फेस्टिव सीजन में पहने ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ की एक्ट्रेस के ये 5 एथनिक ड्रेस

स्टार प्लस के सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में ‘गायु’ के रोल में नजर आने वाली कांची सिंह को हर कोई जानता है. कांची भले ही अभी टीवी इंडस्ट्री से दूर हैं, लेकिन वह अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहती हैं. हाल ही में ‘ये रिश्ता’ की सेलिब्रेशन पार्टी में जहां शो के सारे पुराने सितारे नजर आए तो वहीं कांची इस पार्टी से नदारद नजर आईं. खैर अगर बात करें कांची के फैशन की तो हाल ही में कांची ने अपने सोशलमीडिया अकाउंट से एक फोटो शेयर की हैं, जिसमें उनकी लुक बेहद खूबसूरत है. इसीलिए आज हम कांची के कुछ फेस्टिवल लुक के बारे में बताएंगे, जिसे आप फेस्टिवल्स में आसानी से ट्राय कर सकते हैं.

1. नियोन कलर है पार्टी परफेक्ट

अगर आप फेस्टिव सीजन में दूसरों से अलग दिखना चाहती हैं तो नियोन कलर कौम्बिनेशन आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. सिंपल नियोन कलर के फ्रौक सूट के साथ नियोन कलर का प्लाजो कौम्बिनेशन आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. वहीं ज्वैलरी की बात करें तो आप इस ड्रेस को फेस्टिव लुक देने के लिए इसके साथ गोल्डन कलर के झुमके आपको लुक को बेहतरीन बना देंगे.

 

View this post on Instagram

 

Ishqe di चाशनी……..?☘️ . . Wearing @threadnbutton Footwear @shopakira

A post shared by Kanchi Singh ✿ (@kanchisingh09) on

ये भी पढ़ें- फेस्टिव सीजन में ट्राय करें मलाइका का ये एथनिक लुक

2. यैलो कलर के लहंगा है फेस्टिव सीजन के लिए परफेक्ट

अगर आप फेस्टिव सीजन में ब्राइट कलर पहनने का सोच रहे हैं तो कांची का ये लहंगा आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. सिंपल येलो कलर के लहंगे के साथ एम्ब्रायडरी वाला ब्लाउज और श्रग आपके लुक के लिए परफेक्ट रहेगा. आप इसे फेस्टिवल हो या वेडिंग किसी भी चीज के लिए ट्राय कर सकती हैं.

3. peach और ग्रीन का कौम्बिनेशन है परफेक्ट 

 

View this post on Instagram

 

Elegance is not about being noticed, It’s about being remembered ? . . Outfit @kalkifashion Assisted by @instagladucame

A post shared by Kanchi Singh ✿ (@kanchisingh09) on

अगर आप peach और ग्रीन कलर के शौकीन हैं तो कांची का ये लुक आपके लिए परफेक्ट है. सिंपल peach कलर के शरारा के साथ peach और ग्रीन के कौम्बिनेशन वाला कुर्ता, साथ में ग्रीन कलर की चुन्नी आपके लुक के लिए परफेक्ट औप्शन रहेगा.

4. वौयलेट कलर करें ट्राय 

 

View this post on Instagram

 

Choose to shine ♾ . . Styled by @anshudixit_ Outfit @labelshalinikhanija Earings @hemakhasturilabel

A post shared by Kanchi Singh ✿ (@kanchisingh09) on

वौयलेट कलर के शरारा के साथ शाइनिंग ब्लाउज और शाइनी दुपट्टा आपके लुक के लिए परफेक्ट औप्शन है. आप इसके साथ सिल्वर पैटर्न वाले इयरिंग्स ट्राय कर सकते हैं. ये आपके लुक को कम्पलीट करने में मदद करेगा.

5. फेस्टिव सीजन के लिए परफेक्ट है कांची का स्काई ब्लू लुक

अगर आप फेस्टिव सीजन में कुछ नया ट्राय करना चाहते हैं तो स्काई ब्लू कलर के सिंपल शरारा के साथ एम्ब्रायडरी वाला कुर्ता और दुपट्टा आपके लुक को सिंपल और परफेक्ट रखेगा.

ये भी पढ़ें- हर ओकेजन के लिए परफेक्ट है सोनम कपूर का ये साड़ी लुक

बैंक बन गए साहूकार

पति के व्यवसाय में बैंक के कर्ज से हो रही उन्नति को देख कर बहुत सी औरतें फूली नहीं समातीं पर वे यह भूल जाती हैं कि हमारे ये बैंक पिछले जमाने के साहूकारों से भी ज्यादा बेदर्द और लोगों को रिहायशी घर तक बेचने को मजबूर कर देते हैं. गत 30 अगस्त को दिल्ली के एक अखबार में इंडियन ओवरसीज बैंक, पटना, पंजाब नैशनल बैंक, हरिद्वार के नीलामी के विज्ञापन प्रकाशित हुए.

इन विज्ञापनों में जो संपत्ति नीलाम हो रही है, वह बेहद छोटी यानी ₹7-8 लाख से ले कर ₹30-40 लाख तक की और रिहायशी मकानों की है. हरिओम गल्ला भंडार, श्यामला हैंडलूम, श्यामा साड़ीज, यादें टे्रडर्स, त्रिदेव ट्रेडर्स जैसे छोटेछोटे व्यापारियों के घरों पर बैंक ने कब्जा कर लिया है और अब खुलेआम उन्हें नीलाम करा जा रहा है.

ये भी पढ़ें- आप हम और ब्रैंड

लगभग हर कर्जदार के साथ एक औरत जुड़ी है, चाहे पार्टनर के रूप में या फिर संपत्ति मालिक के तौर पर. आप ने कालीसफेद फिल्मों के जमाने में औरतों को साहूकारों के पैर पकड़ते बहुत से रूलाने वाले दृश्य देखे होंगे. यही सीन दोहराए जा रहे हैं. अब साहूकार नहीं वह व्यक्ति बैंक मैनेजर है. सब बैंकों ने कर्ज की मूल राशि पर ब्याज जोड़ कर मोटी रकमें बना लीं जो आज के मंदी के दौर में बहुत भारी पड़ गईं.

