डाक्टरों ने मुझे नी रिप्लेसमैंट की सलाह दी है, क्या ये ट्रीटमेंट मेरे लिए सही है?

सवाल-

मेरी उम्र 36 साल है. मुझे जुवेनाइल आर्थ्राइटिस की समस्या है. डाक्टरों ने मु झे नी रिप्लेसमैंट की सलाह दी है. मैं जानना चाहती हूं कि मेरे लिए यह उपचार कितना उपयुक्त रहेगा?

जवाब-

कई प्रकार के आर्थ्राइटिस में फिजियोथेरैपी बहुत कारगर होती है. इस से अंगों की कार्यप्रणाली सुधरती है और जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां शक्तिशाली बनती हैं. अगर आर्थ्राइटिस शुरुआती चरण में है तो उसे फिजियोथेरैपी और जीवनशैली में बदलाव ला कर कंट्रोल में किया जा सकता है. लेकिन अगर आप को दूसरे उपचारों से आराम नहीं मिल रहा है और बहुत तकलीफ में हैं तो नी रिप्लेसमैंट ही आप के लिए अंतिम विकल्प बचता है.

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एक दशक पहले तक हैजा, टीबी और गर्भाशय का कैंसर महिलाओं को होने वाली सेहत से जुड़ी मुख्य समस्याएं थीं. इन दिनों नई बीमारियां, जैसे कार्डियो वैस्क्यूलर डिजीज, डायबिटीज और आस्टियोआर्थराइटिस जैसे रोग 30 वर्ष से अधिक आयुवर्ग की युवा महिलाओं में फैले हुए हैं.

आर्थराइटिस फाउंडेशन की ओर से हाल ही में हुए अध्ययन के अनुसार, यह अनुमान लगाया गया है कि 2013 तक देश में लगभग 3.6 करोड़ लोग आस्टियोआर्थराइटिस रोग से प्रभावित हो जाएंगे. कम आमदनी वाले वर्ग की 30-60 वर्ष की भारतीय महिलाओं के बीच हुए एक अध्ययन में अस्थि संरचना के सभी महत्त्वपूर्ण जगहों पर बीएमडी (अस्थि सघनता) विकसित देशों में दर्ज किए गए आंकड़ों से काफी कम थी, जिस के साथ अपर्याप्त पोषण से होने वाले आस्टियोपेनिया (52%) और आस्टियोपोरोसिस (29%) की मौजूदगी ज्यादा थी. अनुमान है कि 50 वर्ष से अधिक की 3 में से 1 महिला को आस्टियोपोरोटिक फ्रैक्चर का अनुभव होगा.

इन दिनों कम शारीरिक सक्रियता वाली जीवनशैली की वजह से दबाव संबंधी कारक और मोटापा जोखिम पैदा करने वाले कुछ ऐसे कारक हैं जिन का संबंध आस्टियोआर्थराइटिस जैसी समस्याओं से माना जाता है. इसलिए, यदि कोई स्वस्थ जीवन जीना चाहता है तो जरूरी है कि वह अपनी हड्डियों की देखभाल पर विशेष ध्यान दे. आस्टियोआर्थराइटिस की रोकथाम और काम व जीवन के बीच स्वस्थ संतुलन कायम करने के लिए यहां ऐसे टिप्स बताए जा रहे हैं, जिन पर महिलाओं को ध्यान देना चाहिए.

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घातक है अंधविश्वास और माहवारी का तालमेल

आरती के घर में ननद की शादी थी और जैसेजैसे शादी की तारीख नजदीक आती जा रही थी वैसेवैसे आरती की चिंता भी बढ़ती जा रही थी, क्योंकि उस के पीरियड्स भी शादी के बीच आने वाले थे. बड़ी बहू होने के चलते शादी के ज्यादातर शुभ काम उसे ही निबटाने थे. ऐसे में शादी के बीच पूजापाठ और बड़ेबुजुर्गों के पैर छूने के चलते उस की सास उस पर लगातार पीरियड्स के समय को टालने के लिए दवाओं का सेवन करने का दबाव डाल रही थी.

आरती की सास वैसे तो पुरातनपंथी थी पर पीरियड्स बदलने के लिए आधुनिक दवाइयां लेने पर उसे कोई ऐतराज न था. यह हमारे शिक्षित लोगों के दोगलेपन की निशानी है कि वे बड़ेबड़े हौस्पिटल्स में जा कर पूजापाठ कराते हैं.

आरती अपने दकियानूसी खयालात वाली सास और रिश्तेदारों के दबाव में अपने पीरियड्स के समय में बदलाव नहीं लाना चाहती थी, क्योंकि उस ने 2 माह पहले ही एक त्योहार के चलते सास के कहने पर पीरियड्स के आने के  4 दिन पहले समय में बदलाव लाने के लिए दवा का सेवन किया था, जिस के चलते उसे पीरियड्स के समय से 1 हफ्ते बाद माहवारी शुरू हुई थी और उसे रक्तस्राव भी ज्यादा हुआ था, साथ ही पेट में तेज दर्द भी हुआ था. इसीलिए आरती ने अपनी सास को अपने पीरियड्स के समय में बदलाव लाने वाली दवा खाने से इनकार कर दिया.

इस बात को ले कर आरती की सास ने पूरा घर सिर पर उठा लिया कि पीरियड्स के दौरान शादी में वह कोई भी ‘शुभ’ काम नहीं कर पाएगी, क्योंकि पीरियड्स से महिलाएं अशुद्ध हो जाती हैं.

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आरती के पति की बूआ पेशे से महिलाओं की डाक्टर थी. बूआ ने आरती की सास को अपने पास बुला कर बताया कि महिलाओं में माहवारी आना प्राकृतिक एवं सामान्य प्रक्रिया है, जो उन के मां बनने और स्वस्थ रहने की निशानी है. अगर पीरियड्स आने के समय में प्राकृतिक तरीके से कोई छेड़छाड़ की जाती है तो वह महिलाओं के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालती है, साथ ही महिला के मां बनने की क्षमता पर भी असर पड़ता है.

बूआ ने आरती की सास को अपने लैपटौप पर पीरियड्स के संबंध में जागरूक करने वाली एक वीडियो फिल्म भी दिखाई. इस के बाद आरती की सास को पीरियड्स से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में सम झ आया.

धार्मिक कार्यों को ले कर पीरियड्स डेट में बदलाव आम बात

भारतीय समाज में सब से ज्यादा दकियानूसी नियमों को मानने का दबाव महिलाओं पर होता है. चाहे वह पुरुषों के लिए व्रतउपवास रखने की बात हो या घरपरिवार में फंक्शन के दौरान की जिम्मेदारियों की, अगर इन पर अंधविश्वास व भ्रांतियां हावी हो जाएं तो यह महिलाओं के लिए और भी कठिन हो जाता है.

महिलाओं से जुड़े पीरियड्स को ले कर तो हमारा समाज और भी सख्त है. अगर किसी महिला के पीरियड्स चल रहे हों तो उस दौरान उस पर कई तरह की बंदिशें लगा दी जाती हैं जैसे पूजा न करो, किचन में न जाओ, अचार के मरतबान से दूर रहो, बड़ेबुजुर्गों से दूर रहो आदि तमाम नियम महिलाओं के पैरों में बेडि़यां डाल देते हैं.

त्योहार या घर में फंक्शन भी बनता है वजह

पीरियड्स से जुड़े अंधविश्वास के कारण कई बार अपनी डेट को दवा खा कर आगेपीछे करना पड़ता है, जो शरीर पर बुरा प्रभाव डालता है. कई ऐसे मौके आते हैं जब घर में त्योहार या फंक्शन होता है तो अंधविश्वास के चलते महिलाएं अपने पीरियड्स के समय को दवा के सहारे आगे के लिए टाल लेती हैं.

