महिलाएं डरकर घर में दुबक कर रहना बंद करें – गुलकी जोशी

टीवी सीरियल फिर सुबह होगी’ से एक्टिंग करियर की शुरुआत करने वाली गुलकी जोशी को बचपन से एक्टिंग का शौक था, जिसमें साथ दिया उसके माता-पिता ने. थिएटर प्रोफेशन से सम्बन्ध रखने वाले उसके माता-पिता ने हमेशा चाहा है कि गुलकी अपने मनपसंद काम करें. इसलिए गुलकी को इस क्षेत्र में आने में समस्या नहीं आई. गुलकी हमेशा लीक से हटकर काम करना पसंद करती है. सोनी सब टीवी पर धारावाहिक मैडम सर’ में वह पुलिस औफिसर हसीना मलिक की मुख्य भूमिका निभा रही है. शांत और हंसमुख स्वभाव की गुलकी से बात करना रोचक रहा पेश है कुछ अंश.

सवाल-इस क्षेत्र में आने की इच्छा कैसे हुई?

मुझे बचपन से कला का माहौल मिला है. मेरे माता-पिता भी थिएटर से है. इसलिए मुझे इस काम के अलावा कुछ करना नहीं था. मेरी परवरिश दिल्ली और मुंबई में हुई. मैंने अपनी पढाई पूरी कर अभिनय की ओर मुड़ी. इस दौरान मैंने लोगों से जुड़ना शुरू कर ऑडिशन देने लगी थी और साल 2012 में मुझे पहली धारावाहिक ‘फिर सुबह होगी’ मिली.

सवाल-परिवार का सहयोग कितना रहा?

परिवार ने काफी सहयोग दिया. पढाई ख़त्म करने के बाद उन्होंने काम करने की सलाह दी और मैंने भी वैसे ही किया इससे कोई समस्या नहीं आई.

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सवाल-पुलिस की भूमिका के लिए कितनी तैयारियां करनी पड़ी?

कई दिनों तक वर्कशॉप चली. कानपुर से एक रिटायर्ड डी एस पी आई थी, उन्होंने काफी सारी चीजों को बताई, जिसमें लुक, कॉस्टयूम, अनुसाशन, बॉडी लैंग्वेज आदि सभी की जानकारी दी. वर्दी की पूरी डेकोरम को बताया. इससे धीरे-धीरे सारी चीजें समझ में आ गई.

सवाल-इस भूमिका से आपके अंदर कितना परिवर्तन आया?

बहुत अधिक परिवर्तन आया है. पुलिस का काम कितना कठिन है. ये दैनिक जीवन में कोई नहीं समझ सकता . उनके बारे में बुरा-भला कहना ठीक नहीं. एक दिन आप उनकी जिंदगी जीकर देख सकते है कि वे कितनी मेहनत का काम करते है.

सवाल-क्या आपको लगता है कि पुलिस के बारें में केवल आम आदमी ही नहीं, प्रसाशन भी कम सोचता है, इससे कई बार किसी हादसे में उनकी मृत्य बेरहमी से हो जाती है?

असल में पुलिस को जो आदेश मिलता है, उन्हें वे करती है. उसमें कई और समस्याएं भी है, मसलन उन्हें अच्छी सैलरी का न मिलना, अधिक काम का बोझ, उन्हें सही सम्मान का न मिलना आदि कई सारी ऐसी बातें ऐसी उलझी हुई है कि किसी एक को दोषी ठहराना ठीक नहीं. प्रसाशन ही नहीं, सभी को इसमें शामिल होने की  जरुरत है. इसके अलावा लोग मीडिया पर विश्वास करते है, लेकिन वे भी 80 प्रतिशत तक बिकाऊं हो चुकी है, ऐसे में क्या सही क्या गलत है, समझना आज बहुत मुश्किल हो चुका है.

सवाल-क्या आप मानती है कि सोशल मीडिया आजकल बहुत हावी हो रहा है?

ये सही है, असल में सोशल मीडिया एक पावरफुल टूल है, इससे आप किसी भी बात को लोगों की नज़र में तुरंत ला सकते है. पहले नुक्कड़ नाटक, थिएटर और फिल्मों के जरिये कोई बात लाखों तक मुश्किल से पहुंच पाती थी पर आज सोशल मीडिया के ज़रिये करोड़ों तक आसानी से पहुंच जाती है. इसका प्रयोग कोई अच्छे से नहीं कर पा रहा है, क्योंकि वे इसका मतलब नहीं समझते. यहां ये समझना जरुरी है कि सोशल मीडिया का प्रभाव हमारे आगे आने वाली पीढ़ी पर न पड़े, इस पर विचार करने की आवश्यकता है. टिकटोक से आज व्यक्ति कुछ भी करता है और इससे वह पैसे भी कमा लेता है. आज दुरुपयोग बहुत अधिक हो रहा है और कुछ दिनों में इस पर भी बैन अवश्य होगा. हमारी जेनरेशन तो सम्भल जाएगी पर आगे पैदा होने वाले बच्चों को सम्भालना बहुत मुश्किल हो जायेगा.

सवाल-आप सोशल मीडिया पर कितनी एक्टिव है?

सबके कहने पर मैं अभी एक्टिव हुई हूं, लेकिन कुछ अच्छा करना चाहती हूं. मैं बहुत प्राइवेट पर्सन हूं.

सवाल-किस शो ने आपकी जिंदगी बदल दी?

सभी शो ने अपने हिसाब से कुछ न कुछ दिया है. सभी से मैंने कुछ सीखा है. मैडम सर शो की वजह से मैं सम्पूर्ण हो पायी हूं, क्योंकि इस शो से मेरा नाम हुआ है. मेरी बड़ी-बड़ी होर्डिंग चारों तरफ दिख रही है. मैं इसकी भूमिका से बहुत संतुष्ट हूं.

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सवाल-क्या फिल्मों में आने की इच्छा है?

अगर कोई अच्छी कहानी मिलेगी तो अवश्य काम करुंगी, क्योंकि मैंने हमेशा ये जाना है कि फिल्में हो या वेब सीरीज ये बड़े मॉस को संबोधित करती है. इसलिए इसमें सभी बातें सोच समझकर कही जानी चाहिए, क्योंकि ये एक बड़े समूह को प्रभावित करती है. हर कलाकार की ये ‘मोरल’ होनी चाहिए.

सवाल-अभिनय के अलावा और क्या करना पसंद करती है?

मुझे घूमने का शौक है. मैं ट्रेकिंग और पैराग्लाइडिंग बहुत करती हूं.

सवाल-कितनी फूडी और फैशनेबल है?

मुझे खाना बनाना, खिलाना और खाना सब पसंद है. मां के हाथ का बना दाल चावल और आलू के पराठे मुझे बहुत पसंद है. मेरे पिताजी भी बहुत अच्छा खाना बनाते है.  मुझे फैशन अधिक पसंद नहीं, मुझे जींस और टी शर्ट में रहना अच्छा लगता है, पर इस क्षेत्र में थोड़े बहुत फैशन करने पड़ते है. उसके लिए मेरी पूरी टीम है.

सवाल-महिला दिवस पर महिलाओं से क्या कहना चाहती है?

सबसे पहले महिलाएं डरकर घर में दुबक कर रहना बंद करें. हम अगर बच्चा पैदा कर सकते है, तो जीवन में कुछ भी करना हमारे लिए असंभव नहीं.  इसके अलावा सभी माओं के लिए मेसेज है कि वे अपने बेटे और बेटी में फर्क करना बंद करें. लड़कियों को भी लडको के जैसे पूरी आजादी दें. उन्हें सेल्फ डिफेन्स की तालीम दें और आत्मनिर्भर बनाएं. महिलाएं अपने आप में हमेशा विश्वास रखें.

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घुंघराले बालों को संवारना होगा आसान

जिन महिलाओं के बाल सीधे होते हैं वह कोई भी हेयर स्टाइल आसानी से बना लेती हैं. पार्टी हो या शादी बालों को संवारने में उन्हें ज्यादा वक्त नहीं लगता. लेकिन जिन महिलाओं के बाल घुंघराले होते हैं, वे हमेशा अपने बालों को लेकर परेशान दिखती हैं. कई बार घुंघराले बालों को संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है. दरअसल, कर्ली हेयर में ज्यादा घने होते है, जिस वजह से इन्हें मैनेज करना बहुत मुश्किल हो जाता है.

