बच्चों के लिए बनाएं टेस्टी फ्राइड पनीर नूडल

अगर आप अपने बच्चों के लिए मार्केट की बजाय घर पर हेल्दी और टेस्टी नूडल्स बनाना चाहती हैं तो ये रेसिपी आपके काम की है. फ्राइड पनीर नूडल आसानी से कम समय में बनने वाली रेसिपी है, जिसे बड़ों से लेकर बच्चा हर कोई पसंद करता है. आइए आपको बताते हैं फ्राइड पनीर नूडल की खास रेसिपी है.

हमें चाहिए-

–  उबली हुई नूडल (1 कप)

– 1 प्याज (कटा हुआ)

–  फ्रैंच बींस (8-10)

–  ब्रोकली कटी हुई (50 ग्राम)

–  लाल, पीली व हरी शिमलामिर्च कटी हुई (1/2 कप)

–  आधी गाजर (कटी हुई)

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– जुकीनी (1चौथाई कप)

–   टोमैटो प्यूरी (थोड़ी सी)

– हरीमिर्च (1 कटी  हुई)

–  तेल (1 बड़ा चम्मच)

–  नीबू का रस ( स्वादानुसार)

– 1 कली लहसुन

– पनीर (50 ग्राम)

–  नमक (स्वादानुसार)

बनाने की विधि

– कड़ाही में तेल गरम कर प्याज, लहसुन, हरीमिर्च और सभी शिमलामिर्च फ्राई करें.

– इसी में गाजर, ब्रोकली, जुकीनी व नमक डाल कर 1 मिनट पकाएं.

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– टोमैटो प्यूरी डाल कर 1 मिनट पकने दें.

– इस में नूडल्स व पनीर डालें. गाजर, ब्रोकली व कटी बींस भी डालें.

– 1 छोटा चम्मच नीबू का रस डाल कर गरमगरम सर्व करे.

पौपुलर सौंग ‘Filhaal” के Unplugged Version ने मचाया धमाल, नूपुर सेनन ने दी आवाज

2019 के सबसे पौपुलर सौंग्स में से एक है, जिसने लोगों के दिलों को चुरा लिया है वह निश्चित रूप से  वह अक्षय कुमार और नूपुर सेनन का ‘फ़िलहाल’ सौन्ग है. यह सौन्ग पंजाबी सेंसेशन बी प्राक द्वारा गाया गया और जानी द्वारा लिखा गया है. इस सौंग को यूट्यूब पर 650 मिलियन व्यूज मिले, जिसके बाद यह ट्रेंडिंग चार्टबस्टर नंबर 1 पर रहा. वहीं अब इस गाने का अनपल्ग्ड वर्जन भी रिलीज हो चुका है, जो सोशल मीडिया पर काफी धमाल मटा रहा है.

5 मिनट का यह शॉर्ट वीडियो सिर्फ एक नियमित म्यूजिक वीडियो नहीं था बल्कि भावनाओं के मिश्रण के साथ एक कहानी थी. नुपुर ने असाधारण रूप से इसमें अपनी अदाकारी दिखाई, वे पहली बार कैमरा के सामने थी कभी ऐसा महसूस नहीं हुआ. नूपुर एक ताज़ी सांस की तरह इस सांग्स से सबके सामने आयीं, उन्होंने चाहे वह प्यार में खुश रहने वाली लड़की हो या फिर जिस लड़की का दिल टुटा हुआ है, हर रंग को नूपुर ने बखूबी इन 5 मिनटों दर्शाया था.

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डेब्यूटेंट नूपुर सेनन कभी भी हमें अपनी प्रतिभा दिखाने में पीछे नहीं रही, नूपुर प्रतिभावान तो है ही साथ ही वे एक प्रशिक्षित शास्त्रीय गायिका है और फ़िलहाल सौन्ग के रिलीज होने के बाद से उन्हें ने देश में अपने लिए एक बहुत ही वफादार और ठोस प्रशंसक आधार बना लिया है. उनके प्यारे प्रशंसकों ने उनसे फ़िलहाल सॉन्ग के महिला संस्करण को गाने की मांग की थी.  प्रशंसकों द्वारा की गयी इस मांग और प्यार को समझते हुए नूपुर अपने प्रशंसकों के लिए कृतज्ञता और प्यार के उपहार के रूप में पहली बार “फ़िलहाल” का अनप्लग्ड वर्जन लाया गया है.

बता दें, एक्टर्स आज केवल अपने अभिनय कौशल दिखाने के लिए ही सीमित नहीं हैं, वे अक्सर अपने छिपे हुए गुणों और प्रतिभाओं का पता लगाते हैं और बाहर लाते हैं. इससे पहले हमने आलिया भट्ट, श्रद्धा कपूर, परिणीति चोपड़ा जैसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों को अपनी सिंगिंग की प्रतिभा को सामने लाते देखा है और अब इस सूची में एक और नाम जुड़ा है नूपुर सेनन का. नूपुर का  हमेशा से एक्टिंग से ज्यादा सिंगिंग से लगाव रहा है और अब वे अपने सिंगिंग टैलेंट से सभी का दिल जितने के लिए तैयार है.

नूपुर सेनन कहती है ” अभिनय निश्चित रूप से मेरा नया-प्यार है, लेकिन सिंगिंग हमेशा मेरा जुनून रहा है. फ़िलहाल की रिलीज़ के दौरान मुझे एक फीमेल वर्जन गाने के लिए कई मसेज और ट्वीट्स द्वारा बड़ी तादाद में रिक्वेस्ट मिली. दर्शकों ने मुझे अपने पहले वीडियो के लिए इतना प्यार और गर्मजोशी  दिखाई और में उनकी रिक्वेस्ट को मना नहीं सकती थी. मेरी आवाज में इस अनप्लग्ड वर्जन से में सभी को धन्यवाद कहती हूं.

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खुद को ढालें मौसम के अनुसार

मौसम बदलने के साथ आपको अपनी दिनचर्या में भी बदलाव करना जरूरी है. खासकर रहन-सहन और  पहनावे में. अगर खान-पान सही है तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि आपकी सेहत दुरुस्त न रहे. गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है. इस मौसम में बीमारियां बढ़ने की ज्यादा संभावना रहती है. यह मौसम अन्य छोटी-बड़ी बिमारियों के साथ स्किन संबंधित समस्या भी साथ लेकर आता है, जो आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. हालांकि अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है. यदि आप अपनी दिनचर्या में निम्नलिखित फलों और सब्जियों को शामिल करेंगी तो आप स्किन संबंधित समस्या से निजात पा सकती हैं:-

1. जामुन

यह स्किन के लिए सबसे ज्यादा लाभकारी फल होता है. यदि आप नियमित रूप से इसका सेवन करते हैं तो आप चेहरे के दाग-धब्बों से निजात पा सकते हैं. यह फल झुर्रियों के साथ-साथ त्वचा संबंधित अन्य समस्याओं के लिए भी काफी लाभदायक है. बाजार में मिलने वाले जामुन को खरीदने से पहले आपको यह देखना होगा कि वह ऑर्गैनिक है या नहीं.

