बीहू की शांति: भाग 3-पर्सी दोस्ती की आड़ में लड़की को क्यों फंसता था?

कुछ दिनों तक मोबाइल पर बातचीत के बाद मुलाकात तय हुई. वे तीनों होटल में गए जहां पर पर्सी ने जम कर लेस्बियन कल्चर की सपोर्ट में भाषणबाजी करी.

अब तक पर्सी समझ चुकी थी कि उसे क्या करना है, ‘‘तो लेस्बियन इतने अच्छे हैं तो आ जाओ न हमारे साथ,’’ कहते हुए अपने होंठ शांति के होंठों से चिपका दिए पर्सी ने. शांति ने अपने पूरे शरीर को ढीला छोड़ दिया. इस समय उस के शरीर पर पर्सी और बीहू अपना सारा प्रेम निछावर कर रही थीं.

शांति ने चरम सुख एक बार नहीं बल्कि 2-2 बार अनुभव किया. प्यासी धरती आज पानी की बूंदों से तृप्त हो रही थी.

उस दिन शर्म की दीवार क्या गिरी फिर तो आए दिन का खेल ही हो गया. अब तीनों जब भी मिलते, जवानी का मजा लेते और बदले में शांति बीहू और पर्सी को पैसे भी दे कर जाती. शांति को बीहू और पर्सी का साथ बहुत अच्छा लग रहा था और अब शांति पहले से ज्यादा खुश नजर आ रही थी पर उस की यह खुशी ज्यादा दिन तक नजर नहीं आई जब एक दिन पर्सी ने घबराते हुए शांति को बताया कि जिस होटल में वे तीनों मजा करने जाते थे वहां के कमरे में शायद स्पाई कैमरा लगा हुआ था और उस कैमरे में हमारी सभी की सैक्स करते समय के न्यूड वीडियो कैद हो गए हैं और अब उस होटल का मालिक हमे ब्लैकमेल कर रहा है और वीडियो को इंटरनैट पर लीक न करने के 2 लाख रुपए मांग रहा है.

‘‘पर कैसा वीडियो है वह और हैं कहां?’’ शांति ने पूछा तो पर्सी ने उसे अपने मोबाइल पर एक अनजान नंबर से आया वीडियो दिखाया जिस में शांति पूरी तरह से नग्न हो कर बिस्तर पर लेटी हुई है जबकि बीहू उस के पैरों को सहला रही है.

शांति दंग रह गई थी. वह किसी भी हालत में यह नहीं चाहती थी कि उस के चरित्र पर कोई लांछन लगा सके पर यहां तो उस का पूरा वीडियो ही बना हुआ है.

शांति ने बीहू को मिलने के लिए बुलाया और एक ही सांस में सारी घटना कह सुनाई. पर्सी भी साथ में थी.

‘‘पर इस बात की क्या गारंटी है कि ब्लैकमेलर एक बार हम से पैसा ले कर दोबारा हम से पैसे नहीं मांगेगा?’’ शांति ने कुछ सोचते हुए कहा.

पर्सी के चेहरे पर बड़ा आत्मविश्वास सा दिखाई दिया जब उस ने कहा कि एक बार पैसे मांगने के बाद वह दोबारा पैसे नहीं मांगेगा.

वैसे तो बीहू जानती थी कि आए दिन लड़केलड़कियों के सैक्स स्कैंडल

इंटरनैट पर अपलोड होते रहते हैं पर फिर भी किसी तरह की बदनामी न हो इसलिए वह भी यही चाहती थी कि बात रफादफा कर दी जाए हालांकि 2 लाख रुपए की रकम छोटी नहीं होती पर फिर मरता क्या न करता.

शांति और बीहू ने 2 लाख रुपए मिल कर किसी तरह पर्सी को दिए ताकि वह उस होटल के मकानमालिक अर्थात उस ब्लैकमेलर को दे सके. फिर कई हफ्तों तक उन लोगों में कोई मुलाकात करना ठीक नहीं समझ.

अभी 6 महीने ही गुजरे थे कि पर्सी ने एक बार फिर से घबराए स्वर में शांति को बताया कि वह ब्लैकमेलर मुझे फोन कर के फिर से पैसे मांग रहा है.

इस बार शांति को पर्सी की बात पर थोड़ा शक हुआ, ‘‘पर उस का फोन बारबार तुम्हारे पास ही क्यों आ रहा है हम में से किसी के पास क्यों नहीं आता.’’

शांति के इस सवाल से सकपका गई पर्सी. उसे इस प्रश्न की आशा न थी, इसलिए उस ने बात बदलते हुए कहा कि हमें जल्द ही कुछ करना चाहिए वरना हम सब बदनाम हो जाएंगे.

आखिर बीहू और शांति के पास कोई पैसों का पेड़ तो था नहीं. वे दोनों परेशान दिखी पर न जाने क्यों शांति को पर्सी की बात पर शक हो रहा था. उस ने शाम को पर्सी से फिर से उस के कमरे पर मिलने को कहा और यह भी कहा कि उसे अपनी इज्जत तो बचानी ही है. अत: कैसे भी हो वह पैसे ले कर आएगी.

शाम को पर्सी, बीहू और शांति एकसाथ थीं. शांति अपने साथ 2 लाख रुपए बैग में ले कर आई थी और बहुत परेशान हो रही थी कि कहीं यह ब्लैकमेलर उस का वीडियो वायरल न कर दे.

पर्सी ने पैसे देख कर उसे भरोसा दिलाया कि वह घबराए नहीं. पैसे दे देंगे तो वह कुछ नहीं करेगा.

शांति के आग्रह पर अपनी टैंशन कम करने के नाते तीनों ने जम कर शराब पी और

पार्टी करी. शराब पी कर सब से पहले पर्सी लुढ़क गई क्योंकि शांति ने चुपके से सिर्फ पर्सी की शराब में ही नींद की गोलियां मिलाई थीं और खुद बीहू और शांति सिर्फ नशे में होने का नाटक भर कर रही थीं. उन दोनों ने पर्सी की उंगली की बायोमीट्रिक छाप से पर्सी का मोबाइल अनलौक किया और उस की छानबीन करी, उस के चैट्स खंगाले और जो समाने आया उस से वे दोनों दंग रह गईं.

पर्सी के अनेक लड़कों और लड़कियों से संबंध थे. वह लेस्बियन होने का दिखावा करती और फिर लड़कियों को अपने जाल में फंसा कर उन के आपसी संबंध का न्यूड वीडियो बना कर बाद में उन्हीं को ब्लैकमेल करती.