दवा हो सकती है घातक

पीरियड्स में अशुद्ध होने के अंधविश्वास के चलते डेट टालने वाली दवाओं की मांग शादी और त्योहारों के मौसम में बढ़ जाती है. मैडिकल स्टोर चलाने वाले संत प्रकाश यादव बताते हैं कि इन दिनों उन की दुकान पर दिनभर में औसत 10 महिलाएं ऐसी आती हैं, जिन्हें पीरियड्स समय को टालने वाली दवा चाहिए होती है. इन के पास डाक्टर की परची तक नहीं होती. ऐसे में हम तो उन्हें दवा नहीं देते, लेकिन इन महिलाओं को गांवों में  झोलाछाप डाक्टरों के जरीए दवा मिल जाती है.

डा. विजय कुमार गौतम का कहना है  कि अंधविश्वास के चलते पीरियड्स आने के समय में परिवर्तन के लिए महिलाएं कई बार 2-3 गोलियों की जगह बिना डाक्टर की सलाह के 5-6 गोलियां ले लेती हैं. ये गोलियां हारमोंस की बनी होती हैं, क्योंकि महिलाओं का पीरियड्स 2 तरह के हारमोंस ऐस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरौन पर निर्भर हैं. इसलिए इन गोलियों के खाने से उन के हारमोंस में बदलाव आ जाता है, जिस के चलते पीरियड्स डेट आगे खिसक जाती है.

अगर कोई महिला अंधविश्वास के चक्कर में पड़ कर इन गोलियों का सेवन लगातार और लंब अवधि तक करती है तो लकवा, ब्रेन स्ट्रोक, मिरगी का दौरा तक पड़ सकता है. ज्यादा गोलियां लेने से जान भी जा सकती है.

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माहवारी के समय में बदलाव लाने वाली दवाएं उन महिलाओं के लिए भी नुकसानदेह हो सकती हैं, जिन्हें ब्लड प्रैशर, माइग्रेन, मोटापा, डायबिटीज, स्ट्रोक जैसी समस्याएं होती हैं.

लापरवाही बन सकती है संक्रमण का कारण

कई बार पीरियड्स के समय को टालने के लिए सेवन की गई दवाओं के असर के चलते महिलाओं को कई तरह के बदलाव और परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है, जिन में अधिक खून आना, पेट के निचले हिस्से में दर्द होना, अंग के आसपास खुजली और दाने होना, बदबूदार पानी आना आदि शामिल हैं. इन लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि यह महिला में संक्रमण होने की निशानी है.

स्वस्थ रहना है तो अंधविश्वास से तोड़ें नाता

सामाजिक कार्यकर्ता अरुणिमा सिंह का कहना है पीरियड्स में अशुद्ध होना एक कोरी बकवास है. पीरियड्स प्रकृति की देन हैं, यह समाज को सम झना होगा. महिलाओं को चाहिए कि गलत मान्यताओं के कारण अपने शरीर को नुकसान न पहुंचाएं.

क्या करें जब पीरियड्स में हो तेज दर्द

अगर आप ने अंधविश्वास के चक्कर में पड़ कर अपने पीरियड्स के समय में बदलाव किया है तो आप को अगली माहवारी पर पीरियड्स के दौरान तेज दर्द का सामना करना पड़ सकता है. दर्द होना यह इशारा करता है कि आप को किसी तरह का संक्रमण है या कोई गंभीर बीमारी जन्म ले रही है. पीरियड्स के दौरान लंबे समय तक तेज दर्द बने रहना गर्भधारण करने में समस्या और कैंसर का सबब भी बन सकता है. ऐसी स्थिति में आप हीट बैग का इस्तेमाल कर सकती हैं.

समय पर पीरियड्स यानी स्वस्थ होने की निशानी

पीरियड्स का समय पर आना महिला के स्वस्थ होने की निशानी है. यह अंतराल आमतौर पर 28 दिनों का होता है, लेकिन जरूरी नहीं है कि यह 28 दिन पर ही आए. यह अंतराल पहली माहवारी से दूसरी माहवारी के बीच 24 से 34 दिन का भी हो सकता है. इसी को हम माहवारी चक्र भी कहते हैं. अगर पीरियड्स नियत समय पर आते हैं तो इस दौरान 3 से 5 दिनों तक ब्लीडिंग हो सकती है. सामान्य पीरियड्स में दर्द नहीं होता है और स्राव भी सामान्य होता है. अगर ऐसा होता है तो आप को पीरियड्स से जुड़ी कोई परेशानी नहीं है.

माहवारी से जुड़ा जागरूकता अभियान चलाने वाली प्रीति पांडेय का कहना है कि अंधविश्वास में पड़ कर पीरियड्स के समय में बदलाव गांवों और शहरों दोनों में समान रूप से पाया जाता है. इस की गिरफ्त में पढ़ीलिखी और अनपढ़ महिलाएं दोनों समान रूप से जकड़ी हुई हैं, जबकि किसी भी धर्म शास्त्र में पीरियड्स के दौरान महिलाओं पर किसी बंदिश का जिक्र नहीं है. सब पाखंडियों और पोंगापंथियों का फैलाया जाल है, जिस से महिलाएं चाह कर भी बाहर नहीं निकल पा रही हैं.

प्रीति के अनुसार घर, परिवार, रिश्तेदारी या दोस्तों के यहां कोई त्योहार हो महिलाओं को कभी अपनी सेहत के साथ खिलवाड़ नहीं करनी चाहिए और न ही कभी बिना डाक्टर की सलाह के कोई दवा लेनी चाहिए, क्योंकि अंधविश्वास के चलते पीरियड्स को डिले करने वाली पिल्स आप की सेहत पर बुरा प्रभाव छोड़ सकती हैं.

पीरियड्स के दौरान खुद को खुश रखें. साफसफाई का खयाल रखें. कहीं भी जाएं, कुछ भी खाएं कोई रोकटोक नहीं है. पीरियड्स में मंदिर जा सकती हैं, किसी शादीविवाह में शरीक हो सकती हैं. इस तरह की किसी भी गतिविधि पर रोक नहीं और न ही कोई जबरदस्ती लगा सकता है.

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20 टिप्स: स्किन के अनुसार ऐसे करें देखभाल

ज्यादातर महिलाओं को अपनी स्किन टाइप का पता नहीं होता है. वे कोई भी फेसक्रीम चेहरे पर अप्लाई कर लेती हैं. मार्केट में कुछ नया आया या किसी नई क्रीम का विज्ञापन टीवी पर देखा नहीं कि खरीद लाईं और लगा ली. नतीजा स्किन दागधबों से भर जाती है, चेहरा कहीं सूखा तो कहीं तैलीय नजर आने लगता है, चेहरे पर झुर्रियां, झांइयां और कालापन दिखने लगता है.

अगर आप चाहती हैं कि आप की स्किन के साथ भी ऐसा न हो तो सब से पहले पता करें कि आप का स्किन टाइप क्या है. फिर उस के अनुसार ही कौस्मैटिक प्रोडक्ट्स का चयन करें. स्किन टाइप पता करना कोई मुश्किल काम नहीं है. इस के लिए किसी स्किन के डाक्टर या फिर ब्यूटीशियन के पास जाने की भी जरूरत नहीं है. यह काम आप खुद बड़ी आसानी से कर सकती हैं. आइए, आप को बताते हैं कि अपना स्किन टाइप कैसे पता करें: स्किन का टाइप क्या है, यह जानने के लिए सब से पहले आप सुबह उठते ही अपने चेहरे को टिशू पेपर से पोंछें.