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2. गाजर

जैसा की हम सभी जानते हैं कि गाजर हमारी दृष्टि के लिए सबसे उपयोगी सब्जी है लेकिन यह हमारे स्किन के लिए भी लाभदायक है, ऐसा कम ही लोग जानते होंगे. विटामिन ए से भरपूर गाजर सर्दियों में आपके चेहरे को नमी प्रदान करती है.

3. खीरा

एक मात्र ऐसी सब्जी है जो हर मौसम में सबसे ज्यादा राहत देती है. खीरा ना केवल सेहत के लिए ही अच्छाम माना जाता है बल्किी कब्ज, एसिडिटी, छाती की जलन से भी मुक्ति दिलाता है. यहीं नहीं यह आपके बालों और त्वचा के लिए भी उपयोगी है. 95 फीसदी पानी होने की वजह से इसका इस्तेमाल आंखों के नीचे डार्क सर्कल और सूजन को खत्म करने के लिए किया जाता है.

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4. खट्टे फल

अधिकतर बिमारियों में डॉक्टर हमेशा मरीज को खट्टे फल खाने की सलाह देते हैं. खट्टे फलो में मौसमी, संतरा, नींबू आदि आते हैं जिनके अंदर विटामीन सी के साथ-साथ लाइसिन और प्रोलाइन के रूप में महत्वपूर्ण अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो आपकी त्वचा को कोमल बनाते हैं तथा सिकुड़न को भी कम करते हैं. ऐसे फल आपकी कोशिकाओं के लिए भी बहुत उपयोगी हैं.

लोग कहते थे मैं बड़ा काम नहीं कर सकती- अनीता डोंगरे

अनीता डोंगरे, फैशन डिजाइनर

फैशन की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली 50 वर्षीय अनीता डोंगरे की शख्सीयत अनूठी है. नम्र स्वभाव की अनीता ऐसे माहौल में पैदा हुई थीं जहां महिला उद्यमी बनने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था. ऐसे में अपने सपने को साकार करना आसान नहीं था. सफलता के इस मुकाम पर पहुंच कर भी वे खुद को लर्नर ही समझती हैं. उन से हुई बातचीत के अंश इस प्रकार हैं:

अपने बारे में विस्तार से बताएं?

मैं पारंपरिक सिंधी परिवार से हूं. मेरे दादादादी जयपुर से थे. मैं मुंबई में पलीबढ़ी, क्योंकि मेरे पिता मेरे जन्म से कुछ ही महीने पहले मुंबई आ गए थे. मैं गरमी की छुट्टियों में जयपुर जाती थी. वहां मैं ने देखा कि मेरे परिवार के अन्य भाईबहनों के लिए बहुत सख्त माहौल था.

50 चचेरे भाईबहनों के बड़े परिवार में किसी ने भी महिला उद्यमी बनने के बारे में नहीं सोचा था. लेकिन मैं मुंबई में थी. यहां मुझे मेरे मातापिता ने पूरी आजादी दी. एसएनडीटी कालेज से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स करने के बाद मैं ने भारतीय परिधानों की डिजाइनिंग शुरू की. उस समय के सभी बड़े बुटीक्स में मेरा काम पसंद किया जाने लगा.

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किस क्षेत्र में कैरियर बनाना चाहती थीं?

जब मैं 15 वर्ष की थी तब से मुझे डिजाइनिंग और फैशन पसंद था. मेरे बहुत से दोस्त कौमर्स की पढ़ाई कर चार्टर्ड अकाउंटैंट बन गए, लेकिन मुझे यह बोरिंग लगता था. केवल फैशन ही ऐसा क्षेत्र था जो मुझे पसंद था.

प्रेरणा कहां से मिली?

मेरी मां घर पर मेरे और मेरे भाईबहनों के लिए कपड़े सिलती थीं. यह मुझे अच्छा लगता था. लेकिन तब मुझे यह पता नहीं था कि मैं यहां तक पहुंच जाऊंगी. लेकिन काम करने की उत्सुकता हमेशा बनी रही. आज भी जब कोई नया काम शुरू करती हूं तो उसे अच्छा करने की कोशिश करती हूं. मेरी प्रेरणास्रोत मेरी मां हैं.

संघर्ष तो काफी रहा होगा?

मैं ने 300 वर्गफुट क्षेत्र में अपनी बहन के साथ कारोबार शुरू किया. कुछ वर्षों बाद मेरा छोटा भाई भी इस में शामिल हो गया. शुरूशुरू में कई मुश्किलें आईं. कई बार लगा कि व्यवसाय बंद करना पड़ेगा, पर वह थोड़े समय के लिए था. मैं सुबह उठ कर सोचती थी कि मैं क्या करूं? कई बार हमारे पास किराया देने के लिए भी रुपए नहीं होते थे. बाद में सब सही हो गया. मुझे लगता है कि एक उद्यमी के लिए हर रोज चुनौती होती है. उस से निबटने की कला सीखना भी जरूरी है.

जब मैं ने इंटर्नशिप, व्यवसाय या जौब जो भी किया परिवार वालों का सहयोग नहीं था. सब सलाह देते थे कि मैं इतना बड़ा काम कर के परिवार नहीं संभाल सकती पर धीरेधीरे वह भी आसान हो गया.

करीब 20 साल पहले मैं ने कामकाजी महिलाओं को ध्यान में रख कर वैस्टर्न कपड़ों को बदलाव के साथ पेश किया. लेकिन किसी ने मेरी डिजाइनों को पसंद नहीं किया. तब मैं ने तय किया कि अपनी कंपनी खोलूंगी. इस तरह अनीता डोंगरे की डिजाइनों का जन्म हुआ.

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आप को जीवन में आगे बढ़ने में कोई कठिनाई आई?

पारंपरिक परिवार की होने की वजह से उद्यमी बनना आसान नहीं था. वहां महिलाएं स्टीरियोटाइप काम करती थीं. लेकिन मैं ने अपनी जिंदगी अलग तरीके से जी है और इस में मेरे मातापिता ने मेरी मदद की. पिता ने व्यवसाय शुरू करने के लिए पैसे दिए, जिन का उन्होंने ब्याज भी लिया. उन्होंने हमें पैसे का महत्त्व समझाया.

युवा महिलाओं के लिए कोई संदेश?

महिलाएं आज हर क्षेत्र में प्रोफैशनल पुरुषों की तरह ही कामयाब हैं. ऐसे में तुलनात्मक बातें नहीं आनी चाहिए. पहले महिलाओं को मौके कम मिलते थे पर अब ऐसा नहीं है. आज उन के लिए भी हर तरह की सुविधाएं हैं. वे आगे आ कर उन्हें अपनाएं और अपनेआप को सिद्ध करें कि वे किसी से कम नहीं हैं.