हर व्यापार चले यह जरूरी नहीं और कर्ज देने वाला नुकसान उठाए यह भी गलत है. पर जब सैकड़ों नहीं हजारों व्यापारी बैंकों के चंगुल में कर्जदार फंसे नजर आएं तो लगता है कि कहीं कुछ गलत है.

सरकार मुनाफे पर टैक्स लेने तो आ जाती है पर हानि के समय बजाय बैसाखी देने के कफन नोचने को तैयार रहती है. बैंक भी सरकार की तरह के हैं कि घर की औरतेंबच्चे कहां जाएंगे, इस की चिंता करे बिना घरों को खाली करवा के नीलाम करवा देते हैं. श्यामा साड़ीज के कर्ज में जिस संपत्ति को बेचा जा रहा है वह महज 807 वर्ग फुट की है. हरिओम गल्ला भंडार का मकान सिर्फ 1360 वर्ग फुट का है. यादें ट्रेडर्स का मकान 7 डैसीमल (2800 वर्ग फुट) का है. ये विशाल पैडर रोड मुंबई के मकान नहीं हैं, जिन के मालिकों को अरबोंखरबों देने हैं.

इन छोटे मकानमालिकों को घरों से निकाल कर बैंक अपने खाते भले पूरे कर लें पर यह पक्का है कि देश में बिगड़ता? व्यापारिक माहौल उन औरतों का दुख है जिन्हें बैंक दरदर भटकने को मजबूर कर रहे हैं. ऐसे घरों के बच्चे भी कभी देश के लिए मजबूत नागरिक नहीं बनेंगे. वे कुंठित रहेंगे, उन की पढ़ाई छूट जाएगी. वे मांबाप को दोष दें या उन से सहानुभूति रखें, वे उन से संरक्षण की आशा नहीं रख पाएंगे.

ये बी पढ़ें-बच्चों का उत्पीड़न हो सकता है खतरनाक

यही कारण था कि उपजाऊ जमीन, अच्छे शिल्पकारों और भरपूर मजदूरों के बावजूद यह देश हमेशा गरीबी का गुलाम रहा है और पूजापाठी औरतें भी बिलखतीतरसती रही हैं. नए स्वतंत्र भारत ने साहूकारों से कोई नजात नहीं दिलाई. नए तरीके के खूंख्वार सूदखोर पैदा कर दिए.

पीरियड्स के दौरान इन बातों का भी रखें ख्याल

बिजी लाइफस्टाइल में बहुत जरूरी है कि आप पीरियड्स के दौरान अपनी स्वच्छता का पूरा ख्याल रखें क्यों कि अगर ऐसा नहीं किया तो बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. इसीलिए आज हम आपको बताएंगे की कैसे पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई बनाए रखें और बीमारियों से भी बचे रहें…

1. ब्लीडिंग के दौरान रखें साफ-सफाई

पीरियड्स के दौरान शरीर से ब्लीडिंग होने पर विशेष रूप से अपने प्राइवेट पार्ट्स को साफ रखना महत्वपूर्ण है. इस हिस्से की सफाई के लिए गर्म पानी और इंटिमेट या वैजाइनल वाश का उपयोग करें.

2. कभी भी एक साथ दो पैड का इस्तेमाल न करें

कुछ महिलाएं ज्यादा फ्लो के समय सावधानी वश 2 सेनेटरी पैड का उपयोग करती हैं. यह उचित नहीं क्यों कि यह योनि क्षेत्र में संक्रमण का कारण बन सकता है. इसीलिए एक ही पैड का इस्तेमाल करें और यदि फ्लो अधिक हो तो इसे बदलते रहें.

ये भी पढ़ें- जब त्यौहारों में पीरियड्स शुरू हो जाएं

3. आरामदायक, साफ अंडरवियर पहनें

अपने सैनिटरी पैड को बदलते समय आवश्यक है इन दिनों कुछ आरामदायक अंडरवियर पहने. केवल कौटन या कपड़े से बने अंडरवियर जो आप की स्किन को सांस लेने की अनुमति देते हैं. सिंथेटिक और टाइट अंडरवियर भी संक्रमण को आमंत्रित करते है.

हमेशा प्राइवेट पार्ट्स को आगे से पीछे की तरफ धोएं या पोंछें. यह महत्वपूर्ण है क्यों कि विपरीत दिशा में सफाई, बैक्टीरिया का रास्ता बना सकती है जिस से संक्रमण हो सकता है.

4. अक्सर उत्पादों को बदले

एक सैनिटरी उत्पाद आप के शरीर के संपर्क में जितना लंबा होगा, संक्रमण का खतरा उतना ही अधिक होगा. बहुत लंबे समय तक रहने पर पैड रशेस पैदा कर सकते हैं और संक्रमण भी पैदा कर सकते हैं. आम तौर पर एक पैड का उपयोग 6 घंटे तक किया जा सकता है. टैम्पोन को भी हर 2 से 3 घंटे में बदलने की आवश्यकता होती है.

ये भी पढ़ें- पीरियड्स प्रौब्लम: उन दिनों में क्या खाएं

फेस्टिवल स्पेशल: दिवाली से पहले ऐसे करें किचन की सफाई

दिवाली से पहले किचन और बाथरूम की सफाई करना जरूरी होता है. अगर आप भी दिवाली से पहले सफाई करने का सोच रहे हैं तो पढ़िए ये टिप्स…

बाथरूम

बाथरूम एरिया में टौयलेट सीट, वाशबेसिन, शावर, कर्टेन, शावर हैड, बालटी, मग, डोर हैंडल, फ्लश हैंडल, शीशा, स्विचबोर्ड आदि पर बैक्टीरिया बहुत ज्यादा पाए जाते हैं और सही वातावरण मिलने पर कुछ ही समय में दोगुने हो जाते हैं.

उपचार

नहाने की प्लास्टिक की बालटी, मग को प्रतिदिन थोड़े से साबुन से अवश्य साफ करें, बाद में 2 बूंदें ऐंटीसेप्टिक लोशन डाल कर रिंस करें.

