ताकि दोबारा न हो तलाक

बौलीवुड अदाकारा करिश्मा कपूर ने अपने पति संजय कपूर से तलाक लेने का फैसला किया. दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में आपसी रजामंदी से तलाक लेने और विवादों का निबटारा करने के कागजात पर दस्तखत किए थे.

करिश्मा कपूर ने 29 सितंबर, 2003 को दिल्ली के बिजनैसमैन संजय कपूर से शादी की थी. लेकिन 2012 में दोनों अलग हो गए. दोनों के 2 बच्चे समायरा और कियान हैं. करिश्मा संजय कपूर की दूसरी पत्नी थीं. उन की पहली शादी डिजाइनर नंदिता मथानी से हुई थी. संजय और नंदिता पढ़ाई के दौरान मिले थे. दोनों ने लव मैरिज की, मगर यह अधिक दिनों तक नहीं टिक सकी.

नंदिता से तलाक लेने के महज 10 दिनों बाद ही संजय ने करिश्मा से शादी कर ली. मगर यह शादी भी आखिर टूट गई और वजह रही संजय का प्रिया सचदेव से रिश्ता.

इसी तरह 33 साल की हौलीवुड अदाकारा बिली पाइपर ने भी अपने दूसरे पति लौरेंस फौक्स से कुछ समय पहले तलाक लेने की घोषणा की.

दरअसल, बिली पाइपर की पहली शादी तब हुई थी जब वे महज 19 साल की थीं. उन का पहला पति क्रिस इवेंस 35 वर्ष का था. दोनों ने लास वेगास में चुपके से शादी की थी, पर 3 साल बाद ही दोनों अलग हो गए. उस वक्त उन के तलाक को ले कर किसी को आश्चर्य नहीं हुआ था, क्योंकि बिली तब परिपक्व नहीं थीं. उन की कोई संतान भी नहीं थी, इसलिए तलाक के बाद वे जल्दी मजबूत बन कर फिर उभर आईं.

मगर अब जबकि फौक्स और उन के 2 बच्चे हैं तथा शादी के कईं साल बीत चुके हैं और ऊपरी तौर पर दोनों का रिश्ता भी परफैक्ट नजर आ रहा था. ऐसे में उन के रिश्ते के टूटने को सहजता से नहीं लिया जा सकता.

तलाक लेना कोई आसान फैसला नहीं होता. वर्षों के सहेजे रिश्ते का महल जब टूटता है, तो उस की किरचें व्यक्ति के मनमस्तिष्क को बुरी तरह बेध डालती हैं. खुद की टूटन के साथ ही जमाने द्वारा दिए जाने वाले तानों व सवालों के बाण अलग से सितम ढाते हैं खासकर जब तलाक दूसरी दफा हुआ हो. सिर्फ भारत ही नहीं, कमोबेश विदेशों में भी यही स्थिति है.

दूसरे तलाक का मलाल

पहले तलाक की बात अलग होती है. उस वक्त व्यक्ति कम उम्र का होता है, अपरिपक्व होता है. वह जिंदगी और रिश्तों के प्रति उतना संजीदा नहीं होता. तलाक के बाद लोग उसे सहानुभूति की नजरों से देखते हैं और सोचते हैं कि जरूर वह गलत व्यक्ति के साथ बंध गया होगा या किन्हीं कारणों से तालमेल नहीं बैठा पाया होगा. उसे लोगों का सहयोग मिलता है.

मगर दूसरे तलाक में बात अलग हो जाती है. व्यक्ति परिपक्व और अनुभवी हो चुका होता है. माना जाता है कि वह दूसरे जीवनसाथी का सावधानी से चुनाव करेगा. उस की आंखें खुलीं होंगी और वह पुरानी गलतियां दोहराना नहीं चाहेगा. मगर यदि दूसरी दफा भी बात न बने तो लोग उसे नीची नजरों से देखने लगते हैं. उन्हें लगता है कि जरूर इस में ही कोई कमी है. तभी इस की किसी से नहीं निभ पाती.

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पहले तलाक को दुर्घटना माना जा सकता है, पर दूसरे तलाक को कहीं न कहीं लापरवाही और स्वभावगत दोष माना जाता है. व्यक्ति काफी समय तक हताशा और शर्मिंदगी के दौर से गुजरता है खासकर महिलाओं के साथ स्थिति ज्यादा गंभीर होती है. एक तरफ उन्हें आर्थिक चिंता सताती है तो दूसरी तरफ बच्चों के भविष्य की. ऊपर से जमाना भी औरत पर आरोप लगाने से नहीं हिचकता.

तलाक से जुड़ी भावनात्मक अवस्थाएं

विवाह के बाद जब व्यक्ति तलाक की त्रासदी से गुजरता है तो भावनात्मक रूप से वह कई अवस्थाओं को पार करता है:

दुख और हताशा: व्यक्ति को ऐसा लगता है जैसे किसी महत्त्वपूर्ण रिश्ते का अंत हो गया हो. वह इतना दुख महसूस करता है जैसे किसी फैमिली मैंबर की मौत हो गई हो. सामान्यतया यह अवधि 18 माह से 3-4 सालों तक हो सकती है.

पछतावा: असफलता का एहसास व्यक्ति के अंदर पछतावे की भावना पैदा करता है. व्यक्ति को महसूस होता है जैसे वह स्वयं की, परिवार वालों की व समाज की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका है. उसे अपराधबोध होता है कि वह उम्र भर के रिश्ते को नहीं निभा सका. यह तब और भी खतरनाक हो जाता है जब दर्द व शर्मिंदगी, गुस्से व हताशा में बदल जाती है.

डर और चिंता: तलाक से पहले और तलाक के बाद भी महिलाओं के दिल में तनाव और खौफ यह सोच कर होता है कि उन के बच्चों का भविष्य क्या होगा या फिर न जाने किनकिन आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा. यदि जल्दी कोई उपयुक्त जीवनसाथी नहीं मिल पाए, तो जिंदगी की यह अवस्था भी लंबी खिंच जाती है.

तलाक को शर्मिंदगी से न जोड़ें

इस संदर्भ में दिल्ली के मैरिज काउंसलर डा. विख्यात सिंह कहते हैं, ‘‘तलाकशुदा स्त्रियों को ले कर समाज की गलत सोच का ही नतीजा है कि ऐसी महिलाएं स्वयं को दयनीय मानने लगती हैं. यह प्रवृत्ति उचित नहीं. मुझे लगता है निराश होने या तलाक से घबराने के बजाय असहनीय परिस्थितियों में तलाक ले लेना ही बेहतर विकल्प है.

‘‘दरअसल, शादी एक ऐसी संस्था है, जिस में पति और पत्नी दोनों के लिए एकदूसरे को समझना और एकदूसरे का सम्मान करना बेहद जरूरी है. यदि इस रिश्ते में आप को पर्याप्त सम्मान नहीं मिल रहा है तो फिर साथ रहने का कोई औचित्य नहीं.

‘‘याद रखें, हर किसी को शांति और सम्मान के साथ जीने का हक है. आप स्वयं को हीन महसूस न करें और न ही दुखी और परेशान हों, क्योंकि अशांति, तनाव और हीनभावना कहीं न कहीं आप को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करेगी. जीवन खत्म करने से अच्छा है स्वयं को एक और मौका दें.’’

प्रत्यूषा बनर्जी का ही उदाहरण लें. पहले वह मकरंद के साथ रिलेशनशिप में थी. फिर ब्रेकअप के बाद वह राहुल के संपर्क में आई. जाहिर है, इस रिश्ते को वह हर हाल में कायम रखना चाहती थी. प्रत्यूषा का राहुल से इतना ज्यादा इमोशनल अटैचमैंट था कि वह उस के बिना जीने की सोच भी नहीं सकती थी. नतीजा, जब जिंदगी ने उस से सवाल किए और इस रिलेशनशिप का भविष्य खतरे में नजर आया तो उस ने आत्महत्या कर ली.

