मर्दानी 2: रानी मुखर्जी की दमदार एक्टिंग, जानें कैसी है फिल्म

रेटिंगः ढाई स्टार

निर्माताः यशराज फिल्मस

निर्देशकः गोपी पुथरान

कलाकार: रानी मुखर्जी, विशाल जेठवा, राजेश शर्मा, श्रुति बापना, जिसु सेनगुप्ता

अवधिः एक घंटा, 45 मिनट

रानी मुखर्जी अभिनीत फिल्म ‘‘मर्दानी 2‘’ उस वक्त प्रदर्शित हुई है, जब लड़कियों के साथ बलात्कार का मुद्दा पूरे देश में चर्चा में हैं. यह फिल्म 2014 की सफल फिल्म ‘‘मर्दानी’’ का सीक्वअल है. फिल्मकार गोपी पुथरान ने इस अपराध प्रधान रोमांचक फिल्म के माध्यम से बलात्कार और हिंसा के पीछे औरतों के प्रति पुरूषों की दिमागी सोच को रेखांकित करने का प्रयास किया है, जिसमें वह कुछ हद तक सफल रहे हैं.

कहानीः

फिल्म की कहानी राजस्थान के कोटा शहर की है, जहां आईपीएस शिवानी (रानी मुखर्जी) की शहर के एस पी/पुलिस अधीक्षक के पद पर नियुक्ति के साथ ही उनका सामना लतिका नामक लड़की के साथ दुर्दांत बलात्कार और हत्या के केस से होता है. ज्ञातव्य है कि कोटा शहर में पूरे देश के विद्यार्थी उज्ज्वल भविष्य के सपने देखते हुए आते हैं. शिवानी अपनी जांबाजी और दबंगई के बलबूते पर रेपिस्ट और कातिल को पकड़ने के लिए कटिबद्ध है.

शिवानी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ऐलान करती है कि वह बलात्कारी का कॉलर पकड़कर खींचते हुए उसे थाने लाएंगी. मगर लतिका का बलात्कारी व हत्यारा 21 साल का सनी (विशाल जेठवा) मानसिक विकृति का शिकार है. महिलाओं के प्रति उसकी घृणास्पद सोच उसके अहम को इस कदर चोट पहुंचाती है कि वह शिवानी को सबक सिखाने के लिए हिंसा और बलात्कार का सिलसिला जारी रखता है. सनी (जेठवा) इंसान की बजाय राक्षस है और वह इस तथ्य को छिपाने का प्रयास नही करता. वह जहां भी जाता है, कहर बरपाता है, बुरी तरह से पस्त महिला के शरीर पर खरोंच के निशान छोड़ देता है.

mardani-2 film review

बाद में वह शहर के एक अपराधी बेनीवाल के लिए काम करने लगता है और पत्रकार कमलेश की भी हत्या कर देता है. वह अपनी तरफ से हर हाल में एसपी शिवानी के ही नजदीक रहने का प्रयास करता रहता है. उधर शिवानी की कार्यशैली से नाराज एक पुलिस अफसर अपना खेल जारी रखता है, जिससे शिवानी का तबादला हो जाता है. मगर दिवाली की छुट्टी के चलते शिवानी को दो दिन का वक्त मिल जाता है और अंततः शिवानी के हाथ सनी तक पहुंच जाते हैं.

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लेखन व निर्देशनः

निर्देशक गोपी पुथरान की की यह फिल्म रोंगटे खड़े कर देनेवाले रोमांचक अंदाज में दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ महिलाओं के अस्तित्व के सवाल पर प्रहार करती है. इंटरवल तक फिल्म तेज गति से भागती है, मगर इंटरवल के बाद फिल्म धीमी हो जाती है और टीवी इंटरव्यू के नाम पर एस पी शिवानी उर्फ रानी मुखर्जी का लंबा चौड़ा उपदेशात्मक भाषण फिल्म को कमजोर बनाकर रख देता है, जहां वह औरतों के लिए समानता व हिस्सेदारी की बात करती हैं.

अब तक फिल्म जो छाप दर्शकों के दिल व दिमाग पर छोड़ रही थी, उस पर पानी फिर जाता है. पूरी फिल्म को पुरुष प्रधान दुनिया में एक महिला की उपलब्धियों के आसपास केंद्रित कर फिल्मकार ने फिल्म के मूल विषय को हाशिए पर डाल दिया है. यह पटकथा की कमजोरी है हालांकि क्लाईमैक्स को काफी अच्छे ढंग से फिल्माया गया है.

अभिनयः

पूरी फिल्म रानी मुखर्जी के ही कंधे पर है और रानी मुखर्जी ने अपने सशक्त अभिनय से साबित कर दिखाया कि अभिनय में उनका कोई सानी नही. रानी मुखर्जी के चेहरे के भाव, चाल-ढाल, कार्यशैली और नारीवादी रवैया उनके अभिनय से उभरकर आता है. जबकि खूंखार बलात्कारी व हत्यारे के किरदार में अपनी पहली ही फिल्म में टीवी एक्टर विशाल जेठवा ने कमाल का अभिनय किया है. उनके अभिनय की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है. सहयोगी कलाकारों ने भी ठीक-ठाक अभिनय किया है.

एडिट बाय- निशा राय

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#bethebetterguy: ओवर स्पीडिंग से बचना है बेहद जरूरी

मेरा यह लेख पढ़ने से पहले एक बार आप यह इमेजिन करिए कि आप अपनी फैमिली के साथ लौन्ग ड्राइव पर जा रहे हैं, रोड एकदम खाली है. आपने सोचा अरे वाह road  तो खाली है चलो स्पीड बढ़ाते हैं. आपकी स्पीड हुई  100 ,अरे वाह अभी भी कोई नहीं है आसपास,आपकी स्पीड हुई 120,अभी भी कोई नहीं है  स्पीड हुई 160 चलो और तेज करता हूं 180 फिर अचानक आपके सामने से कोई वाहन निकलता है ,और फिर……..  ???????

क्या हुआ? आप इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते ,जब आप इसके बारे में सोच नहीं सकते तो आप कर कैसे सकते हैं, इतनी जल्दी क्यों? ओवर स्पीडिंग  के  कारण  हर साल जाने कितने  मासूमों  की जान चली जाती है. कुछ आंकड़ों के अनुसार –

एशिया और प्रशांत क्षेत्र के लिए संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक आयोग द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं के कारण भारत में 1 साल में 58. 58 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होता है, जिसका मूल्य देश की GDP के लगभग 3 % के बराबर  है. अधिकतम सड़क दुर्घटनाएं ओवर-स्पीडिंग के कारण होती हैं. एक सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक 2018 में भारत में 1.5लाख से भी अधिक लोगों की जान गई है.