शांति को उसी दिन शक हो गया था जब उस के सवाल पर पर्सी के चेहरे का रंग उड़ गया था. तभी उस ने अपने मन की बात बीहू से शेयर करी और तभी दोनों ने मिल कर पूरी प्लानिंग से  पार्टी वाला प्रोग्राम बनाया.

बीहू और शांति ने पर्सी को बैड के सिरहाने से बांध दिया और उस के मोबाइल से ही पुलिस को फोन कर के पर्सी के बारे में सबकुछ बता दिया. पर्सी का पता भी बता दिया. पुलिस द्वारा फोन करने वाले की पहचान पूछे जाने पर सिर्फ ‘एक पीडि़त’ कह कर फोन काट दिया.

बीहू को पर्सी ने धोखे में रखा और अपने जाल में फंसाया. बीहू कभी पर्सी को माफ नहीं करेगी और अब शायद किसी अनजाने पर इतनी जल्दी भरोसा भी नहीं कर पाएगी.

‘‘तुम चाहो तो मुझ पर भरोसा कर सकती हो क्योंकि मैं भी एक सताई हुई औरत हूं,’’ शांति ने जैसे बीहू के मन की बात पढ़ ली थी.

बीहू के चेहरे पर मुसकराहट थी. उस ने कमरे से अपना सारा सामान उठाया और शांति के साथ एक अनजान शहर की ओर जाने वाली बस में बैठ गई.

अब बीहू को किसी ड्रामा स्कूल से नाटक के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं थी. अपने अनुभवों से वह जान चुकी थी कि यहां पर सब तरफ एक नाटक चल रहा है जिस में लोग अपना असली चेहरा छिपाए रहते हैं और नकली चेहरा जनता को दिखाते हैं.

बीहू और शांति बाकी का जीवन एकदूसरे के असली चेहरे के साथ बिताएंगी जबकि दुनिया के सामने उन का नकली चेहरा ही होगा.

पुरुषों द्वारा किसी न किसी रूप में पीडि़त महिलाएं आज आजाद हो चुकी थीं. समाज उन के रिश्ते को ‘अननैचुरल’ भी कह सकता है पर सच तो यह था कि अब बीहू को शांति मिल चुकी थी और अब शांति के साथ बीहू थी.

किचिन का मेकओवर करने के 7 टिप्स

किचिन प्रत्येक घर का महत्वपूर्ण स्थान होता है. ये एक ऐसा स्थान है जहां पर प्रत्येक सदस्य की पसंद नापसंद का ध्यान रखा जाता है और स्वादिष्ट भोजन भी बनाया जाता है. आजकल किचिन को भी महंगे महंगे शेल्फ, ग्लासेज और क्रोकरी से सजाया जाता है परन्तु कई बार सब कुछ होने के बाद भी किचिन भरी भरी और अस्तव्यस्त सी प्रतीत होती है. आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे हैं. जिनका ध्यान रखकर आप अपनी किचिन का कम खर्चे में भी शानदार मेकओवर कर सकते हैं जिससे आपकी किचिन भी व्यवस्थित और सजी धजी लगेगी-

  1. सही हो कंटेनर्स का चयन 

रसोई में दाल चावल, मसाले के अतिरिक्त अनेकों खाद्य पदार्थ होते हैं जिनके लिए डिब्बो की आवश्यकता होती है. रंग बिरंगे, छोटे बड़े, बेतरतीबी से रखे गए डिब्बे अच्छी खासी किचिन को भी बद्सूरत बना देते हैं इसलिए आपकी किचिन चाहे छोटी हो या बड़ी डिब्बे रसोई की अलमारी के साईज के अनुसार ही खरीदें. ताकि उन्हें अलमारी में करीने से लगाया जा सके और पूरी जगह का उपयोग किया जा सके, साथ ही कोशिश करें कि एक अलमारी में एक रंग, साइज और आकार के डिब्बे ही रखे जाएं ताकि वे दिखने में सुंदर प्रतीत हों.

2. साफ़ सुथरा हो प्लेटफार्म

कई बार प्लेटफार्म पर ही कटलरी, मिक्सी ग्राइंडर, आर ओ जैसे अनेकों सामान को रख दिया जाता है जिससे प्लेटफार्म पूरा भर जाता है और किचिन भरी भरी सी प्रतीत होने लगती है इसलिए जितना हो सके किचिन के प्लेटफार्म को खाली रखें जिससे किचिन बड़ी और व्यवस्थित लगेगी. खाना बनाने के तुरंत बाद प्लेटफार्म को सर्फ के पानी से धोएं या पोंछें. फिर अंत में सूती कपड़े से पोंछकर सुखा दें.

3. उचित हो शेल्फ का चयन

किचिन की किस शेल्फ में क्या रखना है इसका चयन भी अति बुद्धिमानी से करें उदाहरण के लिए दाल-चावल, चाय चीनी, तेल नमक जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं को ऐसी जगह पर रखें जहां से आपको लेने में आसानी हो. कभी कभार प्रयोग में आने वाले बर्तनों, खाद्य पदार्थों को स्टोर या ऐसी शेल्फ में रखें जिसे कम खोला जाता हो. शेल्फ का चयन अपनी किचिन के कंटेनर्स के अनुसार करें ताकि उन्हें एक के ऊपर एक आराम से रखा जा सके.

4. लेबलिंग भी है जरूरी

लेबलिंग के अभाव में अक्सर एक चीज को खोजने के लिए प्रत्येक डिब्बे को उठा उठाकर देखना पड़ता है जिससे समय भी व्यर्थ होता है और किचिन भी अस्तव्यस्त हो जाती है. इसलिए प्रत्येक डिब्बे पर लेबल अवश्य लगायें ताकि आपकी किचिन में आपके अतिरक्त कोई दूसरा भी सहजता से काम कर सके. लेबल लगाने के लिए आप कागज की स्लिप्स के स्थान पर पेपर टेप का प्रयोग भी कर सकतीं हैं इसे लगाना और निकालना काफी आसान होता है.

