छा भी अवश्य पूर्ण होगी और तथास्तु कहकर हाथ उठाया.

किसी ने सोचा भी नहीं था कि कोविड-19 की वजह से सारे स्कूल, ऑफिस, कारखानें बसें, ट्रेनें आदि सब कुछ अचानक ही बंद हो जाएँगे. परीक्षाएँ लिए बिना ही पूरे देश में सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए. अब तो बस छुट्टियाँ ही छुट्टियाँ थी. घर ही घर में रहना, दिनभर घर के काम करना अखर ज़रूर रहा था परंतु फिर भी मन ही मन खुश थी. सबसे ज्यादा खुश तो यह देखकर थी कि पतिदेव को तो अब भी वर्क फ्रॉम होम करना पड़ रहा है और हम अब बिलकुल फ्री थे.

पर वाह री किस्मत! मेरी खुशियों को तो मानो ‘ऑनलाइन क्लास माता’ की नज़र लग गई. हमारे विद्यालय ने भी ऑनलाइन क्लास शुरू करने का निश्चय किया. अब भाई जितनी चीनी डालोगे उतनी ही चाय मीठी होगी ना. तो बड़े जोरो-शोरों से हमारे वर्क फ्रॉम होम का भी श्रीगणेश हो ही गया.

अब समस्या यह थी कि हम अपना आसन कहाँ जमाए, जिससे क्लास लेते समय बच्चे भी बीच में बाधा ना डालें. पतिदेव ने साफ़ इंकार कर दिया कि हमारी वजह से वो अपना स्थायी आसन नहीं छोड़ेंगे. हमारे हिस्से में गेस्ट रूम का बेड आया जिस पर हमने अपनी पुस्तकों के साथ आसन जमाया.

विद्यालय द्वारा कक्षाओं का समय निर्धारित कर दिया गया. कभी बी.एड में पढ़ा था कि किसी भी विषय को पढ़ाते समय हमेशा सरल से कठिनाई के स्तर की ओर बढ़ना चाहिए, जिससे छात्रों पर मनोवैज्ञानिक दबाव नहीं पड़ता. कभी सोचा ना था कि यही फ़ॉर्मूला हम अध्यापकों पर भी अपनाया जा सकता है.

शुरू में लगा ऑनलाइन कक्षाएँ लेना उतना कठिन भी ना होगा, इतने सालों का पढ़ाने का अनुभव है. जैसे स्कूल में लेते हैं, बस वैसे ही ले लेंगे. जीवन में सोचे अनुसार कब काम होते हैं? हमारी ऑनलाइन पिक्चर तो अभी शुरू ही हुई थी, सस्पेंस तो अभी बाकी था.

हर रोज़ कक्षाएँ लेने से पहले हमें काफ़ी तैयारी करनी पड़ती, जैसे विषय से संबंधित नोट्स बनाकर स्लाइड तैयार करना, वर्क शीट बनाना, चित्र डाउनलोड करने आदि.

स्कूल द्वारा नियमों की लंबी-चौड़ी लिस्ट जारी कर दी गई. स्कूल के निर्धारित समय पर सभी को ऑनलाइन रहना पड़ता. इस बीच मजाल है हम इधर से उधर हो पाएँ. ऑनलाइन ही कुछ चमचों द्वारा हम पर पैनी नज़र रखी जाती.

अगर कभी नेटवर्क प्रॉब्लम का बहाना बनाते तो स्कूल से तुरंत मैसेज आ जाता कि अगर कोई भी ऑफलाइन है तो उसकी एक दिन की सैलरी काट दी जाएगी. अब भाई, सैलरी काटने वाली तलवार जब सिर पर लटक गई तो मरे क्या ना करें वाली स्थिति खड़ी हो गई. किसी तरह क्लास खत्म होती तो फिर कुछ विराम के बाद फीडबैक सेशन शुरू हो जाता. यह अल्पविराम का समय हमारे क़दमों को खींचकर रसोईघर की ओर ले जाता.

फीडबैक सेशन में करीब-करीब दस  टीचर अपने-अपने विचार रखती. यही वो सही समय था जहाँ सबको सच्ची दुश्मनी निभाने का अवसर मिल रहा था. कमियों की इतनी लंबी फेहरिस्त निकल आती कि उस पल ऐसा महसूस होता मानो चीरहरण हो रहा है.