नहाने के बाद बाथरूम को वाइपर से साफ करें और ऐक्जौस्ट व पंखा चला दें ताकि बाथरूम गीला न रहे.

नहाने के लिए बाथटब है तो सप्ताह में 3 बार उस का पानी हटा कर ऐंटीसेप्टिक लोशन डाल कर साफ करें.

तौलिए को प्रतिदिन गरम पानी से धोएं.

ये भी पढ़ें- अंडरगारमेंट्स खरीदने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

प्रतिदिन थोड़ी देर बाथरूम की खिड़कियां खुली रखें ताकि ताजा हवा व धूप की किरणें अंदर आ सकें.

जूते, चप्पलों को शू रैक में रखें, बैडरूम में न रखें.

बैडरूम में रखी अलमारियों को सप्ताह में 1 बार अवश्य साफ करें.

बच्चों के सौफ्ट टौयज को 10-15 दिन में साफ करें. उन्हें तकिए के कवर में बंद कर वाशिंग मशीन में धो लें.

सप्ताह में 3 बार फ्लश हैंडल, टौयलेट सीट, डोर हैंडल लाइट स्विच आदि को ऐंटीसैप्टिक वाइप्स से अवश्य पोंछें.

शावर हैड्स पर कीटाणु बहुत जल्दी पनपते हैं. अत: यदि कम प्रयोग में आता हो तो 2 मिनट हौट सैटिंग पर पानी के साथ चलाएं ताकि कीटाणु मर जाएं.

बाथरूम की नाली में कूड़ा पड़ा न रहने दें. नाली को साफ कर 2 कप सिरका डालें. सिरका लगभग 99% बैक्टीरिया को समाप्त कर देता है.

किचन

एरिजोना विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने किचन में बरतन साफ करने वाले स्पंज, बरतनों को पोंछने वाले कपड़े और सिंक में सब से ज्यादा कीटाणु पाए. इस के अलावा कूड़ेदान, रैफ्रीजरेटर, डिश रैक आदि पर भी. हम सोचते हैं कि हमारे बरतन साफ हैं, पोंछने वाला कपड़ा साफ है पर यह सही नहीं है. रोगाणुरहित बनना है तो किचन की भी सफाई ठीक प्रकार से होनी चाहिए.

उपचार

किचन स्लैब व गैस चूल्हे को पहले साबुन वाले स्पंज से साफ करें फिर 2 बार दूसरे कपड़े से ताकि वर्किंग स्पेस साफसुथरी रहे.

किचन सिंक को हमेशा साफ रखें. बरतन धोने से पहले व उस के बाद उसे विम पाउडर से साफ करें और काम के बाद पोंछ दें.

किचन सिंक को जर्म फ्री बनाने के लिए एकचौथाई कप सिरके में समभाग पानी मिलाएं और सिंक में फैला दें. थोड़ी देर बाद साफ करें.

बरतन पोंछने के लिए डस्टर, हाथ पोंछने के लिए तौलिए और स्लैब पोंछने के लिए नेपकिंस अलग रखें. प्रतिदिन सुबहशाम अलग धुला नैपकिन प्रयोग में लाएं.

बरतन धोने वाले स्क्रब को काम करने के बाद ऐंटीसैप्टिक लोशन से रिंस कर के सुखा लें. विप को भी ढक कर रखें.

किचन ऐक्जौस्ट फैन, कैबिनेट हैंडल, चिमनी आदि को भी सप्ताह में 1 बार अवश्य साफ करें.

फ्रिज को भी सप्ताह में 1 बार अवश्य साफ करें. इस के लिए मैडिकेटेड डिटर्जैंट का इस्तेमाल करें.

किचन की खिड़कियां व जालियों को साफ करने के लिए एकतिहाई कप सिरके में एकचौथाई कप अल्कोहल मिलाएं और मिश्रण से खिड़कियां व जालियां साफ करें.

माइक्रोवेव ओवन, आदि को भी सप्ताह में 1 बार अवश्य साफ करें.

किचन के डस्टबिन में सूखा विम पाउडर और सिरका डाल कर सप्ताह में 1 बार रगड़ें और धो कर सुखाएं. कचरा डालने से पहले उस में डस्टबिन वाला थैला अवश्य लगाएं.

किचन की नालियों को साफ रखें. उन में कूड़ाकचरा न रहने दें ताकि बैक्टीरिया न पनपें.

सब्जी काटने वाले बोर्ड की भी सफाई करें, क्योंकि सब से अधिक बैक्टीरिया यहीं पनपते हैं. वैज और नौनवैज काटने के लिए अलगअलग चौपिंग बोर्ड का इस्तेमाल करें.

ये भी पढ़ें- नींद बिगड़ी तो सेहत बिगड़ी

अन्य सावधानियां

वाशिंग मशीन में भी बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं. अत: कपड़े धोने के बाद वाशर ड्रम को डिसइन्फैक्टैंट से पोंछें.

ऐसे आइटम्स जो ज्यादा प्रयोग में आते हैं जैसे रिमोट कंट्रोल, टैलीफोन रिसीवर, फ्रिज का हैंडल, मोबाइल, डोर की बैल आदि को प्रतिदिन ऐंटीबैक्टीरियल वाइप्स से पोंछें.

मोबाइल, कंप्यूटर की बोर्ड को तो दिन में 4-5 बार साफ करें.

बौडी हाइजीन

सिर्फ घर को साफसुथरा रखने से ही काम नहीं चलता स्वयं की सफाई भी आवश्यक है. शारीरिक हाइजीन में हाथों की अहम भूमिका है. यह बात कम लोग ही जानते हैं कि घरों में संक्रमण फैलाने में हाथ सब से अधिक जिम्मेदार होते हैं. उस के बाद नाखूनों की, बालों की व शरीर के अन्य अंगों की सफाई.

