मेरे बाल बारिश के मौसम में बहुत चिपचिपे हो जाते हैं, मै क्या करूं?

सवाल-

मेरे बाल बारिश के मौसम में बहुत चिपचिपे हो जाते हैं, साथ ही उन में रूसी भी हो जाती है. क्या कोई ऐसा उपाय है जिस से मैं अपनी यह समस्या दूर कर सकूं?

जवाब-

आप शैंपू के बाद बालों की देखभाल के लिए सिरके का प्रयोग करें. इस से बालों में ब्लड सर्कुलेशन सुचारु होता है जो बालों को टूटने से बचा कर उन्हें मजबूती प्रदान करता है.

अगर आप के बाल औयली हैं तो शैंपू के बाद नीबू के साथ सिरका लगाएं और 15 मिनट बाद बालों को ठंडे पानी से धो लें. नैचुरल सिरका लगाने से बाल कोमल होने के साथसाथ उन में नमी भी आ जाती है जिस से वे आपस में उलझते नहीं हैं. अगर आप की सिर की त्वचा रूखी है और उस में रूसी की परेशानी है तो आप को बाल धोने के बाद सिरका और थोड़ा सा बादाम का तेल मिक्स कर के लगाना चाहिए. इस मिश्रण से स्कैल्प में नमी आती है और रूसी हमेशा के लिए दूर हो जाती.

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वैसे तो बाजार में बालों के ट्रीटमैंट के लिए कई तरह के हेयर मास्क उपलब्ध हैं पर महंगे होने के साथ साथ उन में कैमिकल्स भी होते हैं, जो बालों को नुकसान पहुंचाते हैं. ऐसे में बालों को नुकसान से बचाने के लिए मेकअप ऐक्सपर्ट रेनू महेश्वरी कुछ होममेड हेयर मास्क बता रही हैं.

जानें बालों के प्रकार

कोई भी हेयर मास्क चुनने से पहले अपने बालों के प्रकार को जानना जरूरी होता है. बाल 3 प्रकार के होते हैं- ड्राई हेयर, औयली हेयर और नौर्मल हेयर.

ड्राई व दोमुंहे बाल होने के कारण

बालों को सुरक्षित रखने वाले प्रोटैक्टिव क्यूटिकल्स जब कम या खत्म हो जाते हैं अथवा बालों का नैचुरल औयल स्कैल्प से बालों के छोर तक नहीं पहुंच पाता तब बालों के सिरे रूखे हो फट कर दोमुंहे हो जाते हैं.

पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें- होममेड हेयर मास्क से पाएं खूबसूरत बाल

हुंडई ग्रैंड i10 Nios- इंटीरियर

हुंडई ग्रैंड i10 Nios में न सिर्फ आप फ्रंट के सीट पर कंम्फर्टेबल महसूस करते हैं बल्कि आपको पीछे के सीट पर भी उतना ही आराम महसूस होगा. आइए जानते हैं क्या खासियत है पीछे के सीट की.

दरअसल, नियोस कार की पीछे के सीट को भी बहुत आरामदायक तरह से डिजाईन किया हुआ है. जिससे पीछे बैठने वाले यात्री को किसी तरह की परेशानी न हो.

नियोस के सीट को अष्टकोणीय बनावट से स्टाइल किया गया है. इसके सीट पर लगे फैबरिक बहुत ज्यादा सोफ्ट हैं. वहीं इसके नीचे पैर रखने का भी पूरा जगह दिया गया है. जिससे आपको यात्रा के दौरान आराम महसूस होगा.  इससे यह मालूम होता है कि हुंडई नियोस के पीछे के सीट को लंबी यात्रा का ख्याल रखते हुए बनाया गया है.  हुंडई ग्रैंड i10 Nios में बैठना #MakesYouFeelAlive.

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‘नायरा’ ने धूमधाम से मनाया अपनी ऑनस्क्रीन चाची का बर्थडे, देखें Photos

कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है (Ye Rishta Kya Kehlata Hai) की शूटिंग शुरू हो चुकी हैं. हालांकि कम लोगों में शूटिंग की शुरूआत की गई है. लेकिन फैंस इससे काफी खुश है. वहीं हाल ही में शो के सेट पर सेलिब्रेशन भी देखने को मिला है. दरअसल कार्तिक (Kartik) की चाची यानी एक्ट्रेस शिल्पा एस रायजादा (Shilpa S Raizada) का बीते दिन जन्मदिन के चलते सेट पर काफी रौनक देखने को मिली. आइए आपको दिखाते हैं ये रिश्ता क्या कहलाता है के सेलिब्रेशन की फोटोज…

शिवांगी जोशी ने दिया सरप्राइज

नायरा यानी शिवांगी जोशी ने सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए अपनी कोस्टार को सरप्राइज दिया. दरअसल, जिस समय शिल्पा एस. रायजादा शूटिंग में व्यस्त थीं, उस समय शिवांगी जोशी ने उन्हें सरप्राइज दे दिया.

