Popular Dance Forms : डांस केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि यह शारीरिक फिटनैस, मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक बेहतरीन कौशल है. यह तनाव दूर करता है और बिना बोर हुए कार्डियो वर्कआउट का काम करता है. टीनऐज लड़कियों और लड़कों को डांस स्कूल जाना आजकल अधिक पसंद होता है क्योंकि दुनिया के डांस स्कूलों और स्टूडियो के आंकड़ों के अनुसार डांस क्लास में लड़कों की तुलना में लड़कियों की संख्या काफी ज्यादा होती है. इस में अधिकतर लड़कियां कत्थक, भरतनाट्यम, बैले, जुंबा और बौलीवुड फ्रीस्टाइल जैसे डांस फौर्म्स के लिए बड़े पैमाने पर डांस स्कूल जौइन करती हैं, जबकि लड़के आमतौर पर हिपहौप, ब्रेकडांसिंग, पौपिंग और लौकिंग जैसी शैलियों को सीखने के लिए डांस स्कूल जाना पसंद करते हैं.
इस के अलावा परिवार में लड़कियों के लिए बचपन से ही डांस या संगीत सीखने को सहज और सकारात्मक माना जाता है. इसलिए लड़कियां डांस को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और खुद को फिट व फ्लेक्सिबल रखने का एक बेहतरीन जरीया मानती हैं. कुछ लड़के अकसर डांस स्कूल जाने के बजाय क्रिकेट, फुटबौल या जिम जैसी शारीरिक गतिविधियों को चुनना अधिक पसंद करते हैं, जबकि कुछ लड़के शाइनैस के शिकार होते है, ऐसे में उन्हे डांस क्लासेस में जाने से शर्म महसूस होती है, हालांकि पिछले कुछ सालों में इस में काफी बदलाव आया है। आजकल लड़के अधिकतर रियलिटी शोज में जाने लगे हैं, जिस से उन की मानसिकता बदली है.
क्या कहती है सर्वे
पारंपरिक और क्लासिकल डांस स्कूलों में लड़कियों की संख्या 80% से भी अधिक होती है, जबकि वैस्टर्न और स्ट्रीट डांस एकेडमी में लड़कों की भागीदारी भी अब बराबर देखने को मिलती है. इस में आजकल सालसा और बचाता जैसी डांस फौर्म को लड़के अधिक पसंद करते हैं. हालांकि इस की लोकप्रियता विदेशों से प्रभावित है और कई हिंदी फिल्मों ने भी इसे अपनाया है।
हिंदी फिल्मों में सालसा और बचाता
हिन्दी सिनेमा में ‘सालसा’ (Salsa) और ‘बचाता’ (Bachata) जैसे लैटिन डांस फौर्म्स को काफी लोकप्रियता मिली है. अकसर इन शैलियों का उपयोग आधुनिक फिल्मों में रोमांटिक गानों या पार्टी सिक्वेंस के कोरियोग्राफ के लिए किया जाता है. बौलीवुड में सालसा का सब से बेहतरीन उदाहरण फिल्म ‘जिंदगी ना मिलेगी दोबारा’ (2011) का गाना ‘सैनोरिटा…’ है, जिसे स्पैनिश और अंगरेजी के साथसाथ लैटिन बीट्स पर फिल्माया गया है. इस के अलावा, अजय देवगन और काजोल की फिल्म ‘यू मी और हम’ (2008) में भी सालसा नृत्य को प्रमुखता से दिखाया गया है. बचाता मूल रूप से डोमिनिकन रिपब्लिक का एक भावपूर्ण और क्लोज कौंटैक्ट डांस है.
हिंदी फिल्मों के हालिया गानों और कोरियोग्राफी में इस का काफी इस्तेमाल होने लगा है, जो इसे भारतीय दर्शकों के बीच मशहूर कर रहा है.
आज की युवा पीढ़ी के बीच सालसा और बचाता की लोकप्रियता बहुत तेजी से बढ़ रही है. मैट्रो शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बैंगलुरु में ‘लैटिन सोशल नाइट्स’ वीकेंड का एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है और सभी इस फौर्म को करना पसंद कर रहे हैं.
