पार्टनर से चीटिंग : बता दिया जाए या नहीं

आप ने अपने पार्टनर से चीटिंग की है. अब वजह चाहे वन नाइट स्टैंड हो या ज्यादा ड्रिंक करने के बाद लिया गया डिसीजन अथवा किसी कुलीग से  अफेयर के चक्कर में पार्टनर को धोखा दिया है, इन सब बातों से अब कोई फर्क नहीं पड़ता. धोखा तो दे ही दिया है. अब सवाल यह उठता है कि आप अपने रिश्ते को बरकरार रखने में दिलचस्पी भी रखते हैं या नहीं? अगर हां, तो क्या करें?

1. सच का सामना

ज्यादातर यही सलाह देंगे कि आप अपने गिल्ट का निवारण अपने साथी को सच बता कर करें कि आप ने उसे धोखा दिया. लेकिन ज्यादातर मैरिज काउंसलर और सैक्स थेरैपिस्ट कहते हैं कि ‘ओनैस्टी इज द बैस्ट पौलिसी’ वाली नीति रिलेशनशिप के मामले में खास कारगर नहीं होती.

न्यूयौर्क की सैक्स थेरैपिस्ट ऐंड मैरिज काउंसलर मेगन फ्लेमिंग के मुताबिक, ‘‘यह सुनने में भले कंट्रोवर्सियल लगे, लेकिन मेरा यही सुझाव है कि आप अपने पार्टनर को बेवफाई के बारे में न ही बताएं तो अच्छा है.’’

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2. भारी पड़ता है कन्फैशन

मेगन कहती हैं, ‘‘आप भले ही सच बोल कर अपने अपराधबोध से छुटकारा पा लें और यह सोचें कि सच बोला है तो आप का पार्टनर आप को डंप नहीं करेगा, लेकिन उस पर नकारात्मक भावनाओं का अंबार लग जाता है. चिड़चिड़ापन, शक, भ्रम, क्रोध, रिजैक्शन जैसे भाव उसे घेर लेते हैं. ये सब मिल कर आप के और साथी के बीच के रिश्ते की नींव हिला देंगे. इस कन्फैशन के बाद आप का पार्टनर आप पर कभी भरोसा नहीं कर पाएगा, यह तय है.’’

3. रिलेशनशिप क्राइसिस

यदि आप वास्तव में रिश्ते को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो सब से पहले यह सोचें कि आप ने उन्हें चीट किया ही क्यों. यानी ऐसी नौबत क्यों आई कि आप को अपने पार्टनर से बेवफाई करनी पड़ी? जाहिर है, इस सवाल का जवाब खोजने में आप को अपने रिश्ते की कई उलझनों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन समस्या की जड़ तक जाने के लिए यह जरूरी है. इस मामले में डाक्टर फ्लेमिंग कहती हैं कि आमतौर पर जब इस तरह के मामले ले कर क्लाइंट उन के पास आते हैं तो उन की बेवफाई के पीछे अमूमन यही कारण होता है कि उन की जरूरतें अपने पार्टनर से पूरी नहीं हो पा रही थीं. फिर चाहे वे सैक्सुअल नीड्स हों या इमोशनल, जबकि वे इस मामले में अपने करीबी रिश्तेदारों से बात कर इस समस्या को सुलझा सकते थे. लेकिन इस के बजाए उन्होंने चीटिंग का औप्शन चुना.

दरअसल यह रिलेशनशिप क्राइसिस का पड़ाव होता है. जहां कपल का रिश्ता संकट में होता है और वे इस संकट को सुलझाने के बजाय किसी और पार्टनर की बाहों में जाना बेहतर समझते हैं. जबकि वे अपने रिश्ते की मरम्मत करने का अवसर गंवा रहे होते हैं.

4. अब क्या करें

अगर आप का वन नाइट स्टैंड ओवर हो चुका है और औफिस कुलीग से भी दिल भर गया है तो जाहिर है आप अपने पार्टनर के पास वापस जाना चाहेंगे. ऐसे में पहले तो सच को दबाकर यह संकल्प लें कि दोबारा ऐसी नौबत नहीं आएगी. उस के बाद किसी रिलेशनशिप काउंसलर के पास जाएं ताकि आप की जरूरतों और कमियों को समझा जा सके. फिर जरूरत पड़ तो पार्टनर को भी सैक्स थेरैपिस्ट या मैरिज काउंसलर के पास ले जाएं.

5. बता दिया जाए या नहीं

कुछ लोग मानते हैं कि पार्टनर से धोखे की बात छिपानी नहीं चाहिए, क्योंकि एक बार धोखा देने वाला व्यक्ति यह काम बारबार करता है. इसलिए उस के कन्फैशन से कम से कम पार्टनर अलर्ट तो रहेगा. कुछ मानते हैं कि साथी को कभी न कभी यह पता चल ही जाता है कि उसे धोखा दिया गया है. इस से बेहतर है कि आप ही सब सचसच बता दें. फिर भले ही वह डिप्रैशन में जाए या उस रिश्ते को खत्म कर ले.

मगर इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि रिश्तों के नाजुक मसलों में हर सच कई बार इतनी दरारें पैदा कर देता है कि वह चरमरा कर टूट जाता है. इसलिए सच नहीं बोलना है तो यह जरूर निश्चय कर लें कि अब उस गलती को दोबारा नहीं दोहराएंगे, तब जा कर आप का झूठ किसी हक तक जायज माना जा सकता है.