W.h.o. की रिपोर्ट के अनुसार विश्व की दुर्घटनाओं से संबंधित मौतों में 11 % हिस्सा भारत का है. रिपोर्ट में सामने आया है कि सड़क दुर्घटनाओं की वजह से सबसे ज्यादा मौतें  तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में हुई हैं. दुर्घटनाओं में हुई मौतों में 18 से 60 वर्ष की आयु के लोगों की 84.7% हिस्सेदारी पाई गई है.

ट्रैफिक उल्लंघनो के  तहत, 5.8% लोग सड़क पर गलत साइड पर ड्राइव करने से, 2.4 % मोबाइल का उपयोग करने से और 2.8% लोग शराब पीकर गाड़ी चलाने से मारे गए हैं.

वैसे तो हमारी सरकार द्वारा ट्रैफिक नियमों का पालन ना करने पर कठोर दंड का प्रावधान है पर वाहन चलाते समय यातायात के नियमों का पालन करना हमारी भी जिम्मेदारी है.

आइए जाने की ओवरस्पीडिंग के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से कैसे बचा जाए-

1-स्पीड लिमिट के अंदर गाड़ी चलाए

निर्धारित गतिसीमा से अधिक ड्राइविंग ना करे ,ये न केवल अवैध है बल्कि खतरनाक भी है. सड़क पर जहां गति सीमा 50 किलोमीटर /घंटा है वहां पर 60 किलोमीटर / घंटा की स्पीड से गाड़ी चलाना आपके 20 मिनट बचा तो सकता है लेकिन लेकिन दुर्घटनाओं की संभावना को बढ़ा भी सकता है.  दुर्घटनाओ से बचने का सबसे आसान तरीका निर्धारित गति सीमा के अन्दर गाड़ी चलाना है.

2-गाडी चलते समय दूसरों के साथ रेस  से बचे-

तेज़ गति में  यह अन्य कारों के साथ रेस  रोमांचकारी जरूर हो सकती है  पर सुरक्षित नहीं. ऐसा करने से दंड और दुर्घटनाएं दोनों हो सकती हैं और शायद आपका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द भी हो सकता है.सार्वजनिक सड़कों पर अन्य कारों के साथ race लगाना न केवल वाहन के लोगों के लिए खतरनाक है, बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी खतरनाक है, जो सड़कों पर सबसे अधिक असुरक्षित हैं.

3 -अपना ध्यान मार्ग पर रखे –

“मैंने उसे  नहीं देखा! “एक दुर्घटना के बाद इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे आम बहाना है। अक्सर दुर्घटनाओ के बाद लोग यही कहते है कि  मै देख नहीं पाया या वो अचानक से सामने आ गया .कई दुर्घटनाएं इसलिए  होती हैं क्योंकि एक चालक सड़क पर क्या हो रहा है, इस पर ध्यान नहीं देता है। इसलिए सतर्क रहे और ये सुनिश्चित  करे की गाड़ी चलते समय आप mobile phone पर बात न करे और फुल वॉल्यूम में गाने न सुने.

हमेशा ये याद रखे की यदि बाकी की गाड़ियां तेज़ रफ़्तार से चल रही है तो लेन को बाईं ओर रखे और तेज़ वाहनों के रास्ते से बाहर रहें। यदि आपको अपने से धीमी गति से चलने वाले वाहन से आगे निकलने की आवश्यकता है, तो दाईं ओर से ओवरटेक  करें। ओवरटेक करने से पहले संकेतक का उपयोग करके. अपने इरादे स्पष्ट करें.

4-अगर आप परेशान है या अस्वस्थ्य है तो ड्राइव न करे

अगर आप अधिक  काम करने की वजह से तनावग्रस्त है या थके हुए है तो गाड़ी मत चलाये क्योंकि ऐसा होने से आपको गाडी  चलाते समय नींद आ सकती है और फिर दुर्घटना होने से कोई नहीं रोक सकता .अगर आप थका हुआ महसूस  कर रहे है तो आप सड़क के किनारे गाड़ी लगा ले और थोड़ा आराम कर ले.

5-शराब पीकर गाड़ी न चलाये

शराब पीकर गाड़ी चलाना एक दंडनीय अपराध है इससे न केवल गति तेज़ होती है बल्कि आपके साथ साथ आस पास के लोगों की जान को भी खतरा रहता है.यदि आप किसी ऐसी पार्टी में जा रहे हैं, जहाँ आपको शराब का सेवन करने की संभावना है, तो सुनिश्चित करें कि जो शराब नहीं पिए हुए हो  है वह गाड़ी  चलाये .

6-समय पर पहुंचने के लिए समय पर निकले

इस तेज-तर्रार माहौल में, लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए हमेशा देरी से चल रहे हैं। अगर उन्हें कहीं जाना होता है तो वो निकलते तो देर से है पर पहुँचना  जल्दी चाहते है.सारी  ज़ल्दी उन्हें रोड पर ही होती है. ये सब कारण उन्हें ओवर स्पीडिंग के लिए प्रोत्साहित  करते है हालांकि ये तरकीबें उन्हें कुछ मिनटों के लिए बचा सकती हैं, लेकिन अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। लोगों को यह समझाना जरूरी है कि रेस  ड्राइविंग और ओवर स्पीडिंग द्वारा समय पर पहुंचना उन्हें अपनी जिंदगी से हाथ धोने को मजबूर कर सकता है.

इसलिए, लोगो  को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे अपनी मीटिंग या पार्टीज की पहले से योजना बना लें और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय रखें। इससे न केवल उनकी गति पर अंकुश लगेगा बल्कि दुर्घटनाओं से भी बचा जा सकेगा।

‘ओवर स्पीड से बचना कोई लापरवाही नहीं बल्कि समझदारी हैं.  समझदार इंसानों ने कहा है, दुर्घटना से देर भली मतलब हम अपने मंजिल पर कुछ समय देर से पहुंचे लेकिन सुरक्षित पहुंचे. ‘

रक्षात्मक ड्राइविंग सुस्त लग सकती है, पर खतरनाक नहीं…


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ऐसे बनाएं रिश्ता अटूट

शादी के कई साल बाद जब हनीमून फेज यादों में सिमट चुका होता है, कुछ मैरिटल इशूज सिर उठाने लगते हैं. ऐसे में रिश्ते की मजबूती के लिए जरूरी है कि समय रहते उन पर ध्यान दिया जाए.

जब आप पार्टनर कम रूममेट अधिक लगने लगें: शादी के काफी समय बाद एक समय आता है जब आप रोमांटिक पार्टनर्स कम और रूममेट्स की तरह ज्यादा व्यवहार करने लगते हैं. आप लंबे समय तक मजबूत रिश्ते में बंधे रहें, इस के लिए जरूरी है परस्पर आकर्षण कायम रखना.

इस के लिए प्रयास करने पड़ते हैं. कभी-कभी रोमांटिक ड्राइव पर जाएं. एकदूसरे को सरप्राइज दें. शारीरिक हावभाव द्वारा समयसमय पर एकदूसरे के प्रति प्यार प्रकट करें. जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग के लिए जाते रहें. ऐसे प्रयास एकदूसरे से जोड़े रखते हैं.