5. डिक्लटरिंग है जरूरी

अक्सर हमारी किचिन में बहुत सारे क्रेक बर्तन, स्नेक्स के डिब्बों के तली में पड़ी नमकीन और महीनों से प्रयोग न किये गये मसाले या अन्य खाद्य पदार्थ इकट्ठे हो जाते हैं जिससे जगह और कंटेनर्स दोनों ही घिरे रहते हैं इसलिए माह में एक बार अपनी किचिन की डिक्लटरिंग अवश्य करें और जितना भी फालतू सामान हो उसे बिना किसी मोह के अपनी किचिन से बाहर कर दें इससे चीजे व्यवस्थित और किचिन साफ़ सुथरी रहेगी.

6. सजावट करें

आजकल किचिन को भी बहुत खूबसूरत और खुला खुला बनाया जाने लगा है. अपनी किचिन को मनीप्लांट, स्नैकप्लांट जैसे इनडोर पौधों से सजाएं. किचिन में प्लांट्स लगाने के लिए आप कांच की खाली बोतलों का भी प्रयोग कर सकतीं हैं. इनमें पौधे लगाने से किचिन में मिटटी की गंदगी नहीं होती. सप्ताह में एक बार आप इनका पानी बदलते रहें पौधे अपने आप बढ़ते रहते हैं.

7. साफ़ सफाई का रखें ध्यान

साफ़ सफाई के अभाव में महंगे से महंगा सामान भी अपनी आभा खो देता है. किचिन केबिनेट्स,  चिमनी, शेल्फ और ग्लासेज की प्रति सप्ताह सफाई अवश्य की जाना चाहिए वरना वे अच्छी से अच्छी किचिन के सौन्दर्य को भी खराब कर देते हैं.

करें ये भी प्रयोग

  • अक्सर हमारी किचिन में कॉफ़ी, मसाले, शहद आदि के प्लास्टिक और कांच के अनेकों खाशीशियाँ और डिब्बे इकट्ठे हो जाते हैं आप इन्हें उबलते पानी में 2-3 घंटे के लिए डालकर रख दें और फिर चाकू से इनका लेबल निकालकर स्क्रबर से अच्छी  तरह रगड़ दें. अब इनमें मनचाहा सामान भरकर लेबल लगा दें.
  • प्लेटफ़ॉर्म को साफ करने के लिए एक स्प्रे बोतल में 1 टीस्पून सर्फ डालकर घोल तैयार कर लें और फिर इससे प्लेटफोर्म, शेल्फ और ग्लासेज साफ करें.
  • खाली और अनुपयोगी कंटेनर्स व बर्तनों को इनडोर पौधे लगाने के लिए प्रयोग किया जा सकता है.
  • आजकल टच पेनल वाली चिमनी और आर ओ चलन में हैं इन्हें साफ करने के लिए स्प्रे के स्थान पर गीले कपड़े का प्रयोग करें साथ ही गीले कपड़े से पोछने के तुरंत बाद सूखे कपड़े से पोंछ दें अन्यथा टच पेनल के खराब होने की सम्भावना रहती है.
  • सिंक में जूठे बर्तनों को छोड़ने के स्थान पर इन्हें एक टब या बाल्टी में भरकर आंगन या वाशिंग एरिया में रखें.

मेरा वजन दिन पर दिन कम होता जा रहा है, क्या करूं?

सवाल-

मैं 23 साल की विवाहित स्त्री हूं. मेरा 1 बेटा भी है. मेरा वजन पहले से ही कम था, पर इधर कुछ समय से यह घट कर सिर्फ 32 किलोग्राम रह गया है. परिवार के सभी बड़े-बूढ़े अकसर टोकते रहते हैं कि मुझे ठीक से खानापीना चाहिए और खुश रहना चाहिए, पर मैं उन्हें क्या बताऊं कि मैं ठीक से खातीपीती भी हूं और सदैव खुश रहने का जतन भी करती हूं, फिर भी शरीर सूखता जा रहा है. कहीं यह किसी अंदरूनी बीमारी का लक्षण तो नहीं है? कुछ ऐसे व्यावहारिक उपाय बताएं जिन से वजन बढ़ सके और मैं सुंदर तथा हृष्टपुष्ट दिखने लगूं?

जवाब-

यदि किसी व्यक्ति का वजन बिना प्रयत्न किए खुदबखुद घटने लगे और उस की जानकारी में उसे शरीर या मन का कोई रोग न हो, तो इसे यकीनन गंभीरता से लेना चाहिए. अच्छा होगा कि आप या तो अपने फैमिली डाक्टर या किसी इंटर्नल मैडिसिन के विशेषज्ञ डाक्टर से मिलें और अपनी विधिवत जांच कराएं. आंतों के कई प्रकार के रोग जिन में आंतों की पाचनशक्ति कमजोर पड़ जाती है और खाना आंतों से जज्ब होने के बजाय शरीर से व्यर्थ चला जाता है, उन के पनपने से यह परेशानी प्रकट हो सकती है. बिगड़ी हुई डायबिटीज में भी यह लक्षण आम देखा जा सकता है.

शरीर में टीबी का रोग लग जाए तब भी व्यक्ति सूख कर कांटा हो जाता है. कुछ खास हारमोनल रोगों जैसे हाइपरथायरोडिज्म और ऐडिसन रोग में भी वजन घटता चला जा सकता है. किसीकिसी व्यक्ति में वजन घटने के पीछे कभीकभी कैंसर जैसा गंभीर रोग भी कारक होता है. कई लोगों में समूची समस्या मानसिक असंतोष, उदासी और अवसाद से जुड़ी होती है. कुछ में मसला शरीर के किसी बड़े अंग जैसे लिवर, किडनी या हार्ट फैल्योर से भी संबंधित हो सकता है.  समस्या से उबरने के लिए सब से पहली जरूरत वजन घटने के पीछे उस के कारक को ढूंढ़ निकालने की है. जैसे ही डाक्टरी छानबीन से इस का कारण सामने आएगा, वैसे ही उस से उबरने के उपाय बताना आसान हो जाएगा.

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जरूरत से ज्यादा पतला होना भी ठीक नहीं होता. कई बार ज्यादा पतला होना हमारे लिए शर्मिंदगी की वजह बन जाता है. हममें से कई महिलाएं ऐसी हैं जो खाती तो बहुत हैं लेकिन कुछ भी उनके शरीर को लगता ही नहीं. अगर आपके या आपके किसी जाननेवाले के साथ भी ऐसी ही दिक्कत है तो समझ लीजिए कि डाइट में बदलाव की जरूरत है. यहां हम आपको कुछ चीजें बता रहे हैं जो वजन बढ़ाने में मदद कर सकती हैं.

