फुल एक्शन पर बनी फिल्म ‘XXX रिटर्न ऑफ जेंडर केज’

हॉलीवुड एक्टर विन डीजल और बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पदुकोण की जोड़ी ने 3डी फिल्म ‘xXx रिटर्न ऑफ जेंडर केज’ में अच्छा काम किया है. विन डीजल तो हमेशा से एक्शन हीरो और वॉयस ऑफ आयरन मैन माने जाते हैं लेकिन इसमें दीपिका ने पूरी ताल मेल के साथ अभिनय किया है.

फिल्म में दीपिका की एंट्री एक एक्शन के साथ बहुत ही जबरदस्त तरीके से दिखाई गयी है. हॉलीवुड फिल्म अपने एक्शन में माहिर है, लेकिन इसमें डेब्यू कर रही दीपिका को भी अच्छा काम मिला है. सेरीना उन्गर की भूमिका में दीपिका खूब जँची हैं. एक्शन और रोमांस से भरपूर इस फिल्म में निर्देशक डी जे कारूसो ने दीपिका को हर एंगल से हॉलीवुड के काबिल बनाया है, हालांकि शुरू में उनका अभिनय कम दिखा, पर बाद में पूरी फिल्म पर वह छाई रही. इसे अंग्रेजी के अलावा कई भाषाओँ में भी रिली किया गया है.

अत्यंत स्फूर्तिवान और एथलीट के शौकीन जेंडर केज (विन डीजल) सबकी नजर में गुमशुदा है, उसे ‘सीआईए’ की एक मिशन के लिए भेजा जाता है, जिसमें उसका सामना विलेन जियांग (डोनी येन) से होता है जिसके पास एक शक्तिशाली शस्त्र ‘पांडुरा बॉक्स’ है. इस पांडुरा बॉक्स के द्वारा पूरी मिलिट्री सैटेलाइट को कंट्रोल कर पूरे देश को बर्बाद किया जा सकता है.

जब जेंडर केज उस मिशन पर जाता है, तो उसे वहां सेरीना उन्गर (दीपिका पादुकोण) मिलती है, जो पहले तो गलत मिशन में शामिल थी, पर बाद में उस शस्त्र को हासिल कर नष्ट कर देना चाहती है. इस तरह दोनों को पता चलता है कि दोनों का मिशन एक है और दोनों उसे हासिल करने के लिए चल पड़ते है. फिर दोनों को पता चलता है कि इस काम में उसके सरकार के लोग ही शामिल है. वे इस भ्रष्टाचार में बुरी तरह फंस जाते है और अंत में अंजाम तक पहुँचते हैं.

फिल्म को देखने के बाद ऐसा लगा कि दीपिका को सेंटर में रखकर कहानी लिखी गयी है. लेकिन दीपिका को थोड़ी और मजबूती से आगे आने की जरुरत है. फिल्म के गाने सिचुएशन के हिसाब से दिए गए है.अगर आप दीपिका के फैन है और उन्हें हॉलीवुड फिल्म में स्टंट करते हुए देखना चाहते है, तो अवश्य देखें. इसे थ्री स्टार दिया जा सकता है.

फिल्म रिव्यू: XXX रिटर्न ऑफ जेंडर केज

बॉलीवुड अदाकारा दीपिका पादुकोण के हॉलीवुड कलाकार विन डीजल के संग हॉलीवुड फिल्म ‘XXX: रिटर्न ऑफ जेंडर केज’ से हॉलीवुड में करियर शुरू करने की काफी चर्चाएं रही हैं. दीपिका पादुकोण के अभिनय को लेकर लंबी चौड़ी बातें की जा रही थीं.

विन डीजल खुद एक दिन के लिए इस फिल्म को दीपिका के साथ प्रमोट करने के लिए मुंबई आए. इतना ही नहीं पूरे विश्व में इस फिल्म के प्रोमोशन से एक सप्ताह पहले इसे भारत में प्रदर्शित किया गया. फिल्म को लेकर बहुत ढिंढोरा पीटा गया, पर फिल्म देखने के बाद ‘खोदा पहाड़, निकली चुहिया’ वाली बात ही उभर कर आती है.

फिल्म ‘XXX: रिटर्न ऑफ जेंडर कैज’ की कहानी के केंद्र में एथलिट और अमरीकन एजेंट जेंडर केज (विन डीजल) हैं. अचानक पूरे विश्व के सामने खतरा मंडराने लगता है. इसलिए जेंडर केज को एक मिशन पर निकलना पड़ता है. वह अपने इस मिशन में सेरिना (दीपिका पादुकोण), निक्स (क्रिस वू), एडिल वुल्फ (रूबी रोज), बेकी (नीना डोबरेव) को लेकर जाते हैं. उनकी टीम को एक अति शक्तिशाली व विनाशकारी हथियार पंडोरा बॉक्स की तलाश करनी है. पंडोरा बॉक्स की मदद से सेटेलाइट को निष्क्रिय कर नीचे जमीन पर गिराया जा सकता है. जिसकी वजह से पूरे विश्व पर संकट का आना तय है.

अब जेंडर केज की पूरी टीम का मकसद विश्व को इस खतरे से बचाना है. जेंडर केज की टीम लगभग सफल हो जाती है, पर अचानक कुछ सरकारी अधिकारी उनके सामने रोड़ा बनकर आ जाते हैं. पर अंततः जीत तो जेंडर केज व उनकी टीम की होती है.