इस के विपरीत यदि आप अपना पूरा फोकस एकदूसरे के बजाय जिंदगी से जुड़ी दूसरी बातों पर करते हैं, तो समझिए कि वह दिन दूर नहीं जब आप पार्टनर कम रूममेट्स ज्यादा लगने लगेंगे.

1. एक-दूसरे से बोरियत

विवाह के कई साल बाद यह सोचना बेमानी है कि आप का हर दिन परियों की कहानियों जैसा खूबसूरत गुजरेगा. यदि आप अपनी वैवाहिक जिंदगी से बोर होने लगें तो इस का मतलब है कि आप ने एकदूसरे को फौर ग्रांटेड ले लिया है. आप एक रूटीन लाइफ जीने लगे हैं और किसी भी तरह का रिस्क लेने से बचने लगे हैं. सैक्स, एजिंग, इनलौज से जुड़े विषयों पर डिस्कशन करने या फिर अपनी दिनचर्या में परिवर्तन लाने से भी हिचकिचाने लगे हैं, तो जरूरी है कि आप खुद को बदलें. हर विषय पर बात करें और जीवन में विविधता लाएं.

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2. रोमांस और फिजिकल क्लोजनैस की कमी

अकसर शादी के कुछ साल बाद कपल्स की सैक्स लाइफ कम होती जाती है. इस के कई कारण हो सकते हैं जैसे फिजिकल और मैंटल हैल्थ इशूज, स्लीप इशूज, बच्चों का जन्म, दवा का असर, रिलेशनशिप से जुड़ी समस्याएं वगैरह.

शादी के कुछ सालों के बाद ऐसा होना अकसर स्वाभाविक माना जाता है. मगर यह स्थिति लंबे समय तक चले और दूरी बढ़ती जाए तो रिश्ते की मजबूती के लिए खतरा पैदा हो सकता है. ऐसे में जरूरी है कि कभीकभी पार्टनर को किस और हग कर के अपने प्यार का इजहार करें और उन्हें फिजिकली दूर न जाने दें.

3. मकसद से दूरी

शादी के 10-15 साल बाद आप के अंदर यह सोच कर असंतोष पैदा हो सकता है कि आप जिंदगी में कोई खास मकसद नहीं पा सके. जब आप की शादी होती है तो जिंदगी की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं. आप का जीवनसाथी और बच्चे आप के लिए सब से ज्यादा महत्त्वपूर्ण हो जाते हैं. शादी के बाद हर किसी को छोटेमोटे त्याग और समझौते करने पड़ते हैं, जिन की वजह से कई दफा खासकर महिलाओं को अपने कैरियर और जिंदगी से जुड़े दूसरे मकसद जैसे अपना बिजनैस शुरू करना, टै्रवलिंग, मौडलिंग या दूसरी हौबीज को समय देना जैसी बातों से वंचित रहना पड़ता है.

अकसर कपल्स शादी के शुरुआती सालों में रिश्ते को मजबूत बनाने और परिवार आगे बढ़ाने के दौरान अपने सपनों की उड़ान पर बंदिशें लगा देते हैं ताकि वैवाहिक जिंदगी में स्थिरता कायम कर सकें. मगर 10-15 साल बीततेबीतते उन्हें इस बात का मलाल होने लगता है कि उन्होंने अपने सपनों से दूरी क्यों बनाई? उन्हें लगता है जैसे जिंदगी वापस बुला रही है.

सच तो यह है कि सही मानों में कपल्स को इस बारे में कुछ करना है तो उन्हें मिल कर कदम बढ़ाने होंगे, एकदूसरे को पूरी सपोर्ट देनी होगी.

4. सहनशक्ति का घटना

शादी के शुरुआती सालों में जब आप का पार्टनर कुछ इरिटेटिंग या डिस्टर्बिंग काम करता है तो आप उसे इग्नोर कर देते हैं. मगर जैसेजैसे समय बीतता जाता है ज्यादातर पार्टनर्स में एकदूसरे के द्वारा की गई गलतियों के प्रति सब्र बनाए रखने और माफ करने की प्रवृत्ति घटती जाती है. शुरुआत में वे जिन बातों को हंस कर टाल देते थे बाद में उन्हीं बातों पर एकदूसरे से नाराज रहने लगते हैं.

जरूरी है कि जैसे आप शादी के शुरुआती समय में एकदूसरे के प्रति जो प्यार और केयर दिखाते हैं, गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं वैसे ही बाद में भी इस प्रवृत्ति को कायम  रखना चाहिए.

5. छोटे-बड़े सैलिब्रेशन

शादी के शुरुआती दिनों में आप छोटे से छोटे मौके को भी सैलिब्रेट करते हैं. 6 माह की मैरिज ऐनिवर्सरी हो या फर्स्ट डेट ऐनिवर्सरी, वैलेंटाइनडे हो या बर्थडे सैलिब्रेशन हर मौके को खास बनाने का प्रयास करते हैं. मगर शादी के 10-12 साल बीततेबीतते सैलिब्रेशन कम होते जाते हैं.

जरूरी है कि हर छोटीबड़ी खुशी का आनंद उठाया जाए. सैलिब्रेशन का कारण बदले पर मिजाज नहीं. जैसे वर्क प्रमोशन, बच्चे का बर्थडे, बच्चे द्वारा ग्रैजुएशन डिग्री हासिल करने का सैलिब्रेशन, शादी के 10 साल गुजरने का सैलिब्रेशन आदि. कभी भी इन से बचने का प्रयास न करें. ऐसे मौके ही आप दोनों को करीब लाएंगे.

आप अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ गैटटुगैदर कर सकते हैं या फिर आपस में ही सैलिब्रेट कर सकते हैं. हर मौके को यादगार बनाएं. यह सैलिब्रेशन खर्चीला होना नहीं, बल्कि इस में दोनों ऐंजौय करें यह माने रखता है.

अपने प्यार को सैलिब्रेट करने के लिए कभीकभी लौंग ड्राइव पर जाएं, कंसर्ट अटैंड करें, मूवी देखें या फिर घर पर ही स्पा नाइट का आनंद लें. कभी डेट पर जाना बंद न करें.

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6. बड़ी-बड़ी इच्छाएं पूरी करने का दबाव

शादी को 10-15 साल तक पहुंचतेपहुंचते कपल्स बड़ीबड़ी जिम्मेदारियों का बोझ उठा लेते हैं. बड़ेबड़े लक्ष्य बना लेते हैं. अपना घर, बच्चों की ऊंची शिक्षा जैसी बहुत सी योजनाएं उन के दिमाग में चल रही होती हैं. इन्हें पूरा करने की जद्दोजहद में अपने रिश्ते पर ध्यान देना कम कर देते हैं, जबकि ऐसे मामलों में संतुलन बना कर चलना बहुत जरूरी है. यदि आप एकदूसरे के साथ मिल कर अपनी योजनाओं पर काम करेंगे तो इस से रिश्ता भी प्रगाढ़ बनता है और लक्ष्य भी आसानी से हासिल हो जाता है.

