Selfie at airport : आजकल  एअरपोर्ट पहुंचते ही सब से पहला काम होता है एक अच्छी सी सेल्फी लेना. कभी बोर्डिंग पास के साथ, कभी रनवे पर खड़े हवाईजहाज की पृष्ठभूमि में तो कभी सिक्योरिटी चेक के बाद वाली ‘रिलैक्स्ड’ तस्वीर. सोशल मीडिया के इस दौर में ‘सेल्फी की दीवानगी’ हमारी आदत बन चुकी है. फ्लाइट लेट हो तो टाइमपास, नई ड्रैस पहनी हो तो स्टेटस अपडेट और पहली हवाईयात्रा हो तो पूरी दुनिया को बताना जरूरी लगता है.

पर अब इस आदत पर लगाम कस दी गई है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए ने ‘एअरक्राफ्ट रूल्स, 1937’ के तहत एक सख्त आदेश जारी किया है. इस के बाद एअरपोर्ट के संवेदनशील हिस्सों में बिना लिखित अनुमति कैमरा निकालना सीधे कानूनी काररवाई को न्योता देना है.

क्या बदल गया है जानिए

सिक्योरिटी होल्ड एरिया अब ‘नो फोटो जोन’: जहां आप का सामान और आप की जांच होती है वहां अब मोबाइल से फोटो या वीडियो लेना पूरी तरह मना है. पहले अकसर यात्री यहां से गुजरते हुए रील्स बनाते दिख जाते थे पर अब इस पर कानूनी शिकंजा है.

टरमैक पर सेल्फी हुई गैरकानूनी: विमान से उतरते ही या चढ़ते समय विंग के पास खड़े हो कर फोटो खिंचवाना अब नियमों के खिलाफ है. टरमैक यानी वह जगह जहां विमान खड़े होते हैं, वहां फोटोग्राफी के लिए एअरपोर्ट आपरेटर की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है.

फोटोग्राफर हो या आम यात्री नियम सब के लिए एक: अगर कोई प्रोफैशनल शूट करना चाहता है तो उसे भी आम यात्री की तरह सुरक्षा जांच से गुजरना होगा. वैध आईडी कार्ड और बीसीएएस से जारी ऐंट्री परमिट साथ रखना जरूरी है. किसी को भी छूट नहीं मिलेगी.

सेल्फी की दीवानगी और देश की सुरक्षा

हम मानते हैं कि यादें सहेजना गलत नहीं है. पर सोचिए जब सैकड़ों यात्री सिक्योरिटी एरिया में रील्स बनाने लगेंगे तो भीड़ बढ़ेगी, सुरक्षाकर्मियों का ध्यान बंटेगा. गलती से ही सही अगर कैमरे में रनवे की कोई संवेदनशील गतिविधि या सुरक्षा उपकरण कैद हो गया तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है. डीजीसीए का यह कदम इसी ‘सेल्फी की दीवानगी’ पर नियंत्रण के लिए है ताकि आप की एक फोटो देश की सुरक्षा से सम?ाता न करवा दे.

विदेशी क्रू को फोटोग्राफी में शामिल करने पर भी रोक लगा दी गई है. खास परिस्थिति में भी सुरक्षा एजेंसियों से क्लीयरेंस लेना होगा. इतना ही नहीं एअरपोर्ट पर हुई हर फोटोग्राफी का रिकौर्ड 3 साल तक सुरक्षित रखा जाएगा. यानी आज चोरीछिपे खींची गई फोटो कल मुसीबत बन सकती है.

क्या करें, क्या न करें

लाउंज तक ही सीमित रखें शौक: बोर्डिंग गेट से पहले वेटिंग एरिया या लाउंज में काफी या किताब के साथ फोटो ले सकते हैं. सिक्योरिटी पार करते ही फोन बैग में रख लें.

बच्चों को पहले ही सम?ा दें: बच्चे अकसर काकपिट या विमान के पास फोटो की जिद करते हैं. उन्हें प्यार से नियम बता दें वरना काररवाई आप पर होगी.

प्रोफैशनल शूट के लिए पहले अनुमति लें: प्रीवेडिंग, ब्लौग या यूट्यूब शूट के लिए कम से कम 15 दिन पहले एअरपोर्ट अथारिटी को आवेदन दें.

प्लेन के अंदर है छूट: एक बार विमान में बैठने के बाद विंडो सीट से बादलों या खाने की फोटो लेना मना नहीं है पर टेकऔफ और लैंडिंग के समय क्रू के निर्देश मानें.

सेल्फी लेना गलत नहीं है पर जगह और वक्त का ध्यान रखना जरूरी है. एअरपोर्ट कोई टूरिस्ट स्पौट नहीं बल्कि एक संवेदनशील जगह है. अगली बार जब गु्रप में कोई एअरपोर्ट की रील का स्टेटस डाले तो उसे यह जानकारी जरूर शेयर करें क्योंकि ‘सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी’ वाली बात यहां कानून पर भी लागू होती है.

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