दूध

दूध फैट, कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन का मिक्स होता है. इसके साथ इसमें विटामिन और कैल्शियम भी भरपूर होता है.

चावल

चावल से भरे एक कप में 200 कैलरीज होती हैं, जिसमें कार्बोहाइड्रेट भी बड़ी मात्रा में होता है.

YRKKH: अभीर की तलाश में अभिमन्यु पहुंचा अक्षरा के पास, मंजिरी आरोही शॉक

स्टारप्लास का धमाकेदार सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ आए दिन ट्विस्ट पर ट्विस्ट देखने को मिल रहे है. ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ सीरियल अपकमिंग एपिसोड में देखने को मिलेगा कि गोयनका, शर्मा और बिड़ला परिवार के ऊपर बड़ी परेशानी आने वाली है. वहीं शो में अभीर गुम हो जाता है. वह किसी अंजान शहर में पहुंच जाता है.

अक्षरा को होगी अभीर की फ्रिक

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ सीरियल के प्रोमो में दिखाया गया है. 6 साल का अभीर न कसौली और न उदयपुर किसी अनजान शहर में पहुंच जाता है. आज के एपिसोड में दिखाया जाएगा कि अभिमन्यु, अभीर को अक्षरा के पास ले जाने की तैयारी करता है. लेकिन मंजरी उसे ऐसा करने से रोकती है. प्रोमो में अभीर कहता है कि मैं अब मम्मी के पास कैसे जाऊंगा ? इतना कहकर वह बेहोश हो जाता है. अभीर के गुम हो जाने से अभिमन्यु परेशान हो जाता है वहीं अक्षरा को अभीर की फ्रिक होती है.

 

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अभिनव की होगी मौत

दरअसल, शो में जल्द ही अभिमनव शर्मा की मौत होने वाली है, जिसके बाद अक्षरा और अभिमन्यु की लाइफ में एक और मोड़ देखने को मिलेगा. ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में आने वाले ट्विस्ट में देखने को मिलेगा कि अभीर के गुम जाने की खबर सुनकर अभिनव उसे ढूंढ़ने के लिए निकालता है और उसी दौरान अभिनव की मौत हो जाएगी. वैसे तो आधिकारिक तौर पर पुष्टी हो गई है कि शो से अभिनाव का किरदार खत्म हो जाएगा. लेकिन शो में अभिनाव की मौत कैसे होगी इस बात की जानकारी अभि सामने नहीं आई है.

बताया जा रहा है ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’  सीरियल में आगे दर्शकों के मनोरंजन के लिए  स्टोरी का आगे बढ़ाने के लिए. सीरियल में ढेर सारा रोमांस और अक्षरा- अभिनव की प्रेम कहानी शुरु होने वाली है.

Bigg Boss ott 2 में पूजा भट्ट चलाती है फोन! भड़के लोग, देखें वीडियो

सलमान खान के कॉन्ट्रोवर्शियल शो बिग बॉस ओटीटी 2 लगातर सुर्खियों में बना हुआ है. बिग बॉस शो हमेशा विवादों में घिरा रहता है. बिग बॉस शो को लेकर हमेशा स्क्रिप्टेड होने के आरोप भी लगते रहे हैं लेकिन होस्ट सलमान खान ने हर बार यही कहते है कि मेकर्स कंटेस्टेंट को कोई स्क्रिप्ट नहीं देते हैं और ये वाकई रियलिटी शो है.

सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो वायरल हो रहा है. बिग बॉस ओटीटी 2 से पूजा भट्ट के घर में मोबाइल चलाने और स्क्रिप्ट पढ़ने की वीडियो खूब वायरल हो रही है. जिसके बाद नेटजिन्स ने शो को ट्रोल करना शुरू कर दिया है.

पूजा भट्ट ने इस्तेमाल किया फोन

दरअसल बिग बॉस हाउस में गुरुवार को एक टास्क हुआ था जिसमें पूजा भट्ट फिल्ममेकर थी और उन्हें बाकी के घरवालों को कास्ट करना था. वह अपने मुताबिक किसी को हीरो, हिरोइन, विलन और सपोर्टिंग कास्ट बना सकती है. जब टास्क की शुरुआत होती है तो पूजा सबका पर्सनल इंटरव्यू लेती है. टास्क के बीच  जब मनीषा रानी को पूजा से मिलना था तो वह अपनी सीट पर बैठकर नीचे को देखती हैं कुछ देर के लिए. वहीं उनके हाथ में कुछ मूवमेंट नजर आती है.

यूजर कर रहे ट्रोल

पूजा भट्ट के मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए वीडियो वायरल होते ही नेटिज़न्स ने ट्रोल करना शुरू कर दिया. एक इंटरनेट यूजर ने लिखा, “स्क्रिप्ट पढ़ रही है.” एक अन्य इंटरनेट यूजर ने लिखा, “स्क्रिप्ट भूल गई डायरेक्टर.” एक और ने लिखा, “स्क्रिप्टेड शो.” एक नेटीजन ने लिखा, “यह फोन जैसा लग रहा है.” वहीं एक यूजर ने पूछा, “अरे इसके पास मोबाइल कैसे आया. स्क्रिप्टेड.” एक और ने लिखा, “लगता है उसके पास फोन है… पूजा जब से बाहर गई है डेंटल चेक अप के बहाने से तब से शो पूजा ही चला रही है मेकर्स के हिसाब से… स्क्रिप्टेड जैसा लग रहा है.

बीहू की शांति: भाग 2-पर्सी दोस्ती की आड़ में लड़की को क्यों फंसता था?

लेस्बियन संबंधों के बारे में सिर्फ पढ़ा भर ही था बीहू ने पर पिछली रात अनुभव भी कर लिया.

‘‘कल रात जो भी हुआ वह ठीक नही था,’’ बीहू ने कहा.

‘‘क्या ठीक नहीं था, लेस्बियन होना कोई नई बात नहीं, हर जगह होता है यह और फिर लड़कों के साथ सैक्स करने से तो अच्छा है, कम से कम बच्चे पैदा होने का तो कोई डर नहीं रहता,’’ यह बात पर्सी ने इस अंदाज से कही थी कि बीहू भी मुसकरा उठी.

बीहू को भी तो लड़कों से दर्द के अलावा कुछ नहीं मिला था पर ऐसा नहीं था कि अपने लेस्बियन होने के गुण को बीहू ने एक ही रात में स्वीकार कर लिया था पर यह तो सच था कि पहली बारिश के बाद जिस तरह से माहौल हलकाफुलका सा हो जाता है वैसा ही हलकापन जरूर महसूस किया था बीहू ने.

