वापसी एक प्यार की: भाग 1

वंदना पीजी से निकल कर बाहर रोड पर आ गई. मोबाइल में टाइम देखा. 8 बज रहे थे. मैट्रो स्टेशन पहुंच कर देव को देख कर चौंकी, ‘‘तुम? इतनी जल्दी आ गए?’’

जवाब में देव ने मुसकराते हुए कहा, ‘‘आज तुम भी तो समय से पहले आ गई हो.’’

‘‘हूं,’’ वंदना के मुंह से निकला.

‘‘कल संडे था. कहां रहीं?’’ देव ने पूछा.

‘‘कहीं नहीं.’’

‘‘आज कहीं जाना है शाम को?’’

‘‘नहीं.’’

‘‘तो चले कहीं?’’

‘‘नहीं.’’

‘‘क्यों?’’

‘‘देव, बताना जरूरी तो नहीं है,’’ वंदना उस के किसी प्रश्न का उत्तर नहीं देना चाहती थी. उसे अचानक पता नहीं क्या हो गया. थोड़ी देर पहले बहुत खुश थी. देव के बारे में सच जान कर कहीं उदासी फैल गई थी.

देव भी हैरान था कि आखिर अचानक क्या हो गया? चेहरा मुरझाया सा क्यों लग रहा है?

तभी ट्रेन आ गई. भीड़ अंदर समा गई. 1 मिनट में ट्रेन चल भी दी. अंदर घुसने पर गरमी से राहत मिली. वंदना की चोर नजरें देव को तलाश रही थीं… बैठा होगा किसी कोने में. वैसे भी कल की देवकी से हुई मुलाकात का उस पर मिश्रित असर हुआ था… सिर झटक कर सामने बैठी नवविवाहिता को देखने लगी. लड़की गहरे लाल रंग के पंजाबी सूट में थी. उस ने खूब गहरा मेकअप कर रखा था. मांग सिंदूर से लाल थी. उम्र 23-24 के आसपास थी. कैसे इस उम्र में लड़कियों की शादी हो जाती है… जब वह इस उम्र में थी तो तब उस के जीवन में अमित आया था. तब वह मुंबई में थी.

अतीत खिसक कर आगे आ गया था…

अमित का छरहरा बदन, बड़ीबड़ी आंखें, घुंघराले बाल, उस पर दूधिया रंग, लगता था कुदरत ने फुरसत में बनाया है. उम्र कोई 26-27 साल. वह एम कौम कर रहा था.

उस का सुदर्शन चेहरा आज तक यादों में बसा है. यों ही मैट्रो में मुलाकात हो गई थी. उस का हैलो कहना मन के अंदर ऐसा उतरा कि मैट्रो में लोग पहचान गए थे कि वे दोनों कहां खड़े हो कर बतियाते हैं. मैं और अमित रोज मिलते. खूबसूरत बिंबों का जिक्र होता… खुशी के बीच एक ही अफसोस होता कि यह संडे क्यों आता है? वे खिलखिलाते चेहरे, लोगों का हमें प्यार में लिपटे देखते हुए मुसकराना… कितना मादक था सबकुछ….

दोनों को लगता आसमान के परिंदे भी ढली शाम में हमें प्यार करते देख खुश हो आवाज कर रहे हैं. दोनों को लगता वे भी परिंदों के साथ अनंत आकाश की अंतहीन यात्रा में शामिल हैं…वंदना को अच्छी तरह याद है काम से छूटते ही भागती थी, लोकल पकड़ने को. प्लेटफौर्म के बाहर अमित उस का इंतजार कर रहा होता था. लगता बरसों से वह ऐसे ही यहां खड़ा है… सिर्फ उस के लिए. मुसकराते हुए कहता कि चलो बटाटा वड़ा खाते हैं… ऐनर्जी चाहिए हम दोनों को.

वह मुसकराहट के साथ उस का हाथ पकड़ती और फिर और्डर दे देती कि भैया 2 बटाटा वड़ा, तीखी मिर्ची के साथ. तब वंदना एक शोरूम में सेल्स गर्ल थी.

एक दिन वह नहीं आया. आंखें बारबार प्लेटफौर्म पर ढूंढ़ती. क्या करे, किस से पूछे. फोन किया. कोई जवाब नहीं. स्विच औफ. दिल धकधक करने लगा जैसे रेल का इंजन चल रहा हो.

फिर दूसरा दिन, तीसरा दिन… और कितने ही दिन. बेमन से काउंटर पर खड़ीखड़ी

ड्रैसेज खोलती, लपेटती रहती. बारबार मिस्ड कौल देखने को मोबाइल चैक करती… सन्नाटा सिर्फ सन्नाटा था हर जगह.

3 महीने निकल गए… यों ही अकेली सड़क पर चलती जाती जैसे रेगिस्तान में नदी ढूंढ़ने चली जा रही हो… अंतहीन यात्रा पर…

कभी सोचती कि पता तो जरूर लेना था… कैसी बेवकूफ है वह. जिसे इस कदर चाहती थी उस का पताठिकाना तो पूछना चाहिए था.

वंदना की दशा देख एक दिन शिल्पा ने कहा, ‘‘यह मुंबइया प्यार और वह भी इस उम्र का… यह तो ऐसा ही होता है.’’

थोड़ा होश आने पर लगा कि शिल्पा ठीक कहती है… उस की खुशियों की चाबी गुम हो गई है… कब, कहां, मिलेगी, कौन जाने.

घर में बीमार पिता हैं, मां हैं, 2 छोटी बहनें और 1 भाई है. वंदना घर में सब से बड़ी है. घर का खर्च वही चलाती है. आर्थिक मजबूरी के कारण इंटर करने के बाद नौकरी करनी पड़ी. बहनों ने भी पढ़ाई अधूरी छोड़ नौकरी कर ली थी.

वंदना 24 पार कर चुकी थी. सोचती थी मांपिता उस की शादी की बात चलाएंगे, परंतु घर में इस बात को ले कर कभी कोई हलचल ही नहीं हुई.

किसी का कोई पैगाम नहीं. रिश्ते के नाम पर सन्नाटा छाया था.

सोचती कभी किसी रिश्तेनातेदार ने फोन भी तो नहीं किया. वंदना अब भी अमित के इंतजार में कई बार उस रूट पर चली जाती, 3 साल पहले की तरह…

ट्रेन में बैठती तो आंखें अमित को ही ढूंढ़तीं… वह पहला प्यार था उस का.

