Monsoon Special: मौनसून में ऐसे पाएं रूखे और बेजान बालों से छुटकारा

बरसात के मौसम में नम वातावरण के कारण बालों के रूखे और बेजान होने का खतरा रहता है. ऐसे में बालों में झड़ने, गिरने, खुजली तथा डैंड्रफ जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इन सबसे बचने के लिए जरूरी है कि आप बालों की सेहत पर खास ध्यान दें. बालों में नियमित रूप से मसाज करें. सोने से पहले नारियल तेल या बादाम के तेल से बालों में मालिश करने से वे नम बने रहते हैं. ऐसे में बालों के टूटने गिरने की समस्याएं कम होती हैं. इसके अलावा मानसून में बालों को रूखेपन से बचाने के लिए आप इन नुस्खों को अपना सकती हैं.

1. शहद:

शहद और जैतून के तेल से भी बालों के रूखेपन से छुटाकारा पाया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले शहद और जैतून तेल को समान मात्रा में एक कटोरी में मिला लें. इसे बालों में लगाएं और फिर तीस मिनट तक सिर को ढंक लें. इसे शैंपू और कंडीशनर से धो लें. महीने में कम से कम एक बार ऐसा जरूर करें. और अगर आप हर सप्‍ताह ऐसा कर सकें तो और बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे.

2. मेथी:

मेथी के इस्तेमाल से आप मानसूम नें बालों के रूखेपन से छुटकारा पा सकते हैं. इसके लिए रात भर मेथी को पानी में भिगोकर रख दें. सुबह पानी को छानकर अलग कर लें. इस पानी से बाल और स्कैल्प को धोएं. यह नुस्खा बालों को पोषण तो देता ही है साथ ही बालों में चमक लाता है तथा रूखापन दूर करता है.

3. बेसन:

ड्राई बालों को सही करने का यह तरीका सबसे अच्‍छा है. इसके लिए सबसे पहले एक कप कच्‍चा दूध या नारियल दूध लें. इसमें दो-तीन चम्‍मच बेसन मिलाएं. इसका अच्‍छा सा पेस्‍ट तैयार कर लें और बालों पर अच्‍छी तरह लगाएं. इसे 15 मिनट के लिए ऐसे ही लगा छोड़ दें. उसके बाद पानी से और बाद में शैम्‍पू से धो लें.

सोच का विस्तार: भाग 1- रिया के फोन से कैसे गायब हुई सुरेश की खुशी

रिया अपनी दादी के कंधे पर सिर रख कर रो रही थी. रिया की मां ने देखा कि दादी रिया के सिर पर हाथ फेरते हुए उसे शांत होने को कह रही थीं. पापा बाहर के कमरे में कुरसी पर बैठे दोनों हाथों से सिर पकड़े रो रहे थे कि जान से प्यारी बेटी रिया को विदेश भेज क्या मिला?

वह तो उन्हें छोड़ जाना ही नहीं चाहती थी. मगर पत्नी की सहेली के बेटे से शादी का प्रस्ताव आया तो विदेश में बसे लड़के का मोह रिया की मां रेखा नहीं छोड़ सकीं. सोचा घर बैठे रिश्ता मिल रहा है… आजकल लड़के ढूंढ़ना और फिर उन की डिमांड्स पूरी करना क्या आसान है?

रिया ने तो अपने लिए साथ काम करते स्मार्ट, अच्छे परिवार व अच्छी पोस्ट पर लगे लड़के से विवाह करने की सोची थी. पापा सुरेश की इस में पूरी सहमति भी थी पर दादी बिदक गई थीं यह जान कर कि लड़का ब्राह्मण परिवार से नहीं है.

सुरेशजी ने मां को समझाने का पूरा प्रयास किया कि आज के समय की सोच अलग है पर रूढि़वादी मां को मनाना नामुमकिन था. रिया ने पापा से कहा था कि जल्दी न करें. शायद दादी अपनी सोच बदल लें. मगर ऐसा नहीं हो पाया.

2 साल पहले दादाजी के गुजर जाने के बाद दादी और भी जिद्दी हो गई थीं. अपने कमरे में ही रहतीं. उन्हें स्नान करना, अलग बरतनों में अलग खाना बनाना, मां के अलावा किसी और से कोई काम न करवाना मां के लिए कठिन होता जा रहा था. पर क्या करें. अपने ही बेटे को पराया कर दिया. उन के दरवाजे की चौखट पर खड़े पापा प्रणाम कहते और वे वहीं बैठी हाथ उठा आशीर्वाद दे देतीं.

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सहेली ने सूचना दी और बेटे अमन को ले रिया को देखने चली आईं. काफी समय अमेरिका की बातें करती रहीं. रेखाजी ने पूछा, ‘‘तो तुम घूम आई वहां?’’

‘‘नहीं. अब इन की शादी के बाद जाऊंगी. देखो हमें कोई दहेजवहेज नहीं चाहिए. बस बेटीदामाद के लिए अमेरिका के टिकट करवा दें.’’

रिया को अजीब लगी थीं आंटी, आंटी का बेटा और उन की सोच… पर मां ने कहा, ‘‘बेटा यहां से क्या कुछ ले जाना… वहां अच्छीअच्छी चीजें मिलती हैं… फिर हमारा ढेरों आशीर्वाद जो होगा तुम्हारे साथ.’’

रिया के मम्मीपापा खुश थे, दादी नाराज कि कहां गए सब ब्राह्मण जाति के लोग और उन के बेटे… रिया को तो देखो पहले अपनी मरजी का लड़का ढूंढ़ बैठी और अब जब दूसरा मिल रहा है, तो वह है तो ब्राह्मण पर विदेश में रहता… क्या भरोसा मांसाहारी हो… शराब भी पीता हो… आज रिया के दादाजी होते तो यह रिश्ता कभी नहीं मानते.

मगर दादी को क्या पता कि पढ़लिखे व सरकारी नौकरी में अफसर वे दादी की हां में हां इसलिए मिलाते थे कि वे जानते थे कि मायके से लाई सोच को पत्नी कभी नहीं बदलेगी. पढ़ालिखा, कमाता व संस्कारी लड़का उन की रिया को खुश रखे और ससुराल वाले सब एकदूसरे का मान, सम्मान करें यही सोच होती दादाजी की.

अचानक सहेली के घर से आई सूचना कि अमन आ रहा है, जल्दी शादी करनी है ने सब को व्यस्त कर दिया. अकेली बेटी को बहुत धूमधाम से ब्याहने के सपने को छोटा कर साधारण ढंग से ब्याह कर विदा किया. अमेरिका के अनजाने शहर में पहुंच रिया थोड़ा अकेला महसूस कर रही थी, पर औफिस के बाद का समय अमन उसे न्यूयौर्क घुमाने में बिताता, कभी वर्डट्रेड सैंटर, कभी स्टेटन आईलैंड फेरी और आज ऐंपायर स्टेट बिल्डिंग की 104वीं मंजिल पर खड़े न्यूयौर्क शहर के कई फोटो खींचते रोमांच हो आया रिया को. कई फोटो भेजते मैसेज भी लिख डाला कि मैं बहुत खुश हूं. मम्मीपापा को तसल्ली हुई.

1 महीना खुशीखुशी बीत गया. फिर एक दिन अमन ने झिझकते बताया कि उसे 3 दिनों के लिए औफिस के काम से बाहर जाना है. तब रिया ने भी साथ चलने को कहा तो अमन बोला कि नहीं, वह उसे फोन करता रहेगा.

मगर न तो स्वयं फोन किया और न ही रिया के किए फोन को उठाया. 3 दिन की कह 25वें दिन लौटे अमन को देख रिया घबरा गई. ऐसा लगा जैसे कुछ पीछे छोड़ आया हो. उस के गले लगने लगी तो हाथ से रोकते कहा कि वह बहुत थका है. आराम करेगा. क्या हुआ शायद काम ज्यादा हो या कुछ काम बिगड़ गया हो.

बिगड़ ही तो गया था. पिछले 3 सालों से साथ रह रही गर्लफ्रैंड कैसे बरदाश्त करती अमन की पत्नी को. पहले तो अमन भी टालता रहा मां की इस जिद को कि शादी कर लो. वहां अकेले रहते हो. उन्हें चिंता होती है. पर उन का थोपा विवाह उसे रास आया.

कितनी प्यारी और उस का ध्यान रखने वाली है रिया. उस के स्पर्श में कितना अपनापन है. उस की मुसकराहट देख उस के अंदर तक प्यार की लहर झूम उठती है. मगर अब अचानक आए बदलाव से कैसे बचे?

कहीं नहीं गया था वह औफिस के काम से…गर्लफ्रैंड अमीलिया की धमकी से उस के घर में छिपा था… बिना विवाह किए साथ रह रहे थे, उस के चलते 2 बार गर्भपात करवाया था अमीलिया ने. अस्पताल के कागज  प्रूफ थे, जिन पर पिता के नाम के आगे अमन का नाम लिखा था. क्या वह ये सब बता पाएगा रिया को?

परेशान रिया जानने की कोशिश कर रही थी कि अमन में अचानक आए बदलाव का क्या कारण हो सकता है. जल्दी परदाफाश हो गया. औफिस से लौटते एक लड़की बड़ा सा सूटकेस लिए अमन के साथ आई तो बताया गया कि उस के मकानमालिक ने जल्दी में उस से मकान खाली करवा लिया. दूसरा मिलते ही चली जाएगी.