फिल्म में विन डीजल के साथ दीपिका पादुकोण के चुंबन दृष्यों को नजरंदाज कर दें, तो इस फिल्म में हर कलाकार को बराबर का मौका मिला है, इसमें दीपिका के लिए कुछ खास नहीं है. इंटरवल से पहले तो दीपिका पादुकोण का किरदार बहुत कम समय के लिए पर्दे पर आता है. इंटरवल के बाद पूरी टीम के साथ वह भी हैं. फिल्म में एक्शन दृश्यों की ही भरमार है. आम हॉलीवुड और वह भी एक्शन प्रधान फिल्म की ही तरह इस फिल्म में भी इमोशन का घोर अभाव है. कुछ दृश्यों में दीपिका पादुकोण खूबसूरत लगी हैं. अन्यथा इसमें अभिनय के नाम पर उन्हें कुछ करना नहीं था. फिल्म में विन डीजल व दीपिका पादुकोण के साथ ही डॉली येन, रूबी रोज, नीना डोबरेव ने भी अच्छा काम किया है. फिल्म खत्म होने के बाद मेरी समझ में नहीं आया कि दीपिका पादुकोण बॉलीवुड में सारा काम धाम छोड़कर हॉलीवुड के नाम पर इस फिल्म के पीछे क्यों दीवानी थीं? कम से कम हॉलीवुड की यह फिल्म ऐसी फिल्म नहीं है, जिसे लोग याद रखना चाहें.

हां! फिल्म के तकनीकी पक्ष की जरुर तारीफ की जानी चाहिए. कैमरामैन भी तारीफ के हकदार हैं. मगर कथानक व संवादों के स्तर पर यह फिल्म बहुत निराश करती है. पटकथा के स्तर पर काफी कमियां हैं. फिल्म में रोचकता का अभाव है. एक्शन के शौकीन दर्शकों को फिल्म भा सकती है. शुरूआती एक दो दिन दीपिका पादुकोण व विन डीजल के नाम पर इस फिल्म को दर्शक मिल सकते हैं, अन्यथा फिल्म की असफलता तय है. वैसे टिपिकल हॉलीवुड फिल्में देखने के शोकीन दर्शकों के लिए भी यह फिल्म नहीं है.

एक घंटा 49 मिनट की अवधि वाली फिल्म ‘XXX: रिटर्न ऑफ जेंडर कैज’ के निर्देशक डी जे कारूसो हैं. फिल्म में दीपिका पादुकोण, विन डीजल, डॉनी येन, रूबी रोज, नीना डोबरेव, सैम्युअल जैक्सन, टोनी जा व अन्य ने काम किया है.

इश्क की वो कहानियां जिनसे आज भी गुलजार है बॉलीवुड

सच्चे प्यार की तलाश में आम आदमी से लेकर बॉलीवुड के टॉप स्टार तक भटकते हैं. बॉलीवुड के कुछ प्यार तो मुकाम तक पहुंच गए और कुछ को मुकम्मल नहीं हुई जहां. भारतीय सिनेमा की कुछ प्रेम-कहानियां ऐसी रही हैं जिन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं. जानिए इश्क की वो कहानियां जिनसे आज भी गुलजार है बॉलीवुड.

अमिताभ-रेखा

अमिताभ बच्चन 1976 में फिल्म ‘दो अंजाने’ के सेट पर रेखा से मिले थे. रेखा जिस समय बिग बी की जिंदगी में आईं थी उस समय वह शादीशुदा थें. दोनों के बीच प्यार की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरीं. रेखा ने खुद अमिताभ के साथ अपने संबंध को कबूला था जबकि बिग बी ने हमेशा इस मुद्दे पर चुप्पी बनाए रखी.

राज कपूर-नर्गिस

बॉलीवुड की प्रेम कहानियों की जब भी चर्चा होगी राज कपूर और नर्गिस का नाम हमेशा ही आएगा. दोनों के बीच प्यार की खूब चर्चा हुई. इन दोनों ने भी कभी इस प्यार को छुपाने की कोशिश नहीं की.

धर्मेंद्र-हेमा मालिनी

फिल्म ‘तुम हसीन मैं जवान’ के सेट पर धर्मेंद्र को हेमा मालिनी से प्यार हो गया. शादी करने के लिए दोनों ने इस्लाम धर्म कबूल किया. धर्मेंद्र पहले से शादीशुदा थे. उनकी पत्नी प्रकाश कौर ने उन्हें तलाक देने से इनकार कर दिया था.

गुरु दत्त-वहीदा रहमान

दोनों के बीच प्यार की खबरों को अफवाह करार दिया गया. अफवाहों की माने तो शादीशुदा गुरु दत्त और वहीदा रहमान के बीच प्यार उफान पर था. गुरु दत्त की शादी गीता दत्त से हो चुकी थी. वहीदा रहमान के प्यार के बाद ही गुरु दत्त आत्म-नाश की ओर चले गए थे.