नौर्मल स्किन: अगर टिशू पेपर पर कोई दाग नजर नहीं आ रहा है यानी टिशू पेपर पहले की ही तरह साफ है, तो इस का मतलब आप की स्किन सामान्य यानी नौर्मल है.

औयली स्किन: टिशू पेपर से चेहरा पोंछने पर अगर टिशू पेपर पर तेल नजर आए तो इस का मतलब आप की स्किन तैलीय है. ऐसी स्किन में झुर्रियों या ऐजिंग की समस्या नहीं होती है. हां, पिंपल्स की परेशानी से जूझना पड़ सकता है.

ड्राई स्किन: अगर टिशू पेपर पर कोईर् दाग न हो, लेकिन स्किन खिंचीखिंची सी महसूस हो और चेहरे पर कोई ग्ला न हो तो इस का मतलब स्किन ड्राई है. रूखी स्किन में झुर्रियां तेजी से नजर आने लगती हैं.

सैंसिटिव स्किन: अगर स्किन को छूने भर से जलन और खुजली की समस्या होने लगती है तो आप की स्किन सैंसिटिव है.

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कौंबिनेशन स्किन: जिस स्किन का कुछ हिस्सा रूखा और कुछ तैलीय हो तो वह कौंबिनेशन स्किन है. नाक पर टिशू पेपर लगाएं और उस पर तेल के दाग नजर आएं, लेकिन गालों पर टिशू पेपर लगाने पर वह सूखा दिखे तो इस का मतलब आप की कौंबिनेशन स्किन है.

औयली स्किन की देखभाल

– औयली स्किन के लिए दही बहुत अच्छा रहता है. दही और बेसन मिला कर चेहरे पर लगाएं. सूख जाने के बाद चेहरे को साफ पानी से धो लें.

– आलू का रस निकाल कर चेहरे पर लगाएं और सूखने दें अथवा आलू को पीस कर चेहरे पर फेस पैक की तरह इस्तेमाल करें. इस से चेहरे की चमक बढ़ेगी.

– मुलतानी मिट्टी को गुलाबजल के साथ मिला कर चेहरे पर लगाएं. सूखने के बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें. चेहरे के अतिरिक्त तेल को हटाने में यह काफी फायदेमंद साबित होगी.

– बेसन में नीबू निचोड़ कर पेस्ट बनाएं और इसे चेहरे पर लगाएं. 10 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें. नीबू स्किन से तेल को आसानी से साफ करता है.

– अंडे के सफेद भाग में नीबू का रस डाल कर अच्छी तरह से मिला कर चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट के बाद चेहरे को कुनकुने पानी से धो लें.

ड्राई स्किन

– कच्चे दूध को रुई से चेहरे और गरदन पर अप्लाई करें. 20 मिनट बाद साफ पानी से धो लें. अगर चेहरे पर ज्यादा मौइस्चर चाहिए तो मलाई से मसाज करें और फिर 10-15 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें. इस से स्किन खिलीखिली नजर आएगी.

– कौटन पैड या रुई में जैतून का तेल ले कर इसे मेकअप रिमूवर की तरह इस्तेमाल करें. स्किन की सफाई करने के साथसाथ यह स्किन को मौइस्चराइज भी करेगा.

– रूखी स्किन बड़ी आसानी से प्रदूषण और सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों का शिकार हो जाती है. इसलिए हमेशा सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें. इस का इस्तेमाल स्किन को कई प्रौब्लम्स से दूर रखता है.

– पपीते के गूदे और केले का पेस्ट बना कर उसे चेहरे पर

लगाएं. 15 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी साफ कर लें. ऐसा करने से स्किन में कसाव आएगा.

– 2 चम्मच ऐलोवेरा में 1 अंडे की सफेदी मिलाएं. फिर इस पेस्ट से चेहरे की मसाज करें. मसाज करने के बाद आधे घंटे तक इसे चेहरे पर लगा रहने दें. फिर चेहरे को पानी से धो लें.

सैंसिटिव स्किन

– चेहरे को क्लींजर से साफ करें. इस के लिए माइल्ड सल्फेट फ्री क्लींजर ज्यादा अच्छा रहेगा.

– टोनिंग के लिए ग्रीन टी का इस्तेमाल ज्यादा बेहतर होता है. लेकिन स्किन पर कीलमुंहासे हैं तो अलकोहल फ्री टोनर का इस्तेमाल करें.

– सैंसिटिव स्किन के लिए ऐसे मौइस्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए जिस में किसी तरह की खुशबू का इस्तेमाल न किया गया हो वरना ऐलर्जी हो सकती है.

– सैंसिटिव स्किन की सफाई के लिए न तो ज्यादा ठंडे पानी का इस्तेमाल करें और न ही ज्यादा गरम का.

– ऐसी स्किन पर हर तरह का फेस मास्क काम नहीं करता. इस के लिए दही और जई के आटे को मिक्स कर के चेहरे पर लगाएं. इस से चेहरे से मौइस्चर नहीं निकलेगा केवल डैड स्किन निकलेगी

 कौंबिनेशन स्किन

– कौंबिनेशन स्किन की देखभाल के लिए दिन में 2-3 लिटर पानी जरूर पीएं. इस से स्किन में नमी बनी रहेगी. पानी स्किन में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है.

– संतरे और दही का पेस्ट चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें. संतरे से स्किन को विटामिन सी मिलेगा, जो स्किन को जवां और निखरानिखरा बनाए रखता है. दही से स्किन में कसाव आएगा और यह चेहरे को मौइस्चराइज भी करेगा.

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– शहद में खीरे का रस मिला कर चेहरे पर लगाएं. 10 मिनट बाद चेहरा धो लें. यह स्किन को टाइट और मौइस्चराइज करेगा, साथ ही स्किन की टैनिंग भी दूर होगी.

– 1 चम्मच ऐलोवेरा जैल में 1/2 चम्मच चावल का पाउडर मिक्स कर चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद चेहरे से पैक को रगड़ कर छुड़ा लें, फिर पानी से धो लें. इस का लगातार इस्तेमाल करने से स्किन साफ रहेगी.

– दही और ओट्स का पेस्ट बना कर इसे टी जोन पर लगाएं. इस पैक को गालों पर न लगाएं. कुछ देर बाद कुनकुने पानी से धो लें. हफ्ते में एक बार इस पैक का इस्तेमाल जरूर करें. यकीनन स्किन में निखार आ जाएगा.

20 गैजेट्स एंड टूल्स बनाएं आपकी लाइफ बैटर

टैक्नोलौजी के इस जमाने में हाईटैक होना बहुत जरूरी है. फिर चाहे गैजेट्स घर के हों या पर्सनल केयर के जीवन में यकीनन बदलाव लाते हैं. इन गैजेट्स और टूल्स की मदद से आप अपने लाइफस्टाइल को अपग्रेड और इंम्प्रूव कर सकते हैं:

1. स्मार्ट डोर/विंडो सैंसर

यह वाईफाई से चलने वाला सैंसर है, जो आप के घर की सेफ्टी के लिए अच्छा औप्शन है. इस का बिल्टइन मैगनेट दरवाजों और खिड़कियों पर होने वाली दस्तक की जानकारी आप को आप के फोन पर देता है. आप इस सैंसर को आसानी से कंट्रोल कर सकते हैं.

2. 11 इन 1 सर्वाइवल किट

यह स्टेनलैस स्टील से बना टूल है. इस के क्रैडिट कार्ड साइज के टूल को 11 अलगअलग कामों के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है. इस का ओपनर, चाकू, स्केल आदि के रूप में यूज किया जाता है. इसे आप अपने वालेट में भी कैरी कर सकते हैं.