आप हम और ब्रैंड

विनीता सिंह

सीईओ, शुगर कौस्मैटिक्स

आज से 5 साल पहले हर इंडियन स्किन टाइप और टोन को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई शुगर कौस्मैटिक्स के ब्यूटी प्रोडक्ट्स ने पूरे भारत में ही नहीं पूरे विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. इसे आगे लाने में उन की उम्दा रिसर्च टीम है, जो ग्राहकों की पसंद और चाह का बारीकी से अध्ययन कर बाजार में उत्पाद को लाती है, लेकिन इन सब के पीछे रहती हैं शुगर कौस्मैटिक्स की फाउंडर, सीईओ विनीता सिंह, जिन्होंने हमेशा अलग और यूनीक उत्पाद का ग्राहकों से परिचय करवाने की ठानी और इस मकसद में आज कामयाब हैं. हंसमुख, विनम्र और ऐनर्जेटिक विनीता से जानते हैं कैसे उन्होंने अपने उत्पाद को एक नया आयाम दिया:

शुगर कौस्मैटिक्स कंपनी को शुरू करने के पीछे आप की प्रेरणा क्या थी?

मैं ने हमेशा से सोचा है कि शुगर ऐसा ब्रैंड हो, जो हर यंग लड़की जो औनलाइन शौपिंग करती है उस के वैनिटी बैग हो. इसलिए नाम भी ऐसा हो ताकि वे अपनेआप को उस से जोड़ सकें और वह एक हाउसहोल्ड नाम हो, इसलिए मैं ने इस का नाम शुगर कौस्मैटिक्स रखा. यही मेरी प्रेरणा थी और मैं ने शुगर जैसा आसान नाम रखा, क्योंकि शुगर या मीठा खाने से आप को एक खुशी और कैलोरी मिलती है और यही मेरे ब्रैंड में भी है, जिस के इस्तेमाल से आप खुशी महसूस करती हैं.

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कैसे आगे बढ़ीं?

8 साल से हम एक ई कौमर्स कंपनी चला रहे हैं, जहां हर महीने अपने ग्राहकों को उन की चौइस के हिसाब से अलगअलग ब्रैंड के ब्यूटी प्रोडक्ट्स भेजते थे और यह मैं ने इंडिया में मार्केट ट्रैंड को देखते हुए शुरू किया था, क्योंकि अभी हमारे यहां ब्यूटी का मार्केट लगभग 6 बिलियन डौलर है, जो अगले 5 साल में

20 बिलियन डौलर हो जाएगा. बहुत तेजी से यह इंडस्ट्री बढ़ रही है, क्योंकि अब महिलाएं सुंदर और स्मार्ट दिखने के प्रति जागरूक हो रही हैं. ई कौमर्स के जरीए पता चला कि जो महिलाएं ऐसी औनलाइन शौपिंग करती हैं, उन की शिकायत थी कि उन के लिए सही उत्पाद जिस में खास कर लिपस्टिक्स उन के रंगरूप के हिसाब से नहीं मिलतीं. खासतौर पर सही न्यूड लिपस्टिक नहीं मिलती. इस के अलावा यहां की गरमी में जो प्रोडक्ट पूरे दिन होंठों पर टिका रहे ऐसा भी मिलना मुश्किल था. इन सब को फोकस करते हुए मिलेनियल के लिए कंपनी खोलने के बारे में सोचा, जो इंडियन स्किन टोन और मौसम के लिए एकदम परफैक्ट हो. साढ़े तीन सौ प्रोडक्ट्स में 100 लिपस्टिक्स ही हैं, जिन्हें किसी भी स्किन टोन की महिला लगा सकती है. लौंग लास्टिंग की गारंटी हम देते हैं.

किसी प्रोडक्ट को मार्केट तक लाने से पहले कितना रिसर्च वर्क होता है?

हमारी इन हाउस 10 से 15 लोगों की टीम है, जो प्रोडक्ट डैवलपमैंट पर काम करती है. इस के अलावा हमारे लैब जरमनी, कोरिया, इटली आदि देशों में हैं. यहां की टीम किसी फौर्मूला को भारत के हिसाब से विदेश की लैब में रिसर्च करती है. यहां टेस्टिंग की जाती है, जो भी परिवर्तन की जरूरत होती है उसे विदेश में ही किया जाता है और वहां करीब 100 लोग काम करते हैं. हमारी कंपनी की टैग लाइन है- ‘रूल द वर्ल्ड वन लुक ऐट ए टाइम’ और यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम करती है, क्योंकि जब आप मेकअप करते हैं तो आप का कौन्फिडैंस बढ़ता है, जो किसी और चीज से नहीं मिल सकता, सिंपल सी एक लिपस्टिक लगाने से भी कौन्फिडैंस मिलता है और आप कुछ भी करने से पीछे नहीं हटतीं.

आज की महिलाएं औनलाइन शौपिंग करती हैं. ऐसे में आप के लिए क्या चुनौती है?

यह सही है कि काफी ब्रैंड बाजार में हैं और सब इंडियन स्किन टोन के हिसाब से उत्पाद बनाने की गारंटी भी देते हैं. ऐसे में हमारी टीम लगातार ग्राहकों के सु झावों को फौलो करती है. हर साल हमारी कंपनी 4 प्रोडक्ट्स लौंच करती है. इस के अलावा 15 लोगों की कस्टमर डिलाइट टीम भी है. वह दिनरात ग्राहकों के संपर्क में रह कर उन की फीड बैक को रिसर्च ऐंड डैवलपमैंट टीम तक पहुंचाती है, जिस का समाधान वे लगातार करते रहते हैं. मार्केट के कंपीटिशन को भूल कर परफैक्ट लिपस्टिक और आईलाइनर, जो कंपनी का खास उत्पाद है उस पर ध्यान देती हूं ताकि ग्राहक किसी और ब्रैंड के बारे में न सोच सकें. चुनौतियां बहुत थीं, मेरा मार्केटिंग बजट कम था. रिटेलर्स तक पहुंचने में समय लगा. मैं ने ऐसे ही प्रोडक्ट रिटेलर्स को दिया. वे खुद ट्राई कर फिर हम से जुड़े. मेरा सारा मार्केटिंग वर्क मेरे प्रोडक्ट ने खुद ही किया है, जो ‘वर्ड औफ माउथ’ से हुआ है. महिलाओं के अनुभवों ने ही मु झे सब से अधिक आगे बढ़ने में सहायता की है. सारी मेहनत हम प्रोडक्ट को बेहतर बनाने के लिए करते हैं.

