family story in hindi
family story in hindi
आए दिन बलात्कार की घटनाएं हमें झंझोड़ कर रख देती हैं, पर हम इन्हें रोकने के लिए कुछ कर नहीं पाते. सरकारे और पुलिस कुछ मेजर स्टैप्स लेने के बाद भी इन्हें घटने से रोक नहीं पा रही. जाहिर है सरकार को और भी सख्त कानून लाना होगा, साथ ही सुरक्षा व्यवस्था भी तगड़ी करनी होगी. सरकार के साथसाथ हम सब का दायित्व भी कम नहीं. टीवी चैनलों पर शायद ही कोई ऐसा दिन जाता हो, जिस में रेप की खबर न शामिल हुई हो. हमारे समाज की यह बहुत ही शर्मनाक स्थिति है. आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
स्थिति का सूक्ष्मता से अवलोकन करने पर बहुत कारण प्रकाश में आते हैं जैसे गूगल, यूट्यूब पर बेशुमार वल्गर वीडियोज, फिल्म, घटिया, विज्ञापन,्र गलत परवरिश, मर्दानगी साबित करने की बलवती इच्छा, बदला, दुश्मनी, जगहजगह नशे की दुकानें मौडर्न सोच दिख कर लडक़ों पर अंधा भरोसा करती लड़कियां, सार्वजनिक स्थलों पर उत्तेजक पहनावा, हावभाव दोहरे अर्थ वाले संवाद घटिनया सोच, घटती इंसानियत इत्यादि. एक और बहुत बड़ा और महत्त्वपूर्ण कारण है लडक़ों की मर्दानगी का मजाक उड़ाना या उन्हें उकसाना, जिस में कभी दोस्त, कभी रिश्तेदार तो कभी खुद लड़कियां शामिल होती हैं. ‘अरे यह तो मूंछों वाला बच्चा है’, ‘इस के तो अभी दूध के भी दांत नहीं टूटे’, ‘कहीं तीसरा जैंडर तो नहीं’, आदि. घृणित वाक्यों से लडक़ों की मर्दानगी को ठेस पहुंचते हैं जो उन के लिए असहनीय हो जाती हैं. इस से आहत हो कर वे अपनी मर्दानगी साबित करने के लिए बलात्कार जैसा अनैतिक, घृणित कदम उठा लेते हैं.
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बचपन से ही लडक़ों के दिमाग में ये बातें अच्छी तरह बैठा दी जाती हैं कि ‘तुम लडक़ी थोड़े ही हो? मर्द हो, ताकत वर हो’, ‘लडक़े रोते थोड़े ही हैं, रोती तो लड़कियां है’, ‘मतलब यह कि तुम ज्यादा भावुक, जज्बाती भी नहीं हो सकतें’, ‘मर्द को दर्द नहीं होता’, ‘मर्द हो. मतलब तुम्हें फौलाद सा कठोर होना है’, ‘किसी आघात चोट का जल्दी तुम्हारे तनमन पर असर नहीं होगा, जल्दी असर तो लड़कियों पर होता है.’
लडक़े घर में भी बहन, मां, बूआ, चाची, लड़कियों को देखते हैं कि उन्हें देर रात बाहर नहीं जाने दिया जाता, क्योंकि बाहर उन्हें मर्दों से खतरा रहता है, कोई उन से जोरजबरदस्ती कर सकता है. पर लडक़ों को कोई डर नहीं, क्योंकि वे मर्द है. समाज में उन का बलात्कार अथवा यौन शोषण हो जाए तो उसे कलंक की भी संज्ञा नहीं दी जाती.
सामाजिक दृष्टि से लडक़े अपने भविष्य के लिए भी निङ्क्षश्चत होते हैं, क्योंकि उसी घरपरिवार में इज्जत से उन्हें हमेशा रहना है. उन्हें मालूम है उन्हें विदा हो कर कहीं और नहीं जाना. वे ही घरपरिवार के वारिस हैं. वे दिल से हिम्मती और शरीर से बलवान भी अतएव जन्म से ही शारीरिक, मानसिक और सामाजिक सभी स्थितियों से मजबूत, स्वतंत्र वे भारतीय समाज में शुरू से ही लड़कियों से ऊंची पोजीशन पर रखे जाते हैं. यह बात उन्हें घुट्टी में पिलाई जाती है, जो उन के मनमस्तिष्क में घर कर लेती है जो उन में कुछ ज्यादा ही आत्मविश्वास भर अपने को उच्चतम मान लेने की सोच देती है. ऐसे में वे जब किशोर, जवान होने लगते हैं तब किसी ने भी यदि उन की मर्दानगी पर शब्दों के प्रहार किए तो वे बेहद आहत हो उठते हैं. तब चोट खाए वे अपनी मर्दानगी साबित करने के लिए कुछ भी कर डालते हैं. यहां तक कि किसी भी उम्र की किसी भी लडक़ी, महिलाका बलात्कार जैसे कुकृत्य भी कर डालते है. कभीकभी तो बलात्कार पीडि़ता की हत्या तक भी कर देते हैं.
