“ब्रेकअप के बाद बदल गईं कटरीना”

बदलाव प्राकृति का नियम है. कहते हैं कि रिश्ता जुड़ने या टूटने का गहरा असर लोगों पर पड़ता है. ऐसे में कई बदलाव भी देखने को मिलते हैं. फिल्ममेकर अनुराग बसु की मानें तो रणबीर कपूर से ब्रेकअप के बाद कट्रीना कैफ में भी काफी बदलाव आ गए हैं.

कट्रीना और रणबीर इन दिनों अनुराग बसु के निर्देशन में बनी ‘जग्गा जासूस’ में व्यस्त हैं. अनुराग ने बताया कि कट्रीना ने इस बात का पूरा ख्याल रखा कि ब्रेकअप का असर ‘जग्गा जासूस’ पर ना पड़े. उन्होंने कहा, ‘ब्रेकअप के बाद कट्रीना पहले से ज्यादा प्रोफेशनल हो गई हैं. यही वजह रही कि ब्रेकअप के बाद भी फिल्म की शूटिंग पर कुछ खास प्रभाव नहीं पड़ा. ब्रेकअप होने के बाद तो कट्रीना फिल्म के प्रति ज्यादा सर्तक हो गईं.’

हालांकि अनुराग बसु को अंदाजा नहीं था कि कट्रीना और रणबीर ब्रेकअप के बाद इतना नॉर्मल बिहेव करेंगे. उन्होंने कहा, ‘मैं हैरान था. ये लोग ऐसे बिहेव कर रहे थे, जैसे कुछ हुआ ही नहीं है. वैसे पहले मुझे डर था कि कैमरे में इनके बीच वो सब ना नजर आए, जो मैं नहीं दिखाना चाहता हूं.’

उन्होंने कहा, ‘कट्रीना और रणबीर प्रोफेशनल हैं. वो समझते हैं कि काम के आड़े पर्सनल रिलेशन नहीं आना चाहिए. वैसे इससे पहले भी हमने कई एक्टर्स को ब्रेकअप के बाद साथ काम करते हुए देखा है.’

बता दें कि ‘जग्गा जासूस’ एक कॉमेडी-ड्रामा है, जिसमें रणबीर और कट्रीना लीड रोल में हैं. रणबीर फिल्म में एक जासूस की भूमिका में नजर आएंगे. फिल्म अगले साल 7 अप्रैल को रिलीज होगी.

कौन है रणबीर के स्टाइल आइकॉन?

फिल्म अभिनेता रणबीर कपूर का कहना है कि महानायक अमिताभ बच्चन उनके स्टाइल आइकॉन है. रणबीर कपूर ने बताया, ‘मेरे बचपन से ही अमिताभ बच्चन मेरे स्टाइल आइकॉन रहे हैं. यहां तक कि अभी तक वे सर्वश्रेष्ठ अभिनेता हैं और आप उन्हें सुखिर्यों से दूर नहीं रख सकते हैं.’

फिल्म ‘ये जवानी है दीवानी’ के अभिनेता ने फैशन डिजाइनर कुनाल रावल के लिए लक्मे फैशन वीक विंटर फेस्टिवल 2016 में रैंप वॉक किया है. उनका कहना है कि उनकी दादी कृष्णा राज कपूर उनके लिए ‘सर्वाधिक स्टाइलिश महिला’ हैं.

जब बात व्यक्तिगत स्टाइल की आती है तो ऐसे में कपूर का कहना है कि वह एक फैशन आइकॉन के रूप में अपनी पहचान नहीं बनाना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, ‘मैं एक ऐसा व्यक्ति हूं जो हमेशा जींस, टी-शर्ट, टोपी और जूता पहना हुआ दिखता है. मैं नहीं समझता कि क्यों कोई व्यक्ति मेरे स्टाइल को अपनाएगा. मैं फैशन के ब्लॉगों को नहीं पढ़ता हूं और न ही ये सब मेरे लिए महत्वपूर्ण है.’

चलो महाराष्ट्र के समुद्री तटों पर टहल आयें

हम जब भी महाराष्ट्र का नाम सुनते हैं हमारे जेहन में सबसे पहले दो ही नाम आते हैं, बौलीवुड और मुंबई. पर क्या आपको पता है कि यहां 700 किलोमीटर से भी लंबा समुद्री तट है जिसके किनारे स्थित खूबसूरत बीच हर साल यहां आने वाले पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं?

