अंधविश्वास का जाल, पंडे पुजारी हो रहे मालामाल

केस 1

समय: सुबह के 5-6 के बीच का

महिलाओं के लिए खासतौर पर फोन घनघनाने लगे. ये फोन दैवीय चमत्कार बताने के लिए थे. सूचना मिली कि घरों में रखे दैनिक उपयोग के पत्थरों से बने औजारों जैसे सिल व बट्टा तथा अनाज पीसने वाली चक्की के पाट अपनेआप किसी दैवीय शक्ति के बूते टंक गए हैं. बताया गया कि ऐसा प्रतीकात्मक रूप से पत्थर द्वारा निर्मित देवीदेवताओं की पूजा में अरुचि के कारण देवी की नाराजगी से हुआ है. जो व्यक्ति पूजाअर्चना नहीं करेगा वह गंभीर संकट से घिर जाएगा. बस फिर क्या था. महिलाएं झटपट पत्थर से बने उन औजारों को देखने भागीं. जिस के औजारों में थोड़ा भी परिवर्तन था वह इसे दैवीय शक्ति का प्रभाव मान बैठी और फिर तुरंत पूजाअर्चना शुरू कर दी. कुछ ही घंटों में यह बात जंगल में लगी आग की तरह कई जिलों में फैल गई और फिर कई हफ्तों तक बदस्तूर जारी रही. यह अंधविश्वास का एक नमूना भर है, जिसे पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के जनपदों खासकर इलाहाबाद, कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कानपुर, रायबरेली, अमेठी आदि के ग्रामीण क्षेत्रों में खूब प्रसारित किया गया.

केस 2

स्थान: केस 1 के सभी क्षेत्र. समय: शाम के 7-8 बजे के बीच का

ग्रामीण महिलाओं के पास खबर आने लगी कि देवी सपने में आई और बोली कि मेरा पूजन करो, बहनबेटियों के यहां साडि़यां और पकवान बना कर भेजो, दानदक्षिणा दो. इस से घर में बरकत बढ़ेगी.

केस 3

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद के अरखा गांव के निकट एक गाय ने विकृत आकृति वाला बच्चीनुमा बछड़ा जना. स्थानीय महिलाओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा. देखते ही देखते फूलमालाएं, प्रसाद और पैसा चढ़ने लगा. 2 दिनों के बाद गाय के बच्चे की मौत हो गई.

केस 4

इस बार उत्तर प्रदेश के ही कौशांबी जनपद के सराय अकिल थाने के अंतर्गत मायाराम का पुरवा गांव में मल्हू की पत्नी कौशल्या देवी ने विकृत आकृति का बच्चा जना. उसे देखने स्थानीय महिलाओं का हुजूम उमड़ पड़ा. प्रसाद, पैसों और फूलमालाओं का ढेर लग गया. कुछ ही दिनों में बच्चे की मौत हो गई.

केस 5

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जनपद में धमधमा गांव स्थित 2 बंदर भिड़ गए और किसी कारण दोनों की मौत हो गई. बस इसी को बालाजी का चमत्कार मान लिया गया और बंदरों की याद में एक मंदिर बना कर धर्म के नाम पर धंधेबाजी शुरू हो गई, जो अभी तक बदस्तूर जारी है.

इन उदाहरणों को देख यह पता चलता है कि बड़े पैमाने पर पाखंड के नाम पर ठगी का यह नया तरीका है, जिसे निठल्ले एवं पाखंड फैलाने वालों ने निकाला है. इन का सब से आसान शिकार ग्रामीण महिलाएं हैं. दरअसल, इन दिनों पत्रपत्रिकाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं में भी थोड़ी जागरूकता आई है, जिस से पूजापाठ और धर्म के नाम पर ठेकेदारी करने वालों का धंधा भी थोड़ा मंदा हो चला है. इसीलिए अब पाखंडी और निठल्ले लोगों ने पैतरा बदल कर गरीब जनता को इस तरह ठगने के नायाब तरीके ढूंढ़ लिए.

पंडेपुजारियों की मौज: धर्म की आड़ में इस प्रकार के अंधविश्वासों को प्रसारित करने से धर्म के ठेकेदारों यानी पंडेपुजारियों का तो भला होता ही है, पूजन आदि की सामग्री बेचने वाले भी इस से मोटा फायदा पा रहे हैं. उधर गरीब जनता इन धंधेबाजों के जाल में फंस कर दिनबदिन कंगाल होती जा

रही है.