भोली रिया खुश हुई कि कुछ दिन अच्छी कंपनी रहेगी. दूसरा बैडरूम उसे दे दिया. दोनों सुबह इकट्ठे निकलते और रात देर से आते. चौथे ही दिन सुबह अमन को अमीलिया के कमरे से निकलते देख रिया का तो रंग ही फक हो गया. सोचने लगी कि सही सुना था अमेरिका के कल्चर के बारे में… बिना बात किए अमन तैयार हो चला गया. अमीलिया घर पर ही रुकी.

थोड़ी देर बाद अमीलिया सीधी रिया के सामने जा खड़ी हुई. धमकाते हुए अमीलिया ने कहा कि चाहे तुम्हारी अमन से इंडिया में शादी हो चुकी है, पर उस पर अभी भी उस का हक ज्यादा है. इस देश में बिना शादी किए भी बच्चे पैदा करने की मान्यता है और यदि पिता चाहे तो बच्चे का खर्चा उठा अलग हो सकता है. सरकार भी ऐसी स्थिति में सिंगल मदर की सहायता करती है.

ये सब सुन रिया का सिर घूम गया. कुछ समझ न पाने की स्थिति में वह धम्म से पास रखी कुरसी पर जा गिरी. जब होश आया तो अमीलिया को वहां नहीं पाया. उस रात वह लौटी भी नहीं.

अमन औफिस से जल्दी लौटा तो बिस्तर पर बैठी रिया को शून्य में ताकते पाया. न कुछ पूछा न कहा. चाय व नाश्ता ला सामने आ बैठा. रो दी रिया. क्यों किया अमन ऐसा? का उत्तर उस ने संक्षेप में दिया कि तुम चाहो तो यहां रहो नहीं तो लौट जाओ. रिया का जवाब था कि कौन है मेरा यहां तुम्हारे सिवा. बीचबीच में अमीलिया आती रहती. रिया ने सोच लिया कि वह पति को नहीं बांटेगी. क्या मां से बात कर सलाह ले? पर फिर घबरा उठी.

एक बार पापा को आए हार्ट अटैक को वह देख चुकी थी. तभी ध्यान आया कि शादी के बाद विदाई के समय मां ने एक तह किया कागज देते कहा था कि तुम्हारी मौसी का बेटा विनय यूएसए में रहता है. उसे फोन कर लेना. खुश होगा यह जान कर कि अब तुम भी वहां हो.

शारदा मैम: भाग 3-आखिर कार्तिक को किसने ब्लैकमेल किया ?

टेबल पर लग गया था. सभी हंसीमजाक करते हुए खाना खाने में व्यस्त हो गए. खाना खातेखाते ही तय हुआ कि कार्तिक और तनुजा कुछ घंटों के लिए बाहर जाएंगे आपस में बात करने के लिए. खाना खातेखाते कार्तिक ने सोच लिया था कि तनुजा को सबकुछ बता दे या फिर यह रिश्ता टूटे या बचे.

‘‘बेटा कार्तिक, शारदा मैम को भी साथ ले जाओ. शारदा मैम यहां की लोकल है,’’ कार्तिक की मम्मी दीपा बोली,

‘‘क्यों नहीं, मैं गाड़ी निकाल लेती हूं,’’ शारदा मैम बोली.

‘‘हम दोनों बाइक से चले जाएंगे,’’ कार्तिक बोला, ‘‘क्यों परेशान कर रही हो शारदा मैम को.’’

‘‘अरे कैसी परेशानी? चलो आ जाओ,’’ कह कर शारदा मैम बाहर चली गईं.

जब कार्तिक और तनुजा अपार्टमैंट के नीचे पहुंचे, तब तक शारदा मैम ड्राइविंग सीट पर जम गई थीं.

‘‘क्या चक्कर है कार्तिक?’’ तनुजा ने सवाल किया. कार्तिक कुछ कहता उस से पहले ही शारदा मैम चिल्लाई, ‘‘आओ गाड़ी में बैठो.’’

दोनों कार की पिछली सीट पर जा कर बैठ  गए.

‘‘शादी हो रही है तुम दोनों की, शरमाते रहोगे क्या? बोलो कहां चलेंगे?’’ शारदा ने साइड मिरर से कार्तिक को देखा.

‘‘गेट वे औफ इंडिया?’’ शारदा मैम ने पूछा.

‘‘वहीं चलते हैं,’’ कार्तिक बोला.

समंदर की लहरों का शोर लोगों की भीड़, फेरी वालों की आवाजें आ रही थीं.

‘‘चलो आओ भी,’’ शारदा मैम गाड़ी पार्क कर के आ रही थीं. तभी शारदा मैम का मोबाइल बज उठा. वे ऐक्सक्यूज मी कहती हुई थोड़ी दूरी पर चली गईं.

उसी समय तनुजा के मोबाइल पर मैसेज की आवाज आने लगी. तनुजा ने देखा ढेर सारी पिक हैं. अभी लोड नहीं हो पा रही थीं.

‘‘क्या हुआ तनुजा?’’ कार्तिक ने पूछा.

‘‘कुछ नहीं नैट की प्रौब्लम है, कोई अननोन नंबर है,’’ तनुजा ने कहा.

‘‘बताओ तो. अरे यह तो शारदा मैम का नंबर है. सुबह ही तो लिया था उन्होंने तुम से,’’ कार्तिक बोला.

‘‘अरे हां, शायद मैं सेव नहीं कर पाई,’’ तनुजा बोली.

कार्तिक ने तनुजा के हाथ को अपने हाथों में ले लिया. तनुजा को अच्छा लगा, सुकून भरा स्पर्श. दोनो बैंच पर बैठ गए.

‘‘मुंबई कितना सुंदर है,’’ तनुजा ने गेट वे औफ इंडिया को निहारते हुए कहा.

‘‘हां वाकई बहुत सुंदर है,’’ कार्तिक बोला.

इसी बीच तनुजा के मोबाइल में पिक्स लोड हो गई थीं.

‘‘देखें शारदा मैम ने कैसी पिक्स ली हैं,’’ कहते हुए तनुजा ने मोबाइल कार्तिक के सामने कर दिया, ‘‘अरे यह क्या?’’ तनुजा बोली.

‘‘क्या हुआ?’’ कार्तिक घबरा गया.

‘‘तुम खुद ही देख लो,’’ तनुजा बोली.

कार्तिक ने देखा उस के और शारदा मैम की न्यूड पिक्स सब तनुजा के सामने थीं.

‘‘कार्तिक यह क्या है?’’ कह कर वह एकदम चुप हो गई. सामने से शारदा मैम को आते देख लिया था.

‘‘क्या बात है तनुजा? कोई प्रौब्लम?’’ शारदा मैम मुसकराईं.

‘‘अब क्या बचा है यह सब देखने के बाद,’’ तनुजा बोली.

‘‘क्यों? अच्छा, पिक्स जो भेजी तुम्हें.’’

‘‘हां, वही पिक्स, ये सब क्या है?’’ तनुजा की आवाज ऊंची होने लगी थी, ‘‘कार्तिक क्या है ये सब? तुम्हारा संबंध शारदा मैम से है पहले बता देते तो हम मुंबई नहीं आते.’’

कार्तिक की आंखों में आंसू आ गए, वह डर गया. फिर बोला, ‘‘ऐसा कुछ नही है तनुजा. विश्वास करो मेरा.’’

‘‘कार्तिक जो सच है वह बता दो,’’ शारदा मैम बोलीं.

‘‘कार्तिक, शारदा मैम तुम्हारी मां की उम्र की हैं, इन के साथ… अरे, इन के साथ…’’

‘‘तनुजा यह क्या बोल रही हो?’’ शारदा मैम बोली.

‘‘तो फिर ये क्या है सब?’’ तनुजा की आवाज गुस्से से कांप रही थी.

‘‘अरे बाबा, यह तुम को इसलिए बताया ताकि तुम्हें मुंबई का माहौल पता चल जाए,’’ शारदा मैम बोली.

‘‘मतलब?’’ तनुजा समझ नहीं पाई.

‘‘मतलब यहां खुला माहौल है, शादी के बाद तुम को पता चलता कि हमारे सैक्सुअल रिलेशन हैं तो तुम्हें बुरा लगता. इसलिए बता दिया.’’

‘‘ऐसा कुछ नहीं है. प्लीज, मेरा विश्वास करो,’’ कार्तिक रो पड़ा.

‘‘चलो मैं निकलती हूं. आप दोनों टैक्सी या लोकल से आ जाना. कोई काम आ गया है मुझे, दोनों को फ्री छोड़ कर जा रही हूं,  बाय टेक केयर,’’ कह कर मुसकराती हुई शारदा मैम चल गईं.

शारदा मैम सोच रही थीं कि अब तो तनुजा शादी करने से रही. मजा आ गया. अब तक वे थोड़ीबहुत बात कर रहे थे. वह भी नहीं करेंगे. अपनी जीत पर खुश होते हुए वे घर आ गईं.

शारदा को अकेला देख कर कार्तिक की मम्मी और बाबूजी दोनों चौंक गए, ‘‘अरे आप अकेलीं? कार्तिकतनुजा कहां है?’’

‘‘अरे, बहनजी दोनों को थोड़ी देर अकेला भी रहने दो, मैं कहां बीच में रहती कबाब में हड्डी की तरह,’’ शारदा मैम बोलीं. वे सोच रही थीं, आते ही दोनों का रिश्ता टूटना तय है.

कुछ घंटे बाद कार्तिक, तनुजा दोनों एकदूसरे का हाथ थामे घर आ गए.

‘‘आ गए तुम दोनों?’’ दीपा बोली.

‘‘हां मम्मी आ गए हम दोनों,’’ तनुजा मुसकराई.