9 टिप्स: रूसी से पाएं नैचुरली छुटकारा

रूसी की समस्या ज्यादातर महिलाओं में देखने को मिलती है.  जिस दिन सिर को शैंपू से साफ करो उस दिन रूसी की परत उभर जाती है इन्हें हल्का सा खुरचने पर पूरे काले बाल सफेद हो जाते हैं.  रूसी की समस्या कई वजह से हो सकती है पर यह एक तरह का इन्फेक्शन है जो कि जल्द खत्म नहीं होता.  धूल गंदगी और पसीने के चलते अक्सर डैंड्रफ की समस्या हो जाती हैद्य यूं तो बाजार में कई ऐसे एंटी.डैंड्रफ शैंपू हैं जो ये दावा करते हैं कि उनके इस्तेमाल से रूसी की समस्या दूर हो जाती है पर ये शैंपू बालों को रूखा बना सकते हैंद्यरूसी की समस्याओ से छुटकारा पाने के लिए नीचे दिए गए 10 चीज़ो को रोज खाने में खाने से डैंड्रफ की से राहत मिल सकती है .

बालों में रूसी हो जाने के बहुत से कारण हो सकते हैं.  कई बार धूल, गंदगी और बदलते मौसम के चलते बालों में रूसी हो जाती है.  तो कभी बालों की सही देखभाल नहीं करने से भी ये समस्या हो सकती है.  रूसी न केवल बालों को रूखा बना देती है.  बल्क‍ि इससे सिर में घाव भी हो जाते हैं.  बालों में डैंड्रफ हो जाने पर सिर में खुजली होने लगती है.  बहुत अधिक खुजली करने से सिर में घाव बन जाते हैं.  साथ ही बालों की जड़ें भी कमजोर हो जाती है.

1. चना

चना खाने से भी रूसी दूर होती है इसमें दो जरूरी पोषक तत्व जैसे विटामिन बी6 और जिंक होता है जो कि रुचि का खात्मा करता हैं.

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2. शकरकंदी

शकरकंदी ऑक्सीडेंट एवंए बीटा कैरोटीन से भरपूर होती है. यह ऑक्सीडेंट को विटामिन ए में तब्दील करता है जो कि सिर की त्वचा को स्वस्थ बनाता है. विटामिन ए की कमी से शरीर में खुजली और डैंड्रफ होता है.

3. पालक

पालक में आयरनए विटामिन ए औरबीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं यह सभी आपके बालों को घने व स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है. इसके अलावा टमाटर फूलगोभी और लाल शिमला मिर्च एविटामिन सी से भरपूर होती है जो कि बालों को की कोशिकाओं की मरम्मत करने में मदद करती हैं .

4. अखरोट

अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड और बायोटीन होता है जो आपकी कोशिकाओं के डीएनए को नुक्सान होने से बचाती है.

5. खट्टे फल

खट्टे फलो में विटामिन सी होता है जो की रक्त प्रवाह एवं बालो के बढ़ने में मदद करता है .  अगर आपके शरीर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी है तो बाल मुलयम रेनेगे और रुसी जैसी समस्या नहीं होगी .

6. अदरक

अदरक खाने के कई फायदे हैं और डैंड्रफ से छुटकारा पाना उनमें से एक है.  कुछ लोगों को गलत पाचन के कारण रूसी हो सकती है. अदरक पाचन में सुधार करके आपकी रूसी की समस्या को हल करता है. इसके अलावा यह अपने जीवाणुरोधी और एंटिफंगल गुणों के कारण रूसी को भी दूर रखता है.

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7. सेब

न केवल एक सेब डॉक्टर को दूर रखता हैए बल्कि यह रूसी को भी दूर रखता है.  कई प्राकृतिक चिकित्सकों ने निष्कर्ष निकाला है कि सेब रूसी का इलाज करने में मदद कर सकते हैं.  बस इसे चबाएंए इसे मिठाई के साथ या फलों का सलाद बनाएंए बस कोशिश करें और अपने आहार योजना में सेब को शामिल करें.

8. केला

केले में विटामिन बी 6एए मिनरल्स और पोटेशियम और लोहा जैसे खनिज होते हैं.  और इतना ही नहीं वे अमीनो एसिड और एंटीऑक्सिडेंट से भी भरपूर होते हैद्य ये सभी रूसी के इलाज में सहायक हैं.

अपनी डाइट में ज्यादा ओमेगा.3 फेटी एसिड शामिल कर लेंरू ओमेगा 3 एक तरह के हेल्दी फेट हैंए जो कुछ दूसरे फ़ायदों के साथए आपकी स्किन और बालों की हैल्थ को सुधार सकते हैं.  अगर आपको डेंड्रफ की प्रॉब्लम हैद्य तो फिर ऐसे फूड्स ज्यादा खाने की कोशिश करेंए जिनमें ओमेगा 3 ज्यादा हैए जैसे कि फेटी फिशए सैल्मनए मैकरेल और नट्स सीड्स और सीड ऑइल.  आप फिश ऑइल टेब्लेट्स जैसे दूसरे सप्लिमेंट्स से भी ओमेगा 3 फेटी एसिड पा सकते हैंद्य और हर रोज ओमेगा 3 फेटी एसिड के सेवन करने का लक्ष्य रखें.

ज़िंक एक जरूरी डाइटरी मिनरल हैद्य जो आपके इम्यून सिस्टम को हेल्दी रखने में एक अहम भूमिका अदा करता है.  ये राहत पाने की प्रोसेस को भी बढ़ा सकता है और ऐसी कंडीशंस को रोकने में मदद कर सकता हैद्य जो आपकी त्वचा बाल और स्केल्प को प्रभावित करती हैं.  अपने डॉक्टर से बात करके देखें अगर ज़िंक सप्लिमेंट आपके लिए सही रहे. आप रेड मीटए शेलफिश फलियाँ यजैसे कि चने और दालद्ध नट्स और सीड्स एग डेयरी प्रॉडक्ट होल ग्रेन्स और आलू से भी ज़िंक पा सकते हैं.

हेल्दी हेयर सपोर्ट करने के लिए बायोटिन रिच फूड्स ज्यादा खाएं बायोटिन सप्लिमेंट एक ऐसा जरूरी विटामिन है जो आपके बालों स्किन और नाखून की हैल्थ को बेहतर कर सकता है.  अपने डॉक्टर से बायोटिन सप्लिमेंट लेने के बारे में बात करें या फिर उसे इस तरह के फूड सोर्स से पाएं

9. एग योल्क नट्स

सैल्मन लीवर

न्यूट्रीशनल यीस्ट जिसे बटर या चीज की जगह पर टॉपिंग्स की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर क्रीम वाले सूप या एग वाली डिश में मिलाया जा सकता है.