ठगी का जाल: अगर इस तरह पूजापाठ करने, दानदक्षिणा देने से भला होता तो अब तक देश विकसित हो चुका होता. दान देने और पूजापाठ करने वाले कभी गरीब नहीं होते, कोई बेऔलाद न रहता, हर कोई बिना पढ़े पास हो जाता, कभी कोई बीमार न पड़ता यानी पूजापाठ करने वाले सभी लोग हर तरह के क्लेश से मुक्त हो जाते. मगर काबिलेगौर बात यह है कि लाखोंकरोड़ों लोगों के पूजा करने के बाद भी चारों तरफ गरीबी व्याप्त है. इस का सीधा मतलब है कि पंडेपुजारियों के झांसे में आ कर कुछ करना ठीक वैसे ही है जैसे अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी मारना. ऐसे ज्यादातर मामले गांवों से जुड़े होते हैं. चूंकि गांवों में अभी भी अशिक्षित महिलाओं की बड़ी संख्या है. इसीलिए भेड़चाल में सुनीसुनाई बातों में आ कर वे ठगी का शिकार हो जाती हैं. चूंकि ये सारी सूचनाएं वे अपने सगेसंबंधियों और पड़ोसियों से पाती हैं, इसलिए बाद में उन के पास पछताने के सिवा और कुछ नहीं बचता है.

पत्थर से बने औजारों जैसे सिल व बट्टा आदि का अपनेआप दैवीय शक्ति के बूते टंक जाने के संदर्भ में इलाहाबाद स्थित मोती लाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफैसर डा. आर. सी. वैश्य का मानना है कि अत्यधिक गरमी के कारण अकसर स्टोन कमजोर हो जाते हैं जिस से वे टूट भी सकते हैं. स्टोन के कमजोर होने के ही कारण वे टंकाई जैसे प्रतीत हो रहे होंगे. अत: अफवाहों पर कभी भरोसा न करें.

इसी प्रकार जानवर या महिला द्वारा गणेश जैसे आकार में बच्चा जनने की बाबत रायबरेली के प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं अंधविश्वास के खिलाफ मुहिम छेड़ने वाले डा. आर.पी. मौर्य बताते हैं कि जीन उत्परिवर्तन, जैनेटिक स्ट्रक्चर की गड़बड़ी, जन्मजात विसंगति या विकासात्मक विसंगति बच्चे के विकृत आकृति में पैदा होने की वजह हो सकती है. विकासात्मक विसंगति के कारण कभीकभी कोई अंग कम या ज्यादा विकसित हो जाता है तो लोग उसे गणेश या अन्य किसी का अवतार मान बैठते हैं.

समाज में व्याप्त अन्य प्रकार के अंधविश्वासों की बाबत डाक्टर मौर्य कहते हैं कि ग्रामीण महिलाओं को गुमराह करने में भारत की पुरोहिती व्यवस्था नंबर 1 पर है. गुमराह करने वाले यानी धर्म के धंधेबाज यह अच्छी तरह जानते हैं कि वे जितने लोगों को अंधविश्वास के जाल में जकड़ेंगे उतना ही ज्यादा उन का फायदा होगा. यह पूरा सिस्टम पैसों के लिए होता है. अगर पूजापाठ में पैसे का चलन बंद हो जाए तो अंधविश्वास भी बंद हो जाए. सरकारी अथवा गैरसरकारी संस्थानों को समयसमय पर फैलने वाले इस तरह के अंधविश्वासों के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहिए.

चटपटे गलौटी गोलगप्पे

सामग्री

– 100 ग्राम मटन कीमा

–  50 ग्राम प्याज बारीक कटा

– 30 ग्राम काजू के टुकड़े

– 2 छोटे चम्मच देशी घी

– थोड़ा सा केसर

– गोलगप्पे जरूरतानुसार

– 100 ग्राम दही

– नमक व लालमिर्च पाउडर स्वादानुसार

– थोड़ीथोड़ी सोंठ व पुदीना चटनी

– थोडे़ से अनारदाने व महीन सेब गार्निशिंग के लिए.