सही मेकअप का चुनाव किसी भी महिला के लिए कितना जरूरी है?

यहां सालों से लाइट कलर के फाउंडेशन और हलके कलर की लिपस्टिक्स आ रही हैं. गोरी रंगत को ही अधिक महत्त्व दिया जाता है. ऐसे में सांवली रंगत वाली महिलाएं मेकअप करना नहीं चाहतीं. 70 से 80% महिलाएं ऐसा ही सोचती हैं. लेकिन आज की लड़कियां अपने हिसाब से मेकअप करती हैं. मैं ने कैंपेन कर भारत के लिए 22 फाउंडेशन कलर लौंच किए. बेस सही होना बहुत जरूरी है और मैं ने ऐसी ही सोच के साथ 22 फाउंडेशन से महिलाओं को परिचित करवाया जो सब के स्किन के लिए फिट हैं.

सब से अधिक मांग किस उत्पाद की है?

लिक्विड मैट लिपस्टिक्स, मैट आईलाइनर कलैक्शन, फाउंडेशन स्टिक विद ब्रश, जो बहुत चर्चित हैं. औनलाइन के अलावा शुगर कौस्मेटिक्स की वैबसाइट पर सारे कलैक्शन मिलते हैं. सारे प्रोडक्ट एफडीए अप्रूव्ड हैं. किसी भी प्रोडक्ट में लेड, मरक्युरी आदि जीरो है.

महिला सशक्तिकरण की दिशा में आप की कंपनी क्याक्या करती है?

कंपनी की टीम में 700 से अधिक महिलाएं काम करती हैं और वे परंपरागत परिवार से हैं, पर वे अब काम कर अपने पूरे परिवार को संभालती हैं.

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आगे की प्लानिंग क्या है?

मु झे अपना डिस्ट्रीब्यूशन बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि 90% लोग औनलाइन शौपिंग करते हैं. इस के अलावा ईजी स्किन केयर प्रोडक्ट निकाल रहे हैं, जिन्हें यूथ ट्राई कर अपना अनुभव डिजिटल मीडिया पर शेयर कर सकते हैं. इस के अलावा शुगर मेकअप स्टेशन भी कई मौल में है, जहां जा कर महिलाएं मुफ्त में मेकअप आर्टिस्ट से मेकअप करा सकती हैं. अमेरिका और रशिया में भी शुगर के प्रोडक्ट मिलते हैं.

परिवार का सहयोग कितना है?

मेरे पति कौशिक मुखर्जी कंपनी के कोफाउंडर हैं. उन का सहयोग हमेशा रहता है. इस के अलावा मेरा सपोर्ट सिस्टम बहुत अच्छा है. मेरी मां मु झे सहयोग देती हैं. जब भी समय मिलता है मैं परिवार के साथ रहती हूं.

खुद को अपडेट कैसे करती हैं?

मैं काफी समय ग्राहकों, सप्लायर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ बिताती हूं. इस से फीड बैक मिला है और बहुत कुछ सीखने को मिलता है.

वजह भाग-2

पिछला भाग पढ़ने के लिए- वजह: भाग-1

अगले दिन ही कमल कुमार निशा के आगे उस की मां की शिकायत का पिटारा खोल कर बैठ गए,”कल रात तुम्हारी मां ने बड़ा अजीब व्यवहार किया. मुझे करीब भी नहीं आने दिया. बस कहने लगी कि थोड़ा समय दो. मैं रमेश के साथ ऐसा नहीं कर सकती. रमेश जो जिन्दा भी नहीं उसी के ख्यालों में खोई रही कि कहीं उसे बुरा न लग जाए. यदि ऐसा था तो मुझ से शादी ही क्यों की उस ने ?”

निशा ने किसी तरह कमल कुमार को समझाया,” आप बस थोड़ा समय दो. ममा नॉर्मल हो जाएंगी. धीरेधीरे इस नई जिंदगी की आदी बन जाएंगी. ”

मगर ऐसा हुआ नहीं. 2-3 माह गुजर गए मगर निशा की मा ने कमल कुमार को करीब नहीं आने दिया. उल्टा अब तो वह एक बाबा की शिष्या भी बन गई थी. जब देखो भजनकीर्तन के प्रोग्राम में चली जाती. वहां की सहेलियों के साथ बातों में लगी रहती. कमल कुमार इंतजार में ही रह जाता मगर निशा की मां अपना बहुत कम समय ही उसे देती. कमल कुमार को यही शिकायत रहती कि वह पत्नी की तरह व्यवहार नहीं करती और उस की शारीरिक आवश्यकता को सिरे से नकार देती है.

निशा की एक सहेली थी, कुसुम. कुसुम के 2 किशोर उम्र के बच्चे थे. पति से तलाक हो चुका था. वह अक्सर निशा के घर आतीजाती रहती थी. उस दिन भी निशा मां के पास आई हुई थी और कुसुम उस के साथ बैठी चाय पी रही थी. निशा उस से अपने सौतेले पिता कमल कुमार और मां के बीच की दूरियों का जिक्र कर रही थी. तभी कमल कुमार ने घर में प्रवेश किया. सामान्य अभिवादन के बाद भी उस की नजरें कुसुम पर टिकी रहीं. “तेरा बाप तो बड़ा ठरकी लग रहा है,” कुसुम ने आहिस्ते से कहा.

यह बात निशा को भी महसूस हुई कि वह कुसुम को ऐसे देख रहा था जैसे कोई कामुक व्यक्ति किसी खूबसूरत स्त्री को घूरता है. इस के बाद तो निशा ने और भी 2 -3 बार नोटिस किया कि कमल कुमार की नजरें कुसुम में वह स्त्री ढूंढ रही हैं जो उस की अतृप्त प्यास को बुझा सके.

एक दिन कमल कुमार के कहने पर निशा ने सब के साथ शिमला घूमने का प्रोग्राम बनाया. कुसुम और मां भी साथ थीं. निशा ने 2 कमरे बुक कराए. एक मां और कमल कुमार के लिए और दूसरा अपने और कुसुम के लिए.

शाम का समय था. निशा की मां कुछ शॉपिंग के लिए बाहर निकली हुई थी. आते समय उन्होंने खानेपीने की चीजें भी रख लीं. कमरे में निशा और कुसुम दोनों ही नहीं थे पर दरवाजा खुला हुआ था. मां ने बेटी को आवाज लगाई तो अंदर वॉशरूम से निशा चिल्ला कर बोली, “मां 2 मिनट में आ रही हूं.”

“अच्छा तू आराम से आ… ,” कहते हुए मां ने दूसरे कमरे की चाबी ली और दरवाजा खोलने लगी. दरवाज़ा खुलते ही एकदम सामने का दृश्य देख कर वह भौंचक्की रह गई.