आज के समाज में कई तरह के वर्गों का आपस में मेलजोल शुरू हो गया है. पहले पिछड़े लोग ऊंचे घरों को डर की नजर से देखते थे. पिछड़ों की लड़कियों को तो बलात्कार किया जाना आम था पर अब उलटा भी होने लगा है और पैसा पातीं और पौवर वाली पिछड़ी जातियां बिना जाति पूछे मौके का काम उठा लेती हैं. लड़कियों को भी एकदूसरे वर्ग के तौरतरीकों का ज्यादा पता नहीं होता. वे सोचती है कि हर लडक़ा उन के घर सा होगा पर कुछ घरों में बहुत कुछ छिपा हुआ चलता है चाहे उसे हमेशा नकारा जाता है.
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आज के समय में स्वार्थ, सुख, मजा, पैसा ही जब सर्वोपरि रह गया है तो ऐसे में दूसरे के दर्द, पीड़ा के वैसे ही कोई माने नहीं रह गए हैं. पैसा, सुविधा, स्वार्थ और अपना मजा हवस आदमी को मशीनी बना रही है. भावनाएं निर्मोल होती जा रही है. दूसरे की भावनाओं से खिलवाड़ कभीकभी बहुत महंगा भी पड़ जाता है. अत: किशोर से युवा बन रहे अथवा बन चुके लडक़ों की कोमल मनोस्थिति को समझें, उन की भावनाओं से खिलवाड़ कर उन का मजाक उड़ाने से बचें. उन की मर्दानगी का मजाक महिलाओं के बल, बुद्धि योग्यता और साहस का महत्त्व भी समझाना होगा. साथ ही यह भी कि लड़कियां भी लडक़ों की ही तरह बुद्धिमान विचारवान इंसान हैं, जो आज हर क्षेत्र में, परिवार, समाज, राष्ट्र क्या विश्व स्तर तक प्रगति मं अपना भरपूर योगदान दे रही हैं. उन्हें सम्मान देना ही होगा.
बलात्कार जैसे कुकृत्य से भले लडक़े अपने ईगो को संतुष्ट कर लें पर जब ऐसी घटनाएं खुद उन के अपनों पर घटती हैं तो वे उन के लिए भी असहनीय होती हैं. अत: लडक़ों की मर्दानगी का मजाक उड़ाने पर अंकुश लगने से यकीनन रेप की घटनाओं में कमी आएगी.
सीरियल गुम है किसी के प्यार में (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin) की कहानी में इन दिनों फैमिली ड्रामा देखने को मिल रहा है. जहां पाखी (Aishwarya Sharma) और सोनाली, विराट (Neil Bhatt) को ताने मारती नजर आ रही हैं. तो वहीं अपमकिंग एपिसोड में श्रुति के बाद उसके बच्चे का भी सच चौह्वाण परिवार के सामने आने वाला है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे (Ghum Hai Kisikey Pyaar Meiin Latest Update) …
विराट ने छोड़ा घर
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अब तक आपने देखा कि चौह्वाण परिवार के सवालों से परेशान होकर विराट घर छोड़ने का फैसला करता है. हालांकि भवानी चाहती है कि विराट और सई के बीच का रिश्ता एक बार फिर ठीक हो जाए. लेकिन ओंकार और सोनाली, विराट की हरकत का जिम्मेदार भवानी को मानते नजर आ ती है. वहीं भवानी इस दौरान गुस्से में चली जाती है.
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सोनाली को पता चलेगा सच
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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि झगड़े के दौरान सीड़ियों में भवानी का पैर फिसल जाएगा और उसका सिर लग जाएगा, जिसके बाद पूरा परिवार अस्पताल जाएगा. जहां सभी की मुलाकात सई से होगी. इसी बीच सोनाली, विराट की गोद में बच्चे को देखेगी. वहीं इस दौरान विराट कहता नजर आएगा कि उसकी मां अभी आती ही होगी, जिसे सुनकर सोनाली हैरान रह जाएगी. वहीं ये पूरी बात जाकर चौह्वाण परिवार को बताएगी.
श्रुति को जिम्मेदार मानेगा सम्राट
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दूसरी तरफ, पाखी और सम्राट के बीच बहस होगी, जिसमें सम्राट, श्रुति को जिम्मेदार मानते हुए कहेगा कि अगर श्रुति उसके सामने आई तो वह उसे छोड़ेगा नहीं. हालांकि पाखी, सम्राट से कहेगी कि केवल श्रुति की गलती नही है. विराट भी उतना ही दोषी है.
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सीरियल अनुपमा (Anupama) में इन दिनों काव्या (Madalsa Sharma), शाह परिवार से दूर नजर आ रही हैं. हालांकि उसके कारण नंदिनी और समर की जिंदगी में बवाल देखने को मिल रहा है. वहीं अपकमिंग एपिसोड में नंदिनी, काव्या के लिए वनराज पर बरसती हुई भी नजर आने वाली है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे…
नंदिनी-समर की हुई लड़ाई
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अब तक आपने देखा कि जहां मालविका और अनुज के कहने पर अनुपमा कपाड़िया हाउस में रहने का फैसला करती है तो वहीं शाह हाउस में समर और नंदिनी के बीच लड़ाई देखने को मिलती है. दरअसल, नंदिनी, समर से पूछती है कि जब सभी की गलतियों को माफ किया जा सकता है, तो उसकी मासी काव्या को माफ क्यों नहीं किया जाता. हालांकि समर जवाब देते हुए कहता है कि पश्चाताप करने वाले की गलतियों को माफ किया जाता है, इसलिए उसे अपनी मासी से 9 साल तक धोखा देने के लिए अनुपमा से माफ़ी मांगने के लिए कहना चाहिए. इसी के चलते दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ जाती है कि दोनों अपने रिश्ते को खत्म करने के बारे में एक बार सोचने के लिए कहते हैं.