मगर यह कोई समाधान नहीं और न ही किसी भी तौर पर इसे उचित ठहराया जा सकता है. यदि आप की दूसरी शादी खतरे में है, तो भी घबराएं नहीं और न ही स्वयं को दोषी मानें वरन मानसिक रूप से मजबूत बनें. मानसिक मजबूती के साथ आर्थिक मजबूती भी सुनिश्चित करें.

हड़बड़ी में न लें तलाक

कई दफा मामला सिर्फ आत्मसम्मान का नहीं होता. रिश्तों के टूटने की वजह स्थितियां या स्वभाव सही न होना भी हो सकता है. इसलिए कभी तलाक का फैसला जल्दबाजी में न लें. हो सकता है कई जगह गलतियां आप की भी हों. इसलिए अपनी गलतियों पर फोकस करते हुए उन्हें सुधारें और जीवनसाथी की सोच को महत्त्व दें.

आवेश में फैसला करने के बजाय थोड़ा वक्त स्वयं को और अपने रिश्ते को दें. चाहें तो एक छत के नीचे ही कुछ दिन अलगअलग रहें. इस दौरान आप को अपनी गलतियां भी समझ में आने लगेंगी. आप यह भी कर सकती हैं कि कुछ समय के लिए अपने मायके या फिर किसी और रिश्तेदार के यहां जा कर रहें. इस से दिलोदिमाग में उठ रहे तूफान और क्रोध का आवेग थोड़ा संयत हो जाएगा और आप दोनों को ठंडे दिमाग से सोचने का समय मिलेगा.

दूसरी शादी से पहले

दूसरा तलाक व्यक्ति के जख्म पर दोबारा चोट लगने के समान है. जो दिल पहले ही टूटा हुआ था उस के फिर से टूटने की तकलीफ सहना आसान नहीं होता. ऐसा लगता है जैसे वह सैकंड टाइम लूजर बन गया हो.

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जब आप दूसरी दफा बंधन में बंध रहे हों, तो अपनी जिंदगी को खुली किताब बना कर रखिए. इस में कोई बुराई नहीं. अपने मूल्यों व अपेक्षाओं को ले कर ईमानदारी से बातचीत करें. साफसाफ बताएं कि मनी, पेरैंटिंग व इंटीमेसी के संदर्भ में आप के विचार क्या हैं. भले ही इसे क्रिटिकल कवर सैशन कहा जाए, मगर दूसरी दफा रिश्ते में कमिटमैंट करने से पहले इन बातों पर चर्चा बहुत जरूरी है. इस से आप भविष्य में अपने रिश्ते को सुलझा हुआ पाएंगे और छोटीछोटी बातों पर बहस से बच सकेंगे.

सलाह तो यह भी दी जाती है कि दूसरी शादी करने से पहले आप एक विवाहपूर्व समझौता कर के रखें ताकि यदि दोबारा तलाक की नौबत आए तो आप बेहतर ढंग से अपने इशूज सामने रखते हुए उन पर नियंत्रण कर सकें. इस से मनी मैटर्स मैनेज करने में भी आसानी होती है और आप को ज्यादा तनाव से भी नहीं गुजरना पड़ता है.

इस ऐग्रीमैंट में आप का भावी जीवनसाथी जिस तरह से आप को स्थान देता है वही यह दर्शाता है कि वह आप को शादी के बाद किस तरह ट्रीट करने वाला है.

यदि आप को लगता है कि ज्यादातर मामलों में आप के और पार्टनर के विचार नहीं मिल रहे और मतभेद हो रहे हैं, तो समझ जाएं कि आगे जा कर आप दोनों की वैवाहिक जिंदगी खुशहाल नहीं गुजरने वाली, उलटे हनीमून पीरियड के बाद ही तकरार शुरू होने वाली है. यह न सोचें कि शादी के बाद आप का पार्टनर बदल जाएगा. चाहें तो अपने मैरिज काउंसलर से भी इस विषय पर चर्चा कर सकते हैं.

दूसरी शादी के दौरान मन में काल्पनिक सोच न रखें. इस वक्त तो आप को अपनी आंखें ज्यादा खुली रखनी चाहिए. हर पहलू पर विचार करने के बाद ही दूसरी दफा बंधन में बंधना चाहिए ताकि यह दोबारा न टूटे.

शादी कभी इस वजह से न करें कि आप अकेलापन महसूस कर रहे हैं और आप को किसी के साथ की जरूरत है. इस तरह की सोच और शादी में जल्दबाजी से नुकसान

अपना ही होता है. यह तो खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है. जब आप हड़बड़ी में दोबारा गलत जीवनसाथी का चुनाव कर लेते हैं तब जिंदगी में फिर वही घटता है, जो पहले के बंधन में घटा था

मुश्किल हो जाती है जिंदगी

‘‘तलाक शब्द स्वयं में ही काफी पीड़ादायक है और जब बात दूसरे तलाक की हो तो स्थिति और भी दुष्कर हो जाती है. महिला को लगता है जैसे उस की दुनिया ही खत्म हो गई है. वह सोचने लगती है कि जरूर गलती उसी की थी. लोग भी महिला पर ही दोषारोपण करते हैं. सैलिब्रिटीज की बात छोड़ दी जाए तो मध्यवर्गीय परिवार की महिला के लिए तलाक के बाद आर्थिक दृष्टि से मजबूत रहना और बच्चों को पालना बहुत कठिन होता है. मांबाप भी तलाकशुदा बेटी को अपने पास रखने से कतराने लगते हैं. लोग ताने मारते हैं वह अलग. ऐसे में महिला तलाक लेने से बेहतर आत्महत्या करना बेहतर समझती है.’’

डा. अनुजा कपूर, मनोचिकित्सक

बढ़ती जाती हैं दूरियां

‘‘दूसरी शादी में अकसर व्यक्ति अपने नए जीवनसाथी से बहुत ज्यादा अटैच हो जाता है और समाज से कट सा जाता है. वह अपना पूरा ध्यान उसी व्यक्ति पर केंद्रित रखता है और खुद ज्यादा से ज्यादा अकेला होता जाता है. डौमिनेट किए जाने के बावजूद ऐसा व्यक्ति खासकर महिलाएं, उसी रिश्ते में बंधी रहने का प्रयास करती हैं, जो उचित नहीं. ऐसे में  अवसाद व्यक्तित्व पर हावी होने लगता है. ऐसी स्थिति का शिकार बनने, कंप्रोमाइज करने, शोषण सहने या आत्महत्या करने के बजाय अलग हो जाना यानी तलाक लेना ही बेहतर विकल्प है क्योंकि हर किसी को खुशहाल जिंदगी जीने का अधिकार है.’’

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विख्यात सिंह, मैरिज काउंसलर

तलाक बनता शर्मिंदगी की वजह

हाल ही में यूके में 1000 तलाकशुदा लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि तलाक शर्मिंदगी की वजह बन जाता है. अलग हुए दंपतियों में से 50% ने स्वीकारा कि वे तलाक के बाद शर्मिंदगी और असफलता की भावना महसूस कर रहे हैं. उन्हें लगता है जैसे उन की जिंदगी और व्यक्तित्व पर न मिटने वाला धब्बा लग गया है, उन का सब कुछ बिखर गया है. पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने दोगुनी मात्रा में शर्म और टूटन महसूस की.

करीब एकतिहाई लोगों ने तलाक से बचने का हरसंभव प्रयास किया, क्योंकि तब तक यह परंपरावादी सोच उन के दिल में बरकरार थी कि विवाह हमेशा के लिए किया जाता है. 46% तलाकशुदाओं ने स्वीकारा कि उन्हें रोज लोगों के जजमैंट से गुजरना पड़ता है. लोगों के मन में उन के प्रति पूर्वाग्रह ने जन्म ले लिया है.