सामने कमल कुमार बेड पर कुसुम के साथ थे. कुसुम कमल कुमार से लिपटी जा रही थी. कमल कुमार कुसुम के होंठों का चुंबन लेने में व्यस्त थे. उन दोनों को अहसास ही नहीं हुआ कि कब रीता देवी दरवाजा खोल कर सामने खड़ी हो गईं हैं. रीता देवी से यह दृश्य देखा नहीं गया और वह उलटे पांव निशा के कमरे में आ कर चीखचीख कर रोने लगी.

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निशा घबराती हुई बाहर निकली और मां से वजह पूछने लगी. रीता देवी रोते हुए केवल यही कहे जा रही थी ,” मैं नहीं जानती थी कि तेरी सहेली मेरे घर में डाका डालेगी. हाय ! कितनी बेशर्मी से दोनों … मैं यह देखने से पहले मर क्यों नहीं गई…..  निशा मैं फिर अकेली हो गई….”

निशा लगातार मां को संभालने की नाकाम कोशिश कर रही थी,” मां बात सुनो मेरी… ”

पर रीता देवी आप से बाहर हुए जा रही थी, ” तेरी सहेली ने मेरी खुशियां लूट लीं.. मैं ने सोचा भी नहीं था कि तेरी सहेली ऐसा करेगी… ”

( अगले अंक में पढ़िए कि क्या निशा को अपनी सहेली की कारस्तानी का अहसास था और आखिर क्या वजह थी कि सब जान कर भी उस ने यह सब होने दिया…)

कार लवर्स के लिए 2020 होगा शानदार

क्या आप जल्द ही कार खरीदने का प्लान कर रहे है और आपका बजट 5 से 10 लाख के बीच है , अगर हाँ तो आइये जानते हैं 2020 में लांच होने वाली कुछ पावरफुल कारों के बारे में जो 10 लाख के अंदर के बजट में आसानी से मिल जाएँगी.

1. Hyundai New Elite i20

2020 हुंडई एलीट i20 मौजूदा कार की तुलना में अधिक फीचर पैक होगा और इसमें मौजूदा मॉडल की तुलना में स्पोर्टियर डिज़ाइन भी मिलेगा. लॉन्च के समय, नए  i20 को हुंडई वेन्यू से एक एकीकृत सिम, कंसीयज सेवा और स्वचालित संस्करणों पर इंजन शुरू करने और जलवायु नियंत्रण चालू करने की क्षमता वाला ब्लूलिंक मिलेगा. लॉन्च के बाद, नई-जेन Hyundai Elite i20 अन्य प्रीमियम हैचबैक के बीच MARUTI SUZUKI BALENO, HONDA JAZZ और नई  TOYOTA GLANZA को टक्कर देगी. यह कार फरवरी २०२० में लांच हो सकती है.

आइये जानते हैं इसके कुछ पावरफुल फीचर्स के बारे में-

अनुमानित कीमत- ₹ 7-10 लाख

1.4 लीटर डीजल इंजन (max. power -88.7 bhp, max. torque-219 nm)

1.2 लीटर पेट्रोल  इंजन(max. power -81.8 bhp, max. torque-114 nm)

सिंगल जोन क्लाइमेट कंट्रोल सिस्टम

रियर एयरकॉन वेंट्स

सनरूफ

छह एयरबैग

डिस्क ब्रेक

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2. Tata Altroz

टाटा ने भारत के लिए अल्ट्रोज़ हैचबैक का अनावरण किया है. Tata altroz, Hyundai ELITE i20 (जो BS6-compliant इंजन के साथ आता है) की कड़ी प्रतिद्वंदी साबित होगी. टाटा ने अल्ट्रोज़ की कीमतों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन हमें उम्मीद है कि इसकी अनुमानित कीमत 5.5 लाख से 8.5 लाख रुपये के बीच होगी. यह कार फरवरी २०२० में लांच हो सकती है.

आइये जानते हैं इसके कुछ पावरफुल फीचर्स के बारे में-

अनुमानित कीमत: ₹5.5-8.5 लाख

1.5 लीटर डीजल इंजन (max. power -90 bhp, max. torque-200 nm)

1.2 लीटर पेट्रोल इंजन (max. power -80 bhp, max. torque-115 nm)

अनुमानित माइलेज 18-24

सेंट्रल लॉकिंग, पॉवर स्टीयरिंग

एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले के साथ 6-स्पीकर हरमन साउंड सिस्टम

5-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन

कीलेस एंट्री और ऑटोमैटिक हेडलैंप्स

क्रूज नियंत्रण

एयर बैग्स (कुछ मॉडल्स में)

ABS (कुछ मॉडल्स में)

EBD (कुछ मॉडल्स में)

345 लीटर बूट स्पेस

3. Tata Nexon

टाटा मोटर्स ने  Nexon  फेसलिफ्ट का परीक्षण शुरू कर दिया है. यह मॉडल बीएस-6 इंजन के साथ आएगा . कार में कई नए और अपडेटेड फीचर्स के साथ नए इंटीरियर के आने की संभावना है. मॉडल का अनावरण 2020 ऑटो एक्सपो में किया जाएगा, जिसके बाद उसी वर्ष में लॉन्च किया जाएगा .इसकी अनुमानित कीमत लगभग 6.80 लाख से 8.5 लाख के बीच होगी.

आइये जानते हैं इसके कुछ पावरफुल फीचर्स के बारे में-

अनुमानित कीमत: ₹6.60 -8.5 लाख

1.2-लीटर Revotron पेट्रोल और 1.5-लीटर Revotorq डीजल इंजन

बीएस 6 इंजन

प्रोजेक्टर हेडलैम्प्स के साथ नई शार्पर एलईडी डे-टाइम रनिंग लाइटें

रिडिजाइन किया गया बोनट

नई फॉग लाइट्स और एक नया एयर डैम

क्रूज़ कंट्रोल

6 स्पीड मैनुअल यूनिट और AMT

4. Maruti Suzuki New Vitara Brezza

मारुति सुजुकी विटारा ब्रेज़ा फेसलिफ्ट को अगले कुछ महीनों में भारत में लॉन्च किया जाएगा. कॉम्पैक्ट एसयूवी में आगे और पीछे के प्रारूप में काफी बदलाव होंगे. नई विटारा ब्रेज़ा नए सिरे से फ्रंट बंपर, नई ग्रिल और री-प्रोफाइल्ड रियर बम्पर के साथ आएगी. SUV में हुड पर एयर इनटेक का स्कूप होगा, जबकि टेल लैंप्स के इनरल्स को भी संशोधित किया जाएगा. यह कार फरवरी 2020 में लांच हो सकती है.