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वनराज के लिए ये बात कहेगी अनुपमा
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अपकमिंग एपिसोड में आप देखेंगे कि अनुज, अनुपमा को वनराज को समझाने के लिए शुक्रिया कहेगा. हालांकि अनुपमा उससे कहेगी कि वनराज और मालविका के पति में कोई अंतर नहीं है. क्योंकि मालविका के पति ने उसके साथ शारीरिक हिंसा की है. लेकिन वनराज ने उसे अपनी बातों और 9 साल तक अफेयर के धोखे से दर्द दिया है. इसीलिए दोनों उसके लिए बराबर है.
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नंदिनी दिखाएगी वनराज को आईना
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इसके अलावा आप देखेंगे कि नंदिनी से हुई लड़ाई के बाद समर टूट जाएगा, जिसके चलते अनुपमा उसे दिलासा देगी. वहीं समर कहेगा कि घर में एक तलाक से पूरा परिवार बिखर गया. इसीलिए शादी से पहले रिश्ता तोड़ लेना ही बेहतर है. अनु सोचेगी कि अगर समर यहां दर्द में है, तो नंदिनी का क्या हाल होगा. वहीं नंदिनी शाह हाउस जाकर वनराज को कहेगी कि वह अपनी पूर्व पत्नी, उसके दोस्त और पूरी दुनिया के लिए चिंतित है, न कि उसकी मासी काव्या के लिए. वहीं वनराज कहेगी कि उनकी मासी ने सबसे ज्यादा गलतियां की हैं. लेकिन नंदिनी कहेगी कि काव्या से ज्यादा कोई और यानी वनराज ज्यादा गलतियां कर चुका है, जिससे वनराज ज्यादा चिढ़ जाएगा.
जब प्रपोज करने पर हमेशा नाकामयाबी ही मिलती हो तो दिल टूट जाता है. समझ नहीं आता कि आखिर हम में ऐसी क्या कमी रह गई थी जो हमारा प्यार अधूरा रह गया. इस स्थिति में आप के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि पार्टनर ने आप को क्यों न कहा आइए, जानते हैं इस संबंध में:
ऐटिट्यूड भरा प्रोपोजल
भले ही आप ने अपने क्रश को प्रपोज तो कर दिया, लेकिन वह प्रोपोजल आप का ऐटिट्यूड से भरा हुआ हो, तो हमेशा आप को न ही सुनने को मिलेगी क्योंकि आप जिसे भी प्रपोज करें वह नहीं चाहेगा कि जिस से वह संबंध जोड़ने जा रहा, उस में ऐटिट्यूड हो. फिर चाहे आप कितनी भी गुड लुकिंग क्यों न हों.
आप के प्रोपोजल को न करने पर मजबूर कर ही देगा क्योंकि जिस में अभी इतना ऐटिट्यूड है आगे कितना होगा, कहा नहीं जा सकता. इसीलिए आप को हमेशा अपने क्रश को प्रपोज करने में असफलता मिलती है.
टिप: जब भी आप अपने पार्टनर को प्रपोज करने जाएं तो आप के प्रोपोजल का तरीका बहुत ही सौफ्ट व उसे आकर्षित करने वाला होना चाहिए न कि रोब व ऐटिट्टूड से भरा हुआ हो.
आप का गुड लुकिंग नहीं होना
हो सकता है कि आप जब भी अपने क्रश को प्रपोज करते हों, तो आप को न ही सुनने को मिलता हो. ऐसा इसलिए क्योंकि आप उसे प्रपोज करने तो पहुंच गए, लेकिन अपने हुलिए पर जरा ध्यान नहीं दिया. ऐसे में आप के क्रश से आप को न ही सुनने को मिलेगी, क्योंकि कोई भी लड़की यह नहीं चाहेगी कि उस का पार्टनर दिखने में अच्छा न हो, क्योंकि कहते हैं न कि बातों का इफैक्ट लोगों पर बाद में पड़ता है पहले तो चेहरा ही वर्क करता है. ऐसे में प्रपोज करने से पहले अपने हुलिए पर ध्यान जरूर दें.
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टिप: भले ही आप को टिपटौप रहने का शौक न हो, लेकिन जब आप अपने क्रश को प्रपोज करने जा रहे हों तो खुद को टिपटौप बना कर ही जाएं ताकि लड़की की नजर में आप पहली बार ही बस जाएं और वह आप के प्रोपोजल को न न कर पाए. गुड लुकिंग, हैंडसम बौय की चाह हर लड़की को होती है.
इशारों के बाद प्रपोज करना
कुछ लड़कों की यह आदत होती है कि वे जिसे पसंद करते हैं उसे इशारों से अपने मन का हाल बताने की कोशिश करते हैं, जबकि लड़कियां ऐसे लड़कों से दूरी बनाने में ही समझदारी समझती हैं, क्योंकि ऐसे लड़के उन्हें नियत के सही नहीं लगते. उन्हें लगता है कि जो अभी ऐसी हरकत कर रहा है वह आगे किस हद तक चला जाएगा, कहा नहीं जा सकता. ऐसे में वे उस के प्रपोज करते ही उसे साफ इनकार कर देती हैं.