कैमिकल और हीट से बेजान होते बाल

कर्ली, ड्राई और उलझे हुए बालों के लिए लड़कियां तमाम नुस्खें अपनाती हैं. कभी स्ट्रैटनर से बालों को जलाती हैं, तो कभी कैमिकल से बालों को संवारती हैं. खूबसूरत बालों की चाह में महिलाएं व लड़कियां कैराटिन, स्मूथ्निंग, रिबौंडिंग से बालों को सीधे तो करवा लेती हैं लेकिन इन सबके इस्तेमाल से बाल और भी ज्यादा बेजान और रूखे दिखने लगते हैं. कर्ली बालों को कर्ली ही रहने दे. बालों की खूबसूरती कैमिकल के इस्तेमाल के बाद कुछ समय के लिए बढ़ तो जाती है लेकिन उतनी ही जल्दी घट भी जाती है. इसलिए बालों को नैचुरल ही रहने दें. अगर आप अपने कर्ली बालों की देख रेख अच्छे से करेंगी तो आपको कैमिकल का सहारा  नहीं लेना पड़ेगा. बालों की देख रेख के लिए जरूरी है सही प्रौडक्ट का इस्तेमाल. अधिकतर हेयरकेयर प्रौडक्ट में कैमिकल का मिश्रण होता है, जो बालों को आर्टिफिशियल चमक देता है. मगर, हम आपको ऐसे हेयर प्रौडक्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके इस्तेमाल से कर्ली हेयर बेजान और ड्राई नहीं बल्कि खूबसूरत और चमकदार दिखने लगेंगे. आप इन्हें आसानी से मैनेज भी कर सकेंगी और अपनी हेल्दी कर्ली बालों पर गर्व भी महसूस करेंगी. ‘फिक्स माई कर्लस’ एक ऐसा अनोखा प्रौडक्ट है जो कर्ली बालों को मौइश्चराइज करने के साथसाथ बालों के कर्लस को डिफाइन भी करता है. इस के 5 ऐसे बेहतरीन प्रौडक्ट हैं जो कर्ली बालों को एक ब्युटीफूल कर्ली लुक देते है साथ ही उन्हें नोन फ्रिजी और टैंगल्ड फ्री हेयर भी बनाता है. आइए, जानते हैं ‘फिक्स माई कर्लस’ के 5 आसान स्टैप्स जिन्हें फौलो कर के आप अपने कर्ली हेयर को खूबसूरत और चमकदार बना सकती हैं:

स्टेप 1

squeky

क्लींजिंग: बालों को नियमित रूप से क्लीन करना बहुत जरूरी होता है. बालों की साफ सफाई के लिए हम शैंपू का इस्तेमाल करते हैं लेकिन ज्यादातर शैंपू हमारे स्कैल्प के लिए कठोर होते हैं, जब हम इनका इस्तेमाल करते हैं तो यह बहुत सारा झाग बनाते हैं. जिससे हमें यह लगता है कि हमारे बाल साफ हो गए हैं. मगर यह हमारे बालों को साफ करने का एक खतरनाक तरीका है. लेकिन स्क्तश्व्न्यङ्घ के इस्तेमाल से आप अपने क्लीजिंग डे को बहुत आसान बना सकती हैं. इसमें सल्फेट और सर्फैक्टैंट्स यानी जिसकी मदद से झाग बनता है, ऐसा कोई कैमिकल नहीं डाला गया है. लेकिन इसमें खुजलीनाशक जैसे सामग्रियों का इस्तेमाल किया गया है, जो बालों में होने वाली खुजली और रूसी को समाप्त करने में मदद करती हैऔर आपके स्कैल्प को ठंडा रखता है.

इस का इस्तेमाल आप सप्ताह में 1 या 2 बार कर सकती हैं. यह आपके हेयर वाश का पहला स्टेप है.

स्टेप 2

ever-more

मौइश्चर के साथ सफाई: अधिकतर महिलाओं को लगता है कि सप्ताह में 1 बार बाल साफ करना काफी होता है. लेकिन ऐसा नहीं है सप्ताह में 2 बार हेयर वाश जरूरी है. हम सबको पता है कि बहुत सारे क्लींजिंग और शैंपू ऐसे होते हैं जिनके इस्तेमाल के बाद स्कैल्प ड्राई हो जाती हैं. लेकिन एक ऐसा मौइश्चर शैंपू है जिसके इस्तेमाल से ऐसा नहीं होगा. इस प्रौडक्ट में दूसरे शैंपू और क्लींजिंग के मुकाबले दोगुना औयल है. जो हेयर वाश के बाद भी स्कैल्प में मौइश्चर बनाए रखता है. इसे आप क्लींजिंग के बाद इस्तेमाल करें.

स्टेप 3

mellow

कंडिशनिंग: कंडीशनिंग करना सबको पसंद होता है, क्योंकि इसके इस्तेमाल से बाल घने और खूबसूरत दिखने लगते हैं. कंडीशनिंग बालों के लिए इसलिए जरूरी होता है क्योंकि कई बार शैंपू के बाद स्कैल्प इतना ड्राई हो जाता है कि वह खुद ही अपना औयल बनाने लगता है. इस औयल बनने के प्रक्रिया को हम सीबम निमार्ण कहते है. हालांकि सीबम बनने के कई सारे कारण हो सकते है. लेकिन हम पहले से ही अगर अपने स्कैल्प को मौइश्चराइज रखेंगे तो स्कैल्प पर ड्राई होने के वजह से औयल बनना बंद हो जाएगा. स्कैल्प पर ऐक्स्ट्रा औयल न बने इसके लिए आप रूश्वरुरुहृङ्ख का इस्तेमाल कर सकती हैं. इसमें शहद होता है जो बालों के लिए बहुत अच्छा कंडीशनर माना जाता है.

गोजी बेरीज जो विटामिन ए का बहुत अच्छा स्रोत है, इसमें नाइजैलासैटीवा औयल है. जो बालों को नैचुरल मौइश्चराइजर देता है. इसमें फेटी ऐसिड भी मौजूद है जो बालों को प्रदूषण से बचाता है.

आप जब भी कंडीशनिंग करें शावर या हीट कैप का इस्तेमाल करें.

स्टेप 4

stay

क्रीम का इस्तेमाल: हम जानते हैं कि बालों को वाश करना बालों के लिए तो जरूरी है, मगर उस के बाद बालों को बेहतर लुक देने के लिए जैल अथवा क्रीम का इस्तेमाल आप के बालों को मनचाहा लुक दे सकता है. लीवइन क्रीम कर्ली बालों के लिए बहुत लाभकारी है. इस क्रीम में वेनिलाऐक्सट्रैक्ट्स, नाइजैला सैटीवा औयल और जोजोबा बटर है जो आपके बालों को बहुत ही सिल्की और सौफ्ट बना देगी.

इसको लगाने के बाद आप उंगलियों की मदद से मसाज करें. लीवइन क्रीम का इस्तेमाल आप 3-4 दिन में कर सकती हैं. लीवइन क्रीम को गीले बालों पर जैल क्रीम से पहले इस्तेमाल करें.

स्टेप 5

glaze

हेयर जैल: यह हेयर वाश का आखिरी स्टेप पर है सबसे जरूरी. इस जैल को इस्तेमाल करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है, लेकिन इस के इस्तेमाल करने का एक आसान तरिका भी है. जब आप इस जैल का इस्तेमाल करें तो बालों को अच्छी तरह से गीला कर लें. इतना गीला कि बालों से पानी टपके. यह जैल प्रोटीन युक्त और ग्लिसरीन फ्री है जो इस जैल को पर्फेक्ट बनाता है. इस जैल का इस्तेमाल उमस वाले मौसम में भी किया जा सकता है.

अगर आप लिविंग क्रीम के बाद जैल क्रीम का इस्तेमाल करेंगी तो आपको बेहतर परिणाम देखने को मिलेगा.

जरूरी है मौइश्चराइजर और प्रोटीन

अगर बालों में रूखापन व डलनैस हो तो वे देखने में बिल्कुल भी अच्छे नहीं लगते. रूखे, बेजान बालों से चेहरे की खूबसूरती भी ढलने लगती है. ऐसे में बालों को सही मात्रा में मोइश्चराइजर और प्रोटीन की जरूरत होती है. बालों का ख्याल रखने का पहला कदम है प्रोटीन और मौइश्चराइजर बेस वाले शैंपू व कंडिशनर का इस्तेमाल करना. यानी ऐसे प्रौडक्ट्स जो नैचुरल पदार्थ से बने हों और जो प्रोटीन और विटामिन युक्त हों, साथ ही कैमिकल फ्री भी. यदि आप कैमिकल युक्त प्रौडक्ट का इस्तेमाल करती हैं तो आपके बाल रूखे, बेजान, शाइन रहित और पतले हो सकते हैं. प्रोटीन युक्त शैंपू व कंडिशनर बालों को घने, सुलझे हुए और चमकदार बनाने के साथसाथ बालों को अच्छा टैक्सचर देते है. ‘फिक्स माई कर्लस’ भी नैचुरल पदार्थों से बना प्रौडक्ट है. जो आपके बालों को मौइश्चराइज करता है और उसे स्वस्थ बनाता है.