आइये जानते हैं इसके कुछ पावरफुल फीचर्स के बारे में-

अनुमानित कीमत: ₹7-12 लाख

1.5 लीटर डीजल इंजन (max.power -88.5 bhp, max. torque-200 nm)

1.2 लीटर पेट्रोल  इंजन(max. power -82 bhp, max.torque-113 nm)

फ्यूल कैपेसिटी-48 लीटर

बूट स्पेस -328 लीटर

बीएस 6 इंजन

डुअल एयरबैग

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सनरूफ

EBD के साथ ABS

स्पीड अलर्ट सिस्टम

फ्रंट सीट बेल्ट रिमाइंडर

बॉश-सोर्सेड स्मार्टप्ले स्टूडियो इंफोटेनमेंट सिस्टम

हैलोजन- एलईडी हेडलैंप

छह-स्पीड मैनुअल/आटोमेटिक गियरबॉक्स

5. Mahindra New Thar

नई पीढ़ी के महिंद्रा थार को कुछ मौकों पर परीक्षण में शामिल किया गया है. नए थार में आउटगोइंग मॉडल की तुलना में लंबी और चौड़ी बॉडी होगी. जैसा कि मसालेदार छवियों में देखा गया है.

इंटीरियर के लिए, नए थार में सभी नए डैशबोर्ड के साथ आधुनिक अंदरूनी सुविधा होगी. इसके अलावा, SUV में बड़े MID के साथ ट्विन-पॉड इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलेगा, जबकि एयर-कॉन कंट्रोल स्विच और सीट्स बिल्कुल नए होंगे . यह कार फरवरी २०२० में लांच हो सकती है.

आइये जानते हैं इसके कुछ पावरफुल फीचर्स के बारे में-

अनुमानित कीमत -₹ 8-10 लाख

बीएस 6 इंजन

2.0-लीटर डीजल इंजन (max. power -105 bhp, max. torque-247 nm)

ट्रांसमिशन -मैन्युअल

6-स्पीड गियरबॉक्स

डुअल एयरबैग

EBD के साथ ABS

पार्किंग सेंसर

स्पीड अलर्ट सिस्टम

सीट बेल्ट रिमाइंडर

ट्विन-पॉड इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर

एयर-कॉन कंट्रोल स्विच

6. KIA QY

किआ मोटर का अगला मॉडल QYI कॉम्पैक्ट स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (SUV) है, जिसका अनावरण 2020 में भारत में किया जाएगा. यह हुंडई वेन्यू के प्लेटफॉर्म पर आधारित होने की संभावना है. सेल्योस और आगामी कार्निवाल एमपीवी के बाद क्यूवाई भारत में किआ की तीसरी कार होगी. इसके प्रतिद्वंद्वियों में विटारा ब्रेज़ा, टाटा नेक्सन, महिंद्रा XUV300 और फोर्ड इकोस्पोर्ट शामिल हैं. हम उम्मीद करते हैं कि यह Kia Stonic का एक नया स्वरूप होगा, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिक्री पर एक और कॉम्पैक्ट क्रॉसओवर होगा. यह 2020 के अंत तक हमारे पास आ सकता है.

आइये जानते हैं इसके कुछ पावरफुल फीचर्स के बारे में-

अनुमानित कीमत-₹ 7-10 लाख

1.5 लीटर डीजल इंजन

ट्रांसमिशन -मैन्युअल

बॉडी टाइप-SUV

बीएस 6 इंजन

वायरलेस-चार्जिंग और सनरूफ

क्रूज नियंत्रण और एंड्रॉइड ऑटो और ऐप्पल कारप्ले के साथ एक 8 इंच टचस्क्रीन

7. RENAULT TRIBER

मजबूत डिजाइन, आकर्षक स्टाइल और आधुनिक तकनीकी के साथ, नया रेनॉल्ट ट्राइबर मार्किट में आने के लिए तैयार है. एक अद्वितीय और नवीनतम पीढ़ी के मॉड्यूलर प्लेटफॉर्म पर तैयार किया गया, नया रेनॉल्ट ट्राइबर आपकी राइड को बहुत ही सुविधाजनक बनाएगा , इसके अलावा, नया डुअल वीवीटी एनर्जी इंजन परफॉर्मेंस और फ्यूल इकोनॉमी का एक सही संतुलन प्रदान करेगा .

नया रेनॉल्ट ट्राइबर इनोवेटिव ईज़ीफिक्स सीट्स के साथ आता है जो तुरंत कार को 6-सीटर या 7-सीटर में बदल देता है और आपको अपने पूरे ग्रुप को साथ ले जाने की अनुमति देता है.

आइये जानते हैं इसके कुछ पावरफुल फीचर्स के बारे में-

अनुमानित कीमत-₹ 7-10 लाख

बीएस 6 इंजन

7 सीटर

ट्रांसमिशन -मैन्युअल

बूट स्पेस -84 लीटर

1.0 लीटर पेट्रोल इंजन

LED डीआरएल (डे-टाइम रनिंग लाइट)

14-इंच के अलॉय व्हील

रियर डिफॉगर और वाइपर

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पुश बटन स्टार्ट / स्टॉप

रियर कैमरा

दो फ्रंट ट्वीटर

कीलेस एंट्री 

ऐसे नहाने का मजा ही कुछ और है

रोज नहाना हमारे स्वास्थ्य और स्किन के लिए बेहद जरूरी होता है. अधिकांश लोग जल्दी-जल्दी में नहाते हैं क्योंकि उनका मानना होता है कि इसमें क्यों समय बर्बाद करें . लेकिन क्या आप जानते हैं कि नहाने के तरीकों का भी हमारी स्किन पर असर पड़ता है. यानी अगर हम सही प्रकार से नहीं नहाएंगे  तो ,चाहे कितना ही महंगा उत्पाद इस्तेमाल कर लें ,  उसके बावजूद भी हमारी स्किन को वह पोषण नहीं मिलेगा जो मिलना चाहिए. आइए जानते हैं कि नहाते समय रूखी और बेजान स्किन के लिए क्या करें.

सही प्रोडक्ट का उपयोग

नहाने के अधिकांश उत्पादों में अधिक मात्रा में केमिकल होते हैं ,जो शरीर की रूखी स्किन को और अधिक रूखा बना सकते हैं. रूखी स्किन पर उनके इस्तेमाल से स्किन और रूखी हो जाती है .इसलिए हानिकारक केमिकल युक्त पदार्थों के स्थान पर माइल्ड सोप, मिल्क, क्रीम ,हल्दी पाउडर या बेसन व दूध का उपयोग करना बेहतर होता है. इसके साथ ही साधारण साबुन के बजाय क्रीम बाथिंग बार या माश्चराइजिंग बॉडी वॉश का इस्तेमाल किया जा सकता है .इन के उपयोग से स्किन में नमी आती है व स्किन सुंदर होती है और निखार भी बढ़ता है.

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करें सही चुनाव

आपको ऐसे फेस वाश का उपयोग करना चाहिए, जिसमें माश्चराइजिंग गुण हो. अगर आप अच्छी किस्म के माश्चराइजिंग फेस वौश का इस्तेमाल करते हैं तो ,आपकी स्किन में सूखापन नहीं आता और रोम छिद्र भी साफ हो जाते हैं .वही सामान्य फेस वाश चेहरे की स्किन को साफ तो करता है पर नमी को खत्म कर देता है .