उपचार

बाहर से आने के तुरंत बाद, खांसनेछींकने के बाद, टौयलेट से आने के बाद, पालतू जानवर को छूने के बाद, बच्चों को खिलाने और खुद खाना खाने से पहले हाथ अवश्य धो लें.

हाथ धोने के लिए मैडिकेटेड लिक्विड सोप सब से अधिक उपयुक्त रहता है.

नहाने के पानी में कुछ बूंदें ऐंटीबैक्टीरियल लोशन अवश्य डालें.

पसीना ज्यादा आता हो तो अंडरआर्म्स की सफाई पर पूरा ध्यान दें. प्यूबिक एरिया के बालों की सफाई भी समयसमय पर करें.

नहाने के लिए अपना सोप अलग रखें. नाखूनों को समयसमय पर जरूर काटें. गंदे नाखूनों से भी अस्वस्थ होने की संभावना ज्यादा रहती है.

पर्सनल हाइजीन

हमेशा साफ कपड़े पहनें, जो सिर्फ धुले ही नहीं वरन संक्रमण रहित भी हों.

दूसरे का तौलिया, कपड़े, चश्मा, कंघा, लिपस्टिक आदि प्रयोग न करें.

मेकअप किट में भी जर्म्स पाए जाते हैं. अत: मेकअप ब्रश, पफ, आईब्रो पैंसिल आदि को भी प्रयोग में लाने से पहले ऐंटीसैप्टिक वाइप्स से पोंछ लें.

महिलाओं के पर्स के हैंडल में उतने ही जर्म्स पाए जाते हैं जितने एक टौयलेट सीट पर. यह बात हाल ही में हुए सर्वे में पता चली. अत: अपने पर्स की भी नियमित सफाई करती रहें.

ये भी पढ़ें- लुभावने औफर्स न निकाल दें दिवाला

फेस्टिवल स्पेशल 2019: घर पर बनाएं कलाकंद

फेस्टिवल के मौके पर अगर आप कुछ नया बनाना चाहते हैं तो आज हम आपको कलाकंद बनाने की रेसिपी बताएंगे. कलाकंद बनाना आसान है. इसे आप फेस्टिवल में कभी भी बना सकते हैं ये टेस्टी होती है, जिसे आप अपनी फैमिली और फ्रेंड्स को खिला सकते हैं.

हमें चाहिए

–  6 कप दूध

–  3/4 कप पनीर

ये भी पढ़ें- फेस्टिवल स्पेशल 2019: घर पर बनाएं मैदे की बरफी

–  8 छोटे चम्मच चीनी

–  2 बड़े चम्मच मलाई

–  थोड़ा सा मेवा कटा सजाने के लिए.

बनाने का तरीका

दूध को लगातार चलाते हुए उसे गाढ़ा होने दें. फिर आंच बंद कर दें और बरतन को आंच से उतार लें. अब पनीर को अच्छी तरह से मसल कर दूध में डालें और कलछी से मिलाएं. फिर बरतन को आंच पर रख दें. मलाई डालें और गाढ़ा होने तक पकाएं.

ये भी पढ़ें- फेस्टिवल स्पेशल 2019: घर पर बनाएं चोको ब्रैड पेड़ा

कुछ देर बाद जब मिश्रण मावे की तरह होने लगे तब इस में चीनी डालें. मिक्स कर तब तक पकाएं जब तक बरफी जमने जितना गाढ़ा नहीं हो जाता. अब आंच बंद कर दें. एक प्लेट में घी लगा कर मिश्रण को उस में डाल कर फैला दें. ऊपर बादाम और पिस्ता डाल दें. जब मिश्रण सख्त होने लगे तो चाकू से बरफी के साइज के टुकड़े काट लें.

जानें क्या है बिकिनी वैक्स

साफसुथरी और कोमल स्किन हर महिला की चाहत होती है. तभी तो हर महिला समय-समय पर वैक्सिंग करवाती है. वैक्सिंग से अनचाहे बाल भी हट जाते हैं और स्किन में भी निखार आ जाता है, मगर आजकल महिलाएं बिकिनी वैक्स भी कराने लगी हैं.

1. क्या है बिकिनी वैक्स

बिकिनी लाइन से प्यूबिक हेयर को वैक्स की मदद से हटाना बिकिनी वैक्स कहलाता है. हालांकि बिकिनी वैक्स करना इतना आसान नहीं होता. पैरों और हाथों की वैक्सिंग के मुकाबले बिकिनी वैक्सिंग में काफी सावधानी बरतनी पड़ती है, क्योंकि अन्य शरीर के मुकाबले बिकिनी एरिया की स्किन बहुत ज्यादा सैंसिटिव होती है और इस एरिया में बाल भी ज्यादा और हार्ड होते हैं. इसलिए वैक्सिंग कराते समय दर्द भी होता है. अगर आप रोजाना रेजर और उस से होने वाली जलन से बचना चाहती हैं, तो बिकिनी वैक्स करवा सकती हैं. अगर आप पहली बार बिकिनी वैक्स कराने की सोच रही हैं तो आप के लिए बिकिनी वैक्स से जुड़ी इन महत्त्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है:

ये भी पढ़ें- सजना है मुझे खुद के लिए

2. प्रोफैशनल से ही कराएं वैक्सिंग

बिकिनी वैक्स आप घर पर नहीं कर सकतीं. बिकिनी वैक्स हाथपैरों की वैक्सिंग की तरह नहीं है, जो आप खुद कर लें. इसलिए इसे आप किसी प्रोफैशनल से ही कराएं जिसे अच्छाखासा अनुभव हो.

3. साबुन का इस्तेमाल न करें

बिकिनी वैक्स से पहले साबुन का इस्तेमाल न करें. यदि आप को उस एरिया को क्लीन करना है तो आप वी वाश या फिर शावर जैल का इस्तेमाल कर सकती हैं.

4. पसीने से बचें

वैक्सिंग से पहले कोई ऐसा काम न करें, जिस से आप को ज्यादा पसीना आए. पसीने की वजह से वैक्सिंग में दिक्कत होती है और दर्द भी होता है.