घुड़सवारी से लेकर ऊंट की सवारी तक, स्कूबा डाइविंग से लेकर सर्फिंग और स्विमिंग जैसे कई मजेदार क्रियाओं का आप यहां भरपूर लुफ्त उठा सकते हैं. इतना ही नहीं, अगर आप ऑथेंटिक सी फूड खाने के लिए बहुत उत्सुक और लालायित हैं तो यहां आपको सी फूड खाने का भी मौकी मिलेगा. अगर आप शाकाहारी हैं, तो भी कोई बात नहीं! यहां आपको अलग-अलग तरह के लजीज चाट भी मिलेंगे.

इन सबके अलावा आप यहां सूर्यास्त के समय समुद्री तट पर बैठकर अपनी जिन्दगी के सबसे सुन्दर और शांत पल को अनुभव करेंगे. तो चलिए चलते हैं महाराष्ट्र के ऐसे ही कुछ खूबसूरत बीचों की सैर पर जहां के नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे.

गणपतिपुले बीच

मुंबई से लगभग 375 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गणपतिपुले के समुद्र तट पर सफेद, चांदी सी रेत है. महाराष्ट्र के अन्य बीचों से अलग इस बीच में ज्यादा भीड़ नहीं होती इसलिए आप यहां आकर शांति का भरपूर मजा ले सकते हैं. इस बीच को कायाकिंग खेल के लिए जाना जाता है.

वेलनेश्वर बीच

महाराष्ट्र के रत्नागिरी शहर से लगभग 170 किलोमीटर और मुंबई से लगभग 370 किलोमीटर की दूरी पर स्थित वेलनेश्वर बीच स्विमिंग(तैराकी) और सनबाथिंग के लिए बिलुकल परफेक्ट जगह है.

वेंगुर्ला मालवण बीच

मुंबई से लगभग 514 किलोमीटर की दूरी पर स्थित घने हरे-भरे काजू के पेड़, आम के पेड़, नारियल के पेड़ और खजूर के पेड़ों से घिरा सफेद चमकता रेत का लंबा वेंगुर्ला मालवण बीच पर्यटकों के लिए एक आदर्श स्थान है.

तारकर्ली बीच

तारकर्ली गांव कोल्हापुर से लगभग 160 किलोमीटर दूर बसा एक छोटा सा गांव है. कर्ली नदी और अरब सागर के तट पर बसा तारकर्ली बीच प्रकृति के निर्मल दृश्य में मज़े लेने के लिए सबसे परफेक्ट जगह है.

किहिम और मंडवा बीच

मुंबई से लगभग 120 किलोमीटर दूर और अलीबाग के समीप ही स्थित नारियल और चीड़ के पेड़ों से घिरा, किहिम और मंडवा बीच एक सुरम्य समुद्री तट है. आप यहां सर्फिंग और कैंपिंग के भी मजे ले सकते हैं.

किहिम मंडवा बीच

मुंबई से लगभग 120 किलोमीटर दूर और अलीबाग के समीप ही स्थित नारियल और चीड़ के पेड़ों से घिरा, किहिम और मंडवा बीच एक सुरम्य समुद्री तट है. आप यहां सर्फिंग और कैंपिंग के भी मजे ले सकते हैं.

काशिद बीच

अरब सागर के किनारे स्थित काशिद बीच, क्रिस्टल की तरह साफ नीले समुद्र के पानी और सफेद चमकीले रेत के साथ एक सुरम्य दृश्य बनाता है. अलीबाग से केवल 30 किलोमीटर दूर स्थित यह बीच चहल पहल वाली दुनिया से दूर राहत के कुछ पल बिताने के लिए सबसे बेस्ट जगह है. आप यहां घुड़सवारी के भी भरपूर मजे ले सकते हैं.

दहानू बोरडी बीच

मुंबई से लगभग 145 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दहानू से बोरडी तक 17 किलोमीटर लंबा समुद्री तट अपने अद्भुत प्राकृतिक दृश्य के लिए पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है. तट पर बैठ मछुआरों की रोजाना दिनचर्या को देखना यहां का सबसे अलग नजारा है. फीशिंग के लिए प्रसिद्ध इस समुद्री तट पर आपको एक अलग ही अनुभव प्राप्त होगा. आप यहां अपने मछली पकड़ने के शौक को भी पूरा कर सकते हैं.