कैसे बेहतर है यह प्रौडक्ट

‘फिक्स माई कर्ल्स’ उन महिलाओं के लिए बनाया गया प्रौडक्ट है, जो अपने कर्ली उलझें बालों से परेशान हैं और जो अपने बालों को अधिकतर बांध कर रखती हैं. लेकिन इन प्रौडक्ट के इस्तेमाल से लड़कियां अपने बालों को खोल भी सकेंगी और उन्हें अपने अनुसार स्टाइल भी कर सकेंगी.

– ‘फिक्स माई कर्लस’ कर्ली बालों को बेहतर बनाने के नजरिए से बनाया गया प्रौडक्ट है.

– इसमें ज्यादा से ज्यादा नैचुरल पदार्थों का इस्तेमाल किया गया है.

– इसके 5 स्टैप्स फौलो करने के बाद कर्ली हेयर सौफ्ट, चमकदार और मुलायम दिखने लगते हैं.

– यह प्रौडक्टस पेराबेन, सिलिकोन, एसएलएस फ्री है.

3 सखियां: भाग-5

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अब तक आप ने पढ़ा:

तीनों सहेलियों में एक आभा ही थी,  जो अपने जीवन और परिवार से खुश थी. एक दिन आभा को शालिनी ने फोन पर बताया कि उस के पति पार्थ उस पर बेइंतहा जुल्म करते हैं, तो उस ने पार्थ को समझाना चाहा. पर वह उलटे ही आभा से लड़ पड़ा. उधर रितिका का भी अपने पति से रिश्ता सामान्य नहीं था. रितिका एक दिन गहरी मुसीबत में फंसी तो उस ने आभा से मदद मांगी.

अब आगे पढ़ें:

मैं ने तय कर लिया है कि मैं निरंजन से क्विक डाइवोर्स ले लूंगी. फिर इटली जाऊंगी और ऐंटोनियो से शादी कर लूंगी… फिर एक दिन आभा को अचानक फेसबुक पर रितिका की खबर मिली.जबशालिनी का पति वापस लौटा तो आभा ने उसे फोन किया.

आप फिर हमें परेशान करने लगीं,’’ पार्थ का स्वर तीखा हुआ.

‘हां और ये मेरी आखिरी वार्निंग है. अगर मैं ने यह सुना कि आप ने फिर अपनी पत्नी को मारापीटा है तो मैं सीधे पुलिस के पास जाऊंगी. और मैं शालिनी के मांबाप को भी आप के बरताव के बारे में बताने वाली हूं.’’

‘‘शौक से. मैं तो यही चाहता हूं कि उन्हें मेरे बारे में पता चले और वे शालिनी को वापस बुला लें. मैं खुद उस औरत से पिंड छुड़ाना चाहता हूं.’’

आभा सकते में आ गई.

‘‘तो आप ने उस से शादी क्यों की?’’ उस ने सवाल किया.

‘‘यही तो मेरे जीवन की सब से बड़ी भूल है.’’ आभा निरुत्तर हो गई. एक दिन अचानक रितिका उस के यहां आ पहुंची.

‘‘अरे तू?’’ आभा हर्ष से चीखी.

‘‘हां मैं. कह रही थी न कि तुझ से मिलने आऊंगी सो देख आ धमकी.’’

आभा उस की ओर मंत्रमुग्ध सी देखती बोली, ‘‘तेरा रंग तो और भी निखर गया. खूबसूरत तो तू थी ही पर अब तो और ज्यादा आकर्षक हो गई है.’’ रितिका हंस दी.

आभा ने उसे बैठा कर उस की पसंद का खाना खिलाया. फिर दोनों सखियां बैडरूम में बैठ कर गपशप करने लगीं.

‘‘अब सुना तेरी कैसी निभ रही है?’’ आभा ने पूछा.

‘‘अब तक तो सब अच्छा ही चल रहा था पर आगे की नहीं कह सकती,’’ रितिका ने अपने कंधे उचकाए.

‘‘क्या मतलब?’’

‘‘मुझे मेरे पति से कोई शिकायत नहीं थी सिवाए इस के कि वे अपने काम को ले कर बहुत व्यस्त रहते थे. उन के पास मेरे लिए बिलकुल समय नहीं था. पर इस बात को ले कर मैं ज्यादा परेशान नहीं थी, क्योंकि उन का काम ही ऐसा था. एक दिन में लाखों के वारेन्यारे होते थे. जब उन के पास पैसे होते थे तो वे मुझे नोटों की गड्डी पकड़ा कर कहते थे कि लो ऐश करो. पर अब अचानक एक नई समस्या खड़ी हुई है. निरंजन के ऊपर केस चलने वाला है.’’

‘‘ये क्या कह रही है तू?’’

‘‘हां, निरंजन ने जल्द से जल्द पैसा कमाने की जुगत में कुछ गलत काम कर दिया. क्या कहते हैं उसे…‘इनसाइडर ट्रेडिंग तू समझती है न? उन्हें पहले से खबर लग जाती थी कि किस शेयर का भाव बढ़ने या गिरने वाला है और वे चुपचाप अपने लिए शेयर खरीद या बेच लेते थे. इस तरह उन्होंने अच्छीखासी रकम खड़ी कर ली. पर आखिरकार पकड़े गए. चूंकि ऐसा करना कानूनन जुर्म है, वे कानून के शिकंजे में आ गए हैं. उन पर मुकदमा चलेगा?’’ आभा स्तंभित हुई, ‘‘यह तो बड़ा बुरा हुआ. अब क्या होगा?’’

‘‘निरंजन पर मुकदमा चलेगा. हार गए तो उन्हें जेल हो सकती है.’’

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‘‘क्या कहती है तू?’’

‘‘सच कह रही हूं.’’

‘‘रितिका ये तो बड़ी बुरी खबर सुनाई तू ने. कितने मजे में तेरी जिंदगी गुजर रही थी. क्या इस मुसीबत से बचने का कोई रास्ता नहीं है?’’

‘‘लगता तो नहीं है.’’

रितिका उदास मुद्रा में बैठी कौफी के कप में चम्मच डुलाती रही.

‘‘अब तू क्या करेगी?’’

‘‘समझ में नहीं आता कि क्या करूं. सोचती हूं निरंजन को उन के हाल पर छोड़ दूं, उन्हें तलाक दे दूं और अपने घर का रास्ता नापूं.’’

‘‘क्या कह रही है तू? अपने पति को इस हालत में छोड़ देगी?’’

‘‘और मैं कर ही क्या सकती हूं, तू ही बता? जब वे सजा काटेंगे तो मैं अकेले कैसे निर्वाह करूंगी? मैं ने यहां आज तक नौकरी नहीं की है और कोशिश भी करूं तो मुझे एक मेड की नौकरी से अधिक कुछ नहीं मिलेगा.’’

‘‘तो?’’

‘‘मुझे लगता है कि घर ही लौटना पड़ेगा. इस के सिवा कोई चारा नहीं है. मेरे पिताजी का देहांत हो चुका है. मां बिलकुल अकेली पड़ गई हैं.’’ पहली बार आभा ने अपनी सखी को इतना उदास और मायूस देखा था. वह उस के लिए चिंतित हो गई.

थोड़ी देर बाद रितिका ने अपने आंसू पोंछे.

‘‘छोड़ भी यार,’’ उस ने अपने पहले वाले बिंदास अंदाज में कहा, ‘‘जो भी होगा देखा जाएगा. जब तक सांस तब तक आस. अभी से रोरो कर क्यों हलकान होऊं. चल जरा बाहर घूम कर आते हैं.’’ बाहर एक रेस्तरां में दोनों बैठ कर आपस में बतियाने लगीं. रितिका बोलने लगी, ‘‘तुझे एक भेद की बात बताऊं, मेरा एक नया दोस्त बन गया है.’’

‘‘अरे?’’ आभा उस का मुंह ताकने लगी.

‘‘हां, एक रोज मैं मौल के बाहर सड़क पर अपने खरीदे हुए सामानों से लदी खड़ी थी और टैक्सी की खोज में थी कि एक लाल रंग की स्पोर्ट्स कार मेरे पास आ कर रुकी. उस में बैठे युवक ने मुझ से पूछा कि मैडम आप को कहां जाना है? क्या मैं आप को कहीं ड्रौप कर सकता हूं?’’