शायद इसी कारण अब बीहू कुछ नए किरदारों में भी फिट बैठ रही थी और ‘थिएटर दिवस’ पर रवींद्रालय में आने वाले एक विशेष कार्यक्रम के लिए बीहू और पर्सी ने जम कर मेहनत करी थी. एक प्ले तैयार किया था जिस में यह संदेश था कि औरत किसी तरह से मर्द पर आश्रित नहीं, बच्चा पैदा करने के लिए भी नहीं.

इस प्ले में तमाम तथ्य दिए गए थे जिन से दर्शकों को लगा कि अगर पुरुष पूरी तरह से हिंसक या बलात्कारी बनते जा रहे हैं तो फिर महिलाओं को उन का बहिष्कार कर देना चाहिए और चाहे इस के लिए उन्हें लेस्बियन कल्चर ही क्यों नहीं अपनाना पढ़े.

मगर क्या पुरुषविहीन समाज संभव है? अगर हां तो यह कैसे हो पाएगा? इस प्रश्न के साथ इस प्ले को खत्म किया गया था.

दर्शकों की तालियां बता रही थीं कि उन लोगों को ड्रामा बहुत पसंद आया. सभी कलाकारों ने एकसाथ स्टेज पर आ कर सभी दर्शकों का अभिनंदन किया.

बीहू और पर्सी अपने चेंजिंगरूम में आ कर अभी बैठे  ही थे कि दरवाजे पर खटखट की आवाज आई तो बीहू ने दरवाजा खोला. देखा सामने 30-35 साल की एक शादीशुदा औरत खड़ी थी जो देखने से ही काफी पैसे वाली लग रही थी.

वह बड़ी बेपरवाही से अंदर आ गई और सोफे में धंस गई. अपना परिचय देते हुए उस ने बताया कि उस का नाम शांति है. उस ने उन दोनों की ऐक्टिंग की जम कर तारीफ करी और लेस्बियन कल्चर पर खूब सवालजवाब करने लगी. शांति की सारी बातों के जवाब पर्सी ने बखूबी दिए.

शांति का मिजाज बहुत खुला हुआ और दोस्ताना था जातेजाते वह अपना मोबाइल नंबर भी दे गई और जल्दी ही फिर मिलने का वादा भी कर गई.

उस ने अपना वादा जल्द ही निभाया जब  फोन कर के पर्सी और बीहू को ‘सन ऐंड

शाइन’ नाम के रेस्तरां में बुलाया जहां का तेली भाजा (एक बंगाली डिश)बहुत प्रसिद्ध था. रेस्तरां में शांति जिस तरह से खाने का और्डर दे रही थी उस से वह खाने की शौकीन तो लगी ही, साथ ही साथ बीहू और पर्सी को यह भी पता चल गया कि वह काफी खुले विचारों वाली है.

‘‘पर मुझे ऐसे पैसे का क्या करना,’’ शांति जैसे आज अपना दुख कह ही देना चाहती थी और उस ने अपना सारा दुख बयां कर ही दिया.

शांति और उस के पति बाबुल की शादी एक लव मैरिज थी जोकि भावावेश के चलते करी गई. बाबुल एक ब्राह्मण परिवार से था और शांति एक लोहार परिवार से. दोनों कालेज में थे तभी दोनों में प्यार हुआ. बाबुल एक दिलफेंक लड़का था. दोनों में जिस्मानी संबंध बन गए और शांति को गर्भ ठहर गया.

जब शांति ने बाबुल को इस बारे में बताया तो उस ने इसे अपना बच्चा मानने से ही इनकार कर दिया और उसे नीच जाति का कह कर उलटा आरोप शांति के चरित्र पर ही लगाने लगा. शांति ने रोते हुए सारी बात अपने भाई और घर वालों को बताई. उस के घर वालों ने पुलिस की मदद ली और पुलिस ने ईमानदारी से काम करते हुए बाबुल और उस के मातापिता के समक्ष शांति से शादी करने का प्रस्ताव रखा. पुलिस के दबाव और बदनामी के डर से बाबुल ने शांति से शादी कर ली.

अब घर में पैसा और नौकरचाकर किसी चीज की कमी नहीं है. कमी है तो बस बाबुल के प्रेम की, महीनों बीत जाते हैं वह शांति को छूता तक नहीं और बाबुल के मांबाप बातबात में शांति को लोहार की बेटी होने का ताना देते रहते हैं. उसे लगता है कि उस की जरूरत किसी को नहीं.

इसीलिए जब मैं ने आप का वह प्ले देखा तब मैं ने सोचा कि कितना अच्छा हो अगर इस दुनिया से ये निर्दयी पुरुष खत्म ही हो जाएं.’’

पर्सी और बीहू ने उसे धैर्य बंधाया. बातों का दौर कुछ देर तक चलता रहा. अब समय चलने का हो गया था. तीनों बाहर निकले तो शांति ने उन दोनों को अपनी गाड़ी में ही लिफ्ट दे दी.

बीहू और पर्सी पीछे वाली सीट पर बैठ गईं और शांति भी आगे न बैठ कर उन्हीं के साथ पीछे वाली सीट पर बैठ गई.

तीनों चुप थीं कार में कोई बंगाली संगीत बज रहा था. तभी पर्सी का हाथ शांति की जांघ पर रेंगने लगा. कुछ देर शांति कुछ नहीं बोली फिर उस की सवालिया नजरें पर्सी की ओर उठीं तो पर्सी ने भी निगाहों से ही उसे चुप बैठने को कह दिया, शांति पुरुष संसर्ग की प्यासी थी. फिर भी उसे पर्सी का स्पर्श भा रहा था.

पर्सी और बीहू की मंजिल आ गई थी. दोनों के कमरे को जान और पहचान लिया था शांति ने. जब शांति ने अगली बार मिलने की इच्छा जताई तो पर्सी ने वार्डन की दुहाई देते हुए किसी और जगह मिलने को कहा.

कहीं आप भी ज्यादा नट्स तो नहीं खाते

दिल को स्वस्थ्य बनाए रखने के लिए आहार में नट्स को शामिल करना लाभदायक हो सकता है. नट्स में अनसैचुरेटेड फैटी एसिड के साथ साथ अन्य विटामिन और मिनरल होते हैं. ये बेहद आकर्षक एवं लोकप्रिय स्नैक के तौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं, क्योंकि बहुत ज्यादा महंगे नहीं होते हैं, इन्हें रखना सुविधाजनक होता है, और इन्हें चलते फिरते कहीं भी खाया जा सकता है.