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स्वस्थ भोजन और जीवनशैली के कारण आपके बाल बेजान और हलके हो जाते है .  इसलिए आपके सरीर के अन्य अंगो की तरह आपके बालो को भी बढ़ने के लिए सही मात्रा में पोषण की जरुरत होती है .

मेरी राय में पोषण में किसी भी प्रकार को कमी से आपके बाल रूखे कमजोर हो सकते है और रुसी की एक समस्या है. आज कल बच्चे से लेकर हर उम्र में रुसी की समस्या उत्त्पन होती है. शरीर में हार्मोन्स असंतुलन होने और रूखे बालो के देखभाल के लिए हत्या उत्त्पादको का लम्बे समय तक इस्तेमाल करने से भी बालो में भिन्न प्रकार की समाया पैदा होती है.

डाइटिशियन सुची ,फॉर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल ,जयपुर से बातचीत पर आधारित.

11 टिप्स: गर्मियों में ट्राय करें फंकी और ट्रेंडी कलर्स

सब तरफ गरमी ने दस्तक दे दी है.  ऐसे में एक ही परेशानी सबके मन में रहती हैं कि कैसे फैशन के और किस स्टाइल के  कपड़े पहने. बड़े हो या छोटे हर एक की चिंता का विषय होता है कि इस  मौसम में किस तरह से अपना वॉर्डरोब सजाएं. आखिर स्टाइलिश भी लगना है और मौसम के हिसाब से कपड़े भी पहनने हैं.  दरअसल मानसून के कारण मौसम में बहुत से परिवर्तन देखने को मिलते  हैं.  इसलिए  जरूरी है कि आप कुछ डिफरेंट चूज़ करें जो देखने में भी आंखों को सुकून दे और शरीर के लिए भी आरामदायक हो.   आइए जानते हैं कुछ ऐसे रंगों के बारे में जो इस सीज़न में  ट्रेंड में रहने वाले हैं.

1. कलर चलन में हैं

इस बार  मल्टीकलर चलन में हैं. हॉट पिंक, एक्वा ग्रीन, सी ब्लू, रेड वाइन, शाइनी पर्पल रंगों का इस मौसम में चुनाव करना अच्छा रहेगा. इस मौसम में ऐसे रंगों का चुनाव करें जो जिनको पहनकर आप कंफर्टेबल महसूस करें.

2. प्रिंटेड कलर

इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रिंटेड कपडे पहने जाते हैं. लड़कियों में ही नहीं लड़कों में भी हाल में प्रकृति की झलक देने वाले पिंट्र्स की मांग बढ़ रही हैं.

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3. व्हाइट ब्यूटी

सफेद एक ऐसा रंग है जिसे आप किसी भी रंग के साथ मैच करके पहन सकती हैं. आप चाहें तो अपनी वाइट ड्रेस के ऊपर किसी और रंग का कोट या खूबसूरत ट्यूनिक टॉप पहन सकती हैं. जी हां सफेद रंग का चलन गर्मी हो या सर्दी या बरसात कभी नहीं जाता.

4. कैंडी पिंक कलर

अगर आप चाहती हैं कि आप आकर्षक और खूबसूरत नज़र आएं तो कॉटन कैंडी पिंक कलर की ड्रेस जरूर पहनें. यह रंग नारीत्व को दर्शाता है, इस रंग को पहन कर आप किसी राजकुमारी जैसा महसूस करेंगी. तो इस बार अपनी फेवरेट शॉर्ट ब्लैक ड्रेस की जगह कॉटन कैंडी पिंक ड्रेस को चुनें.जब आप इस ड्रेस को पहन कर डेट पर जाएंगी तो आपका पार्टनर आपकी ख़ूबसूरती देख कर दंग रह जाएगा.

5. गहरा हरा कलर

मैंगो मोजिटो, टॉफी, और टेरारियम मॉस और पीपर स्टेम जैसे कुछ गहरे हरे रंग कभी ट्राइ किये हैं ? हो सकता है आपने पहले इन रंगों को ट्राई नहीं किया हो. लेकिन अगर आप इन रंगों को आज तक इसलिए नहीं पहनती थी, क्यों कि आपको लगता था कि ये कलर आप पर अच्छा नहीं लगेगा तो  इस बार आपको यह सब सोचने की जरूरत नहीं है. आप बहुत लकी हैं, क्योंकि इस बार यह मानसूनी रंग काफी ट्रेंड में रहने वाला है.

6. एस्पेन गोल्ड कलर

गर्मी में इस बार सबसे आगे ,चलन में रहने वाले रंगों में , निश्चित रूप से पीला रंग है.  एस्पेन गोल्ड, पेस्टल येलो, हल्दी और नींबू वर्बेना के डिफरेंट येलो शेड्स में पीला रंग सबके दिल को लुभाने वाला है. असल में पीला एक खुशमिजाज, यूनिसेक्स रंग है.

आप चाहें तो इस रंग में पोल्का ड्रेस भी पहन सकती हैं. आप चाहें तो अपनी ड्रेस के साथ एक्सेसरीज या ज्वेलरी भी मैच करके पहन सकती हैं. अगर आपका रंग साफ़ है तो आप पर यह रंग काफी सूट करेगा.

7. ब्लू कलर

इस सीजन में एक और  रंग  कलेक्शन में शामिल हो गया है वह है ब्लू कलर.क्या आपको ब्लू कलर पसंद है. बिना किसी हिचकिचाहट के इस मानसून आप , इस रंग  को अपनी वॉर्डरोब का हिस्सा बनाएं. यह रंग केवल आपको ही नहीं औरों को भी जरूर पसंद आने वाला है. आप चाहें तो इस रंग के क्लचेज़ या शूज़ पहन सकती हैं.

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8. प्लेन कोरल कलर

यकीनन आप अपने आकर्षक लुक से पार्टी की जान बन सकती हैं,.प्लेन कोरल रंग को काफी कूल माना जाता है. महिलाएं अपनी ख़ूबसूरती को और अधिक बढ़ाने के लिए इस प्लेन कोरल रंग को बे हिचक कैरी करें. हो सकता है आपने आजतक  इस रंग को कभी ट्राई नहीं किया हो . एक प्लेन कोरल ड्रेस के साथ अगर आप हाथ में सुन्दर सा क्लच लेती हैं तो यकीनन आप कई लोगों का दिल चुराने में कामयाब हो सकती हैं.हर कोई आपके लुक से इम्प्रेस हो जायेगा.

 9. कूल लुक के लिए

अगर गर्मियों में  कूल दिखना चाहती हैं तो जरूर ट्राई करें ये कूल, फंकी और ट्रेंडी कलर्स जो आपकी सुंदरता को चार चांद लगा देंगे. हर बार एक से कलर से बोरियत होने लगती हैं .इसलिए इस बार आपको इस तरह के रंग के कपड़ें जरूर पहनने चाहिए ताकि आप कूल, कॉन्फिडेंट और बबली  नज़र आएं.