टिप: जिस पर भी आप का क्रश है और आप उसे प्रपोज करने के बारे में सोच रहे हैं तो इस बात का खास ध्यान रखें कि आप भले ही उसे छिपछिप कर देखें, लेकिन उसे इशारे न करें. जब भी उसे प्रपोज करें तो आप की आंखों में उस के लिए प्यार दिखे न कि एक अजीब सी शरारत.
शो औफ कर के प्रपोज करना
अगर आप अपने क्रश को प्रपोज करने जा रहे हैं और उसे अपने पैसों का रुतबा दिखा कर प्रपोज कर रहे हैं तो यकीन मानिए आप को न ही सुनने को मिलेगी, क्योंकि जो शुरुआत में ही इतना दिखावा कर रहा है वह आगे भी अपने पैसों के बल पर मुझे नीचा दिखाने की कोशिश करेगा, ऐसा सोच कर लड़की आप के गुड लुकिंग होते हुए भी आप को न करने में ही समझदारी समझेगी.
टिप: जब प्रपोज करने के लिए जाएं तो आप इस बात का ध्यान रखें कि आप की पर्सनैलिटी व आप के प्रपोज करने के अंदाज में पैसों का दिखावा जरा भी न हो.
ज्यादा स्मार्ट बनना
कुछ लड़कों की यह आदत होती है कि वे लड़कियों के सामने खुद को जरूरत से ज्यादा स्मार्ट दिखाने की कोशिश करते हैं. इसी चक्कर में जब वे अपने क्रश को अपना बनाने के बारे में सोचते हैं तब उन की यह स्मार्टनैस उन के रिजैक्शन के रूप में सामने आती है, क्योंकि कोई भी लड़की जरूरत से ज्यादा स्मार्ट बनने वाले लड़के को पसंद नहीं करना चाहती. ऐसे में बस वे यही सोचते रह जाते हैं कि लड़की ने उन्हें रिजैक्ट क्यों किया, जबकि उन्होंने तो उन्हें पहल कर के पहले प्रपोज किया.
टिप: ओवर स्मार्टनैस को एक तरफ रख कर कूल डाउन हो कर इस अंदाज में प्रपोज करें कि आप का क्रश आप को हां कहे बिना न रह सके.
गठिया का नाम सुनते ही अधिकतर लोग मान लेते हैं कि आप जोड़ों के घिसाव की बात कर रहे हैं और इससे अधिकतर वृद्ध पीडि़त होते हैं. परंतु वो ऑस्टियोआर्थराइटिस यानी अस्थिसंधिशोध है. गठिया बाय एक अलग स्थिति है. यह वृद्धावस्था की स्थिति नहीं है. दरअसल, गठिया बाय किसी भी उम्र में हो सकता है, यहां तक कि बच्चे भी इससे प्रभावित हो सकते हैं.
गठिया बाय एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसका अर्थ है कि हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली हमारी रक्षा करने की बजाय स्वस्थ ऊतकों (जैसे जोड़ों) पर हमला कर देती है और सूजन और दर्द का कारण बनती है. शुरुआत में यह हाथों के छोटे जोड़ों को प्रभावित करता है और बाद में कलाई, कोहनी, कंधे, टखने, घुटने आदि जैसे अन्य जोड़ों पर हमला करना शुरू कर देता है. जोड़ों के अलावा यह शरीर के अन्य अंगों जैसे हृदय, फेफड़े, त्वचा, गुर्दे, आंखें आदि पर भी हमला कर सकता है. इसलिए यह मत सोचिए कि गठिया बाय सिर्फ जोड़ों की समस्या है, यह बहुत अधिक गंभीर समस्या है और इसका तत्काल उपचार करना आवश्यक है.
गठिया बाय के उपचार के लिए अब कई दवाएं उपलब्ध हैं, जो गठिया बाय को जल्दी से नियंत्रित करती हैं और इसकी जटिलताओं को रोकती हैं.
यदि आपको निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अपने चिकित्सक से परामर्श करें-
– 6 सप्ताह से अधिक समय तक जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न होना.
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– सुबह उठने पर या थोड़ी देर बैठने के बाद जोड़ों में 30 मिनट से अधिक समय तक रहनेवाली और बेवजह की जकड़न महसूस होना.
– बहुत ज्यादा थकावट लगना.
– चीजों को पकड़ने या मुट्ठी बनाने में कठिनाई.
– सीढि़यां चढ़ने या गाड़ी से बाहर निकलने में कठिनाई.
– गठिया बाय का शीघ्र निदान और उचित उपचार होने वाली जटिलताओं से बचा सकता है और आपको बेहतर जीवन जीने में मदद कर सकता है.
यदि गठिया बाय को नजरअंदाज किया गया या इसका सही उपचार नहीं किया गया, तो इसका गंभीर परिणाम हो सकता है.