फिर एक दिन उस की मुलाकात अनिकेत से हुई. पास की चाल में रहता था. वह ज्यादा सुंदर न था, ठीकठीक था. किसी औफिस में क्लर्क था. दोनों का एक ही रास्ता था. प्यार का भी एक ही रास्ता होता है. नजदीकियां बढ़ने लगीं. दोनों अकसर बाजार में साथसाथ होते. एक रोज छोटी बहन मीना ने देख लिया और फिर अम्मां को बता दिया.

अम्मां झोली पसार कर वंदना के आगे खड़ी हो गईं, ‘‘रहम कर बेटा… पहले इन छोटी बहनों को बेड़ा पार कर दे. फिर प्यार की पींगें बढ़ाने की सोचना… मैं कुछ नहीं कहूंगी. पर अभी नहीं… तू चली गई तो कौन हमारा खर्च उठाएगा?’’

प्यार के सभी बिंब भरभरा कर ढह गए. समझ गई रेगिस्तान में फूलों की बगिया लगाना मना है या फिर वह खुद ही सूखा ठूंठ है, जिस पर प्यार के पंछी को बैठने की मनाही है. उसे लगता प्यार के मेले उस के लिए नहीं लगे.

वंदना की दशा उस बच्चे जैसी हो गई जो मेला खत्म होने के बाद खाली डब्बों में कुछ ढूंढ़ता है और फिर कुछ न मिलने पर डब्बे पर गुस्सा निकालता है. लेकिन वंदना नहीं जानती कि वह रूठे तो किस से, गुस्सा निकाले तो किस पर. इन रिश्तों पर गुस्सा करे, जिन्हें आंख बंद कर के ढोए जा रही है… और रिश्तों के भविष्य की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर है… नहीं, अपने बारे में उसे खुद ही सोचना होगा…

बहुत सोचने के बाद समझ में आया उसे कि यह जगह ही छोड़ देनी चाहिए यानी दूसरी जगह नौकरी ढूंढ़नी चाहिए पर थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा.

Winter Special: स्टाइलिश दिखने के लिए ट्राय करें ये 10 Types के बूट्स

शर्दियों का मौसम है, ऐसे में पैरों को ठंड से बचाना और साथ ही आकर्षक दिखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. ठंड में सही तरीके के जूते चुनकर आप स्टाइल आइकन और ट्रेंड सेटर बन सकते है. आज हम इस आर्टिकल के जरिए आपके लिए लेकर आए है 10 ऐसे बूट्स जो आपको शर्दियों से भी बचाएंगे, और पैरों को देंगे नया और स्टाइलिश लुक:

1. हाई हील बूट्स

हाई हील बूट्स शर्दियों में स्टाइलिश लुक देने का अच्छा माध्यम हो सकते है, ये बूट्स आपको लंबा दिखने में भी मदद करते है. इस तरह के बूट्स किसी भी तरीके के वेस्टर्न ड्रेसेज पर जचते है, और आपको आकर्षक बनाते है.

2. स्क्वायर हील बूट्स

इस तरीके के बूट्स फ्लेयर्ड जींस पर कुल लुक देते है, मजबूत और कंफर्टेबल होने के साथ ही, ये वर्सेटाइल भी होते है. सुंदर दिखने के साथ ही ये बूट्स सुरक्षित भी होते है.

3. क्यूबन हील्स बूट्स

यह बूट्स फॉर्मल लुक देते है, एवं काम हील के साथ आते है, शर्दियों में सूट्स के साथ क्यूबन हील्स बूट्स पहनकर आप खुद को प्रोफेशनल लुक दे सकते है. फॉर्मल वेयर के साथ ये सबसे अच्छा विकल्प है.

4. स्लिम हील बूट्स

ये बूट्स हमेशा नए स्टाइल्स ट्राई करने वाली लड़कियों के लिए अच्छा विकल्प है, इन्हे पहनकर आप शो स्टॉपर बन सकती है, और ये आपको शर्दियों से भी सुरक्षित रहता है. इन्हे आप किसी भी तरीके के ड्रेस के साथ कैरी कर सकती है.

5. ट्रेकिंग और हाइकिंग बूट्स

ट्रेकिंग और हाइकिंग पसंद करने वाली एडवेंचरस लड़कियों के लिए ये बूट्स अच्छा विकल्प है, पहाड़ियों पर स्टाइलिश दिखने के साथ ये कंफर्टेबल भी होते है, और ठंड से भी बचाते है. इनके ग्रिप्स काफी मजबूत होते है, और ये फिसलते भी नही हैं.

6. रेन बूट्स

रेन बूट्स को ही गमबूट्स भी कहते है, ये रबर या अन्य लोचदार सामग्री से बनते है, और पानी में खराब नही होते, जैसा कि सब जानते है की, ठंड के मौसम में कभी भी बारिश हो सकती है, उस समय स्टाइलिश दिखने के लिए रेन बूट्स अच्छा विकल्प है.

7. स्नीकर बूट्स

वर्ष 2018 में लॉन्च हुए स्नीकर बूट्स मार्केट में अब स्टाइल स्टेटमेंट बन चुके है, कुछ नया ट्राई करने वाली लड़कियों के लिए ये अच्छा विकल्प हो सकते है, ये बूट्स आपको आकर्षक और कुल लुक देते है, और हर तरीके के कपड़ो पर जचते है.

8. एंकल लेंथ बूट्स

इस तरह के बूट्स आपको स्ट्रीट स्टाइल में ट्रेंड सेटर बना सकते है, एंकल एरिया को कवर करने वाले ये बूट्स रिप्ड जींस और फ्लैनल शर्ट्स के साथ काफी आकर्षक लगते है. ये बूट्स कंफर्टेबल भी होते है, तो आप इन्हे डेली उसे भी कर सकते है.

9. नी हाई बूट्स

शार्ट स्कर्ट या ड्रेस के साथ कंपेटिबल ये बूट्स ज्यादातर सेलिब्रिटीज और मॉडल्स उसे करती है. ये बूट्स आपके पैरों को लंबा दिखाता है, और काफी आकर्षक लगता है. इन शर्दियों आप नी हाई बूट्स पहनकर स्टाइल स्टेटमेंट बन सकती है.

10. वेज हील बूट्स

वेज हील बूट्स ज्यादततर गर्मियों में इस्तेमाल किए जाते है, पर इस बार ठंड में इन्हे पहनकर आप कुछ नया और क्रिएटिव स्टाइल स्टेटमेंट बना सकती है. ये पैरों में काफी कंफर्टेबल होते है, और वर्सेटाइल होते है.

ऊपर मेंशन किए गए दस बूट्स में आप किसी को भी ट्राई करके ठंड से बचाव के साथ स्टाइलिश भी दिख सकती है. तो इस सर्दी आपको स्टाइल से कोई समझौता करने की कोई जरूरत नहीं है.