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3. ट्रैकिंग अलार्म

यह गैजेट उन के लिए उपयुक्त है जो अकसर अपनी चाबियां या वालेट आदि को यहांवहां रख कर भूल जाते हैं. यह ब्लूटूथ कनैक्टर डिवाइस है, जो फोन से कनैक्ट हो जाता है. इस की रेंज 50 मीटर है. जिन चीजों से यह डिवाइस कनैक्टेड होगा यदि वे आप को न मिल रही हों तो आप इस का बटन दबा कर उन्हें ढूंढ़ सकते हैं.

4. बैग सीलिंग क्लिप्स

इन क्लिप्स की शेप बाल बांधने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली बनाना क्लिप्स जैसी होती है. ये क्लिप्स इन खुले पैकेट्स को एअरटाइट सील कर देती हैं. इन का इस्तेमाल आसान है. इन्हें दूधदही के पैकेट्स, स्नैक्स, प्लास्टिक या पेपर पैकेट्स को सील करने में यूज कर सकते हैं.

5. माइक्रोफाइबर क्लीनिंग ग्लव्ज

हम घर पर डस्टिंग के लिए कपड़ा यूज करते हैं, लेकिन वह 1-2 स्ट्रोक में ही गंदा हो जाता है और फिर छोटे कोनों तक भी नहीं पहुंचता, जिस से सफाई करने में परेशानी होती है. कपड़े से बिलकुल विपरीत ये ग्लव्ज माइक्रोफाइबर से बने होते हैं. आप इन्हें पहन कर कार, टेबल, लैपटोप, किचन, पेंटिंग्स आदि की सफाई कर सकते हैं.

6. हैंड ब्लैंडर

यह हैंड ब्लैंडर बिना बिजली के हाथों से ही चलाया जा सकता है. आप को बस इस का हैंडल दबाना है और यह चल पड़ेगा. इस से बिजली की तो बचत होती ही है, साथ ही हैंड मूवमैंट भी होती रहती है. इस से आप दही फेंट सकते हैं, शेक, जूस और डिशेज का घोल तैयार कर सकते हैं.

7. फ्लैक्सिबल लैंप एलईडी लाइट

यह छोटा लैंप या कहें एलईडी लाइट इस तरह से तैयार की गई है कि इसे आप अपने कंफर्ट के हिसाब से एडजस्ट कर सकते हैं. इसे चार्ज करना आसान है. इसे आप रूम में, टेबल पर या ट्रैवल करते समय भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

8. स्मार्ट थर्मोस्टेट

स्मार्ट थर्मोस्टेट ऐसा डिवाइस है, जिसे आप घर की किसी भी वाल पर लगा सकते हैं और वौइस ओवर से कंट्रोल कर सकते हैं. यह कमरे का तापमान आप की सुविधानुसार करता है. इसे वाईफाई के जरीए फोन से भी कनैक्ट किया जा सकता है.

9. प्लास्टिक हैंड ग्रिप

जिन घरों में बच्चे, बूढ़े या कोई ऐसा व्यक्ति हो जिस का नहाते वक्त गिरने या फिसल जाने का डर हो तो उस के लिए यह पर्फैक्ट टूल है. इस हैंड ग्रिप हैंडल की ग्रिप इतनी स्ट्रौंग है कि इसे दीवार या दरवाजे पर लगा कर व्यक्ति आराम से खड़ा हो सकता है. जब तक इस के बटन को अनलौक न किया जाए तब तक यह दीवार से चिपका रहता है. दीवार पर न कोई छेद करना पड़ता है और न ही स्कू्र लगाने पड़ते हैं, साथ ही यह रियूजेबल और वाटरप्रूफ  भी है.

10. पेस्ट कंट्रोल रिपेलैंट डिवाइस

अल्ट्रासोनिक टैक्नोलौजी वाला यह डिवाइस मच्छरों, मक्खियों, कौकरोचों, मकडि़यों, छिपकलियों, चींटियों और चूहों आदि को मारने के बजाय उन्हें भगा देता है. इस का कवरेज एरिया 80 से 120 स्क्वेयर मीटर है. इसे घर के अंदर इस्तेमाल किया जाता है. यह नौनटौक्सिक और ईकोफ्रैंडली है. इस की बड़ी खासीयत यह है कि यह आप के पैट्स को किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं होने देता.

11. स्मार्ट रिस्ट बैंड

इस समय मार्केट में कई अलगअलग ब्रैंड्स के रिस्ट बैंड उपलब्ध हैं. यह रिस्ट बैंड असल में एक घड़ी ही है, लेकिन यह समय दिखाने के साथसाथ और भी कई तरह से इस्तेमाल की जाती है. आप दिन में कितना चले, आप का हार्ट रेट, फोन से कनैक्टिविटी, टच स्क्रीन, कौल ऐंड एसएमएस नोटिफिकेशन अलर्ट आदि इस के फीचर हैं. यह बैटरी से चलता है और इस की बैटरी लाइफ  करीब 20 दिन होती है.

12. स्मार्ट स्पीकर

गूगल होम, अमेजन ईको डौट आदि स्मार्ट स्पीकर्स हैं, जो आप के घर को स्मार्ट होम बनाते हैं. यह स्पीकर आप की आवाज सुन कर ऐक्टिव हो जाता है और आप की लाइट, पंखे, एसी जैसे इलैक्ट्रौनिक डिवाइसेज को कमांड मिलने पर औन या औफ  करता है. आप इस में गाने भी सुन सकते हैं, मौसम की अपडेट या न्यूज भी सुन सकते हैं.

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13. ह्यूमीडिफायर

कमरे, कार या औफिस में इस का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह फ्रैश एअर रिलीज करता है, जिस से आसपास का वातावरण साफ  व खुशबूदार होता है. इस में पानी भरिए और कुछ बूंदें अरोमा औयल की डालिए. यह रूमफ्रैशनर का भी काम करता है. इसे चार्ज करना आसान है. इस में एलईडी नाइट लाइट भी लगी होती है.

14. इमरजैंसी हैमर

कार में सफर करने वाले व्यक्ति को कभी भी किसी भी तरह की दुर्घटना का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए यह बेहद जरूरी है कि वह हर घटना के लिए पहले से ही तैयार रहे. यह टूल हथौड़े, सीट बैल्ट कटर और औटोमैटिक ग्लास फायरिंग बुलेट का काम करता है. इस टूल की खासीयत यह भी है कि यह इस्तेमाल में आसान है.

15. फ्लैक्सिबल नोजल फौर टैप

आप बरतन धोते समय देखते होंगे कि पानी की धार तेज हो तो पानी सीधा मुंह पर आता है या पानी यहांवहां फैलने लगता है और यदि पानी की धार कम हो तो सफाई ठीक से नहीं होती. यह नोजल फ्लैक्सिबल है, जिस से बरतनों पर पानी सही तरह तो गिरता ही है, साथ ही पूरे सिंक की सफाई भी अच्छी तरह हो जाती है.

16. ग्रिप यूनिवर्सल सौकेट ऐडैप्टर

बाकी सभी टूल्स से अलग यह टूल किसी भी सौकेट के पेच कस सकता है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह किसी भी शेप पर अच्छी तरह फिट बैठता है. आप इसे अपने पास रखते हैं तो आप को किसी और पेचकश जैसे टूल की जरूरत नहीं पड़ती.

17. स्टील हैंड ओडोर रिमूवर

लहसुन, प्याज, मछली या फिर अंडे खाने के बाद हाथों से जो गंध आती है उसे यह स्टेनलैस स्टील से बना टूल खत्म कर देता है. जिस तरह आप हाथों पर साबुन मलते हैं बिलकुल उसी तरह इसे भी यूज करना है. यह कैरी करना भी ईजी है. आप इसे अपनी पौकेट में रख कर भी ले जा सकते हैं.