‘‘मैं एक क्षण को चकरा  ई. फिर सोचा कि इस में हरज ही क्या है. वह नौजवान इतालवी बड़ा हैंडसम था और उस का नाम ऐंटोनियो था. उस ने मुझे घर छोड़ा और मैं ने शिष्टाचारवश उसे एक कप कौफी पीने का न्योता दिया. फिर हमारी बाकायदा मुलाकातें होने लगीं.’’

‘‘और तेरे पति को यह बात मालूम है?’’

‘‘नहीं, उन्हें ऐंटोनियो के बारे में कुछ नहीं मालूम. वे तो वकीलों और कोर्टकचहरी के चक्कर लगा रहे हैं. उन्हें खुद की भी सुध नहीं है. लेकिन मुझे ऐंटोनियो अच्छा लगने लगा था. वह करीब रोज ही मेरे यहां पहुंच जाता और अपनी कार में मुझे लौंग ड्राइव पर ले जाता. मेरा समय अच्छा गुजरता था. धीरेधीरे मुझे लगने लगा कि मैं और ऐंटोनियो एकदूसरे के करीब आ रहे हैं और अब ऐसा लगता है कि मैं उस के बिना रह नहीं सकती. ’’

‘‘अरे?’’

‘‘हां आभा, मैं उसे प्यार करने लगी हूं. पहली नजर में ही वह मुझे भा गया. तू उसे देखेगी तो गश खा जाएगी, इतना हैंडसम है वह.

आगे पढ़ें- आभा उसे एकटक देखती रही. फिर बोली…

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बेबो का बैकलेस लुक हुआ वायरल, देखें फोटोज  

बौलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान एक बार फिर इंटरनेट पर अपनी हौट तस्वीरों  से लोगों का दिल जीत रही है उनके इस लुक को को खूब पसंद किया जा रहा है. हाल ही में बेबो को बांद्रा में स्पॉट किया गया. जहां पर उनका ग्लैमरस लुक देखने को मिला, बेगम की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. करीना का ये बोल्ड लुक देख फैंस तरह-तरह के कमैंट्स कर रहे हैं. कुछ फैंस ने पर कमैंट करते हुए लिखा, ‘लव यू जान’, तो कुछ ने लिखा, ‘ब्यूटीफूल क्वीन’.

आपको बता दे करीना ने अपने इस नए बोल्ड लुक में  बैकलेस ब्लैक टॉप पहना है . टॉप के डीप नेक में से उनके क्लीवेज साफ नजर आ रहे हैं. ब्लू  कलर  का जॉगर्स पैंट पहने करीना बिल्कुल बोल्ड अंदाज में नजर आ रही हैं. इस ड्रेस के साथ करीना ने ब्लैक कलर की ट्रांसपैरेट पेंसिल हील सैंडिल पहन रखी है. जिसका लुक बेहद शानदार है. इस हॉट ड्रेस के साथ अगर उनके मेकअप की बात करें तो उन्होंने ग्लॉसी लिप्स के साथ न्यूड मेकअप किया हुआ है और अपने बालों को खुला छोड़ रखा है. इस लुक के साथ उनका पोज देने का जबरदस्त अंदाज कहर ढा रहा है.

 

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अक्सर बेबो का लुक और ड्रेसिंग सेंस लोगों को खूब पसंद आता है लेकिन पिछले साल दिसंबर में अपनी फिल्म ‘गुड न्यूज’ के प्रमोशन के दौरान एक ब्लू कलर के बंधगला सूट में नजर आईं थी. अपने इस लुक के लिए उन्हें फैन्स ने काफी पसंद तो किया था लेकिन हाल ही में उनके इस सूट के लिए उन्हें ट्रोल भी किया जा रहा है.

 

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उनके इस आउटफिट को  फेमस डिजाइनर राघवेंद्र राठौर ने डिजाइन किया था और इसमें करीना बहुत खूबसूरत  लग रही थीं. करीना का  यह आउटफिट इंटरनेशनल लेबल ह्यूगो बॉस की कॉपी है.

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सोशल मीडिया पर फैशन डिजाइन्स की नकल करने पर उनकी जानकारी देने वाले पेज डायट सब्या ने हाल ही में एक तस्वीर शेयर कर इसकी जानकारी दी है. डायट सब्या की इस पोस्ट के मुताबिक, ह्यूगो बॉस ने असल में इस लुक को 2015 में डिजाइन किया था और करीना का आउटफिट इसकी कॉपी है. बंधगले से लेकर सूट के कट्स और बटन्स तक काफी  सेम हैं. हालांकि, राघवेंद्र के आउटफिट में ऑरनेट बटन्स लगाए गए हैं और साथ ही इसमें एक ब्रोश भी लगाया गया है.

इज्जत बनाने में क्या बुराई है

ऑफिस के गेट पर सफेद रंग की कैब रुकी और उस में से क्रीम कलर की खूबसूरत ड्रेस और हाई हील्स पहने प्राप्ति उतरी तो आसपास खड़े लोगों की निगाहें बरबस ही उस की तरफ खिंच गई. ऑफिस के दरबान ने भी बड़ी इज्जत से उसे सलाम ठोका. अपने स्टाइलिश बैग को कंधे से लटकाए  हुए प्राप्ति अदा से मुस्कुराई और अंदर चली आई.

शाहदरा में रहने वाली प्राप्ति का ऑफिस झंडेवालान में है. वह पुलबंगश तक मेट्रो से आती है और फिर वहां से कैब कर लेती है. लौटते समय भी वह पुलबंगश तक कैब से जा कर फिर मेट्रो लेती है. इतनी कम दूरी के लिए कैब में मुश्किल से 50 से 70 तक का किराया लगता है. मगर ऑफिस वालों को लगता है कि देखो लड़की कैब में आनाजाना करती है यानी काफी पैसे वाली है. बहुत अच्छे घर की है.

एक तरह से देखा जाए तो प्राप्ति  ने  इस तरह ऑफिस में अपनी छद्म इज्जत कायम की है और इस के लिए उस ने और भी कई तरीके अपनाए हैं मसलन;

घर में भले ही वह  पूरा दिन फटी जींस और पतली सी टीशर्ट पहन कर गुजार देती हो, मगर जब ऑफिस के लिए निकलती है तो हमेशा लेटेस्ट स्टाइल के ब्रांडेड कपड़े पहनती है.

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उस के टिफिन में हमेशा पनीर, मशरूम जैसी महंगी सब्जियां और चिकन वगैरह होता है. घर में भले ही सूखी रोटियां खाती हो, मगर टिफिन में हमेशा परांठे होते हैं.

उस के पेन से ले कर पर्स, मोबाइल और मोबाइल कवर तक सभी लेटेस्ट ब्रांड और स्टाइल के होते हैं. घर में भले ही वह फटी चप्पल में सारा दिन निकाल दे मगर ऑफिस या बाहर आनेजाने के लिए उस ने 2 -3 हाई हील्स और स्टाइलिश सैंडल्स रखे हुए हैं.

वह फोन या दूसरों से आमने सामने होने पर हमेशा हाईफाई लाइफस्टाइल की बातें करती है. घर में भले ही कभी भी उस ने बाई नहीं रखी मगर सहेलियों से हमेशा अपनी कामवालियों के नखरों और उन के  प्रति अपनी दिलदारी की बातें करती है.

हमेशा अपने बड़े से घर का बखान करती रहती है जब कि उस के पास छोटेछोटे दो कमरों का फ्लैट है.

वह हमेशा दूसरों के आगे अपनी प्रॉपर्टीज और हाईफाई लाइफ़स्टाइल का जिक्र करती रहती है. उस ने अपने ऑफिस कुलीग्स और अपनी सहेलियों को बताया हुआ है कि उस के घर में एक बड़ा सा स्वीमिंग पूल और जिम भी है. जहाँ वह रोज स्वीमिंग और वर्कआउट का अभ्यास करती है जब कि सच्चाई यह है कि उस के पास पर्सनल स्वीमिंग पूल या जिम नहीं है. वह कॉमन जिम और स्वीमिंग पूल का इस्तेमाल करती है.

वह दूसरों के आगे कभी भी फलसब्जियां या कपड़े खरीदते वक्त कीमत को ले कर चिकचिक नहीं करती. घर में भले ही वह आसपास के सब्जीवालों के बीच पैसों के मामले में खडूस के रूप में बदनाम है.