उस की मुसकराहट देख कर शारदा मैम जल गईं, उन की समझ में कुछ नहीं आया कि दोनों गेटवे औफ इंडिया पर तो झगड़ रहे थे. अब यह क्या हुआ?

‘‘क्या सोचने लगीं शारदा मैम?’’ कार्तिक बोला.

‘‘कुछ नहीं, कुछ नहीं,’’ कह कर शारदा मैम उठ कर जाने लगीं.

‘‘शारदा मैम अभी रुकिए न, थोड़ी देर.’’

‘‘नहीं, मैं चलती हूं, फिर आऊंगी,’’ शारदा मैम बोलीं.

‘‘आएंगी नहीं आप, जाएंगी सीधा जेल,’’ कहते हुए लेडीज पुलिस घर के अंदर आ गई.

पुलिस को देखते ही शारदा मैम घबरा गईं, ‘‘क्यों क्या हुआ? यह पुलिस?’’

‘‘क्या हुआ आप नहीं जानतीं? लेडीज इंस्पैक्टर ने शारदा मैम का हाथ पकड़ा और उसे ले जाने लगीं.

‘‘मगर मैं ने किया क्या है?’’ शारदा मैम एकदम घबरा गईं, डर से कांप उठीं.

‘‘तुम ने कार्तिक का यौन उत्पीड़न किया है, उसे ब्लैकमेल कर रही हो इतने समय से. कार्तिक ने रिपोर्ट लिखवाई है… सुबूत के तौर पर वीडियो दिए हैं.’’

शारदा मैम की शर्म के मारे आंखें नीची हो गईं. वे नजरें ऊंची नहीं कर पाईं.

‘‘शर्म आनी चाहिए तुम्हें,’’ लेडीज इंस्पैक्टर गुस्से से चिल्लाईं.

‘‘मुझे माफ कर दो प्लीज,’’ वे हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ाने लगीं.

इंस्पेक्टर बोलीं, ‘‘वीडिओ डिलीट करो और जेल जाने के लिए तैयार रहो.’’

‘‘नहींनहीं प्लीज मुझे माफ कर दो,’’ शारदा मैम बोलीं.

इंस्पैक्टर बोलीं, ‘‘ऐसा करो लिखित में दो कि तुम ने इतने सालों से कार्तिक का यौन उत्पीड़न कर ब्लैकमेल किया है… माफी मांगो.’’

‘‘ठीक है पर फिर मुझे जेल तो नही भेजेंगे?’’ शारदा मैम बोलीं.

‘‘नहीं,’’ इंस्पैक्टर बोलीं.

कार्तिक तुंरत अंदर से एक कागज ले आया. शारदा मैम ने तुरंत ही सब

लिख दिया. फिर इंस्पैक्टर को कागज देती हुई बोलीं, ‘‘प्लीज मुझे गिरफ्तार न करें.’’

‘‘बिलकुल नही करेंगे,’’ इंसेक्टर बोलीं,

‘‘आप खुद अपनी गलती स्वीकारें इसलिए यह खेल खेला गया था. मैं कार्तिक के फ्रैंड की वाइफ हूं.’’

कार्तिक और तनुजा के मम्मीपापा की समझ में कुछ नहीं आ रहा था.

फिर तनुजा ने बताया, ‘‘शारदा मैम ने कार्तिक को घर बुलाया था. किसी काम से

जब आप लोनावाला गए थे. वहां  झूठी धमकी दे कर जबरदस्ती कार्तिक के साथ सैक्सुअल रिलेशन बना लिए थे. उसी वीडियो से ये उसे ब्लैकमेल करती रही. पहला रिश्ता भी इसी ने तुड़वाया था,’’ तनुजा ने संक्षिप्त में समझया.

सब यह सुन कर आश्चर्य में थे कि बेटे की उम्र के लड़के के साथ?

‘‘मम्मी गंदे लोग कहीं भी हो सकते हैं,’’ तनुजा ने आगे बताया, ‘‘जब ये हमें छोड़ कर यहां आ गई थीं तब कार्तिक ने सब बताया और मैं ने विश्वास किया कार्तिक पर. फिर कार्तिक के फ्रैंड से मिल कर यह योजना बनाई.’’

‘‘प्लीज, तनुजा यह विश्वास बनाए रखना,’’ कार्तिक की आंखों में आंसू थे.

‘‘हम पुलिस वाला उपाय नहीं करते तो ये परेशान करती रहतीं. अपनी गलती नहीं मानतीं,’’ तनुजा बोली,

‘‘तनुजा तुम वाकई समझदार निकली. हम तो समझ ही नहीं पाए शारदा मैम को.’’

शारदा मैम शर्म के मारे भाग खड़ी हुईं.

उस का सपना: भाग 3- किस धोखे में जी रही थी तृप्ति?

अमित की इस बात से फिर से तृप्ति का दिल टूटा मगर उस ने खुद को संभाला और उस के बालों में हाथ फेरती हुई बोली, ‘‘क्या बात है आजकल मेरी तरफ बिलकुल ध्यान नहीं देते हो. हमारे बीच जो खूबसूरत सी नजदीकियां थीं क्या तुम्हें नहीं लगता कि वे लमहे भी कहीं खोते जा रहे हैं? लगता ही नहीं कि तुम मेरे पुराने अमित हो. आखिर ऐसा क्या हो गया अमित?’’

अमित तृप्ति को बांहों में लेता हुआ बोला, ‘‘कुछ नहीं यार होना क्या है. बस आजकल तुम भी बिजी रहती हो और मैं भी.’’

अमित की बात पर तृप्ति एतबार आने लगा था. आज महीनों बाद दोनों एकदूसरे की सांसों की गरमाहट महसूस कर रहे थे. आज उसे वही सुकून हासिल हो रहा था जो पहले हुआ करता था. तृप्ति ने मन ही मन तय किया कि वह सारे गिलेशिकवे भूल कर रिश्ते की एक नई शुरुआत करेगी.

यह सोचते हुए वह उस की बांहों में सिमट गई. अमित भी आज पूरे मूड में था. सुबह जब तृप्ति की नींद खुली तो देखा अमित तैयार हो रहा है.

‘‘क्या बात है, आज बहुत जल्दी जा रहे हो?’’ तृप्ति ने पूछा.

‘‘हां, आज जरूरी मीटिंग है. अच्छा सुनो

मैं ने कल रात बताया था न कि आज तुम्हें एक डाइरैक्टर से मिलवाऊंगा. मैं ने घर में ही मीटिंग रखी है. एक छोटीमोटी पार्टी ही समझ लो. फ्रिज में केक रखा है लेकिन, तुम मत खाना,’’ कह कर अमित मुसकराया.

पिछले कुछ महीनों से तृप्ति जब भी मिठाई की तरफ देखती तो अमित आंखों के इशारे से मना कर देता. तृप्ति की इच्छा तो बहुत होती थी कुछ अच्छा खाने की लेकिन अमित की इच्छा का खयाल रखती थी. उस का सपना पूरा जो करना चाहती थी.

इसलिए कई महीनों से उस ने न तो कोई मिठाई खाई थी न अपने बर्थडे पर केक ही खाया था. तलीभुनी चीज भी नहीं खाती थी. आजकल अपना खाना उसे खुद पसंद नहीं आता था. मगर अपने आप को अमित की नजरों में खूबसूरत दिखने और उस के सपनों को पूरा करने के लिए सबकुछ कर रही थी.

‘‘जो हुकुम जहांपनाह,’’ तृप्ति ने अलग ही अंदाज में कहा. तो इस पर अमित हंसता हुआ बोला,’’ ये अदाएं उन को दिखाना और हां हो सके तो घर को भी थोड़ा सजा लेना.’’

‘‘ओके श्योर.’’

अमित चला गया तो तृप्ति घर सजाने में लग गई. पहले पूरा घर साफ किया. फिर उस ने कुछ सजावटी सामान खरीदे और उसे दीवारों पर टांगने लगी. टेबल के बीचोंबीच एक एंटीक मूर्ति रखी और कमरे के कोनों में कुछ फ्लौवर वाश सजाए. फिर ड्राइंगरूम के परदे वगैरह भी बदल दिए.

आज तृप्ति जिम जाने के मूड में नहीं थी. गूमिंग क्लास के लिए भी निकलने का मन नहीं कर रहा था. घर सजाने के बाद उस ने चुपचाप हैंडबैग उठाया और शौपिंग करने मौल निकल गई. वह शाम में पहनने के लिए खूबसूरत ड्रैस खरीदना चाहती थी.

शौपिंग के बाद वह कुछ खानेपीने को  सोच रही थी कि तभी उसे सामने अमित काजल के साथ दिखाई दिया. वह चुपकेचुपके अमित का पीछा करने लगी. अमित काजल के हाथों को थामे हुए प्यार से उसे निहारता हुआ उस से बातें करने में मगन था.

थोड़ी देर बाद वह काजल के साथ मौल के एक कोने वाले हिस्से में चला गया जहां किसी का आनाजाना नहीं होता था. फिर उस ने काजल को बांहों में भर लिया. दोनों एकदूसरे को बेतहाशा चूमने लगे. यह नजारा देख कर तृप्ति के तनबदन में आग लग गई. उस से खड़ा नहीं रहा गया. वह रोती हुई घर वापस आ गई. उस के अंदर सबकुछ टूट गया था. उसे प्यार के नाम से भी घिन आ रही थी.

तृप्ति सोचने लगी कि आज तक क्या कर रही थी. अमित के साथ लिव इन में रह कर अपनी ही जिंदगी का मजाक बना रहे थी. अपने सपनों के बजाय उस के सपनों को जी रही थी जो किसी और की आंखों में सपने सजा रहा है. तृप्ति अपने घर का दरवाजा खोल कर अंदर घुसी और सैंडल उतार कर दूर फेंक दिए.