विधि

प्याज, काजू, केसर, लालमिर्च पाउडर व नमक को कीमे के साथ मिला कर देशी घी में अच्छी तरह फ्राई कर के मटन गलौटी तैयार कर लें. तैयार मटन गलौटी को गोलगप्पों में फिल करें और ऊपर से दही, चटनी, सेब व अनारदाने से गार्निश कर परोसें.

व्यंजन सहयोग

ऐग्जीक्यूटिव शैफ चिंतामनी आर्या

आंच, दिल्ली

उम्मीद की किरण जगाता ‘होप लोन्स’

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने स्पेशल फाइनैंसिंग स्कीम ‘होप लोन्स’ की घोषणा की. इसके तहत ग्राहक बहुद कम दरों पर लोन सुविधा ले सकते हैं. बैंक ने एक बयान में यह जानकारी दी है.

इसमें कहा गया है, ‘उधारी दर की सीमांत लागत (एमसीएलआर) में कमी के कारण घटी ब्याज दरों का लाभ होप लोन्स योजना में मिलेगा. उदाहरण के रूप में 50 लाख रुपये के होम लोन पर 30 साल की अवधि के लिए लगभग 3.5 लाख रुपये की बचत होगी.’ एमसीएलआर में कमी से बैंक के होम लोन की प्रभावी दर महिलाओं के लिए 9.25 प्रतिशत जबकि पुरुषों के लिए 9.30 प्रतिशत होगी.

एसबीआई ने बताया कि अब कार लोन पर कोई प्रोसेसिंग फी नहीं ली जाएगी. साथ ही जिन्होंने एसबीआई द्वारा मंजूर प्रॉजेक्ट्स पर होम लोन ले रखा है, वो अगर घर के ट्रांसफर के लिए आवेदन दे रहे हैं तो उन्हें भी फी से छूट का फायदा मिलेगा. एसबीआई का कहना है कि वह होम और ऑटो, दोनों लोन्स पर सबसे कम ब्याज लेता है और ‘होप लोन्स’ ने इसमें और भी कटौती कर दी है.

बैंक ने बताया कि 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2016 के दौरान दिए गए हरेक होम, ऑटो और पर्सनल लोन पर वह शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण के क्षेत्र में देश भर में काम करने वाले स्वयं सेवी संगठनों (एनजीओज) को कुछ पैसे देगा. स्टैट बैंक के डिजिटल वॉलिट से भी किए गए लेनदेन भी इस नई पहले के अधीन आएगें.

बयान में कहा गया है, ‘होप लोन्स की अवधारणा पेश करने का बड़ा मकसद अपने ग्राहकों में एसबीआई के मजबूत और विश्वसनीय ब्रैंड के साथ होने का भरोसा दिलाना है ताकि सुविधाहीनों में उम्मीद की किरण जगे.

देश जहां नहीं होती है रात

हम सभी कभी न कभी यह जरूर सोचते हैं कि अगर सूरज न अस्त हो तो कितना अच्छा होगा. मगर सूरज के आगे किसकी चलती है. वह अपनी मर्जी से निकलता है और अपनी मर्जी से अस्त भी होता है. लेकिन दुनिया में कुछ ऐसी जगहें जरूर हैं जहां सूरज अस्त नहीं होता और वहां रात नहीं होती. जानिए ऐसी ही जगहों के बारे में.

नॉर्वे

यह देश आर्क्टिक सर्कल के अंदर आता है. इसे मध्य रात्रि का देश भी कहा जाता है. मई से जुलाई के बीच करीब 76 दिनों तक यहां सूरज अस्त नहीं होता. बेशक इस अनुभव को वहां जाकर ही महसूस किया जा सकता है.

स्‍वीडन

स्‍वीडन में तो करीब 100 दिनों तक सूर्य अस्त नहीं होता. यहां मई से अगस्‍त तक सूरज नहीं डूबता. और जब ढलता है तो आधी रात को. फिर सुबह 4:30 बजे तक निकल भी आता है.

आइसलैंड

ग्रेट ब्रिटेन के बाद यह यूरोप का सबसे बड़ा आईलैंड है. यहां आप रात में भी सूरज की रोशनी का आनंद ले सकते हैं. यहां 10 मई से जुलाई के अंत तक सूरज नहीं डूबता है.

कनाडा

दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश जो साल में लंबे अर्से तक बर्फ से ढका रहता है. हालांकि यहां के उत्तरी-पश्च‍िमी हिस्से में गर्मी के दिनों में 50 दिनों तक सूरज लगातार चमकता भी है.