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क्या है सालसा
असल में सालसा एक ऊर्जावान, तेज और बेहद रोमांचक डांस फौर्म है. इस की शुरुआत साल 1960 के दशक में न्यूयार्क में हुई थी, जो क्यूबा और प्यूर्टो रिको के पारंपरिक लैटिन म्यूजिक और अमेरिकी जैज (Jazz) का मिश्रण है. सालसा का संगीत बहुत तेज और ऐनर्जेटिक होता है. यह 8 बीट के पैटर्न पर चलता है, जिस में 1-2-3 पर स्टैप्स लिए जाते हैं और 4थी बीट पर एक छोटा पौज या टैप होता है. इस में तेजी से घूमना, मुड़ना और फुरतीला फुटवर्क शामिल होता है. यह डांस बहुत ही जीवंत, चंचल और हाई ऐनर्जी वाला होता है.
बचाता
बचाता एक बेहद रोमांटिक, धीमा और सैंसुअल डांस फौर्म है. इस की शुरुआत 20वीं सदी के मध्य में डोमिनिकन रिपब्लिक से हुई थी. शुरुआत में इसे ‘कड़वाहट या उदासी का संगीत’ कहा जाता था, लेकिन समय के साथ यह बेहद लोकप्रिय हो गया. इस का संगीत सालसा की तुलना में धीमा और सुरीला होता है. इस में गिटार की आवाज प्रमुख होती है. बचाता भी 4 बीट के लयबद्ध पैटर्न पर चलता है, जिस में 3 कदम आगे या पीछे या साइड में लिए जाते हैं और 4थ्री बीट पर हिपपौप या हिप मूवमैंट के साथ टैप किया जाता है.
बचाता में पार्टनर्स एकदूसरे के काफी करीब हो कर डांस करते हैं. इस में हिप्स की मूवमैंट और बौडी वेव सब से महत्त्वपूर्ण होती हैं, जो इसे बहुत ही भावपूर्ण और आकर्षक बनाती हैं.
डांस है यूथ की क्रेज
इस बारे में मुंबई की ‘अविघ्न द क्रिएटिव हब’ की सूचना संतोष कहती हैं कि मैं पिछले 25 साल से इस क्षेत्र में हर उम्र के व्यक्ति को डांस सीखा रही हूं. यहां 5 साल के ऊपर के हर व्यक्ति आते हैं क्योंकि आज लोगों में डांस का क्रेज सोशल मीडिया की वजह से बढ़ा है, साथ ही लोग आजकल स्वास्थ्य को ले कर जागरूक हैं, जिस में डांस को वे मानसिक रूप से अच्छा मानते हैं। कारपोरेट से ले कर आम लोग सभी यहां आते हैं. इसलिए हमेशा मेरा डांस स्कूल भरा रहता है. मैं यहां सालसा, बौलीवुड फ्रीस्टाइल, जुंबा आदि सभी तरह के आधुनिक डांस सिखाती हूं, जिसे साल में एक बार मंच पर परफौर्म करवाया जाता है. इस में खासकर यूथ अधिक भाग लेते हैं क्योंकि वे कई बार डांस को सोशल मीडिया पर डाल कर वाहवाही लूटते हैं.
डांस की स्किल है फायदेमंद
यह सही है कि डांस की स्किल सीखना आप के संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है। इस के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं :
-मजबूत फिटनेस और लचीलापन।
-डांस करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
-मांसपेशियां मजबूत होती हैं और शरीर में लचीलापन आता है.
-तनाव से मुक्ति।
-संगीत की लय पर थिरकने से दिमाग में ‘एंडोर्फिन’ नामक हारमोन निकलता है, जो खुशी का एहसास कराता है और डिप्रैशन व चिंता को कम करता है
आत्मविश्वास में वृद्धि
जब आप नए डांस स्टेप्स सीखते हैं और लोगों के सामने परफौर्म करते हैं, तो आप का आत्मविश्वास बढ़ता है
बेहतर समन्वय
यह कला आप के दिमाग और शरीर के बीच संतुलन और तालमेल को बेहतर बनाती है।
अभिव्यक्ति का माध्यम
शब्दों के बिना भी अपनी भावनाओं को दुनिया के सामने रखने और अपनी रचनात्मकता को दिखाने का यह सब से शानदार तरीका है. डांस सीखने से आप एक ऊर्जावान और अनुशासित जीवनशैली अपना सकते हैं. यह आप को शारीरिक और मानसिक रूप से हमेशा तरोताजा रखती है. इसलिए जब भी समय मिले, इस ओर रुख करें और अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाएं.