वहीं 10 में से 1 व्यक्ति का कहना था कि वह अपने विवाह को सफल बनाने का प्रयास इसलिए करता रहा कि उसे लगता है कि तलाक एक कलंक है, धब्बा है.

10 में से 6 लोगों का कहना था कि उन्होंने तलाक के बाद अपने सारे दोस्त खो दिए. महिलाओं के लिए नए दोस्त बनाना पुरुषों के मुकाबले दोगुना ज्यादा कठिन रहा.

एक आम सवाल जो प्राय: सभी तलाकशुदाओं को सुनना पड़ा वह यह कि आप का तलाक क्यों हुआ?

यह सवाल सदैव गलत मकसद से पूछा गया हो, ऐसा नहीं है. कभीकभी यह सवाल उस शख्स के साथ नया रिश्ता जोड़ने में रुचि रखने वालों द्वारा भी पूछा गया ताकि वे यह अनुमान लगा सकें कि उन के रिश्ते का भविष्य क्या होगा. इस सवाल का जवाब व्यक्ति के चरित्र और दूसरे पहलुओं पर प्रकाश डालता है.

फेस्टिवल्स में ट्राय करें भोजपुरी क्वीन मोनालिसा के ये इंडियन लुक

भोजपुरी फिल्मों और गानों में फैंस का दिल जीतने वाली टीवी स्टार मोनालिसा (Monalisa) अक्सर सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं, जिनमें उनका इंडियन और मौर्डन फैशन शामिल हैं. हाल ही में मोनालिसा (Monalisa) ने अपनी कुछ फोटोज शेयर की हैं, जिसे फैंस काफी पसंद कर रहे हैं. लेकिन इस बार बिकिनी और शार्ट ड्रेसेज में नजर आने वाली मोनालिसा (Monalisa) इंडियन आउटफिट में अपने फैंस का दिल जीत रही हैं. इसलिए आज हम मोनालिसा के कुछ इंडियन आउटफिट के बारे में आपको बताएंगे, जिसे आप इस फैस्टिवल पर घर बैठे आराम से ट्राय कर सकती हैं. आइए आपको दिखाते हैं मोनालिसा के कुछ इंडियन आउटफिट, जिसे हेल्दी गर्ल से लेकर शादीशुदा लेडिज ट्राय कर सकती हैं.

1. पलाजो स्टाइल सूट में दिखाएं टशन

मोनालिसा ने हाल ही में शेयर की फोटोज में पलाजो स्टाइल सिंपल सूट पहना हुआ है, जिस पर गुलाबी चुन्नी खूब फब रही है. इस तरह आप सिंपल सूट में भी फैस्टिवल में अपने लुक को चमका सकती हैं. ये लुक आपके लिए परफेक्ट औप्शन रहेगा. इसके साथ आप मोनालिसा की तरह हैवी इयरिंग्स का कौम्बिनेशन रख सकती हैं. ये आपके लुक को ब्राइट दिखाने में मदद करेगा.

 

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Do You Ever Look At Me … The Way I Stare At You…. #tuesday #vibes #yellow Outfit: @krishaclothing

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2. सिंपल सलवार के साथ फ्लावर प्रिंट कुर्ता

अगर आप फ्लावर प्रिंट फैशन का कौम्बिनेशन ट्राय करना चाहती हैं तो मोनालिसा के इस लुक को कौपी करें. सिंपल सलवार के साथ डिफरेंट कट वाला फ्लावर प्रिंट सूट ट्राय करके आप अपने लुक को स्टाइलिश बना सकती हैं. ये लुक लड़कियों के लिए अच्छा औप्शन है.

3. शादीशुदा लड़कियों के लिए साड़ी है परफेक्ट

अगर आप शादीशुदा हैं और फेस्टिव सीजन में आप अपने लुक को स्टाइलिश दिखाना चाहती हैं तो नेट वाली सिंपल साडी के साथ शाइनी सिल्वर ब्लाउज आपके लुक के लिए परफेक्ट औप्शन है.

4. सिंपल लुक भी है ट्रैंड

अगर आप सिंपल रहना पसंद करती हैं तो मोनालिसा की तरह आप प्लाजो के साथ सिंपल कुर्ते वाला सूट ट्राय कर सकती हैं. इसके साथ फ्लावर प्रिंट वाला दुपट्टा आपके लिए परफेक्ट औप्शन रहेगा और ज्वैलरी की बात करें तो इस लुक के साथ आप हैवी की बजाय कलरफुल ज्वैलरी ट्राय करें.

5. सिंपल साडी संग हैवी ब्लाउज

 

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💓💓….

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अगर आपके पास भी कोई सिंपल साड़ी है तो उसके साथ चैक पैटर्न वाला हैवी ब्लाउज ट्राय करें. ये आपके लुक के लिए परफेक्ट औप्शन रहेगा.

जानें क्या होता है स्लीप डिवोर्स

क्या आपका पार्ट्नर,नींद में खरांटे लेता है,बार बार आपकी चादर खींच कर आपकी नींद में ख़लल पैदा करता है,रात में कई बार उठता है ,निजी हायजीन के प्रति लापरवाह है,उसे जल्दी सोने और आपको देर से उठने की आदत है,तो ,निश्चित रूप से आप का मन मस्तिष्क दोनों ही परेशान होंगें.

कुछ कपल ,बेमन से ,अपने पार्ट्नर के साथ निकटता और आत्मीयता का प्रदर्शन करने के लिए एक ही कमरे में सोते रहते हैं . हमारी संस्कृति भी शादी शुदा जोड़े को एक ही बिस्तर शेयर करने को उचित ठहराती है. यदि आपको निर्विघ्न अपने पार्ट्नर के साथ ,एक ही बिस्तर पर,पूरी रात नींद आती है तो ठीक है.लेकिन,अगर,अपने पार्ट्नर की इन आदतों की वजह से आपकी ,नींद में ख़लल पडता है ,तो ,स्वास्थ्य की दृष्टि से ये,आपके शरीर के लिए बेहद नुक़्सान दायक सिद्ध हो सकता है .क्योंकि,भोजन,हवा पानी के साथ ही अच्छी नींद भी हमारे शरीर के लिए बेहद ज़रूरी है..

1-स्ट्रेस हॉर्मोन कौर्टिजोल के निष्कासन के वजह से आप हर समय तनाव में रहेंगी.आप ब्लड प्रेशर,और पेट सम्बंधी कई प्रकार की बीमारियों का शिकार हो सकती हैं.

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2- महिलाएँ अपने सोने की जगह को लेकर अधिक संवेदनशील होती हैं विशेषत:गर्भवती महिलाएँ.होर्मोनल चेंजेज़ के कारण अपना बिस्तर अपने पार्ट्नर के साथ रखने में असहजता का अनुभव करती हैं.ऐसे में,ग्लानि महसूस करने के बजाय(आपकी आदतों की वजह से आपके पार्ट्नर की नींद डिस्टर्ब हुई है,या उसे स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है)स्लीप डाईवोर्स एक अच्छा विकल्प होगा.
स्लीप डायवोर्स क्या है- अच्छी नींद लेने के लिए,कपल का अपने पार्ट्नर से अलग सोने का निर्णय ही ,सही मायने में स्लीपिंग डायवोर्स कहलाता है,अब चाहे ये एक ही रूम में अलग अलग बिस्तर पर हो या अलग अलग कमरों में अलग अलग बिस्तर पर हो.

1- अच्छी नींद “फ़ील गुड” का अहसास दिलाती है आपके काम की कार्यकुशलता बढ़ती है,और आपको,कई बीमारियों से निजात भी मिलती है.