फिनलैंड

हजारों झीलों और आइलैंड्स से सजा हुआ यह देश काफी सुंदर और आकर्षक है. गर्मी के मौसम में यहां करीब 73 दिनों तक सूरज अपनी रोशनी बिखेरता रहता है. घूमने के लिहाज से यह देश काफी अच्छा है.

अलास्का

यहां मई से जुलाई के बीच में सूरज नहीं डूबता है. अलास्का अपने खूबसूरत ग्लेशियर के लिए जाना जाता है. अब कल्पना कर लें कि मई से लेकर जुलाई तक बर्फ को रात में चमकते देखना कितना रोमांच भरा हो सकता है.

हेल्दी है गारबेज फ्राइज

सामग्री

– 1 बड़ा चम्मच रिफाइंड औयल

– 10 ग्राम लहसुन बारीक कटा

– जरूरतानुसार लाल, हरी व पीली शिमलामिर्च बारीक कटी

– सफेद व कालीमिर्च स्वादानुसार

– 1 प्याज बारीक कटा

– चिली फ्लैक्स स्वादानुसार

– 1 बड़ा चम्मच टोमैटो सौस

– 15 ग्राम मोजरेला चीज

– 80 ग्राम फ्रैंच फ्राइज

– 60 ग्राम सोया बड़ी

– नमक स्वादानुसार

– जरूरतानुसार औयल फ्रैंच फ्राइज तलने के लिए

विधि

एक पैन में तेल गरम कर के लहसुन, प्याज, शिमलामिर्च, चिली फ्लैक्स, टोमैटो सौस और सोया बड़ी डाल कर कुछ देर फ्राई करें. अब इस में सफेद व कालीमिर्च और नमक मिला कर सौस तैयार कर लें. फ्रैंच फ्राइज को तलने के बाद सर्विंग प्लेट में निकालें और ऊपर से तैयार की गई सौस व चीज डाल कर 2 मिनट बेक कर गार्लिक ब्रैड के साथ परोसें.           

व्यंजन सहयोग

ऐग्जीक्यूटिव शैफ चिंतामनी आर्या

आंच, दिल्ली

ऐश्वर्या करना चाहती हैं सलमान के साथ काम!

सलमान खान और ऐश्वर्या राय एक बार फिर सिल्वर स्क्रीन पर साथ नजर आ सकते हैं. हालांकि ऐश्वर्या ने सलमान के साथ फिल्म करने को लेकर एक शर्त रखी है. ये शर्त अगर पूरी होती है, तो ऐश्वर्या को सलमान के साथ स्क्रीन शेयर करने में कोई परेशानी नहीं है. हालांकि सलमान के इस बारे में क्या विचार हैं, वो अभी सामने नहीं आए हैं.

ये खुलासा फिल्म समीक्षक राजीव मसंद ने अपने कॉलम में किया है. इसके अनुसार ऐश्वर्या राय बच्चन चाहती हैं कि सलमान खान के साथ कोई फिल्म करें. जी हां. ऐश्वर्या ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ऐसी इच्छा जाहिर तो की है. वो पुरानी बातों को भूलकर सलमान के साथ काम करने के लिए तैयार हैं.

यह बात इसके बिल्कुल उलट है जिसमें लंबे समय से कहा जा रहा था कि ऐश्वर्या अपने एक्स-लवर के साथ कोई प्रोजेक्ट नहीं करना चाहती हैं. तो फिर मतलब ऐश्वर्या जल्द ही अपनी फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को प्रमोट करने के लिए सलमान खान के शो ‘बिग बॉस 10’ पर आएंगी?

मसंद ने संकेत दिए है कि ऐश्वर्या ने अपने करीबियों के बीच इस मामले पर स्पष्ट रुख रखा है कि वो सलमान खान के साथ तभी फिल्म करने के लिए राजी होंगी जब स्क्रिप्ट और डायरेक्टर असाधारण हो. मगर अभी सलमान ने अपनी ओर से इस बारे में ऐसी कोई राय नहीं दी है. फैन्स को इंतजार करना पड़ सकता है.