लेकिन कुछ नट्स में ज्यादा कैलोरी होती है, जो नुकसानदायक है. इसलिए इनकी मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.

मनप्रीत कालरा- आहार विशेषज्ञ और रिबूटगुट प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक बता रही हैं कि किस तरह के नट्स आपके दिल के लिए नुकसानदायक हैं?

नट्स में ज्यादा ऊर्जा होती है, क्योंकि इनमें ज्यादा मात्रा में वसा शामिल है. सैचुरेटेड बसा की मात्रा ब्राजीलियाई नट्स, कैश्यू और मैकाडेमिया नट्स में ज्यादा होती है. इन्हें कम मात्रा में खाएं, क्योंकि इनका ज्यादा सेवन करने से कॉलेस्टेरॉल स्तर बढ़ सकता है.

ड्राई-रोस्टेड, साल्टेड, फ्लेवर वाले, या हनी-रोस्टेड नट्स का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनमें ज्यादा नमक और कभी अधिक कभी चीनी शामिल हो सकती है. यदि आप किसी पार्टी में हैं तो याद रखें कि साल्टेड नट्स खाने से आपका कॉलेस्टेरॉल लेवल बढ़ सकता है, जो आपके दिल को नुकसान पहुंचा सकता है.

यदि आप नमक और चीनी जैसे अस्वस्थ तत्वों से दूर बने रहकर और नट्स की उचित मात्रा का ध्यान रखकर नट्स लेते हैं तो ये आपके नाश्ते के साथ पोषक स्नैक हो साबित हो सकते हैं.

एक हेल्दी नाश्ते में कितने नट्स होने चाहिए?

नट्स वसायुक्त होते हैं. भले ही इनमें अच्छी वसा ज्यादा हो, लेकिन इनके सेवन से कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है. इसलिए, कम मात्रा में नट्स का सेवन करने की सलाह दी जाती है.

वयस्कों को संतुलित आहार के तौर पर हर सप्ताह 5-6 बार गैर नमक वाले बादाम खाने चाहिए. बच्चों के लिए यह मात्रा उनकी उम्र के हिसाब से अलग हो सकती है. फ्रायड नट्स से परहेज करें और इसके बजाय कच्चे या ड्राई-रोस्टेड पर ध्यान दें. मुट्ठीभर साबुत नट्स या 2 चम्मच नट बटर एक सर्विंग में शामिल करें.

आपको किस तरह के नट्स खाने चाहिए?

ऐसा माना गया है कि कई तरह के नट्स फायदेमंद होते हैं. लेकिन कुछ में ज्यादा पोषक तत्व होते हैं जो अन्य के मुकाबले दिल के लिए अच्छे होते हैं. उदाहरण के लिए, अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत है. बादाम, मैकाडेमिया नट्स, पेकॉन और हेजलनट्स भी दिल के लिए अच्छे माने जाते हैं.

संभव हो तो गैर नमक वाले या गैर-मीठे नट्स का चयन करें. नमक या चीनी मिले हुए नट्स आपके दिल को मिलने वाले लाभ नहीं दे सकते हैं.

नट्स से किसी का स्वास्थ्य कैसे प्रभावित हो सकता है?

नट्स न सिर्फ पोषक होते हैं बल्कि बेहद टेस्टी और अनेक गुणों से भरपूर भी होते हैं. इन्हें कई तरह से आपके आहार में शामिल किया जा सकता है. अपने फूड का जायका सुधारने के लिए केक, डेजर्ज या सूदी में नट्स शामिल करें. हालांकि ज्यादातर लोगों को अत्यधिक मात्रा में नट्स सेवन का स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का पता नहीं होता है. यदि हम ज्यादा मात्रा में नट्स का सेवन करते हैं तो क्या हो सकता है, इस बारे में नीचे जानकारी दी जा रही हैः

  1. जब आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हों तो नट्स अच्छे स्नैक हैं. लेकिन इनका ज्यादा सेवन करने से वजन बढ़ सकता है. इसकी वजह यह है कि नट्स में कैलोरी ज्यादा होती है और निर्धारित मात्रा से ज्यादा सेवन करने से वजन घटाने की आपकी कोशिश प्रभावित हो सकती है और आखिरकार आपके दिल को भी नुकसान पहुंच सकता है.
  2. ज्यादा नट्स खाने के बाद सामान्य तौर पर पेट फूलने और गैस बनने जैसी समस्या होने लगती है. आप इसकी वजह इनमें पाए जाने वाले केमिकल को मान सकते हैं. ज्यादातर नट्स में फाइटेट्स और टैनिन जैसे पदार्थ शामिल होते हैं जिन्हें आसानी से पचाना हमारे पेट के लिए मुश्किल होता है. इसके अलावा, नट्स में कई तरह की वसा होती है जो डायरिया जैसी समस्या बढ़ा सकती है.
  3. कुछ नट्स के अत्यधिक सेवन से फूड पॉइजनिंग हो सकती है. ब्राजीलियाई नट्स, बादाम और जायफल का अत्यधिक सेवन सावधानी के साथ किया जाना चाहिए, क्योंकि इनके नकारात्मक प्रभाव होते हैं. बादाम में हाइड्रोसायनिक एसिड होता है जो सांस लेने में समस्या और दम घुटने का कारण बन सकता है, लेकिन अधिक मात्रा में ब्राजीलियाई नट्स खाने से सेलेनियम की मात्रा भी बढ़ सकती है.

सेलिब्रिटीज का मानसून वार्डरोब सीक्रेट

बरसात के मौसम के लिए कपड़े पहनने के लिए स्टाइल और आचरण के बीच संतुलन होना बहुत जरुरी है, लेकिन भारी बारिश में खुद को सुरक्षित रखते हुए अपनी फैशन समझ को बनाए रखना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

हालांकि, Monsoon सीजन में, इन बॉलीवुड डीवाज ने Monsoon की ड्रेसिंग कला में जैसे महारत हासिल कर रखी है, बॉलीवुड डीवाज ने काफी सरल और सुंदर तरीके से Monsoon सीजन में खुद को कैरी किया है. इसलिए, हमने इन बी-टाउन डीवाज़ से प्रेरित मानसून लुक का एक कलेक्शन तैयार किया है, जिसे आप इस सीज़न में आत्मविश्वास से पहन सकते हैं.