हर बार न लें  बबल बाथ

बाथ टब में खूब सारे बबल्स के साथ नहाने का मजा ही कुछ और होता है. लेकिन क्या आपको मालूम है कि आप के बाथ टब में मौजूद यह ढेर सारे बबल्स ,आपकी स्किन की नमी को बरकरार रखने वाले ,जरूरी तेलों को छीन लेते हैं और स्किन को रूखा बना देते हैं. इसलिए बजाए बबल बाथ लेने के ,आप अपने स्नान  में दलिया और दूध पाउडर का उपयोग करें .ऐसा करने से आपकी स्किन का तेल बना रहेगा और रूखे पन की समस्या नहीं होगी. साथ ही नहाने के बाद स्किन को खुद सूखने दें. इसे रगड़े नहीं. रगड़कर सुखाने से स्किन में रूखापन आ जाता है.

उपयोग करें नहाने के बाद

भले ही आप कितने ही अच्छे बौडी वाश का इस्तेमाल क्यों ना कर लें ,  शरीर की स्किन से कुछ मात्रा में नमी कम हो ही जाती है .इसलिए स्किन की नमी बरकरार रखने के लिए नहाने के बाद माश्चराइजिंग बॉडी लोशन का इस्तेमाल जरूर करें. अच्छे बौडी लोशन से आपकी स्किन में नमी बनी रहती है. इसके अलावा आप नहाने से पहले  आयल मसाज भी कर सकते हैं.

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छोटी सरदारनी: क्या परम का डर बन जाएगा मेहर के बच्चे के लिए मुसीबत

कलर्स के शो छोटी सरदारनी मे जहां मेहर, सरब और परम की जिंदगी से जुड़ती जा रही है तो वहीं सरबजीत का परिवार भी मेहर को अपना चुका है, लेकिन शो में अब जल्द ही नए ट्विस्ट देखने को मिलने वाले हैं. आइए आपको बताते हैं परम का कौन सा डर मेहर के बच्चे के लिए मुसीबत बनने वाला है…

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पहले प्यार को भूलकर आगे बढ़ेगी मेहर


पिछले एपिसोड में आपने देखा कि मेहर को धीरे-धीरे फैमिली को अपनाने लगी है. इसी के साथ मेहर अपने अतीत मानव को भी भुलाने की पूरी कोशिश कर रही है.

क्या परम का डर बन जाएगा मेहर के बच्चे के लिए मुसीबत

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आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि परम दूसरा भाई या बहन नही चाहता, जिसके पीछे कारण है उसका डर. दरअसल, परम के मन में ये डर आ गया है कि अगर उसकी मेहर मम्मा ने बच्चे को जन्म दिया तो वह मर जाएगी और वह उसकी जिंदगी से दूर हो जाएगी.

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अब देखना ये है कि मेहर और सरब किस तरह परम को मना पाते हैं? जानने के लिए देखते रहिए ‘छोटी सरदारनी’, सोमवार से शनिवार, शाम 7:30 बजे, सिर्फ कलर्स पर.

व्हाइट सौस वैज इन राइस

सर्दियों में अगर टेस्टी और हेल्दी रेसिपी बनाना चाहते हैं तो व्हाइट सौस वैज इन राइस की ये रेसिपी आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. ये कम समय में आसानी से बनने वाली रेसिपी है.

हमें चाहिए

– 1 बड़ा चम्मच मक्खन

– 1 बड़ा चम्मच मैदा

– 1 कप दूध

– 1/2 प्याज कटा

– 8-10 बींस

– 1 गाजर

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– आधी शिमलामिर्च कटी

– 5-6 गोभी के टुकड़े

– 2-3 सिंघाड़े

– 1/2 कप पके चावल

– 2 बड़े चम्मच चीज कसा

– 1/2 छोटा चम्मच कालीमिर्च कुटी

– नमक स्वादानुसार.

बनाने का तरीका

–  सिंघाड़े छील कर टुकड़ों में काट लें. बींस, गाजर, गोभी व सिंघाड़े के टुकड़ों को स्टीम कर लें.

– कड़ाही में मक्खन गरम कर प्याज, शिमलामिर्च भूनें. इसी में 1 बड़ा चम्मच मैदा भूनें और धीरेधीरे 1 कप दूध डालें ताकि गांठें न पड़ें.

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– अब स्टीम की सारी सब्जियां डालें. नमक, कालीमिर्च व चावल डाल कर मिक्स करें.

– सर्विंग प्लेट में निकाल कर कसी चीज डाल सर्व करें.

शुभारंभ: राजा-रानी की मुलाकात से होगा एक नई दोस्ती का शुभारंभ

कलर्स चैनल पर आने वाले शो ‘शुभारंभ’ में दो अलग-अलग स्वभाव के राजा-रानी की कहानी में जल्द ही नया मोड़ नजर आने वाला है. शो मे राजा-रानी जितना एक-दूसरे के पास हैं, उतना ही एक दूसरे से दूर हैं. वहीं अब शो में दोनों की ये दूरी खत्म होने वाली है. आइए आपको बताते हैं कि कैसी होगी राजा-रानी की ये खास मुलाकात…

रानी की तलाश में है राजा

अब तक आपने देखा कि राजा, रानी को सोशल मीडिया पर ढूंढकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता है. इसी के साथ रानी की तलाश करते हुए राजा का सामना रानी के पिता छगन से हो जाता है.

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रानी ने नहीं किया राजा पर भरोसा

रानी की तलाश करते हुए राजा को गरबा प्रतियोगिता के दौरान रानी मिल जाती हैं जहाँ दीपन के असली रूप के बारे में राजा, रानी को बताने की कोशिश करता है, लेकिन रानी उसपर भरोसा नही करती.

रानी का टूटेगा दिल

आज आप देखेंगे कि जब रानी को दीपन के बुरे इरादों का पता चलेगा तो रानी को एहसास होगा कि राजा पर भरोसा ना करके उसने गलती की है और उसे इस बात का बेहद पछतावा भी होगा.

क्या राजा बनेगा रानी का डांस पार्टनर

दीपन के इरादों को जानने के बाद जहाँ एक तरफ रानी का दिल टूटेगा वहीं डांस प्रतियोगिता में पार्टनर नही होने से वह निराश हो जाएगी. लेकिन राजा-रानी का डांस पार्टनर बनने के लिए तैयार हो जाएगा और दोनों प्रतियोगिता जीत जाएंगे. वहीं राजा की भेजी हुई फ्रेंड रिक्वेस्ट को रानी कबूल कर लेगी.

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अब देखना ये है कि राजा-रानी की ये दोस्ती दोनों को किस मोड़ पर ले जाती है. जानने के लिए देखते रहिए शुभारंभ’, हर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे सिर्फ कलर्स पर.

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