शत्रुघ्न-रीना रॉय

70 के दशक में शत्रुघ्न सिन्हा और रीना रॉय के प्यार की काफी चर्चा थी. दोनों की प्रेम कहानी करीब सात साल चली. शत्रुघ्न सिन्हा खुद कह चुके हैं, ‘मेरा रीना रॉय के साथ रिश्ता मजबूत, पवित्र और बेहद निजी था. मेरी शादी के बाद लोगों का कहना था कि रीना रॉय की मेरे प्रति भावनाएं बदल गईं थी. हालांकि ये और मजबूत हो गई थी. मैं खुशनसीब हूं कि हमारा साथ 7 साल का था.’

जीनत-संजय

जीनत ने 70 के दशक में अपने बोल्ड और बिंदास अंदाज से रुपहले पर्दे पर आग लगा दी थी. उनके इसी अंदाज पर फिदा हो गए संजय खान. संजय खान वैसे तो शादीशुदा थे और तीन बच्चों के पिता भी. लेकिन जीनत ने उन्हें इस कदर दीवाना बनाया कि वो सबकुछ भूल बैठे, कहा तो ये भी जाता है कि दोनों ने चुपके से शादी भी कर ली. लेकिन दोनों के बीच कुछ ऐसा हुआ संजय ने सरेआम जीनत को पिटाई भी की जिसके बाद दरार दोनों अलग हो गए.

सलमान-ऐश्वर्या

सलमान खान और ऐश्वर्या राय की प्रेम कहानी को अगर बॉलीवुड की सबसे चर्चित प्रेम कहानी कहा जाए तो गलत नहीं होगा. दोनों को साथ देखकर लोगों को भी काफी अच्छा लगता था. हालांकि उतार-चढ़ाव के बाद दोनों के बीच प्यार का अंत हो गया.

शाहिद-करीना

करीना और शाहिद के रिश्ते में पहल करीना ने ही थी. शाहिद की पहली फिल्म देखने के बाद करीना उनकी दीवानी हो गईं थी. दोनों कई साल तक साथ रहे. यहां तक कि दोनों शादी भी करने वाले थे, लेकिन न जाने अचानक इनके बीच ऐसा क्या हुआ करीना ने शाहिद को छोड़ सैफ का दामन थाम लिया.

अनिल-माधुरी

अनिल कपूर और माधुरी दीक्षित के बीच प्यार होना मुश्किल नहीं था. रोमांटिक सीन्स और रोमांटिक सॉन्ग्स ने दोनों के प्यार को बढ़ावा दिया.

बोनी-श्रीदेवी

बोनी कपूर और उनकी स्वर्गीय पत्नी मोना कपूर ने श्रीदेवी के स्ट्रगलिंग दौर में उन्हें फिल्म में लिया था. इसी दौरान श्रीदेवी और बोनी कपूर के बीच प्यार परवान चढ़ा. बोनी कपूर ने मोना कपूर को तलाक देकर श्रीदेवी से शादी कर ली.

अक्षय-रवीना

90 के दशक में रवीना टंडन और अक्षय कुमार की प्रेम कहानी के काफी चर्चे थे. दोनों के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने चुपके से शादी भी कर ली थी. लेकिन बाद में अक्षय कुमार ने ट्विंकल खन्ना के साथ डेट करना शुरू कर दिया और रवीना टंडन से तलाक देने के लिए कह दिया.

अभिषेक-करिश्मा

करिश्मा और अभिषेक बच्चन का रिश्ता तो सगाई तक पहुंच गया था. दोनों ने 2002 में अमिताभ के 60वें जन्मदिन पर सगाई भी कर ली और 2003 में उनकी शादी होने वाली थी, लेकिन उससे पहले जनवरी 2003 में अचानक मीडिया में खबर आई कि दोनों की सगाई टूट गई है. करिश्मा ने दिल्ली के व्यवसायी संजय कपूर से शादी कर ली. और बाद में अभिषेक ने ऐश्वर्या राय से शादी कर ली.

लारा-केली

लारा दत्ता और केली दोरजी के बीच रिश्ता करीब आठ सालों तक रहा. इस दौरान दोनों साथ भी रहे और शादी करने का भी प्लान किया, हालांकि इनके बीच भी प्यार परवान चढ़कर खत्म हो गया.

रणबीर-दीपिका

रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण के बीच प्यार परवान भी चढ़ा और फिर दोनों का ब्रेक-अप भी हो गया. ऑफ स्क्रीन ब्रेक-अप के बाद दोनों एक बार फिर ऑन स्क्रीन फिल्म ‘ये जवानी है दीवानी’ में साथ नजर आएंगे. दोनों के बीच दोस्ती एक बार फिर चर्चा बन रही है.

जॉन-बिपाशा

फिल्म ‘जिस्म’ में साथ काम करने के बाद जॉन अब्राहम और बिपाशा बसु ने डेट करना शुरू कर दिया था. दोनों की जोड़ी को बॉलीवुड की सबसे हॉट जोड़ी भी माना जाता था. लंबे समय तक साथ रहने के बाद जॉन और बिपाशा भी अलग हो गए.

आदित्य-कंगना

आदित्य पंचोली और कंगना रनौत के बीच प्यार ने खूब सुर्खियां बटोरीं लेकिन इसका कारण ये नहीं था कि आदित्य शादीशुदा हैं बल्कि पंचोली खुद कबूल चुके हैं कि उनके कई अफेयर रहे हैं.