उसे किस ने मारा: क्या हुआ था आकाश के साथ

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Wedding Special: दुलहन को संवारेंगे ये 6 ब्राइडल पैकेज

हर लड़की चाहती है कि शादी पर दुलहन के रूप में उस का शृंगार पिया के मन में इस कदर बस जाए कि दूल्हे को दुलहन के रूप के आगे चांद भी फीका नजर आए. दुलहन की इसी चाहत को पूरा करने में सहायक होते हैं-ब्राइडल पैकेज. तो आइए जानते हैं इन्हीं पैकेज के बारे में :

  1. नौर्मल ब्राइडल पैकेज

हर छोटेबड़े पार्लर और सैलून में नौर्मल ब्राइडल पैकेज उपलब्ध होता है जोकि इस महंगाई के जमाने में आप की जेब पर भारी भी नहीं पड़ता है. इस पैकेज में आमतौर पर 2 तरह के फेशियल (गोल्ड/डायमंड/पर्ल), फेस और नेक ब्लीच, मैनीक्योर, पैडीक्योर, फुल बौडी वैक्सिंग, हौट औयल मसाज, हेयरडू, आईब्रो, अपरलिप्स, फोरहैड और वाटरप्रूफ मेकअप शामिल होता है. इसलिए अगर आप को लगता है कि आप की त्वचा को ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं है और आप का बजट भी कम है तो नौर्मल ब्राइडल पैकेज आप के लिए उपयुक्त है, इस पैकेज की कीमत क्व8 हजार से क्व10 हजार तक है.

2. स्पैशल ब्राइडल पैकेज

स्पैशल ब्राइडल पैकेज में त्वचा के अनुरूप स्पा फेशियल, हेयर स्पा, फैं्रच मैनीक्योर, फैं्रच पैडीक्योर, बौडी मसाज, फुल बौडी वैक्सिंग, ब्लीच, स्ट्रेस रिमूवर थेरैपी, आईब्रो, अपरलिप्स, फोरहैड, कंप्लीट मेकअप तकनीक व हेयरडू एवं वाटरप्रूफ हाईलाइटिंग किया जाता है. इस के अलावा गिफ्ट के तौर पर ब्यूटी केयर टिप्स व ग्लोइंग पैक भी डेली यूज के लिए दिया जाता है. इस पैकेज की कीमत क्व10 हजार से क्व15 हजार तक होती है.

3. गार्जियस ब्राइडल इंडोवैस्टर्न पैकेज

इस पैकेज में स्किन के अनुसार और जरूरत के आधार पर ब्यूटी ट्रीटमैंट दिया जाता है, जिस से त्वचा के दागधब्बे, पिंपल्स और एक्ने आदि का उपचार किया जाता है ताकि दुलहन के रूप में आप ग्लोइंग व गार्जियस नजर आएं. इस में फेस टोनिंग, स्पा (स्किन के अनुरूप), फेशियल, हेयर स्पा, बौडी स्पा, कंप्लीट प्री ब्राइडल, ग्लोइंग स्किन टिप्स, रिफै्रशिंग ब्यूटी पैक आदि शामिल होते हैं. इस में मेकअप स्पैशल तकनीक से कपल के अनुरूप वाटरप्रूफ व लौंगलास्टिंग किया जाता है. इस पैकेज की कीमत  क्व17 हजार से 20-22 हजार के आसपास होती है.

इस के अलावा ब्राइडल पैकेज में आप अपनी पसंद के अनुसार शादी के दिन के लिए कई आकर्षक मेकअप भी करा सकती हैं, जिस में दुलहन को मेकअप, हेयरस्टाइल और पल्लू ड्रैपिंग से अलग लुक दिया जाता है.

4. ट्रैडिशनल ब्राइड

इस स्टाइल में 90 के दशक का हैवी वर्क लहंगा, हैवी वेणी गजरा, जूड़ाचोटी, गुजराती स्टाइल पल्लू तथा टीकाबिंदी व ऐक्स्ट्रा बिंदी से दुलहन को ट्रैडिशनल लुक दिया जाता है. इस लुक को पारंपरिक परिवारों में आज भी पसंद किया जाता है. इस में लहंगा भी ज्यादा घेरे वाला होता है और चुन्नी में भी हैवी वर्क होता है.

5. रेट्रो लुक ब्राइड

आजकल पुराने दौर का मेकअप, हेयरस्टाइल और पुराने स्टाइल की पोशाकें युवा पीढ़ी में विशेष पसंद की जा रही हैं. इसी क्रेज को ध्यान में रखते हुए डिजाइनर भी ब्राइडल वियर में जरी, गोटा, नग, मोती आदि के वर्क वाले लहंगें बना रहे हैं, जो युवतियों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. इसी प्रकार पार्लरों और सैलूनों में भी 60 के दशक के फैशन को अपनाते हुए ब्राइडल को हाई हैवी हेयरस्टाइल, हैवी ब्रंच हेयर ऐक्सैसरीज और मेकअप में हैवी काजल, आईलाइनर और टाइट चुन्नी या साड़ी ड्रैपिंग से ब्यूटीफुल लुक दिया जाता है.

6. इंडोवैस्टर्न ब्राइड

जो युवतियां हैवी मेकअप से बचना चाहती हैं, उन के लिए इंडोवैस्टर्न टच परफैक्ट है. इस में लाइट मेकअप से दुलहन की नैचुरल ग्लोइंग ब्यूटी निखार दी जाती है. इस में थिक ग्लिटर शेड्स की जगह लाइट शिमरी इफैक्ट होता है, ट्रैडिशनल जूड़ाचोटी की जगह मौडर्न टच हेयरस्टाइल व हेयरडू इस्तेमाल किया जाता है. इस में दुलहन का लहंगा फिश कट में तथा चुन्नी लाइटवेट होती है. मेकअप में मल्टीकलर इफैक्ट व कंप्लीट लुक में इंडोवैस्टर्न टच होता है. ज्वैलरी व हेयर ऐक्सैसरीज में भी ऐक्स्पैरिमैंट होते रहते हैं.