मार्वे मनोरी बीच

अगर आपको पार्टी करना पसंद है तोह इस बीच पर ज़रूर आएं. मुंबई से लगभग 40 किलोमीटर दूर बसा मार्वे मनोरी बीच बोरीवल के नाम से भी जाना जाता है. यह मछली पकड़ने का भी एक छोटा सा गांव है जहां आपको सूर्योदय और सूर्यास्त के खूबसूरत नजारों के दर्शन होंगे.

विवाह कानून में परिवर्तन हो पर व्यावहारिक नजरिए से

यह खेद की बात है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार समान व्यक्तिगत कानून पर विचार करने को तैयार नहीं है. भगवा मंडली का यह पुराना एजेंडा है कि व्यक्तिगत कानून एकजैसे हों ताकि वे मुसलमानों से तलाक, मेहर व 4 पत्नियां रखने तक का हक छीन सकें. लेकिन इन कट्टरपंथियों को यह नहीं मालूम कि समान व्यक्तिगत कानून में हिंदू विवाह कानून और हिंदू संयुक्त परिवार भी पिस जाएंगे.

आज हिंदू विवाह पाखंडों का एक बड़ा जखीरा है. शुभ मुहूर्त, साए, कुंडली, पंडितों की घंटों की पूजा, अग्नि पूजा, देवताओं का आह्वान, फेरे, छोटीमोटी रस्में आदि हिंदू विवाह का हिस्सा हैं और कुछ कानून के दायरे में आती हैं, कुछ नहीं. यदि समान विवाह कानून विरासत, गोद बने तो सारी पंडिताई धराशाई हो सकती है.

भाजपा को सरकार में आने के बाद जब कानून का मसौदा तैयार करना पड़ा तो उसे यह एहसास हो गया होगा कि पार्टी के आधार, धर्म को यह समान कानून निरर्थक कर देगा.

समान विवाह कानून का अर्थ होगा कि सभी धर्मों के लोग आपस में बिना लागलपेट विवाह कर सकेंगे और विवाह या तो अदालतों में होंगे या फिर किसी कानून के अंतर्गत नियुक्त पब्लिक नोटरी टाइप लोगों के द्वारा. कुंडली देख कर पंडितों को विवाह कराने के जो मोटे पैसे मिलते हैं और रात भर लोगों से फेरों में जगने की जो जबरदस्ती की जाती है, वह बंद हो जाएगी.

मुसलिम कानून में जो परिवर्तन होंगे वे उतने महत्त्व के न होंगे, जितने हिंदू कानूनों में होंगे, क्योंकि मुसलिम व्यक्तिगत कानून कुछ हद तक औरत की रजामंदी पर निर्भर है, जबकि हिंदू विवाह कानून में उसे वर को दान के रूप में दिया जाता है.

मुसलिम विवाह कानून परिवर्तन मांगता है पर जो हौआ दिखाया जाता है कि वे 5 के 25 हो रहे हैं, गलत है. यह भी गलत है कि हर मुसलिम पुरुष 4 पत्नियां रखता है, क्योंकि फिर औरतों की जनसंख्या में पुरुष व महिला का अनुपात 1:4 का होता होगा यानी 4 गुना औरतें उपलब्ध होनी चाहिए.

समान व्यक्तिगत कानून का हौआ केवल चुनावी जुमला है, जैसा अच्छे दिन आने या क्व15 लाख प्रति व्यक्ति काला धन विदेश से लाने पर देने का. विवाह कानूनों में परिवर्तन हो पर उसे राजनीतिक चश्मे से न देख कर व्यावहारिक रूप दिया जाए. हिंदूमुसलिम दोनों समाजों में व्यक्तिगत कानूनों में बहुत परिवर्तनों की आवश्यकता है ताकि औरतों को अदालतों के गलियारों में वर्षों चप्पलें न घिसनी पड़ें.