2-एक कपल के अनुसार,स्लीपिंग डायवोर्स के वजह से उनका ,अपने पार्ट्नर के साथ कम्यूनिकेशन स्किल में इज़ाफ़ा हुआ है

कैसा हो सोने का अलग प्रबंध-

1- एक ही कमरे में ,एक ही साइज़ के दो अलग अलग बिस्तर,या एक बिस्तर बड़ा और दूसरा छोटा बिस्तर लगाया जा सकता है,ताकि जब आप अपने पार्ट्नर से घनिष्ठ होना चाहें तो किसी प्रकार की असुविधा न हो

2-अलग अलग कमरों में भी सोने का प्रबंध किया जा सकता है. ये उन कपल्स के लिए सुविधाजनक होता है जिनके सोने के समय ,निश्चित नहीं हैं.

नेशनल स्लीप फ़ाउँडेशन के एक सर्वे के अनुसार 10% शादी शूर कपों अलग अलग कमरों में सोते हैं जब की 25% अलग अलग बिस्तरों पर. कुछ कपल्स का मत है कि स्लीपिंग डायवोर्स के कारण उनके निजी सम्बंध ख़तरे में पड़ गए हैं. ऐसा तब होता है अगर आप इन बातों को ध्यान में नहीं रख रही हैं-

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याद रहे,

1-आप सिर्फ़ अपना बिस्तर अलग कर रही हैं,पार्ट्नर से अलग नहीं हो रहीं.

2-आप ऐसा क्यों कर रही हैं,अपने पार्ट्नर को स्पष्ट रूप से बता दें.

3- आपका आपके पार्ट्नर के साथ,हग्गिंग,किसिंग ,सेक्स ,एक साथ नाश्ता ,लंच,डिनर ,सैर सपाटा,टीवी ,और मूवी देखने का समय पूर्ववत ही रहना चाहिए.उसमें किसी प्रकार की अदल बदल नहीं होनी चाहिए.

4-अपने पार्ट्नर को आश्वस्त करें कि वो,जब चाहे आपके बेड पर बेहिचक आ सकता है.

Hyundai Grand i10 Nios: इंटीरियर

हुंडई ग्रैंड आई 10 निओस के अभी बहुत सारे पार्टस के बारे में जान चुके हैं. आज हम बात करेंगे. नियोस के कुछ स्पेशल फीचर के बारे में आइए जानते है इसकी क्वालिटी.

नियोस की स्टेरिंग चमड़े की कवर से लिपटी हुई है. इससे इसकी खूबसूरती तो बढ़ती ही हैं साथ में इसकी मजबूती भी बनी रहती है.

साथ ही इसमें चार्जिंग के लिए बहुत अच्छा स्पेस दिया गया है. इस सेगमेंट कि पहली कार है जिसमें टचस्क्रीन फीचर दिया गया है. जिसमें आप आसानी से अपना मोबाईल और कैमरा को कनेक्ट कर सकते हैं.

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इसे पीछे सीट पर बैठे यात्री भी आसानी से देख सकते हैं. आप इस कार में बैठकर लंबी यात्रा पर जा सकते हैं जिससे आपको किसी प्रकार की दिक्कत महसूस नहीं होगी.

इसमें मौजूद सारी सुविधओं के चलते हुंडई ग्रैंड आई 10 निओस #make you feel alive

तलाक की खबरों के बीच राजीव सेन ने चारु असोपा ने संग शेयर की फोटो, लिखी ये बात

टीवी इंडस्ट्री में इन दिनों रिश्ते टूटने की खबरें सुर्खियों में बना हुई हैं. हाल ही में श्वेता तिवारी और अभिनव कोहली के बीच रिश्ते में दरार की खबरों ने सोशलमीडिया पर खलबली मचाई हुई है. वहीं बौलीवुड एक्ट्रेस सुष्मिता सेन के भाई और टीवी एक्ट्रेस चारु असोपा के बीच भी कुछ ठीक नहीं चल रहा है. लेकिन हाल ही में उनके रिश्ते में दरार की खबरों के बीच दोनों की वीडियो चैट की फोटोज वायरल हो रही हैं. आइए आपको दिखाते हैं वायरल फोटोज….

फोटो संग कैप्शन में लिखी ये बात

हाल ही में चारू ने अपने ऑफिशियल अकाउंट से शादी की सभी फोटोज भी डिलीट कर दी थी. हालांकि, उनकी हालिया फोटो देखने के बाद सभी फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि क्या दोनों के बीच फिर से सुलाह हो गई है? दरअसल, राजीव सेन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर चारू असोपा से वीडियो चैट करते हुए का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है और कैप्शन में राजीव ने लिखा, “हाय चारु, हाय राजीव. हमारे सभी के लिए जो हमें बेहद प्यार करते हैं.’ एक दिन पहले, चारु ने सावन की पूजा भी की थी जो विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति के लिए की जाती है.

 

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Miya Biwi Razi Toh Kya Karenga Kazi.. 😊❤️ . . . . . #rajeevsen #charuasopa #couples #love #marriage #bollywood #television #actorslife🎬

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ब्रेनवॉश करने की कही थी बात

इन दिनों राजीव दिल्ली में हैं. जबकि एक इंटरव्यू के दौरान राजीव ने यह बताया था कि वो दिल्ली किसी काम से आए हैं. वहीं चारू के बयानों पर राजीव ने कहा था कि कोई उसका ब्रेनवॉश कर रहा है. दरअसल, चारू ने कहा था कि राजीव ने उन्हें छोड़ दिया और दो महीने पहले दिल्ली चले गए हैं.

 

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Sawan ki puja… #omnamahshivaya🙏

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बता दे, राजीव सेन और चारु असोपा की शादी को 1 साल पूरा हो गया है, जिसके बावजूद दोनों एक दूसरे से अलग रह रहे हैं. हालांकि दोनों ने कभी अपने रिश्ते को तोड़ने की बात पर खुलकर कुछ नहीं कहा है.

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New Promo: अपने ही प्लान में फंसेगी नायरा, शो में आएगा नया ट्विस्ट

सीरियल “”ये रिश्ता क्या कहलाता है’ (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) के नए एपिसोड शुरू हो गए हैं, जो फैंस को काफी पसंद आ रहे है. वहीँ अब शो में जल्द ही नए ट्विस्ट एंड टर्न्स देखने को मिलने वाले हैं. हाल ही में शो का नया प्रोमो सामने आया है, जिसमें नायरा (Shivangi Joshi)की मुसीबतें बढ़ने वाली हैं. आइए आपको बताते हैं क्या होने वाला है खास.

टीना और कार्तिक की दिखेगी

प्रोमो के मुताबिक, आने वाले दिनों में नायरा अपने ही बनाए हुए प्लान में फंस जाएगी. ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ (Yeh Rishta Kya Kehlata Hai) के प्रोमो में दिखाया गया है कि सीता नायरा (Shivangi Joshi) की बहन टीना और कार्तिक को एक साथ देखकर परेशान हो जाएगी. आनन-फानन में वो गोयनका हाउस आकर नायरा को सारी बातें बताएगी. ये सब देखकर नायरा काफी परेशान हो जाएगी.

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डबल रोल का ड्रामा पड़ेगा उल्टा

 

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#SafetyFirst.. for yourself and also for the people around you. . @officialaditisharma @rhea_shrm @sargun_kaur.luthra @shivangijoshi18

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दरअसल, नायरा (Shivangi Joshi)  ने अपने परिवार को बचाने के लिए एक प्लान के तहत डबल रोल (नायरा और टीना) निभाने का फैसला लिया था. अब नायरा को टीना के रुप में कार्तिक (Mohsin Khan) के साथ देखकर सीता हैरान और परेशान हो जाएगी. जिसके बाद सीता, नायरा को उसकी बहन टीना को कार्तिक से दूर रखने को कहेगी.