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शिल्पा रह गई दंग

 

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Omg…….itti sari Haaye………..yrr mera te khane ka mann ho raha h……..🙃

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जब शिवांगी जोशी ने शिल्पा को सरप्राइज दिया तो वो दंग रह गईं. उनका चेहरा रुमाल के पीछे छुपा हुआ है लेकिन शारीरिक हावभाव से आप समझ सकते हैं कि शिल्पा की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा होगा.

शिल्पा ने फैंस को कहा शुक्रिया

 

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Watch now my full vlog in my you tube channel #shilparaizadavlog #youtuber #vlog #happy #blessed

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एक्ट्रेस शिल्पा एस रायजादा ने शिवांगी जोशी के कैमरे की मदद से फैंस को शुक्रिया कहा और खूब सारी किसेज भी लुटाई. इसी बीच, ये रिश्ता क्या कहलाता है की स्टारकास्ट ने शिल्पा रायजादा को खूब सारे गिफ्ट भी दिए, जिनकी फोटोज शिल्पा ने अपने फैंस को सोशलमीडिया पर दिखाई.

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प्रौफेशनल की बात करें तो शिल्पा एस रायजादा के सीरियल (Ye Rishta Kya Kehlata Hai) में इन दिनों धमाकेदार ट्रैक चल रहा है, जिसमें नायरा डबल रोल में नजर आ रही हैं. वहीं फैंस को नायरा का ये डबल अवतार काफी पसंद आ रहा है और वह सोशलमीडिया पर शो को काफी सपोर्ट कर रहे हैं.

रेखा ने कोरोनावायरस टेस्ट कराने से किया इंकार, लिया ये फैसला

बीते दिनों बौलीवुड सेलेब्स के बीच कोरोना का कहर देखने को मिल रहा है. हाल ही में बिग बी यानी अमिताभ बच्चन और उनके परिवार को कोरोना हुआ था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहीं अब कहा जा रहा है कि एक्ट्रेस रेखा के घर के गार्ड को भी कोरोना हो गया है, जिसके बाद रेखा के कोरोनावायरस टेस्ट करने की तैयारी बीएमसी की थी. लेकिन खबर है कि एक्ट्रेस रेखा ने कोरोनावायरस टेस्ट करवाने से मना कर दिया है. आइए आपको बताते हैं क्या है पूरा मामला….

गार्ड को हुआ कोरोना

बॉलीवुड एक्ट्रेस रेखा के घर की रखवाली करने वाले एक गार्ड को कोरोनावायरस हो गया, जिसके बाद उस इलाके के कुछ और गार्ड्स की जांच की गई और उनकी रिपोर्ट्स भी पॉजिटिव आई हैं. वहीं बीएमसी ने मामले की गंभीरता से लेते हुए इन सभी को कोविड सेंटर भेज दिया.

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एक्ट्रेस के घर पहुंची बीएमसी

गार्ड्स का टेस्ट कराने के बाद जब बीएमसी की टीम एक्ट्रेस रेखा के घर पहुंची तो उन्होंने टेस्ट कराने से मना कर दिया. रेखा के गार्ड को कोरोना होने के बाद उनके घर में काम करने वाले कुछ और लोगों का कोरोना टेस्ट होना था. लेकिन सुनने में आ रहा है कि एक्ट्रेस ने बीएमसी की टीम को घर के अंदर ही नहीं आने दिया. खबरों की मानें तो, जब बीएमसी की टीम रेखा के घर पहुंची तब उनसे घर के अंदर आने की वजह पूछी गई. जब बीएमसी की टीम ने बताया कि वो घर के सदस्यों का टेस्ट करने आई है तो रेखा की मैनेजर फरजाना ने उन्हें अपना नम्बर देकर बाद में बात करने के लिए कह दिया.