उस ने अपने रिश्तेदारों के बारे में ऑफिस कूलीग्स से बढ़चढ़ कर बताया हुआ है. अक्सर वह उन के आगे जताती रहती है कि उस के रिश्तेदार बहुत पढ़ेलिखे और ऊँचे ओहदों पर आसीन है

इन बातों का नतीजा यह निकला कि ऑफिस में लोग उस की इज्जत करते हैं. उस से अच्छे संबंध बनाए रखने का प्रयास करते हैं. पूरे ऑफिस में उस की अलग धाक बन चुकी है और वह सब की चहेती है.

प्राप्ति ने जिस तरह से अपनी इज्जत बनाई है उस में कोई बुराई नहीं है. सुनने में भले ही कुछ अजीब लगे  मगर हम सब कहीं न कहीं अपनी छद्म इज्जत बनाते फिरते हैं. भले ही सोशल मीडिया हो, फैमिली गेदरिंग हो, ऑफिस इवेंट हो या फिर सोसायटी फंक्शन.

हर कोई दूसरों के आगे अपनी बेहतर छवि दिखाने का प्रयास करता है. तस्वीरें खिंचवाते समय हम कितने ही टेंशन में क्यों न हो पर हमेशा अपनी मुस्कुराती हुई तस्वीर ही खिंचवाते हैं. कोशिश करते हैं कि हमारी  बाहर निकली हुई बेडौल टमी किसी भी तरह छुप जाए. हमारी जुल्फें ज्यादा बाउंसी दिखे. चेहरे की रंगत बेहतर बनाने के लिए फिल्टर्स  का सहारा लेते हैं. अच्छे से अच्छे कपड़ों में तस्वीरें खिंचवाकर उसे फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर डालते हैं.

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सोशल मीडिया पर हम वैसी ही चीज़ें डालते हैं जिस से लोग हम से  प्रभावित और आकर्षित हों. हमारे अधिक से अधिक दोस्त बनें. यही वजह है कि  हम अपनी सफलता, खूबसूरती और सम्पन्नता का प्रचार करते नहीं थकते. इन सभी प्रयासों के पीछे एकमात्र जो चाह होती है  वह है दूसरों  की नजरों में ऊँचा उठने की ख्वाहिश.

अपनी चीजें बढ़ाचढ़ा कर दिखाने की आदत हमें बचपन से ही लग चुकी होती है और इस में कुछ गलत भी नहीं. दूसरों के आगे अपनी कमियां दिखा कर रोने से कोई नतीजा नहीं निकलता. उल्टे लोग आप से कतराने लगते हैं. तो फिर क्यों न खुद को बेहतर दिखा कर अपने अंदर का आत्मविश्वास बढ़ाएं और चेहरे पर खुशनुमा रौनक जगाएं. दोस्तों की फेहरिस्त बढ़ाएं और जी भर कर जीएं.

Holi Special 2020: कैमिकल की जगह नेचुरल कलर से खेलें होली

फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला त्योहार होली एक ऐसा रंगबिरंगा त्योहार है, जिसे हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ मनाते हैं और एक दूसरे को प्यार के रंग लगाते हैं लेकिन अब इन रंगों में केमिकल की मिलावट हो चुकी है. इस समय बाजार में जो रंग बिक रहे हैं, उनमें अधिकतर केमिकल का इस्तेमाल हो रहा है और ऐसे में कोरोना वाइरस के प्रकोप से डरे लोग, होली खेले तो कैसे खेले इस बारे में बता रहीं हैं सिल्वरीन सैलून & ब्यूटी अकादमी ब्यूटी एक्सपर्ट पूर्णिमा गोयल.

1. घर पर ही बनाये प्राकृतिक रंग

इस साल जहां तक संभव है भीड़ भाड़ में होली खेलने से बचें और यदि मनानी ही हो तो अपने क्लोज सर्कल, परिवार के लोगों और बहुत ही क्लोज मित्रों के साथ होली मनायें , वायरस के प्रकोप के चलते आपको यह सावधानी बरतने की ज़रूरत है. और अब जब आप अपने दोस्तों के साथ होली खेलें तब इस बात का ध्यान रखना ज़रूरी है की आप केमिकल युक्त रंगो आदि के प्रयोग से बचें. बाजार में केमिकल युक्त रंग जगह जगह पर आसानी से मिल रहे हैं. पहले के मुकाबले आज रासायनिक की अपेक्षा लोगों के पास प्राकृतिक और जैविक रंगों के विकल्प मौजूद हैं. फिर भी अगर आपको आर्गेनिक और नेचुरल रंग मिलने में दिक्कत हो रही है तो आप यह प्राकृतिक रंग आप आसानी से घर पर बना सकते हैं.

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2. पोस्ट होली हेयर केयर

होली के रंगों से आपके बाल और स्किन दोनों पर ही विपरीत प्रभाव पड़ता है. बालों के अतिरिक्त आपकी स्काल्प जो काफी, सेंसिटिव होती है उस पर भी रसायन युक्त रंग कोटिंग बना देते हैं जिससे स्काल्प इचिंग, डैंड्रफ आदि की समस्या हो जाती है. इसके अलावा जिन लोगो की स्किन संवेदनशील है या वो स्किन एलर्जी और सिरोसिस जैसी स्किन की समस्या से पीड़ित हैं उनके लिए ये रंग और अधिक नुकसानदायक होते हैं. ऐसे लोगों को त्योहार से कम से कम 15 दिन पहले precautionary मेसर्स लेने चाहिए. उन्हें अपने स्नान में टी ट्री आयल या लैवेंडर आयल का उपयोग करना चाहिए, यह ना केवल रंगो के दुष्प्रभाव बल्कि स्किन इन्फेक्शन से भी प्रोटेक्ट करेगा. आम तौर पर लोग अपने बालों में जमा होने वाले रंगों को हटाने के लिए हार्ड शैम्पू, ब्लीचिंग और केमिकल युक्त पैक्स लगा लेते हैं, लेकिन यह बालों और स्कैल्प को गंभीर नुक्सान पहुंचा सकता है और रसायन आपकी स्किन को संक्रमण प्रोन कर देते हैं.

3. हेयर केयर पोस्ट होली

बालों में फंसे रंग को छुड़ाने के लिए आप दही और निम्बू के मिश्रण को स्कैल्प और बालों में १० मिनट तक लगा रहने दें और फिर हल्के गरम पानी से सर धो लें, यह बालों से कलर और पोलयूशन निकालने का प्रभावी तरीका है, इसके बाद आप बालों को बिना सलफेट और पैराबेन वाले माइल्ड शैम्पू से धो लें ताकि बचे खुचे पार्टिकल्स भी निकल जाएं. यह आपके बाल और स्कैल्प साफ़ करने के अलावा उन्हे कंडीशन भी करेगा.

4. क्या ना करें

ज़्यादातर लोग स्किन से रंग उतारने के लिए अखरोट, खुबानी आदि से बने हुए स्क्रब का इस्तेमाल कर रहे होते हे, ये स्क्रब बहुत हार्श होते हैं, स्किन रंग आदि लगने से पहले से ही सेंसिटिव हो चुकी होती है और इन स्क्रब्स के इस्तेमाल से स्किन छील जाती है और साथ ही deehydrated और ड्राई हो जाती है , यही नहीं स्किन पर स्क्रब की रगड़ की वजह से रैशेज़ और पिगमेंटेशन की भी समस्या हो जाती है.

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5. स्किन केयर पोस्ट होली

अपनी स्किन टाइप को जानने के बाद आप उपयुक्त क्लीन्ज़र का चुनाव कर सकती हैं, आप बाज़ार से आर्गेनिक क्लीन्ज़र ले सकते हैं या फिर घर पर ही माइल्ड क्लीन्ज़र बना सकते हैं, आप एलो वेरा जेल, कच्चे दूध, गुलाब जल और नीबू की कुछ बूंदे ऐड कर मिश्रण बना कर अपनी स्किन पर हल्के हाथों से लगाए और चेहरा , गर्दन और स्किन पर धीरे धीरे अप्लाई करती हुए पानी से चेहरा धो लें.

6. अरोमाथैरेपी से रंग हटाएं

इसके अतिरिक्त अरोमाथैरेपी में भी रंग हटाने के लिए कारगर उपाए हैं जैसे आप 1 चम्मच जोजोबा तेल में 2 बूंदें लैवेंडर या चमेली के तेल के साथ अपनी स्किन पर लगा लें. यह ना केवल आपके स्किन का प्रोटेक्शन रंगो से करेगा बल्कि सूर्य की किरणों के दुष्प्रभाव से भी आपकी स्किन प्रोटेक्ट करेगा और आपकी स्किन की नमी के लेवल को बरकरार रखेगा.