सेहत वाली मिठास

गाजर का हलवा

सामग्री

– 1 किलोग्राम गाजर कसी हुई

– 1 लिटर दूध द्य 200 ग्राम मावा

– 15 ग्राम का स्टीवियोकोल का सैशे

– 2 बड़े चम्मच घी

– 1 कप बादाम, काजू, किशमिश कटे

– 1 बड़ा चम्मच इलाइची पाउडर.

विधि

एक कड़ाही में दूध और कसी गाजर डाल कर पकाएं. दूध के सूख जाने पर आंच धीमी कर दें. थोड़ीथोड़ी देर बाद चलाते रहें. अब इस में स्टीवियोकोल डालें. फिर ऊपर से इलाइची पाउडर और थोड़े से ड्राईफ्रूट्स डालें और 5-7 मिनट तक चलाएं. अब मिश्रण में घी और मावा डालें और अच्छी तरह चलाएं. धीमी आंच पर मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक घी न छिटकने लगे. अब हलवे को बचे हुए ड्राईफ्रूट्स से सजा कर गरमगरम सर्व करें.

चावल की खीर

सामग्री

– 1/4 कप चावल धुले और निथरे हुए

– 4-5 कप दूध

– 2-3 इलाइची दाना कुटा हुआ

– 2 बड़े चम्मच बादाम कसे हुए

– केसर चुटकी भर

– 1 बड़ा चम्मच पिस्ता कटा हुआ

– 1 बड़ा चम्मच किशमिश

– 2-3 बड़े चम्मच स्टीवियोकोल.

विधि

एक पैन में दूध, चावल और इलाइची डालें. इसे उबालें. फिर आंच को धीमा कर मिश्रण में चावल डालें. इस मिश्रण को तब तक पकाएं जब तक चावल मुलायम हो कर टूटने न लगें. अब इस मिश्रण में बादाम, पिस्ता, केसर और किशमिश डालें और 3-4 मिनट तक धीमी आंच पर पकाएं. अब इस में स्टीवियोकोल डालें और तब तक चलाएं जब तक वह मिश्रण में घुल न जाए. अब खीर को आंच से उतार कर गरम या ठंडा कर के परोसें.

क्या आपको भी अक्सर चक्कर आते हैं?

कई बार कमजोरी और थकान की वजह से चक्कर आ जाते हैं और ऐसा होना एक आम समस्या हो सकती है. लेकिन कई बार यह आम परेशानी कई अलग कारणों से भी होती है. कई बार शरीर में हारमोनल प्रॉब्‍लम की वजह से चक्‍कर आने लगते हैं और कई बार ब्लडप्रेशर की वजह से भी ऐसा होता है.

चक्‍कर आने के दौरान कम सुनाई देना, धुंधला दिखाई देना और बात करने में तकलीफ होना जैसे लक्षण महसूस होते हैं. इसी के साथ चक्‍कर आने की एक और वजह वर्टिगो भी हो सकता है जिसमें व्‍यक्ति को हमेशा ऐसा महसूस होता है कि वह चक्‍कर खाकर गिर जाएगा. अधेड़ उम्र की महिलाओं में ये समस्‍या अक्‍सर देखने को मिलती है. कई व्‍यक्ति अपना संतुलन भी खो देता है और गिर जाता है. इसके अलावा ब्लडप्रेशर में अचानक से बदलाव आने से भी ऐसा होता है.

इन बीमारियों से बचने के लिए हमें अपनी फिटनेस और हेल्थ प्राब्लम्स पर पूरी नजर रखनी चाहिए. इसके लिए समय पर भोजन करना चाहिए और कभी भी भोजन को स्किप नहीं करना चाहिए. कई बार एंटीबायोटिक के सेवन के दौरान भी चक्‍कर आने जैसी समस्या हो सकती है. इसलिए डॉक्‍टर की सलाह पर ही दवाओं का सेवन करें.

एनीमिया होने की स्थिति में चक्‍कर आना सामान्‍य है क्‍योंकि शरीर में रेड ब्‍लड सेल्‍स की कमी हो जाती है. अगर किसी के शरीर में पानी की कमी है तो उस अवस्‍था में भी चक्‍कर आ सकता है. ऐसे में अपने साथ हमेशा एक बोतल पानी रखें और समय-समय पर पीते रहें. अगर चक्कर की समस्या अक्सर रहती हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेकर ट्रीटमेंट शुरू कर दें.