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सवाल-
मु झे काजल लगाना बहुत पसंद है. लेकिन जब भी काजल लगाती हूं वह फैल जाता है. कोई इलाज बताएं जिससे कि मेरा काजल फैले नहीं?
जवाब-
आजकल मार्केट में बहुत अच्छी क्वालिटी के काजल उपलब्ध हैं जो स्मजप्रूफ और वाटरप्रूफ होते हैं. वे जल्दी फैलते नहीं हैं. इस के अलावा आप काजल लगाने के बाद आंखों के नीचे वाटरप्रूफ आईलाइनर की लाइन लगा लें. इस से काजल नहीं फैलता.
काजल लगाने के बाद एक पतले ब्रश से ब्राउन, ब्लैक, पिंक, ग्रीन या ब्लू यानी ड्रैस से मैच करते कौंप्लिमैंटरी कलर के आईशैडो से एक लाइन काजल के नीचेनीचे लगा लें. इस से काजल जल्दी फैलता नहीं. यदि आप हमेशा काजल लगा कर खूबसूरत दिखना चाहती हैं तो प्रौमिनैंट काजल लगवा लें जो 15 साल से भी ज्यादा समय तक टिका रहता है.
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मेकअप करना आसान काम नहीं है . इसमें छोटी से चूक आपकी खूबसूरती को संवारने की बजाय बिगाड़ देती है . जैसे की काजल का फैलना . कजरारी आंखों के बिना खूबसूरती के बारे में सोचा नहीं जा सकता . काजल का इस्तेमाल आप अपनी आंखों की सुंदरता बढ़ाने के लिए करते है . आप और भी कई तरह से अपनी आंखों को खूबसूरत बनाने के लिए चीजों का इस्तेमाल करते हैं . लेकिन काजल की बात ही कुछ और है .
काजल लगाने से आंखे खूबसूरत लगती है उनमें चमक आती है . लेकिन जब काजल फैल जाता है तो वह देखने में बहुत ही खराब लगता है और आपकी सुन्दरता पर एक धब्बा बन जाता है . लेकिन इस समस्या से भी निपटा जा सकता है . तो यहां कुछ सरल ट्रिक्स हैं जो आपके काजल को फैलने से रोकते हैं .
इन टिप्स से नहीं फैलेगा काजल :
1. चेहरे को अच्छे से करें साफ –
सबसे पहले अपने चेहरे को अच्छे से साफ करें . काजल लगाने से पहले अपने चेहरे को किसी भी फेस वॉश से धो लें और चेहरा पूरी तरह से सूखने के बाद की काजल को लगाएं.
पूरी खबर पढ़ने के लिए- 10 Tips: काजल को फैलने से कैसे बचाएं
अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें- submit.rachna@delhipress.biz सब्जेक्ट में लिखे… गृहशोभा-व्यक्तिगत समस्याएं/ Personal Problem
हमारे देश में आज भी जीवन बीमा को ले कर लोगों में झिक है खासतौर से महिलाओं में. अधिकांश महिलाओं को तो जीवन बीमा के विषय में जानकारी ही नहीं होती. इन सब बातों को वे अपने पति पर छोड़ देती हैं. पति भी पत्नियों को बचत के तरीकों, अपने खातों की जानकारी, विकास पत्र या बीमा पौलिसी के बारे में अधिक जानकारी देने से बचते हैं.
हमारे यहां परिवार का आर्थिक बोझ उठाने की जिम्मेदारी अकसर पुरुषों के कंधों पर होती है. हालांकि अब बड़ी संख्या में महिलाएं भी नौकरी कर रही हैं और घर की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में अपना योगदान दे रही हैं. ऐसे में बहुत जरूरी है कि आप अपने और अपने परिवार को सुरक्षित रखने का इंतजाम समय रहते कर लें.
घर की आर्थिक गाड़ी खींचने वाला व्यक्ति चाहे स्त्री हो या पुरुष, उस के कंधों पर कई तरह की जिम्मेदारियां होती हैं. बच्चों की शिक्षा, उच्च शिक्षा के लिए बच्चों को विदेश भेजने की ख्वाहिश, बेटी का अच्छा विवाह, अपना घर बनवाना और रिटायर होने के बाद भी आय का कोई सोर्स हर व्यक्ति चाहता है.
बीमा की उपयोगिता
इन तमाम जिम्मेदारियों को पूरा करने से पहले ही अगर घर के कमाऊ सदस्य के साथ कोई अनहोनी घट जाए तो सोचिए उस के लक्ष्यों का क्या होगा? परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए पैसे कहां से आएंगे? इस का सिर्फ एक इलाज है- जीवन बीमा. इस के जरीए सभी वित्तीय लक्ष्यों के लिए परिवार को सुरक्षा कवच मिल जाता है. जीवन बीमा परिवार के आत्मसम्मान की रक्षा करता है. घर के मुख्य कमाऊ सदस्य की अचानक मृत्यु के बाद परिवार को दूसरों पर आश्रित नहीं होना पड़ता है.
जीवन बीमा के बारे में आज हर व्यक्ति को जानने की जरूरत है. इस के विषय में ज्यादा से ज्यादा सवाल पूछने की जरूरत है. जीवन बीमा की उपयोगिता क्या है? यह कितनी रकम का होना चाहिए? इसे कब लेना चाहिए? ऐसे सभी सवालों के जवाब हम आप को दे रहे हैं.