सैनिटाइज करने की नहीं मिली इजाजत

बताया जा रहा है कि रेखा ने बीएमसी की टीम को अपने घर में सैनिटाइजर छिड़कने की भी इजाजत नहीं दी है, जिसके बाद टीम ने रेखा के घर के बाहर ही छिड़काव करके अपना काम पूरा करने की कोशिश की.

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बता दें, रेखा अकेली ऐसी स्टार नहीं हैं, जिनके यहां काम करने वाला कोई व्यक्ति कोरोना वायरस की चपेट में आया है. उनसे पहले करण जौहर, बोनी कपूर और सारा अली खान जैसे कलाकारों के यहां भी कोरोना पॉजिटिव लोग पाए जा चुके हैं. लेकिन उन्होंने बीएमसी को सपोर्ट करवाते हुए कोरोनावायरस टेस्ट की मंजूरी दी है.

फिल्म निर्माण को कितना हौसला दे पायेगा कोरोना कवर

नुकसान को अगर अनुमानित कमायी के साथ जोड़ दें तो यह और भी बहुत ज्यादा हो जाता है. इसीलिए बीमा उद्योग कोरोना कवर को लेकर आया है. मगर सवाल है क्या कोरोना कवर से बौलीवुड की समस्या खत्म हो जायेगी? हालांकि अनुमान के किसी नुकसान को तकनीकी रूप से नुकसान कहना सही नहीं होगा. लेकिन इस साल जनवरी से लेकर 30 जून 2020 तक बौलीवुड की उन तमाम फिल्मों की लागत को अगर उनके द्वारा की गई कमायी के हिसाब से देखें जो फिल्में इस दौरान रिलीज हुई हैं तो पता चलता है कि 95 फीसदी फिल्में अपनी लागत नहीं निकाल पायीं.

इस तरह देखा जाए तो साल 2020 की पहली छमाही में बौलीवुड को करीब 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. चूंकि अब कोई भी दावे से यह नहीं कह सकता कि कोरोना का कहर फिल्म उद्योग पर कब तक टूटेगा, इसलिए अब फिल्में कोरोना के जोखिम को ध्यान में रखकर ही सोची, बनायी और रिलीज की जाएंगी. बीमा उद्योग ने भी इस जोखिम में हिस्सेदारी के लिए या कहें कारोबार के लिए कमर कस ली है और अतुल कस्बेकर की फिल्म ‘लूप लपेटा’ पहली वह फिल्म हो गई है, जिसे कोरोना कवर मिला है. सवाल है क्या बीमा उद्योग द्वारा लाये गये कोरोना कवर के बाद बौलीवुड फिल्म बनाने, बेचने और वितरित करने के मामले में बेफिक्र हो जायेगा?

तापसी पन्नु, ताहिर राज भसीन, के अभिनय से सजी जर्मन फिल्म ‘रन लोला रन’ की आधिकारिक हिंदी रीमेक ‘लूप लपेटा’ पहली वह फिल्म बन गई है, जिसे कोरोना के इस कहर के दौर में बीमा कवर मिला है. यूं तो बाजार में कोरोना महज एक तबाही का नाम ही नहीं है बल्कि तमाम लोगों ने इसमें अच्छा खासा बिजनेस भी तलाश लिया है और इस मामले में मेडिकल के बाद सबसे आगे बीमा क्षेत्र है. पिछले कुछ महीनों में जब से कोरोना का विश्वव्यापी कहर लगातार खतरनाक होता जा रहा है, बीमा उद्योग इसे एक बहुत बड़े अवसर के रूप में देख रहा है और पिछले कुछ महीनों में सैकड़ों किस्म के कोरोना कवर बाजार में आ गये हैं.

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देश में किसी भी मौके को सबसे पहले भुनाने में माहिर रिलायंस कंपनी ने इस साल अप्रैल के महीने में ही कोरोना की दहशत को एक कारोबार में बदल दिया था, जब रिलायंस जनरल इंश्योरेंस ने महज 149 रुपये में कोविड-19 सुरक्षा बीमा योजना लांच की थी. लेकिन एक अकेली रिलांयस ही नहीं बल्कि कई दूसरी इंश्योरेंस कंपनियों ने भी जल्द ही इस बाजार में धावा बोला. इन तमाम बीमा कंपनियों ने कोरोना पाॅजीटिव से लेकर क्वारंटाइन तक को अपने कवर में शामिल किया था. लेकिन सिनेमा की इसमें बात नहीं हुई थी. शायद शुरु में यह समझा गया हो कि कोरोना महज एक दो महीने का साथी है, इसलिए बड़े मामलों के लिए या बीमारी से इतर अन्य मामलों के लिए कोरोना कवर नहीं आया था. लेकिन अब बकायदा फिल्म जैसे रिस्की बिजनेस को भी कवर देने के लिए कोविड-19 बीमा योजना आ चुकी है.