चलिए चाय के बगान घूम आयें…

चाय का एक प्याला सुबह की ताजगी और शाम के सुकून के पलों का मजा दोगुना कर देता है. क्या आप जानते हैं कि कई चाय बागान ऐसे हैं जो अपनी खूबसूरती के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं. आइए चलें दुनिया के 10 ऐसे ही मनमोहक चाय बागानों की सैर पर.

1. मलेशिया

मलेशिया के पहांग राज्य के कैमरन हाइलैंड्स में है बोह टी प्लान्टेशन. इस प्लान्टेशन की शुरुआत 1929 में हुई थी और यह मलेशिया का सबसे बड़ा टी प्रोड्यूसर है.

2. केरल

केरल के मुन्नार के टी गार्डन्स में हर साल विश्व भर से लाखों पर्यटक आते हैं.

3. साउथ कोरिया

साउथ कोरिया के सियोल से लगभग 397 किमी दूर स्थित है बोजूंग टी गार्डन.

4. ताइवान

ताइवान के जूंग हू गांव के चाय बागान की फैली हरियाली देखते ही बनती है. यह गांव चाय और कॉफी के उत्पादन के लिए जाना जाता है.

5. केन्या

केन्या के किरिचो के प्लान्टेशन की खूबसूरती आपके सारे गम भूला देगी.

6. चीन का हुबेई प्रांत

चीन के हुबेई प्रांत में हरे-भरे चाय बागान से स्प्रिंग चाय फेमस है.

7. चीन का यान सिचुआन

चीन के यान सिचुआन प्लान्टेशन में कियांग एथनिक मायनोरिटी चाय के बगानों में काम करती है. पर हरियाली के आगे ये सब कौन देखता है?

8. रवांडा

रवांडा की राजधानी किगाली का मुलिंदी टी इस्टेट तो हरियाली पसंद करने वालों के लिए स्वर्ग है.

9. त्रिपुरा

त्रिपुरा की राजधानी अगरतला के दुर्गाबाड़ी चाय बागान जाकर आप खो जायेंगे.

10. चीन का अनहुई प्रांत

चीन के अनहुई प्रांत के श्यूनिंग काउंटी में गुलदाउदी के फूलों से डोमेस्टिक और इंटरनेशनल मार्केट के लिए चाय और दूसरे पेय पदार्थ बनते हैं.

‘पद्मावती’ के लिए शाहिद की अनोखी शर्त

‘बाजीराव मस्तानी’ के बाद संजय लीला भंसाली अपनी अगली फिल्म ‘पद्मावती’ लेकर आ रहे हैं, जो पिछले काफी समय से अपने स्टार कास्ट को लेकर सुर्खियों में रही है. वैसे तो पद्मावती के लिए दीपिका पादुकोण और उनके प्रेमी अलाउद्दीन खिलजी के लिए रणवीर सिंह का नाम फाइनल हो गया था, मगर पद्मावती के पति राजा रतन रावल सिंह का किरदार कौन निभाएगा, इस बात को लेकर ही मामला अटका हुआ था.

कई अभिनेताओं के नाम सामने आए, मगर कई ने किरदार को कम आंकते हुए मना कर दिया तो कुछ को दीपिका ने अपना पति बनाने से इंकार कर दिया. अब फाइनली उस अभिनेता की तलाश शाहिद कपूर पर आकर खत्म हो गई.

मगर ‘पद्मावती’ में दीपिका के पति का किरदार निभाने के लिए हां कहने से पहले उन्होंने दो बड़ी शर्तें रखी हैं. अब जैसा कि आपको पता चल चुका होगा कि शाहिद एक बच्ची के पिता बन चुके हैं तो वो फिलहाल उसे पूरा समय देना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने शर्त रखी है कि वो अपने सीक्वेंस की शूटिंग कुछ महीनों बाद ही करेंगे, जबकि कहा जा रहा है कि ‘पद्मावती’ का सेट महबूब स्टूडियो में तैयार किया जाने लगा है और जल्द ही शूटिंग शुरू होने की संभावना है.

वहीं शाहिद की दूसरी शर्त के बारे में सुनने को मिला है कि उन्होंने ‘पद्मावती’ साइन करने से पहले स्क्रिप्ट में बदलाव करने की मांग रख दी. सूत्रों के मुताबिक, शाहिद ने कहा कि ‘पद्मावती’ में रणवीर के समान उनका स्क्रीन स्पेस होना चाहिए.

