आजकल सोशल मीडिया का जमाना है , सही हो या गलत सोशल मीडिया के पावर से इनकार नहीं किया जा सकता . इस बात का जीता जागता उदाहरण हाल ही में लाइम लाइट में आई काकरोच जनता पार्टी का आंदोलन है , जिसने सोशल मीडिया के जरिए लाखों लोगों को अपने हक के लिए प्रोटेस्ट करने पर आमादा कर दिया .

जहां एक ओर सोशल मीडिया के जरिए आम इंसान से लेकर सेलिब्रिटीज तक प्रस्तुति के शिखर पर पहुंच रहा है तो सोशल मीडिया ही किसी का नाम और करियर बिगाड़ने में भी पीछे नहीं रहता आज के समय में छोटी सी बात भी इतनी ज्यादा वायरल हो जाती है की ट्रोलर्स उस इंसान का मजाक उड़ा कर जिसे ट्रोल किया जा रहा है उसके बारे में गन्दी और भद्दी बातें कमेंट करके इतना बदनाम कर देते है कि उसका जीना हराम हो जाता हैं.

जैसे कि स्टैंड अप कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी ,समय रेना , और प्रणित मोर को अपने स्टैंडअप में कंट्रोवर्शियल कमेंट्स करने के चलते इतना ज्यादा ट्रोल किया गया की इन सभी का करियर ना सिर्फ दाव पर लग गया बल्कि मुनव्वर फारूकी को तो जेल भी जाना पड़ गया , मुनव्वर फारुकी जैसे स्टैंडअप कॉमेडियन उस वक्त ट्रोलर्स के निशाने पर आ जाते हैं जब वह खास तौर पर धार्मिक देवी देवताओं का अपने शो के जरिए मज़ाक उड़ा देते है , भले ही उनका इंटेंशन गलत ना हो लेकिन ऐसा करते ही धर्म के सारे ठेकेदार मजाक उड़ाने वाले कॉमेडियन को जेल पहुंचा कर ही दम लेते हैं.

यही वजह है कि सोशल मीडिया में ट्रोल होने से सभी डरते है .

लेकिन सोशल मीडिया पर ट्रोल होने के अगर नुकसान हैं तो फायदे भी हजार है, खास तौर पर उन लड़कियों के लिए जो फैशन के नाम पर अधनंग कपड़े पहनकर जानबूझ कर पपराजी के सामने फोटोस खिंचवाती है ताकि वह वायरल हो जाए और उनको काम मिलना शुरू हो जाए , कई लड़कियां जिन्हें कुछ समय पहले कोई नहीं जानता था लेकिन अंग प्रदर्शन के चलते अजीबोगरब और अधनंग कपड़ों के साथ अश्लील फोटो खींचवाने की बदौलत वह न सिर्फ वायरल हुई है बल्कि उनको रियलिटी और फैशन शोज में काम भी मिला है. उर्फी जावेद , शर्लिन चोपड़ा, राखी सावंत इस बात का जीता जागता उदाहरण है.
हालांकि आजकल सोशल मीडिया पर ट्रोलर्स और पपराजी को बोहत भला बुरा कहा जाता है लेकिन क्या सोशल मीडिया का फायदा बड़े-बड़े स्टार और सेलिब्रिटीज नहीं उठा रहे है ? कई सारे सेलिब्रिटीज सोशल मीडिया पर पॉपुलर होने के लिए या अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाते हैं , व्यूज़ और सब्सक्राइब बढ़ाने के लिए कई बार ट्रोलर्स को खरीद कर उनके जरिए सोशल मीडिया पर बवाल करके अपने सब्सक्राइबर्स बढ़ाते हैं , कुछ एक्टर और सेलिब्रिटीज तो लाखों में सब्सक्राइबर खरीदते हैं ताकि वह उनके लिए ही काम करे ,ये सारे सब्सक्राइबर जहां अपने कलाकार की तारीफ करके उनका फायदा दिलाते हैं,वही उन्हीं सेलिब्रिटी के दुश्मनों को या प्रतिद्वंदियों को नीचा दिखाने या नुकसान पहुंचाने के लिए लिए ये एक्टर या सेलिब्रिटी खरीदे हुए ट्रोल्स के जरिए हद से बाहर बदनामी करके उनको नुकसान भी पहुंचाते हैं ।

सेलिब्रिटी और ट्रोलर्स के बीच का ये भयानक रिश्ता अगर सिलेब्रिटीज को नाम शोहरत पैसे का फायदा दिलाता है , तो यही ट्रोलर्स नाम खराब करके किसी कलाकार का कैरियर खराब करने में भी पीछे नहीं हटते हैं, गौरतलब है फिल्मी सितारे या ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़े सेलिब्रिटीज अपने फायदे के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे करते हैं? व्यूज और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए , और छोटी से छोटी बात को वायरल करने के लिए क्या-क्या हथकंडे अपनाते हैं , पेश है इसी सिलसिले पर एक नजर…..