अगर आप नौकरीपेशा हैं या अपना कोई व्यवसाय करते हैं तो आप को अपनी सालाना आमदनी का कम से कम 10 गुना जीवन बीमा कवर जरूर लेना चाहिए.
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क्यों खरीदें जीवन बीमा पौलिसी
मान लीजिए किसी व्यक्ति ने होम लोन ले कर घर खरीदा है. उस के बच्चे निजी स्कूल में पढ़ रहे हैं. घर के सभी प्रकार के खर्च के लिए परिवार उस व्यक्ति पर निर्भर है. अब यदि किसी बीमारी या दुर्घटना की वजह से उस व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उस के नहीं रहने की स्थिति में उस का परिवार सड़क पर न आ जाए, इस के लिए बीमा पौलिसी खरीदना जरूरी है.
बीमा कवरेज लेने से उस के नहीं होने की स्थिति में उस के आश्रितों को बीमा कंपनी से मुआवजा मिलेगा, जिस से उन का आगे का समय आसानी से कट सकता है. जीवन बीमा पौलिसी व्यक्ति के नहीं रहने की स्थिति में उस के परिवार को वित्तीय जोखिम से सुरक्षा देता है.
जीवन बीमा किसे लेना चाहिए
यदि व्यक्ति के परिवार में पत्नी है, बच्चे हैं और उस के मातापिता वृद्ध हैं तथा उन की अपनी कोई कमाई नहीं है तो उस व्यक्ति को निश्चित रूप से जीवन बीमा पौलिसी खरीदना चाहिए. जीवन बीमा पौलिसी खरीदने की सब से आम वजह किसी अप्रत्याशित घटना से परिवार को संरक्षण प्रदान करना है. जीवन बीमा पौलिसी से मुआवजे के रूप में मिली रकम का उपयोग कर परिवार के आश्रित सदस्यों के अगले कई सालों का खर्च उठाया जा सकता है.
अगर आप पर ऋण या देनदारी है
यदि किसी व्यक्ति ने लोन ले कर खरीदारी यानी घर खरीदा है या अपनी संपत्ति गिरवी रखी है, तो उसे जीवन बीमा पौलिसी अवश्य ले लेनी चाहिए. इस से उस के नहीं रहने की स्थिति में न सिर्फ उस के परिवार को उस कर्ज को चुकाने में मदद मिलेगी, बल्कि परिवार के लिए आमदनी का एक नियमित स्रोत भी बनेगा.
पार्टनरशिप फर्म में भागीदार
यदि आप के साथ पार्टनरशिप फर्म में शामिल कोई व्यक्ति है तो आप दोनों को जीवन बीमा पौलिसी खरीदनी चाहिए. इस प्रकार की पौलिसी आप के पार्टनर की मृत्यु होने की स्थिति में होने वाले किसी प्रकार के वित्तीय नुकसान की स्थिति में आप की फर्म को वित्तीय सुरक्षा देगी.
कब कराना चाहिए जीवन बीमा
नौकरी लगते ही आप को जीवन बीमा पौलिसी खरीद लेनी चाहिए. जीवन बीमा कवरेज लेने के लिए टर्म प्लान कम प्रीमियम में अधिकतम कवरेज हासिल करने का बेहतरीन विकल्प है. आप की उम्र जितनी कम होगी जीवन बीमा पौलिसी में आप का प्रीमियम उतना ही कम होगा.
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बीमा कितने समय के लिए कराना चाहिए
जब तक आप के परिवार के सदस्य अपने खर्च के लिए आप की कमाई पर निर्भर हों, आप को उतने समय का अंदाजा लगा कर ही बीमा पौलिसी खरीदनी चाहिए. आप जब तक अपने परिवार के लिए कमाने वाले महत्त्वपूर्ण सदस्य हैं तब तक के लिए आप को जीवन बीमा कराना चाहिए.
आमतौर पर यह माना जाता है कि अगर आप की शादी 30 साल की उम्र में हो गई है और 35 साल की उम्र तक आप के 2 बच्चे हैं तो उन की पढ़ाईलिखाई आदि अगले 25 साल में पूरी हो जाएगी और तब तक वे जौब शुरू कर देंगे. इस हिसाब से आप को जीवन बीमा पौलिसी में 60-65 साल तक की उम्र के लिए लेनी चाहिए.
Romantic Stories in Hindi: इस आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आए हैं गृहशोभा की 10 Best Romantic Stories in Hindi 2022. इन कहानियों में प्यार और रिश्तों से जुड़ी कई दिलचस्प कहानियां हैं जो आपके दिल को छू लेगी और जिससे आपको प्यार का नया मतलब जानने को मिलेगा. इन Romantic Stories से आप कई अहम बाते भी जान सकते हैं कि प्यार की जिंदगी में क्या अहमियत है और क्या कभी किसी को मिल सकता है सच्चा प्यार. तो अगर आपको भी है संजीदा कहानियां पढ़ने का शौक तो यहां पढ़िए गृहशोभा की Best Romantic Stories in Hindi.