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कोरोना वायरस गाइडलाइन्स के चलते सभी सीरियल्स से सेट पर जरुरी एहतियात बरते जा रहे हैं. समय-समय पर सभी स्टाफ का टेम्परेचर चेक और सैनेटिज़ेशन भी किया जा रहा है. हालाँकि इसके बावजूद सीरियल कसौटी ज़िन्दगी के 2 के एक्टर पार्थ समथान (Parth Samthaan) कोरोना के शिकार हो गए हैं. वहीं नायरा और कार्तिक की मुसीबत बढ़ने के साथ ही देखना है कि क्या शो की टीआरपी भी ऊपर जाएगी.

मॉनसून स्पेशल: अपनाएं ये उपाय और जड़ से मिटाएं एलर्जी

हमारा शरीर बहुत ही संवेदनशील होता है. नाक, कान, आंख और त्वचा हमारे शरीर के ऐसे संवेदनशील अंग हैं जिनमें एलर्जी बहुत ही आसानी से हो जाती है. कुछ लोग इतने सेंसिटिव यानी संवेदनशील होते हैं कि उन्हें खाने-पीने की चीजों से भी एलर्जी हो जाती है. कुछ बूढ़े और बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हें अनाज से भी एलर्जी की समस्या होती है. कुछ लोगों को दूध से, अंडे से, मछली से, एलर्जी होती है. कुछ लोगों को दवाइयों से तो कुछ को कीड़े -मकोड़ों के काटने से भी एलर्जी हो जाती है. कई बार कई लोगों को किसी तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट यानी कौस्मेटिक के इस्तेमाल से भी एलर्जी हो जाती है.

सबसे पहले हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि एलर्जी होने के क्या कारण हैं? और इसका घरेलू इलाज क्या है? एलर्जी शरीर में कई तरह से होती है. एलर्जी का मुख्य कारण आजकल की प्रदूषित हवा है. धूल, मिट्टी के कण हमारी नाक में जाने से हमें बार-बार छींक आने से और मौसम में होने वाले परिवर्तन के कारण कई बार एलर्जी की समस्या उत्पन्न हो जाती है. किसी-किसी को लकड़ी, फल, अनाज की धूल आदि से भी एलर्जी हो जाती है. जानवरों को छूने से या उनके आसपास होने के कारण खुजली होना भी एलर्जी है. कुछ दवाइयों के कारण भी एलर्जी हो सकती है, इसलिए एलर्जी का इलाज बेहद जरूरी है.

एलर्जी के लक्षण

नाक में सूजन आ जाना सर्दी जुखाम बना रहना और तेज खासी और बुखार जैसी समस्याएं लगातार बने रहना या फिर सर्दियों में नाक बहना, एलर्जी के लक्षण हैं.

आंखों में जलन या बारबार पानी आना, आंखों में ज्यादा समय तक लाली का होना. यदि आपको हवा में सांस लेने में तकलीफ होती है, बार-बार खांसी आती है तो यह दमा या एलर्जी का लक्षण हो सकता है.

कुछ लोगों को तेज धुप से और बारिश के कारण त्वचा की एलर्जी हो जाती है. इससे त्वचा लाल हो जाती है इसके अलावा अगर आपको त्वचा में फुंसियां, खुजली या फिर बार-बार छींक आती हैं तो यह भी एलर्जी के ही लक्षण है.

एलर्जी का घरेलू इलाज

यदि आप एलर्जी का इलाज आसानी से करना चाहती हैं तो अंग्रेजी दवाइयों की जगह घर पर ही इसका घरेलू इलाज करना ज्यादा बेहतर है, क्योंकि ये कुछ समय के लिए आप की एलर्जी को खत्म कर देती है. लेकिन उसे पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाती. इसलिए आपको घरेलू उपाय अपनाना चाहिए क्योंकि इनकी मदद से आप एलर्जी को जड़ से खत्म कर सकती हैं.

अगर आपको त्वचा में किसी भी प्रकार की एलर्जी हो रही है तो आप कपूर और नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकती हैं. इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको कपूर और नारियल के तेल को आपस में मिलाकर अपनी खुजली वाली जगह पर लगाएं ऐसा करने से आपको जल्दी राहत मिलेगी.

एलर्जी होने पर नमक के पानी से गरारा करने पर आप के नाक और मुंह में फसे हुए धूल के कण और बलगम बाहर निकल जाता है. जिसके कारण आपके नाक की एलर्जी की समस्या दूर हो जाती है. इसके लिए एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच नमक और चुटकी भर सोडा डालकर इस पानी का सेवन करें.

नाक में होने वाली एलर्जी को दूर करने के लिए आप अदरक का इस्तेमाल भी कर सकती हैं. क्योंकि अदरक में एंटीबायोटिक और एंटी वायरल तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं.

एक कप पानी में कटा हुआ अदरक, दालचीनी और थोड़ी सी लौंग मिलाकर 5 से 10 मिनट के लिए उबाल लें. जब यह काढ़ा बनकर तैयार हो जाए तो इसमें शहद मिलाकर उसे चाय की तरह पी लें. ऐसा करने से आपकी नाक और शरीर की एलर्जी दूर हो जाती है ध्यान रहे इसका सेवन आपको दिन में कम से कम तीन बार करना है.

अदरक, काली मिर्च, तुलसी के पत्ते, लौंग व मिश्री को मिलाकर बनायी गयी हर्बल चाय पीनी चाहिए. इस चाय से न सिर्फ एलर्जी से निजात मिलती है, बल्कि एनर्जी भी मिलती है. और ये आपको बीमार होने से बचाता है.

एलोवेरा भी आपके त्वचा के रोग व एलर्जी दूर करने में मदद करता है क्योंकि एलोवेरा के अंदर जीवाणुरोधी जानी एंटीबैक्टीरियल गुण होता है. एलोवेरा की कुछ पत्तियों को पीसकर त्वचा पर लगाने से आपकी स्किन एलर्जी और त्वचा पर होने वाली खुजली दूर हो जाती है. इसका इस्तेमाल आप कम से कम दिन में दो बार कर सकती हैं. यह हमारे कई रोगों को दूर करने में मददगार है.

नीम के पत्तों को रात में भिगोकर रख देते हैं. और इन पत्तों को पीसकर अपनी खुजली वाली त्वचा पर लगाए. इससे आपकी त्वचा की एलर्जी खत्म हो जाती है. और यदि आप नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी से नहाते हैं तो भी आप की एलर्जी काफी हद तक खत्म हो जाती है.

अगर आपकी आंखों में जलन हो रही है या खुजली हो रही है. तो अपनी आंखों को ठंडे पानी से धो लें और घर से निकलने से पहले चश्मे और मास्क का इस्तेमाल करें.

यदि आपके नाक में सूजन हो रही है. तो पुदीने वाली चाय का इस्तेमाल करें और स्किन में एलर्जी होने पर चंदन का पाउडर या नींबू का रस लगाकर नहाए.

अपने आसपास साफ सफाई रखें, खुजली वाले जानवरों से दूर रहें और साफ-सुथरे कपड़े पहने क्योंकि उनमें बैक्टीरिया हो सकते हैं. जो की एलर्जी का कारण होते हैं

बीवी कोई रसोइया नहीं

आज आधुनिक शिक्षा स्त्री एवं पुरुष को एकजैसी योग्यता और हुनर प्रदान करती है. दोनों घर से बाहर काम पर जाते हैं, एकसाथ मिल कर घर चलाते हैं पर जब बात खाना बनाने की होती है तो आमतौर पर किचन में घर की महिला ही खाना बनाती है जबकि खाना बनाना सिर्फ महिलाओं का ही एकाधिकार नहीं है बल्कि एक जरूरत है.