10. रेट्रो डेनिम

टाई-डाई के साथ, धोया हुआ डेनिम गर्मियों के सीज़न में फंकी और ट्रेंडी रूप में उभरा है. डेनिम के सभी डिजाइन, जैसे ढीले डेनिम कपड़े, डेनिम जैकेट, डेनिम पैंट समर कलेक्शन में शामिल हो गया है.

 11. टाइडाई कलर

हमेशा की तरह इस बार भी टाइडाई खिला-खिला व्यक्तित्व प्रदान करेगा. यह रंग हमेशा सकारात्मक और सुरुचिपूर्ण विंटेज वाइब प्रदान करता है. टाइडाई कलर महिला हो या पुरुष उनकी लुक्स को चार चांद लगाते हैं.

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कुछ जरूरी बात

1-किसी भी रंग के कपड़ों को चुनने से पहले अपने कॉम्पेक्शन के रंग को भी ध्यान में रखें .कहीं ऐसा ना हो फंकी या कूल दिखने के चक्कर में आप उपहास की पात्र बन जाएं. .

2-फैब्रिक का भी ध्यान रखें मानसून के दिनों में मौसम चिपचिपा होने के कारण  कॉटन, वायल, शिफॉन, जॉरजट व हैंडलूम और खादी से बने कपड़े आराम देते हैं.

3-अपनी बॉडी के अनुसार कपड़े के प्रिंट का चुनाव करें. हेल्दी लड़कियों पर छोटे फूलों का प्रिंट अच्छा लगता है . बडे़ फूल-पत्तियों के प्रिंट पतली लड़कियां पर अच्छा दिखते  हैं.

जानें क्या हैं टेबल के 8 मैनर्स

पहले नैपकीन उठाकर गोद में फैलाएं और जब तक सभी को खाना सर्व न हो जाए, खाने की शुरुआत न करें. खाने के दौरान अचानक उठना पड़े तो सॉरी बोलते हुए नैपकीन को अपनी प्लेट के दाएं या बाएं तरफ गुच्छा बनाकर रखिए. हो सकता है कि आप सबसे पहले खाना खा चुके हों .तो टेबल तभी छोड़िए जब मेजबान खाना खाकर टेबल पर नैपकीन रख दे. यह इस बात का संकेत है कि अब सभी लोग खा चुके हैं.

1. प्यार भी परोसिए

अगर किसी के घर डिनर पर गई हैं या किसी को आमंत्रित किया है तो खाना हमेशा लेफ्ट साइड से परोसें. कभी भी किसी मेहमान को पार करके खाना मत परोसें. खाना परोसने की भूमिका में हों या खुद खा रही हों, जब भी कुछ पूछा जाए तो ‘प्लीज’ कहकर संबोधित करें. मेहमान के न करने पर जबरदस्ती न करें लेकिन प्यार से थोड़ा और खाने की मनुहार जरूर करें.पसंद को रखें ध्यान खाने में सबकी फरमाइश अलग-अलग होती है.

2. मेहमानों को पूरियां, परांठे, रोटी, गरम-गरम परोसें.

हर खाने का अंदाज जुदा साउथ इंडियन, थाई मुगलई डिशेज खाने के समय फोर्क या स्पून का इस्तेमाल करना पड़ता है, जबकि हम हाथों से खाना शुरू कर देते हैं. होटल या रेस्तरां में आपके फ्रेंड्स के साथ ही आसपास बैठे लोगों के लिए आपका यह तरीका मजाक बन सकता है. हर डिश के खाने का तरीका होता है, इसलिए अगर पहली बार उसे खा रहे हों तो झिझकने के बजाए जैसे अन्य साथी खाना शुरू करें, वैसे आप भी आहिस्ता से खाने की शुरुआत करें.

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3. फरमाइश का रखें खयाल

खाने का सामान खाने वालों की सुविधा के अनुसार ऎसी जगह रखें जहां सबकी पंहुच हो.रेस्तरां में लंच पर या होटल में डिनर के लिए जाएं तो सबकी फरमाइश का खयाल अवश्य रखें. कई बार मेजबान होने पर आप खुद ही ऑर्डर देना शुरू कर देते हैं, यह तरीका ठीक नहीं है. सभी को मेन्यू देखने का मौका दें और सहमति बनने पर ऑर्डर नोट करवाएं. हालांकि यह बात शादी या किसी पार्टी पर लागू नहीं होती. स्वीट डिश के बाद मेहमानों को इलायची, सौंफ आदि भी सर्व करें.

4. डाइनिंग टेबल के मैनेर्स

डाइनिंग टेबल पर बैठकर खाना भी एक कला है और आपका खाने का तरीका आपकी पसंद और नापसंद को दिखाता है. इसके अलावा इससे यह भी पता चलता है कि आप कितने स्‍मार्ट हैं. अगर आप अगली बार जब किसी के साथ डिनर पर जा रहे हैं तो उसे अपने डाइनिंग एटीकेट्स से इंप्रेस कर सकते हैं. यदि आप डाइनिंग टेबल मैनर्स पर ध्यान नहीं देते हैं तो सबके सामने आपको शर्मिंदगी का शिकार भी होना पड़ सकता है. इसलिए इस जगह कुछ बातों को ध्‍यान में रखना बहुत जरूरी है.

5. बैठने का तरीका

डाइनिंग टेबल पर शिष्टता से बैठें. कुर्सी पर पालथी मारकर या पैर लंबा करके न बैठें.  खाना खाते समय कुहनियों को डाइनिंग टेबल पर टिकाकर न रखें. नैपकिन को खाना खाने के पहले अपनी गोद पर अच्छे से फैला लें. खाना हमेशा दाएं हाथ से खाएं और गिलास या अन्य कोई चीज उठाने के लिए बाएं हाथ का प्रयोग करें. खाने की टेबल पर सीधे बैठें .

6. ब्रेक लेने से पहले

खाने की टेबल पर मोबाइल फोन को या तो बंद करके रखें या साइलैंट मोड पर रखें.खाने की टेबल पर बैठें हो और अचानक जरूरी फोन आ जाए तो एक्सक्यूज मी कह कर उठें. खाना खाते हुए बीच में उठने के लिए आपको अपने कांटे और छुरी भी ऐसी पोजीशन में रखने होंगे ताकि सर्व करने वाले या साथ बैठने वालों को ये पता चल जाए कि आप ब्रेक पर हैं. इसके ल‌िए नाइफ और फोर्क को इस पोजीशन में रखें.

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7. अगर ना पंसद आये खाना

खाने में कोई चीज पसंद न हो तो सीधे मना न करें बल्कि हर चीज को थोड़ा-थोड़ा टेस्ट करें . यदि खाना खाते समय दांतों में कुछ फंस जाए तो उसी समय उंगली से दांतों में से निकालना न शुरू कर दें. अगर आपको खाना पसंद नहीं आया, तो नाराज होना बनता है. मगर इस नाराजगी को चिल्लाकर के साथ जाहिर करना अच्छा आइडिया नहीं है. इसके लिए आपको बस नाइफ और फोर्क की पोजीशन को थोड़ा सा घुमाकर इस तरह सेट करना है.