जब बनने जा रही हों दुलहन

  • शादी से कम से कम 2-3 महीने पहले ही ब्यूटीशियन से मिल कर प्री ब्राइडल व ब्राइडल मेकअप बुकिंग करवा लें और स्किन व हेयर ट्रीटमैंट लेना शुरू कर दें. कोई स्किन प्रौब्लम हो तो पहले ही बता दें.
  • कई लड़कियों को ज्वैलरी और मेकअप से ऐलर्जी होती है, जिस से उन की स्किन पर रैशेज हो जाते हैं. अगर आप भी इस श्रेणी में हैं, तो ब्यूटी ऐक्सपर्ट को पहले ही बता दें.
  • वेट कंट्रोल के लिए योगासन या डांस का सहारा लें. रोज सुबहशाम ताजा हवा में टहलें ताकि आप की खूबसूरती में गजब का निखार आए.
  • भरपूर नींद लें और तनाव को दूर भगाएं, क्योंकि जैसेजैसे शादी का दिन करीब आता जाता है वैसेवैसे लड़की के मन में भावी जीवन के प्रति उधेड़बुन होनी शुरू हो जाती है, इसलिए सभी चिंताओं को दूर भगा कर पिया के सपनों में विचरण करें.
  • खूबसूरती को निखारने के लिए उचित खानपान बेहद जरूरी है. अत: पौष्टिक आहार लें और दिन में 8-10 गिलास पानी जरूर पिएं.
  • अपनी ब्यूटीशियन को पहले ही बता दें कि आप किस प्रकार का लुक चाहती हैं और शादी से 1 हफ्ता पहले ही अपनी वेडिंग ड्रैस ब्यूटीशियन को दिखा दें ताकि वह आप को परफैक्ट लुक दे सके.
  • शादी से 2-3 महीने पहले से ही अपने ऊपर ऐक्स्पैरिमैंट बंद कर दें. मतलब, किसी नए ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें, क्योंकि किसी भी तरह का रिएक्शन होने पर दिक्कत आ सकती है.
  • शादी के दिन तैयार होते समय ब्यूटीशियन को सुझाव तो दें, लेकिन अनावश्यक दबाव न डालें, क्योंकि जरूरी नहीं कि आप की डेली मेकअप सैंस उस दिन भी आप को सूट करे.
  • शादी से कम से कम 15-20 दिन पहले धूप में निकलना बंद कर दें. बाहर जाना जरूरी हो तो छतरी और चेहरे पर सनस्क्रीन लगा कर ही निकलें.
  • ब्यूटीशियन द्वारा दिए जाने वाले ब्यूटी पैक व ब्यूटी टिप्स का उपयोग करें, उन्हें व्यर्थ न समझें.
  • कई पार्लरों व सैलूनों में ब्राइडल के लिए सैल्फ ग्रूमिंग कोर्स भी कराया जाता है, जिस का चयन अपनी जरूरत व बजट के हिसाब से कर सकती हैं.
  • शादी का दिन बेहद खास होता है, इसलिए खुश रहें.

रणदीप हूडा 47 साल की उम्र में बंधे विवाह के बंधन में

बौलीवुड का हिस्सा बनने के बाद रणदीप हूडा की दोस्ती अभिनेत्री और मिस युनिवर्स सुश्मिता के संग हुई थी. 2004 से 2006 तक यानी कि दो वर्ष तक वह सुश्मिता सेन के साथ रिश्ते में रहते हुए उन्हीं के घर में रहते रहे. मगर दो वर्ष बाद सुश्मिता सेन से उनका रिश्ता टूट गया. इस रिश्ते के टूटने के बाद रणदीप हुडा ने कहा था कि इस रिश्ते को खत्म करने से उनका करियर बदल गया. रणदीप कहते हैं- ‘‘सुश्मिता सेन से ब्रेक-अप मेरे साथ हुई सबसे अच्छी चीज थी और मुझे एहसास हुआ कि मैंने इसे अपने जीवन में बहुत अधिक समय दिया. इसने अपने लिए कुछ करने के लिए मेरी ऊर्जा को मुक्त कर दिया.‘‘

उसके बाद रणदीप हुडा ने अपने कैरियर पर ध्यान देना शुरू किया. पर उनके इक्का दुक्का प्रेम प्रसंग की खबरे भी उड़ती रहीं,जिन्हे वह इंकार करते रहे. लेकिन वह कई वर्षों से अपनी उम्र से दस वर्ष छोटी माॅडल व अभिनेत्री लिन लैशराम के साथ रहते आ रहे हैं. पर अब 47 वर्ष की उम्र में रणदीप हुडा ने सोशल मीडिया पर लिन के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए 29 नवंबर को इम्फाल,मणिपुर में विवाह के बंधन में बंधने की बात कही है. यह विवाह मणिपुरी रीतिरिवाजों के साथ संपन्न हुआ.

 

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रणदीप ने कुछ दिनों पहले इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने लिखा कि-‘‘नियति के साथ एक तारीख. 29.11.2023. महाभारत से एक पन्ना लेते हुए जहां अर्जुन ने मणिपुरी योद्धा राजकुमारी चित्रांगदा से शादी की थी, हम अपने परिवारों और दोस्तों के आशीर्वाद से शादी कर रहे हैं.  रणदीप और लिन लैशराम की शादी  29 नंवबर 2023 को मैतेई रीति-रिवाजों से शादी संपन्न हो गई है.

रोहतक,हरियाणा में डाक्टर पिता व समाजसेवी मां के घर में जन्में रणदीप हूडा हमेशा अपने दिल की सुनते आए हैं. उनके पिता डाॅ.रणबीर हुडा चाहते थे कि रणदीप भी उनकी तरह डाक्टर ही नही बल्कि मशहूर सर्जन बने,मगर ऐसा नही हुआ.जबकि रणदीप की बड़ी बहन अंजली हूडा संगवान मशहूर डाक्टर हैं. शुरूआत में रणदीप ने स्वीमिंग /तैराकी में राष्ट्रीय स्तर पर मैडल अर्जित किए. फिर उनकी रूचि थिएटर में हुई. और 2001 में मीरा नायर ने उन्हे फिल्म ‘‘मानसून वेडिंग’’ में अभिनय करने का अवसर दिया. उसके बाद रणदीप हुडा ने  जन्नत 2, वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई, साहेब बीवी और गैंगस्टर, सरबजीत, सुल्तान और किक जैसी कई फिल्मों में अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीता. उन्होंने मार्वल स्टार क्रिस हेम्सवर्थ के साथ एक्सट्रैक्शन में भी अभिनय किया. इन दिनों वह अपने निर्देशन में बनी फिल्म ‘‘स्वातंत्रय वीर सावरकर’’ के प्रदर्शन का बेसब्री से इंतजार है. इस फिल्म में रणदीप ने सावरकर का मुख्य किरदार भी निभाया है. जबकि रणदीप हुडा की प्रेमिका व मणिपुर निवासी लिन लैशराम एक मॉडल व अभिनेत्री हैं. दर्शक लिन को ओम शांति ओम, मैरी कॉम, रंगून, जाने जान जैसी कुछ फिल्मों में संक्षिप्त भूमिकाओं में देख चुके हैं.