एक कहती- “मैडम आप शुरू में बहुत स्लो जा रही थी. पाठ उबाऊ हो रहा था.”

दूसरी कहती- “सेशन ठीक-ठाक ही था, लेकिन बीच-बीच में आपकी आवाज कट रही थी.”

नहले पे दहला मारते हुए मेरी को-आर्डिनेटर कहती- “पाठ का अंत जब हमें समझ नहीं आया तो बच्चे क्या खाक समझेंगे. देखना, कल ही पेरेंट्स से शिकायतें आनी शुरू हो जाएँगी.”

मैं मन ही मन सोचती – कोई नहीं बच्चू, हर कुत्ते का एक दिन होता है. चिंता मत करो  तुम्हें भी ऑनलाइन आना है, फिर देखना मैं भी कैसे तुम्हारी धज्जियाँ उड़ाती हूँ. सबसे माफ़ी माँगकर अगले सेशन में गलतियाँ ना दोहराने का आश्वासन देने के अलावा मेरे पास कोई चारा नहीं होता था.

इस सेशन के बाद सिर में जो दर्द होता तो चाय की तलब उठती. गैस पर चाय चढ़ाकर अपने दिल के दुखड़े को हल्का करने के लिए अपनी प्रिय सहेली को फोन लगा देती. कभी-कभी तो बातों-बातों में पता भी नहीं चल पाता और बेचारी चाय जल-भुनकर खाक हो जाती.  आराम हराम है- गाँधी जी के नारे पर अमल करते हुए अगले दिन की ऑनलाइन क्लास की तैयारी में जुट जाती. बीच-बीच में लैपटॉप से उठकर रात के खाने की तैयारी भी करती रहती. प्रतिदिन रात आठ से नौ बजे अगले दिन की क्लास का डेमो सेशन होता, जिसमें प्रधानाचार्य के साथ मीटिंग में सभी अध्यापक ऑनलाइन रहते और अपने-अपने टॉपिक डिस्कस करते.  हर बार सख्त हिदायतों या यूँ कहिए अगले साल कोई भी इन्क्रीमेंट ना होने की धमकी के साथ इस कार्यक्रम का समापन होता.

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किसने कहा लॉकडाउन में दिन काटे नहीं कटते? हमसे पूछो दिन कब शुरू होता है और कब खत्म, पता ही नहीं चलता. जिस तन लागै, सोई जाने. आज अहसास हो रहा है कि वर्क फ्रॉम होम कितना कठिन होता है.

बहुत पहले एक कहावत सुनी थी – जिसका काम उसी को साजै और करे तो डंडा बाजे. आज यह कहावत हम पर सटीक बैठ रही है. अब हम तो यही कह सकते हैं कि जहाँ का काम वही पर साजै और कहीं करो तो डंडा बाजे.

एक बार फिर प्रभु के सामने हाथ खुद-ब-खुद जुड़ गए. उनसे क्षमा माँगी और कहा, “हे प्रभु!  ये वर्क फ्रॉम होम तो किसी दुश्मन को भी ना दीजो. वर्क फ्रॉम होम मृगमरीचिका है, केवल मोहमाया है. कहते हैं ना दूर के ढोल सुहाने लगते हैं……इस माया से हमें बचाओ प्रभु!!!

19 दिन 19 टिप्स: मोना सिंह से लेकर अदिति तक, इन 4 दुल्हनों ने कॉपी किया प्रियंका चोपड़ा का ब्राइडल लुक

बौलीवुड और हौलीवुड में अपना नाम कमाने वाली एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा हर किसी की प्रेरणा है. हर कोई प्रियंका के फैशन को ट्राय करना चाहता है, लेकिन हाल ही में कुछ हसीनाएं प्रियंका के शादी के लहंगे को कौपी करती नजर आईं. आइए आपको दिखाते हैं प्रियंका के वेडिंग लुक को कौपी करने वाली हसीनाओं की फोटोज…

1. प्रियंका का शादी लुक था खास

प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस की शादी हिंदू और क्रिश्चियन रीति-रिवाजों से हुई. वहीं हिंदू वेडिंग में प्रियंका ने लाल रंग का लहंगा पहना था. अपने लुक को पूरा करने के लिए उन्होंने गोल्डन डायमंड ज्वैलरी पहनी थी. उनका यह खूबसूरत लहंगा मशहूर डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी ने डिजाइन किया है. इसके साथ प्रियंका ने मुगल ज्वैलरी कैरी की थी.