यह महिलाओं के अंदर ममता एवं सेवा की एक अभिव्यक्ति जरूर है और जिस का कोई अन्य विकल्प नहीं, पर यह विडंबना ही है कि आज भी हमारे समाज में एक औरत से ही यह उम्मीद की जाती है कि रसोई में वही खाना बना सकती है और यही उस का दायित्व है.

औरत का काम सिर्फ खाना बनाना नहीं

एक मशहूर कहावत है कि पैर की मोच और छोटी सोच आदमी को आगे नहीं बढ़ने देती. यह किसी पुरुष पर उंगली उठाने की बात नहीं है, बल्कि समाज की उस सोच की बात है जो यह मानती रही है कि आदमी का काम है पैसा कमाना और औरत तो घर का काम करने के लिए ही बनी है.

जमाना काफी बदल गया है पर आज भी इस सोच वाले बहुत हैं. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो गर्व से कहते हैं कि वे घर के काम में अपनी मां या पत्नी की सहायता करते हैं, लेकिन इस सोच वाले पुरुषों की संख्या बेहद कम है.

‘केवल पत्नी ही किचन के लिए बनी है, पति नहीं’ ऐसी सोच रखने का कारण क्या है और यह भारतीय समाज की ही सोच क्यों बन कर रह गई?

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एक कारण तो यही है कि सदियों से महिलाओं को भारतीय समाज में चारदीवारी के अंदर रहना सिखाया गया है. ऐसा नहीं है कि इस मामले में बदलाव की हवा नहीं चली. कुछ ऐसी महिलाएं भी हैं जो इस गुलामी की मानसिकता से आजाद हो चुकी हैं पर उन की गिनती उंगलियों पर गिनने लायक है.

महिलाओं और किचन के बीच उन के काम, समाज में उन की स्थिति, उन के शौक, उन की रूचि, घर का वातावरण और रीतिरिवाजों से ले कर बाजार तक बहुत कुछ आ जाता है. इन सब के चक्कर में वे खुद को ही भूलने सी लगती हैं.

मशीनी जिंदगी और…

जैसे शुक्रवार शाम से ही अंजलि भी कुछ रिलैक्स करने के मूड में आ गई. बच्चे रिंकी व मोनू और उस के पति विकास आजकल घर से ही औनलाइन काम कर रहे थे. बच्चों की औनलाइन क्लासेज रहतीं पर उस के काम बहुत बढ़ गए थे.

लौकडाउन के चलते कामवाली भी नहीं आ रही थी. सब घर पर ही थे. मगर इधर फरमाइशें कभी खत्म ही न होती थीं.

उस का भी मन हो आया कि वैसे तो तीनों सुबह 8 बजे अपनेअपने काम पर बैठ जाते हैं और वह पूरे सप्ताह ही भागदौड़ में लगी रहती है मगर अब उस का मन भी हो गया कि स्कूल और औफिस की छुट्टी है तो वह भी कुछ आराम करेगी. उसे भी अपने रूटीन में कुछ बदलाव तो लगे. वही मशीनी जिंदगी… कुछ तो छुटकारा मिले.

इतने में विकास और बच्चे भी उस के पास आ कर बैठ गए. बच्चों ने कहा,”मम्मी, देखो अनु ने फोन से अपनी मम्मी की कुकिंग की पिक्स भेजी हैं. उस की मम्मी ने पिज्जा  और कटलैट्स बनाए हैं. आप भी कल जरूर बनाना.‘’

”मैं तो थोड़ा आराम करने की सोच रही हूं, कुकिंग तो चलती ही रहती है. थोड़ा स्किन केयर की सोच रही थी, ब्यूटी पार्लर्स बंद हैं. कल थोड़ी केयर अपनेआप ही करती हूं. मन हो रहा है कुछ खुद पर ध्यान देने का.”

विकास ने कहा ,”अरे छोड़ो, ठीक तो लग रही हो तुम. बस, वीकेंड पर बढ़ियाबढ़िया चीजें बनाओ.”

अंजलि का मन बुझ गया. घर के ढेरों कामों के साथ किसी की कोई सहायता नहीं. बस फरमाइशें. उसे बड़ी कोफ्त हुई. वह चुप रही तो विकास ने कहा,”अरे, इतना बङा मुंह बनाने की बात नहीं है. लो, मेरे फोन में देखो, अनिल की बीवी ने आज क्या बनाया है…”

बच्चे चौंक गए,”पापा, हमें भी दिखाओ…”

विकास ने अपने फोन में उन्हें रसमलाई की फोटो दिखाई तो बच्चों के साथ विकास भी शुरू हो गए,”अब तुम भी कल बना ही लो. बाजार से तो अभी कुछ आ नहीं सकता. अब क्या हम अच्छी चीजें औरों की तरह नहीं खा सकते?”

अंजलि ने कहा,” उस की पत्नी को शौक है कुकिंग का. मुझे तो ज्यादा कुछ बनाना आता भी नहीं.”

”तो क्या हुआ,अंजलि. गूगल है न… यू ट्यूब में देख कर कुछ भी बना सकती हो.”

फिर हमेशा की तरह वही हुआ जो इतने दिनों से होता आ रहा था. वह वीकेंड में भी किचन से निकल नहीं पाई. उस का कोई वीकेंड नहीं, कोई छुट्टी नहीं.

इच्छाओं का दमन न करें

पति और बच्चों के खाने के शौक से वह थक चुकी है. ज्यादा न कहते नहीं बनता. बस फिर अपनी इच्छाएं ही दबानी पड़ती हैं. सोचती ही रह जाती है कि कुछ समय अपने लिए चैन से मिल जाए तो कभी खुद के लिए भी कुछ कर ले. पर इस लौकडाउन में इन तीनों के शौकों ने उसे तोड़ कर रख दिया है.

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मंजू का तो जब से विवाह हुआ वह पति अजय और उस के दोस्तों को खाना खिलाने में ही जीवन के 20 साल खर्च चुकी है.

वह अपना अनुभव कुछ यों बताती है,”शुरूशुरू में मुझे भी अच्छा लगता था कि अजय को मेरा बनाया खाना पसंद है. मुझे भी यह अच्छा लगता कि उस के दोस्त मेरी कुकिंग की तारीफ करते हैं. बच्चे भी अपने दोस्तों को बुला कर खूब पार्टी करते.मैं जोश में सौस, अचार, पापड़ सब घर पर ही बनाती. इस से मेरी खूब तारीफ होती. धीरेधीरे मेरा मन ही कुकिंग से उचटने लगा. जहां मैं कुकिंग की इतनी शौकीन थी, वहीं अब एक समय ऐसा आया कि खाना बनाने का मन ही नहीं करता. सोचती कि क्या खाना ही बनाती रहूंगी जीवन भर?

“फरमाइशें तो रुकने वाली नहीं, क्या अपने किसी भी शौक को समय नहीं दे पाऊंगी? पैंटिंग, म्यूजिक, डांस, रीडिंग आदि सब भूल चुकी थी मैं. अब अजीब सा लगने लगता कि कर क्या रही हूं मैं? अगर कोई मुझ से मेरी उपलब्धि पूछे तो क्या है बताने को? यही कि बस खाना ही बनाया है जीवनभर… यह तो मेरी कम पढ़ीलिखी सासूमां और मां भी करती रही हैं.

“मुझे अचानक कुछ और करने का मन करता रहता. मैं थोड़ी उदास होने लगी.

एक दिन रविवार को बच्चों और पति ने लंबीचौड़ी फरमाइशों की लिस्ट पकड़ाई, तो मेरे मुंह से निकल ही गया कि मैं कोई रसोइया नहीं हूं. मुझे भी तुम लोगों की तरह रविवार को कभी आराम करने का मौका नहीं  मिल सकता?