7. शरीर को करें डिटॉक्स

होली के बाद अगर आप थका हुआ महसूस करते हैं , जो के बहुत स्वाभाविक है तो आप एक अच्छे आर्गेनिक स्पा , मैनीक्योर पैडीक्योर और बॉडी मसाज के लिए जा सकते हैं जो आपके रक्तचाप का ध्यान रखते हुए ब्लड सर्कुलेशन भी स्मूथ रखेगा. यह थेरपीएस आपके पैरों को आराम देती है बल्कि आपके पूरे शरीर को डिटॉक्स करती है और आपके शरीर पर अद्भुत काम करती है जो आपको एक पूर्ण बॉडी स्पा का लाभ देती है.

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8. घर पर ही बनाये होली के प्राकृतिक रंग – जाने कैसे

वही इसके विपरीत प्राकृतिक रंग जो फूलों या पौधों से बने होते हैं, वे उपयोग करने के लिए सुरक्षित रहते हैं, आप घर पर ही चन्दन, गुलाब जल, रोज पाउडर , गेंदे के फूल के मिश्रण आदि से नेचुरल गुलाल बना सकते हैं. और रंगीन पानी बनाने के लिए आप हिबिस्कस, गेंदे और गुलाब से फूलों को दो दिन पानी में भिगो कर रख सकते हैं और छान कर पानी वाला खुशबूदार रंग बना सकते हैं, ये रंग नेचुरल होने के साथ आपकी स्किन के लिए भी बेहद अच्छे हैं और जिस पर भी आप यह रंग डालेंगे वो इसके लिए आपको “थैंक यू” ज़रूर कहेगा.

आईटी छोड़ कर ब्यूटी इंडस्ट्री में आने के लिए लोग मुझे टोकते थे- अर्पिता दास

अर्पिता दास, फाउंडर, बिजनैस बाई अर्पिता

अर्पिता दास ब्यूटी प्रोफैशनल हैं. उन्होंने भारत में अपनी ब्यूटी ऐंड वैलनैस कंसल्ंिटग कंपनी की शुरुआत की जिस का नाम ‘बिजनैस बाई अर्पिता’ रखा.

ब्यूटी ऐंड वैलनैस को बाहर और अंदर से अच्छी तरह जानने के बाद अर्पिता ने महसूस किया कि ब्यूटी प्रोफैशनल्स को बहुत कुछ सीखने और जानने की जरूरत है और इस के लिए एक सही मार्गदर्शक की जरूरत है. इसी मकसद से उन्होंने 3000 से अधिक औपरेटरों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षित किया है. उन्होंने लैक्मे, काया स्किनकेयर और वीएलसीसी जैसे ब्रैंड्स के लिए कौरपोरेट ट्रेनिंग भी दी है.

उन्होंने इंडियन सैलून ऐंड वैलनैस कांग्रेस द्वारा व्यक्तिगत श्रेणी में ‘ऐक्सीलैंस इन ऐस्थैटिक्स कस्टमर सर्विस’ पुरस्कार भी जीता है. हाल ही में ‘बिजनैस बाई अर्पिता’ को ब्यूटी, वैलनैस ऐंड पर्सनल केयर में ‘ऐसोचैम स्टार्टअप औफ द ईयर 2018’ के अवार्ड से भी सम्मानित किया गया. पेश हैं, अर्पिता से हुए कुछ सवालजवाब:

इस मुकाम तक पहुंचने के क्रम में किस तरह के संघर्षों का सामना करना पड़ा?

किसी भी मुकाम तक पहुंचने के लिए संघर्ष का सामना तो क रना ही पड़ता है. मुझे भी करना पड़ा. मेरे लिए जरूरी था कि मैं ब्यूटी इंडस्ट्री की सारी जानकारी लूं. मैं कई पार्लर्स में गई. वहां काम करने के आधुनिक तरीके देखे. देखा कि क्याक्या प्रोडक्ट्स यूज होते हैं. जब मैं इस इंडस्ट्री में आई तो मुझे पता चला कि ब्यूटी इंडस्ट्री हरकोई नहीं चुनता, क्योंकि सब को लगता है कि यह काम बहुत छोटा है. वैसे भी मेरी बैकग्राउंड आईटी की रही है. लोग टोकते थे कि मैं आईटी छोड़ कर ब्यूटी इंडस्ट्री में क्यों आ गई. लोगों को यह समझा पाना बहुत कठिन था कि मैं इस इंडस्ट्री को बहुत पसंद करती हूं.

भारत में महिलाओं की स्थिति पर क्या कहेंगी?

इस मुद्दे पर काफी कुछ कहा जा सकता है. मैं सिर्फ इतना कहना चाहूंगी कि पहले और आज की महिलाओं में बहुत अंतर है. पिछले 10-15 साल में काफी बदलाव आए हैं. कई संस्थाएं हैं, जिन्होंने महिलाओं की स्थिति को बदलने के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं. आज हर फील्ड में महिलाएं पुरुषों से कंधे से कंधा मिला कर काम कर रही हैं. मैं ने महिलाओं को मैट्रो, ट्रक, के्रन चलाते और अपने घर व बच्चों का ध्यान रखते हुए भी देखा है. स्थिति पहले से काफी बेहतर है.

एक महिला के तौर पर आगे बढ़ने के क्रम में क्या कभी असुरक्षा का एहसास हुआ?

हां, महिला होने के नाते कई मौकों पर असुरक्षित महसूस होता है. हमें कहीं जाने के लिए समय देखना पड़ता है. मैं जिस इंडस्ट्री में हूं वहां भी पुरुष मौजूद हैं पर हमें असुरक्षित महसूस नहीं होता. लोगों को लगता है कि महिलाओं में इतनी क्षमता नहीं है कि वे ज्यादा काम कर पाएं और चीजों को बखूबी निभा पाएं.

घर और काम एकसाथ कैसे संभालती हैं?

दोनों चीजों का संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है खासकर एक महिला के तौर पर आप को थोड़ा ज्यादा जिम्मेदार होना पड़ता है. आप को घर के साथसाथ अपने काम को भी संभालना होता है. कई जगह सिर्फ महिलाओं को ही काम करना पड़ता है. यदि आप मां हैं तो आप को अपने बच्चे की ओर ज्यादा ध्यान देना होता है और यदि आप की फैमिली, आप के दोस्त सपोर्टिव हैं तो कोई भी काम आप के लिए मुश्किल भरा नहीं रह जाता. मेरे मांबाप बहुत सपोर्टिव हैं. उन्होंने मुझे किसी भी चीज के लिए नहीं रोका.

क्या आज भी महिलाओं के साथ अत्याचार और भेदभाव होते हैं?

हां, अभी भी महिलाएं खुल कर नहीं जी पाती हैं. कई घटनाएं आए दिन हम सब के सामने आती रहती हैं. इतने कानूनों के बाद भी क्राइम रुक नहीं रहे हैं. मेरे सैंटर में भी जब कोई महिला अपनी कहानी बताती है तो जितना हो सकता है मैं उस की हैल्प करती हूं.

3 सखियां: भाग-4

आप जैसी स्त्रियों से मेरी पत्नी की निकटता मुझे गवारा नहीं.’’

आभा अवाक रह गई.

‘‘ए मिस्टर, आप अपने होशोहवास में तो हैं न?’’ उस ने कड़क कर कहा, ‘‘यह क्या ऊलजलूल बकते जा रहे हैं? मेरा मुंह न खुलवाइए. आप का पूरा कच्चाचिट्ठा मुझे मालूम है. आप अपनी पत्नी के साथ जैसा व्यवहार कर रहे हैं उस की मुझे खबर है. यदि मैं पुलिस में शिकायत कर दूं तो आप को जेल की हवा खानी पड़ेगी…’’

‘‘मुझे इस का अधिकार है कि मैं अपनी पत्नी के साथ जैसा चाहे सुलूक करूं. यह हमारा आपस का मामला है. आप अपने काम से काम रखिए और हमारे निजी मामलों में दखल देना बंद कीजिए. नहीं तो मुझ से बुरा कोई न होगा.’’

‘‘अच्छा, अब आप मुझे धमकी देने पर उतर आए. आप मेरा क्या कर लेंगे?’’

‘‘मैं क्या कर लूंगा… मैं आप पर तेजाब फेंक कर आप का हुलिया बिगाड़ दूंगा. आप को गुंडों से पिटवा दूंगा. आप को अगवा करवा दूंगा.’’