  1. तारा सुतारिया

अगर बाहर बारिश हो रही हो तो वाइट डैस पहनना एक फैशन आपदा हो सकता है, लेकिन तारा सुतारिया साबित करती हैं कि बारिश के दिन सफेद पोशाक पहनना वर्जित नहीं है. मुंबई की बरसात में तारा सुतारिया ने सफेद रंग की क्लासिक बैकलेस मिडी-ड्रेस पहन रखी थी. सिंगल स्ट्रैप ड्रेस में तारा सुतारिया बेहद खूबसूरत लग रही है.

वाइट डैस के साथ तारा ने लुई वुइटन ( Louis Vuitton) चेन बैग और ग्लेडिएटर सैंडल के साथ डैस को पूरा किया. लाइट मेकअप और सुंदर झुमके पहने हुए तारा बेहद खूबसूरत लग रही है. इसी के साथ उन्होंने एक प्लेड छाते के साथ खुद को बारिश से बचाया.

 

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2. जान्हवी कपूर

अपने मानसून वॉर्डरोब के लिए जान्हवी कपूर का लुक आप ट्राई कर सकते. अपने सामान्य ग्लैमर से हटकर, जान्हवी ने सफेद टी और नीली जींस के ऊपर एक पीले रंग का रेनकोट पहना. आपमें से जो लोग मानसून के दौरान बेसिक्स पर टिके रहना पसंद करते हैं, उनके लिए यह लुक परफेक्ट रहेगा.

 

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3. सारा अली खान

हर कोई जानता है कि सारा अली खान को अपना कुर्ता-पायजामा बहुत पसंद है, लेकिन वह मौनसून के दौरान इस आरामदायक जैकेट और शॉर्ट्स कॉम्बो के लिए अपना पसंदीदा पहनावे को छोड़ देती हैं. सारा मौनसून में कलरब्लॉक्ड विंडचीटर का शॉर्ट्स और कलरफुल स्नीकर्स के साथ पेयर किया.

आपमें से जो लोग अपने कपड़ों पर बारिश की एक भी बूंद गिरने से नफरत करते हैं, आप भी अपने आउटफिट को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए इस मानसून में सारा जैसा विंडचीटर  लुक चुन सकते हैं.

 

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4. कैटरीना कैफ

कैटरीना कैफ भी बारिश के दिनों में सफेद रंग को मजबूती से सपोर्ट करती नजर आई. कैटरीना ने बारिश के दौरान खूबसूरत बने रहने के लिए शॉर्ट्स के साथ एक सफेद हुडी में मोनोक्रोम सफेद पहनावा पहना हुआ है.

 

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आपमें से जिन लोगों को बरसात मे ठंड लगने का खतरा है, उनके लिए अपने आउटफिट के साथ हुडी या जैकेट भी पहन सकते हैं. मोनोक्रोम लुक आपके पहनावे को अलग दिखाने का एक शानदार तरीका है और आप कैटरीना की तरह रंगीन छतरी के साथ वाइट कपडें पहन सकते है.

मौनसून में ऐसे चुनें सही शैम्पू

ब्यूटीफुल हेयर हमारी पर्सनेलिटी को निखारते हैं. यही वजह है कि बालों का झड़ना, टूटना, उलझना जैसी प्रौब्लमस से हर महिला परेशान हो जाती है, लेकिन बालों की सही देखभाल और बैलेंस व हेल्दी डाइट लेने से इन प्रौब्लम्स से बचा जा सकता है. इसी प्रौब्लम को लेकर ओरिफ्लेम इंडिया की हेयर ऐक्सपर्ट पल्लवी सहगल कहती हैं कि बालों पर मौसम का भी असर पड़ता है. मौनसून के मौसम में बारबार गीले हो जाने की वजह से बाल उलझ जाते हैं. जिससे वह ज्यादा झड़ने लगते हैं. 60 से 100 बालों का प्रतिदिन झड़ना कोई खास चिंता की बात नहीं. पर 100 से ज्यादा बालों का रोजाना झड़ना चिंता की बात होती है. बालों की तरह-तरह की प्रौब्लम्स के चलते शैंपू के चुनाव में सावधानी बरतना जरूरी है. इसके लिए कुछ खास टिप्स के बारे में आज हम आपको बताएंगे…

1. ग्रीसी हेयर के लिए अपनाएं ये शैम्पू

अगर आप के हेयर ग्रीसी हैं तो मार्केट में कई प्रकार के ग्रीसी हेयर शैंपू मिलते हैं, जो ग्रीसी हेयर को ठीक कर सकते हैं. बारबार आम शैंपू लगाने से बालों और स्कैल्प का औयल कम हो जाता है, जिस से बालों में डैंड्रफ हो जाता है और उन का झड़ना भी बढ़ जाता है. अत: इस मौसम में बाहर जाने से पहले सीरम जरूर प्रयोग करें.

2. हेयर टैक्स्चर के बेस पर चुनें शैम्पू

शैंपू हेयर टैक्स्चर के आधार पर प्रयोग करें. कई बार पूरा परिवार एक ही शैंपू का प्रयोग करता है, जो ठीक नहीं. अगर आप ने हेयर कलर किए हैं तो उस शैंपू का प्रयोग करें, जो कलर न उतारे और यदि बालों में डैंड्रफ है, तो डैंड्रफ हटाने वाले शैंपू का प्रयोग करें. इसी तरह अगर बाल डैमेज हो रहे हों तो हेयर रिपेयर करने वाले शैंपू का प्रयोग करें. शैंपू खरीदने से पहले बालों का टैक्स्चर अवश्य जान लें. कई बार महिलाएं कर्ली बालों को फ्रीजी बाल समझती हैं.

3. मौनसून में हेयर औयलिंग है जरूरी

मौनसून में हेयर औयलिंग बहुत आवश्यक है. इस से बेजान बालों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है. उन की ग्रोथ बढ़ती है, क्योंकि मसाज से औयल बालों की जड़ों तक पहुंचता है. महीने में 2 बार 2 घंटों तक बालों में औयल लगा कर रखना पर्याप्त होता है. आजकल बाजार में औयल के गुण वाले शैंपू भी उपलब्ध हैं. आजकल अधिकतर महिलाएं हेयर कलरिंग करती हैं. अत: बारिश के मौसम में कलर प्रोटैक्ट रेंज का प्रयोग ठीक रहता है. इस में शैंपू, कंडीशनर इत्यादि शामिल हैं.