क्या प्रचारक ने फिल्म ‘‘स्टार फिश’’ की लुटिया डुबायी

बौलीवुड और संगीत जगत में ‘टी सीरीज’ कंपनी का अपना बड़ा नाम व बड़ी हैसियत है.लेकिन पिछले दो तीन वर्षों से इसके कर्ता धर्ता भूषण कुमार पता नही किसकी सलाह पर काम कर रहे हैं कि उनके कई वफादार साथी व कर्मचारी उन्हें अलविदा कहकर जा चुके हैं.वास्तव में यह सारा खेल तब से शुरू हुआ,जब से टीसीरीज ने अपनी पीआर कंपनी में बदलाव किया है.एक वक्त वह था जब ‘टीसीरीज’ में विनोद भानुशाली बहुत बड़ी हस्ती हुआ करते थे,लेकिन तीन चार साल पहले ही विनोद भानुशाली ने ‘टी सीरीज’ को अलविदा कह कर अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी ‘‘भानुशाली स्टूडियोज’’ की शुरूआत कर दी.एक तरफ ‘भानुशाली स्टूडियोज’ निर्मित फिल्में बाक्स आफिस पर सफलता के झंडे गाड़ रही हैं,तो दूूसरी तरफ ‘टी सीरीज’ निर्मित फिल्मों को दर्शक ही नही मिल रहे हैं.

24 नवंबर को टीसीरीज के भूषण कुमार निर्मित और अखिलेश जायसवाल निर्देशित फिल्म ‘‘स्टार फिश’’ प्रदर्शित हुई.इस फिल्म की नायिका भूषण कुमार की बहन खुशाली कुमार ही हैं.खुशाली कुमार ‘टीसीरीज’ में हिस्सेदार भी हैं. फिल्म ‘स्टार फिश’ की कहानी पूरी तरह से भटकी हुई है. बीना नायक के उपन्यास ‘‘स्टार फिश पिकल’’पर आधारित इस फिल्म की पटकथा बीना नायक,आदित्य भटनागर व अखिलेश जायसवाल ने लिखी है. फिल्म में सेक्स,ड्ग्स और शराब के दृश्यों की भरमार जरुर है,मगर इसकी कहानी इस कदर उलझी हुई है कि फिल्म देखने के बाद इसके निर्माताओं ने भी इसे देखने की उम्मीद छोड़ दी होगी.उस पर प्रचार कंपनी ने भी कील ठोक दी. लोग अपनी गलतियों से सबक लेकर उस गलती केा सुधारने का प्रयास करते हैं,मगर ‘स्टार फिश’ की निर्माण कंपनी के साथ ही नायिका खुशाली कुमार ने भी अपनी गलती को सुधारते हुए अपने अभिनय में सुधार लाने का कोई प्रयास नही किया.अभिनय के मामले में खुशाली कुमार अपनी पहली फिल्म के मुकाबले इस फिल्म में ज्यादा निराश करती हैं.

सूत्रों की माने तो इस फिल्म को पूरे देश भर के हजार स्क्रीन्स में प्रदर्शित किया गया,मगर यह फिल्म पहले दिन हजार स्क्रीन्स से सिर्फ पांच लाख रूपए ही कमा सकी.बाक्स आफिस पर इतनी दुर्गति तो किसी भी फिल्म की नही हुई. यह हालात तब है जब बौलीवुड के बिकाउ फिल्म आलोचकों ने इस अति घटिया फिल्म को पांच में से चार और साढ़े चार स्टार दिए हैं. वास्तव में ‘टीसीरीज’ और फिल्म ‘‘स्टार फिश’’ की प्रचार कंपनी ने फिल्म को दर्शकों तक पहुॅचाने के लिए कोई काम नही किया. खुशाली कुमार सहित इस फिल्म के कलाकारों ने भी सिर्फ उन्ही पत्रकारों से बात की थी,जिन्होने इस फिल्म को पांच में से चार या साढ़े चार स्टार देने का वादा किया था.फिल्म के प्रदर्शन से पहले ही फिल्म की निर्माण कंपनी ने इन पत्रकारों के नाम के साथ इनके द्वारा दिए गए स्टार का विज्ञापन भी सोशल मीडिया सहित कई जगह पोस्ट कर दिया.मगर फिल्म तो दर्शकांे तक पहुंच ही नही पायी.इसलिए थिएटर खाली पड़े रहे.

खुशाली कुमार ने म्यूजिक वीडियो से अपने कैरियर की शुरूआत की थी.उसके बाद 2022 में वह आर माधवन व अपारशक्ति खुराना के साथ फिल्म ‘धोखाः राउंड द कार्नर’’ में नजर आयी थी.इस फिल्म ने भी कुल तीन करोड़ ही कमाए थे.यानी कि यह फिल्म भी सुपर फ्लाप थी.इसका निर्माण भी टीसीरीज ने किया था और इस फिल्म की प्रचार कंपनी वही थी,जिसने ‘स्टार फिश’ का प्रचार किया है.इतना ही नहीं टीसीरीज निर्मित फिल्म ‘‘आदि पुरूष’’ का प्रचार भी इसी प्रचार कंपनी ने किया था. बौलीवुड और फिल्म आलोचकों के बीच चर्चा है कि टीसीरीज को उनकी प्रचार कंपनी ही डुबाने पर आमादा है.

टीसीरीज हो या कोई अन्य फिल्म निर्माण कपंनी उसे अपनी फिल्म के लिए अच्छी कहानी चुनने के बाद अच्छे निर्देशक व अच्छे कलाकारों के साथ ही एक अच्छा प्रचारक चुनने पर ध्यान देना चाहिए, जो फिल्म का सही ढंग से प्रचार कर दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता पैदा कर सके.

मेरे बाल बहुत ही ज्यादा रफ है चमक लाने का कोई तरीका बताएं?

सवाल

मेरे बाल काफी रफ हैं. मुझे उन में चमक लानी है. चमक लाने का कोई तरीका बताएं?

जवाब

अगर बाल रफ हों तो उन्हें पोषण की जरूरत है. खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं जिस से बालों को न्यूट्रिशन मिलेगा और उन की रफनैस कम होगी. रफ बालों के लिए खास शैंपू मिलते हैं जिन्हें इस्तेमाल करने से आप के बालों की रफनैस कम हो जाती है. उस के बाद उन में कंडीशनर लगाना बहुत जरूरी है. बालों को धोने के बाद उन की लेंथ में कंडीशनर लगा कर 3 से 5 मिनट तक रहने दें और उसी वक्त उन्हें कंघी जरूर करें ताकि कंडीशनर पूरे बालों में सही से फैल जाए. उस के बाद कंडीशनर को धो लें. आप के बालों की शाइन काफी हद तक बढ़ जाएगी. फिर भी अगर आप को लगता है कि आप के बालों की रफनैस नहीं जा रही तो उस में ‘लिव इन’ कंडीशनर लगा लीजिए जिस से बालों में शाइन आ जाती है. बालों को सैट करने के बाद मौइस्चराइजिंग स्प्रे या शाइनिंग स्प्रे लगा लें तो बालों में शाइन आ जाती है.