ये भी पढ़ें- फेस्टिवल स्पेशल 2019: हेयर स्टाइलिंग प्रौडक्ट्स का ऐसे करें इस्तेमाल

5. कूलिंग का रखें ध्यान

आप जिस जगह भी वैक्स करवा रही हैं वहां एसी होना बहुत जरूरी है. अगर कमरा ठंडा रहेगा तो वैक्सिंग अच्छी तरह होगी, क्योंकि कई बार पसीने की वजह से वैक्सिंग ढंग से नहीं हो पाती. बिकिनी वैक्स कभी भी नौर्मल वैक्स से नहीं होगी, इसलिए हमेशा बिकिनी स्पैशल वैक्स का इस्तेमाल करें जैसेकि रिका वैक्स.

आगे पढ़ें- क्या है बिकिनी वैक्स से जुड़ी सावधानियां

अदातल में होगी ‘नायरा’ की इंसल्ट तो अपनी ही वकील को खरी-खोटी सुनाएगा ‘कार्तिक’

स्टार प्लस के सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में ‘कायरव’ की कस्टडी का ड्राम फैंस को काफी एंटरटेन कर रहा है. वहीं अब मेकर्स ने आने वाले एपिसोड में ‘नायरा-कार्तिक’ को साथ लाने के लिए नए-नए ट्विस्ट लाने में लग गई हैं. हाल ही में हमने आपको ‘नायरा-कार्तिक’ के नशे में शादी की बात बताई थी. वहीं अब शो में जल्द ही ‘नायरा’ के लिए ‘कार्तिक’ का गुस्सा देखने को मिलने वाला है. आइए आपको बताते हैं क्या होगा अपकमिंग एपिसोड में…

‘कार्तिक’ की वकील सुनाएगी ‘नायरा’ को भला बुरा

अपकमिंग एपिसोड़ में आप देखेंगे कि कोर्ट में ‘नायरा’ को कोर्ट में खड़ा किया जाएगा, जिसके बाद ‘कार्तिक’ की वकील ‘नायरा’ को काफी भलाबुरा कहती हुई दिखाई देगी.

ये भी पढ़ें- फैंस ने पूछा- सिंगल हो क्या तो ‘नायरा’ ने दिया ये जवाब, Video हो रहा है वायरल

‘कार्तिक’ को आएगा गुस्सा

‘नायरा’ को भला बुरा कहता देख ‘कार्तिक’ से सहन नही होगा और वह अपनी वकील को सुनाएगा, जिसे देखकर ‘वेदिका’ का मुंह उतर जाएगा.

ये कहेगी कार्तिक की वकील

कोर्ट रूम का सीन दर्शकों के सामने होगा जहां ‘नायरा’ को कटघरे में खड़ा किया जाएगा. ‘नायरा’ मासूम चेहरे के साथ सारे इल्जाम सुनती रहेगी. ‘कार्तिक’ सामने खड़ा देखता रहेगा. लेकिन जब वकील ‘नायरा’ के एक अच्छी मां न होने के बारे में कहेगी, तभी ‘कार्तिक’ चिल्ला उठेगा.

‘वेदिका’ को पता चली ‘नायरा-कार्तिक’ के साथ बिताने वाली बात

‘वेदिका’ ने ‘कार्तिक’ और ‘नायरा’ की बात सुन ली कि उन दोनों ने नशे की हालत में एक बार फिर से शादी कर ली. ऐसे में ‘वेदिका’ बहुत गुस्सा हो गई. जब ‘नायरा’ को पता चला कि ‘वेदिका’ को इस बारे में खबर हो गई है. तो वह उसके पीछे उसे सच बताने के लिए भागी. लेकिन ‘वेदिका’ इतने गुस्से में थी कि वह सहन नहीं कर पाई और कोर्ट से भाग कर घर चली गई.

ये भी पढ़ें- ‘नायरा-कार्तिक’ ने फिर से कर ली शादी, क्या होगा ‘वेदिका’ का रिएक्शन?

बता दें, शो में जल्दी ही ‘वेदिका’ की एक्जिट होने वाली है, जिसके बाद ‘नायरा-कार्तिक’ को रोमेंस एक बार फिर फैंस को एंटरटेन करने को मिलेगा.

पीरियड्स के दौरान साफ-सफाई न करना हो सकता है खतरनाक

महिलाओं और लड़कियों के लिए प्रत्येक महीने 4 -5 दिन काफी थकावट वाला और दर्द भरा होता है. यह वक्त है जब उन्हें पीरियड्स के दर्द से जूझना पड़ता है. लेकिन इस का मतलब यह नहीं है कि तकलीफ की वजह से आप उन दिनों खुद की देखभाल करना छोड़ दें. बल्कि उन दिनों आप के प्राइवेट पार्ट्स को ज़्यादा देखभाल की जरुरत होती है. आइये जानते हैं इंटरनेशनल फर्टिलिटी सेंटर की डॉ. रीता बक्शी से कि पीरियड्स के दिनों में साफ-सफाई क्यों जरुरी है और कैसे रखी जा सकती है-

1. यूरिन इन्फेक्शन्स

पीरियड्स के दौरान खुद को साफ न रखना बहुत सारे बैक्टीरियाज को आमंत्रित करता है जो आगे चल कर यूरिन इन्फेक्शन्स की वजह बन सकते हैं. इस से पेट के निचले हिस्से में दर्द के साथ किडनी भी प्रभावित हो सकती है.

ये भी पढ़ें- जानें काम के बीच क्यों जरूरी है झपकी

2. रैशज

यह एक बहुत ही आम समस्या है और लगभग हर दूसरी महिला ने कभी न कभी इस का अनुभव किया है. पीरियड्स के दौरान होने वाले रैशेज का मुख्य कारण सैनिटरी नैपकिन को बारबार बदलना नहीं है. आधुनिक समय के नैपकिन बनाने में कंपनियां अच्छी मात्रा में प्लास्टिक और अन्य सामग्री का उपयोग करते हैं जो आप की स्किन के लिए अनुकूल नहीं है. इस के अलावा 4-6 घंटे से अधिक के लिए एक नैपकिन का उपयोग करने से रक्त उस के आसपास के संक्रमण का कारण बन सकता है जिस से स्किन पर चकत्ते और जलन होती है.