18. ऐपिलेटर

ऐपिलेटर का इस्तेमाल हेयर रिमूव करने के लिए किया जाता है. पुरुष व महिलाएं दोनों इसे यूज कर सकते हैं. डिफरैंट बौडी पार्ट्स के लिए यह एक अच्छा औप्शन है. यह वैक्सिंग की ही तरह बालों को खींच कर निकालता है. इसे बैटरी से चार्ज किया जाता है.

19. गारमैंट स्टीमर

जिन कपड़ों को आप साधारण आयरन से प्रैस नहीं कर सकते उन के लिए यह स्ट्रीमर पर्फैक्ट है. यह किसी भी एंगल से स्टीम दे सकता है और गद्दों, टंगे परदों, तकियों आदि के लिए उपयुक्त है. यह लाइट वेट होने के साथसाथ कौंपैक्ट भी है यानी यह ज्यादा जगह नहीं घेरता. आप ब्रैंड्स की आपस में तुलना कर भी अपनी सुविधानुसार इसे खरीद सकते हैं.

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20. मैग्नेटिक मोबाइल होल्डर

यह छोटी सी मैग्नेटिक डिस्क आप के फोन को गिरने से रोक उसे होल्ड करती है. आप इसे किचन में काम करते समय पास रख सकते हैं या कार में सफर करते समय यूज कर सकते हैं ताकि हिलनेडुलने या झटका लगने पर फोन की ग्रिप लूज न हो और वह गिरे न.

शुभारंभ: क्या कीर्तिदा और गुणवंत की राजा के खिलाफ चालों को समझ पाएगी रानी?

कलर्स के शो, ‘शुभारंभ’ में राजा और रानी अपनी शादी-शुदा जिंदगी को नया मौका देने के लिए तैयार हो गए हैं. जहां रानी अपनी सास, आशा के हर वार का सामना कर रही है तो वहीं राजा उसका हर कदम पर साथ दे रहा है. पर क्या आशा, राजा और रानी के इस अटूट बंधन को तोड़ पाएगी? आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे…

राजा-रानी के बीच बढ़ता रिश्ता

पिछले एपिसोड में आपने देखा कि रानी के गटर साफ करने के बाद इंफेक्शन से बचने के लिए, राजा लोशन लगाने में उसकी मदद करता है. लेकिन दोनों के बीच अभी भी एक अनचाही दीवार है, जो कि अब धीरे-धीरे कम हो रही है.   

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आशा को बचाती है रानी

रानी की गटर साफ करते हुए बनाई गई वीडियो देखने के बाद कुछ सामाजिक महिला कार्यकर्ता रेशमिया निवास पहुंचकर रानी से कहती हैं कि अगर किसी ने उससे जबरदस्ती ये काम करवाया है तो वह डरे नही. वहीं आशा इस बात से पूरी तरह डर जाती है. लेकिन आशा तब आश्चर्यचकित हो जाती है जब रानी उसका नाम नही लेकर यह कहती है कि उसने अपनी मर्जी से गटर साफ किया था. 

राजा-रानी आएंगे करीब

rani

आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि राजा की कोई बड़ी डील होने वाली है, जिसके चलते वह घबराते हुए अपनी शर्ट के बटन लगाएगा और रानी, राजा को ऐसे देखकर उसकी मदद करेगी. जहां दोनों एक रोमांटिक पल शेयर करेंगे. 

गुणवंत चलेगा ये चाल

गुणवंत और हितांक एक बड़ी डील के नए आइडिया के बारे में सोच रहे होते हैं जब राजा उनको कपल कौम्बिनेशन के कपड़ों का सुझाव देगा. इस आइडिया से राजा की तारीफ सुनकर रानी बेहद खुश होगी. राजा का नया आइडिया सुनने के बावजूद गुणवंत, राजा को खाने-पीने की तैयारी का काम सौंप देगा, जबकि हितांक और मेहुल को सबसे जरूरी काम दे देगा. 

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अब देखना ये है कि गुणवंत की इन चालों को समझकर रानी, राजा के लिए क्या कदम उठाएगी? क्या राजा, गुणवंत और कीर्तिदा की इन चालों को समझ पाएगा?  जानने के लिए देखते रहिए शुभारंभ, सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे, सिर्फ कलर्स पर.

BIGG BOSS 13: घर में दोबारा हुई हिमांशी खुराना की एंट्री, असीम ने शादी के लिए कर दिया प्रपोज

कलर्स के शो, ‘बिग बौस 13’ में नए-नए ट्विस्ट जारी हैं. हाल ही में हमने आपको हिमांशी खुराना के बिग बौस के घर में एंट्री करने की बात बताई थी. साथ ही हिमांशी का नए लुक के बारे में भी बताया था, जिसके बाद फैंस उनके घर में एंट्री का इंतजार कर रहे थे. अब फैंस का इंतजार आज रात खत्म होने वाला है. हिमांशी मंगलवार के एपिसोड में बिग बौस हाउस में एंट्री लेने वाली हैं. आइए आपको दिखाते हैं कैसी होगी हिमांशी की शो में एंट्री…

नए प्रोमो में ऐसे दिखे हिमांशी-असीम

बिग बौस हाउस में वाइल्ड कार्ड एंट्री में हिमांशी खुराना की घर में वापसी हो चुकी है. सोशल मीडिया पर शो मेकर्स ने एक वीडियो जारी किया है. इसमें दिखाया गया है कि हिमांशी खुराना जैसे ही बिग बौस के घर में एंट्री लेंगी वैसे ही असीम रियाज ख़ुशी से उछल पड़ेंगे और अपना खूब प्यार हिमांशी पर बरसाएंगे. वहीं इस खास पल को और भी खूबसूरत बनाते हुए आसिम रियाज, हिमांशी खुराना को प्रपोज करते नजर आएंगे और कहेंगे कि ‘क्या तुम मुझसे शादी करोगी.’

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हिमांशी खुराना का ये लुक हुआ था वायरल

 

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Tu hi to meri dost hai?❤️ #asinaaz#asimriaz#shehnazgill#biggboss13

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हाल ही में घर में एंट्री लेने से पहले सोशल मीडिया पर वायरल फोटोज में हिमांशी खुराना रेड कलर के आउटफिट में नजर आईं थी. हेयरस्टाइल की बात करें तो हिमांशी ने बाल छोटे करा लिए हैं, जिसमें उनका लुक देखने लायक है. हिमांशी खुराना की ये फोटोड सोशल मीडिया पर वायरल हो गई हैं, जिसके बाद उनके फैंस इस लुक की तारीफ कर रहे हैं.

असीम रियाज को ठहराया था हिंमाशी के ब्रेकअप को जिम्मेदार

शो के होस्ट सलमान खान ने भी वीकेंड एपिसोड में हिमांशी खुराना के बारे में जानकारी देते हुए कहा था कि ‘ फिलहाल सिंगल हैं और उनकी सगाई टूट गई हैं.’ साथ ही इसका जिम्मेदार असीम को ठहराया था. वहीं हिमांशी ने भी आसिम से सोशल मीडिया पर एक ट्विवट के जरिए माफी मांगी थी.

 

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बता दें, असीम रियाज से रिश्ता जोड़ने के लिए हिमांशी खुराना ने अपना पुराना रिश्ता तोड़ लिया है. हिमांशी खुराना पहले ही बिग बौस की कंटेस्टेंट रहते हुए आसिम को अपने बौयफ्रेंड के बारे में बताया था, जिसके बावजूद आसिम ने हिमांशी से अपने प्यार का इजहार किया.