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मैं 47 साल की हूं और मेरा मासिकचक्र बंद हो चुका है. मेरे चेहरे और ठुड्डी पर बहुत बाल निकल रहे हैं. इन्हें रोकने व परमानैंटली हटाने का तरीका बताएं?

जवाब

मासिकचक्र बंद होने पर शरीर पर बाल उगना शरीर में हारमोंस के स्तर में बदलाव के कारण होता है. सब से पहले तो आप किसी अच्छी स्त्रीरोग विशेषज्ञ से सलाह लें और यथोचित खून में हारमोनल जांच भी करवा लें. उसे बैलेंस करने के लिए जरूरी दवा लें. यह प्रोसीजर लंबा है मगर दवा लेने से काफी हद तक बैलेंस किया जा सकता है. इस के साथसाथ यदि आप के बालों का रंग काला है और उस से स्थाई रूप से मुक्ति प्राप्त करना चाहती हैं तो लेजर या पल्स लाइट तकनीक का इस्तेमाल करवा लें. इस से अनचाहे बालों से बहुत जल्दी परमानैंट छुटकारा मिल जाता है. यह तकनीक सुरक्षित, पेनलैस और क्विक है.

2 से 3 सिटिंग्स लेने के बाद बालों की ग्रोथ काफी कम हो जाती है. वैक्सिंग, थ्रैडिंग आदि के झंझट से छुटकारा मिल जाता है. 4 से 6 हफ्ते के अंतराल में इस की सिटिंग लेनी होती है. यदि आप के कुछ बाल सफेद हो गए हैं तो उन के लिए आप थर्मालिसिस करवा सकती हैं क्योंकि सफेद बालों पर लेजर या पल्स लाइट काम नहीं करती.

समस्याओं के समाधान ऐल्प्स ब्यूटी क्लीनिक की फाउंडर, डाइरैक्टर डा. भारती तनेजा द्वारा 

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रेत से फिसलते रिश्ते: भाग 1- दीपमाया को कौनसा सदमा लगा था

लेखिका- शोभा बंसल

“मौम, पता है कल वैलेंटाइन डे पर माया मैडम ने क्या बढ़िया पार्टी अरेंज की थी. एकदम परफैक्ट और खाना..वाह बहुत टेस्टी था. मुझे तो आप याद आ गईं. आप की तरह ही सुंदर हैं. उन के लंबे बाल हैं और कजरारी आंखें, बिलकुल पंजाबी ब्यूटी. मैं ने जब उन्हें बताया कि मेरी मम्मी भी उन की तरह ही एकदम परफैक्ट वूमेन हैं- अच्छा खाना पकाना, नाचना, गाना, पार्टी अरेंजर, वन इन औल. जब मैं ने माया मैम को बताया कि हम बच्चों की परवरिश के लिए आप ने अपना अच्छाभला कैरियर दांव पर लगा दिया था तब से तो वे आप से मिलने को उत्सुक हैं.”

मेरी बेटी मिनी काठमांडू यूनिवर्सिटी से एमडी कर रही है. घर से इतनी दूर अपने बच्चों को भेजना सब के लिए ही मुश्किल होता है और जब आज मैं ने मिनी को वीडियो कौल पर यों चहकते, मुसकराते देखा तो हम सब के मन को सुकून मिल गया. शुक्र है वह घर से इतनी दूर परदेश में पीजी में एडजस्ट हो गई है. अब उस की बातें सुन लग रहा था कि सारा क्रैडिट तो उस की वार्डन मिसेज माया को जाता है, जिस ने मिनी की उदासी व अकेलेपन को दूर किया था. अब जब भी मिनी कौल करती है तो उस की जबान पर, बस, माया मैम ही होता है.

जब से मिनी ने अपनी माया मैम को बताया है कि उस की मम्मी ने ही उस के सारे बैग्स डिजाइन किए हैं तब से पता नहीं उस की माया मैम ने मेरे लिए अपने मन में क्या छवि बना ली थी. अब हम दोनों ही एकदूसरे को मिलने को उत्सुक थीं.

एक दिन मिनी जिद करने लगी कि मैं उसे और उस की माया मैम से मिलने आ जाऊं.

मैं ने हंस कर कहा, “हम आएंगे.”

“न-ना पापा को मत लाना. वे तो उस पर लट्टू हो जाएंगे,” मिनी ने अपने पापा को छेड़ा.

उस के पापा ने भी मेरा हाथ पकड़ कर पलटवार किया, “हम दोनों का तो फेविकोल का जोड़ है, कोई तोड़ नहीं सकता.”

तभी पीछे से बेटा चिललाया, “मैं आ जाता हूं तुम्हारी माया मैम से मिलने.”

“बंदर, वे मम्मी की उम्र की हैं. तू अपनी शौर्ट फिल्म की शूटिंग और अपनी हीरोइनों में ही बिजी रह,” मिनी ने अपने छोटे भाई से कहा.

जल्दी ही हमें मिनी के पास काठमांडू जाने का मौका मिल गया. मेरे पति और बेटा अपनी शौर्ट फिल्म की शूटिंग के लिए नेपाल जा रहे थे, मैं भी संग हो ली. वे दोनों मुझे काठमांडू में होटल में अकेले छोड़ अपने काम के सिलसिले में आगे निकल गए. तो मैं ने भी सोचा कि क्यों न मैं मिनी के पास जल्दी जा कर उस को अच्छा सा सरप्राइज दे दूं.

सफर की सारी थकान मिनी के पैगोडा शेप की पीजी बिल्डिंग को देख दूर हो गई. वहां पहुंच कर पता चला, मिनी तो अभी तक अपने हौस्पिटल में ही है. तो मैं ने सोचा, उस के आने तक क्यों न उस की माया मैम से ही मिल लूं और थोड़ा सा पीजी बिल्डिंग भी घूम कर देख लूं. मौडर्न व प्राचीन आर्ट का सही तालमेल देख़ मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं. लगता है मेरी मिनी की माया मैम का इंटीरियर का काफी अच्छा टेस्ट है.