बीते दिनों यह भी चर्चा थी कि ऐश किसी भी हालत में सलमान के शो ‘बिग बॉस 10’ पर फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को प्रमोट करने नहीं आना चाहती हैं. मगर मसंद ने कहा है कि इस बारे में बताया गया है कि सलमान और ऐश्वर्या की ओर से ऐसी कोई बात नहीं कही गई है कि शो पर साथ आने में दोनों को किसी भी तरह से कोई दिक्कत है. मतलब दोनों ही सितारे शायद पुरानी बातों को भुलाना चाहते हैं.

ऐसी स्थिति में तो फैन्स सिर्फ यह कल्पना ही कर सकते हैं कि दोनों सितारे एक बार फिर बड़े परदे पर साथ नजर आएंगे. मगर यह करिश्मा तो फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली ही कर सकते हैं.

ऋषि को घर में पड़ते हैं बीवी के जूते!

पॉपुलर होस्ट सिमी ग्रेवाल का टॉक शो ‘रॉन्डेवू विद सिमी ग्रेवाल’ के नए सीजन का ट्रेलर रिलीज हो गया है. ऋषि कपूर और नीतू कपूर इसके गेस्ट होंगे. शो के दौरान ऋषि-नीतू की लव-स्टोरी, दोनों की नोकझोंक, इनकी केमिस्ट्री और ऋषि-रणबीर के रिश्तों पर जोड़ी खुलकर बात करती दिखाई देगी.

ट्रेलर में नीतू ने उड़ाई ऋषि की खिल्ली

लगभग 2 मिनट का यह ट्रेलर सिमी ग्रेवाल के ऑफिशियल यू-ट्यूब पेज पर अपलोड किया गया है. इसमें नीतू अपने पति ऋषि की जमकर खिल्ली उड़ाती दिख रही हैं. हालांकि, ऋषि भी मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं.

सिमी का सवाल: शुरुआती दिनों में आपको ऋषि कैसे लगते थे?

नीतू का जवाब: हॉरिबल

सिमी का सवाल: क्या वे बहुत पजेसिव थे?

नीतू का जवाब: अब तो और भी ज्यादा हो गए हैं.

इसपर ऋषि बोले: हसबैंड डरा हुआ महसूस करता है जब उसकी बीवी पिटाई करती है. तो जूते घर में पड़ते हैं, इसलिए ऐसा हूं.

सिमी का सवाल: क्या वो (ऋषि) भरोसेमंद हैं?

इस सवाल पर नीतू ने कुछ अजीब एक्सप्रेशन्स दिए.

इसपर ऋषि बोले: ये बहुत सयानी है.

सिमी का सवाल: अगर आपको चांस मिला तो क्या आप दोबारा चिंटू जी (ऋषि) से शादी करना चाहेंगी?

यह सवाल सुन नीतू सोच में पड़ गईं. नीतू के इस रिएक्शन पर ऋषि बोले, यह बहुत शॉकिंग है.

ऋषि ने यह भी माना कि वे बहुत गुस्सैल हैं. उन्होंने कहा, “मुझे यह कबूलने में कोई शर्म नहीं है कि हम आज भी लड़ते हैं.”

रणबीर से रिश्तों के बारे में क्या बोले ऋषि

बेटे रणबीर कपूर से रिश्तों के बारे में ऋषि बोले, “मैं उसकी फिल्में नहीं देखता. एक शीशा है हम दोनों के बीच. हम देख रहे हैं. लेकिन एक-दूसरे को फील नहीं कर पा रहे. इसपर सिमी ने पूछा कि उन्हें आपके प्यार की जरूरत होगी तो ऋषि बोले, “मुझे डर है कि वह बहुत दूर चला गया है.”

टॉक शो में एक फैन ने पूछा कि क्या ऋषि कपूर के अंदर ऐसा कुछ है जो बाहर निकलना चाहता है? इसपर ऋषि बोले रात को चार दारू के बाद मिलना, फिर देखना क्या-क्या बाहर आता है.

कॉमेडी फिल्म करना चाहते हैं जॉन

अभिनेता-निर्माता जॉन अब्राहम का कहना है कि उन्हें मारधाड़ वाली भूमिका पसंद है, लेकिन वह घातक किरदार नहीं निभाना चाहते. जॉन ने फिल्म ‘फोर्स 2’ के ट्रेलर लांच पर कहा, “फिल्म ‘फोर्स 2’ के बाद मैं कुछ अलग करने की कोशिश कर रहा हूं. हालांकि, मुझे मारधाड़ वाली फिल्में पसंद हैं, लेकिन मैं बिल्कुल भी घातक भूमिकाएं करना नहीं चाहता. मुझे कॉमेडी पसंद है.”