शाहरुख-प्रियंका

किंग खान और प्रियंका चोपड़ा के बीच प्यार की खबरें सबके लिए चौंकाने वाली थीं. शाहरुख खान को बॉलीवुड का सबसे लॉयल पति माना जाता है, लेकिन उसके बाद किंग खान की जिंदगी में प्रियंका चोपड़ा आई.

बर्थडे स्पेशल: फूलन का किरदार निभा रात भर रोई थीं सीमा

बैंडिट क्वीन फेम सीमा विश्वास आज अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं. अपने करियर के शुरूआत में ही बैंडिट क्वीन जैसी बोल्ड फिल्म देने के बाद से ही सीमा सुर्खियों में आ गई थीं. उनके जन्मदिन पर जानिए उनसे जुड़े रोचक तथ्य.

बैंडिट क्वीन से मिली पहचान

असम की रहने वाली सीमा विश्वास वैसे तो कई फिल्मों में काम कर चुकी हैं लेकिन उनकी असली पहचान 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ (1994) से हुई थी. उन्होंने इस फिल्म में दमदार एक्टिंग की है. ये फिल्म डकैत फूलन देवी के जीवन पर आधारित थी.

रात-रात भर रोती थीं सीमा

सीमा के अनुसार फिल्म में न्यूड सीन के चलते बहुत विवाद हुआ था. इसके कारण उन्हें रात-रात भर रोना पड़ा था. इस सीन को शूट करते समय डायरेक्टर और कैमरामैन के अलावा सभी का अंदर आना मना था. कई लोग इस किरदार की वजह से उन्हें पसंद नहीं करते थे.

बचपन में नहीं था कोई दोस्त

सीमा बचपन से ही अकेली रहती थीं और उन्हें कोई अपना दोस्त बनाने को तैयार नहीं होता था. सीमा  मानना है कि उनकी लुक के कारन लोग उनसे दूरी बनाए रखते थे.

उम्दा थिएटर कलाकार

सीमा का नाम सिर्फ फिल्मों तक नहीं थिएटर में भी है. वह रंगमंच की एक मंझी हुई कलाकार हैं. इसके लिए उन्हें कई अवॉर्ड भी मिले.

अवॉर्ड

सीमा को बैंडिट क्वीन के लिए नैशनल फिल्म अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. साल 2000 में उन्हें संगीत नाटक अकैडमी अवॉर्ड और2006 में बेस्ट एक्ट्रेस गिनि अवॉर्ड से भी नवाजा गया.

टीनएज लौंजरी चुनने से पहले

टीनएज में अकसर हम यह गलती करते हैं कि किसी भी ड्रैस के साथ कोई भी ब्रा पहन लेते हैं, सोचते हैं क्या फर्क पड़ता है. लेकिन आप को यह जानना बहुत जरूरी है कि कौन सी ड्रैस के साथ कौन सी ब्रा पहननी चाहिए. जरा सोचिए, अगर आप ने एक अच्छी सी महंगी ड्रैस पहनी है लेकिन आप ने उस के साथ अपनी पुरानी नौर्मल ब्रा पहन ली, जबकि उस ड्रैस के साथ आप को पैडेड ब्रा पहननी चाहिए थी, तो आप का लुक अट्रैक्टिव नहीं लगेगा और आप का मूड खराब हो जाएगा.

ऐसे में मांओं को चाहिए कि टीनएज गर्ल के लिए जब आप शौपिंग पर जाएं, तो उन के लिए अलगअलग वैराइटी व डिजाइंस की लौंजरी जरूर खरीदें ताकि लौंजरी फैशन में भी वे अपडेट रहें.

टीशर्ट ब्रा: टीशर्ट ब्रा में शेप देने के लिए हलका सा पैड लगा होता है. यह आरामदायक होने के साथसाथ क्लीन लुक देती है, खासकर तब जब आप ने फिटिंग की और पतली ड्रैस पहनी हो.

स्ट्रैपलैस ब्रा: जैसाकि नाम से ही पता चल रहा है कि इस में स्ट्रैप नहीं होता. अगर आप स्ट्रैपलैस ड्रैस, टैंक टौप, हौल्टर नैक पहन रही हैं, तो इस ब्रा का चुनाव करें. स्ट्रैपलैस ब्रा खरीदते समय यह जरूर ध्यान रखें कि ब्रा के साइड और पीछे की पट्टी चौड़ी हो ताकि ब्रा सही जगह पर टिकी रहे और आप को अच्छी फिटिंग दे.

पुशअप ब्रा: टीनएज में लड़कियां सोचती हैं कि पुशअप ब्रा की उन्हें क्या जरूरत, लेकिन अगर आप चाहती हैं कि आप की फिगर अच्छी लगे, तो आप के पास यह ब्रा जरूर होनी चाहिए. इस ब्रा के अंदर जैलयुक्त कप लगा होता है, जो ब्रैस्ट को उभार प्रदान करता है. यह कई अलगअलग डिजाइंस, कलर, प्रिंट व लेस वर्क में आती है.

वायरलैस ब्रा: यह काफी आरामदायक होती है. अगर आप को अंडरवायर ब्रा में कंफर्ट फील नहीं होता, तो यह आप के लिए बैस्ट औप्शन है. यह टौप, ड्रैस, स्वैट शर्ट पर अच्छी लगती है.