4. कलरिंग करते वक्त रखें ध्यान

एक बार कलर करने के बाद बालों को दोबारा 15 दिनों के बाद ही कलर करें. कलर के बाद शैंपू, कंडीशनर लगाने से बाल ठीक रहते हैं. अगर डैमेज हो रहे हों और पोरस भी हैं, तो रैस्टोर वाला शैंपू या फिर हेयर मास्क लगाना सही रहता है. मौनसून में बालों को हमेशा फ्रैश दिखाने के लिए गीले बालों को सुखा कर सीरम लगाएं.

5. हेल्दी डाइट भी है जरूरी

सुंदर बालों के लिए प्रोटीन और विटामिन युक्त डाइट भी आवश्यक है. अगर आप का लाइफस्टाइल ठीक नहीं है, तो सप्लिमैंट का सहारा लें. मल्टी विटामिन और फ्रूट्स का सेवन अवश्य करें. हफ्ते में 2-3 बार बालों में शैंपू जरूर करें. और उन्हें भीगने से बचाएं.

मैं सफेद बालों से परेशान हूं, क्या करूं?

सवाल-

मेरी उम्र 26 वर्ष है. अगले साल विवाह होने वाला है. मेरी समस्या मेरे बालों को ले कर हैं. मेरे बाल सफेद होने लगे हैं. मैं मेहंदी लगाती हूं तो सफेद बाल लाल दिखते हैं. क्या बालों को कुदरती रूप से काला करना संभव है? साथ ही सिर की त्वचा में खुजली भी होती है और बाल बेजान, शुष्क व कमजोर भी हो रहे हैं. मुझे हेयर केयर के टिप्स बताएं जिन से कि मेरे बाल मजबूत और चमकदार हो जाएं?

जवाब-

सफेद बालों को कुदरती रूप से काला नहीं किया जा सकता. मेहंदी से बालों को अस्थाई रूप से काला करने के लिए उस में आंवला पाउडर मिलाएं और साथ ही मेहंदी को लोहे की कड़ाही में भिगोएं. इस से मेहंदी लगाने के बाद बाल कम लाल दिखेंगे.

साथ ही बालों की नियमित औयलिंग करें. सिर की त्वचा पर खुजली की समस्या के समाधान व मजबूत, चमकदार बालों के लिए एक हेयर पैक बनाएं, जिस में मेथी पाउडर में काले तिल का पाउडर बराबर मात्रा में मिला कर उस में दही मिलाएं और फिर इस पेस्ट को बालों में लगाएं. आधे घंटे बाद बालों को सादे पानी से धो कर शैंपू कर लें. नियमित ऐसा करने से बाल घने, मजबूत व चमकदार हो जाएंगे.

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जानना चाहती हैं काले बालों का राज?

आज कल हर कोई अपने सफेद होते बालों से परेशान है. आज की भागदौड़ भरी जिन्दगी में हम अपनी सेहत की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे पाते हैं और पोषक तत्वों की शरीर में कमी होने के कारण हमारे शरीर में कई शारीरक समस्याएं आ जाती हैं. उनमे से एक प्रमुख समस्या है, बालों का उम्र से पहले सफेद होना. परन्तु प्राकृतिक तरीकों को अपना कर आप सफेद बालों से मुक्ति पा सकते हैं.

ये भी जानते हैं कि क्या मुख्य कारण हैं कि बाल सफेद हो जाने के…

बालों के सफेद होने के कारण :

1. बहुत ज्यादा तनाव में रहना

2. ज्यादा तैलीय चीजों को खाना

3. बहुत ज्यादा साबुन और शेम्पू का इस्तेमाल करना

4. पोष्टिक भोजन ना लेना

बालों को काला करने के 9 घरेलू उपाय :

1. नारियल और निम्बू के रस का मिश्रण सफेद बालों को काला करने में मदद करता है. नारियल के तेल को निम्बू के रस में मिलाकर अपने बालों में इसकी मालिश करें और मालिश करने के बाद तकरीवन एक घंटे के बाद अपने बालों को धो लीजिए.

2. आम की पत्तियों को पीस लें और इससे एक पेस्ट सा तेयार हो जायेगा और इसे अपने बालों में लगायें. करीब 30 मिनट तक इसे लगा रहने दें. इसके बाद साफ पानी से अपने बालों को दों लें.

3. प्याज के रस में निम्बू मिलाकर अपने बालों में लगाएं और करीब 45 मिनट तक खुला छोड़ दें और बाद में इन बालों को अच्छी तरह धो लीजिए. इससे आपको सफेद बालों से मुक्ति मिलेगी और साथ ही साथ आपके बाल झड़ने बंद हो जायेंगे.

4. बालों का शुद्ध घी अपने बालों में लगाने से सफेद बाल जल्दी काले होने शुरू हो जाते हैं. इस घी को प्रतिदिन अपने बालों में लगाना चाहिए.

5. अपने बालों पर तिल के तेल की मालिश करने से सफेद बाल काले होने शुरू हो जाते हैं. इस तेल का इस्तेमाल हमें प्रतिदिन आपने बालों में करना चाहिए.

6. काली चाय सफेद बालों को काला करने में बहुत मदद करती है. काली चाय आपके बालों को मुलायम और चमकदार बनाती है. एक कप पानी में थोड़ी सी चाय की पत्तियां मिला दें और फिर इसे उबाल लें फिर इसमें एक चमच नमक मिला दें. इस पानी को ठंडा होने के बाद अपने बालों पर लगायें एक घंटे बाद अपने बालों को साफ़ पानी से धो लें.

7. लोंग के तेल से अपने बालों की मालिश करें इससे आपके सफ़ेद बालों को रोकने में बहुत मदद मिलेगी.

8. आंवला बालों को काला करने में बहुत अच्छा माना गया है. नारियल के तेल में आंवला के कुछ सूखे टुकड़े उबाल लें. इसे ठंडा हो जाने पर अपने बालों पर इसकी मालिश करें इस मिश्रण को अपने बालों पर कुछ घंटों तक रहने दें. एक – दो दिन छोड़ कर इस मिश्रण को अपने बालों पर लगायें कुछ ही हफ़्तों में आपको इसका फर्क दिखने लगेगा.

9. संतरे के रस में थोडा सा आंवले का रस मिलाकर अपने बालों में लगाने से बालों का झड़ना और सफेद होना बंद हो जाता है.

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