तभी मेरी निगाह सामने बैठी हमउम्र महिला पर पड़ी. शायद वह भी अपनी बेटी से मिलने आई थी. जैसे ही हम दोनों की निगाहें मिलीं, हम दोनों एकदूसरे को जानेपहचाने से लगे. हम दोनों इकट्ठे चिल्लाए, ‘अरे दीपमाया, तुम.’ और दीपमाया मुझे देख चिल्लाई, ‘अरे मिली, तुम.’ हम दोनों की आंखें खुशी से भर गइं और भाग कर हमने एकदूसरे को हग कर लिया. हम एकदूसरे का हाथ छोड़ना ही नहीं चाहते थे कि कहीं फिर से न बिछुड़ जाएं.

फिर बात को आगे बढ़ाते मैं ने कहा, “मेरी बेटी मिनी इस पीजी में रहती है. उस से और उस की माया मैम से मिलने यहां आई हूं. यार, तू बता, तू यहां कैसे?”

दीप हंसने लगी, “मैं ही तो हूं दीपमाया, माया मैम. इस पीजी को मैं ही तो चलाती हूं.”

“तो, तुम हो वह हसीन बाला जिस पर मेरी बेटी ही नहीं, हमारा पूरा घर लट्टू है,” मैं ने उसे छेड़ते हुए कहा.

करीबकरीब 30 सालों के बाद हम दोनों सहेलियां मिल रही थीं. मैं उस से दिल खोल कर ढेर सारी बातें करना चाहती थी, सो उठते ही पूछा, “कहां गया वह तुम्हारा गिटारिस्ट रोजर. तुम दोनों का प्यार तो हैड ओवर हील था. क्या शादी उसी के साथ की?

“मैं ने तो सुना था, तुम्हारे घर वाले तो इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे. वे तो कटनेकाटने को तलवारें ले आए थे. क्या सच ही? यार, पूरा किस्सा सुना न. अपने पति से भी मिलाना. देखूं तो सही, वे मिस्टर यूनिवर्सिटी अब कैसे लगते हैं?”

यह सुन माया की आंखों में पीड़ा उभरी. इस से पहले कि वह कुछ बताती, मेरी मिनी ‘मौम मौम चिल्लाती मुझ पर लटक गई.

“सर्जन बन रही हो, यह बचपना छोड़ो,” हंसते हुए लाड़ से परे धकेलते हुए मैं ने उस से कहा.

“वाउ मम्मी, आप माया मैडम को पहले से जानती हैं.”

मैं ने मिनी से कहा, “हां, हम दोनों कालेज फ्रैंड्स थीं. अब 30 साल बाद मिल रही हैं. तेरे नाना की पोस्टिंग दूसरी जगह हो गई, तो हमारा साथ छूट गया. तब आज की तरह सोशल मीडिया प्लेटफौर्म तो थे नहीं, सो संपर्क भी टूट गया. अब मिले हैं तो मुझे अपनी प्यारी सखी से ढेर सारी बातें करनी हैं.”

तभी दीपमाया बोली, “हम इन बातों को यहां नहीं, कल तुम्हें आसपास का एरिया दिखाते और यहां के प्रसिद्ध काली हाउस पर कौफी पीते हुए करेंगे. आज तुम मिनी से जीभर बातें कर लो. कल तुम 11 बजे यहीं आ जाना, मैं तुम्हारा इंतजार करूंगी.”

अगले दिन मिनी के हौस्पिटल जाने के बाद मैं और माया काठमांडू दर्शन के लिए निकल गए. जितनी दीपमाया मुझे आसपास के दर्शनीय स्थल मंदिर, पगोड़ा वगैरह दिखाने में उत्सुक थी, उस से अधिक तो मैं उस का अतीत जानने को उतावली थी. सो, काली कौफी हाउस में पहुंचते ही टेबल पर इत्मीनान से बैठ मैं अपने को रोक न पाई.

कौफी का और्डर दे मैं ने दीपमाया से रोजर से उस के रिश्ते के बारे में पूछ ही डाला.

“फिर क्या हुआ तुम्हारी लव स्टोरी का,” मेरे मुख से यह सुनते ही दीपमाया की आंखों में पीड़ा व उदासी के बादल उमड़ पड़े.

मैं तुरंत संजीदा हो उठी और उस के हाथ पर हाथ रख उस को आश्वासन दिया और पूछा, “क्या तुम दोनों की शादी नहीं हुई?”

धार्मिक प्रोपेगैंडा भी बढ़ाता है प्रदूषण

आमतौर पर हिंदुओं को यह मनवा दिया गया है कि हवनों और मूर्तियोें के आगे दीए जलाने से हवा शुद्ध होती है, पौल्यूशन नहीं बढ़ता. वैज्ञानिक सोच वालों की भी बुद्धि पर तरस आता है जो इस तरह का लौजिक पेश करते हैं कि हवन में लकड़ी, घी, पत्ते, बीज जलाने से कार्बन डाइऔक्साइड नहीं निकलेगी.

‘डेली गार्जियन’ के 6 नवंबर, 2020 के एक अंक में एक भारतीय मूल के हिंदू जितेंद्र तुली की रिपोर्ट पढ़ कर कुछ संतोष हुआ कि उस ने खरीखरी सुनाई. उस की रिपोर्ट शुरू से ही तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो नरेंद्र मोदी के बहुत प्रिय रहे हैं, के शब्दों से होती है कि भारत की हवा तो फि.ल्दी है, गंदी बदबूदार है. ‘वह सही है’ जितेंद्र तुली कहते हैं.

जितेंद्र तुली कहते हैं कि 1950 में जब वे बड़े हो रहा थे, आसमान में तारे और आकाशगंगा, आसानी से देख सकते थे. आज भारत एक विषाक्त गैस चैंबर बन गया है जिस का एक कारण बढ़ती पौपुलेशन के द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा पैट्रोल, कोयला, गैस या मिथेन पैदा करना है.

जितेंद्र तुली लाशों को जलाने के लिए लकड़ी और हवनों, आरतियों, मूर्तियों के आगे 24 घंटे जल रहे दीयों को भी दोष देते हैं. इस के विपरीत सोशल मीडिया और गूगल में सैकड़ों पोस्ट हैं जो दावा करती हैं कि हवन से तो शुद्धि होती है. गूगल पर इतनी सारी सर्च हवन से हवा के शुद्ध करने वाली हैं कि असली रिसर्च कहीं इतने नीचे दब गई है कि ढूंढे़ नहीं मिलती.

ऐलर्जी स्पैशलिस्ट रितिका गोयल का मानना है कि  बच्चों को पौल्यूशन का शिकार ज्यादा होना पड़ रहा है क्योंकि घर के अंदर अगरबत्तियां, मौस्क्टो कौइल और हवन होते हैं और बाहर पैट्रोल, डीजल की गाडि़यां, पराली को जलाना, पत्ते जलाना इस कदर होता है कि कहीं भी पौल्यूशन से नहीं बचा जा सकता.