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बालों में इस तरह से लगाएं मेहंदी और ऐसे करें केयर

मेहंदी बालों में न केवल सफ़ेद बाल छुपाने के लिए लगाई जाती है बल्कि, मेहंदी लोग अक्सर गर्मी में अपने सर को ठंडा करने के लिए भी लगते है.  यदि आपके बाल सफ़ेद है तो अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए  केमिकल बेस्ड प्रोडक्ट का इस्तेमाल बिलकुल न करें. बेहतर यही होगा कि आप नेचुरल चीज़े जो कि पूरी तरह से केमिकल फ्री हैं उसी का इस्तेमाल करें. मेहंदी से न सिर्फ आपके सफ़ेद बाल ठीक होंगे. बल्कि यह आपके बालों  कोमल, मुलायम व कंडिशन्ड भी होगें. आइए जानते हैं बालों को किस तरह से मेहंदी द्वारा कंडीशनिंग करें और पाएं लंबे घने और मजबूत बाल.

मेहंदी का घोल बनाने के लिए आपको 5 से 6 चीज़ो की ज़रूरत होगी:

-हर्बल मेहंदी

-वैसलीन

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-गुनगुना पानी

-और अच्छे निखार के लिए (नींबू, कॉफ़ी, आंवला, या फिर अंडा) आप इसमें से किसी एक चीज़ का ही प्रयोग करें .

सबसे पहले एक कटोरी में मेहंदी, और नींबू का रस मिलाएं. फिर धीरे धीरे उसमें गुनगुना पानी मिलायें और एक ब्रश की सहायता से तीनो चीज़ो को एकसार कर दे. इस मिश्रण को 1 से 2 घंटे के लिए छोड़ दें.

मेहंदी लगाने से लगभग 12 घंटे पहले हमे अपने बालों को धोना नहीं चाहिए. आप चाहे तो मेहंदी लगते समय हल्का सिर गीला कर लें. आप अपने कान, गर्दन व माथे पर वैसलीन  की एक पतली लेयर लगाएं ताकि मेहंदी का रंग आपके बाकि हिस्सों पर न चढ़े.

बालो को आप दो भाग में बा़टें. जड़ से ब्रश की मदद से मेहंदी को अपने बालो की लेंथ तक लगाए. इस प्रक्रिया को सारे बालों में दोहराएं और अपने बालो को एक जूड़े में बांध लें.  और अंत में एक प्लास्टिक कैप पहनें. आप इसको लगभग 3 से 4 घंटे के लिए अपने बालों में लगा रहने दें और 3- 4 घंटे के बाद साफ़ पानी से बालों को अच्छे से धोएं. अच्छा रंग चढाने के लिए बालो को आप 24 घंटे तक शैम्पू न करें.

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बालों में मेहंदी लगाने से पहले उसमें एक कपूर और एक चम्मच मेथी का पाउडर या दो चम्मच संतरे का रस मिला लें. ये बालों को असमय सफेद होने से बचाएगा.

यदि आपके बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं तो हर दूसरे दिन मेहंदी लगाएं. बालों को आराम मिलेगा.

मैकेट्रेस, पारुल बुद्धि राजा अरोड़ा से बातचीत पर आधारित.

19 दिन 19 टिप्स: क्यों जरुरी है क्लीन अप?

सर्दी हो या गर्मी चेहरे की साफ सफाई बेहद जरूरी है. बदलते मौसम के चलते और धूप व धूल के कारण चेहरे की त्‍वचा रूखी और पैची पड़ जाती है. कई बार तो चेहरे पर जोरों की खुजली भी होने लगती है. ऐसे में त्वचा संबंधित कई समस्याएं भी हो सकती हैं, इन सब से बचने के लिए क्‍लीन अप जरूरी है. तो आइए जानते हैं कि क्‍यूं जरुरी है चेहरे का क्‍लीनअप और क्या हैं इसके फायदे.

1. नमी बरकरार रखने के लिये

चेहरे को साफ रखने और उनमें नमी बरकरार रखने के लिए क्‍लीनअप किया जाता है. सर्दियों में त्‍वचा रूखी और खुजलीदार बन जाती है. क्‍लीन अप करने में जो प्रोडक्‍ट इस्‍तेमाल होता है वह क्रीम बेस्‍ड होता है, जिससे लंबे समय तक चेहरे में पोषण बना रहता है.

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2. चेहरे के रूखे भाग को नरिश करे

यह रूखी त्‍वचा पर पड़े हुए पैच को भी नरिश करता है. यह त्‍वचा को सही मात्रा में हाइड्रेट करता है.

3. डेड स्‍किन साफ होती है

अगर आप स्‍क्रब नहीं करती हैं तो चेहरे पर मृत कोशिकाएं जम जाती हैं, जिससे चेहरा पैची दिखने लगता है. सर्दियों में त्‍वचा पर पसीना नहीं होता इसलिये क्‍लीनअप करने से डेड स्किन निकल जाती है.

4. फेस पैक भी है जरुरी

एक पोषण और हाइड्रेट करने वाला फेस पैक त्‍वचा की नमी को वापस ले आता है. जब भी फेस पैक बनाएं, उसमें दूध या मलाई जरुर मिक्‍स करें. इससे चेहरा कोमल बन जाएगा और रूखा भी नहीं दिखेगा.

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#lockdown: फैमिली के लिए बनाएं आलू के कोफ्ते

अगर आप लौकडाउन के बीच खाने में कुछ टेस्टी डिश ट्राय करना चाहते हैं तो आलू के कोफ्ते की रेसिपी आपके लिए आसान है. ये कम समय में बनने वाली रेसिपी है, जिसे आप अपनी फैमिली को दोपहर या डिनर में परोस सकती हैं. आइए आपको बताते हैं आलू के कोफ्ते की रेसिपी….