जब आभा के पति राम ने यह सब सुना तो उस ने आभा को आगाह किया, ‘‘आभा, तुम क्यों दूसरों के पचड़े में पड़ती हो. बेकार में लेने के देने पड़ सकते हैं. जाहिर है कि वह आदमी पागल है. उस से उलझना ठीक नहीं.’’

‘‘लेकिन मैं चुप कैसे बैठी रह सकती हूं. यह लड़की मेरी अंतरंग सहेली है. इस का इस परदेश में और कौन है?’’

‘‘माना कि वह तुम्हारी प्रिय सहेली है पर मुझे डर है कि कहीं उस की मदद करतेकरते तुम किसी मुसीबत में न फंस जाओ. और मुझे यह भी फिक्र हो रही है डार्लिंग कि तुम हमेशा दूसरों की सोचोगी, तो यह जो बेचारा पति नाम का प्राणी है उस का क्या होगा? कुछ हमारा भी खयाल करो जानेमन,’’ उस ने आभा को अपनी बांहों में लेते हुए कहा.

आभा हंस पड़ी और राम के आगोश में सिमट गई.

जब वह नईनई अमेरिका आई थी तो रोज अपने घर वालों को याद कर के आंसू बहाती थी. उसे अमेरिका बिलकुल नहीं सुहाता था. और राम जब भी उस का उतरा हुआ चेहरा देखता तो वह उस का मन बहलाने का प्रयत्न करता. वह उस के लिए सिनेमा के टिकट लाता. उसे बाहर घुमाने ले जाता. उस ने आग्रह कर के उसे एक क्लब में भरती करवा दिया था. अब आभा रोज सुबह घर से निकल जाती, क्लब में टैनिस खेलती, तैरती और ऐरोबिक्स करती. उस का समय अच्छी तरह कट जाता था.

राम उस के प्रति संवेदनशील था. उस ने उसे कालेज में कोई कोर्स करने के लिए प्रेरित किया. उसे कोई छोटीमोटी नौकरी कर लेने का सुझाव दिया.

‘‘घर में खाली बैठी रहोगी तो मायके की याद और सताएगी. इस से तो अच्छा है कि तुम कुछ करती रहो. अपनेआप को व्यस्त रखो.’’

‘‘एक दिन आभा इंडियन स्टोर में गई तो उस ने दुकानदार से पूछा, ‘‘क्या आप के यहां सेल्सगर्ल की जगह खाली है?’’

‘‘हमारी दुकान छोटी सी है इसलिए मेरा परिवार ही मेरी मदद कर देता है. मेरी पत्नी कैश काउंटर पर बैठती है और मेरा बेटा सामान बेचने में मेरी मदद करता है. पर हमारे पास हमेशा घर के बने अचार, रोटी व परांठों की डिमांड आती है. क्या आप इन्हें सप्लाई कर सकती हैं?’’

‘‘हां क्यों नहीं, अपने घर के लिए तो बनाती ही हूं.’’

‘‘तो आप हमें हर हफ्ते 2 सौ परांठे और 2 सौ रोटियां बना कर दीजिए. इस का मैं आप को उचित मेहनताना दूंगा.’’ आभा खुश हुई कि चलो घर बैठे कुछ आमदनी हो जाएगी और उस का समय भी कटेगा. धीरेधीरे उस के बनाए व्यंजनों की मांग बढ़ने लगी. उस का घरेलू व्यापार जोरों से चल निकला. अन्य दुकानों से भी उस के बनाए खाने की फरमाइश होने लगी. आभा को सिर उठाने की भी फुरसत नहीं थी.

लेकिन आभा को शालिनी की चिंता सताती रहती थी. एक दिन अचानक शालिनी का फोन आया तो वह खुशी से नाच उठी.

‘‘वाह शालू, आज तू ने पहली बार मुझे फोन किया है.’’

‘‘हां,’’ शालिनी की आवाज बुझीबुझी सी थी.

‘‘क्या बात है शालू, तू कुछ परेशान लगती है. सब ठीक तो है न?’’

‘‘कुछ भी ठीक नहीं,’’ शालिनी रो उठी.

‘‘यह क्या शालिनी,’’ आभा विचलित हो गई, ‘‘तू रो क्यों रही है? कुछ बताएगी भी या रोए चली जाएगी?’’

‘‘आभा मेरे पति मुझे यहां अकेला छोड़ कर आस्ट्रेलिया घूमने गए हैं.’’

‘‘तो?’’

‘‘जाते वक्त मुझे एक डौलर भी नहीं दे कर गए. और तो और उन्होंने टैलीफोन का बिल नहीं भरा था तो मैं ने पाया कि मेरा फोन कट गया है. इधर वाशिंगटन में बड़े जोर का बर्फीला तूफान आया है. बाहर निकलना मुश्किल है. हफ्ते भर से मैं घर में कैद हूं. घर में खाने का एक दाना भी नहीं है. 2-3 दिन मैं ने पौपकौर्न खा कर गुजारे. अब भूखों मरने की नौबत आ गई है. मैं तो सोच रही थी कि शीघ्र ही मेरी मौत हो जाएगी पर इत्तफाक से आज अचानक तेरा भेजा हुआ फोन हाथ लग गया. शायद पार्थ इसे तुझे वापस भेजना भूल गए थे.’’

‘‘तू ने किसी से मदद क्यों नहीं मांगी?’’

‘‘किस से मांगती? और इस मौसम में बाहर परिंदा भी पर नहीं मार रहा. घुटनों तक बर्फ जमी है.’’

‘‘शालिनी, तू पुलिस में फोन कर. यह तेरी जिंदगी और मौत का सवाल है.’’

‘‘पुलिस?’’ शालिनी कांपती आवाज में बोली.

‘‘अरी पगली, पहले अपनी जान बचाने की फिक्र कर बाद की बाद में सोचेंगे. अब बात हद से बाहर हो गई है. हम चुप बैठे नहीं रह सकते. तुझे यों घुटघुट कर मरते नहीं देख सकते. हां एक बात तो बता, अब तेरे पति महाशय का रवैया कुछ बदला है कि नहीं?’’

‘‘कहां, अभी भी वे मुझे मारते हैं. पर अब होशियार हो गए हैं. मेरे सर पर धौल लगाते हैं ताकि बदन पर कोई बाहरी चोट या घाव के निशान न दिखे और किसी को कुछ पता न लगे.’’

‘‘देख शालू हिम्मत न हार. 1 गिलास पानी में नमक और चीनी डाल कर 1-1 घूंट पीती रह. मैं भी यहां से तेरी मदद करने की कोशिश करती हूं और जैसे ही बर्फबारी रुके, तो बाहर निकल कर किसी से मदद मांग.’’

‘‘किस से मांगूं? सड़क पर तो कोई नहीं दिखाई दे रहा है.’’

‘‘तू बाहर निकल कर एक चीख मार. बस इतना ही काफी है. इस देश के वासियों में एक यही बड़ी खासीयत है. वैसे वे किसी के व्यक्तिगत जीवन में दखल नहीं देते, अलगथलग रहते हैं. पर जब वे किसी के ऊपर जुल्म होते देखते हैं, तो फौरन सहायता के लिए दौड़ पड़ते हैं. यहां के कायदेकानून बहुत कड़े हैं. कोई अपने बच्चों पर भी हाथ नहीं उठा सकता. पुलिस आ कर फौरन धर लेती है.’’

यह रिश्ता प्यार का: भाग-3

पिछला भाग- यह रिश्ता प्यार का: भाग-2

फिर मुसकराते हुए शरारती लहजे में बोली, ‘‘कांतजी, मैं ने आज बहुत दिनों बाद तुम्हें घर बुला ही लिया. उमेश किसी काम से शहर से बाहर गए हुए हैं. हमें एकांत में बिताने के लिए पर्याप्त समय मिला है. बैठो मैं कुछ बना कर लाती हूं फिर ढेर सारी बातें करेंगे, प्यार भी…’’ मैं गुमसुम बैठा था. मन में विचार था कहीं वीना के प्रति नाइंसाफी तो नहीं है, जो चोरीछिपे मैं किरण से मिलने आया हूं. फिर सोचा जब मैं कुछ गलत नहीं कर रहा हूं तो पछतावा कैसा? बेशक हम दोनों एकांत में हैं, लेकिन आज हम रोमांस का कोई कृत्य नहीं करेंगे. मैं इन खयालों में खोया था कि पता ही नहीं चला कि कब वह मेरा हाथ पकड़ कर अपने बैडरूम में ले गई. बैड पर मुझे बैठाते हुए बडे़ प्यार भरे शब्दों में बोली, ‘‘आज तुम्हें मेरे साथ सोने में कोई एतराज नहीं होना चाहिए.’’ मैं किंकर्तव्यविमूढ़ बिस्तर पर लेटा शून्य में देख रहा था. तभी किरण के मोबाइल पर फोन आया. उस ने अपने होंठों पर उंगली रख कर मुझे चुप रहने का इशारा किया, ‘‘वीना भाभी का फोन है.’’