फिल्म ‘लूप लपेटा’ को कितने में यह पाॅलिसी मिली है इसका खुलासा तो नहीं किया गया, लेकिन यह साफ तौरपर बताया गया है कि 29 जनवरी 2021 को रिलीज होने जा रही यह फिल्म पूरी तरह से कोविड इंश्योर्ड है, जिसका मतलब यह है कि अगर फिल्म क्रू का कोई सदस्य बीमार पड़ता है तो न सिर्फ उसका बल्कि उसके कारण क्वारंटीन हुए कलाकारों से फिल्म की शूटिंग को जो नुकसान होगा, उसकी भरपायी बीमा कंपनी द्वारा की जायेगी. कोविड-19 इंश्योरेंस के बाद फिल्म प्रोड्यूसर शूटिंग के दौरान हुए नुकसान को रिकवर कर सकेगा. गौरतलब है कि तापसी पन्नु की इस फिल्म की, इसी साल अप्रैल और मई के माह में मुंबई और गोवा में शूटिंग होनी थी. लेकिन पहले लाॅकडाउन और फिर महामारी के बढ़ने के कारण फिल्म की आउट डोर शूटिंग्स की डेट बरबाद हो गईं, फिल्म की शूटिंग नहीं हो सकी. अब फिल्म के प्रोडयूसर अतुल कस्बेकर को नये सिरे से शूटिंग के लिए प्लानिंग करनी होगी, जो कि वह अक्टूबर से करने जा रहे हैं.

हालांकि फिल्म उद्योग हमेशा से बेहद संवेदनशील बीमा सब्जेक्ट रहा है. तमाम बड़ी बीमा कंपनियां फिल्म इंडस्ट्री को बीमा करने से हिचकिचाती रही हैं. जबकि भारत में फिल्मों की शूटिंग आमतौर पर बहुत सामान्य दिशा-निर्देशों के चलते सम्पन्न होती है. ज्यादातर भारतीय फिल्मों में ऐसे खतरनाक स्टंट भी हीरो हीरोइनों द्वारा नहीं किये जाते, जिससे उनके घायल होने की कोई बड़ी समस्या सामने आये. बावजूद इसके फिल्में हमेशा से जोखिम का विषय रही हैं और चाहकर भी बीमा कंपनियां इनकी तरफ ज्यादा आकर्षित नहीं रहीं. लेकिन कोविड-19 के बाद दुनिया काफी हद तक बदल गई है और नये सिरे से सोचा जाने लगा है. इस नयी सोच के चलते अब फिल्मों की शूटिंग से लेकर उसकी रिलीज तक के भी बीमा कवर होने लगे हैं.

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एक तरह से ये अच्छा चलन है. क्योंकि इससे फिल्म इंडस्ट्री में थोड़ा स्थायित्व का भाव आयेगा. अभी तमाम सफलता और कमायी भी भगवान भरोसे होती है. ठीक इसी तरह शूटिंग के दौरान के तमाम जोखिम और शूटिंग से होने वाली देरी भी भगवान भरोसे होती है. हालांकि कुछ फिल्में अभी भी शूटिंग पर जाते समय कवर लेती हैं, लेकिन अभी यह चलन का विषय नहीं बना था. लेकिन कोरोना के कहर ने जिस तरीके से शूटिंग के चक्के को पूरी तरह से जाम कर दिया है, उसके कारण अब फिल्मों के लिए बीमा कवर जरूरी सा हो गया है. गौरतलब है कि भारत में फिल्म एक बड़ा उद्योग है. इसलिए इसे धीरे धीरे व्यवस्थित होना ही चाहिए. अगर कोविड-19 के बहाने फिल्मों को कवर देने का यह सिलसिला अच्छी तरह से आगे बढ़ता है तो वो दिन दूर नहीं जब फिल्म बनाने का कोई भी साहस बहुत किस्म के बीमा कवर से सुरक्षित होगा.