फिर उस ने साइड टेबल पर रखे अमित के फोटो को उठाया और जोर से नीचे पटक दिया. कांच की किरचें टूट कर फर्श पर बिखर गईं. तृप्ति ने सजावट की सारी चीजें भी तोड़तोड़ कर फेंक दीं. टेबल पर रखे फलों की टोकरी को हाथ से धक्का दिया और एंटीक मूर्ति को उठा कर दीवार पर दे मारा.

अमित के लिए एक विश्वास तृप्ति के मन में हमेशा ही रहा था. मगर आज वह विश्वास

टूट कर चकनाचूर हो चुका था. इस के साथ ही वह भी टूट गई थी पूरी तरह और अब वह अमित का हर सपना तोड़ देना चाहती थी. उस ने फ्रिज में से केक निकाला और रोती हुई बैठ कर केक खाने लगी.

Monsoon Special: छाता खरीदते समय जरूर रखें इन 6 बातों का ध्यान

बरसात के इस मौसम में छाते की जरूरत तो हम सभी को पड़ती है लेकिन छाता खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, इस बारे में कम ही लोग जानते हैं. ज्यादातर लोग तो सिर्फ छाते का रंग और उसके ओपन बटन को चेक करके ही छाता खरीद लेते हैं. लेकिन ऐसा करना ठीक नहीं है.

जिस तरह हर चीज को खरीदने के कुछ खास पैमाने होते हैं, उसी तरह छाता खरीदने से पहले भी कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए. ऐसे में अगर आपने अभी तक छाता नहीं खरीदा है और खरीदने का मन बना रही हैं तो दुकान पर जाकर सबसे पहले इन बातों को परखें और उसके बाद ही छाता लें.

1. टू इन वन हो आपका छाता

छाता खरीदने से पहले भी उसकी खूबियों को देख लेना चाहिए. छाता खरीदते समय यह भी ध्यान रखना चाहिये कि छाता ऐसा हो जो बरसात और गर्मियों दोनों मौसम में हमारे काम आ सके.

2. छतरी की गोलाई

छतरी की गोलाई अच्छी होनी चाहिए. यदि हमें एक छाते के नीचे दो लोगों को जाना पड़े तो वह भीगने से बच जायें या कभी आपके पास कोई बैग हो तो वह भी बरसात से बच जाये.

3. छाते का हैंडल आरामदायक हो

छाते की गोलाई के साथ साथ उसका हैंडल भी चेक कर लें क्योंकि सबसे ज्यादा हमें उसे ही पकड़ना पड़ता है. इसलिए छाते का हैंडल आरामदायक होना चाहिए ताकि बहुत देर तक हैंडल पकड़ने पर भी हाथों में दर्द न हो.

4. छाते की लंबाई 10 या 11 इंच हो

ध्यान रहे आपके छाते की लंबाई कम से कम 10 या 11 इंच हो तो होनी ही चाहिए. और साथ ही दाम देखकर कभी भी छाता नहीं खरीदें, छाते की क्वालिटी का विशेष ध्यान दें.

5. शाफ्ट मजबूत होना चाहिए

छाते का शाफ्ट मजबूत होना चाहिए. छाता खरीदते समय उसके कपड़े पर विशेष ध्‍यान दें क्योंकि तेज बरसात के दौरान वहीं आपको भीगने से बचाता है अक्‍सर तेज बारिश में कुछ छाते टपकने लगते हैं या पानी को बौछारों को रोक नहीं पाते हैं तो इसका ध्‍यान रखें.

6. बच्चों के लिए अलग छतरी

छोटे बच्चों के लिए बाजार में कई तरह की छाते मिल जाते हैं छाते की शक्ल की हैट और टोपियां मिलती है जो कि और हैंड-फ्री होने के साथ-साथ बारिश से बचाव भी करती हैं तो बच्चों के लिए हो सके तो वही छाते खरीदें. यह एक बेहतर उपाय है.

इन सभी आसान से उपायों को अपनाकर आप भी अपने लिए एक अच्छे और बेहतर छाता का चुनाव कर सकती हैं.

Monsoon Special: बारिश में भी दमके स्किन

मौनसून का इंतजार भला किसे नहीं होता. झुलसाती गरमी से जहां बारिश राहत प्रदान करती है, वहीं इस मौसम में अगर आप को कहीं जाना पड़ जाए, मसलन किसी पार्टी आदि में तो आप को मेकअप को ले कर चिंता भी होती है. मेकअप मौसम के हिसाब से करना बहुत जरूरी हो जाता है. अगर बारिश में मौसम के हिसाब से सुरक्षित मेकअप न किया जाए, तो पानी और नमी की वजह से वह उतरने लगता है. अगर आप ने मेकअप मौनसून के हिसाब से किया है, तो इस मौसम में भी आप का मेकअप काफी समय तक टिका रह सकता है.

हर मौसम में त्वचा को नमी चाहिए. इसलिए अगर आप ने बिना मौइश्चराइजर के मेकअप किया है, तो वह अधिक समय तक एक जैसा नहीं दिखता. महिलाएं मौनसून में मेकअप खराब होने के डर से मेकअप करती ही नहीं, तो कई बार वाटरप्रूफ मेकअप भी काम नहीं करता.

यहां मौनसून को ध्यान में रख कर दिए जा रहे हैं कुछ मेकअप टिप्स, जिन पर गौर कर इस मौसम में भी खुद को सुंदर बनाए रख सकती हैं:

ऐसे करें मेकअप

– क्रीम ब्लशर का प्रयोग करें.

– फाउंडेशन की जगह फेस पाउडर का अधिक प्रयोग करें.

– आईशैडो हलके रंगों जैसे गुलाबी, कत्थई आदि का प्रयोग करें. क्रीम शैडो की जगह पाउडर शैडो लगाएं.

– इस मौसम में मसकारा वाटरपू्रफ लगाएं और उस की 2 परतें अवश्य लगाएं.

– लिक्विड आईलाइनर की जगह पैंसिल आईलाइनर लगा सकती हैं.

– आईब्रोज पैंसिल का प्रयोग न कर आईब्रोज जैल का प्रयोग करने से फ्रैश लुक आता है.

– मैट लिपस्टिक का प्रयोग इस मौसम में अच्छा रहता है. निओन पिंक इस मौसम में अच्छा लुक देता है, पर लिपस्टिक का चुनाव परिधान के अनुसार करें.

इस के अलावा इस मौसम में अगर आप को किसी शादी या पार्टी में जाना है, तो हैवी मेकअप की जरूरत पड़ती है. मेकअप आर्टिस्ट पल्लवी बताती हैं कि आजकल बाजार में वाटरप्रूफ फाउंडेशन, आईलाइनर, मसकारा, लिपस्टिक, ब्लशर सब कुछ मिलता है. इस मौसम में इन्हें लगाना फायदेमंद रहता है.

प्रभावशाली तरीका

इस मौसम में तैलीय त्वचा के लिए ऐस्ट्रिंजैंट का उपयोग करें, जबकि सूखी और साधारण त्वचा के लिए ठंडे पानी से चेहरा धोने के बाद टोनर का प्रयोग करें. हर मौसम में त्वचा को साफसुथरा रखना बहुत जरूरी है. बरसात में चेहरे को धो कर उस पर आइसक्यूब 5 से10 मिनट तक धीरेधीरे रगड़ें. त्वचा को ठीक रखने का यह एक प्रभावशाली तरीका है.

नैचुरल मेकअप

मौनसून में प्रयोग किए जाने वाले मेकअप ब्रश को हमेशा साफ और सूखी जगह रखें.

हमेशा मेकअप ब्रश को किसी बौक्स या पाउच में सुखा कर रखें. लिपस्टिक और मेकअप ब्रश कभी शेयर न करें. मौनसून में मेकअप नैचुरल करना ठीक रहता है. लेकिन अगर आप ने हैवी या लाइट ड्रैस पहनी है, तो मेकअप उस के अनुसार करें.

चेहरा दिखेगा फ्रैश

इस मौसम में टचअप करना आवश्यक होता है ताकि चेहरा हमेशा फ्रैश दिखे. अधिक ग्लौसी लिपस्टिक न लगाएं. रात को सोने से पहले मेकअप उतार कर मौइश्चराइजर लगाना न भूलें. अगर आप ऐसा नहीं करती हैं, तो आपके रोमछिद्र बंद हो कर कीलमुंहासे बन सकते हैं. कड़ी आईलैशेज न लगाएं वरना वे टूट सकती हैं. इस सब के अलावा इस मौसम में खूब पानी पीएं और संतुलित व पौष्टिक आहार लें.

Monsoon Special: मौनसून में रखें अपनी ज्वैलरी का खास ख्याल

अपनी खूबसूरती में चार चांद लगाने वाली ज्‍वेलरी का अगर आप अच्‍छी तरह से ध्‍यान नहीं रखती हैं तो इनका रंग फीका पड़ने लगता है और इनकी चमक भी खो जाती है. ध्‍यान नहीं रखने पर ज्‍वेलरी का रंग फीका पड़ने लगता है और ये आसानी से टूट भी सकती हैं. आज हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह आप अपनी ज्‍वेलरी की देखभाल कर उसकी चमक को बनाए रख सकती हैं.