हमें चाहिए

– आलू (400 ग्राम उबले हुए)

– अरारोट (04 बड़े चम्मच)

– हरा धनिया ( 01 बड़ा चम्मच कटी हुई)

– काजू (10 नग बारीक कतरे हुए)

– तेल (तलने के लिये)

– नमक (स्वादानुसार)

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– टमाटर (04 मीडियम आकार के)

– क्रीम (1/2 कप)

– तेल (03 बड़े चम्मच)

– हरी मिर्च (02 नग)

– हरा धनिया (01 बड़ा चम्मच कतरा हुआ)

– अदरक ( 01 इंच का टुकड़ा)

– धनिया पाउडर (01 छोटा चम्मच)

– जीरा (1/2 छोटा चम्मच)

– हल्दी पाउडर (1/4 छोटा चम्मच)

– लाल मिर्च पाउडर (1/4 छोटा चम्मच)

– गरम मसाला (1/4 छोटा चम्मच)

– नमक (स्वादानुसार)

आलू के कोफ्ते बनाने की विधि :

– सबसे पहले आलू को छील कर कद्दूकस कर लें.

– इसके बाद उसमें अरारोट, नमक, हरा धनिया मिला दें और आटे की तरह गूथ लें.

– अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करें, जब तक तेल गर्म हो रहा है आलू के थोड़े से मिश्रण को लेकर उसके       बीच   में काजू के 2-3 टुकड़े रख लें और फिर उसे गोल कर लें.

– ऐसे ही सारे आलू के मिश्रण के गोले बना लें. तेल गर्म होने पर उसमें आलू के गोले डालें और हल्का भूरा    होने तक तल लें.

– अब तरी की तैयारी करें, इसके लिए सबसे पहले टमाटर, हरी मिर्च और अदरक को मिक्सर में बारीक     पीस लें.

– इसके बाद क्रीम को अच्छी तरह से फेंट लें.

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– अब एक कढाई में तेल गर्म करें और उसमें जीरा का तड़का लगाएं.

– उसके बाद उसमें हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर डालें और हल्का सा भून लें.

– फिर कढ़ाई में टमाटर का पेस्ट डालें और उसे अच्छ तरह से भून लें.

– इसके बाद कढ़ाई में क्रीम डालें और इसे तब तक भूनें, जब तक यह तेल न छोड़ दे.

– अब कढ़ाई में 2 कप पानी डाल दें.

– साथ ही स्वादानुसार नमक भी डालें और उबाल आने तक पकने दें.

– जब कढ़ाई में उबाल आ जाए, इसमें कोफ्ते डाल दें और 2 मिनट पकाने के बाद गैस बंद कर दें.

– अब आपके स्वादिष्ट आलू के कोफ्ते तैयार हैं.

– बस इसे हरी धनिया से गार्निश करें और गर्मा-गरम रोटी या पराठों के साथ परोसें.

होंठों के पास डार्क मार्क्स हैं, मैं क्या करूं?

सवाल-

मैं 31 साल की हूं. होंठों के पास डार्क मार्क्स हैं. कृपया इन्हें दूर करने का कोई घरेलू उपाय बताएं?

जवाब

डार्क मार्क्स दूर करने के लिए गुलाब की पंखुडि़यों को कच्चे दूध में पीस कर पेस्ट बना कर उसे रोज होंठों पर लगाएं. ऐसा करने से होंठों का रंग धीरेधीरे गुलाबी हो जाएगा. ध्यान रहे लिपस्टिक किसी अच्छे ब्रैंड की ही प्रयोग करें.

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विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण पूरा देश लॉकडाउन कर दिया गया है. आप घरों से बाहर नहींं जा सकतीं. समस्या घर में रहने में नहीं है बल्कि घर में खत्म होते ब्यूटी केयर प्रोडक्ट. जब तक बाजार में खुलेगा यह ब्यूटी प्रोडक्ट्स घर में आना मुश्किल है.  अब क्या किया जाए ? मैं लाई हूं आपके लिए कुछ आसान से उपाय जिन्हें अपनाकर आप अपनी खूबसूरती बरकरार रख सकतीी हैं इन प्रोडक्ट्स के बिना भी.

1. बनायें फेसवॉश

फेसवॉश खत्म हो गया है तो परेशान क्यों हो रही हैं? घर पर ही बनाइए एक नेचुरल फेस वाश.कुछ आसान से टिप्स अपनाएं और फेस की रौनक बढ़ाएं. एक बड़ा चम्मच कच्चा दूध लीजिए और उसे साफ सी काॅटन बाॅल से पूरे फेस पर थपथपाते हुए लगाएं. आपकी फेस की स्किन साफ ही नहीं बल्कि टोन भी हो जाएगी. आप चाहें तो इसमें दो बूंद गुलाब जल की भी मिला सकती हैं.

2. बचे हुए साबुन की बार से

यही नहीं आप बची हुई साबुन की बार को पानी में घोल लें और एक बोतल में भर लें अब इसे फेसवॉश की तरह इस्तेमाल कर सकती हैं.