निशिकांत कामत द्वारा निर्देशित फिल्म ‘फोर्स 2’, 2011 की सीक्वल जासूसी पर आधारित फिल्म है, जिसमें खलनायक (ताहिर राज भसीन) रॉ एजेंटों की हत्या करता है. फिल्म में जॉन एसीपी यशवर्धन के किरदार में हैं, जो इन हत्याओं के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को पकड़ने के मिशन पर हैं. इसमें सोनाक्षी सिन्हा भी प्रमुख भूमिका में हैं.

‘रॉकी हैंडसम’ के अभिनेता फिल्म के ट्रेलर में खतरनाक स्टंट करते दिखाई दे रहे हैं. फिल्म की शूटिंग के दौरान सामने आई परेशानियों के बारे में जॉन ने कहा, “छत पर शूट के दौरान मेरे घुटनों में चोट आई. मैंने दो बार घुटनों की सर्जरी कराई. जब भी मैं कार में बैठता था तो मदद की जरूरत पड़ती थी. जब मुंबई आया, तो एक और सर्जरी कराई.”

उन्होंने कहा, “शूटिंग के अंत में सबकुछ सही था. एक्शन करना मुश्किल होने के साथ मजेदार भी था.” फिल्म 18 नवंबर को रिलीज होगी.

जब करीना ने ठुकराया था सैफ का प्रपोजल

करीना कपूर खान और सैफ अली खान की उम्र में काफी अंतर है. सैफ ने जब करीना के सामने शादी का प्रस्ताव रखा, तो वह पहले से ही शादीशुदा थे. तो क्या यही वजह रही कि करीना ने पहले सैफ का शादी का प्रपोजल ठुकरा दिया?

करीना कपूर ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान इस बात का खुलासा किया कि जब सैफ ने उनके साथ शादी का प्रस्ताव रखा, तो उन्होंने मना कर दिया था. आज सैफ-करीना बॉलीवुड के रॉयल जोड़े के रूप में जाने जाते हैं.

यह बात लगभग सभी जानते हैं कि पांच साल तक चले लंबे अफेयर के बाद करीना और सैफ ने साल 2012 में शादी कर ली थी. करीना ने एक टीवी शो के दौरान अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात की. इस शो में उनके दोस्त और मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा भी उनके साथ आए थे.

कार्यक्रम के होस्ट ने जब करीना से पूछा कि सैफ ने उन्हें कैसे प्रपोज किया, तब उन्होंने बताया कि असल में सैफ को उन्हें दो बार प्रपोज करना पड़ा. पहली बार करीना ने उन्हें मना कर दिया था.

करीना ने बताया, ‘हमारी मुलाकात के कुछ महीनों बाद ही पेरिस में छुट्टियों के दौरान सैफ ने मुझे प्रपोज किया था. उनके पिता (पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी) ने भी उनकी मां शर्मिला टैगोर को पेरिस में ही ‘एन ईवनिंग इन पेरिस’ की शूटिंग के दौरान प्रपोज किया था.’

करीना ने बताया कि सैफ ने पहली बार पेरिस के एक होटल में प्रपोज किया था. मेरे ख्याल से हम बार में थे और मैंने उन्हें नो कहा था. इसके बाद हमारे पास उस ट्रिप में ज्यादा वक्त नहीं था. हम नॉत्रे डैम चर्च में गए और मैं कह रही थी, ‘इस बारे में बात नहीं करते, क्योंकि मैं अपने करियर पर फोकस करना चाहती थी. फिर मैंने कहा, मुझे सोचने का वक्त दो और दो दिन बाद ही मैंने हां कह दिया.’

हालांकि करीना ने यहां यह नहीं बताया कि सैफ ने उन्हें फिल्मी अंदाज में प्रपोज किया था या साधारण तरीके से. जब करीना से पूछा गया कि क्या सैफ ने घुटनों पर बैठकर प्रपोज किया था? इस पर उन्होंने कहा, ‘दरअसल, सैफ की इमेज ऐसी है, लेकिन रियल लाइफ में वह इससे बहुत अलग हैं.’