पैडेड ब्रा: यह उन लड़कियों के लिए परफैक्ट है जिन की ब्रैस्ट छोटी है. वे इस से उभार पा सकती हैं. पैडेड ब्रा से आप लो कट ड्रैस में भी अपनी क्लीवेज उसी तरह से दिखा सकती हैं जैसेकि भारी ब्रैस्ट वाली लड़कियां दिखाती हैं.

मिनिमाइजर ब्रा: यह उन के लिए उपयोगी है जिन की बौडी थोड़ी कर्वी है और ब्रैस्ट थोड़े बड़े. यह ब्रा उन के कप साइज को थोड़ा कम कर के बेहतर लुक देती है.

रिमूवबल पैडिंग ब्रा: इस ब्रा में एक पौकेट होती है जिस में जरूरत पड़ने पर पैड डाला जाता है. यह उन के लिए परफैक्ट है, जो हर दिन पैडेड ब्रा नहीं पहनना चाहतीं, सिर्फ खास मौके पर ही पहनना चाहती हैं.

सिलिकौन पैडिंग: इस ब्रा को सीधे स्किन पर लगाया जाता है. यह स्किन जैसी नरम होती है. इसे लगाने पर आप को इस का एहसास भी नहीं होगा. इसे आप बैकलैस ड्रैस, सैंटर कट ड्रैस के साथ कैरी कर सकती हैं. अपने वार्डरोब में इसे जरूर शामिल करें.

फैब्रिक पर भी दें ध्यान: इस उम्र में  त्वचा काफी संवेदशील व कोमल होती है. कुछ लड़कियों को तुरंत सिंथैटिक फैब्रिक से ऐलर्जी होने लगती है, इसलिए कोशिश करें कि कौटन फैब्रिक से बने इनरवियर का चुनाव करें. फैब्रिक पर ध्यान देने के साथसाथ यह भी देखें कि ब्रा कितनी टिकाऊ और फैशनेबल है, क्योंकि जब तक आप अंदर से कौन्फिडैंट नहीं होंगी, बाहर से खूबसूरत नहीं लगेंगी.

इन बातों का रखें ध्यान

– लौंजरी हमेशा ब्रैंडेड ही खरीदें, क्योंकि उन के पास प्रोफैशनल होते हैं जो सही ब्रा चुनने में मदद करते हैं.

– टीनएज में ब्रा खरीदते समय थोड़ी हिचकिचाहट होती है लेकिन आप ऐसा न करें, बल्कि न्यूड, व्हाइट, ब्लैक और पेस्टल कलर की ब्रा के अलावा भी अलगअलग कलर की ब्रा जरूर खरीदें.

चावल के आटे से चमकेगा आपका चेहरा

स्क‍िन से जुड़ी बहुत सी परेशानियों को हम घर में मौजूद सामान की मदद से ही दूर कर सकते हैं. हमारे किचन में ही ऐसी कई चीजें होती हैं जिनका सही इस्तेमाल करके हम बहुत सी परेशानियों को दूर कर सकते हैं.

इन घरेलू उपायों का सबसे बड़ा फायदा ये है कि इनका कोई साइडइफेक्ट नहीं होता है. साथ ही इनके लिए मोटी रकम भी खर्च नहीं करनी पड़ती. चावल का आटा भी एक ऐसा ही उपाय है जिसके इस्तेमाल से आप त्वचा से जुड़ी कई समस्याओं को दूर कर सकती हैं.

चावल के आटे के फायदे

टैनिंग की प्रॉब्लम दूर करने में मददगार

चावल का आटा टैनिंग दूर करने में मददगार है. 1 चम्मच चावल के आटे में नींबू का रस मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लीजिए. इसे चेहरे पर लगाकर सूखने के लिए छोड़ दें. उसके बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें.

आंखों के नीचे के काले घेरों को दूर करने में फायदेमंद

दो चम्मच चावल के आटे में आधे पके हुए केले को या फिर एक चम्मच मलाई को अच्छी तरह फेंट लें. आप चाहें तो इस मिश्रण में एक चम्मच बादाम का तेल भी मिला सकते हैं. इस पेस्ट को आंखों के नीचे लगाने से काले घेरे दूर हो जाएंगे.

एंटी-एजिंग फेस मास्क

चावल का आटा एक बेहतरीन एंटी-एजिंग मास्क है. इसमें अंडे को फेंट लें. इस मिश्रण में एक से दो बूंद ग्ल‍िसरीन भी मिला लें. इसे चेहरे पर लगाकर सूखने दें. सूखने के बाद चेहरे को हल्के गुनगुने पानी से साफ कर लें.

कील-मुंहासों की प्रॉब्लम

चावल के आटे में एक चम्मच शहद और एलोवेरा जेल मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लीजिए. इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाने से कुछ ही दिनों में कील-मुंहासों की प्रॉब्लम दूर हो जाएगी.

फिल्म रिव्यू: ओ के जानू

मणि रत्नम निर्देशित तमिल फिल्म‘ ‘ओ कदल कंमनी’’ की हिंदी रीमेक फिल्म ‘‘ओ के जानू’’ एक रोमांटिक फिल्म है. पर तमिल फिल्म के मुकाबले हिंदी फिल्म कहीं नहीं ठहरती.