पूरी खबर पढ़ने के लिए- होममेड तरीकों से बनाएं ब्यूटी केयर प्रोडक्ट

#coronavirus: जिस्म के भीतर अब ऐसे मारा जाएगा वायरस

चीन के वुहान शहर से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस से उभरी कोविड-19 बीमारी का क्लियर इलाज उपलब्ध नहीं है. इस बीमारी का अब तक न तो टीका बना है और न ही इलाज के लिए कोई दवा. ऐसे में  इलाज कैसे हो? इसी उलझन में कई तरह के उपचारों में लोगों को उम्मीद दिख रही है.  मरीजों को मलेरिया वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन देना भी ऐसी ही एक उम्मीदभर है. एक उम्मीद की किरण अब प्लाजमा थेरैपी में दिख रही है.

कोविड-19 का पक्के तौर पर इलाज फ़िलहाल नहीं है. अभी तक जो पक्का है वह यह है कि आदमी का शरीर ही उस दुश्मन वायरस कोरोना से लड़ रहा है. शरीर में इम्यून सिस्टम होता है और यही उस दुश्मन वायरस से लड़ता है. इम्यून सिस्टम यानी बीमारियों से लड़ने की जिस्म की क्षमता. जिस्म के ख़ून में यह क्षमता यानी रोग प्रतिरोधी क्षमता विकसित होती है. आसान शब्दों में कहें तो जिस्म एक देश है तो इम्यून सिस्टम उसका सैनिक. जब वायरस, बैक्टीरिया या कोई फंगस जैसा कोई दुश्मन बाहर से हमला करता है तो जिस्म का यह सैनिक बचाव में उतर आता है. कोरोना वायरस से लड़ाई में अधिकतर मरीज़ों में मौजूद यह मजबूत सैनिक वायरस को ख़त्म कर दे रहा है और कुछ मामलों में, जिनमें यह सैनिक कमजोर है, जिस्म हार जा रहा है और मौत हो जा रही है.

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जानें थेरैपी को :

मरीज़ों में वायरस को ख़त्म करने यानी मार डालने का मतलब है कि जिस्म का इम्यून सिस्टम उस वायरस से लड़ना अच्छी तरह जान जाता है और उस को ख़त्म करने के लिए ख़ुद को तैयार कर लेता है. यहीं पर हम सबको को उम्मीद की किरण दिखती है. यदि इस वायरस से लड़ने में सक्षम इम्यून सिस्टम को कोरोना वायरस से संक्रमित दूसरे मरीज़ को दे दिया जाए तो? अब दूसरे व्यक्ति में जिस प्रक्रिया से इस रोग प्रतिरोधी क्षमता को दिया जाता है उसे ही प्लाजमा थेरैपी कहते हैं.

दरअसल, प्लाजमा एक गैस की तरह की चीज होती है. ख़ून से उसके मूल पदार्थ निचोड़ कर उसे प्लाजमा के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इस प्लाजमा में ठीक हो चुके कोरोना वायरस मरीज के ख़ून में से निचोड़ी गई रोग प्रतिरोधी क्षमता भी शामिल होती है. इसी प्लाजमा को दूसरे कोरोना पीड़ित मरीज़ के जिस्म में डाला जाता है.

थेरैपी की प्रक्रिया को ऐसे समझें, यह ठीक उस तरह से है जिसमें एक देश के सैनिक अगर तीर-भाले से ही लड़ने में सक्षम हों और दुश्मन गोला-बारूद से हमला कर दे तो वे सैनिक देश को सुरक्षा देने में असफल हो सकते हैं. लेकिन, यदि गोला-बारूद से हमले का मुक़ाबला करने वाले सैनिकों को भी गोला-बारूद दे दिया जाए तो वे सैनिक बेहतर तरीक़े से निपट सकते हैं और दुश्मन को हराने की उम्मीद ज़्यादा हो जाती है. प्लाजमा भी ठीक उसी तरह से है जिसमें कोरोना वायरस से लड़ने में सक्षम रोग प्रतिरोधी क्षमता को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में डाल दिया जाता है.

दिल्ली के एक निजी मैक्स हौस्पिटल में 2 मरीज़ों-पिता और पुत्र पर प्लाज्मा थेरैपी का इस्तेमाल किया गया. दोनों की हालत गंभीर थी और दोनों वेंटिलेटर पर थे. डाक्टरों का कहना है कि इलाज के दौरान 70 वर्षीय पिता की तो मौत हो गई है, लेकिन पुत्र की सेहत में सुधार है. कोरोना से ठीक हो चुकी एक महिला ने इन्हें प्लाजमा डोनेट किया था. डाक्टर का कहना है कि एक व्यक्ति के डोनेट करने पर 2 लोगों को इस प्लाजमा से इलाज किया जा सकता है.

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अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकारी अस्पतालों में इसका ट्रायल कर रहे हैं. दिल्ली सरकार को इस बाबत केंद्र सरकार के अधीन इंडियन काउंसिल औफ़ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर से हरी झंडी मिल गई है. अरविंद केजरीवाल कहते हैं कि उनको उम्मीद है कि इससे इलाज संभव हो सकेगा और मरीज़ ठीक होंगे. मालूम हो कि केंद्र सरकार के प्रोटोकाल के आधार पर दिल्ली सरकार इस तकनीक पर काम करेगी. इसके लिए सभी जरूरी मंजूरियां मिल गई हैं.