यह सामान्य वैज्ञानिक तथ्य है कि लकड़ी का धुआं पौल्यूटेंट है क्योंकि इस में छोटे पार्टीकूलेट मैटर होते हैं. ये माइक्रोस्कोपिक पार्टीकल आंखों और फेफड़ों में चले जाते हैं. अमेरिका में घरों में गरमी के लिए लकड़ी जलाना पौल्यूशन का मुख्य स्रोत है. वही लकड़ी भारत में आ कर हवन में पहुंच कर शुद्ध हवा देने लगती है, ऐसा दावा करने वाले खुद भी मूर्ख हैं और दूसरों को भी मूर्ख बनाते हैं. कार्बन मोनोऔक्साइड, नाइट्रोजन औक्साइड, मिथेन तो पैदा होंगे ही चाहे लकड़ी अमेरिका में घर में या भारत में हवन कुंड में घी, दीयों के साथ जले.

बड़ी बात यह है कि पर्यावरण पर लैक्चर देने वाले प्रधानमंत्री बड़ी श्रद्धा व लगन से हवन के बाद हवन करते दिख जाएंगे. जब भी वे ऐसा कोई कार्यक्रम करते हैं, वे इंतजाम करते हैं कि सारे टीवी न्यूज चैनल हवन का और उन का गुणगान करते रहें. दुनियाभर में बढ़ रहे पर्यावरण पर की जा रही चिंता ऐसे ही उड़ जाती है जैसे हवन में पतंगे उड़ जाते हैं.

हवन, आरतियों और दीयों की लाइनें असल मेें धर्म के धंधों का हिस्सा हैं और इन के बिना वह भारतीयता नहीं आती जिस के लिए भक्त सैकड़ों मील चल कर आता है.

Wedding Special: ताकि दमकती रहे दुल्हन की स्किन

किसी भी लड़की के जीवन में शादी एक महत्त्वपूर्ण अवसर होता है. हर लड़की इस दिन सब से खूबसूरत और आकर्षक दिखना चाहती है. शादी से पहले कई तरह की चीजें होती हैं जैसे शादी की शौपिंग करना, तरहतरह की रस्में निभाना व अन्य तैयारी करना. इस वजह से कई बार दुल्हन को थकान, बेचैनी और तनाव से गुजरना पड़ता है, जिस की वजह से वह अपनी त्वचा का सही तरीके से खयाल नहीं रख पाती. ऐसे में उसे यह चिंता सताती है कि वह चमकतीदमकती त्वचा पाने के लिए क्या करे.

कई ऐसे टिप्स हैं, जिन्हें आजमा कर भावी दुल्हन मनचाही त्वचा पा सकती है. वेदिक लाइन के इन टिप्स पर अमल करना आसान है और आप रोज इन्हें अमल में ला सकती हैं ताकि उस दिन के लिए अपनी खूबसूरत त्वचा को और निखार सकें:

2 महीने बाकी

– कम से कम 2 लिटर पानी रोज जरूर पीएं. पानी न ज्यादा ठंडा हो और न गरम यानी रूम वातावरण पर हो. पानी वजन नहीं बढ़ने देगा और शारीरिक तंत्र को साफ रखेगा. यह शरीर से भी हानिकारक तत्त्वों को आसानी से बाहर निकाल देगा.

– नारियल पानी पीने को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें. चेहरे पर चमक लाने का बहुत आसान उपाय है नारियल पानी पीना. यह न केवल त्वचा साफ करता है, बल्कि शरीर को पोषण भी देता है.

– फलों की प्रचुरता वाली अच्छी क्वालिटी की फेशियल किट चेहरे पर लगाना शुरू करें. शादी से 1 दिन पहले फेशियल न करें. अगर पहले ट्राई नहीं किया हो तब तो बिलकुल भी नहीं. शुरुआत करने के लिए सब से अच्छी है नैचुरल फेशियल किट, जिस में पपीता, नीबू आदि के अर्क होते हैं.

– 1 बार दिन में और 1 बार रात में फेसवाश करना न भूलें. अगर मेकअप करती हैं, तो अच्छी क्वालिटी के मेकअप रिमूवर पर खर्च करने में संकोच न करें. रात को इस का इस्तेमाल करना न भूलें यानी बिना मेकअप हटाए बिलकुल न सोएं.

– खानपान में मल्टीविटामिन और कैल्सियम को शामिल करें. फेशियल प्रोडक्ट्स भी ऐसे ही लें, जिन में प्रचुर मात्रा में विटामिन ई शामिल रहे.

– पौष्टिक और सही खाना खाएं. मसलन, आप चौकलेट जितना खाएंगी आप की त्वचा को उतना ही नुकसान पहुंचेगा और वजन भी बढ़ेगा.

– सनस्क्रीन का इस्तेमाल अभी से शुरू कर देना चाहिए. इस का शादी से कोई लेनादेना नहीं है. हां, इस के इस्तेमाल से पहले यह जरूर देख लें कि आप की स्किन टाइप और एसपीएफ के हिसाब से आप के लिए कौन सा सनस्क्रीन सही रहेगा. एसपीएफ इस पर निर्भर करता है कि आप बाहर तेज धूप में कितनी देर रहती हैं.

1 महीना बाकी

– जब शादी में 1 महीना रह जाए तो इस महीने की शुरुआत व्यापक तौर पर स्पैशलाइज्ड फैशियल से करें. 2 हफ्ते के अंतराल पर गोल्ड फेशियल और डायमंड फेशियल कराने पर आप को चेहरे पर इस का असर दिखेगा. इस में मौजूद प्राकृतिक तत्त्वों की मदद से फेशियल के बाद आप की त्वचा का रोमरोम खुल जाएगा, इस की अच्छी तरह सफाई हो जाएगी, त्वचा को भरपूर पोषण मिलेगा और त्वचा में कसावट व रौनक आएगी.

– ज्यादा मेकअप से बचें. थोड़ा कम मेकअप करेंगी तो इस से बहुत फर्क पड़ेगा. आप की त्वचा को सुकून लेने का मौका मिलेगा और त्वचा पर कीलमुंहासे निकलने या किसी और तरह का नुकसान पहुंचने की आशंका कम हो जाएगी. बीबी क्रीम से भी काम चल जाएगा, जो आप को मेकअप फ्री लुक देगी और त्वचा से दागधब्बे हटा कर उसे साफ बनाएगी.

– होंठों की देखभाल को कभी नजरअंदाज न करें. फ्रूटी वाला लिप बाम हमेशा साथ रखें.

भारती मोदी

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