1. मिलन: क्या हिमालय और भावना की नई शुरुआत हो पाई

एक तरफ हिमालय ने अपनी पत्नी को खोया तो दूसरी तरफ भावना की पति प्रांजल की मृत्यु के बाद दुनिया उजड़ गई. दोनों का यही अकेलापन उन्हें एकदूसरे के करीब ले आया, और उन्हें एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लेना ही पड़ा…
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2. तुम मेरी हो: क्या शीतल के जख्मों पर मरहम लगा पाया सारांश

बेकुसूर होते हुए भी शीतल बेवजह खुशियों से दूर जिंदगी जीने को मजबूर थी. सारांश की नजरों ने उस के दिल के जख्मों को देख लिया था. लेकिन, कुछ कर पाया वह शीतल के लिए?
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3. घरौंदा : क्यों दोराहे पर खड़ी थी रेखा की जिंदगी

रेखा की जिंदगी कई धूपछांही रंगों से गुजर चुकी थी. पर ऐसा तो कभी न हुआ था. आज जिंदगी एक ऐसे दोराहे पर जा खड़ी हुई थी कि रेखा एकदम चकरा गई.
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4. उपहार: क्या मोहिनी का दिल जीत पाया सत्या

सत्या मोहिनी की जरूरतों की वे चीजे तोहफे में दे कर उसे खुश रखना चाहता था. उस के लिए दोस्तों से उधार मांगने, घर का सामान चोरी कर के बेचने से भी उस ने परहेज नहीं किया.
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5. प्यार झुकता नहीं

“एक जरूरी बात बतानी थी सुजाता” पटना से उसकी सहेली श्वेता बोल रही थी- “अरूण को कोरोना हुआ है. बहुत सताया था न तुम्हें. अब भुगत रहा है.” “पर मुझे क्या” वह लापरवाही से बोली- “अब तो तलाक की औपचारिकता भर रह गई है. उसे मुझे भरण-पोषण का खर्च देना ही होगा.”
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6. Romantic Story In Hindi: सबसे हसीन वह

इन दिनों अनुजा की स्थिति ‘कहां फंस गई मैं’ वाली थी. कहीं ऐसा भी होता है भला? वह अपनेआप में कसमसा रही थी. ऊपर से बर्फ का ढेला बनी बैठी थी और भीतर उस के ज्वालामुखी दहक रहा था. ‘क्या मेरे मातापिता तब अंधेबहरे थे? क्या वे इतने निष्ठुर हैं? अगर नहीं, तो बिना परखे ऐसे लड़के से क्यों बांध दिया मु झे जो किसी अन्य की खातिर मु झे छोड़ भागा है, जाने कहां? अभी तो अपनी सुहागरात तक भी नहीं हुई है. जाने कहां भटक रहा होगा. फिर, पता नहीं वह लौटेगा भी या नहीं.’
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7. धुआं-धुआं सा: पति के बाइसेक्सुअल होने की बात पर क्या था विशाखा का फैसला

सचाई स्पष्ट होने के बाद विशाखा बोली थी कि उस के दिल और दिमाग की जंग में जीत उस के दिमाग की हुई. तुम मूव औन कर चुके हो, मुझे भी करना चाहिए. करना ही होगा. एकसाथ रह कर दुखी रहा जाए, इस से बेहतर है…
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8. Romantic Story In Hindi: भावनात्मक सुरक्षा

यह जानते हुए भी कि कविता के बगैर उस की जिंदगी अधूरी है, मुकेश को ऐसा क्या एहसास हुआ कि वह उस से कटाकटा सा रहने लगा. एक दिन तो हद ही हो गई…
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9. Romantic Story In Hindi: बुझते दिए की लौ

बरसों बाद नूपुर से मिल कर एक बार फिर जिंदगी खुशनुमा सी लगने लगी थी. लेकिन जिंदगी के इस मोड़ पर हमेशा के लिए एकदूसरे का साथ पाना आज भी इतना आसान नहीं था.
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10. सयाना इश्क: क्यों अच्छा लाइफ पार्टनर नही बन सकता संजय

पीहू लेटीलेटी सोच रही थी, संजय की बेफिक्री, उस के कूल नैचर पर फ़िदा हो कर ही उस के साथ जीवन में आगे नहीं बढ़ा जा सकता. वह अच्छा दोस्त हो सकता है पर लाइफपार्टनर तो बिलकुल नहीं. अब वह जमाना भी नहीं कि सिर्फ भावनाओं के सहारे भविष्य का कोई फैसला लिया जाए…
जब सर्दियों में स्किन अपनी नमी खोने लगती है तो खूबसूरती में भी कमी आने लगती है जो शायद किसी को भी गवारा नहीं होता है. ऐसे में कोल्ड क्रीम खोए हुए मोइस्चर को वापस लौटाने के साथसाथ स्किन में मॉइस्चर को लौक करने का काम भी करती है, जिससे स्किन को विंटर प्रोब्लम्स से दूर रखने में मदद मिलती है. लेकिन इसके लिए जरूरत है सही कोल्ड क्रीम का चयन करने की और जब बात आए कोल्ड क्रीम की और रोजा हर्बल कोल्ड क्रीम का जिक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता है क्योंकि यह मौसम व आपकी स्किन का खास ध्यान रखकर जो बनाई गई है. जानते हैं क्यों है यह खास:
है विटामिन ई की खूबियां
विटामिन ई बहुत ही पावरफुल एन्टिओक्सीडेंट होने के कारण यह स्किन को अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाने के साथसाथ स्किन को नौरिश करने में भी मदद करता है. इसकी मॉइस्चराइजिंग प्रोपर्टीज स्किन को सोफ्ट, स्मूद व जवां बनाए रखने का काम करती हैं. तभी तो सलाह दी जाती है कि आप विंटर के मौसम में स्किन प्रोब्लम्स से छुटकारा पाने के लिए विटामिन ई युक्त क्रीम जरूर अप्लाई करें.