19 दिन 19 टिप्स: फैशन के मामले में नायरा से कम नहीं उनकी ‘चाची सास’

टीवी सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) में नए-नए ट्विस्ट के कारण फैंस की दिलचस्पी बढती जा रही है. शो में इन दिनों कार्तिक की चाची (Shilpa S Raizada) कार्तिक और नायरा के कारण परेशान हैं. औफस्क्रीन की बात करें तो कार्तिक की चाची शिल्पा एस रायजादा (Shilpa S Raizada) अक्सर नायरा यानी शिवांगी जोशी संग मस्ती करती हुईं नजर आती हैं, जिसमें उनका लुक बेहद खूबसूरत लगता है. आज हम आपको कार्तिक की चाची यानी शिल्पा एस रायजादा के फैशन के बारे में बताएंगे, जिसे आप भी ट्राय कर सकते हैं.

1. सिंपल लुक है परफेक्ट

अगर आप सिंपल लुक रखना चाहती हैं तो शिल्पा एस रायजादा की तरह ब्लैक जीन्स के साथ शौर्ट टौप और फ्लावर प्रिंट जैकेट ट्राय कर सकती हैं. ये आपके लुक को सिंपल के साथ-साथ ट्रैंडी दिखाने में मदद करेगा.

 

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2. पार्टी के लिए परफेक्ट है ये ड्रैस

 

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Shivangi so happy for you dear @shivangijoshi18 and proud of you keep it up ?????????????????????????

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अगर आप किसी पार्टी में सिंपल के साथ-साथ ट्रैंड दिखना चाहती हैं तो रेड कलर की शर्ट ड्रेस के साथ हिल्स कौम्बिनेशन परफेक्ट औप्शन है. इसके साथ आप ज्वैलरी के तौर पर सिंपल स्टड इयरिंग्स ट्राय कर सकती हैं.

3. साड़ी लुक है परफेक्ट

 

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अगर आप साड़ी के लिए कोई नया पैटर्न ढूंढ रही हैं तो सिंपल पिंक साड़ी के साथ क्रौप टौप पैटर्न वाला ब्लाउज ट्राय कर सकती हैं. ये आपके लुक को परफेक्ट बनाने में मदद करेगा.

4. शरारा लुक है परफेक्ट

 

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Lamhe……? #yrkkh #yehrishtakyakehlatahai #thankstocreativeteam

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आजकल शरारा लुक काफी पौपुलर है. टीवी हो फिल्म हर किसी की जबान पर शरारा लुक है. अगर आप भी वेडिंग सीजन में कुछ नया ट्राय करना चाहते हैं तो कार्तिक की चाची का ये लुक जरूर ट्राय करें.

5. वेकेशन के लिए परफेक्ट है ये लुक

 

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??☘️ PEACE #peace #peaceful #journey #vacation #goa #me #myself #happiness #blessed #godisgreat#naturelovers

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अगर आप वेकेशन के लिए कोई नया लुक सोच रही हैं तो क्राप टौप लुक आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. ये आपके सिंपल लुक को ट्रैंडी दिखाने में मदद करेगा.

#lockdown: कोरोनावायरस के खिलाफ जंग में पुलिस की आंख और दाहिनी बांह बने ड्रोन

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला स्थित धामपुर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों द्वारा लॉकडाउन का लगातार किया जा रहा उल्लंघन तथा बार बार समझाने के बाद भी ग्रामीणों द्वारा मास्क न पहने जाने के कारण पुलिस एंव प्रशासन ने जैतरा और उसके आसपास के गाँवों के ऊपर आसमान में कैमरायुक्त ड्रोन तैनात किये ताकि ग्रामीणों पर हर समय नजर रखी जा सके. इसका असर तुरंत प्रभाव से देखने को मिला. तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की तरह रांची नगर निगम ने भी शहर के हिंदपीढी इलाके को ड्रोन द्वारा सेनिटाइज करने की योजना बनाई. गौरतलब है कि झारखंड की राजधानी रांची में हिंदपीढी इलाका कोरोना हॉटस्पॉट बनकर उभरा है.

ये तमाम तथ्य यह बताने के लिए काफी हैं कि मौजूदा विश्वव्यापी कोरोना संकट में ‘ड्रोन’ किस कदर इंसान के नजदीकी सहायक बनकर उभरे हैं.किसी जगह जल्द से जल्द दवा पहुंचाना हो,हर समय लोगों पर नजर रखनी हो या पूरे इलाके में दवाओं से फौवारा करना हो यानी सैनिटाईज करना हो अथवा ड्यूटी में तैनात पुलिसवालों से लेकर मेडिकल स्टाफ आदि तक खाना पहुंचाना हो,इन दिनों ड्रोन ऐसी हर समस्या का हल बन गए हैं.शायद ही 2-3 साल पहले कभी ड्रोन के इस तरह उपयोगी बनकर सामने आने की कल्पना की गयी हो.एक जमाने में जहां ड्रोन कई तरह की खुराफातों और बाद में आतंकियों के खतरनाक हथियार बनकर उभरने के लिए चर्चा में रहते थे,वहीं आज की तारीख में ड्रोन सब पर नजर रखने वाली आंख,मदद करने वाली मजबूत बांह और वफादार सेवक के रूप में सामने आये हैं.