फिल्म की कहानी शुरू होती है मुंबई से. जहारं गोपी श्रीवास्तव (नसिरूद्दीन शाह) और चारूलता (लीला सैम्सन) के मकान में आदित्य (आदित्य रॉय कपूर) किराएदार है.

गोपी अपनी अल्जमाइजर से पीड़ित पत्नी चारूलता की सेवा करते रहते हैं. 25 वर्षीय आदित्य गुंजन लखनऊ से आया हुआ वीडियो गेम डिजायनर है. मुंबई में वीडियो गेम्स की कंपनी में नौकरी कर रहा है. उसके सपने बहुत बड़े हैं. वह अमेरिका जाना चाहता है. उसे वीडियो गेम्स में नाम व पैसे कमाने हैं. अमेरिका जाने में अभी छह माह  का समय है. तो वह मुंबई शहर को देख व समझ रहा है. मौज मस्ती कर रहा है. दोस्तों के साथ घूम रहा है. वह रिश्तों में ज्यादा उलझना नहीं चाहता. एक दिन एक मित्र जेनी की शादी में उसकी मुलाकात हाल ही मेंकालेज से आर्किटेक्ट की पढ़ाई पूरी कर निकली तारा (श्रद्धा कपूर) नामक अति महत्वाकांक्षी लड़की से होती है.

तारा का सपना पेरिस जाकर आर्किटेक्ट की उच्च शिक्षा हासिल करना है. वह पूरी तरह से करियर ओरिएंटेड है. उसका सारा ध्यान अपने करियर पर है. तारा को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि दूसरे उसको लेकर क्या कह रहे हैं? वह हमेशा अपनी मनमर्जी का काम करती है.

बहरहाल, आदित्य व तारा एक दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं और फिर एक दिन आदित्य व तारा जाकर गोपी से बात करते हैं और अंत में दोनों एक साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगते हैं. दोनों कहते हैं कि उन्हे शादी नहीं करनी है. मगर जब दोनों को अपने करियर के लिए मुंबई से अमेरिका व पेरिस निकलने में दस दिन का समय बचता है, तो आदित्य व तारा दोनों एक दूसरे से अपने दिल की बात कह बैठते हैं.

नसिरूद्दीन शाह, लीला सैम्सन, आदित्य रॉय कपूर और श्रद्धा कपूर के अच्छे अभिनय के बावजूद निर्देशक शाद अली की कमजोरी के चलते यह फिल्म दर्शकों को बांधकर नहीं रख पाती. यहां तक कि संगीतकार ए आर रहमान का संगीत भी दर्शकों को बांध नहीं पाता. फिल्म में नकली मिठास वाली प्रेम कहानी नजर आती है. अफसोस की बात है कि मणि रत्नम लिखित पटकथा को परदे पर उतारने में शाद अली बुरी तरह से असफल रहे हैं. करियर, प्यार व शादी में से किसे चुने जैसा एक अति सामायिक विषय को परदे पर ठीक से उभर ही नही पाया.

लेखक ने फिल्म में बुजुर्ग दंपति गोपी श्रीवास्तव व चारूलता की अतीत की जिंदगी को रेखांकित कर यह दिखाने का प्रयास नहीं किया कि इनके बीच पर कैसे प्यार पल्लवित हुआ और आज भी इनकी जिंदगी में प्यार की महक बरकरार है. गुलजार के संवाद व गीत भी प्रभावित नही करते.

इस फिल्म में आदित्य रॉय कपूर और श्रद्धा कपूर के बीच ‘आशिकी 2’ जैसी आन स्क्रीन केमिस्ट्री का भी अभाव नजर आता है. जबकि दोनों ने अपनी तरफ से बेहतरीन परफार्मेंस दी है. यहां कमजोर पटकथा व निर्देशकीय कमजोरी उभरती है. दिल के जिस अहसास को तीन चार दृश्यों में बयां किया जा सकता था, उसके लिए निर्देशक ने आधी फिल्म खत्म कर दी. फिल्म काफी धीमी गति से आगे बढ़ती है. कथानक के स्तर पर वही दोहराव है. फिल्म का अंत पहले से ही लोगों को पता रहता है. फिल्म में इमोशन का घोर अभाव है. फिल्म  के अंत में  थोड़ा बहुत इमोशन संभाला गया है. पर फिल्म कुल मिलाकर मनोरंजन करने की बजाय बोर ही करती है.

दो घंटे 15 मिनट की अवधि वाली फिल्म ‘‘ओ के जानू’’ का निर्माण मणि रत्नम, करण जोहर, अपूर्वा मेहता,हीरु यश जोहर ने ‘मद्रास टॉकीज’ व ‘धर्मा प्रोडक्शन’ के बैनर तले किया है. निर्देशक शाद अली, कथा व पटकथा लेखक मणि रत्नम, संवाद लेखक व गीतकार गुलजार, संगीतकार ए आर रहमान, कैमरामैन रवि के चंद्रन तथा फिल्म के कलाकार हैं- आदित्य रॉय कपूर, श्रद्धा कपूर, लीला सैम्सन, नसिरूद्दीन शाह, करण नाथ व अन्य

जब सर्जरी ने खराब किया इस एक्ट्रेस का करियर

फिल्म इंडस्ट्री में प्लासटिक सर्जरी के किस्से आम हैं लेकिन क्या आपने कभी ये सुना है कि सर्जरी के कारण एक एक्ट्रेस की करियर दांव पर लग गई. नहीं ना, तो जानिए.   