2. मोना सिंह ने किया प्रियंका ने कौपी

टीवी सीरियल ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ फेम एक्ट्रेस मोना सिंह 27 दिसंबर को शादी के बंधन में बंधी थी. मोना सिंह का शादी का लहंगा भी बौलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के वेडिंग लुक से इंस्पायर्ड था, रेड कलर के लहंगे में बेहद खूबसूरत था.

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3. बबीता फोगाट का लुक भी था प्रियंका जैसा

जानी मानी इंटरनेशनल रेसलर बबीता फोगाट की शादी 1 दिसंबर को भारत केसरी पहलवान विवेक सुहाग के साथ हुई थी, जिसमें वह सीक्वीन रेड कलर के लहंगे से लेकर ज्वेलरी तक सबकुछ हुबहू प्रियंका चोपड़ा के वेडिंग लहंगे और उनकी ज्वेलरी से मैच करते हुए नजर आईं थी.

4. टीवी एक्ट्रेस भी नही रही पीछे

प्रियंका चोपड़ा को कौपी करने में टीवी एक्ट्रेस भी पीछे नही हैं. हाल ही में एक्ट्रेस और मौडल अदिति शर्मा ने अपने शो ‘ये जादू है जिन्न का’ में रोशनी के किरदार में वेडिंग सेगमेंट शूट किया. इस शूट में अदिती प्रियंका के वेडिंग में पहने रेड कलर के सिक्वीन लुक को कौपी करती हुई नजर आईं थी.

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5. सोनिया अयोध्या ने किया प्रियंका का वेडिंग लुक कौपी

 

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3 levels of hotness ! ? Which mirchi do u like ? ? ? @harshofficial21

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कसौटी जिंदगी की-2 फेम एक्ट्रेस सोनिया अयोध्या और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हर्षवर्धन सामोये ने शादी कर ली, इस दौरान सोनिया प्रियंका के वेडिंग लुक को कौपी करती हुई नजर आईं.

कार्तिक आर्यन के #CoronaStopKaroNa रैप पर वर्कआउट दिखे द ग्रेट खली, Video Viral 

बौलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) ने अपने गानों के सिग्नेचर स्टेप्स से देश में सभी को प्रभावित किया है. इस साल, उन्होंने हमें अपने रैप और मोनोलॉग #CoronaStopKaroNa के साथ सोशल डिस्टन्सिंग के महत्व को समझाया है. लेकिन कौन जानता था कि यह रैप द ग्रेट खली (The Great Khali) के लिए कसरत में प्रेरणा के रूप में काम करेगा.

विश्व प्रसिद्ध पहलवान खली (The Great Khali) को उनके विशाल शरीर और उनकी मसल्स के लिए जाना जाता है. महान पहलवान ने अपने टिकटॉक प्रोफाइल पर हाल ही में एक वीडियो शेयर किया है. जहां वह अपने घर में वर्कआउट करते हुए ,वजन उठाते हुए दिखाई दे रहे हैं. लेकिन जो बात इस वीडियो को असाधारण बनाती है वह है बैकग्राउंड में बजता संगीत- कार्तिक आर्यन का इंटरनेट-ब्रेकिंग कोरोना स्टॉप कारो ना रैप. यह किसे पता था कि रेप का इस्तेमाल कुछ गंभीर वर्कआउट सेशन के लिए किया जाएगा.

 

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#TheGreatKhali Is A #Fan of #KartikAaryan’s Rap #CoronaStopKaroNa

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पहलवान अपने वर्कआउट को छोड़ नहीं सकते है और इसलिए वे घर में वर्कआउट कर रहे है और रैप खली को उपयुक्त लगा है. खैर, हम क्या कह सकते हैं, कार्तिक आर्यन के गाने, डांस मूव्स, मोनोलॉग्स और रैप्स  ने सभी प्रभाव डाला हुआ है.  रोल मोडल भी इस रैप का वर्कआउट में इस्तेमाल कर के यही कह रहे हो घर में रहकर कोरोना स्टॉप करोना .