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इन दिनों जबकि दुनिया कोरोना के कहर से कराह रही है,तब डॉक्टरों,नर्सों,और आपातकालिक वालंटियरों के साथ ड्रोन ही वह डिवाइस है,जो कोरोना के विरुद्ध जंग के अग्रिम मोर्चे में तैनात है.पूरी दुनिया में इन दिनों कोई 10,000,00 ड्रोन तमाम तरह के कामों में लगे हैं.यह करीब करीब उतनी ही बड़ी संख्या है,जितनी संख्या में आर्मी के जवान दुनिया के अलग अलग हिस्सों में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अपना योगदान दे रहे हैं. हिन्दुस्तान में तो इस कोरोना काल में ही ड्रोन की जबर्दस्त उपयोगिता उभरकर सामने आयी है.यही कारण है कि ड्रोन में तमाम तकनीकी सुधार भी इन्हीं दिनों में हो रहे हैं.गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी [जीटीयू] के स्टार्टअप ‘ड्रोन लेब’ ने हाल ही में देशभर में ड्रोन स्क्वाड बनाकर टेक्नालॉजी के माध्यम से कोरोना के खिलाफ जंग शुरू की है.इसके तहत अब तक 12 राज्यों में 302 ड्रोन भेजे जा चुके हैं.मई के अंत तक भारत में कोई 5000 ड्रोन कोरोना के विरुद्ध जंग में इंसान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर डटे होंगे.

जीटीयू स्टार्टअप इनोवेशन काउंसिल के रिसर्च और ड्रोन लेब के फाउंडर निखिल मेठिया तथा केवल केलावाला ने इंडियन ड्रोन एसोसिएशन के सहयोग से मध्यप्रदेश, राजस्थान समेत देश के 12 राज्यों में 302 ड्रोन भेजे हैं.गुजरात में अहमदाबाद समेत राज्य के 15 जिलों-तहसीलों में पुलिस विभाग को 32 ड्रोन की सप्लाई पहले चरण में की गयी थी,पुलिस को उनसे अपने कामकाज में इतनी मदद मिली,जितनी मदद 500 से 1000 इंसानी बल कर पाते.इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस को अगर ड्रोन का स्मार्ट इस्तेमाल आ जाए तो ये उसके कितने काम के हैं.

देश के हर हिस्से में इन दिनों ड्रोन की मदद से पुलिस लॉकडाउन तोड़ने वालों की निगरानी करती है.मध्यप्रदेश-राजस्थान,यूपी,दिल्ली,जम्मू-कश्मीर सहित देश के हर हिस्से में ड्रोन ने खुद को सौंपे गए हर टार्गेट को सफलतापूर्वक अंजाम तक पंहुचाया है. नोयडा के 5,दिल्ली के 8 इंदौर के 2, जबलपुर के 3, भोपाल-2 इलाकों में जब स्थानीय प्रशासन ने ड्रोन को मानिटरिंग और दवाओं के छिड़काव में लगाया तब उसे तेजी से कामयाबी मिली.इसके बाद ही पूरे देश के लिए बहुत तेजी से बहुत ज्यादा ड्रोन की आवश्यकता महसूस हुई. ड्रोन स्क्वाड के फाउंडर निखिल मेठिया तो यहां तक कहते हैं कि कोरोना के खिलाफ सही मायनों में ड्रोन से ही जंग लड़ी जा रही है.उनके मुताबिक अगर ड्रोन न होते तो लॉकडाउन का सख्ती से अमल सुनिश्चित किया जाना संभव नहीं था.

शायद यही वजह है कि उनके स्टार्टअप के लिए 10 लाख रुपए की ग्रांट गुजरात सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है.कोरोना के साथ हो रही जंग में अप्रैल के पहले हफ्ते में विभिन्न राज्यों में तैनात ड्रोन स्क्वाड में ड्रोनों की संख्या कुछ इस प्रकार थी- गुजरात   32,मध्यप्रदेश 10,राजस्थान 22, महाराष्ट्र 29,हरियाणा 8,कर्नाटक 68,ओड़िशा 13, केरल 9,तमिलनाडु 37, मणिपुर-असम 2 तथा तेलंगाना में 7 ड्रोन तैनात थे.ड्रोन हासिल करने बाद ही ज्यादातर राज्यों की पुलिस ने कहना शुरू किया है कि लॉकडाउन तोड़ने वालों की अब खैर नहीं होगी. क्योंकि अब वे आसमान से ऐसे लापरवाहों पर नजर रख रही हैं.

लॉकडाउन की निगरानी के लिए दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में जब पुलिस ने पहली बार ड्रोन उड़ाया तो जो तस्वीर आसमान से सामने आई उसे देखकर पुलिस के आला अफसर हैरान रह गए.पता चला जामा मस्जिद के पास बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं. लॉकडाउन का इस तरह से सरासर उल्लंघन हो रहा होगा इसकी कल्पना तक नहीं की गयी थी. यह देखने और समझने के बाद ही जामा मस्जिद इलाके में शब-ए-बारात के दौरान ड्रोन से की जा रही निगरानी को और मजबूत तथा सख्त बनाया गया. पूरी रात पुलिस ने ड्रोन से नजर रखा. यूपी और पंजाब में ड्रोन से निगरानी के बाद पहले कुछ दिनों में ही 15  एफआईआर दर्ज हुईं तथा 25 से ज्यादा वाहन जब्त हुए.सचमुच ड्रोन से निगरानी कर्फ्यू को प्रभावी तरीके से लागू करने में काफी असरदार पाया गया है.