इससे एक तरफ जहां निर्माता निर्देशक का तनाव कम होगा, वहीं दूसरी तरफ इस गतिविधि के आम होने यानी फिल्मों के बीमा कवर के आम होने के बाद यह कारपोरेट एक्टीविटी में बदल जायेगा, तब फिल्म निर्माण बिजनेस के नजरिये से कहीं ज्यादा सुरक्षित और ज्यादा लाॅजिकल रहेगा. जब एक बार फिल्म किसी भी तरह की प्राकृतिक आपदा से सुरक्षित हो जायेगी तो जाहिर है, उसमें काम करने वाले भी पहली प्राथमिकता से काम करेंगे. क्योंकि उन्हें पता होगा कि फिल्म पूरी तरह से नहीं डूबेगी. इस चलन के बाद बहुत बड़े बजट की फिल्में हतोत्साहित होंगी. अगर छोटे बजट की फिल्मों ने धड़ल्ले से इंश्योरेंस कवर हासिल किया तो उनके बनने और चलने में काफी हद तक स्थायित्व आ जायेगा. नतीजतन फिल्म के बाजार में नयी तरह का कंपीटिशन सामने आयेगा. अभी बड़े फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों के लिए व्यक्तिगत रूप से डिस्ट्रीब्यूटर को विश्वास देकर रिलीज करा लेते हैं. बाद में ऐस संभव नहीं रहेगा.

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सिगरेट के हर कश में है मौत

वैसे तो सिगरेट से कैंसर होने का पता 4 दशक पहले चल गया था पर फिर भी आज भी सिगरेट्स इस कदर पी जा रही हैं कि हर साल 70 लाख लोग केवल धूएं के

कारण मरते हैं. फ्रांस में 34% लोग सिगरेट पीते हैं और भारत में 14% सिगरेटबीड़ी के आदी हैं. भारत का आंकड़ा कम इसलिए है कि यहां पानमसाले और खैनी में मिला कर तंबाकू ज्यादा खाया जाने लगा है.

वर्ल्ड हैल्थ और्गेनाइजेशन का कहना है कि सीमा में भी तंबाकू सेवन उसी तरह की गलतफहमी है जैसी कि शराब के बारे में है. थोड़े से सेवन से कुछ नहीं होता, नितांत गलत है. सिगरेट बीमारियां तो पैदा करेगी चाहे एक पीओ या 20. हां, कम पीने वालों के पास पैसे हों तो वे इलाज करा लेते हैं.

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वैसे भी कम पीने का दावा करने वाले जब तनाव में होते हैं तो धड़ाधड़ पीने लगते हैं. उन्हें फिर कोई रोक नहीं पाता. दुनिया भर में 28 हजार अरब रुपए सिगरेट से होने वाले रोगों के इलाजों पर खर्च करे जाते हैं और टोबैको कंपनियां और व्यावसायिक अस्पताल इस लत का जम कर लाभ उठाते हैं.

घर में सिगरेट न घुसे यह जिम्मेदारी औरतों की है. उन्हें प्रेम करते समय ही इस पर पाबंदी लगा देनी चाहिए. जो सिगरेट पीए वह भरोसे का नहीं क्योंकि न जाने कब वह धोखा दे जाए. फिर घर में सिगरेट पीएगा तो बाकियों यानी छोटे बच्चों तक को दुष्प्रभाव झेलना पड़ेगा.

भारत को छोडि़ए, इटली जैसे देश के शहरों के फुटपाथ वैसे तो साफसुथरे दिखेंगे पर सिगरेट के टुकड़े हर जगह मुंह चिढ़ाते नजर आ जाएंगे. सिगरेट वहां भी और भारत में भी औरतों की दुश्मन नंबर एक है.

वैसे कुछ देशों में औरतें भी बराबर की सी सिगरेट पीती हैं पर वे खुद को भी नष्ट करती हैं और बच्चों को भी. बच्चों को शुरू से ही लत पड़ जाती है और 7 से 10 साल तक के बच्चे छिपछिप कर स्मोकिंग शुरू कर देते हैं. सिगरेट ही मादक दवाओं के लिए रास्ता खोलती है. ज्यादा नशा पाने के लिए हेरोइन आदि लेना शुरू करा जाता है जो बाद में लाइलाज हो जाता है.

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सम्बन्धों को सही ढंग से निभाने के लिए जानें जरूरी बातें

हमे अपने रिश्तो को निभाने के लिए रिश्तों में नरम रहना और स्थिति के अनुसार हमे अपने आप को ढाल लेना चाहिए साथ ही हमें बुरा व्यवहार नही करना चाहिए. कुछ चीजें जिन पर नियंत्रण जरूरी  है ध्यान रखना चाहिए. सभी रिश्तों में बराबरी का एहसास की आवश्यकता है, क्योकि  ऐसा होता है कि एक व्यक्ति तो अपनी इच्छा और जरुरतों को छोड़ देता है और दूसरा हावी होता रहता है. लेकिन सवाल यह है कि ,जब आप प्यार करते है तो आपका ब्रेक अप कैसे होता है.