कोएना मित्रा तो आप सब को याद होंगी. हैं ना. अगर नहीं तो कोई बात नहीं हम आपको याद दिला देते हैं. 2002 में प्रदर्शित राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘रोड’ से बॉलीवुड में डेब्यू करने वाली कोयना मित्रा ने ‘मुसाफिर’, ‘एक खिलाड़ी एक हसीना’, इंसान और ‘अपना सपना मनी मनी’ जैसी फिल्मों में काम किया था. लेकिन इस हसीना के साथ कुछ ऐसा हुआ जिससे उनका फिल्मी करियर दांव पर लग गया.

दरअसल, कोएना अपने चेहरे-मोहरे से ज्यादा आश्वस्त नहीं थीं और उसे और ज्यादा खूबसूरत बनाने के लिए कोएना ने प्लास्टिक सर्जरी का सहारा लिया और नाक की सर्जरी करवाई. लेकिन इस सर्जरी का उल्टा ही असर हुआ. उनका चेहरा और भी बदसूरत हो गया जिसकी वजह से उनके करियर पर काफी असर पड़ा.

जहां एक वक्त पर कोयना कई फिल्मों में एक्टिंग के अलावा आइटम नंबर भी कर रही थीं, वहीं बाद में फिल्म निर्देशक उन्हें अपनी फिल्मों में लेने से कतराने लगे. इसके चलते उनके पास काम की कमी हो गई और उन्हें घर बैठना पड़ा.

इस दौरान कोयना मित्रा ने ना सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली बल्कि हर जगह आना जाना छोड़ दिया. खराब सर्जरी की वजह से उनकी हड्डियां फूल गईं और इसकी वजह से उन्हें काम मिलना बंद हो गया.

एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कोएना ने बताया था कि डॉक्टरों ने भी उन्हें जवाब दे दिया था और कहा था कि अब सिर्फ दवाईयां और प्रार्थना ही काम आ सकती हैं. लेकिन कोएना ने हिम्मत नहीं हारा और एक वक्त के बाद उसी बिगड़े हुए चेहरे के साथ बाहर आना जाना शुरु कर दिया.

जहां कोएना अपनी किस्मत को कबूल कर चुकी थीं वहीं लोग उन्हें कबूल करने के लिए तैयार नहीं थे.

काजोल से मेरा कोई रिश्ता नहीं: करण

बॉलीवुड फिल्म मेकर करण जोहर और एक्ट्रेस काजोल की गहरी दोस्ती से सभी वाकिफ हैं लेकिन अब लगता है दोनों की दोस्ती में खटास आ गई है. जी हां, कुछ समय से दोनों के बीच की खटास की खबरें आ रही हैं, लेकिन अब तो खुद करण ने अपनी दोस्ती पर एक बड़ बयान दे दिया है.

दरअसल, करण ने अपनी बायोग्राफी ‘एन अनसूटेबल ब्वॉय’ में लिखा है, “अब सब खत्म हो गया है और वो मेरी लाइफ में कभी वापस नहीं आ सकतीं. मुझे लगता है वो भी यही चाहती हैं. एक समय पर वो मेरी लाइफ का एक अहम हिस्सा थीं, लेकिन अब सब खत्म हो गया है. उन्होंने मेरे 25 साल के इमोशन को खत्म कर दिया है.”

सूत्रों के मुताबिक दोनों के बीच चल रहे विवाद की वजह अजय देवगन हैं क्योंकि जबसे इस बात का खुलासा हुआ था कि अजय की फिल्म ‘शिवाय’ और करण की ‘ऐ दिल है मुश्किल’ एक दिन रिलीज होने वाली है, तबसे काजोल-करण के बीच विवाद शुरू हुआ.

‘शिवाय’ की रिलीज के समय खबरें आ रही थी कि करण ने किसी को पैसे देकर काजोल के पति अजय की इमेज को खराब करने के लिए कहा है. उस बारे में बताते हुए करण ने अपनी किताब में लिखा है, ‘उस समय बहुत सी बातें कही गईं. मुझ पर बहुत से आरोप लगाए गए. हालांकि मैं इन सब चीजों से परेशान या दुखी नहीं था. लेकिन जब काजोल ने ट्वीट कर ‘शॉकड’ लिखा, जब मैं समझ गया कि अब हमारी दोस्ती में कुछ नहीं बचा है.’

करण की बातों से तो यही लगता है कि काजोल के बर्ताव से उनके दिल को गहरी ठेस पहुंची है और वो किसी भी सूरत में उनके संबंध जोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं.

करण ने काजोल के साथ आखिरी बार ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में काम किया था. इस फिल्म के एक गाने में काजोल ने शाहरुख के साथ एपीयरेंस दी थी, जबकि ‘माई नेम इज खान’ काजोल की बतौर हीरोइन आखिरी फिल्म है, जिसे करण ने डायरेक्ट किया था.

करण की प्रोफेशनल लाइफ के बारे में बात करें तो जल्द ही उनके द्वारा निर्मित फिल्म ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ रिलीज होने वाली है. फिल्म में वरुण धवन और आलिया भट्ट लीड रोल में होंगे.