ज्‍वेलरी को रखें साफ

ज्‍वेलरी की चमक को बनाए रखने के लिए उसे अच्‍छी तरह से साफ करके और सुखाकर रखें. गले का हार हो, अंगूठी, ब्रेसलेट, ईयर रिंग या फिर कोई भी ज्‍वेलरी आइटम हो, आपको उसे किसी क्रीम, लोशन, परफ्यूम और आयल या पानी से साफ करके ही रखना चाहिए. ज्‍वेलरी को पहनने से पहले उस पर क्रीम या परफ्यूम लगाना ना भूलें. सभी ज्‍वेलरी को अलग-अलग बॉक्‍स में रखें ताकि उनका रंग एक-दूसरे की वजह से खराब ना हो. आप चाहें तो एक बड़े से बॉक्‍स में अलग-अलग ज्‍वेलरी के छोटे बाक्‍स भी रख सकती हैं.

ध्‍यान से रखें

अपनी फैशन ज्‍वेलरी को किसी सुरक्षित जगह पर ही रखें. गले के हार को उसके हूक्‍स में डालकर रखें और कोई भी ज्‍वेलरी एक-दूसरे के साथ चिपके ना. कोई भी कीमती ज्‍वेलरी तो बिलकुल भी एक-दूसरे से स्‍पर्श नहीं करनी चाहिए वरना उस पर जंग लग सकती है.

पहनने के बाद जरूर करें साफ

कभी-कभी ज्‍वेलरी पहनने के बाद अंगूठी, ईयर रिंग और गले का हार पहनने के बाद उस पर साबुन, तेल या परफ्यूम लग जाता है. इसकी वजह से ज्‍वेलरी पर कालापन आ सकता है या उनकी चमक जा सकती है. इससे बचने के लिए ज्‍वेलरी पहनने के बाद उसे साफ करना बिलकुल ना भूलें.

ज्‍वेलरी पहनकर सोने की गलती ना करें

सोने से पहले हमेशा अपनी ज्‍वेलरी उतार दें. अगर आप सोने से पहले ज्‍वेलरी नहीं उतारती हैं तो आपकी ये लापरवाही ज्‍वेलरी को खराब भी कर सकती है. इस वजह से ज्‍वेलरी के टूटने का खतरा भी बना रहता है. वहीं ज्‍वेलरी पहनकर सोन पर आपकी त्‍वचा भी स्‍क्रैच पड़ सकते हैं.

Monsoon Special: बारिश में स्किन एलर्जी

ऐलर्जी दूर करने के उपाय

– एक ठंडे, गीले कपड़े को प्रभावित हिस्से पर लपेट दें.

– अपनी स्किन पर ठंडी क्रीम लगाएं. शरीर पर मौइस्चराइजर या बौडी लोशन लगाएं.

– खुजली से छुटकारा पाने के लिए खुजली दूर करने वाली क्रीम का प्रयोग किया जा सकता है.

– कुनकुने पानी से स्नान करने से भी राहत मिलती है.

– उन पदार्थों से परहेज करें जो स्किन में समस्या पैदा करते हैं. वैसे आभूषण न पहनें जिन से प्रौब्लम होती है.

– खुजली होने पर सिंथैटिक कपड़े पहनने के बजाय सूती कपड़ों का उपयोग करें.

– ऐलर्जी की दवा का सेवन कर के भी आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं.

24 साल की अंजलि वर्मा काफी बिंदास स्वभाव की लड़की है. उसे घूमनाफिरना, शौपिंग करना और खूबसूरत दिखना बहुत पसंद है. गरमी के मौसम में भी वह एक से बढ़ कर एक ड्रैसेज खरीदती है और पूरे मेकअप में निकलती है. मगर पिछले कुछ दिनों से उसे घमौरियों की समस्या होने लगी है.

पिछले संडे जब वह अपनी सहेली की बर्थडे पार्टी में पहुंची तो सब उसे देख कर चौंक उठे. स्टाइलिश वनपीस ड्रैस और खुले बालों में वह बहुत सुंदर लग रही थी. मगर शाम होतेहोते उसे पीठ और गले के निचले हिस्से में खुजली शुरू हो गई. यह खुजली बढ़ती ही गई और छोटे लाललाल दाने निकल आए. तब उस की सहेली ने उसे ऐलर्जी की दवा दी और उसे नहाने भेजा. नहाने के बाद उसे अपने कौटन के कपड़े पहनने को दिए, साथ ही प्रभावित हिस्सों में ऐलोवेरा जैल भी लगा दिया. धीरेधीरे उस की प्रौब्लम कम हो गई.

दरअसल, गरमी के दिनों में स्किन संबंधी रोगों जैसे घमौरियां आदि की संभावना बढ़ जाती है. लापरवाही बरतने से यह रोग गंभीर भी हो सकता है. स्किन पर लाल रंग के दाने और उन में खुजली का होना आमतौर पर घमौरियों के लक्षण हैं. इस स्थिति में शरीर में या तो पसीने वाली जगहों पर या सिंथैटिक कपड़े से ढकी जगह पर छोटेछोटे लाल चकत्ते हो जाते हैं जिन में खुजली होने लगती है.

यह अधिक गरमी या टाइट कपड़े पहनने के कारण भी होता है. इस से बचने के लिए जितना हो सके धूप से बचें. बाहर निकलना ही हो तो कैप लगा कर और अंब्रेला ले कर तथा शरीर के खुले हिस्सों पर सनस्क्रीन लगा लें. पौलिएस्टर या नायलोन के कपड़ों की जगह सूती, ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें.

यदि हमारी स्किन किसी विशेष चीज के प्रति संवेदनशील है तो ऐसे में स्किन पर उस चीज के प्रभाव से दाने, मुंहासे या लाल चकत्ते निकल सकते हैं. स्किन ऐलर्जी के बहुत से कारण हो सकते हैं:

– कुछ लोगों को खास तरह के खाने से ऐलर्जी होती है. कोई चीज खाने भर से उन्हें खुजली की समस्या हो सकती है.

– कुछ लोगों को किसी दवा के साइड इफैक्ट के कारण भी खुजली या ऐलर्जी हो सकती है.

– कैमिकल वाले सौंदर्यप्रसाधनों के इस्तेमाल से भी खुजली हो सकती है. कैमिकल युक्त हेयर डाई या हेयर कलर के इस्तेमाल से अकसर खुजली की समस्या हो जाती है. इसी तरह किसी को फाउंडेशन से तो किसी को किसी खास फेस क्रीम से भी ऐसी प्रौब्लम हो जाती है.

– कुछ महिलाओं की स्किन जेवरों के प्रति संवेदनशील होती है. ऐसी महिलाएं यदि धातु से बनी कोई जेवर पहनती हैं तो उन्हें स्किन पर खुजली हो सकती है. गरमियों में जेवर जब पसीने के संपर्क में आते हैं तो ऐसे में स्किन पर ऐलर्जी हो जाती है.

– कुछ लोगों को सिंथैटिक कपड़ों से भी ऐलर्जी होती है.

– पालतू जानवर को छूने या हार्ड साबुन के ज्यादा प्रयोग से भी खुजली शुरू हो सकती है. इस से स्किन पर लाली या दाने आ जाते हैं. छाले भी हो सकते हैं.

– किडनी या थायराइड की समस्या से भी खुजली हो सकती है.

– सूखी स्किन की प्रौब्लम भी इस की एक वजह है. बहुत अधिक गरम या ठंडे मौसम में ऐसा संभव है. ऐसे में एक अच्छा मौइस्चराइजर नियमित रूप से लगाना जरूरी है.

– किसी तरह के कीड़े के काटने पर भी स्किन पर खुजली या कोई और प्रौब्लम पैदा हो सकती है.

– फंगल इन्फैक्शन भी खुजली का कारण हो सकता है.

– डायबिटीज के कारण भी ऐसी समस्या हो सकती है.

– सर्दियों में अकसर लोग ऊनी कपड़े पहनती हैं जिस के कारण स्किन पर खुजली जैसी समस्या पैदा हो सकती है.

– किडनी खराब होने पर खुजली की समस्या हो जाती है.

– पित्ती या चिकन पौक्स के कारण भी स्किन पर खुजली या खराश होनी शुरू हो जाती है.

– कुछ लोगों को परफ्यूम से ऐलर्जी होती है. ऐसे लोग जब परफ्यूम का इस्तेमाल करते हैं तो उन की स्किन पर लाल चकत्ते हो जाते हैं.

स्किन ऐलर्जी के प्रकार

फंगल इन्फैक्शन: फंगल इन्फैक्शन एक प्रकार की स्किन ऐलर्जी है जो फंगस के द्वारा होती है. इसे माइकोसिस भी कहते हैं. फंगल इन्फैक्शन चेहरे, हाथों की स्किन या शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है. इस ऐलर्जी में स्किन पर एक प्रकार का खुरदरापन सा होने लगता है और खुजली भी होती है. यह इन्फैक्शन शरीर के ऐसी जगहों की स्किन पर ज्यादा होता है जहां थोड़ी नमी होती है जैसेकि पैरों की उंगलियों के बीच, एडि़यों, नाखूनों, जननांग, स्तन इत्यादि.

लाइकेन प्लेनस: यह भी एक प्रकार का स्किन इन्फैक्शन या स्किन ऐलर्जी है जो 30 साल से अधिक के व्यक्तियों में देखने को मिलती है. यह एक तरह से खुजली वाले लाल चकत्ते होते हैं जो शरीर के किसी भी भाग पर हो सकते हैं लेकिन कलाइयों, पैरों के निचले भाग, पीठ, गरदन इत्यादि में इस ऐलर्जी के होने की ज्यादा संभावना बनी रहती है. यह ऐलर्जी जेनेटिक होती है.