कार्तिक आर्यन का एक और कदम जो सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है और देश भर में चर्चा होरही है ,वह है उनकी नई हिट यूट्यूब सीरीज़ कोकी पूछेगा. इस सीरीज के तहत वे कोरोना फाइटर्स के इंटरव्यू ले रहे है. इस वैश्विक महामारी के प्रति कार्तिक लगातार लोगों में जागरूकता फ़ैलाने का काम कर रहे हैं.  #CoronaStopKaroNa मोनोलॉग से लेकर उनके रैप तक के जागरूकता अभियान की तारीफ पीएम् मोदी भी कर चुके हैं. इतना ही नहीं, इस महामारी से लड़ने के लिए पीएम केयर रिलीफ फंड में कार्तिक 1 करोड़ की राशि भी डोनेट कर चुके हैं.

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आंखों में दर्द के कारण मुझे गहरी नींद नहीं आती, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं अकसर कंप्यूटर पर बहुत देर तक काम करती हूं जिस कारण आंखों में दर्द होने लगता है. इस से मुझे अच्छी गहरी नींद भी नहीं आती. मैं ऐसी क्या चीज यूज करूं कि कोई साइड इफैक्ट न पड़े?

जवाब-

गुलाबजल का आंखों पर बहुत अच्छा असर पड़ता है और यह अच्छी नींद लेने में भी मदद करता है. गुलाबजल को आंखों के लिए इस्तेमाल करने का सब से अच्छा तरीका है कि गुलाबजल में रुई भिगोएं और उसे बंद आंखों पर 15 मिनट रखा रखें. इस से बहुत राहत मिलेगी. आंखों के आसपास गुलाबजल लगाने से डार्क सर्कल्स भी दूर होते हैं और आंखों की थकान भी चली जाती है.

आयुर्वेदिक और यूनानी चिकित्सा में गुलाबजल का इस्तेमाल आंखों के इन्फैक्शन और ऐलर्जी को दूर करने के लिए किया जाता है.

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जिंदगी की दौड़धूप में दिन भर का थका इंसान जब रात में बिस्तर पर लेटता है, तो उस की ख्वाहिश होती है सुकून भरी मीठी नींद की. गहरी और आरामदायक नींद दिन भर की थकान दूर कर शरीर में नई ताजगी भर देती है.

एक तंदुरुस्त इंसान के लिए 5-6 घंटे की नींद काफी है, जबकि छोटे बच्चों के लिए 10-12 घंटे की नींद जरूरी होती है. बुजुर्गों के लिए 4-5 घंटे की नींद भी काफी है.

रात में अच्छी नींद न आने से कई तरह की शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आंखों के नीचे काले घेरे, खर्राटे, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी, निर्णय लेने में दिक्कत, पेट की गड़बड़ी, उदासी, थकान जैसी परेशानियां सिर उठा सकती हैं.

नींद न आने के कारण

नींद न आने के बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे चिंता, तनाव, निराशा, रोजगार से जुड़ी परेशानियां, मानसिक और भावनात्मक असुरक्षा वगैरह.

इस के अलावा तय समय पर न सोना, चाय या कौफी का ज्यादा सेवन, कोई तकलीफ या बीमारी, देर से खाना या भूखा सो जाना, देर रात तक टीवी, इंटरनैट और मोबाइल फोन से चिपके रहना, दिन भर कोई काम न करना आदि कारण भी अनिद्रा की वजह बन सकते हैं.

कैसे आएगी मीठी नींद

– जिन्हें दिन में बारबार चाय या कौफी पीने की आदत होती है वे रात में जल्दी नहीं सो पाते. चाय या कौफी में मौजूद कैफीन नींद में बाधा पैदा करती है, इसलिए खास कर सोने से तुरंत पहले इन का सेवन कतई नहीं करना चाहिए.

