Visionary Award : ‘‘आज  के तेजी से बदलते डिजिटल और तकनीक प्रधान दौर में हमारी सब से बड़ी जिम्मेदारी युवा पीढ़ी को सही दिशा देना है,’’ यह कहना है प्रोफैसर अंजू श्रीवास्तव का जो हिंदू कालेज की प्रिंसिपल के रूप में शिक्षा और नेतृत्व दोनों क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं. उन्होंने कालेज में पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाने के साथसाथ कैंपस के विकास और आधुनिकीकरण पर भी खास ध्यान दिया है.

अंजू के नेतृत्व में हिंदू कालेज ने अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और राष्ट्रीय पहचान को लगातार मजबूत किया है. वे ऐसी शिक्षा में विश्वास रखती हैं जो छात्रों को सिर्फ डिगरी ही नहीं बल्कि आत्मविश्वास, सोच और आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दे.

पारंपरिक मूल्यों के साथ आधुनिक सोच को जोड़ते हुए अंजू श्रीवास्तव ने छात्रों के लिए बेहतर अवसर और सकारात्मक माहौल तैयार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

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स्टूडैंट से प्रिंसिपल तक का सफर

हिंदू कालेज की प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत प्रो. अंजू हिंदू कालेज में ही कैमिस्ट्री की स्टूडैंट रही हैं. आईआईटी दिल्ली से मास्टर्स और पीएचडी के बाद वे कुछ वक्त तक मल्टीनैशनल कंपनी से जुड़ीं. उस के बाद हिंदू कालेज में कुछ वक्त तक प्रोफैसर के रूप में कार्यरत रहीं.

2014 में हिंदू कालेज की प्रिंसिपल का पदभर संभाला और लगातार कालेज और स्टूडैंट्स की बेहतरी में कार्यरत हैं. अपने 12 साल के इस कार्यकाल में इन्होंने स्टूडैंट्स के लिए करिकूलम को मनोरंजक बनाने के साथसाथ, स्टूडैंट्स की हौलिस्टिक पर्सनैलिटी डैवलप करने के लिए भी लगातार प्रयासरत हैं.

स्टार्टअप, सौफ्ट स्किल्स और अपस्किलिंग के मौके स्टूडैंट्स को मुहैया कराए हैं. स्टार्टअप के जरीए ये स्टूडैंट्स में क्रिएटिव थिंकिंग, रिस्क टेकिंग, ऐनेलिटिकल थिंकिंग के विकास पर जोर देती हैं, जिस से वे सिर्फ नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि नौकरी मुहैया कराने वाले भी बन सकें.

पढ़ाई के साथ कौशल विकास पर खास फोकस

प्रो. अंजू मानती हैं कि क्लासरूम तक सीमित पढ़ाई का जमाना अब नहीं है, इसलिए स्टूडैंट्स का कौशल विकास बेहद जरूरी है. ये स्टूडैंट्स को अपनी स्किल्स को मजबूत करने और नई स्किल सीखने के लिए प्रेरित करती हैं ताकि समाज में उन की जरूरत महसूस हो.

वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटैलिजैंस के जमाने में स्टूडैंट्स को इस तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करना आना चाहिए, जिस के लिए इन के द्वारा फैसिलिटी प्रदान की जा रही है. कैंपस में नई एआई लैब बनाई है ताकि वक्त के साथ स्टूडैंट्स बेहतर तालमेल बैठा सकें.

इंस्पायर अवार्ड स्पैशल

गृहशोभा प्रो. अंजू श्रीवास्तव को ऐल्कौन विजिनरी लीडरशीप अवार्ड से सम्मानित करते हुए उन के प्रेरणादायक नेतृत्व, शिक्षा के प्रति समर्पण और छात्र सशक्तीकरण में योगदान का सम्मान करती है.

इंस्पायर अवार्ड पाने के बाद प्रो. अंजू ने कहा, ‘‘मैं इस सम्मान और इस अवसर के लिए बेहद भावुक और आभारी महसूस कर रही हूं. यहां अलगअलग क्षेत्रों से इतने प्रेरणादायक लोगों को सम्मानित होते देखना अपनेआप में बहुत खास अनुभव है. मेरे लिए भी यह एक शानदार अवसर और बेहद यादगार पल है.’’

राष्ट्र निर्माण में जरूरी हैं युवा

अंजू श्रीवास्तव कहती हैं, ‘‘आज के इस तेजी से बदलते डिजिटल और तकनीक प्रधान दौर में हमारी सब से बड़ी जिम्मेदारी युवा पीढ़ी को सही दिशा देना है. युवा बहुत तेजी से बदलावों के बीच से गुजर रहे हैं और उन्हें समझना बेहद जरूरी है. वे तकनीक के साथ तो बढ़ रहे हैं लेकिन उन के भावनात्मक पक्ष को समझना भी उतना ही आवश्यक है.

‘‘यही वजह है कि हमारी जिम्मेदारी और चुनौती दोनों बढ़ जाती हैं. हमें युवाओं को ऐसा मंच देना होगा जहां वे खुद को खुल कर व्यक्त कर सकें और जीवन में संतुलन बना सकें. मुझे उम्मीद है कि हम इस जिम्मेदारी को अच्छे से निभा पाएंगे और देश को आगे ले जाने में अपना योगदान दे सकेंगे. यही हमारे लिए सब से बड़ी उपलब्धि होगी.’’

प्रो. अंजू मानती हैं कि ऐसे सम्मान आप को और मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं. इस से यह भरोसा मिलता है कि जो काम आप कर रहे हैं उसे समाज सकारात्मक रूप से स्वीकार कर रहा है. यही प्रोत्साहन आप को आगे बढ़ने और अपने काम को और बड़े स्तर तक ले जाने की ताकत देता है.

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