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यूपी पुलिस को गाजियाबाद की तंग गलियों में लॉकडाउन को लागू करवा पाना कभी संभव नहीं होता अगर ड्रोन न होते. कैमरेयुक्त ड्रोन की तैनाती के बाद ही लोगों में डर पैदा हुआ है और वे अपने घरों में घुसे वर्ना तो पुलिस कहती रहती थी,लोग एक कान से सुनते थे,दूसरे से निकाल देते थे.गाजियाबाद के एसएसपी कलानिधि नैथानी की ड्रोन के इस्तेमाल की मजबूत शुरुआत तथा लॉकडाउन तोड़ने वालों के प्रति सख्ती से ही मुकदमा दर्ज कराने के आदेश के बाद ही लोगों में इसके प्रति थोड़ा डर पैदा हुआ,नहीं तो लोगों को कोई फर्क ही नहीं पड़ता था.इस तरह देखें तो कोरोना के खिलाफ जंग में ड्रोन पुलिस के लिए कहीं उसकी आंख तो कहीं मददकारी बांह बन गए हैं.

यादों का अक्स: भाग 3

इत्र की भीनीभीनी खुशबू और धीमाधीमा संगीत, बस, सब कुछ मुझे मदहोश करने के लिए काफी था.
बस, फिर वह सब हो गया, जो शायद बहुत पहले हो जाना चाहिए था.
जब वर्षों पुरानी चाहत पूरी हुई तो ऐसा लगा मानो आज बिन बादल बरसात हो गई, जिस में हम दोनों भीग कर उस चरम सुख को पा गए, जिस से अब तक हम अछूते रहे थे.
उस रात होटल के उस कमरे में रवि से लिपटी मैं उस तृप्ति को महसूस कर रही थी जो मुझे अब तक नहीं मिली थी.

‘‘रवि, आज तो मजा आ गया,’’ मैं भावावेश में उस के होंठों पर किस करते हुए बोली.
‘‘अरे मैडम, यह तो कुछ भी नहीं. आगेआगे देखो, मैं तुम्हें कैसे जन्नत का मजा दिलाता हूं,’’ कह कर रवि फिर से मुझ से लिपट गया. ‘‘मुझे बहुत दुख है जो समय रहते मैं तुम्हें अपनी नहीं बना पाया,’’ रवि मेरे सीने पर हाथ फेरते हुए बोला, ‘‘समीर बहुत खुशहाल इनसान है तभी तो यह हुस्न का प्याला उस की झोली में जा गिरा,’’ कह रवि मुझे पागलों की तरह चूमने लगा.
‘‘रवि इतना प्यार न करो, मुझे वरना…’’

‘‘वरना क्या?’’

‘‘अगर तुम मुझ से यों टूट कर प्यार करते रहोगे, तो तुम से अलग कैसे हो पाऊंगी?’’ और मैं अचानक रो पड़ी, ‘‘रवि, इस दिल पर तो तुम्हारा शुरू से अधिकार रहा है और आज तन पर भी हो गया,’’ मैं तड़पते हुए बोली.

मेरी तड़प देख कर रवि ने मुझे अपनी मजबूत बांहों के घेरे में कस लिया और मैं उस की पकड़ से खुद को छुड़ाने की नाकाम कोशिश करने लगी.

‘‘अच्छा, अब मैं चलती हूं,’’ सुबह की लौ देख मैं ने तुरंत कपड़े बदले और अपने घर आ गई.

रवि से शारीरिक संपर्क के बाद मेरे अंदर एक सुखद सा परिवर्तन आया. अब मैं हर समय खिलीखिली सी रहती थी.

‘‘इतना खुश तो मैं ने पहले तुम्हें कभी नहीें देखा,’’ उस दिन मुझे एक फिल्मी गाना गुनगुनाते देख समीर ने मुझे टोका.

‘‘वह क्या है कि आजकल नए दोस्त बन रहे हैं न,’’ मैं ने बात बदलते हुए कहा.

‘‘अच्छा लगता है तुम्हें यों खुश देख कर,’’ कह समीर ने भावातिरेक में मेरा माथा चूम लिया.सच, उस समय मुझे रवि की बहुत याद आई. आज रवि के कारण ही तो मेरे मन का सूनापन कम हो पाया था. उस के प्यार में पागल मैं आज दूसरी बार उस से मिलने उसी होटल में जाने वाली थी. पर उस समय बंटू स्कूल गया हुआ था, इसलिए दुविधा में थी कि कैसे जाऊं?

तब मेरी सास जो मेरे पास रहने आई हुई थीं, तुरंत बोलीं, ‘‘अरे बहू, परेशानी क्या है? अब जब मैं घर पर हूं तो बंटू को देख लूंगी, तुम अभी निकल जाओ वरना तुम्हें सामने देख कर ज्यादा परेशान होगा.’’

मांजी के इतना कहते ही मैं तुरंत निकल पड़ी. इधर मेरा औटोरिकशा होटल की तरफ बढ़ रहा था तो उधर मेरी बेचैनी. सब कुछ अपनी चरसीमा पर था…उस दिन का चरमसुख और आज फिर.

फिर अचानक मेरे विचारों पर विराम लग गया, क्योंकि मेरा होटल जो आ गया था. तेज कदमों से लौबी का रास्ता पार कर मैं होटल के कमरे के पास पहुंच गई.

कमरे का दरवाजा आधा खुला था और मैं जल्दी से उसे धकेल कर अंदर जाना चाहती थी कि अचानक रवि के मुंह से अपना नाम सुन कर मेरे बढ़ते कदम ठिठक गए.

जब मैं ने दरवाजे की ओट में खड़े हो कर अंदर झांका तो हैरान रह गई.

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रवि किसी और के साथ बैठा ड्रिंक कर रहा था. पूरे कमरे में सिगरेट का धुआं फैला हुआ था.
‘‘तेरी वह मुरगी कब तक आएगी, मेरा मन बेचैन हो रहा है?’’ रवि के सामने वह आदमी शराब का खाली गिलास रखते हुए बोला.