पूरी खबर पढ़ने के लिए- तो आएगी गहरी नींद

सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती – अनुजा साठे

मराठी नाटकों से अभिनय क्षेत्र में कदम रखने वाली अभिनेत्री अनुजा साठे ने मराठी और हिन्दी फिल्मों और धारावाहिकों में काम किया है. संगीत के परिवार से सम्बन्ध रखने वाली अनुजा को कभी लगा नहीं था कि वह एक्ट्रेस बनेगी, लेकिन आज वह अपनी जर्नी से खुश है. काम के दौरान वह अभिनेता सौरभ गोखले से मिली और शादी की. अनुजा इस लॉक डाउन में पुणे में अपने घर पर पति के साथ है और कई फिल्में देखने और नयी- नयी व्यंजन बनाने में व्यस्त है. अनुजा फिल्म इंडस्ट्री की स्पॉट बॉय और लाइट मैन के बारें में बहुत चिंतित है, जिन्हें हर रोज काम के बदले पैसे मिलते है. इसके लिए उसने कुछ राशि डोनेट भी किया है. अनुजा की वेब सीरीज एक थी बेगम मराठी और हिंदी में रिलीज हो चुकी है, जिसमें उसकी भूमिका को काफी सराहना मिल रही है. हंसमुख और विनम्र अनुजा से बात हुई, पेश है कुछ खास अंश.

सवाल-इस वेब सीरिज में आपको खास क्या लगा?

ये एक बदले की भवना से ग्रसित महिला की कहानी है और मैंने ऐसी भूमिका आजतक नहीं की है. ये बहुत चुनौतीपूर्ण मेरे लिए रहा, क्योंकि एक सीधी सादी लड़की अगर ये ठान ले कि मैं अपने पति को मारने वाले से बदला लेकर रहूंगी और किस हद तक जाकर वह ये काम करती है. इसे दिखाया गया है. ये बहुत ही अलग और पावरफुल चरित्र है. कम्फर्ट जोन से निकलकर अभिनय करना किसी भी कलाकार के लिए बहुत अच्छा रहता है और ये मेरे लिए एक्सप्लोरिंग चरित्र रही है.

 

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Yes she was strong, but circumstances made her powerful. Yes she was a lover, but circumstances made her poisonous. She was Loyal , even when her love didnt exist anymore. She knocked the system down when she decided. Yes she was vulnerable but not weak.. She was a ticking time bomb and it was just the matter of time.. watch #Ekthibegum and witness a story of one heck of a woman who became the fire!! #ekthibegum #basedontrueevents #mxplayeroriginals written and directed by @darekarsachin special shout out to all my fantastic co actors @ankittmohan @santoshjuvekar12 @vijaynikam123 @a_me_baba @chinmay_d_mandlekar @rajendrashisatkar @resham._.resham !!! what a fun team to work with @madhurimaraj @vishal_modhave @sachingadankush @mxplayer @vakilabhishek

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सवाल-ये चरित्र आप से कितना मेल खाता है?

मेरे चरित्र के ट्रेंड के अलावा ये मुझसे कोई मेल नहीं खाती. इसलिए ये मेरे लिए अधिक मुश्किल था, क्योंकि 80 के दशक को 2020 में जीना ही एक अलग बात है. ट्रेंड और पॉवर दो बाते इस फिल्म में मेरे चरित्र में है और रियल में भी अगर मैंने कुछ ठान लिया है, तो उसे पूरा अवश्य करती हूं. यही एक कॉमन है.

सवाल-अभिनय में आना इतफाक थी या बचपन से सोचा था?

मैंने कभी नहीं अभिनय के बारें में सोचा नहीं था, क्योंकि बचपन से मैंने अपनी म्यूजिकल परिवार देखी है. मैं भी शास्त्रीय संगीत सीख रही थी. मेरे दादाजी, बुआ, अंकल, पिता सबकी रूचि संगीत में ही रही है. मैं भी वही करने की सोची थी. कॉलेज के दौरान मुझे लगा कि मैं कुछ और भी चीजो को एक्स्प्लोर करूँ और मैंने कॉलेज की नाटकों में भाग लेना शुरू कर दिया. वो मुझे अधिक अच्छा लगने लगा और संगीत पीछे रह गया. फिर मैंने एक्सपेरिमेंटल थिएटर करना शुरू कर दिया, तब भी मुझे ये हॉबी जैसा ही लगने लगा था. कॉलेज ख़त्म होने पर मेरे दोस्तों ने मुझे अभिनय करने की सलाह भी दी, पर मैंने नहीं मानी. तभी एक मराठी शो अग्निहोत्र में अभिनय का मौका मुझे मिला, जिसकी शूटिंग पुणे में होती थी.