ब्रेकअप का कारण

1. चरित्र(Character):-

आप नई बातें , नया व्यवहार तो सीख सकते हैं .लेकिन चरित्र को नही सीख सकते.व्यक्ति की पहचान उसके चरित्र से होती है. उसको पहचानने के लिए हमे जानना होगा कि वह कौन है, क्या है तभी उसके चरित्र की पहचान की जा सकती है. अगर आपके रिश्ते में कोई बात हो भी जाती है और आप उसको ज्यादा बढ़ाने की जगह समझौता कर लेते है तो भी आपके रिश्ते की उम्र बढ़ जाती है.आपका रिश्ता अच्छा बना रहता है.

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2. बच्चे(Kids):-

बच्चा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हमारी जिंदगी का हिस्सा. अगर हम किसी व्यक्ति के साथ रिश्ते में है और वह बच्चे नही चाहता या चाहती .तो  जोर जबरदस्ती से विवश करना, गलत होगा.बच्चे पैदा करने  के लिए दोनों की सहमति होनी चाहिए. तभी कोई रिश्ता लंबा सफर तय कर सकता है.

3. विवाह प्रथा(Monogamy):-

विवाह करने के लिए दोनों के विचार मिलना बहुत जरूरी  हैं. जिसमे दोनों की सहमति हो.तभी  रिश्ता बना रहेगा. नही तो रिश्ते में बस विवाद ही विवाद और क्लेश होंगे. किसी भी बात या मुद्दे पर समझौता करने के लिए दोनों की एक ही इच्छा और सहमति होनी चाहिए.

4. शादी(Marriage):-

अगर शादी आपके लिए जरूरी है तो आपको शादी करनी ही चाहिए आपको किसी रिश्ते में ही बंधकर नही रहना चाहिए. चाहें आप किसी से कितना भी प्यार करते हो पर उसके पीछे ही बंधकर अगर आप अपनी इच्छा पूरी नही कर पा रहे हों तो वो आपके रिश्ते के लिए खराब हो सकता है. वो आपको गुस्से और असंतोष की ओर ले जा सकता है.

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5. बुनियादी वैल्यू(Core values):-

जो अपनी नैतिकता और मूल्यों के साथ समझौता करता है वह सही जीवन साथी नहीं हो सकता.जब तक आपको उस व्यक्ति पर विश्वास न बने रिश्ते को सहमति की मोहर न लगाएं.

हर उम्र में हो सकते है फैशनेबल

अपने समाज में एक कहावत बहुत समय से चली आ रही हैॅ कि ‘बूढी घोडी लाल लगाम‘. इसका सीधा मतलब यह था कि उम्र दराज लोगों को फैशनेबल कपडे नहीं पहनने चाहिये. बल्कि साधारण कपडो और लाइफस्टाइल में रहना चाहिये. बदलते दौर में अब इस दकियानूसी और रूढीवादी बातों का कोई मतलब नहीं रह गया है. आज की लाइफ स्टाइल कहती है कि फैशनेबल होने से उम्र का कोई लेना देना नहीं होता है. 60 की उम्र में भी महिलायें उस तरह से फैशन कर रही है जो उनको 30 सा उससे भी कम उम्र में करना चाहिये था. सबसे बडी बात अब कोई किसी तरह की कहावत कह कर मजाक नहीं उडाता बल्कि उसकी फिटनेस और फैशन के सेंस की तारीफ करते कहता है कि इस उम्र में भी कितनी अचछी तरह से ड्रेस को कैरी कर लेती है.

50 साल की विमला कभी जौब में नहीं रही. घरेलू महिला होते हुये भी उन्होने खुद को हमेशा फिट और फैशन के अनुरूप ही रखा. जब उनके बेटे की शादी हुई और बहू घर में आई तो विमला के सगेसबंधी और नाते रिश्तेदार कहने लगे अब देखना है कि विमला और उसकी बहू के बीच कैसे तालमेल बनता है. विमला की बहू देविका जौब करती थी. आमतौर पर वह ऐसे आउटफिट पहनती थी कि जो काम करने में आरमदायक रहे. साडी पहनना उसे एकदम भी पंसद नहीं रहता था. विमला ने अपनी बहू को साडी पहनना सिखाया तो बहू ने अपनी सास को मार्डन लाइफस्टाइल के आउटफिट पहनना सिखा दिया. अब दोनो ही एक दूसरे के माहौल में ढल चुकी है. जहां भी जाती है लोग उनको लाजवाब सासबहू की जोडी बताते है. दोनो ही सास बहू की जगह छोटीबडी बहन सी लगती है.