3. सफेद डिस्चार्ज

प्राइवेट पार्ट्स से व्हाइट डिस्चार्ज हर बार अस्वस्थ परिस्थितियों की ओर इशारा नहीं करता है. लेकिन पीरियड्स के दौरान अस्वच्छता आप की योनि में बैक्टीरिया का कारण बन सकती है और परिणामस्वरूप सफेद डिस्चार्ज हो सकता है. इस लिए ज़रूरी है कि इस हिस्से को पीरियड्स के दौरान साफ़ और स्वच्छ रखें.

4. बांझपन की संभावना

पीरियड्स के दौरान अशुद्ध कपड़ों का उपयोग करना या लंबे समय तक एक ही सैनिटरी नैपकिन या टैम्पोन का उपयोग करना बैक्टीरिया के विकास को सुविधाजनक बना सकता है. ये बैक्टीरिया बांझपन की संभावना बढ़ा सकते हैं.

ये भी पढ़ें- पीरियड्स प्रौब्लम: उन दिनों में क्या खाएं

5. सरवाइकल कैंसर की संभावना

पीरियड्स के दौरान अस्वच्छता की वजह से कैंसर के विकास की संभावनाएं पैदा हो जाती हैं. महिलाओं के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे अपने पीरियड्स के दौरान न केवल खुद को साफ रखें बल्कि नियमित रूप से अपने प्राइवेट पार्ट की सफाई कर के हमेशा स्वच्छता बनाए रखें.

फेस्टिवल स्पेशल 2019: घर पर बनाएं मैदे की बरफी

फेस्टिवल के मौके पर अगर आप कुछ नया बनाना चाहते हैं तो आज हम आपको नए तरह की बरफी बनाने की रेसिपी बताएंगे. मैदे की बरफी बनाना आसान है. इसे आप फेस्टिवल में कभी भी बना सकते हैं ये टेस्टी होती है, जिसे आप अपनी फैमिली और फ्रेंड्स को खिला सकते हैं.

हमें चाहिए

– 1/2 लिटर दूध

–  6 बड़े चम्मच चीनी

–  3 बड़े चम्मच मैदा

ये भी पढ़ें- फेस्टिवल स्पेशल 2019: घर पर बनाएं चोको ब्रैड पेड़ा

–  2 छोटे चम्मच घी.

–  थोड़ा सा मेवा कटा सजाने के लिए.

बनाने का तरीका

मैदे में घी डाल कर हल्का गोल्डन ब्राउन होने तक भून लें. कड़ाही में दूध डाल कर उबलने रखें. दूध गाढ़ा होने के बाद मैदा डाल कर मिलाते हुए पकाएं.

उस के बाद चीनी मिला कर 6-7 मिनट चलाएं और आंच बंद कर दें. एक प्लेट में घी लगा कर मिश्रण को उस में डालें और फैलाएं. काजू और बादाम से सजाएं. ठंडा होने पर काट कर सर्व करें.

ये भी पढ़ें- फेस्टिवल स्पेशल 2019: घर पर बनाएं चोको ब्रैड पेड़ा

सजना है मुझे खुद के लिए

हैन शीर्षक कुछ अलग सा. पर अब वह जमाना नहीं रहा जब महिलाएं सजना के लिए सजें. उन्हें तो खुद का वजूद थामे हुए चलते जाना है, जिंदगी के हर मुकाम या पड़ाव को पार करने के लिए. हर महिला को खुद पर विश्वास करना होता है और इस विश्वास को पाने के लिए मेकअप यानी शृंगार महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

मेकअप शब्द सुनते ही दिमाग में रंगबिरंगी लिपस्टिक, लिपेपुते चेहरे घूम जाते हैं, पर मेकअप का असली उद्देश्य होता है कमियों को छिपाना, उन नैननक्शों को उभारना जो आप की खूबसूरती में चारचांद लगाते हैं.

मैं खुद 40 का पड़ाव पार कर चुकी हूं और एक बात बहुत विश्वास के साथ कह सकती हूं कि हर उम्र की जैसे अलगअलग जरूरतें होती हैं, उसी तरह हर उम्र के साथ आप को अपने सौंदर्यप्रसाधन भी बदलने पड़ते हैं. अधिकतर महिलाएं एक ही प्रकार का फाउंडेशन या फेस पाउडर अथवा लिपस्टिक का शेड प्रयोग करती रहती हैं. मगर जरा सोचिए तो सही कि जब आप की स्किन उम्र के साथ बदल जाती है तो आप एक ही प्रकार के सौंदर्यप्रसाधन कैसे प्रयोग कर सकती हैं?

उम्र चाहे 6 वर्ष की हो या 60 वर्ष की आईना हर महिला का सब से करीबी साथी होता है, यही उसे उस के साथ हो रहे बदलावों से सब से पहले परिचित कराता है, तो क्यों न हम भी अपने इस साथी के हाथ में हाथ डाल कर अपने सौंदर्यप्रसाधन चुनें ताकि हम जीवन के हर पड़ाव पर सुंदर और गरिमामयी लगें. जानें उम्र के अनुसार सुंदर दिखने के टिप्स:

1 से 10

प्यारी सी आरवी को अपनी मौसी की शादी में सब से सुंदर दिखना है उस की उम्र है केवल 7 साल. आप सोच रही होंगी, 7 साल की बच्ची और मेकअप. मगर यह तो सब महिलाओं, लड़कियों का मौलिक हक है. 1 से 10 साल की आयु तक की खूबसूरत परियां निम्नलिखित प्रयोग सौंदर्यप्रसाधनों में कर सकती हैं:

ये भी पढ़ें- फेस्टिवल स्पेशल 2019: हेयर स्टाइलिंग प्रौडक्ट्स का ऐसे करें इस्तेमाल

– इस उम्र में स्किन वैसे ही इतनी कोमल और सुंदर होती है कि रोज नहाने के लिए कोई भी मृदु साबुन और मृदु शैंपू का ही प्रयोग करें.