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इसके बाद से मेरी अभिनय जर्नी शुरू हो गयी और साल 2010 में मैं मुंबई आ गयी. उसके बाद मुझे एक के बाद शो और फिल्में मिलने लगी. तमन्ना मेरी पहली हिंदी धारावाहिक थी. इसके अलावा कई हिंदी फिल्मों में भी काम मिला. काम मिलने के बाद लगा कि ये मेरी लाइन है और मैं अलग-अलग भूमिका निभाती गयी और दर्शकों का प्यार मुझे मिलता गया.

सवाल-पुणे से मुंबई आने पर कितना संघर्ष रहा?

मैंने शुरू से ही सोचा था कि हाथ में काम न होने पर मैं मुंबई नहीं जाउंगी और वैसा ही हुआ मेरे हाथ में मराठी शो थी और उसकी शूटिंग मुंबई में थी. इसके अलावा एक शो ख़त्म होने के बाद दूसरी तुरंत मिले, ये भी इस फील्ड में जरुरी नहीं होता. ये बड़े-बड़े स्टार्स के साथ भी कई बार होता ही है,ऐसे में जब काम नहीं होता, तो दिमाग को शांत रखकर काम ढूँढना पड़ता है. अपने काम और अपने आप पर भरोषा रखना पड़ता है, जिससे काम मिलना आसान हो जाता है. मुझे भी ऐसी हालात से गुजरना पड़ा. एक साल तक काम नहीं मिला, पर खुद पर विश्वास रहा और काम मिला.

सवाल-आपके काम में परिवार और पति का सहयोग कितना रहा?

इसकी शुरुआत मेरे माता-पिता से होती है, जिन्होंने मुझे किसी काम से कभी नहीं रोका. मेरी ख़ुशी को उन्होंने अधिक महत्व दिया है. उनकी चाहत को मुझपर उन्होंने थोपा नहीं. बचपन से यही माहौल मिला है. शादी के बाद पति भी फिल्म इंडस्ट्री से है और एक एक्टर है, इसलिए मेरे काम के ट्रेंड को अच्छी तरह से जानते है. साथ ही मेरे सास ससुर दोनों डॉक्टर है,वे भी मेरे काम को सराहते है. मुझे सबका सहयोग हमेशा मिला है. सहयोग न होने पर समस्या आती है.

सवाल-आप मराठी और हिंदी दोनों इंडस्ट्री में काम कर रही है, क्या अंतर पाती है?

मराठी इंडस्ट्री बहुत छोटी है. यहाँ पर सब एक दूसरे को जानते है. यहाँ प्यार और विश्वास पर बहुत सारा काम हो जाता है. हिंदी बहुत अधिक प्रोफेशनल है और हर काम को प्रोफेशनली किया जाता है, जो अच्छी बात है.

सवाल-अभी इस लॉक डाउन में आप क्या कर रही है?

मैं अभी पुणे में हूं, इस दौरान मैं और मेरे पति दोनों ही कुछ अलग-अलग काम कर रहे है मसलन खाना बनाना, घर की सफाई, वर्कआउट आदि कर रही हूं. कई फिल्में और वेब सीरीज जो हम दोनों ने मिस किया था, उसे साथ बैठकर देख रहे है.

सवाल-फिल्म इंडस्ट्री इस लॉक डाउन और कोरोना वायरस के चलते काफी समस्या ग्रस्त हो चुकी है, ऐसे में क्या-क्या कदम उठाने की जरुरत आगे आने वाले समय में पड़ेगी?

इंडस्ट्री के निर्माताओं ने एक फंड रेज किया है, जिससे डेली वेजेस पर काम करने वालों को कुछ सहायता राशि दिए जाय, मैंने भी कुछ सहायता की है. निर्माता, निर्देशक और कलाकार से अधिक वे लोग ही सफ़र करेंगे. इसलिए ऐसे सभी डेली वेजेस पर काम करने वालों को सहायता देने की जरुरत है. लॉक डाउन के बाद सबको मेहनत से काम करने की जरुरत है.