बेनाम ट्रोलर्स का सैलिब्रिटीज के बीच खौफ

आजकल जहां एक ओर 100 में से 10 फिल्में भी ठीक से नहीं चल रहीं, अपनी फिल्मों को दर्शकों तक पहुंचाने के लिए प्रमोशन से ले कर अच्छीबुरी पब्लिसिटी तक हर मेकर्स कोशिश कर रहे हैं, ऐक्टर्स भी अपनी तरफ से फिल्मों में हर तरह से अपना 100% देने की कोशिश कर रहे हैं. बावजूद इस के किसी भी फिल्म को रिलीज से पहले उस फिल्म से जुड़े लोगों को कई बार बुरे दौर से गुजरना पड़ रहा है। इस के पीछे एक खास वजह है ऐक्टर और फिल्मों की बुराई करने वाले बेनाम ट्रोलर्स। ये बेनाम घोस्ट ट्रोलर्स अगर किसी ऐक्टर या फिल्म के पीछे पड़ जाते हैं, तो उसे बरबाद करने में जरा भी कसर नहीं छोड़ते। फिर चाहे वह कोई फिल्म हो या कोई ऐक्टर।

हाल ही में जब आलिया भट्ट ट्रोलर्स के निशाने पर आईं तो फिल्म इंडस्ट्री और ट्रोलर्स के बीच एक जंग सी छिड़ गई।

इसी तरह अगर ये बेनाम ट्रोलर्स अगर किसी फिल्म के पीछे पड़ जाते हैं और सोशल मीडिया में उस की बुराई करने लगते हैं तो सारी जनता को भी लगने लगता है कि फिल्म खराब है, अच्छी नहीं है और इस चक्कर में दर्शक थिएटर तक पहुंचते ही नहीं हैं.

ट्रोलर्स की निगेटिव पब्लिसिटी की वजह से ऐक्टर के कैरियर पर या फिल्म की सफलता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आलिया भट्ट की तरह पिछले दिनों कियारा आडवाणी, सोनाक्षी सिन्हा, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह, अक्षय कुमार, अमिताभ बच्चन, करण जौहर इतना ज्यादा ट्रोल हुए कि उन को मजबूरन सोशल मीडिया से दूरी बनानी पड़ी।

कहीं पर निगाहें कहीं पर निशाना

सिर्फ बेनाम ट्रोलर्स ही नहीं, कई यूट्यूबर्स भी अपने फौलोवर्स और सब्सक्राइब बढ़ाने के लिए बड़े स्टारों को निशाना बना कर निगेटिव पब्लिसिटी के जरीए दर्शकों का ध्यान अपने कंटेंट के लिए आकर्षित करते हैं ताकि वह फौलोवर्स और व्यूवर सब्सक्राइबर बढ़ा सके और पैसा कमा सके। इस के लिए कई घोस्ट ट्रोलर्स एआई का सहारा ले कर ऐक्टर्स की फोटो के साथ छेड़छाड़ कर के उन को गलत तरीके से दिखा कर भी सैलिब्रिटीज की बदनामी करते हैं।

इस पर रोक लगाने के लिए अभिताभ और अभिषेक बच्चन से ले कर ऐश्वर्या राय और करण जौहर तक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया ताकि इस पर रोक लगा सकें. ऐसे में सवाल यह है कि सोशल मीडिया पर फैले ये ट्रोलर्स क्या किसी ऐक्टर का फिल्मी कैरियर बिगाड़ सकते हैं?क्या ये ट्रोलर्स बौलीवुड राजनीति का एक भयानक हिस्सा हैं, जो जानबूझ कर या किसी के कहने पर निगेटिव पब्लिसिटी करते हैं? क्या बौलीवुड से जुड़े लोगों के पास इस का कोई हल है?

पहले जो ऐक्टर्स अपने प्रशंसकों से खुल कर मिलते थे अब वे सोशल मीडिया में निगेटिव पब्लिसिटी से परेशान हो कर अपने प्रशंसक और प्रैस, मीडिया से मुंह छिपा कर चले जाते हैं। ऐसे में कलाकारों का अपने बचाव के लिए अपना सोशल मीडिया अकाउंट क्लोज करना कहां तक सही है? कौन है ये ट्रोलर्स और कहा से आते हैं, जिन्होंने ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़े लोगों की नाक में दम कर रखा है?

घोस्ट ट्रोलर्स की भयानक राजनीति

सोशल मीडिया के दौर में सैलिब्रिटीज की पर्सनल जिंदगी पर्सनल नहीं रही बल्कि उन का एकएक ऐक्शनरिएक्शन सोशल मीडिया पर ट्रोल होता है. इस के जिम्मेदार वे घोस्ट ट्रोलर्स हैं जो कई बार पैसे ले कर कलाकारों की जिंदगी को सोशल मीडिया पर उधेड़ कर रख देते हैं, जिसे देखनेसुनने के बाद ऐक्टर्स अपनी बुराई सुन कर बेहद दुखी हो जाते हैं.