‘‘किरण, कांत किसी काम से बाहर गए हैं. मैं उन की गैरमौजूदगी में बोर हो रही थी, इसलिए तुम से बात करने का मन किया,’’ वीना ने कहा.

जवाब में किरण बोली, ‘‘उमेशजी बाहर गए हुए हैं. मैं बस रात का खाना बनाने में व्यस्त थी.’’

‘‘ऐसा करो रात का खाना हमारे यहां ही खा लेना. कांत भी 8 बजे तक लौट आएंगे. थोड़ी गपशप भी हो जाएगी.’’

किरण खुश थी कि थोड़ा और वक्त कांत के साथ बिताने को मिल जाएगा. अत: उस ने हामी भर दी. किरण और मेरे नजरिए में आधारभूत फर्क यह था कि उसे प्यार के साथ दैहिक आनंद की तलाश थी जबकि मैं मन के मिलन का सुख चाहता था. वीना के साथ वैवाहिक सुख अपनी चरम सीमा तक मुझे उपलब्ध हो चुका था. वीना की बेपनाह मुहब्बत के चलते मेरे मन में यह विचार प्रबल हो रहा था कि मुझे किरण के दिल को कोई चोट नहीं पहुंचानी है. थोड़ा प्यार उसे भी दे दूं और वीना के प्रति ईमानदारी भी रहूं. इस में वीना का भी हित है, क्योंकि किरण वीना को बहुत चाहती. मेरे प्यार द्वारा किरण जितनी खुश होगी उतना ही वीना और किरण का संबंध गहरा होगा. अपने इस विचार पर क्षण भर को मुझे हंसी भी आई. एक दिन औफिस से घर आ कर मैं ने अनायास वीना को अपने बाहुपाश में ले कर चूम लिया. वीना के लिए यह अप्रत्याशित था. बोली, ‘‘क्या बात है, आज बहुत प्यार आ रहा है?’’

‘‘तुम ने फोन पर बताया था आज किरण तुम्हारे साथ काफी समय बिता कर शाम को गई है. तुम बहुत खुश दिखाई दे रही हो… मेरी पसंद की साड़ी पहन रखी है. मेकअप भी अच्छा किया है. तुम्हें इतना सुंदर देख कर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. ऐसे ही हर शाम को सजीसंवरी और प्रसन्न मूड में मिला करो,’’ मैं ने अपने बाहुपाश से उसे मुक्त करते हुए कहा. वीना भी बहुत खुश दिखाई दे रही थी. बोली, ‘‘इतनी तैयारी इसलिए की है कि आज हमारी शादी की सालगिरह है. शायद तुम भूल गए हो. मार्केट जा कर हम दोनों एकदूसरे के लिए गिफ्ट खरीदेंगे. वहीं चायकौफी भी पी लेंगे.’’

‘‘नहीं, मैं भूला नहीं था. मैं ने भी सोच रखा था कि कुछ ऐसा ही करेंगे. मार्केट जा कर कुछ सामान सैलिब्रेट करने के लिए ले आएंगे. किरण को फोन कर लो. अगर वह भी साथ चलना चाहे तो उसे भी साथ ले लेते हैं,’’ मैं ने कहा तो वीना ने तुरंत किरण को फोन कर दिया. तीनों ने रात का भोजन साथ बाहर कर के सालगिरह सैलिब्रेट की. अगले रविवार वीना ने डिनर पर उमेश और किरण को आमंत्रित करते हुए उमेशजी से फोन पर कहा, ‘‘उमेशजी, शादी की सालगिरह वाले दिन हम लोगों ने आप को बहुत मिस किया. वह कमी पूरी करने के लिए आज रात आप किरण के साथ हमारे घर डिनर के लिए आएंगे. हां, कोई गिफ्ट लाने की जरूरत नहीं है. किरण गिफ्ट दे चुकी है.’’ शाम को उमेशजी और किरण जल्दी ही मेरे घर पहुंच गए. पहले की तरह किरण मजैंटा साड़ी में पूरे मेकअप के साथ प्रसन्न मुद्रा में थी. वीना के सामने मैं ने उस की तारीफ करना उचित नहीं समझा. फिर भी किरण ने पूछ ही लिया, ‘‘मैं कैसी लग रही हूं इस साड़ी में?’’ मन नहीं था फिर भी दबे स्वर में मैं ने कहा, ‘‘अच्छी लग रही हो.’’

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मेरे कुतूहल की सीमा नहीं थी जब दफ्तर से आने पर मैं ने वीना को एक सुंदर साड़ी में पूरे शृंगार के साथ देखा. इस विषय में मैं ने फिलहाल चुप रहना ही बेहतर समझा. उमेश और किरण के घर पहुंचने पर वीना ने कहा, ‘‘उमेशजी, आज का विशेष शृंगार मैं ने आप के लिए किया है, आशा है आप को मैं सुंदर लग रही हूं. बताइए न… मैं चाहती हूं दो शब्द आप मेरी तारीफ में कहें.’’ उमेशजी को यह सब अजीब लग रहा था. मगर वीना के अनुरोध को अनसुना करना भी ठीक न था. अत: बोले, ‘‘भाभी आप बिना मेकअप किए भी और मेकअप किए भी बहुत सुंदर लगती हैं.’’

‘‘बस यही तारीफ आप किरण की भी करने की आदत डाल लीजिए,’’ कह कर उस ने उमेश का हाथ पकड़ लिया और किचन की तरफ ले जाते हुए कहा, ‘‘देवरजी, मैं ने आप के लिए खीर बनाई है. आइए, उस का स्वाद चखाती हूं.’’ किरण और मैं मौन और आश्चर्यचकित हो यह देखते रहे. जब दोनों किचन से वापस आए तो सब ने एकसाथ खाना खाया. चलते समय वीना ने उमेश से बहुत आदर के साथ कहा, ‘‘उमेशजी, स्त्री प्यार की भूखी होती है. उसे प्यार की अभिव्यक्ति होने पर बहुत सुख मिलता है. व्यापार की समृद्धि अपनी जगह और पत्नीपरिवार का सुख अपनी जगह. मेरा कहना मानो आज से किरण की तारीफ करने की आदत डाल लो. आखिर कब तक कांतजी किरण की तारीफ करते रहेंगे. यह काम तो अब आप को ही करना होगा.’’

Holi Special 2020: फैमिली के लिए बनाएं दही बड़े

होली के त्यौहार पर अगर आपको कुछ नमकिन बनाना हो तो ये टेस्टी दही बड़े बना सकती हैं. दही बड़े की खास रेसिपी आपके लिए परफेक्ट औप्शन है.

हमें चाहिए

– उड़द दाल  (1 कप)

– दही (1 किलो)

– भुना हुआ (जीरा)

– पिसा (1 बड़े चम्मच)

– पिसी (सूखी लाल मिर्च)

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– काला नमक

– सादा नमक (स्वादानुसार)

– अदरक पिसा हुआ (1 छोटा चम्मच)

– किशमिश (10-15))

– हरी मिर्च (कटी हुई)

– तेल तलने के लिए

बनाने का तरीका

– दाल अच्छी तरह धो लें और ५-६ घंटे पानी में भीगो कर रखें.

– पानी निकालकर महीन पीस लें.

– अच्छी तरह फेंटें और नमक मिला लें.

– कढ़ाई में तेल गरम कर लें और सुनहरे रंग में बड़े तल लें.

– पेपर पर रखें ताकि ज़्यादा का तेल न रहे.

– इन्हें भल्ले कहा जाता है और  इन भल्लों को 2 मिनट के लिए गुनगुने पानी में रखें.

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– और हाथ से दबा कर पानी निचोड़ लें.

– दही में स्वादानुसार काला नमक और पिसा अदरक स्वाद के लिए इसमें मिलाएं.

– परोसते समय एक प्लेट में दही बड़े ऐसे रखें कि एक के ऊपर एक ना आए.

– उसके ऊपर तैयार किया हुआ दही, लाल मिर्च, जीरा पिसा डालें.

– इमली की मीठी और पुदीने की खट्टी चटनी के साथ परोसें.

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