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सवाल-गृहशोभा के ज़रिये महिलाओं को क्या मेसेज देना चाहती है?

किसी भी महिला की अगर कोई ड्रीम है, तो उसे पूरा करें. सपने को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती. अपने आसपास की सभी महिलाओं को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करे और खुद भी वैसा करें, इससे आपको आपनी जिंदगी बहुत खूबसूरत लगेगी.

#coronavirus: क्या AC चलाने से बढ़ सकता है कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा?

देशभर में कोरोनावायरस का खतरा लगभग बढ़ता जा रहा है. हमारे देश में कोरोना से संक्रमित मरीजो की संख्या थमने का नाम ही नहीं ले रही है.अब  तक भारत में  कोरोना से  संक्रमित मरीजों की संख्या 13 ,000 के पार जा चुकी है. जहाँ एक ओर महाराष्ट्र में इस महामारी से पीड़ित लोगों की संख्या 3500 से ऊपर पहुँच चुकी है.वही दूसरी तरफ दिल्ली,तमिलनाडु,राजस्थान,मध्य प्रदेश,गुजरात और उत्तर प्रदेश में भी कोरोना पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है.

कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए lockdown का दूसरा चरण भारत में लागू कर दिया गया है.40 दिनों के lockdown की अवधि 3 मई को खत्म होगी .

इस बीच मौसम ने करवट ली है और देश के कई इलाकों में पारा 40 डिग्री के आसपास पहुंच गया है. तापमान में बढ़ोत्तरी के साथ लोगों को गर्मी का अहसास होने लगा है. दिन व रात का तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है.आगे भी अब गर्मी बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. लेकिन गर्मी से राहत पाने के लिए लोग कूलर व एयर कंडीशनर (एसी) का इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं. क्योंकि कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहे हैं कि अगर हम ac या  कूलर चलाते हैं तो क्या कोरोना के  संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा?

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दरअसल, सोशल मीडिया में एक मैसेज वायरल हो रहा है कि एसी व कूलर चलाने से वायरस फैल सकता है. इन मैसेज से लोगों के मन में एसी और कूलर को लेकर आशंका आ गई है. लेकिन क्या सच में ऐसा है?

डॉ गुलेरिया के मुताबिक

1-क्रॉस वेंटिलेशन से है खतरा विंडो ac से नहीं

अगर आपके घर में विंडो एसी लगा है, तो आपके कमरे की हवा आपके ही कमरे में रहेगी, बाहर या दूसरे कमरों में नहीं जाएगी. इसलिए घर में लगा विंडो ac हो  या गाड़ी में लगा ac, चलाने में कोई दिक्कत नहीं है.

एक चीज़ का ध्यान रखें एसी को चलाने से पहले फिल्टर को डिटरर्जेंट से साफ कर लें.इससे फिल्टर में फंसे फंगस और बैक्टीरिया भी निकल जाएंगे. फिल्टर को साफ करते वक्त मुंह में मास्क व हाथों में दस्ताने पहनना भी जरूरी है.

2- सेंट्रल ac  से संक्रमण का खतरा

डॉक्टर गुलेरिया के मुताबिक ऑफिस या घर जहाँ भी सेंट्रल ac लगा है वहां  सेंट्रल ac के चलने से संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ सकता है. दरअसल सेंट्रल ac  से हवा सारे कमरों में सर्कुलेट होती  है और अगर किसी दूसरे कमरे में या ऑफिस के किसी और हिस्से में कोई व्यक्ति खास रहा है और उसको इंफेक्शन है तो ac से droplets के  ज़रिये  एक कमरे से दूसरे कमरे में भी संक्रमण फ़ैल सकता है. और खतरा बढ़ सकता है.