ऐक्जिमा: ऐक्जिमा एक ऐसी बीमारी है जिस में स्किन में तेज खुजली होती है और स्किन रूखी हो जाती है. कुछ लोगों में यह समस्या इतनी तकलीफदेह हो जाती है कि उन्हें इस का लंबा ट्रीटमैंट कराना पड़ता है. मौसम बदलने के साथ ही यह दिक्कत और बढ़ जाती है. कुछ लोगों को इतनी तेज खुजली होती है कि स्किन से खून तक आने लगता है. यह बड़े लोगों तथा बच्चों दोनों को ही हो सकती है.

पित्ती: यह एक प्रकार की स्किन ऐलर्जी है जिस में स्किन पर बड़ेबड़े लाल चकत्ते उभर आते हैं. स्किन पर बने इन लाल चकत्तों में बहुत ज्यादा खुजली होती है. जितना ज्यादा उस जगह को खुजलाते हैं यह ऐलर्जी और तेजी से बढ़ने लगती है. यह कुछ दिनों में अपनेआप भी ठीक हो जाती है.

स्किन ऐलर्जी के लिए घरेलू उपाय

टी ट्री औयल: स्किन ऐलर्जी में टी ट्री औयल काफी हैल्पफुल होता है. इस में ऐंटीमाइक्रोबियल और ऐंटीइनफ्लैमेटरी प्रौपर्टीज होती हैं जो कई तरह की स्किन ऐलर्जी से छुटकारा दिलाती हैं. स्किन में होने वाली रैडनैस और खुजली से छुटकारा पाने के लिए टी ट्री औयल एक बेहतर औप्शन है.

तुलसी: तुलसी ऐंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है जो आप की स्किन को संक्रमण से बचाने का काम करती है. इस के अलावा इस में ऐंटीइनफ्लैमेटरी गुण होते हैं जो स्किन ऐलर्जी से जुड़ी रैडनैस, सूजन और खुजली में आराम दिलाते हैं. साथ ही तुलसी ऐंटीऐलर्जिक भी होती है. तुलसी के पत्तों को धो कर इस का पेस्ट बना लें. अब इसे प्रभावित जगह पर लगाएं और 20 से 30 मिनट बाद धो लें.

सेब का सिरका: सेब के सिरके में ऐंटीइनफ्लैमेटरी और ऐंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. इन गुणों की मदद से इसे स्किन पर लगाने से ऐलर्जी से आराम मिलता है और स्किन पर संक्रमण बढ़ता नहीं है.

आप पानी को गरम कर के उस में सेब का सिरका मिला लें. अब रुई की मदद से इस मिश्रण को प्रभावित जगह पर लगाएं. 15 से 20 मिनट लगा रहने के बाद धो लें.

ऐलोवेरा: ऐलोवेरा जैल को हीलिंग गुणों के लिए जाना जाता है. इस में मौजूद ऐंटीइनफ्लैमेटरी गुण खुजली और लाल चकत्तों से राहत दिलाने में मदद करते हैं.

ताजा ऐलोवेरा जैल को प्रभावित जगह पर लगाएं और 30 मिनट लगा रहने दें. सूखने पर धो लें.

नारियल तेल: नारियल तेल मौइस्चराइजिंग गुणों से भरपूर होता है. इस में ऐनाल्जेसिक और ऐंटीइनफ्लैमेटरी गुण मौजूद होते हैं, इसलिए यह स्किन की ऐलर्जी के कारण होने वाली रैडनैस और खुजली से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. इसे इस्तेमाल करने के लिए नारियल के तेल की कुछ बूंदों को हथेली पर ले कर प्रभावित स्किन पर लगाएं. 20 से 30 मिनट बाद स्किन को सादे पानी से धोएं और फिर तौलिए से सुखा लें.

नीम: नीम में ऐंटीइनफ्लैमेटरी और ऐंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. यह स्किन ऐलर्जी के इलाज में असरदार माना जाता है. नीम के पत्तों को पीस कर पेस्ट बना लें और स्किन पर लगा कर 20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें. सूखने पर पानी से धो लें.

यूटीआई: क्या करें क्या नहीं

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फैक्शन (यूटीआई) एक आम बीमारी है. इस बीमारी से दुनियाभर के लाखों लोग ग्रस्त हैं. यह बीमारी तब होती है जब बैक्टीरिया मूत्रपथ में प्रवेश करते हैं. इस से असहज लक्षण और संभावित मुश्किलें होती हैं. यूटीआई का इलाज संभव है. लेकिन रोकथाम इस बीमारी में बहुत महत्त्वपूर्ण है. यूटीआई को प्रभावी ढंग से रोकने और मैनेज करने के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे में जानना जरूरी है.

यूटीआई की रोकथाम के लिए क्या करें

  1. हाइड्रेट रहें

यूटीआई को रोकने का सब से सरल और सब से प्रभावी तरीकों में से एक है पर्याप्त रूप से हाइड्रेटेड रहना. खूब पानी पीने से मूत्रपथ से बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद मिलती है और मूत्र पतला हो जाता है जिस से संक्रमण का खतरा कम हो जाता है. अगर आप शारीरिक गतिविधि करते हैं या गरम जलवायु में रहते हैं तो प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी पीने जरूर पीएं.

2. अच्छी साफसफाई रखें

को रोकने के लिए अच्छी साफसफाई करनी चाहिए. शौचालय का उपयोग करते समय गुदा क्षेत्र से बैक्टीरिया को मूत्रमार्ग तक पहुंचने से रोकने के लिए हमेशा आगे से पीछे की ओर पोंछना चाहिए. इस के अलावा प्राइवेट पार्ट को साफ और बैक्टीरिया से मुक्त रखने के लिए नियमित रूप से नहाएं.

3. ब्लैडर को नियमित रूप से खाली करें

बैक्टीरिया को जमा होने से रोकने के लिए ब्लैडर (मूत्राशय) को नियमित रूप से खाली करना जरूरी है. लंबे समय तक यूरिन न रोके रहें क्योंकि इस से बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाती है.  पेशाब महसूस होने पर पेशाब करें और हर बार मूत्राशय को पूरी तरह से खाली करें.

सैक्सुअल इंटरकोर्स से पहले और बाद में पेशाब करें: सैक्स करने से पहले और सैक्स करने के बाद पेशाब करने से बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मदद मिलती है. ऐसा करने से सैक्स के दौरान मूत्रमार्ग में बैक्टीरिया प्रवेश नहीं कर सकते हैं. महिलाओं को खासकर ऐसा करना चाहिए. उन का मूत्रमार्ग छोटा होता है और उस में बैक्टीरिया के जाने की संभावना ज्यादा होती है. इस के अलावा सुरक्षित सैक्स करने से यूटीआई के खतरे को और कम किया जा सकता है.

4. ब्रीथेबल अंडरगार्मैंट्स पहने

ब्रीथेबल कपड़ों से बने अंडरवियर पहनें जैसे कौटन से बने कपड़े. इन से प्राइवेट पार्ट (जननांगों) में हवा जा पाती है और जननांग क्षेत्र सूखा रहता है. टाइट फिटिंग कपड़ों और सिंथैटिक मैटीरियल से बने कपड़े न पहनें क्योंकि इन में नमी रह जाती है और बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं.

 यूटीआई रोकथाम के लिए क्या न करें

पेशाब ज्यादा देर तक न रोकें: लंबे समय तक पेशाब को रोकने से यूरीनरी स्टैसिस (मूत्र संबंधी ठहराव) हो सकता है, मतलब मूत्र मूत्राशय में स्थिर रह सकता है, जिस से बैक्टीरिया पनपने में मदद मिलती है. जब आप को पेशाब करने की इच्छा महसूस हो तो अपने मूत्राशय को खाली करने की आदत बना लें और टौयलेट जाने में देरी न करें.

बहुत ज्यादा हार्श पर्सनल हाइजीन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें: प्राइवेट पार्ट में हार्श साबुन, सुगंधित प्रोडक्ट्स का उपयोग करने से बचें.  ये प्रोडक्ट्स बैक्टीरिया के प्राकृतिक संतुलन को बाधित कर सकते हैं और मूत्रमार्ग में परेशानी पैदा कर सकते हैं, जिस से यूटीआई होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे प्रोडक्ट्स के बजाय हलके, खुशबू से मुक्त क्लींजर चुनें और बहुत ज्यादा धुलाई या स्क्रबिंग न करें.

इरिटेटिंग गर्भनिरोधक उपायों का प्रयोग न करें: कुछ गर्भनिरोधक जैसेकि स्पर्मिसाइड (शुक्राणुनाशक) या डायाफाम का उपयोग करने से यूटीआई होने का खतरा बढ़ जाता है. अगर आप यूटीआई से ग्रस्त हैं तो वैकल्पिक गर्भनिरोधक विकल्पों पर विचार करें या आप के लिए जो गर्भनिरोधक सब से सही हो, उस के बारे में डाक्टर से कंसल्ट करें:

सैक्स के बाद पेशाब न रोकें: सैक्स के बाद पेशाब करने में देरी नहीं करनी चाहिए. सैक्स के दौरान मूत्रपथ में प्रवेश करने वाले बैक्टीरिया को तुरंत बाहर निकालना जरूरी होता है. सैक्स के 30 मिनट के अंदर पेशाब करने से यूटीआई का खतरा काफी कम हो सकता है.

ऐंटीबायोटिक का सेवन ज्यादा न करें:यूटीआई के इलाज के लिए ऐंटीबायोटिक्स जरूरी हैं, लेकिन इन का बहुत ज्यादा और अनावश्यक सेवन ऐंटीबायोटिक रिजिस्टैंस पैदा कर सकता

है.  खुद से दवा न करें और सही डायग्नोसिस तथा इलाज के लिए हमेशा डाक्टर से कंसल्ट

करें. डाक्टर संक्रमण पैदा करने वाले खास बैक्टीरिया के आधार पर सब से उपयुक्त ऐंटीबायोटिक लिखेंगे.