– भूल कर भी होंठों पर किसी लिपस्टिक का प्रयोग न करें. इस उम्र में होंठ कुदरती गुलाबी होते हैं. अगर होंठ फटने की समस्या हो तो रात को सोने से

पहले ग्लिसरीन का प्रयोग अवश्य करें. 7 साल की आयु में अगर बेटी लिपस्टिक लगाने की

जिद करे तो उसे लिपजैल की दुनिया से परिचित कराएं, कोशिश करें कि वह न्यूड लिपजैल का ही प्रयोग करे.

– सुबहशाम फेस वाश से चेहरा धोने की आदत जरूर डालें. खूबसूरत स्किन की शुरुआत इसी उम्र से होती है और हर प्रकार की स्किन को सांस लेने के लिए सफाई की आवश्यकता होती है.

11 से 17

आज मृदु का जन्मदिन है. उस की बहुत सारी सहेलियां और मित्र आए हुए थे. मृदु ने पर्पल रंग की ड्रैस पहनी थी. जैसे कि किशोरावस्था में होता है, उस के गालों पर भी थोड़ेथोड़े ऐक्ने थे, जिन्हें छिपाने के लिए उस ने अपनी मम्मी के फाउंडेशन का प्रयोग किया था. पर्पल ड्रैस के साथ पर्पल लिपस्टिक और ढेर सारा मसकारा उस के चेहरे को हास्यास्पद और बहुत बड़ा दिखा रहा था.

दरअसल, किशोरावस्था का समय बड़ा नाजुक होता है. उस समय प्रयोग किए गए सही प्रसाधन आप को आगे के लिए भी तैयार करते हैं.

किशोरावस्था में क्लींजर ऐस्ट्रिंजैंट और टोनर का बहुत महत्त्वपूर्ण रोल होता है. तीनों ही प्रोडक्ट आप की स्किन के लिए बहुत ही आवश्यक होते हैं, क्योंकि स्किन बहुत ही तैलीय होती है. रोमछिद्र बंद हो बाद में एक्नों का रूप धारण कर लेते हैं.

सनस्क्रीन इस्तेमाल करने से कतई गुरेज न करें. इस उम्र में स्किन बहुत तैलीय होती है तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि प्रसाधन नौनकोमोडेजीनिन हो. मतलब कि वह आप के रोमछिद्रों को बंद न करे. सनस्क्रीन से बेहतर कोई और विकल्प नहीं. यह स्किन को बेहतर सुरक्षा देगा और जिंक औक्साइड युक्त सनस्क्रीन के प्रयोग से ऐक्ने भी कम होते हैं.

ऐक्ने हों तो उन्हें छिपाने के लिए फाउंडेशन की जरूरत नहीं है. उन के साथ छेड़छाड़ की आवश्यकता नहीं. पर स्नस्क्रीन हर हाल में लगाना है, क्योंकि ऐक्ने सूर्य की किरणों के प्रभाव में आ कर ही गहरे काले दाग छोड़ते हैं. सनस्क्रीन इन सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाती है.

इस उम्र में कलर्ड लिपजैल अच्छा लगता है पर भूल कर भी सस्ते उत्पाद होंठों पर न लगाएं. साल में भले एक खरीदें पर बेहतर प्रोडक्ट ही लगाएं.

विवाह या किसी और समारोह में पिंक लिपस्टिक, एक कोट मसकारा, गहरा काजल और सनस्क्रीन के ऊपर लगाई गई एक पतली सी परत कौंपेक्ट की काफी है. आप इस उम्र में वैसे ही बहुत आकर्षक लगती हैं. ऐक्ने होने के बावजूद स्किन में अलग लुनाई होती है.

अनुभा का विवाह तय हो गया था. उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्याक्या तैयारी करे, कैसे अपने वैनिटी बैग को अपडेट करे. दरअसल, अनुभा के लिए मेकअप का मतलब होता है फाउंडेशन, कौंपैक्ट पाउडर, लिपस्टिक और काजल. जब वह प्रसाधन खरीदने बाजार गई तो वह तो अच्छा हुआ उस के साथ उस की राधा दीदी भी चली गईं. उन्होंने उसे इतने उपयोगी सुझाव दिए कि अनुभा हैरान रह गई. चलिए, आप भी राधा दीदी के सुझावों से रूबरू हो लें:

– फाउंडेशन खरीदने से पहले उसे हाथ की स्किन पर लगा कर जरूर देखें. जो फाउंडेशन आप की हाथ की स्किन में घुलमिल जाता है वही आप की स्किन के लिए अनुकूल है. आजकल बीबी क्रीम का भी बोलबाला है. अगर फाउंडेशन का प्रयोग नहीं करना चाहतीं तो यह भी एक अच्छा विकल्प है.

– आप नई दुलहन हैं तो एक लाल, गुलाबी, महरून, रानी और कौफी शैड की लिपस्टिक आप के पास अवश्य होनी चाहिए. पर इन सब के भी बहुत शेड्स होते हैं. गहरे रंग गहरी रंगत के लिए और हलके रंग हलकी रंगत पर ही अधिक फबते हैं. मैट, ग्लौसी और क्रीम बेस्ड लिपस्टिक के शेड्स वैनिटी बैग में अवश्य होने चाहिए जिन्हें आप मौके के हिसाब से प्रयोग कर सकती हैं.

– मसकारा आप की पलकों को और अधिक लंबा और घना दिखाता है और आंखों को ड्रामैटिक लुक भी देता है. किसी भी अच्छी कंपनी के मसकारे का ही प्रयोग करें और एक मसकारा ही काफी है, क्योंकि यह बहुत जल्दी सूख जाता है.

– आईलाइनर आप की आंखों को सुंदर बनाने में विशेष भूमिका निभाता है. वाटरप्रूफ लिक्विड आईलाइनर बेहतर विकल्प है. आईलाइनर हमेशा बाहरी कोने से भीतर की तरफ लगाएं.

– आंखों को दिन में डीप और रात में तेज रंगों के आईशैडो से रंग सकती हैं.