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सोबर ज्वैलरी का है जलवा

कौलेज और औफिस जाने वाली लड़कियों को सिर्फ हल्की-फुल्की ज्वैलरी ही कैरी करना ठीक लगता है. पर वे अक्सर इस बात के लिए कंफ्यूज रहती हैं कि हलकी  और सोबर ज्वैलरी कौन सी है? जिसे आराम से बेहिचक कैरी कर स्टाइलिश दिख सकें.

1. पैंडेंट

छोटी-छोटी आकृति और बनावट के पेंडेंट आजकल लड़कियों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रहे हैं और बहुत ज्यादा क्रेज भी है. इस तरह के पेंडेंट किसी भी तरह के परिधान के साथ, चाहे वह वेस्टर्न हो या ट्रेडिशनल अच्छे लगते हैं .यही नहीं सब का ध्यान अपनी ओर आकर्षित भी करते हैं.

 

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2. स्मार्ट स्टार्ट स्टड

यदि आप इस तरह केे इयररिंग्स देख रही है जो ऑफिस या कॉलेज दोनों जगह चल सके तो चौकोर स्टड इयररिंग्स बिल्कुल परफेक्ट चॉइस है .यह दोनों इन दिनों चौकोर स्टड इयररिंग्स युवतियों को लुभा रहे हैं. यह कॉलेज ऑफिस दोनों ही जगहों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं. पेच की जगह इन पर बनाया गया डिजाइन इनकी खूबसूरती में चार चांद लगाता है.

3. मॉडर्न मंगलसूत्र

नए जमाने के साथ मंगलसूत्र का फैशन भी बदल गया है अब मंगलसूत्र गले में ही नहीं हाथों में भी पहने जा सकते हैं कुछ मंगलसूत्र को फंक्शन के हिसाब से डिजाइन किया कर जा रहा है तो कुछ को रोजमर्रा के हिसाब से.नए जमाने के मंगलसूत्र पहनने में इजी. कैरी करने में आसान  और हर महिला की पसंद हैं.

4. बटरफ्लाई ब्रेसलेट

सिंपल और सोबर ज्वेलरी में आजकल ,छोटे बटरफ्लाई ब्रास्लेट्स को लड़कियां काफी पसंद कर रही हैं. बटरफ्लाई ब्रेसलेट दिखने में जितने खूबसूरत होते हैं उतने ही सिंपल और सोबर भी नजर आते हैं. बिना किसी टेंशन के इनको ऑफिस बियर के साथ कैरी किया जा सकता है. इन ब्रेसलेट में स्टोन और मोती का वर्क भी आजकल चलन में है.

5. रिंग़ हार्टबीट वाली

जब हर ज्वेलरी का डिजाइन मॉडर्न हो रहा है तो अंगूठी कैसे पीछे रहे जी हां आजकल अंगूठियों में भी हार्टबीट वाला डिजाइन बहुत पसंद किया जा रहा है. यही नहीं इनके साथ साथ कस्टमाइज्ड अंगूठी भी अपनी पहचान बनाए रखने में कामयाब है.

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6. पाजेब

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पाजेब अब ओल्ड फैशन नहीं रही आजकल की यंग जनरेशन वाली लड़कियां भी इसे खूब शौक से कैरी कर रही है. सिर्फ साड़ी और सूट के साथ ही नहीं कॉलेज गोइंग गर्ल्स इसे शॉर्टस और जींस के साथ भी पहन रही हैं. आकर्षक डिजाइनों में बनी पायल पहनने से लड़कियों के पैर और भी खूबसूरत लगने लगते हैं. सिल्वर प्लेटेड हो या गोल्डन प्लेटेड या फिर पर्ल्स और डायमंड से सजी पायल अलग-अलग आकर्षक डिजाइनों में बाजार में उपलब्ध है यही नहीं आप इन्हें ऑनलाइन भी आर्डर कर मंगा सकती हैं.

महिलाओं के सोलह श्रृंगारो की बात की जाए तो उसमें ज्वेलरी सर्वप्रथम है. चाहे कोई शादी हो या कोई तीज त्यौहार या छोटा बड़ा गेट टुगेदर ज्वेलरी के बिना अधूरा है.यही नहीं आजकल तो ऑफिस लुक में भी हल्की फुल्की ज्वेलरी का टशन है. यदि आप अपनी किसी फ्रेंड या रिश्तेदार को कोई गिफ्ट देने की सोच रही हैं ,तो बिना सोचे इन प्रचलित ज्वेलरी में से आप कुछ भी दे सकती हैं. हर रेंज में उपलब्ध ज्वेलरी सबको पसंद आती है.

पुलों पर प्यार का ताला

अपने प्यार को पाने की खातिर लोग क्या कुछ नहीं करते. आसमान से तारे तोड़ कर लाने से ले कर कई बड़ेबड़े वादे करते हैं या कसमें खाते हैं. लेकिन फ्रांस में प्रेमीप्रेमिका यह सब नहीं करते, अपितु अपने प्यार पर ताला लगाते हैं ताकि वह अटूट रहे.

जी हां, प्यार को अटूट बनाने के लिए प्रेमी यूरोप में पुलों की रेलिंग पर ताला जड़ देते हैं और चाबी नदी में फेंक देते हैं. प्रेमीयुगलों के प्यार जताने के इस अनोखे तरीके की वजह से फ्रांसीसी राजधानी पेरिस के कई पुल लाखों तालों के बो झ से  झुकने लगे हैं. यही नहीं, कुछ तो टूटने के कगार पर पहुंच गए हैं.

एक अनुमान के अनुसार अकेले पेरिस के पुलों पर 7 लाख से अधिक ताले जड़े हैं. एक ताले का औसत वजन कम से कम 100 ग्राम होता है. इस लिहाज से पुलों पर हर वक्त 7,000 किलोग्राम का अतिरिक्त भार है. इस से पुलों का ढांचा खराब हो रहा है.

पेरिस के अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे प्यार का इजहार करने के लिए पुलों पर ताला न जड़ें. पर्यटकों को ताला लगाने के बुरे असर को सम झना चाहिए. लवलौक्स की वजह से पेरिस के पुलों पर बहुत ज्यादा बो झ पड़ गया है.

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वैसे यूरोप के रोमांटिक शहरों में प्रेमी जोड़े पुलों की रेलिंग पर बढि़या और मजबूत ताला जड़ देते हैं. ताले पर प्रेमीप्रेमिका का नाम लिखा होता है. ताला बंद करने के बाद प्रेमी जोड़े एकसाथ दौड़ते हुए चाबी को नदी में फेंक देते हैं. माना जाता है कि इस चलन की शुरुआत एक सर्बियाई लड़की की कहानी से हुई. वह अपने प्रेमी से जिस पुल पर मिलती, वहां एक ताला लगा देती. दोनों का प्यार अंजाम तक नहीं पहुंचा, लेकिन पुलों पर लगे ताले लोगों को उन की कहानी सुनाते रहे. हाल के समय में इस प्रथा को वापस लाने का आरोप इटली के लेखक फेडरिको मोशिया पर मढ़ा जाता है. उन की किताब ‘आई वांट यू’ में एक प्रेमी जोड़ा रोम के पोंटे मिलवियों पुल के लैम्पपोस्ट पर ताला लगाता है.

दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में प्यार की निशानी के तौर पर प्रेमीप्रेमिका पेड़ पर ताले लगाते हैं. पेड़ों पर ताले लगाने की परंपरा कब और किस ने शुरू की, यह कोई नहीं जानता, लेकिन प्रेम जाहिर करने के लिए जोड़े यहां पेड़ों पर ताले जड़ते हैं. एकएक पेड़ पर हजारों ताले जड़े देखे जा सकते हैं.