यह याद रखना बहुत जरूरी है कि रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर होती है. इन सब दिशानिर्देशों का पालन कर के आप यूटीआई को होने से रोक सकते हैं. अगर आप दर्द, बारबार पेशाब आना या धुंधला पेशाब जैसे लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो उचित डायग्नोसिस और इलाज के लिए तुरंत डाक्टर से सलाह लेनी जरूरी है. उचित देखभाल और ध्यान से आप अपने मूत्रपथ की रक्षा कर सकते हैं और संपूर्ण स्वास्थ्य को बनाए रख सकते हैं.

ब्रा कोई गुप्त चीज नही

ढीले और लटकी ब्रैस्ट देखने में भद्दी लगती है. अकसर ऐसा बड़ी उम्र में होता है. लेकिन कई बार ऐसा छोटी उम्र में भी देखने को मिलता है. इस की वजह है ब्रा न पहनना. ढीली और लटकी ब्रैस्ट बिलकुल अट्रैक्टिव नहीं होती है. लेकिन इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि ब्रा को दिनभर पहने रहना आसान नहीं होता है.

ब्रा से जुड़ा अपना ऐक्सपीरियंस बताते हुए 24 साल की रचना यादव कहती है, ‘‘मु?ो शुरूशुरू में ब्रा पहनना बिलकुल पसंद नहीं था. लेकिन धीरेधीरे यह मेरी आदत में शामिल हो गया. टीनऐज में जब मां मु?ो ब्रा पहनने को कहती थीं तो मु?ो बहुत गुस्सा आता था क्योंकि मैं कपड़े का एक और बो?ा अपने शरीर पर लादना नहीं चाहती थी. लेकिन मु?ा से कहा गया कि मैं अब बड़ी हो रही हूं. मेरी बौडी में तरहतरह के बदलाव हो रहे हैं और इन में लड़की की छाती बहुत महत्त्वपूर्ण होती है. इन बदलाव में मेरी ब्रैस्ट उभरने लगेगी. इसलिए मु?ो ब्रा पहननी चाहिए.

‘‘मगर ब्रा पहनना आसान नहीं था. सब से ज्यादा मुश्किल इसे पूरा दिन पहने रखना था. ब्रा पहनने के बाद मु?ो अपनी बौडी बंधीबंधी सी लगने लगी. लेकिन फिर यह धीरेधीरे मेरी हैबिट में आ गया. अब ब्रा न पहनूं तो अजीब सा लगता है. ऐसा लगता है जैसे कुछ खाली सा हो.’’

खुद की चौइस होनी चाहिए

कंफर्ट की बात पर रचना कहती है, ‘‘शुरूशुरू में यह बिलकुल कंफर्टेबल नहीं था. सांस लेने में दिक्कत होती थी. अकसर ब्रा की स्ट्रैप से निशान पड़ जाते थे. गरमी के मौसम में ये दिक्कतें और बढ़ जाती थीं जैसे पसीने आना, ब्रैस्ट और उस के आसपास खुजली होना.

इतना ही नहीं कई बार ब्रा से रैशेज भी पड़ जाते थे. इन सब के बावजूद ब्रा पहनने से ब्रैस्ट सही पोजीशन में रहती है. वह कसी रहती है. लटकती नहीं है. इतना ही नहीं अलगअलग ऐक्टिविटीज करते समय यह उछलते भी नहीं है, जिस की वजह से यह भद्दी नहीं लगती है. इसे पहनने से मैं कौन्फिडैंट फील करती हूं. मैं ब्रा पहनने के पक्ष में हूं. लेकिन हां मैं इसे पूरा दिन पहनने के पक्ष में नहीं हूं. इसलिए मैं इसे रात को उतार कर सोना पसंद करती हूं.’’

नई दिल्ली के एक बुक स्टोर में जौब कर ने वाली प्रीति तिवारी कहती है, ‘‘पूरा दिन ब्रा पहने रहना अनकंफर्टेबल होता है. जब मैं ने पहली बार ब्रा पहनी थी तो मु?ो ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरी ब्रैस्ट को जकड़ लिया हो. मु?ो लगा जैसे मैं अब सांस नहीं ले पाऊंगी. मैं बस इसे उतार कर फेंकना चाहती थी. लेकिन कई दिनों तक इसे पहनने के बाद मु?ो धीरेधीरे इस की आदत पड़ गई.

‘‘ब्रा से होने वाली परेशानी को मैं इस गंदी सोसाइटी के आगे भूल गई थी. मैं बिना ब्रा के बाहर जाने में बिलकुल कंफर्टेबल नहीं हूं. लेकिन यह भी सच है कि घर आते ही मैं इसे उतार देती हूं. इसे उतारने पर ही मु?ो राहत मिलती है. मैं फ्री फील करती हूं. मैं सम?ाती हूं ब्रा पहनना न पहनना लड़की की अपनी चौइस होनी चाहिए न कि सोसाइटी का डर, जिस की वजह सी उसे ब्रा पहननी पड़ रही है.’’

मगर सवाल यह है कि इतनी प्रौब्लम्स होने के बाद भी लड़कियों और महिलाओं को ब्रा क्यों पहननी पड़ती है? इस के उत्तर में निधि धावरिया कहती है, ‘‘महिलाओं पर पितृसत्तात्मक सोच का बो?ा है जो उन्हें बातबात पर यह बताती है कि आप के लिए क्या सही है और क्या नहीं. अगर कोई महिला सभ्य तरीके से कपड़े पहनने के पितृसत्तात्मक तरीकों को मानने से इनकार कर देती है, तो उसे फूहड़ कहा जाता है. इन्होंने आदमीऔरत की बनावट के आधार पर न सिर्फ उन के अधिकारों को बांटा है बल्कि उन के कपड़े भी बांट दिए हैं. पुरुषवादी समाज ने हमेशा ही महिलाओं को अपने अंदर रखने की कोशिश की है.

‘‘वे चाहते हैं कि महिलाएं बस उन का कहना मानें. लेकिन इस के उलट महिलाएं पुरुषों की इस रूढि़वादी सोच का हिस्सा नहीं बनना चाहती हैं. वे चाहती हैं कि ब्रा पहननी है या नहीं इस का फैसला वे खुद करें न कि यह दकियानूसी बातें करने वाला पुरुषवर्ग.’’

ब्रा पर थोपी पुरुषवादी सोच

उत्तर प्रदेश से दिल्ली आ कर बसने वाली 26 वर्षीय मानवी राय कहती है, ‘‘गांवों में ब्रा को ‘बौडी’ कहते हैं. कई शहरी लड़कियां इसे ‘बी’ कह कर बुलाती हैं. हमारे गांव में ब्रा बोलने भर से तूफान मच जाता था. लेकिन अब लड़कियां अपनी आजादी को ले कर ज्यादा जागरूक हो गई हैं. वे सम?ा गई हैं कि ब्रा उन पर थोपी गई एक पुरुषवादी सोच है. इसीलिए अब कई महिलाएं ब्रा का विरोध करने लगी हैं. आज दुनियाभर में कई ऐसी महिलाएं है जिन्होंने ब्रा को ‘नो’ कह कर उसे न पहनने से इनकार कर दिया.’’

कुछ ऐसी भी महिलाएं हैं जो ब्रा पहनना पसंद नहीं करती हैं. 2017 में साउथ कोरिया की मौडल और ऐक्ट्रैस सूली ने एक फैमनिस्ट कैंपेन शुरू किया, जिसे ‘नो ब्रा मूवमैंट’ नाम दिया गया. उन्होंने अपने सोशल अकाउंट पर बिना ब्रा के टौप पहने पिक्चर अपलोड की. इस का परिणाम यह रहा कि महिलाएं वर्किंग और पब्लिक प्लेस पर विदाउट ब्रा घूमने लगीं. इस मुहिम ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया था. महिलाएं हैशटैग नो ब्रा लिख कर बिना ब्रा के कपड़े पहन कर अपनी तसवीरें सोशल मीडिया पर शेयर करने लगीं.

नैशनल नो ब्रा डे

ऐसा ही एक ग्रुप महिलाओं का है, जिसे ‘फैन’ के नाम से जानते हैं जो अपने विरोध के अनोखे तरीकों के लिए जाना जाता है. यह गु्रप अपनी छाती को ढकता नहीं था. इसलिए यह चर्चा का विषय था. इसी की तरह 1960 में ‘ब्रा बर्निंग’ नाम का मूवमैंट आया. इस में महिलाएं अपना विरोध जताने के लिए ब्रा को जलाया करती थी. वहीं कुछ महिलाएं ब्रा न जला कर उन्हें कूड़ेदान में फेंक देती थीं. यह उन का विरोध जताने का एक अनोखा तरीका था. भारत में हर साल 13 अक्तूबर को ‘नैशनल नो ब्रा डे’ मनाया जाता है. यह ब्रैस्ट कैंसर के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है.

ब्रा न पहनने का पक्ष लेने वाली कोलकाता की 22 साल की विनिता मुखर्जी की भी कुछ ऐसी ही राय है. वह कहती है, ‘‘हम खुद के शरीर के साथ अनकंफर्टेबल फील करेंगे तो दूसरों को भी ऐसा एहसास होगा. पहले मु?ो बिना ब्रा के पब्लिक प्लेस पर जाने में प्रौब्लम होती थी लेकिन धीरेधीरे मैं कंफर्टेबल हो गई. लेकिन मैं यही कहूंगी कि लड़कियां और महिलाएं खुद फैसला करें कि उन्हें ब्रा पहननी है या नहीं.