ये भी पढ़ें- फेस्टिवल स्पेशल 2019: जब लगना हो खास तो ऐसे करें मेकअप

– रात को सोने से पहले मेकअप जरूर हटा लें और कोई भी लाइट नाइट क्रीम स्किन पर रहने दें.

18 से 35

देखते ही देखते अनुभा के विवाह को 5 वर्ष बीत गए और उस की गोद में एक प्यारा सा बेटा भी आ गया. अनुभा अब 32 वर्षीय महिला थी. राधा दीदी के बताए सारे टिप्स का वह पालन कर रही थी पर न जाने क्यों उस की स्किन में अब वह पहले जैसी बात नहीं रही थी. बेटे के जन्म के बाद पिगमैंटेशन की समस्या भी हो गई थी.

वह फिर राधा दीदी के घर गई. राधा दीदी ने उसे फिर समझाया कि अनुभा जब तुम्हारी शादी हुई थी तब तुम 25 वर्ष की थीं और अब तुम 30 पार कर चुकी हो तो थोड़ा सा बदलाव करना पड़ेगा.

– 30 साल के बाद धीरेधीरे विटामिन सी सीरम से दोस्ती कर लें. यह एक बेहतर ऐंटीऔक्सीडैंट होता है, जो स्किन की रक्षा महीन लकीरों और ऐज स्पौट से करता है. इस का प्रयोग रात में अवश्य करें.

– बाहर जा रही हों या नहीं, सनस्क्रीन अवश्य प्रयोग करें. यह भी आप की स्किन को जवां दिखाने में मदद करता है, क्योंकि यह धूप से होने वाले ऐज स्पौट्स को रोकता है.

– ग्लौसी से ज्यादा मैट लिपस्टिक का प्रयोग करें.

– अंडर आई सीरम का भी प्रयोग 30 साल पश्चात अवश्य करें.

– आप को स्मोकी आईज का लुक चाहिए या थोड़ा ड्रामैटिक यह आप का निर्णय है या बस जो भी प्रोडक्ट आप की

आंखों को छुए उस की गुणवत्ता जरूर जांच लें. आई शैडो का रंग सावधानी से चुनें. गलत रंग का प्रयोग आप को जोकर भी दिखा सकता है.

– पिगमैंटेशन की समस्या हारमोनल इंबैलेंस के कारण होती है पर इस की अनदेखी न करें. किसी अच्छे कंसीलर की मदद से आप उसे छुपा सकती हैं. फिर उस के ऊपर एक कोट फाउंडेशन लगा कर अपने रंग से मिलाजुला सकती हैं.

स्थाई रूप से छुटकारा पाने के लिए आप सीरम या ऐंटीऔक्सीडैंट अवश्य ही रात को प्रयोग करें. धीरेधीरे ही सही पर फर्क अवश्य पड़ेगा.

36 से 50

जब नारी 36वें साल में कदम रखती है तो उस का मेकअप का तरीका किशोरावस्था और युवावस्था से भिन्न होता है. 40 की उम्र तक आतेआते स्किन थोड़ी सी थकी और रूखी हो जाती है और यह बहुत ही सामान्य है. इस का मुख्य कारण होता है कोलोजन की कमी. मगर थोड़े से प्रयास के आप फिर से अपनी स्किन का ग्लो वापस पा सकती हैं:

– प्राइमर का प्रयोग करें जो आप की स्किन को एक समतल रूप देता है. पर ध्यान रखें कि प्राइमर हाइड्रेटिंग हो नहीं तो आप की स्किन की महीन रेखाएं बहुत ही स्पष्ट हो उठेंगी.

– फाउंडेशन की एक सही परत चेहरे से काफी सालों को कम कर देगी पर इस बात का ध्यान रखें कि फाउंडेशन आप की स्किन से मेल

खाता हो नहीं तो आप का चेहरा बहुत ही हास्यास्पद लगेगा.

– किसी भी अच्छे कंसीलर की मदद से आंखों के इर्दगिर्द काले घेरों और अगर पिगमैंटेशन के धब्बे हों तो आराम से छिपा सकती हैं.

ये भी पढ़ें- बिजी लाइफ में बेहद काम के हैं ये 5 हेयर हैक्स

– लिपस्टिक लगाने से पहले आप होंठों की ड्राई स्किन को बहुत ही सौम्य स्क्रब की मदद से हटा सकती हैं. फिर लिपस्टिक लगाने से पहले लिप बाम का प्रयोग करें और बाद में लिपलाइनर और लिपस्टिक की मदद से अपने होंठों को पसंदीदा रंग से रंग दें.

50 के बाद

आज दामिनी ने अपने 50 साल पूरे कर लिए थे और उस ने इस उपलक्ष्य में एक पार्टी आयोजित करी थी. सभी लोग यह सोच कर जा रहे थे कि एक प्रौढ़ स्त्री से मुलाकात होगी पर यह क्या वहां तो ऐसा लगा दामिनी नहीं उस की छोटी बहन हो. वह हलके मेकअप में बहुत ही खूबसूरत लग रही थी. जब उस की सहेलियों ने राज जानना चाहा तो उस ने मूलमंत्र बताया-‘लैस इज मोर.’

– इस उम्र में प्राकृतिक रूप से स्किन ढीली हो जाती है. ऐसे में अच्छे मौइस्चराइजर से उसे हाइड्रेट रखें. सीरम का प्रयोग अब दिन में 2 बार कर सकती हैं.

– सनस्क्रीन से दोस्ती बरकरार रखें पर यह ध्यान रखें कि वह क्रीम बेस्ड हो, ऐसे ही फाउंडेशन भी लिक्विड और क्रीम बेस्ड होना चाहिए नहीं तो स्किन बहुत ही रूखी और अनाकर्षक लगेगी.

– आंखों और होंठों के लिए डीप कलर अच्छे रहेंगे. उम्र बढ़ने के साथसाथ होंठ भी पतले हो जाते हैं. अत: लिपग्लौस की मदद से उन्हें थोड़ा भरा हुआ और ग्लौसी दिखा सकती हैं.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें