Dating : जरमनी एक मौडर्न, रिच, ऐजुकेटेड देश है पर जब वहां की पुलिस का चीफ डिर्क पिगले खुद माने कि युवतियों की डेटिंग खतरनाक हो सकती है और लड़कियों से मारपीट और यहां तक कि मर्डर तक भी किया जा सकता है तो खतरा सामने है दिख रहा है. दुनियाभर में यंग मैन अब फ्रस्टे्रटेड होने लगे हैं और जब यंग गर्ल्स या यंग वूमन उन्हें ‘न’ करती हैं तो वे वायलैंट होने लगते हैं.

अगर यंग गर्ल्स ही नहीं मैच्योर वूमन भी अब डेटिंग करने से कतरा रही हैं तो इसलिए कि अब उन्हें पुरुषों पर भरोसा नहीं रह गया है कि वे अपनी लिमिट में रहेंगे और अगर पार्टनर ने किसी बात पर ‘न’ कहा या मेल फ्रैंड को कुछ करने से रोका तो उन के साथ बुरा हो सकता है.

जरमनी ही नहीं दुनिया के बहुत से देशों में बौयफ्रैंड्स और मेल कलीग्स द्वारा जबरदस्ती करने की न्यूज अब आम होने लगी हैं. यहां भारत में सूटकेस में बंद कर के लड़की को फेंक देना, हत्या कर के टुकड़ेटुकड़े कर के डाल देने के मामले बढ़ रहे हैं.

जरमनी का पुलिस चीफ आदमी है, उस के पास पुलिस फोर्स है पर वह भी मानता है कि डेटिंग अब खतरे से बाहर नहीं है. डेटिंग नहीं तो सैक्स और मैरिज नहीं, सैक्स और मैरिज नहीं तो बच्चे नहीं, बच्चे नहीं तो फैमिली नहीं. दुनिया के सिविलाइज्ड, रिच देशों में टै्रजेडी यही है कि वहां जैसेजैसे औरतें वर्क फोर्स का हिस्सा बन रही हैं वैसेवैसे वे कंपीटिटर बन रही हैं. बहुत से फील्ड्स में उन्होंने आदमियों के पीछे छोड़ दिया है और उन की बौस बन गई हैं.

दिक्कत यह है कि लिटरेचर, मीडिया, पोर्न इंडस्ट्री, फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं चर्च, स्कूल, कालेज लड़कियों को अभी भी सैकंडरी प्लेस पर डिपिक्ट कर रहे हैं. ज्यादातर लड़के यह सोच कर बड़े होते हैं कि मसल्स की इंपौर्टैंस माइंड से ज्यादा है जबकि यह कहीं पर भी साबित नहीं होती.

अभी तक जो फैमिली स्ट्रक्चर भारत सहित विदेशों में चल रहा है उस में औरतों को आदमियों की सुननी ही पड़ती है चाहे वे ज्यादा समझदार और कुशल ही क्यों न हों. चर्च इस बात को बहुत अधिक थोपता है, बाइबल हो, कुरान हो, पुराण स्मृतियां हों सब बारबार औरतों को पति, पिता, बेटों के कहने का आदेश देते हैं. यही सुनसुन कर मैन ज्यादा रोबदार होने लगते हैं. आज की ऐजुकेटेड और ऐनलाइटेड औरतें इस के लिए तैयार नहीं हैं.

अगर आदमियों को औरतोें का प्यार चाहिए, उन का संरक्षण चाहिए, उन का बनाया खाना चाहिए, उन से हुए बच्चे चाहिए तो उन्हें उन को रिसपैक्ट देना सीखना होगा. उन की ‘नो’ को सम?ाना होगा, सम?ाना होगा कि  वे उन की स्लेव नहीं सपोर्ट सिस्टम हैं. उन के बिना औरतें अपनी मल्टीफंक्शन कैपिबिलिटी के कारण आराम से अकेली रह लेंगी, वे नहीं रह सकते.

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