विदाउट ब्रा घर से बाहर जाने पर महिलाओं की सोच मिलीजुली है. दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में ब्यूटीपार्लर चलाने वाली 32 वर्षीय वीणा दुबे कहती है, ‘‘वैसे तो ब्रा हमारी बौडी पर एक ऐक्ट्रा कपड़ा ही है, लेकिन हमारी सोसाइटी ने हमारे माइंड में यह फिट कर दिया है कि महिलाओं को बिना ब्रा के बाहर नहीं निकलना चाहिए. यह उन के सभ्य दिखने के लिए बहुत जरूरी है. इन लोगों ने ब्रा को हमारी आदत बना दिया है. इसलिए हम अब खुद को बिना ब्रा के देख कर अनकंफर्टेबल फील करते हैं.’’

वीणा की ही तरह मुंबई की रहने वाली योगा इंस्ट्रक्टर सूर्यंका मिश्रा कहती है, ‘‘विदआउट ब्रा के घर से बाहर निकलने के बारे में मु?ो सोच कर ही अजीब सा लगता है. ब्रा ब्रैस्ट को सपौर्ट करती है. अगर ब्रा नहीं पहनेंगी तो ब्रैस्ट लटकने लगेगी. ब्रा न पहनने से कम उम्र की महिलाएं भी ज्यादा उम्र की लगने लगती है. वहीं ब्रा के पहनने के बाद कपड़ों की फीटिंग भी अच्छी आती है. टौप के नीचे ब्रा पहनी लड़की विदाउट ब्रा पहने लड़की से ज्यादा अटैक्ट्रिव लगती है. लेकिन फिर भी ब्रा पहनना आप की अपनी चौइस है.’’

कई बार टीनऐज में लड़कियों को ब्रा के बारे में नौलेज नहीं होता है. इसलिए वे ब्रा नहीं पहन पातीं. यही कारण है कि उन की ब्रैस्ट लटकने लगतर है. ऐसा अकसर स्लम एरिया में देखने को मिलता है.

ब्रा का इतिहास

अगर इतिहास उठा कर देखा जाए तो ऐसा नहीं है कि महिलाओं ने हमेशा ही ब्रा पहनी है या कहें अपनी छाती को ढका है. ब्रा कैसे अस्तित्व में आई इस के लिए यह जानना जरूरी है कि ब्रा शब्द है क्या. असल में ब्रा फ्रैंच शब्द ‘ब्रासिएर’ का छोटा रूप है, जिस का शाब्दिक अर्थ होता है शरीर का ऊपरी हिस्सा.

अगर बात करें दुनिया की पहली मौडर्न ब्रा कहां बनी थी, तो इस का जवाब है फ्रांस में. 1869 में फ्रांस की हर्मिनी कैडोल ने एक जैकेटनुमा पोशाक को 2 टुकड़ों में काट कर अंडरगार्मैंट्स बनाए थे. बाद में इस के ऊपर का हिस्सा ब्रा की तरह पहना और बेचा जाने लगा.

रोमन औरतें स्तनों को छिपाने के लिए छाती वाले हिस्से के चारों तरफ एक कपड़ा बांध लेती थीं. वहीं ग्रीक औरतों की बात करें तो वे एक बैल्ट के जरीए ब्रैस्ट को उभारने की कोशिश करती थीं. ये सब ब्रा के शुरुआती रूप थे. वहीं आज जैसी ब्रा आज हम दुकानों में देखते हैं वैसी अमेरिका में 1930 में बननी शुरू हुई थीं.

महिलाएं हमेशा से ब्रा पहनती नहीं आई हैं. उन्हें ब्रा का तोहफा या कहें बेहूदा तोहफा देने के पीछे पुरुषों की साजिश थी. वे महिलाओं को हमेशा आकर्षण की वस्तु मानते आए हैं. वहीं ब्रा एक सैक्सुअली कपड़ा है. अगर महिला ब्रा पहनेंगी तो वह सैक्सी लगेगी और पुरुष उसे भोगने के लिए उत्सुक होंगे.

दूसरा कारण है बिजनैस. ब्रा के बिना भी काम चल सकता है. लेकिन अपने व्यापार का क्षेत्र बढ़ाने के लिए व्यापारियों ने ब्रा को ईजाद किया. इस के बाद धीरेधीरे अलगअलग  तरह की ब्रा बना कर अपने बिजनैस को बढ़ाते चले गए.

नहीं पहनना कितना कंफर्टेबल होता है

अगर बात कंफर्ट की की जाए तो पूरा दिन ब्रा पहनना बिलकुल कंफर्टेबल नहीं होता है. इसलिए घर पर अकेले रहने वाली लड़कियां

और महिलाएं ब्रा नहीं पहनती हैं. लगभग हर लड़की और महिला रात को सोने से पहले ब्रा उतार देती है.

पूरी दुनिया जब कोविड की चपेट में थी तब ब्रा की बिक्री में गिरावट देखी गई. कोविड-19 के समय में वर्क फ्रौम होम चल रहा था. ऐसे में ज्यादातर महिलाएं घर पर ही थीं. वर्क फ्रौम होम करने वाली महिलाएं कंफर्टेबल फील करने के लिए घर पर ब्रा पहनना अवौइड करती थीं.

33 साल की रागिनी खन्ना पेशे से टीचर है. वह बताती है, ‘‘कोविड के समय स्कूलकालेज सब बंद थे. लेकिन देश का भविष्य कहे जाने वाले बच्चों की पढ़ाई में कोई रुकावट न हो इसलिए सरकार ने औनलाइन क्लासेज शुरू कीं. इस समय सभी टीचर्स ने बच्चों को औनलाइन पढ़ाया. वह बताती है मेरी जब औनलाइन क्लास होती थी तो मैं ब्रा पहनती थी. लेकिन क्लास खत्म होते ही मैं ब्रा उतार देती थी. बिना ब्रा के रहना मु?ो ज्यादा कंफर्टेबल फील कराता था.

‘‘पूरा दिन ब्रा पहनना बिलकुल कंफर्टेबल नहीं होता है. ऐसे लगता है जैसे किसी ने सांसें रोक ली हों. वहीं अगर विदाउट ब्रा रहें तो फ्रीफ्री सा फील होता है. बौडी एकदम रिलैक्स लगती है. ऐसा लगता है जैसे कोई बो?ा हट गया हो. मगर ब्रा पहनने के क्या फायदे और नुकसान हैं यह जानना बहुत जरूरी है.’’

दिल्ली के बतरा हौस्पिटल की एमबीबीएस डाक्टर श्रुति गुप्ता कहती हैं, ‘‘ब्रैस्ट ह्यूमन फीमेल बौडी का महत्त्वपूर्ण पार्ट होता है. फीमेल बौडी में ब्रैस्ट अट्रैक्शन का मुख्य केंद्र होती है. बिना ब्रा के रहने से स्तन कैंसर होने की संभावना को कम किया जा सकता है.

‘‘ब्रा ब्रैस्ट डैवलपमैंट में हैल्प करती हैं. इसे न पहनने से ब्रैस्ट डैवलपमैंट में प्रौब्लम आती है. जो लड़कियां या महिलाएं ब्रा नहीं पहनती हैं उन की ब्रैस्ट लटकने लगती है. इतना ही नहीं ब्रा न पहनने से ब्रा का साइज बढ़ जाता है. लेकिन यह भी सच है कि 12 घंटे से ज्यादा देर तक ब्रा पहनना हानिकारक होता है. रात को ब्लड सर्कुलेशन तेज होता है. इसलिए रात को ब्रा उतार कर सोना चाहिए.’’

आप खुद करें फैसला

मोनिका गुप्ता कहती है, ‘‘एक सही ब्रा आप की ड्रैस में चार चांद लगा देती है. कई ड्रैसेज ऐसी होती हैं जिन के लिए अलगअलग तरह की ब्रा चाहिए होती है. बिना ब्रा के वह ड्रैस उतनी खास नहीं लगेगी जितनी ब्रा के साथ. ऐसे में ब्रा को अवौइड करना सही नहीं होगा.

ब्रा ही तो है

तुम्हारी ब्रा का स्ट्रैप दिख रहा है, इसे ठीक करो. तुम अपनी ब्रा को बाहर बालकनी में मत सुखाया करो. कोई देख लेगा तो क्या कहेगा. तुम अपनी ब्रा को अपनी अलमारी में छिपा कर क्यों नहीं रखती हो. इस तरह की बातें हर लड़की ने अपनी लाइफ में कभी न कभी जरूर सुनी होंगी. सवाल यह है कि यह सिर्फ एक कपड़ा है न कि कोई गुप्त चीज.

नहाने जाते वक्त भी महिलाएं अपने अंडरगारमैंट्स को कपड़ों में छिपा कर ले जाती हैं. यही नहीं ब्रा को सुखाते समय इसे दूसरे कपड़ों के नीचे छिपा कर रखती हैं ताकि वह किसी को दिखाई न दे सके.

वक्त के साथसाथ बड़ेबड़े बदलाव तो हुए, लेकिन आज भी समाज में ब्रा को देखना एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है. अगर किसी लड़की या महिला की ब्रा स्ट्रैप दिखाई देती है तो लोग उसे अजीब तरीके से देखते हैं. टिप्पणियां करने लगते हैं. उसे बिना संस्कार वाली लड़की सम?ा जाता है. इस सोच को बदलना बहुत जरूरी है. ब्रा की स्ट्रैप दिखना कोई बड़ी बात नहीं है. यह बहुत ही सामान्य है. बिलकुल वैसे ही जैसे पुरुषों की बनियान की स्टैप दिखाई देती है.

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