8. बच्चों को भी सिखायें सलीका

बच्चों के साथ बैठकर जब भी खाना खाएं तो पहले बड़े व्यक्ति को खाना शुरू करने दें. ताकि उसके दिमाग में यह बात बैठ जाए कि बड़ों का सम्मान ज़रूरी है.  डिश में से खाना सर्व करते समय सावधानी बरतें ताकि खाने की चीज़ें टेबल पर या नीचे न गिरने पाएं. खाते समय जहां तक हो कम से कम बोलें और जब खाना मुंह में हो तो बच्चे को एकदम बोलने से मना करें.

3 सखियां: भाग-7

पिछला भाग- 3 सखियां: भाग-6

‘‘मैं आप के साथ हूं.’’ फिर एक दिन आभा को अचानक फेसबुक पर रितिका की खबर मिली. उस ने लिखा था, ‘तुम्हारा नाम फेसबुक पर देखा तो तुम से फिर संपर्क करने की तमन्ना हुई. युगों बीत गए तुम से बात किए या मिले हुए. अपना हालचाल बताना.’ आभा खुशी से उछल पड़ी. इतने सालों बाद अपनी सखी का संदेश पा कर वह भावुक हो गई. उस ने फौरन रितिका को फोन लगाया.

‘‘रितिका,’’ वह फोन पर चीखी.

‘‘आभा माई डियर, मैं बयान नहीं कर सकती कि मुझे तुम से बात कर के कितनी खुशी हो रही है. मैं ने सुना कि तू इंडिया आ गई है.’’

‘‘हां, और तू कहां है? इटली में?’’

‘‘अरे नहीं यार, इटली तो छूट चुका.’’

‘‘क्या मतलब?’’

‘‘यह एक लंबी कहानी है, ऐंटोनियो बड़ा फरेबी निकला.’’

‘‘क्या कह रही है तू?’’

‘‘हां आभा. उस ने मुझे बड़ा धोखा दिया.’’

‘‘क्यों, क्या हुआ?’’

‘‘वह बड़ा झूठा था. वह गले तक कर्ज में डूबा हुआ था. उस का महल भी गिरवी पड़ा था.’’

‘‘तो उस का काम कैसे चलता था?’’

‘‘पता नहीं. उस ने मुझे अपने महल में टिका दिया. शुरूशुरू में वह मुझ से बहुत प्यार जताता था. पर जब उसे पता चला कि मैं इंडियन हूं पर किसी रियासत की राजकुमारी नहीं और न ही मेरे पास अगाध दौलत है जिसे वह हथिया सके, तो उस ने मेरी ओर से आंखें फेर लीं. उस ने गिरगिट की तरह रंग बदला. वह महीनों घर से गायब रहता. न मेरा हाल पूछता न अपने बारे में कुछ बताता. धीरेधीरे मुझे उस की असलियत मालूम हुई. उस के पास आमदनी का कोई जरीया नहीं था. वह अमीर औरतों को अपने जाल में फांसता था और उन से पैसे ऐंठता था. यही उस की जीविका का आधार था और यही उस का पेशा था. दरअसल, वह एक जिगोलो था. वह पैसे के लिए अपना तन बेचता था. भला ऐसे आदमी के साथ मैं कैसे रह सकती थी? उस ने तो मुझे भी धंधे में झोंकने की कोशिश की.’’

‘‘ओह नो.’’

‘‘हां. जब मुझे उस के नापाक इरादों की भनक मिली तो मैं चौकन्नी हो गई. मैं ने वहां से भागने का प्लान बनाया. हालांकि यह काम इतना आसान नहीं था. फिर भी मैं ने घर की एक बुढि़या नौकरानी को अपने कुछ गहने दिए और उस की मदद से मैं ने एक नाव किराए पर ली और नदी पार की. रोम पहुंच कर मैं सीधे इंडियन ऐंबैसी की शरण में गई. वहां अपनी राम कहानी सुनाई और फिर भारत वापस पहुंची. अब मैं अपनी मां के साथ रहती हूं, बिलकुल अकेली. न कोई संगी न साथी,’’ उस ने बुझे स्वर में कहा. ‘‘रितिका तेरी कहानी सुन कर तो रोना आता है. अभी तेरी उम्र ही क्या है. ये पहाड़ जैसी जिंदगी किस के सहारे काटेगी? बुरा न मान तो एक बात कहूं, तू दूसरी शादी क्यों नहीं कर लेती?’’

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‘‘दूसरी शादी? राम भजो. 2 बार कर के तो पछता रही हूं. नहीं, शादी का सुख मेरी जिंदगी में नहीं है और इत्तफाक से बच्चे भी नहीं हुए, नहीं तो उन के लिए ही जी लेती. जब तक मां हैं हम दोनों एकदूसरे के सहारे दिन काट रही हैं. आगे की देखी जाएगी.’’

‘‘तब तेरा समय कैसे कटता है?’’

रितिका ने एक आह भरी और कहा, ‘‘कट ही जाता है किसी तरह. सुबह होती है शाम होती है, जिंदगी यों ही तमाम होती है. दरअसल, हालात ही कुछ ऐसे बने कि मेरी कायापलट हो गई. वैसे कहते हैं कि शादी एक जुआ है. पर मैं तो कहूंगी कि जिंदगी एक जुआ है. किसी को बैठेबिठाए, अनायास ही जीवन की हर खुशी मिल जाती है. उस के सिर पर जीत का सेहरा लग जाता है और कोई आजीवन झींकता रहता है, संघर्ष करता रहता है पर उस के मन की एक भी मुराद पूरी नहीं होती. कभीकभी लगता है कि दुनिया हमारी मुट्ठी में है पर दूसरे ही क्षण पारे की तरह सब हाथ से फिसल जाता है. हम सब एक कठपुतली समान हैं और कोई अदृश्य शक्ति हमें नचाती रहती है. खैर छोड़ न यार, कोई और बात कर. हां, अपनी सखी शालिनी की सुना. उस के क्या हालचाल हैं?’’

‘‘उस की कुछ न पूछ,’’ आभा ने एक आह भर कर कहा.

‘‘भला क्यों?’’

‘‘वह अब इस दुनिया में नहीं है.’’

‘‘ये क्या कह रही है आभा? क्या हुआ था उसे?’’