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पर्सनैल्टी को शूट करते आउटफिट पहनें:

फैशन डिजाइनर अदिति जग्गी रस्तोगी कहती है ‘फैशन ट्रेंड में बने रहने के लिये उम्र की कोई बाधा नहीं रह गई है. अब बडी उम्र में भी लोग फैशन ट्रेंड के साथ हर तरह के प्रयोग करने से घबडाते नहीं है. कपडे उन पर अच्छे लगे इसके लिये वह अपनी फिटनेस, डाइट और मेकअप पर भी पूरा ध्यान देते है. बडी उम्र में भी लोग पूरे ऐटिट्यूड के साथ फैशनेबल आउटफिट को कैरी करते है. केवल आउटफिट ही नहीं उसके कलर को लेकर भी हर तरह से कंफर्टेबल फील करते है. जरूरत इस बात की है कि जो भी आउटफिट पहने उसमें आपकी पर्सनाल्टी निखरनी चाहिये. इसके लिये जरूरी है कि समय और माहौल के अनुकूल ही आउटफिट का चुनाव करे.

अदिति जग्गी रस्तोगी लखनऊ में ‘स्ट्राबेरी’ फैशन स्टोर और ‘अदिति’ फैशन ब्रांड के नाम से डिजाइनर ड्रेस तैयार करती है. यहां से बडे शहरो के फैशन स्टोर और विदेशो में भी ड्रेसेज भेजी जाती है. लखनऊ की चिकनकारी को लेकर वेस्टन डेªसेज पर अदिति के काम की अपनी पहचान है. अदिति ने मल्लिका शेरावत की फिल्म ‘ख्वाइश‘ में भी ड्रेस डिजाइनिंग का काम किया था. अदिति ने दिल्ली में मशहूर फैशन डिजाइनर रीना ढाका के यहां काम किया और 70 से अधिक शो पूरे विश्व में किये है. अदिति ने बालाजी टेलीफिल्म में कास्टयूम डिजाइनर के रूप में भी काम किया. शादी के बाद अदिति लखनऊ आ गई. यहां ‘स्ट्राबेरी’ फैशन स्टोर की शुरूआत की. यहां से विदेशो में ड्रेस एक्सपोर्ट की जाती है. अदिति फैशन डिजाइनिग कालेजों मे बच्चों को पढाने का काम भी करती है.

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भडकीले कपडों से उम्र नहीं छिपतीः

कई लोग यह मानते है कि भडकीले कपडे पहनने से उम्र छिप जाती है. ऐसा नहीं होता है. अदिति कहती है ‘फैशनेबल आउटफिट पहनते समय यह ना सोचे की इससे आप उम्र छिपा रही है. आप कंफर्टेबल होकर फैशनेबल आउटफिट पहने. सबसे जरूरी है कि मेकअप, माहौल और ड्रेससेंस के बीच तालमेल हो. ‘आधा तीतर आधा बटेर’ वाली झलक न दिखे. कपडों से उम्र नहीं छिपती जब ऐसा करते है तो हंसी का पात्र बनने का खतरा बढ जाता है.‘ किसी भी उम्र के कपडे समय और जगह देखकर पहने. कोशिश यह करे कि किसी का स्टाइल कौपी करने की जगह पर अपना अलग स्टाइल बनाये. जिससे आप भीड मेे होने के साथ भी अलग दिखा सके.

 

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अगर आपको फैशनेबल आउटफिट पहनना है तो खुद को मेंटेन भी करे. इसके लिये समय पर बालों को कटवाना, नेल केयर करना और उनको शेप में रखना जरूरी होता है. सबसे अहम चीज होती है स्किन केयर उसका ध्यान रखे. बढती उम्र में डेंटल केयर सबसे जरूरी होती है. क्योकि उम्र का सबसे बडा प्रभाव दांतो पर पडता है. ऐसे में इनकी सफाई और रखरखाव पर ध्यान दे. बौडी फिट तभी हर फैशन हिट होता है. इसके लिये जरूरी है कि हेल्दी रहे और बौडी के हिसाब से वर्क आउट करे. वर्क आउट करने से फिटनेस आती है जो आपकी पर्सनाल्टी को निखारने का काम करती है. फैशनेबल आउटफिट पहने पर इसके साथ ही साथ अपनी ओवरऔल पर्सनाल्टी पर भी ध्यान दे.