इसके बाद भंसाली को शाहिद को दिमाग में रखते हुए स्क्रिप्ट के कुछ हिस्सों में बदलाव करना पड़ा और दोनों के रोल की लंबाई लगभग बराबर करनी पड़ी. कुल मिलाकर शाहिद इस फिल्म में किसी भी मामले में रणवीर से खुद को कमतर नहीं आंकने देना चाहते. खैर, अब असली टक्कर तो बड़े पर्दे पर ही देखने को मिल सकती है.

क्या है बेबी के सीक्वल का ट्विस्ट

जबसे खबरें थीं कि अक्षय कुमार अपनी धमाकेदार फिल्म बेबी का सीक्वल लेकर आ रहे हैं फैन्स बहुत एक्साइटेड थे. नीरज पांडे की इस फिल्म को फैन्स ने काफी पसंद किया था और दूसरा कारण था पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर दो टूक बात करना.

फिर ये तय हुआ कि बेबी के सीक्वल में अक्षय कुमार मेन लीड नहीं होंगे और ये अक्षय कुमार का ही आईडिया था. बेबी का सीक्वल दरअसल, प्रीक्वल होगा और इसकी लीड होंगी तापसी पन्नू.

फिल्म का नाम ‘मीरा’ होगा और फिल्म की कहानी तापसी पन्नू के स्पेशल फोर्स जॉइन करने की होगी. फिल्म में अक्षय कुमार एक स्पेशल रोल में दिखाई देंगे.  फिलहाल फिल्म के लिए मनोज बाजपेयी और पृथ्वीराज को साइन कर लिया गया है और तापसी अपनी मार्शल आर्ट्स ट्रेनिंग भी ले रही हैं.

ये अक्षय कुमार का ही आईडिया था कि जब लड़कियों को मार्शल आर्ट्स सिखाने की बात होती रहती है तो इस पर पूरी कहानी होनी चाहिए. वैसे भी वो बेबी में तापसी के फाइट सीन से खासा इंप्रेस थे. बस इसलिए अक्षय ने तय किया कि फिल्म के मेन लीड वो नहीं होंगे.

गौरतलब है कि फिल्म में बेबी, अक्षय कुमार के मिशन का नाम होता है, जो 5 रॉ एजेंट्स को चुनकर बनाया जाता है. इस मिशन का हर इंसान खुफिया ज़िंदगी बिताता था. अबकि बार फिल्म का फोकस एक लड़की पर होगा जो काबिले तारीफ है.

..और एयरपोर्ट पर थिरकने लगीं कटरीना

‘बार बार देखो’ की वजह से सिद्धार्थ मल्होत्रा और कटरीना कैफ की जोड़ी काफी चर्चा में हैं. फिल्म के प्रमोशन को लेकर दोनों सितारे इन दिनों खूब व्यस्त हैं और हर जगह कैमरे में कैद हो रही है इनकी मस्ती. पिछले दिनों कैट और सिद्धार्थ फिल्म प्रमोशन के सिलसिले में ही अहमदाबाद पहुंचे, जहां दर्शकों ने इनका भव्य स्वागत किया.

जैसे ही दोनों सितारे अहमदाबाद एयरपोर्ट से बाहर निकले वहां लोग बैंड बाजे के साथ उनका स्वागत करने के लिए तैयार दिखे. इतना ही नहीं बैंड बाजे पर कटरीना और सिद्धार्थ भी खूब थिरके. दोनों स्टार्स ने इस मौके को खूब इंजॉय किया. सिद्धार्थ ने ट्वीट करते हुए इतने भव्य स्वागत के लिए अहमदाबाद के लोगों का धन्यवाद किया.

कटरीना कैफ और सिद्धार्थ मल्होत्रा की जोड़ी पहली बार पर्दे पर साथ नजर आ रही है. फिल्म के ट्रेलर और तस्वीरों में दोनों सितारों की हॉट केमिस्ट्री देखने को मिली है. अब देखना यह है कि अगले वीक 9 सितंबर को रिलीज होने जा रही इस फिल्म को दर्शक कितना पसंद करते हैं.

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