‘‘कोई बीमारी नहीं थी उसे. उस के पति ने बहलाफुसला कर उसे वापस इंडिया भेजा और उस के लौटने के तुरंत बाद उसे तलाक के कागजात भेज दिए. उस के मांबाप तलाक देने के पक्ष में नहीं थे. पर शालिनी ने कागजात पर दस्तखत कर दिए. इस के बाद वह बिलकुल टूट सी गई. पार्थ को वह बहुत चाहती थी. वह बहुत गुमसुम रहने लगी. वह डिप्रैशन का शिकार हो गई और ड्रग्स भी लेने लगी. उस के मांबाप ने उस के लिए वर ढूंढ़ना शुरू कर दिया और एक अधेड़, दुहाजू वर तलाश भी कर लिया. फिर शालिनी को समझाबुझा कर शादी के लिए राजी भी कर लिया. पर शादी के एक दिन पहले शालिनी ने किसी ड्रग का ओवरडोज ले लिया. रात को सोई तो सोई ही रह गई.’’

‘‘हायहाय ये तो बहुत बुरा हुआ. बेचारी शालिनी.’’ ‘‘हां, समझ में नहीं आता कि उस की असमय मौत के लिए किसे दोष दें. उस के मांबाप की दकियानूसी सोच को, जो ये सोचते हैं कि शादी के बिना एक स्त्री का निस्तार नहीं है या उस के कू्रर पति को जिस ने उस के साथ वहशियाना बरताव किया और उस का जीना दूभर कर दिया या अपने समाज के संकीर्ण दृष्टिकोण को जो लड़कियों के प्रति हमेशा असहिष्णु रहा है और उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक समझता है. खैर यह तो हुई शालिनी की कहानी. अब किसी दिन तुझे फुरसत से अपने बारे में बताऊंगी. अब फोन रखती हूं.’’

‘‘ठीक है. पर तू मुझे जबतब फोन करती रहना. इस से मुझे बहुत आत्मबल मिलता है.’’

‘‘अवश्य,’’ कह कर आभा ने फोन रख दिया.

उस की नजर बाहर बैठे राम पर पड़ी जो बड़ी लगन से बच्चों को पढ़ा रहे थे. वह मुग्ध भाव से उन का सौम्य मुखमंडल ताकती रही. यदि सहचर मन मुताबिक मिले तो एक स्त्री का जीवन सफल हो जाता है. अगर शादी के जुए में उस का पांसा सही पड़ गया तो समझो उस के पौबारह हैं, उस ने भावविभोर हो कर सोचा.

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FILM REVIEW: जानिए कैसी है इरफान खान की ‘अंग्रेजी मीडियम’

रेटिंगः ढाई स्टार

निर्माताः दिनेश वीजन व ज्योति देशपांडे

निर्देशकः होमी अडजानिया

कलाकारः इरफान खान,राधिका मदान,दीपक डोबरियाल.

अवधिः दो घंटे 25 मिनट

लगभग दो वर्ष के बाद इरफान खान (Irrfan Khan) फिल्म‘‘अंग्रेजी मीडियम’’ (Angrezi Medium) से वापसी कर रहे हैं.  दर्शकों को भी उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार था. कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का इलाज कराने के बाद इरफान ने जबसे इस फिल्म की शूटिंग शुरू की थी, तभी से उनके प्रशंसक इस फिल्म की राह देख रहे थे. फिल्मकार होमी अडजानिया की यह फिल्म पिता पुत्री के रिश्तों के साथ ही भारत व लंदन की सभ्यता व संस्कृति पर भी कटाक्ष करती है.

कहानीः

फिल्म की कहानी उदयपुर में रहने वाले चंपक बंसल (इरफान खान) और उनकी बेटी तारिका(राधिका मदान)तथा चंपक के चचेरे भाई गोपी(दीपक डोबरियाल)के इर्दगिर्द घूमती है. चंपक बचपन से ही कन्फ्यूज्ड रहे हैं. पर पत्नी के चयन में उन्हे कोई कन्फ्यूजन नहीं हुआ था. शादी के समय जब उनकी पत्नी ने आगे पढ़ाई जारी रखने की बात कही,तो चंपक ने यह कह कर उसका मुंह बंद करा दिया कि वह उसे ‘गृहशोभा’ पत्रिका लाकर देंगे,जिसे वह पढ़ सकेगी. बेटी तारिका को जन्म देने के बाद चंपक की पत्नी का देहांत हो गया. अब चंपक की जिंदगी अपनी बेटी तारिका और घसीटाराम मिठाईवाले के पोते के रूप में मिठाई की दुकान चलाते हुए गुजर रही है.

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चंपक की बेटी राधिका का बचपन से सपना है कि वह लंदन पढ़ने जाए. बेटी को पालने-पोसने और मिठाई की दुकान चलाने के साथ-साथ उसे अपने दूसरे घसीटाराम भाई-बंधुओं के साथ अदालत में नाम और संपत्ति के मुकदमे भी लड़ने पड़ते हैं.  इन मुकदमों में उसका चचेरा भाई गोपी (दीपक डोबरियाल)उसके लिए जी का जंजाल बना हुआ है. गोपी जज छेड़ा को नौ लाख रूपए की रोलेक्स घड़ी उपहार में देकर अपने पक्ष में फैसला करवा लेता है,मगर गोपी व चंपक के बीच भाई का प्रेम खत्म नही होता. तारिका ग्रैजुएट होने के साथ लंदन जाने के अपने सपने को पूरा करने के लिए कॉलेज की टॉपर बनने के लिए कमर कस लेती है.

आखिरकार वह दिन भी आ जाता है,जब तारिका को आगे की पढ़ाई के लिए लंदन जाने का मौका मिल जाता है. मगर चंपक स्कूल के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बनकर आए जज छेड़ा के बेइमान होने की पोल खोल देता है. इससे मामला बिगड़ जाता है,क्योंकि चंपक को यह नही पता होता कि स्कूल की प्रिंसिपल के पति हैं जज छेड़ा. पर चंपक अपनी बेटी को लंदन में पढ़ाने के सपने को पूरा करने के लिए उसे लेकर लंदन रवाना होता है,गोपी भी उसके साथ है. उसके बाद क्या क्या होता है,इसके लिए फिल्म देखना ही ठीक रहेगा.

 

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Yogi aur Jaya ko pyaar dene ke liye dhanyawad ??

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लेखनः

भावेश मडालिया,गौरव शुक्ला,विनय छावल और सारा बोडिनार की कमजोर पटकथा ने फिल्म का बंटाधार कर दिया. फिल्म का ट्रेलर देखकर इस बात का अहसास हुआ था कि इस फिल्म में लंदन या किसी भी विदेशी युनिविर्सिटी में पढ़ाई करने के दौरान किन समस्याओं से जूझना पड़ता है, उसका चित्रण होगा,मगर यह फिल्म इस मूल मकसद से इतर भटकती है. लेखकों ने इस मुद्दे की गहराई को समझे बगैर कुछ भी परोस दिया है. यहां तक कि फिल्म में पिता पुत्री के बीच के इमोशंस भी ठीक से नहीं उभर पाए. इंटरवल से पहले तो फिल्म पिता पुत्री के रिश्ते, घसीटाराम के नाम पर हक की  लड़ाई और बेटी के लंदन पढ़ने जाने का मुद्दा था,मगर इंटरवल के बाद इतने सारे किरदार व इतने सारे ेमुद्दे भर दिए गए कि दर्शक भी कन्फ्यूज्ड हो जाता है.