हुंडई ग्रैंड आई 10 निओस – इंटीरियर

अभी तक हम  हुंडई ग्रैंड आई 10 निओस  के बहुत से पार्ट्स की क्वालिटी के बारे में जान चुके हैं. आइए आज जानते हैं इसके  फ्रंट सीट के बारे में जिसे इसके सेगमेंट में खास तरह से डिजाईन किया गया है.

हुंडई ग्रैंड आई 10  निओस  के फ्रंट सीट को इतना कंफर्टेबल बनाया गया है कि आपको लंबी यात्रा पर भी ज्यादा थकान महसूस नहीं होगा. आप बहुत आराम से अपनी फैमली के साथ में लंबा सफर तय कर सकते हैं.

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ग्रैंड आई 10 निओस के सीट पर जो फैबरिक लगाया गया है वह बहुत आरामदायक है. इससे आपको लगातार बैठने पर भी किसी तरह की समस्या नहीं होगी.

इसके इंटीरियर का कलर ब्लैक है. इसके अंदर जो सेमी फैब्रिक लगा हुआ है वह ग्रे रंग में है. यह दोनों रंग गाड़ी के इंटीरियर को खूबसूरत बनाती है.

सुशांत के निधन के 1 महीने बाद अंकिता लोखंडे ने शेयर की ये फोटो, फैंस हुए इमोशनल

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड मामले के बाद से जहां बौलीवुड में नेपोटिज्म का मुद्दा भड़क रहा है तो वहीं फैंस सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. इसी बीच एक महीना पूरा हो गया है. इस बीच एक्स गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे भी सोशलमीडिया से दूर रहीं, जिस पर उनके दोस्तों का कहना था कि वह सुशांत के निधन की खबर सुनने के बाद से सुधबुध खो चुकी हैं. लेकिन अब सुशांत सिंह राजपूत के निधन के 1 महीना पूरा होते ही अंकिता लोखंडे ने अपने सोशल मीडिया पर एक फोटो पोस्ट की है. आइए आपको दिखाते हैं अंकिता की शेयर की फोटो…

फोटो के साथ शेयर किया कैप्शन

सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद अंकिता लोखंडे (Ankita Lokhande) सोशल मीडिया पर बिल्कुल भी एक्टिव नहीं थी. वहीं अब अंकिता लोखंडे ने एक फोटो शेयर की है, जिसमें उन्होंने अपने घर के मंदिर की झलक दिखाई है, जहां एक दीया जलाया हुआ है. इस फोटो को पोस्ट करते हुए अंकिता लोखंडे ने कैप्शन में लिखा है कि ‘भगवान का बच्चा.’ वहीं अंकिता के इस पोस्ट के बाद उनके फैंस इमोशनल हो गए हैं और अंकिता को अपना ख्याल रखने के लिए कह रहे हैं.

 

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CHILD Of GOD 😇

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सुशांत के घरवालों से मिलने पहुंची थी अंकिता

 

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#ankitalokhande today at #SushantSinghRajput home to meet his family #rip 🙏

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सुशांत सिंह राजपूत के अंतिम संस्कार के बाद अंकिता लोखंडे उनके परिवार से बांद्रा फ्लैट पर से मिलने पहुंची थी. इस दौरान अंकिता लोखंडे की हालत देखकर हर कोई परेशान हो गया था. क्योंकि वह बिल्कुल टूटी हुई नजर आ रही थीं और खुद को संभाल नहीं पा रही थीं.

बता दें, सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ से अपने एक्टिंग की शुरूआत करने वाली अंकिता और सुशांत शो के सेट पर ही रियल लाइफ में एक-दूसरे को दिल बैठे थे. अंकिता लोखंडे और सुशांत सिंह 6 साल तक लिवइन रिलेशन में रहने के बाद साल 2016 में दोनों का ब्रेकअप हो गया था. हालांकि दोनों ने इसकी वजह नही बताई थी. लेकिन सुसाइड के कुछ महीनों पहले सुशांत ने कहा था कि उनका अंकिता से अलग होना नही चाहिए था.

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