प्रेम के इजहार करने के कई तरीके हो सकते हैं. लेकिन अपने प्यार को ताले में बंद करने का अंदाज निराला है. प्रेमी जोड़े ऐसा इसलिए करते हैं ताकि उन के प्रेम को कोई चुरा न सके. कुछ लोग लवलौक की चाबी अपने साथ ले जाते हैं. यदि पुल नदी, समुद्र पर बना हो तो ताला लगा कर चाबी उस में फेंक दी जाती है. प्रेम के इजहार का यह विदेशी तरीका धीरेधीरे भारत में भी लोकप्रिय हो रहा है.

राजस्थान के उदयपुर को  झीलों की नगरी के तौर पर जाना जाता है. यहां प्रेमी जोड़े भी खूब आते हैं. यहां पिछोला  झील है जो विश्वविख्यात है. इस  झील पर एक नया पुल बनाया गया है. इसे लोगों ने ‘लव ब्रिज’ का नाम दिया है. शहरी हो या सैलानी, प्रेमी युगल अपने प्रेमबंधन को चिरस्थायी बनाने की कथित मान्यता से पुल की रेलिंग पर ताला लगा कर चाबी  झील में फेंकने लगे हैं. हालात यह हैं कि पुल की रेलिंग पर तालों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है. अब इस पुल की पहचान ही ‘लवलौक ब्रिज’ के रूप में होने लगी है.

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स्थानीय युवाओं का कहना है कि उन्होंने ऐसी कहानी पढ़ और सुन रखी है कि फ्रांस में सैलानी अपने प्यार के नाम पर ताला लगाते हैं. बस, उसी परंपरा को यहां उदयपुर में अपनाया जा रहा है. वे यह भी कहते हैं कि जबकि ख्यात क्रिकेटर और फिल्म अभिनेत्रियां तक अपने प्यार के लिए पुलों पर ताले लगाते हैं, तो हम पीछे क्यों रहें.

अच्छी हेल्थ के लिए जरूरी 20 आदतें

हमारी जीवनशैली और आदतें हमारी सेहत पर गहरा प्रभाव छोड़ती हैं. आइए, सरोज सुपर स्पैश्यलिटी हौस्पिटल की निधि धवन से जानते हैं कुछ ऐसी आदतों के बारे में जिन में से कुछ को अपना कर और कुछ को छोड़ कर आप फिट भी महसूस करेंगे और खुश भी रहेंगे:

1. जौगिंग और ऐक्सरसाइज

रोज व्यायाम करने और दौड़ने से पसीने के जरीए शरीर के जहरीले पदार्थ बाहर निकलते हैं और शरीर फिट रहता है. व्यायाम व रनिंग से शरीर की मांसपेशियां ठोस और मजबूत बनती हैं. इस से त्वचा में कसावट आती है, जिस से झुर्रियों की समस्या नहीं होती है. जो रोज रनिंग व व्यायाम करते हैं वे कम बीमार पड़ते हैं.

2. एक गिलास कुनकुना पानी

शरीर में ऐनर्जी लैवल बना रहे, इस के लिए दिन की शुरुआत कुनकुना पानी पीने से करें. इसे पीने से शरीर का मैटाबोलिक रेट बढ़ जाता है और शरीर में पूरा दिन ताजगी बनी रहती है. खाना खाने के बाद कुनकुने पानी में नीबू का रस मिला कर पीने से खाना आसानी से पचता है.

3. ग्रीन टी या ब्लैक कौफी

ग्रीन टी में मौजूद ऐंटीऔक्सीडैंट्स शरीर के जहरीले पदार्थों को बाहर करते हैं और शरीर से अतिरिक्त वसा को भी कम करते हैं. ग्रीन टी न सिर्फ वजन कम करने में सहायक है, बल्कि इस से सिरदर्द की समस्या से भी छुटकारा मिलता है. इसी तरह बिना शक्कर वाली ब्लैक काफी में कैलोरी न के बराबर होती है, जबकि कैल्सियम और पोटैशियम की भरपूर मात्रा मौजूद होती है.

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4. टहलना

यह जरूरी नहीं कि आप सुबह वाक करेंगे तभी फायदे मिलेंगे. वाक एक ऐसी ऐक्सरसाइज है, जिसे दिन में किसी भी वक्त किया जा सकता है. लंच और डिनर के बाद आधा घंटा टहलने से खाना आसानी से पचता है.

5. खाने का एक समय

खाने का एक समय तय कर लें और फिर उस का पालन करें. नाश्ता सुबह 8-9 बजे के बीच, लंच 1-2 बजे के बीच और डिनर 7:30 से 8:30 बजे के बीच करें. बीच में लंबा गैप होने के कारण आप को खुद भूख महसूस होने लगेगी. लंच और डिनर के बीच ज्यादा गैप होने के कारण 4-5 बजे के बीच कुछ हलका नाश्ता कर सकते हैं.

6. 8 घंटे की नींद

अच्छी और पर्याप्त नींद सेहत के लिए बहुत जरूरी है. जो लोग रात को 10 बजे सोते हैं और 6 बजे उठते हैं वे पूरा दिन फ्रैश महसूस करते हैं, साथ ही ऐसे लोगों में तनाव और चिंता की समस्या भी कम देखने को मिलती है.

7. आउटडोर गेम्स को दें महत्त्व

आज के समय में लोग बच्चों को मौल में उपलब्ध गेमिंग एरिया में ले जाते हैं, जहां उन का मनोरंजन तो हो जाता है, लेकिन शारीरिक व मानसिक विकास नहीं हो पाता है. पहले के समय के बच्चे घर पर खेलने के अलावा बाहर खेलना भी ज्यादा पसंद करते थे, जिस से उन का शारीरिक व मानसिक विकास अच्छा हो जाता था. क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबौल, वौलीबौल, कबड्डी जैसे खेल ओवरआल ग्रोथ के लिए अच्छे होते हैं.

8. परिवार के साथ वक्त गुजारें

दिन में 1 घंटा परिवार को जरूर दें. जब आप परिवार वालों के साथ वक्त बिताते हैं तो उन से अपने दिल की बातें साझा कर पाते हैं और उन की बात भी समझ पाते हैं. इसलिए रोज 1 घंटा अपने परिवार के साथ जरूर रहें.

9. 3 लिटर पानी का सेवन

पानी सिर्फ हमारी प्यास ही नहीं बुझाता है, बल्कि यह कई बीमारियों का इलाज भी है. जो रोज कम से कम 3 लिटर पानी का सेवन करते हैं वे कम बीमार पड़ते हैं. ऐसे लोग पेट की समस्याओं से कभी परेशान नहीं होते हैं, उन की स्किन भी ग्लो करती है और उन्हें पिंपल्स की समस्या भी नहीं होती है.

10. हंसनाहंसाना

हंसना सेहत के लिए बहुत अच्छा रहता है. हंसने से न सिर्फ व्यक्ति का तनाव कम होता है, बल्कि कई बीमारियां भी दूर होती हैं. खुद तो हंसें ही साथ ही औरों को भी हंसाएं. खुल कर हंसने से ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहता है. हंसने के दौरान शरीर में औक्सीजन भी ज्यादा मात्रा में पहुंचती है.

11. सब्जियों और फलों का सेवन

फल और सब्जियां खाने से एक ओर जहां कैंसर से बचाव होता है, वहीं दूसरी ओर दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम होता है. इन में फाइबर के साथसाथ विटामिन ए, सी, ऐंटीऔक्सीडैंट्स और मिनरल होते हैं, जिन से आप फिट और ऐक्टिव महसूस करते हैं.