‘‘बस सर आने ही वाली होगी,’’ रवि उस के खाली गिलास में शराब डालते हुए बोला.
‘‘पर यार वह तो तेरी गर्लफ्रैंड है, ऐसे में वह मेरे साथ…’’

‘‘आप उस की फिक्र न करो, सरजी…अरे, वह तो मेरे प्यार में इतनी पागल है कि मेरे एक इशारे पर कुछ भी करने को तैयार हो जाएगी,’’ रवि ठठा कर हंस पड़ा, ‘‘अरे मैं ने कच्ची गोलियां नहीं खेली हैं, जो हाथ आया मौका यों जाने दूं,’’ नशे में धुत्त रवि बोला, ‘‘आप आज सिर्फ मेरे अभिनय का कमाल देखना…मैं आज उसे इतना बेचैन कर दूंगा कि वह मेरे साथसाथ आप को भी पूरा मजा देगी. बड़ी गरमी भरी पड़ी है उस के अंदर,’’ और फिर उस ने सिगरेट सुलगा ली.

‘‘अच्छा, मैं चलता हूं. बाहर लौबी में तुम्हारे फोन का इंतजार करता हूं. जब मामला पट जाए तब आ जाऊंगा,’’ कह कर वह आदमी पागलों की तरह हंसने लगा.

‘‘आप मजे की फिक्र न करो. वह तो मैं आप को पूरा दिलवाऊंगा पर मेरा आप की आने वाली फिल्म में हीरो का रोल तो पक्का है न?’’ कह रवि ने वही गुलाबी नाइटी बैड पर फैला दी.

‘‘अरे यार मैं जुबान का पक्का हूं. इधर वह लड़की गई तो उधर तेरा हीरो का रोल पक्का.’’
यह सब सुन कर मेरे तो होश उड़ गए. मेरी तो उस समय ऐसी स्थिति थी कि काटो तो खून नहीं. पहले तो मेरे मन में आया कि अंदर जा कर उन दोनों मुंह नोच लूं पर फिर मैं तुंरत संभल गई कि नीचता पर उतर आए ये दोनों मेरे साथ कुछ भी गलत कर सकते हैं.

फिर मैं ने समय न गंवाते हुए बाहर का रुख किया ताकि उन की पकड़ से बाहर निकल जाऊं. वैसे भी वह आदमी कभी भी बाहर आ सकता था.

उस समय मेरा तनमन गुस्से से उबल रहा था और मेरी आंखें लगातार बह रही थीं. रवि के प्यार का यह वीभत्स रूप देख कर मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे.

मैं औटोरिकशा में अपने घर जा रही थी. रवि के कई फोन मेरे मोबाइल पर आए, मेरा मन उस समय इतना बेचैन था कि उस से बात करना तो दूर मैं उस की आवाज भी नहीं सुनना चाहती थी. इसलिए मैं ने अपना मोबाइल औफ कर दिया और बीती बातें भुला कर अपने घर चली गई.

‘‘अरे समीर, तुम कब आए?’’ समीर को बंटू के साथ खेलते देख कर मुझे सुकून सा मिला.
‘‘चलो, आज पिक्चर देखने चलते हैं, खाना भी बाहर ही खा लेंगे,’’ समीर ने अचानक मुझ से कहा तो मैं अचकचा सी गई, ‘‘पर बंटू का तो सुबह स्कूल है,’’ मैं ने बात बदलते हुए कहा. अब समीर से कैसे कहती कि मेरा मूड खराब है.

‘‘बंटू को तो मैं देख लूंगी. समय से खाना खिला कर सुला दूंगी,’’ सासूमां कमरे में प्रवेश करते हुए बोलीं.
‘‘क्यों बंटू, दादी के साथ खेलेगा न? और फिर वह दिन वाली स्टोरी भी तो पूरी करनी है न,’’ सासूमां के इतना कहते ही बंटू उन से लिपट गया.

‘‘चलो, अब तो तुम्हारी समस्या हल हो गई. अब जल्दी से तैयार हो जाओ,’’ समीर ने मेरा कंधा थपथपाते हुए कहा.

फिर हम तैयार हो कर मूवी देखने चले गए. जब पिक्चर देख कर बाहर निकले तो बाहर काले बादल घिर आए थे. देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई.

समीर कार का दरवाजा खोल कर अंदर बैठने लगा तो मैं ने अचानक उस का हाथ पकड़ कर बाहर खींच लिया.

‘‘मैडम, बारिश शुरू हो गई है और तुम्हें बारिश में भीगने से ऐलर्जी है,’’ उस के स्वर में व्यंग्य था.

‘‘अब मुझे बारिश में भीगना अच्छा लगता है,’’ कह कर में ने समीर को हाथ से पकड़ बाहर खींच लिया और फिर दोनों देर तक बारिश में भीगने का मजा लेते रहे.

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जब बारिश की ठंडी फुहारें मेरे तनमन की तपिश निकालने में कामयाब हुईं तब मैं समीर के कंधे से जा लगी.

मेरे अंदर आए अचानक इस बदलाव को देख कर समीर को इतना अच्छा लगा कि उस ने एक चुंबन मेरे होंठों पर अंकित कर दिया.

जब समीर की मजबूत बांहों ने मेरे तन को कसा तो ऐसा लगा मानो अब मेरे मन पर सिर्फ और सिर्फ समीर का ही अधिकार है और तब ऐसा लगने लगा मानो रवि की यादों का अक्स धुंधला पड़ने लगा है.

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