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वाइट के साथ दें खुद को नया स्टाइलिश और फैशनेबल लुक

वाइट टॉप  के लिए आपको यह  ध्यान रखने की  ज़रूरत है कि आप  वाइट टॉप को अपने अवसर के हिसाब से स्टाइल करें, वाइट टॉप आपके पूरे लुक को काफी ब्राइट और वाइब्रेंट बनाने में आपकी मदद करता है. आज हम आपको बतायंगे की आप एक सिंपल वाइट टॉप को कैसे स्टाइल कर सकते है.

1. वाइट टॉप और मिड लॉन्ग स्कर्ट

वाइट टॉप को आप एक स्लिवर प्लेटेड मिड लॉन्ग स्कर्ट के साथ स्टाइल कर सकते है. अपने इस लुक को ओर क्लासी बनाने के लिए आप इसके साथ सिल्वर या फिर गोल्डन वर्क चोकर पहन सकते है, और अपने बालों  को आप एक मेस्सी बन में टाई करें.  यदि आपका चोकर हैवी है तो आप कान और हाथों में कुछ भी न पहनें बस एक हॉट रेड लिपस्टिक के साथ अपने इस लुक को पूरा करे. इस तरह के लुक में आप मीडियम हाई-हील सैंडल को पहनें.

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2. वाइट टॉप और गोल्डन पैन्ट्स

शिम्मरी गोल्डन पैन्ट्स के साथ भी आप अपने वाइट टॉप को स्टाइल कर सकते है, यदि आप  किसी ऑफिस पार्टी में जा रहीं है तो आपके लिए यह लुक परफेक्ट है. शिम्मरी गोल्डन पैन्ट्स में आप बेल बॉटम पैंट को चूज़ कर सकती है. अगर हेयर स्टाइल की बात की जाए तो आप अपने बालों को लूज़ कर्ल्स में भी स्टाइल कर सकती हैं. ज्वेलरी में आप  एक सिंपल सी रिंग और लाइट डबल लेयर चेन पहनकर अपने लुक को कम्पलीट कर सकती है.

3. वाइट टॉप और एथनिक स्कर्ट

आप वाइट टॉप / वाइट शर्ट को  एथनिक स्कर्ट या फिर लहंगे के साथ पेयर कर सकती है . यदि आप किसी फॅमिली फंक्शन में जा रही हैं तो यह इंडो-वेस्टर्न लुक आपके लिए बेहरतीन ओप्शंस में  से एक है. इसके साथ आप जूती और साथ में एथनिक एयरिंग पहनकर अपने लुक को इंडो-वेस्टर्न बना सकती है. अपने बालों को आप एक फ्लैट साइड बन में स्टाइल कर सकती हैं. अपने लुक को सेक्सी बनाने के लिए आप माथे पर एक छोटी बिंदी लगाकर अपने लुक को कम्पलीट कर सकती हैं.

4. वाइट शर्ट और हाई-वैस्ट ड्रेस

ऑफिस में  भी आप अपनी मनपसंदीदा वाइट शर्ट को स्टाइल कर सकती हैं. वाइट शर्ट को  आप हाई-वैस्ट, बेल्ल-बॉटम डेनिम जीन्स के साथ स्टाइल कर सकती हैं. इसमें आप हाई पोनी बना सकती हैं, ज्वेलरी की  बात की जाए तो आप इसमें राउंड शेप की मीडियम साइज इयरिंग पहन सकती हैं और एक या  दो रिंग के साथ अपना लुक पूरा करें. यह लुक आपको एक बूसी फील ज़रूर देगा .यदि आपको हील्स पहनना पसंद है तो आप हाई हील सैंडल भी पहन सकती हैं.

5. वाइट टॉप विद  डेनिम जैकेट

वाइट टॉप के साथ डेनिम जैकेट कैरी कर के देंखें. साथ में डेनिम जींस  भी वियर करें. स्टाइलिश दिखने के लिए अपने लुक में थोड़ा सा मैटेलिक टच दें और कोई नए तरह की लॉन्ग या शॉट हेयर असेसरीज कैरी करें.

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6. व्हाइट टॉप और कलरफुल स्कार्फ

व्हाइट टॉप के साथ किसी भी रंग या मल्टीकलर दुपट्टा या फिर स्कार्फ आपको स्टाइलिश लुक देगा. आपकी फैशनेबल और कुछ फंकी सी लुक सबको अपनी ओर खींचेंगी.

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