पैकिंग से अर्निंग

आज की व्यस्ततम जीवनशैली में लोग भले ही एकदूसरे को समय नहीं दे पा रहे लेकिन उन के बीच शिष्टाचार की कमी नहीं आई, कम से कम इस संदर्भ में कि वे भिन्नभिन्न मौकों पर एकदूसरे को ‘विश’ करना नहीं भूलते, साथ ही गिफ्ट देने/पहुंचाने में देरी नहीं करते. वैसे भी पश्चिमी कल्चर या यों कहें कि मौडर्न कल्चर में गिफ्ट देनेलेने की परंपरा चलन में खूब है.

भारतीय समाज में हालांकि उपहार की परंपरा हमेशा से रही है लेकिन पश्चिम के प्रभाव के चलते यह ज्यादा फलफूल रही है. इस में शक नहीं कि यह मौडर्न परंपरा समाज में मोहब्बत व खुशहाली का प्रतीक बन कर उभरी है. वहीं, इस के चलते गिफ्ट पैकिंग का काम बढ़ा है और लोग घर बैठे इस काम से खासी कमाई कर रहे हैं.

जो दिखता है वही बिकता है, अब ऐसा नहीं रहा बल्कि आज जो खूबसूरत दिखता है वही बिकता है. इसी थ्योरी पर आधारित यह व्यवसाय उन सभी के लिए परफैक्ट है जो अपनी रचनात्मकता और थोड़ी सी रकम के इन्वैस्टमैंट से घर बैठे खासा कमाना चाहते हैं. गिफ्ट पैकिंग एक सदाबहार, फलताफूलता व्यवसाय है.

कैसे करें शुरुआत

गिफ्ट पैकिंग का व्यवसाय शुरू करने के लिए आप 5 से 10 हजार रुपए के निवेश से भी शुरुआत कर सकती हैं. आप चाहें तो इस के लिए ट्रेनिंग भी ले सकती हैं. मार्केट में अपने व्यवसाय को पहचान दिलाने के लिए सर्वप्रथम उसे एक अच्छा नाम दें.

ध्यान रखें, नाम ऐसा हो जिस से रचनात्मकता झलके. उस के बाद उस जगह का निर्धारण करें जहां से आप अपने व्यवसाय की शुरुआत करेंगी. यह जगह घर का कोई कोना भी हो सकता है. साथ ही, आप को चाहिए एक बड़ी टेबल जिस पर रख कर आप गिफ्ट की पैकिंग करेंगी.

पैकिंग के लिए जरूरी सामग्री

पैकिंग के लिए पहली जरूरी सामग्री वैरायटी औफ गिफ्ट रैपिंग पेपर है. पेपर का चुनाव इस आधार पर करें कि आप किस अवसर व किस के लिए पैकिंग कर रही हैं, जैसे बर्थडे पार्टी के लिए बच्चों के हिसाब से आकर्षक पैकिंग पेपर, कौर्पोरेट पैकिंग के लिए न्यूट्रल शेड के पेपर, इस के अलावा हैंडमेड पेपर, एंबोस्ड पेपर, फैंसी रिबन, हैंडमेड गिफ्ट बैग्स, औरगेंजा, टिश्यू, सैलोफेन शीट्स, आकर्षक फ्लावर्स, वुडन, मैटल ट्रे, बौक्सेज, फैवीकौल, कैंची, डबल टेप आदि.

उपहारों के लेनदेन का चलन आजकल विभिन्न अवसरों पर हो रहा है, मसलन शादीविवाह, बच्चे के जन्म, पहले जन्मदिन की पार्टी, मैरिज एनीवर्सरी, कौर्पोरेट गिफ्टिंग, दीवाली, होली, तीज, करवाचौथ तथा दूसरे त्योहारों के अवसर आदि. और्डर प्राप्त करने के लिए आप मौल्स व लोकल व गिफ्ट स्टोर्स से संपर्क कर सकती हैं.

गिफ्ट पैकिंग के लिए ग्राहकों की तलाश आप अपने व्यवसाय के प्रचारप्रसार से कर सकती हैं. आप अपनी कस्टमर फ्रैंडली वैबसाइट बना सकती हैं. इस में आप अपनी गिफ्ट पैकिंग की खूबसूरत पिक्चर्स अपलोड कर सकती हैं. वैबसाइट पर पैकिंग के साइज के अनुसार रेट की जानकारी अवश्य दें, ताकि अगर कोई चाहे तो वहीं से और्डर कर सके. आप सोशल मीडिया पेज भी बना सकती हैं. अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए ग्राहकों के साथ नियमित रूप से संपर्क में रहें. विज्ञापन के लिए पोस्टर, बैनर्स, पैम्फ्लैट्स का प्रयोग भी कर सकती हैं.

सीखें नया नया

आप अपने ग्राहकों का एक फीडबैक रजिस्टर अवश्य रखें ताकि आप के पास उन के कौंटैक्ट डिटेल्स भी रहें साथ ही, आप उन की राय भी जान सकें और बेहतर काम कर सकें. इस जानकारी के आधार पर उन से विभिन्न अवसरों पर पैकिंग के लिए संपर्क कर सकती हैं. अपनी पैकिंग में हमेशा वैरायटी रखें और हमेशा नयानया सीखती रहें. इस व्यवसाय में जब तक आप में रचनात्मकता है, आप बनी रह सकती हैं बिना किसी रिटायरमैंट के.

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