“मेरी बात पर सब का ध्यान गया तो सब सोचने पर मजबूर हुए. मैं ने फिर कहा कि ऐसा भी कभी हो सकता है कि एक दिन मुझे छुट्टी दो और एकएक कर के खुद कुछ बनाओ. अब तो बच्चे भी बड़े हो गए हैं.‘’

“मैं बड़ी हैरान हुई जब मेरा यह प्रस्ताव मान लिया गया. उस दिन से सब कुछ न कुछ बनाने लगे. कभी मिल कर, कभी अकेले किचन में घुस जाते. फिर मुझे जब सब का सहयोग मिलने लगा तो मैं ने कुछ दिन अपने डांस की खुद प्रैक्टिस की, फिर घर में ही क्लासिकल डांस सिखाने लगी.

इस काम में मुझे बहुत संतोष मिलने लगा. बहुत खुशी होती है कि आखिरकार कुछ क्रिएटिव तो कर रही हूं. अब खाली समय में कुकिंग करना बुरा भी नहीं लग रहा है.”

न भूलें अपनी प्रतिभा

हम में से कई महिलाएं अकसर यह गलती कर देती हैं कि अपने शौक, अपनी रूचि, अपनी प्रतिभा को भूल कर बस परिवार को खुश करने के लिए अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा बिता देती हैं.

परिवार का ध्यान रखना, उन की पसंदनापसंद का ध्यान रखना कोई बुरी या छोटी बात नहीं है. एक स्त्री अपना अस्तित्व भुला कर यह सब करती है, पर आजकल यह भी देखा गया है कि जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो उन्हें यह कहने में जरा भी संकोच नहीं लगता कि मां,आप को क्या पता है, किचन के सिवा आप को कुछ भी तो नहीं आता.

यही हुआ नीरा के साथ, जब उस की बेटी एक दिन कालेज से आई, तो उस से पूछ लिया, “प्रोजैक्ट कैसा चल रहा है, कितना बाकी है?”

बेटी का जवाब था,”मां, आप प्रोजैक्ट रहने दो, खाना बनाओ.”

नीरा कहती हैं,”यह वही बच्चे हैं जिन के लिए मैं ने अपनी नौकरी छोड़ दी थी. आज मुझे इस बात का बहुत दुख है. मैं जिस कुकिंग को अपना टेलैंट समझती रही, वह तो एक आम चीज है, जो कोई भी बना लेता है. अपने पैरों पर खड़े हो कर जो संतोष मिलता है, उस की बात ही अलग होती है.”

आजकल के पति और बच्चे भी इस बात में गर्व महसूस करते हैं जब उन की पत्नी या मां कुछ क्रिएटिव कर रही हों.

25 साल की नेहा का कहना है, ”मम्मी जब गणित की ट्यूशन लेती हैं, तो बड़ा अच्छा लगता है. मेरे दोस्त कहते हैं कि आंटी कितनी इंटैलीजैंट हैं, 12वीं का मैथ्स पढ़ाना आसान नहीं.

“मम्मी जब ज्यादा थकी होती हैं, तो हमलोग खाना बाहर से और्डर कर लेते हैं या उस दिन सभी मिल कर खाना बना लेते हैं.”

सोशल मीडिया पर प्रदर्शन क्यों

सर्वगुण संपन्न होने की उपाधि लेने के लिए अनावश्यक तनाव अपने ऊपर न लें. कुक द्वारा बनाए खाने को भी प्यार से सब को परोस कर घर का माहौल प्यारभरा बनाया जा सकता है.

गुस्से में बनाया हुआ खाना यदि तनावपूर्ण माहौल में खाया जाए तो वह तनमन पर अच्छा प्रभाव नहीं डालता है.

किचन की बात हो और वह भी इस लौकडाउन टाइम में, महिलाओं ने अपनी कुकिंग स्किल्स की सारी की सारी भड़ास जैसे सोशल मीडिया पर ही निकाल दी. कभी अजीब सा लगता है कि यह क्या, कुकिंग ही कर कर के लौकडाउन बिताया जाता रहेगा?

वहीं अंजना को कुकिंग का बहुत शौक है. वह खुद मीठा नहीं खाती फिर भी अपने पति और बच्चों के लिए उसे कुछ बना कर खुशी मिलती है. उस का कहना है कि उस के पति और बेटा मना करते रह जाते हैं कि हमारे लिए मेहनत मत करो, जो खुद खाना हो वही बना लो, पर उसे अच्छा लगता है उन दोनों के लिए बनाना. जब वे दोनों सो रहे होते हैं तो वह चुपचाप उन्हें सरप्राइज देने के लिए कुछ न कुछ बना कर रखती है, जिस से लौकडाउन के समय में कोई बाहर की चीज के लिए न तरसे.

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सपनों को पंख दें

कुकिंग का शौक आप को है तो अलग बात है पर यह नहीं होना चाहिए कि सब अपनी लिस्ट आप को देते रहें और आप को कुकिंग का शौक ही न हो. कुकिंग आप पर लादी नहीं जानी चाहिए. किचन के रास्ते पर जाना आप की पसंद पर होना चाहिए, मजबूरी नहीं.

ऐसा नहीं होना चाहिए कि आप कुछ और क्रिएटिव करना चाहती हैं और आप को उस का मौका ही न मिले. आप को अगर सचमुच कुछ क्रिएटिव करने का मन है तो जरूर करें.

रोजरोज की फरमाइशों से तंग आ चुकी हैं तो अपने परिवार को प्यार से समझाइए कि आप सहयोगी बन कर जीना चाहती हैं, रसोइया बन कर नहीं. आप को और भी कुछ करना है. किचन के बाहर भी आप की एक दुनिया हो सकती है. आप को बस उस का रास्ता खुद बनाना है. आप ही किचन से बाहर नहीं निकलना चाहेंगी तो दूसरा आप के लिए रास्ता नहीं बना सकता, इसलिए कुछ क्रिएटिव करने की कोशिश जरूर करें. घर के कामों में सब से हैल्प लेना कोई शर्म की बात नहीं. अब वह जमाना नहीं है कि घर की हर चीज एक औरत के सिर पर ही टिकी है. सब मिल कर कर सकते हैं ताकि आप अपने सपने को पंख दे सकें.

6 टिप्स: मौनसून में ऐसे रखें अनाज को सेफ

गरमी हो या मौनसून घर का ख्याल रखना जरूरी होता है. वहीं घर के सबसे अहम हिस्से यानी किचन की बात करें तो किचन में सबसे ज्यादा खतरा कीड़े मकौड़ों से होता है. वहीं अगर किचन से कीड़े- मकौड़ों को नही भगाया जाए तो ये कईं बीमारियों का कारण बन सकते हैं. आज हम आपको किचन में मौजूद राशन को कैसे कीड़े-मकौड़ों से दूर रखें इसके बारे में कुछ घरेलू टिप्स बताएंगे, जिससे आप मौनसून में हेल्दी रहेंगे.

1. चावल को रखें नीम से सेफ

चावल को स्टोर करने के लिए पहले नीम की पत्तियों को छाया में सुखा लें और फिर कंटेनर में नीचे रख दें और फिर चावल भर कर उस के ऊपर और पत्तियां रख दें. इस से कीड़े होने की संभावना कम होती है और अगर कीड़े होते भी हैं तो इन पत्तियों के सेवन से मर जाते हैं.

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2. दालों को बचाने के लिए करें सरसों के तेल का इस्तेमाल

चने, छोलों और गेहूं को धूप में सुखाया जा सकता है, लेकिन चावल को धूप में न सुखाएं वरना वह खराब हो जाएगा. दाल को 2 या 3 महीने के लिए स्टोर करने के लिए उस पर सरसों के तेल की मालिश करें यानी हलके हाथों से हल्का सा सरसों का तेल दाल पर लगा दें और फिर धूप में सुखा कर दाल भरें. इस से वह साफ रहेगी.