करीना कपूर ने बॉलीवुड में जीरो साइज की शुरुआत की थी. लेकिन उन्होंने बताया कि सैफ को जीरो साइज बिल्कुल भी पसंद नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मेरे पति हमेशा मुझसे कहते रहे हैं कि उन्हें जीरो साइज बिल्कुल भी पसंद नहीं है. उन्हें पतली-दुबली लड़कियां बिल्कुल पसंद नहीं आती हैं. सैफ को भरी-भरी टिपिकल इंडियन टाइप लड़कियां पसंद हैं. सैफ को Kamasutra-ish टाइप महिलाएं पसंद हैं.’

बता दें कि करीना इन दिनों प्रेग्नेंट हैं. वह दिसंबर में अपने पहले बच्चे को जन्म देने जा रही हैं. सैफ और करीना का यह पहला बच्चा होगा. वहीं प्रोफेशनल लाइफ की बात करें तो करीना इन दिनों फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ में व्यस्त हैं. वह जल्द ही इसका हालिया शेड्यूल खत्म करना चाहती हैं.

कमाल का है केरल, देखा है आपने…

किसी भी मौसम में घूमने का प्लान हो तो भारत में केरल सबसे अच्छी जगह है. यह नारियल, बेकवॉटर, संस्कृति और परंपराओं का गढ़ माना जाता है. केरल धरती पर सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है जो ‘Gods Own Country’ के नाम से भी फेमस है. फैमिली हॉलीडे हो या हनीमून के लिए जाना हो केरल दुनिया में सबसे अच्छी जगहों में से एक है.

आइए चलें इस राज्य के अनोखे सफर पर…

अलेप्पी:

केरल का यह शहर हाउसबोट पर खबसूरत सफर के लिए जाना जाता है. अल्लेपी यहां के सबसे अच्छी जगहों में से एक है. ब्रिटिश ऑफिसर लॉर्ड कर्जन अलेप्पी को ‘पूरब के वेनिस’ के रूप में मानता था. सितंबर से मई के बीच में इस जगह पर जाने का मजा कुछ अलग है. बीच के अलावा अलेप्पी में ये कुछ ऐसी जगह हैं जहां घूमा जा सकता है- अंबालापुक्षा श्री कृष्ण मंदिर, कृष्णापुरम पैलेस, मरारी समुद्र तट, अरथुंकल चर्च.

मुन्नार:

यह देश में सबसे फेमस हिल स्टेशन्स में से एक है. यहां की खूबसूरती पहाड़ी ढलानों से दिखती है. यहां चाय के बागान लगभग 80,000 मील की दूरी तक पहाड़ियों को कवर किए हुए हैं. मुन्नार में आमतौर पर ठंड होती है जो आपको आराम देगी और यह एक खास एहसास होगा.

थेक्कडी:

यहां वन्यजीव हाथी, बाघ और गौर जैसे पक्षी-जानवरों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण के लिए पेरियार एक प्रसिद्ध जगह है. इसी के साथ यहां की प्राकृतिक खूबसूरती दुनियाभर के लोगों को अपनी तरफ खींचती है. केरल के सबसे अच्छे वन्य जीवन को देखने के लिए थेक्कडी झील में नाव का सफर करना जरूरी है. आप कुछ और ज्यादा एडवेंचरस करना चाहते हैं, तो आप गवी से होते हुए थेक्कडी से मोझीयार जा सकते हैं.

कोच्चि:

यह मध्य केरल में है. केरल की बाकी जगहों पर जाने के लिए कोच्चि से आसानी होगी. यह केरल घूमने के लिए शुरुआती पड़ाव की तरह है. इस वजह से भी कोच्चि लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया.

एर्नाकुलम:

यह केरल के मॉडर्न शहरों में से एक है. एर्नाकुलम में ब्रिटिश, पुर्तगाली और डच कल्चर के मिलेजुले रंग देखने को मिलेंगे. यह दुनिया के बेहतरीन प्राकृतिक बंदरगाहों में से एक है. इसे ‘अरब सागर की रानी’ कहते हैं.

वर्कला बीच:

यह केरल में सबसे अच्छे समुद्र तटों में से एक है. वर्कला तिरुवनंतपुरम से 51 मील की दूरी पर है. यहां की नैचुरल ब्यूटी और ऊंची चट्टानें बेहद आकर्षक हैं. यहां बीच पर कई एडवेंचरस एक्टिविटीज होती हैं जैसे सनबाथ, बोटिंग, सर्फिंग और नैचुरल थेरिपी.

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