निर्देशनः

होमी अडजानिया का निर्देशन भी इस फिल्म की कमजोर कड़ी है. वह अंत तक दर्शकों को बांधकर रखने में बुरी तरह से असफल रहे हैं. फिल्म का क्लायमेक्स तो एकदम घटिया है. होमी अडजानिया ने फिल्म में कई मुद्दे एक साथ उठाने की कोशिश में किसी के साथ भी न्याय नही कर पाए. डिंपल कापड़िया और उनकी बेटी करीना के बीच अनबन की वजह साफ नही है? लंदन पहुंचने के बाद तारिका में जो बदलाव आता है,रिश्तों को लेकर  उसकी सोच बदलने व उसके बागी होने को भी सही ढंग से चित्रित नहीं किया गया है. फिल्म को एडीटिंग टेबल पर कसे जाने की भी जरुरत थी.

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अभिनयः

अति कमजोर कहानी व पटकथा के बावजूद चंपक के किरदार में इरफान खान ने शानदार अभिनय किया है. जितने समय तक इरफान परदे पर रहते हैं,वह अपनी बॉडी लैंग्वेज, कमाल की कॉमिक टाइमिंग,अपने उदयपुरी बोलचाल की भाषा और जज्बाती दृश्यों से दर्शकों को बांधकर रखते हैं. परदे पर उन्हे देखकर दर्शक यह भूल जाता है कि वह गंभीर बीमारी से मुक्त होने के बाद अभिनय कर रहे हैं. हर इमोशन को जिस तरह से इरफान ने परदे पर अपने अभिनय से उकेरा है,उससे यह साबित हो जाता है कि उन्हे एक समर्थ कलाकार क्यों कहा जाता है. मासूम,सपने देखने वाली,पिता को प्यार करने वाली,बागी,लंदन पहुंचते ही वहां के रंग ढंग में ढल जाने वाली तारिका के किरदार के साथ पूरी तरह से न्याय करने में राधिका मदान सफल नही रहीं. पिता व पुत्री के बीच जो इमोश्ंास उभर कर आने चाहिए थे,वह इरफान व तारिका के बीच नही उभर पाते. गोपी के किरदार में भाई के रूप में दीपक डोबरियाल ने इरफान के साथ दमदार जुगलबंदी पेश की है. वह कई जगह लोगों को हंसाते भी हैं. छोटे किरदार में करीना कपूर अपनी छाप छोड़ जाती हैं. पंकज त्रिपाठी की प्रतिभा को जाया किया गया है. पंकज त्रिपाठी ने यह फिल्म क्यों की,यह समझ से परे है. अन्य कलाकारो में डिंपल कपाड़िया,रणवीर शोरी,किकू शारदा, जाकिर हुसेन ने ठीक ठाक अभिनय किया है. फिल्म का गीत संगीत निराश करता है. महज इरफान खान का उत्कृष्ट अभिनय  देखने के लिए यह फिल्म देखी जा सकती.

महिला सशक्तिकरण में फिल्मों व महिला कलाकारों ने काम किया- शमा सिकंदर

पौपुलर टीवी व फिल्म एक्ट्रेस शमा सिकंदर 21 वर्ष के अपने करियर में हर माध्यम पर काम कर चुकी हैं. उन्होने करियर व जिंदगी के बीच सामंजस्य बैठाना सीख लिया है. शमा सिकंदर खुद को ‘‘महिला सशक्तीकरण और उत्थान’’की ध्वजवाहक मानती हैं.

खुद शमा सिकंदर कहती हैं-‘‘सिनेमा ने मुद्दों को मुख्यधारा में लाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है. तो वहीं महिलाओं ने स्क्रीन सेल्यूलाइड के परदे पर महिला सशक्तिकरण की बात करने वाले किरदार निभाए.  और ऐसा कई दशकों से होता रहा है.  फिर चाहे वह फिल्म‘मदर इंडिया’में नरगिस दत्त का किरदार रहा हो. फिल्म‘अर्थ’में शबाना आजमी हों या फिल्म‘कहानी’में विद्या बालन हो. अथवा फिल्म ‘‘शोले’’में बसंती के किरदार में हेमा मालिनी का अभिनय रहा हो. क्या हम ‘मदर इंडिया’या ‘शोले’की बसंती को कभी भुला सकते हैं. देखिए, महिलाओं के लिए सदैव मुद्दे सर्वोपरि रहे हैं और कोई भी मुद्दा ऐसा नहीं है,जिस पर महिलाएं आंखें मूंदे रहें. हमें मुद्दों को स्वीकार करना होगा और समाज को एक समाधान की ओर बढ़ना होगा.

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फिल्म ‘इंग्लिश विंग्लिश’में श्रीदेवीजी का किरदार भी इसी दिशा में एक सफल प्रयास था. श्रीदेवी ने तमाम फिल्मों में बेहतरीन काम किया.  भारतीय फिल्में पूरे विश्व में आधुनिक भारतीय महिला का प्रतिनिधित्व करती हैं. उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. हम इस तथ्य को स्वीकार करते हैं कि राष्ट्रव्यापी रूप से हमारे पास हर क्षेत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण का एक समान स्तर है और महिलाओं और पुरुषों के नेतृत्व में एक बड़ा सामूहिक प्रयास करना होगा. मैं सभी से फिल्म देखने का आग्रह करती हूं. यह इस महिला दिवस पर आप सबसे अच्छी बात कर सकते हैं. महिला सशक्तीकरण पर ‘‘थप्पड़’’एक बेहतरीन फिल्में बनी है.  और सभी महिलाएं इसे देखने के बाद अपने लिए एक स्टैंड लेंगी. ‘‘

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शमा सिकंदर आगे कहती हैं-‘‘मुझे लगता है कि एक औरत  में बहुत सारी खूबियां होती हैं. हर औरत एक साथ कई काम सफलता पूर्वक कर सकती है,बशर्ते उसे इस बात का अहसास हो. अगर आपको पता है कि आप कर सकते हैं,तो आपको जरूर करना चाहिए. एक जिंदगी है,जितना कर सकते हैं,उतना कीजिए. मुझे नहीं लगता कि कहीं कोई सीमा है. यदि कोई किसी महिला से कहता है कि आपको यह काम नहीं करना चाहिए,तो वह पूरी तरह से गलत है. कम से कम मैं तो इसे पूर्णरूपेण गलत मानती हॅूं. मुझे लगता है कि मैं बहुत सारी चीजें अच्छे से कर सकती हूं,इसलिए कर रही हॅूं. मैंने हर तनाव और दबाव को झेला है. मैने खुद को मजबूत बनाने और सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ने का ही काम किया है. मेरी राय में हर महिला को दूसरो के लिए प्रेरणास्रोत बनना चाहिए. ’’

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