12. धूम्रपान न करें

सिगरेट में मौजूद विषैले तत्त्वों के कारण त्वचा में झुर्रियां होने लगती हैं और व्यक्ति समय से पहले बूढ़ा दिखने लगता है. धूम्रपान के कारण शरीर में औक्सीजन की कमी होने लगती है, जिस से त्वचा बेजान हो जाती है. इतना ही नहीं धूम्रपान से प्रजनन क्षमता भी प्रभावित होती है. इसलिए यदि स्वस्थ और लंबा जीवन जीना है तो आज से ही धूम्रपान का त्याग कर दें.

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13. थोड़ा वक्त अकेले में बिताएं

हर दिन आधा घंटा अकेले गुजारने से व्यक्ति को खुद को समझने का मौका मिलता है. यही नहीं लोग अकेले में चीजों को ले कर सोचविचार कर सकते हैं, जिस से उन्हें सही फैसला लेने में मदद मिलेगी. जो लोग अकेले में वक्त नहीं बिताते हैं उन की तुलना में अकेले में वक्त बिताने वाले ज्यादा शांत और खुश रहते हैं.

14. अपने पोस्चर को सीधा रखें

औफिस का काम हो या घर का, अपने शरीर के पोस्चर को सही रखने के लिए सीधा उठनाबैठना चाहिए. पोस्चर सीधा न रखने से अकसर पीठ दर्द, कंधों का दर्द, गरदन का दर्द, कमर का दर्द आदि समस्याएं होती हैं. यदि आप इन सभी समस्याओं से दूर रहना चाहते हैं तो सीधा बैठने की आदत डालें.

15. सोडे का सेवन बंद कर दें

सोडा न केवल दांतों में सड़न पैदा करता है, बल्कि इस में अत्यधिक मात्रा में मौजूद रिफाइंड शुगर, कैलोरी की मात्रा बढ़ा कर मोटापा बढ़ाने का काम करती है. अगर आप कैलोरी कम करने के लालच में डाइट सोडा लेना पसंद करते हैं तो आप को जानने की जरूरत है कि यह आप की किडनियों की कार्यक्षमता को कम करता है.

16. हैल्दी डाइट

आप वेट कम करने का प्लान बना रहे हैं तो खाली पेट रहने की गलती न करें. अपने खाने में प्रौपर प्रोटीन, कैल्सियम और विटामिन शामिल करें.

17. शरीर व घर की साफसफाई

हमारा स्वास्थ्य हमारे शरीर की सफाई के साथसाथ घर और आसपास की साफसफाई पर भी निर्भर करता है. गरमी हो या सर्दी, रोज नहाना चाहिए और नहाने के बाद धूप में बैठ कर शरीर पर कुनकुना तेल मलना चाहिए. ऐसा करने से आप कई बीमारियों से बचे रहेंगे.

18. हफ्ते में एक दिन फास्ट

फास्ट रखने के दौरान चरबी तेजी से गलनी शुरू हो जाती है. फैट सैल्स लैप्टिन नाम का हारमोन स्रावित करते हैं. इस दौरान कम कैलोरी मिलने से लैप्टिन की सक्रियता पर असर पड़ता है और वजन कम होता है. शरीर में पोषण बनाए रखने के लिए फास्ट के दौरान ताजा फलों व उबली हरी सब्जियों का सेवन कर सकते हैं.

19. खाने से पहले हाथ धोएं

दिनभर हम न जाने कितनी चीजों को छूते हैं, जिस कारण हाथों में अनगिनत बैक्टीरिया चिपक जाते हैं. यदि हम बिना हाथ धोए खाना खाते हैं तो खाने के साथ बैक्टीरिया हमारे शरीर में चले जाते हैं, जिस से हम बीमार पड़ जाते हैं.

20. सोने से पहले दांतों की सफाई

दांतों को स्वस्थ रखने के लिए रात को ब्रश करना न भूलें. यह प्लाक को निकालने में  भी मददगार होता है जो दांतों में बैक्टीरिया पैदा करता है.

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शुभारंभ: क्या राजा-रानी का रिश्ता कर पाएगा इन कठिन परिस्थितियों को पार?

कलर्स के शो, ‘शुभारंभ’ में राजा-रानी के  रिश्ते ने लिया है एक नया मोड़. तमाम गलतफहमियों के बावजूद, राजा ले आया है रानी को घर और दोनों दे रहे हैं अपने रिश्ते को एक और मौका. लेकिन घरवालों को ये बात खास  रास नहीं आती और राजा-रानी के रिश्ते को अपनाने की जगह, उन्हें फिर से अलग करने की फिराक में हैं सब.

रानी को आशा के खिलाफ करने में लगी है कीर्तिदा

अब तक आपने देखा कि कीर्तिदा के भड़काने पर आशा जानबूझकर नाली के पाइप को तोड़कर रानी को गंदगी साफ करने के लिए कहती है. वहीं कीर्तिदा, रानी को बताती है कि वह आशा की चालों में ना आए क्योंकि आशा ने ही नाली का पाइप तोड़ा है, जिसे सुनकर रानी को गुस्सा आ जाता है.

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उत्सव को आया गुस्सा

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रानी, आशा का ये सच जानने के बावजूद गंदगी को साफ करना शुरू कर देती है, जिसे देखकर रेशमिया परिवार सहित मोहल्ले वाले चौंक जाते हैं. वहीं मेहुल, रानी की सफाई करते हुए वीडियो बनाकर रानी के भाई, उत्सव को भेज देता है. अपनी बहन, रानी को ये काम करते देख उत्सव गुस्से में राजा को इसकी जानकारी देता है.

रानी की बेइज्जती में कोई कसर नही छूटती

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सारी गंदगी को साफ कर, रानी घर में कदम रखने ही वाली होती है कि आशा उसे रोककर, उसपर एक बाल्टी भरके पानी उड़ेल देती है. इस हरकत को देखकर, सब लोग हक्के-बक्के रह जाते हैं और रानी को भी इस बात से बहुत बेइज्जती महसूस होती है. लेकिन सबसे ज्यादा बुरा रानी को तब लगता है जब वो मेहुल के बनाए वीडियो को और उसके नीचे लिखे गए अपमानजनक कमेंट्स को देखती है.

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रानी को खुश करता है राजा

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रानी के प्रयासों को देखते हुए राजा उसे खुश करने के लिए एक प्लान बनाता है. राजा पड़ोस के बच्चों को रानी की तस्वीर वाली टी शर्ट पहनाता है. वहीं रानी को पता चल जाता है कि राजा ने ये सब उसे खुश करने के लिए किया है, जिससे वह जान जाती है कि राजा के दिल में अभी भी उसके लिए भावनाएं हैं.

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राजा को पता चलता है आशा का सच

आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि राजा को रानी के नाली साफ करने का सच पता चल जाएगा कि ये सब उसकी माँ का किया धरा है. ये जानने के बाद वह आशा से विनम्र विनती करेगा कि वह रानी को बहू के रूप में स्वीकार कर ले. इसी बीच, गटर की सफाई वाली वायरल वीडियो को देखने के बाद कुछ महिला कार्यकर्ता रेशमिया निवास पहुंचेंगी और कहेंगी कि रानी ने ये सब अपने ससुराल वालों के दबाव में आकर किया है, लेकिन रानी झूठ बोलेगी कि ये उसकी अपनी मर्जी थी. दूसरी तरफ कीर्तिदा, आशा को भड़काकर उसे रानी को घर से बाहर निकालने के लिए साथ देने को कहेगी.

asha

अब देखना ये है कि रानी के इस कदम से आशा का रानी के लिए मन बदलेगा या फिर वह कीर्तिदा का प्रस्ताव स्वीकार कर लेगी? क्या राजा-रानी का रिश्ता इतना मजबूत हो पाएगा कि वो इन मुश्किल घड़ियों का सामना कर सकें? जानने के लिए देखते रहिए शुभारंभ, सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे, सिर्फ कलर्स पर.

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