पिछले दिनों कौमेडियन भारती सिंह ने एक इंटरव्यू में रोते हुए बताया था कि उन के मोटे होने की वजह से शादी से ले कर बच्चे होने तक हर बात को ले कर उन को ट्रोल किया गया, जिस की वजह से वे अपने आंसू नहीं रोक पाईं।

भारती सिंह की तरह अमिताभ बच्चन ने भी अपने एक इंटरव्यू में कहा कि वे डर के मारे कोई कमेंट नहीं पढ़ते, इस डर से कि कहीं किसी ट्रौलर ने उन को भलाबुरा न कह दिया हो.

अन्य कोई कलाकारों ने भी निगेटिव पब्लिसिटी से डर कर अपना सोशल मीडिया अकाउंट ही बंद कर दिया.

भयानक खेल

बौलीवुड में घोस्ट ट्रोलिंग एक नया ट्रेंड शुरू हुआ है, जिस में नकली फौलोवर्स पैसा ले कर फर्जी नाम से गुमनाम और फेक अकाउंट के जरीए सितारों की फिल्में और निजी जिंदगी पर सुनियोजित तरीके से नकारात्मक हमले करते हैं ताकि अपने नकारात्मक प्रचार के जरीए वे सैलिब्रिटीज की छवि खराब कर सकें.

ये ट्रोलर्स ट्रेंडिंग और हैशटैग के जरीए एक समूह में मिल कर किसी अभिनेता या फिल्म के खिलाफ निगेटिव प्रचार करते हैं, जिस के बाद आम लोग ट्रोलर्स की बात को सच मान कर उस ऐक्टर को खराब समझने लगते हैं.

निगेटिव प्रचार का कलाकारों पर बुरा प्रभाव

फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग कई बार निगेटिव पब्लिसिटी के चलते डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं या त्रस्त हो कर गुमनामी की जिंदगी जीना शुरू कर देते हैं। पिछले दिनों गायक अरिजीत सिंह, नेहा कक्कङ ने संन्यास लेने का निर्णय ले लिया था. इतना ही नहीं, निगेटिव प्रचार की बदौलत कई बार करोड़ों की बनी हुई फिल्म गलत प्रचार की वजह से बिना देखे ही फ्लौप लिस्ट में आ जाती है. अच्छी फिल्म होने के बावजूद उस फिल्म को देखने के लिए दर्शक थिएटर तक नहीं पहुंचते.

जिम्मेदार कौन

फिल्म इंडस्ट्री में भाई भतीजावाद और नेपोटिज्म काफी समय से चला रहा है, जिस के चलते बौलीवुड में कई गुट बने हुए हैं, जो मेकर्स और हिट ऐक्टर्स के हैं. सूत्रों के अनुसार ये पैसे लगा कर हजारों और लाखों में फौलोवर्स खरीदते हैं जो सिर्फ उन सैलिब्रिटीज के लिए ही काम करते हैं. ये उस कलाकार या मेकर की तारीफ और इन सिलेब्स के विरोधियों की सोशल मीडिया पर खुल कर बुराई करते हैं. ये सैलिब्रिटीज खरीदे हुए फौलोवर्स के जरीए अपनी तारीफ और अपने दुश्मनों या अपोजिट पार्टी की आलोचना कर के उन का कैरियर बिगाड़ने की कोशिश में लगे रहते हैं.

पिछले दिनों पुलिस काररवाई के दौरान घोस्ट फौलोवर्स का घोटाला सामने आया। मुंबई पुलिस की जांच के अनुसार कई बड़ी हस्तियां और सैलिब्रिटीज सोशल मीडिया पर अपनी छवि संवारने और दूसरों की छवि बिगाड़ने के लिए पैसे खर्च कर के फर्जी ट्रोलर्स और फौलोवर्स खरीदते हैं. नकली अकाउंट बना कर न सिर्फ दूसरों को ट्रोल करते हैं बल्कि औनलाइन डाटा भी चोरी करते हैं.

इस से यही निष्कर्ष निकलता है कि जो फिल्म इंडस्ट्री बौक्स औफिस पर फिल्म को सफल करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेती है, वही सोशल मीडिया कई बार फिल्म को फ्लौप करने के लिए नकली फौलोवर्स और ट्रोलर्स के जरीए फिल्म को नुकसान पहुंचाने का इस्तेमाल भी करती है.

इसलिए ऐक्टर हो या मेकर्स सिर्फ अपने ऊपर विश्वास रखें, मेहनत करें, तो ये ट्रौलर्स उन का कुछ नहीं बिगाड़ सकेंगे क्योंकि आखिर में अच्छा काम ही बोलता है।

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