ऐलोवेरा की मौजूदगी
ऐलोवेरा में ढेरों माइक्रोन्यूट्रिएंट्स होने के कारण यह शरीर को बीमारियों से दूर रखकर न सिर्फ शरीर की इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काम करता है, बल्कि इसमें विटामिन बी, सी, बीटा कैरोटिन होने के कारण यह स्किन को नौरिश करने के साथसाथ एजिंग प्रोसेस को भी स्लो करने का काम करता है. इस इनग्रीडिएंट से बनी क्रीम का खासकर के विंटर्स में इस्तेमाल करना काफी फायदेमंद होता है क्योंकि यह ड्राई व डीहाइड्रेट स्किन को बिना ग्रीसी इफेक्ट दिए मॉइस्चराइज करने का काम जो करता है. इसकी खास बात यह है कि ऐलोवेरा सभी स्किन टाइप के लिए परफेक्ट होता है.
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फ्रूट एक्सट्रैक्ट्स भी
इसमें फलों की मौजूदगी होने के कारण इसमें है विटामिन ए, सी और डी की खूबियां जो स्किन को प्रोटेक्ट करने के साथसाथ उसे हैल्दी, सॉफ्ट बनाने का काम करती हैं. ये स्किन टोन को भी नेचुरली इंप्रूव करके स्किन को हील करके उसे जवां बनाए रखने का काम करती हैं. विटामिन ए अल्ट्रावायलेट किरणों से स्किन को प्रोटेक्ट करने का काम करता है, तो विटामिन सी कोलेजन के उत्पादन में मदद करके स्किन को यंग लुक देने का काम करता है खास करके इसकी सर्दियों में सबसे ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि सर्दियों में कोलेजन के कम होने का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ जाता है, जिससे स्किन पर झुर्रियों व फाइन लाइन्स की समस्या खड़ी हो जाती है. वहीं विटामिन डी को सनशाइन विटामिन कहा जाता हैं. यह हैल्दी स्किन सेल ग्रोथ के निर्माण में मददगार होने के साथसाथ उसे हील भी करने का काम करता है. कह सकते हैं कि यह स्किन की इम्यूनिटी को बूस्ट करने का काम करता है.
बादाम की खूबियां भी
बादाम विटामिन ई में रिच होने के कारण स्किन को नॉरिश व सॉफ्ट बनाने का काम करता है, साथ ही इससे फेशियल रिंकल्स भी कम होती हैं. बादाम विटामिंस, ओमेगा 3 और एन्टिऑक्सीडेंट्स में रिच होता है जो स्किन को पोषण देने का काम करते हैं, साथ ही बढ़ती उम्र के संकेतों को भी कम करने में मददगार हैं. अगर आप रोजाना इससे युक्त क्रीम को चेहरे पर अप्लाई करती हैं तो इससे स्किन सर्दियों में ड्रॉयनेस की समस्या से बची रहती है, जिससे उस की नेचुरल ब्यूटी भी मेन्टेन रहती है.
है नेचुरल ऑयल्स
जितना स्किन पर नेचुरल ऑयल्स का इस्तेमाल किया जाता है, स्किन उतनी ही नेचुरल व प्रॉब्लम फ्री रहती है. ऐसे में रोजा कोल्ड क्रीम में है नेचुरल ऑयल्स, जिनमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट्स व एंटीइनफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं जो स्किन के मॉइस्चर को स्किन में लॉक करने के साथसाथ स्किन के हीलिंग प्रोसेस को भी तेज करने का काम करते हैं, साथ ही ये चेहरे की ऑउटर लेयर को भी मजबूती प्रदान करते हैं.
बेनिफिट्स इन शॉर्ट्स
– स्किन को एजिंग और डिहाइड्रेशन से बचाए.
– स्किन से वाटर लॉस को कम करे.
– स्किन में तेजी से जाकर उसे सॉफ्ट बनाता है.
– नेचुरल इनग्रीडिएंट्स व ऑयल्स की खूबियों से भरपूर.
– इजी टू अवेलेबल.
– बजट फ्रेंडली भी.
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इन बातों का रखें ध्यान
– कोल्ड क्रीम हमेशा नेचुरल तत्त्वों से ही बनी हो.
– जब भी आप क्रीम खरीदें तो उसके इनग्रीडिएंट्स जरूर चेक करें.
– एक्सपायरी डेट देखकर ही कोल्ड क्रीम खरीदें.
– केमिकलरहित कोल्ड क्रीम ही स्किन के लिए फायदेमंद होती है.
– ऑनलाइन, ऑफलाइन जहां से भी आप क्रीम खरीदें, विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही खरीदें. तो फिर इस विंटर अपनी स्किन को रोजा हर्बल केयर से करें नॉरिश.