3. ऐसे रखें दालों को सेफ

चना व दालों को ढोरों से सुरक्षित रखने के लिए अनाज के ऊपर 3 इंच मोटी रेत की परत बनाएं. लेकिन बाद में खाने के लिए इस का प्रयोग करते समय इसे अच्छी तरह साफ कर लें ताकि सारी रेत निकल जाए. इसी तरह राजमा, छोले पर भी सरसों का तेल लगा कर धूप में सुखाने के बाद भरने से वे सुरसुरियों जैसे कीड़ों से बचे रहते हैं. इस के अलावा 100 किलोग्राम चने में 1 किलोग्राम नीम की निंबोली मिलाने से भी वे सुरक्षित रहेंगे.

4. गेहूं को सेफ रखने के लिए लें प्याज का सहारा

गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए उस में प्याज भी मिलाया जा सकता है. 1 क्ंिवटल गेहूं में आधा किलो प्याज मिलाएं. सब से पहले प्याज को नीचे रखें और फिर बीच में. इस के बाद सब से ऊपर रखें. इस से कीड़े नहीं आएंगे.

5. साबुत मसालों का लें सहारा

आटे और चावल को कीड़ों से बचाने के लिए साबूत लालमिर्च और साबूत नमक डब्बे में डाल दें. खाने वाले नमक के टुकड़ों को भी कौटन के कपड़े में बांध कर गेहूं में ऊपरनीचे लेयर बना कर रख दें. वैसे 100 किलोग्राम गेहूं में 1 किलो भूसा मिला कर रखने से भी वह कीट व कीटाणुओं से बचा रहता है, लेकिन बाद में गेहूं साफ करने में मेहनत करनी पड़ेगी. इसलिए सोचसमझ कर ही भूसा मिला कर रखें.

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6. ऐसे बचाएं गेहूं को खराब होने से

घरेलू प्रयोग के लोहे की टंकी आदि में गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए टंकी में 1 क्विंटल गेहूं रखते समय तीलियों से भरी एक माचिस तली में, दूसरी मध्य में तथा तीसरी सब से ऊपर रखनी चाहिए. 1 किलोग्राम नीम की पत्तियों को छाया में सुखा कर भंडारण करने से पहले टंकी की तली में बिछाने से भी गेहूं खराब नहीं होगा.

रफ्फल साड़ी का है हर कोई दीवाना

फैशन की दुनिया में बदलाव आना ही फैशन ट्रेंड है. फैशन के बदलते दौर के कारण ही साड़ियों की डिजाइनों में अलग-अलग पैटर्न देखने को मिल रहे हैं. बनारसी, सिल्क, सिफौन, नैट ऐसी साड़ियां हैं, जिन्हें हम ज्यादातर महिलाओं को पहने देखते हैं, लेकिन अब इन्हीं साड़ियों को अलग-अलग तरीके से डिजाइन किया जा रहा है. प्लाजो साड़ी, धोती साड़ी, स्कर्ट साड़ी के बाद अब रफ्फल साड़ी का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है.

ये है रफ्फल साड़ी का डिजाइन

ट्रैंड के साथ साड़ी की डिजाइन और उसे पहनने का स्टाइल बदलता रहा है. रफ्फल साड़ी को भी आप अलग-अलग स्टाइल से कैरी कर सकती हैं. रफ्फल साड़ी वह साड़ी होती है, जिस के निचले हिस्से के बौर्डर पर लहरिया स्टाइल की लेस होती है. साड़ी बांधने पर यह लेस घूम कर पल्लू तक आती है, जो बेहद खूबसूरत और सैक्सी लुक देती है.

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मार्केट में बढ़ती रफ्फल साड़ी की डिमांड

आजकल रफ्फल साड़ियों की डिमांड बढ़ती ही जा रही है. औनलाइन शौपिंग से ले कर लोकल मार्केट तक में रफ्फल साड़ियां आसानी से मिल जाएंगी. औनलाइन शौपिंग में मिंत्रा, अमेजन, फ्लिपकार्ट आदि साइटों पर विनायक टैक्सटाइल, आराध्या फैशन, सरगम फैशन जैसे ब्रैंड्स की रफ्फल साड़ियां आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी. आप चाहें तो अपनी रफ्फल साड़ी को डिजाइन भी पसंदानुसार करवा सकती हैं.

फंक्शन के लिए परफैक्ट है

 

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शादी हो या फेयरवैल पार्टी रफ्फल साड़ी किसी भी फंक्शन के लिए परफैक्ट है. आप इस साड़ी को किसी भी पार्टी में आराम से कैरी कर सकती हैं. वैसे साड़ी पर ज्वैलरी न हो तो एक खालीपन सा लगता है, लेकिन जब आप रफ्फल साड़ी पहनती हैं तो उस पर हैवी ज्वैलरी पहनने की कोई जरूरत नहीं रहती है. साड़ी के रफ्फल लुक की वजह से आप इतनी खूबसूरत दिखेंगी कि बाकी सब फीका लगने लगेगा.

रफ्फल साड़ी में शिल्पा शेट्टी का अंदाज

बड़े परदे से ले कर छोटे परदे तक सैलिब्रिटीज रफ्फल साड़ी में बेहद खूबसूरत नजर आती हैं. अपनी परफैक्ट फिगर को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाली शिल्पा शेट्टी का साड़ी लुक लोगों को बहुत पसंद आता है. हाल ही में शिल्पा शेट्टी को ब्लैक ऐंड व्हाइट रफ्फल साड़ी में देखा गया. इस साड़ी में वे काफी सैक्सी लग रही थीं. अपनी साड़ी के साथ शिल्पा ने ब्लैक सैक्सी ब्लाउज कैरी किया था, जिस से उन की खूबसूरती और निखर गई थी. शिल्पा ने अपनी साड़ी के साथ सिल्वर ओवरसाइज इयररिंग्स और हाथों में आम्रपाली के बैंगल्स पहने हुए थे, जो उन के पूरे लुक को कंप्लीट कर रहे थे.

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मिस वर्ल्ड 2017 की मानुषी छिल्लर की रफ्फल साड़ी में अदा

 

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2017 की मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता जीतने वाली मानुषी छिल्लर को भी ब्लैक रफ्फल साड़ी में देखा गया. उन्होंने ब्लैक रफ्फल साड़ी के साथ रैड ट्यूब ब्लाउज कैरी किया था, जिस में वे काफी हौट नजर आ रही थीं.

 रफ्फल साड़ी में टेलीविजन बहूएं

 

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टीवी सीरियल ‘मधुबाला’ से धमाल मचाने वाली ऐक्ट्रैस दृष्टि धामी को हाल ही में उन के रिसैंट शो ‘सिलसिला बदलते रिश्तों का’ में प्रिंटेड पिंक ऐंड ग्रे रफ्फल साड़ी में देखा गया. ऐसी कई टीवी अदाकारा हैं, जिन्हें रफ्फल साड़ी के बढ़ते ट्रैंड को अपनाते देखा गया.

वहीं, जेनिफर विंगेट को तो हम सभी जानते हैं. उन्हें हाल ही में ‘बेपनाह’ सीरियल में रैड रफ्फल साड़ी पहने देखा गया, जिस में वे बेहद खूबसूरत लग रही थीं. जेनिफर के इस लुक को लड़कियों ने बेहद पसंद किया.

अवौर्ड शो में जैकलीन फर्नांडीज

जैकलीन फर्नांडीज को हाल ही में स्टार प्लस अवार्ड शो में व्हाइट नैट रफ्फल साड़ी में देखा गया, जिसमें वे किसी मलिका से कम नहीं लग रही थीं. ऐसी और भी कई ऐक्ट्रैसेज हैं जो रफ्फल साड़ी के मोहपाश में बंध चुकी हैं जैसे सोनम कपूर, सोनाक्षी, माधुरी दीक्षित, यामी गौतम, दिव्या खोसला आदि.

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