स्लीवलेस पहनें बिंदास

क्या आप चाह कर भी स्लीव कपड़े पहनने से हिचकती हैं. क्या आप वैक्सिंग के दर्द से डरती हैं . क्या आपको अंडर आर्म्स शेव करना ज्यादा आसान लगता है? यदि आपके हर सवाल का जवाब हां है तो ,आप इसलिए भी परेशान रहती होंगी कि स्किन पूरी तरह से साफ नहीं होती.

अपनाए यह आसान टिप्स

1. माइल्डड सोप का प्रयोग

स्‍ट्रांग साबुन शरीर की त्‍वचा के लिए बिल्‍कुल अच्‍छा नहीं होता. यह बहुत ही हार्श होते हैं जो कि सूखापन पैदा करते हैं और ज्‍यादा पसीना निकालते हैं. सबसे अच्‍छा रहेगा कि आप नींबू मिले पानी से नहाया करें. इसके साथ ही आर्म पैड का इस्‍तमाल करें जिससे कपड़े पर पसीने या पाउडर का दाग ना पड़े.

2. हल्के डियोड्रेंट का प्रयोग-

बाजार में कई तरह के डियो आते हैं .वे दावा अंडरआर्म को सफेद कर देने का दावा भी करते हैं . पर आपको कोई भी डियो त्‍वचा पर डायरेक्‍ट नहीं स्‍प्रे करना चाहिये . इससे त्‍वचा और भी ज्‍यादा काली पड़ जाती है. केवल प्राकृतिक डियो जैसे, चंदन पाउडर या टैल्‍कम पाउडर का प्रयोग करें . यह महकदार हो और शरीर को किसी भी प्रकार का कोई नुक्‍सान भी न पहुंचाए.

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3. हेयर रिमूवर-

अक्सर बगलें बालों की वजह से काली प्रतीत लगने लगती है. उस जगह को शेव करने के बाद हेयर रिमूविंग क्रीम लगाएं जिससे वह जगह बिल्‍कुल साफ हो जाए. अपने अंडरआर्म को ब्‍लीच के प्रयोग से सफेद और साफ बनाएं.

4. पसीने वाली पिट का उपचार

अपनी बगलो को पसीने से मुक्त्त्त रखने के लिए टिशू का प्रयोग करें. ताकि जिससे त्‍वचा काली न पड़े. त्‍वचा पर बेसन और मुल्‍तानी मिट्टी का प्रयोग करने से अधिक पसीना नहीं आता और अंडरआर्म साफ भी हो जाता है.

5. ढ़ीले और मुलायम कपड़े पहने

ज्‍यादा टाइट कपड़े त्‍वचा को नुक्‍सान पहुंचा सकते हैं. कपड़े का फैबरिक और उसमें इस्‍तमाल किया गया डाई आपकी त्‍वचा को नुक्‍सान पहुंचा सकता है. मलमल या फिर खादी का कपड़ा आपकी स्‍किन के लिए अच्‍छे होते हैं.

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6. अंडरआर्म की जलन

ज्‍यादा कॉस्‍मैटिक के इस्‍तमाल से त्‍वचा में जलन होने लगती है. इसको दूर करने के लिए त्‍वचा की मालिश करनी चाहिये. मालिश करने के लिए विटामिन इ और नारियल तेल का प्रयोग करना चाहिये. इससे त्‍वचा जल्‍दी साफ होती है.

Controversy: Rashami Desai के आरोपों पर भड़के Arhaan Khan, कही ये बात

नागिन 4 (Naagin 4) एक्ट्रेस रश्मि देसाई (Rashami Desai) और अरहान खान (Arhaan Khan) के बीच विवाद सुर्खियों में बना हुआ है. हाल ही में रश्मि देसाई (Rashami Desai) के फैंस ने अरहान के खिलाफ अपना बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट सोशल मीडिया पर शेयर किया था. वहीं यह भी कहा था कि ये उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती है, लेकिन अब अरहान खान (Arhaan Khan) ने अपनी सफाई देते हुए रश्मि पर पलटवार किया है. आइए आपको बताते हैं क्या कहा अरहान खान ने…

अरहान खान ने कही ये बात…

अरहान खान ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया है कि मेरा परिवार हम दोनों के रिश्ते के खिलाफ रहा है. मैंने अपने और रश्मि देसाई के रिलेशनशिप पर हमेशा खुलकर बात की है, लेकिन रश्मि ने इस रिश्ते को सबसे छिपाया है. हम दोनों लिव इन रिलेशनशिप में भी रह चुके हैं. बिग बॉस 13 के घर में मेरी रश्मि देसाई के सामने लगातार बेज्जती हुई पर उसने कुछ भी बोलना जरुरी नहीं समझा. रश्मि के इस व्यवहार से मेरा परिवार काफी नाराज था. जब सलमान खान ने घर की ताबियों के बारे में जिक्र किया उस समय भी रश्मि देसाई ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि हम दोनों लिव इन रिलेशनशिप में थे.’

फोन देने का खुलासा कर चुकीं हैं रश्मि


हाल ही में रश्मि देसाई (Rashami Desai) ने एक लाइव चैट के दौरान खुलासा किया था कि अरहान खान (Arhaan Khan) का फोन उनके फिंगरप्रिंट से खुलता है क्योंकि वो फोन उन्होंने ही अरहान खान को तोहफे में दिया था.’ वहीं अब अरहान ने रश्मि देसाई के इल्जाम को झूठ बताते हुए कहा था कि उसने मुझे कभी कोई फोन नहीं दिया है. रश्मि देसाई महिला कॉर्ड खेल रही है ताकि लोगों की सहानभूति उसके साथ रहे. बिग बॉस 13 के घर में भी रश्मि देसाई ने कुछ ऐसा ही किया था. मुझे किसी भी सहानभूति की जरुरत नहीं है. मैंने कभी भी रश्मि देसाई के बारे में इस तरह कोई बात नहीं की है.

बता दें, रश्मि देसाई और अरहान खान के बीच लड़ाई बिग बौस 13 से शुरू हुई थी, जिसका कारण अऱहान खान की शादी थी. वहीं अब ये लड़ाई दिन पर दिन बढ़ती जा रही है, जहां रश्मि के दोस्त उनके सपोर्ट में उतर रहे हैं.

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Paras Chhabra को दामाद बनाने की बात पर बोलीं Mahira Sharma की मां, कही ये बात

कलर्स के पौपुलर शो ‘बिग बॉस 13’ (Bigg Boss 13) में नई-नई जोड़ियां बनीं, तो वहीं कुछ कपल्स का रिश्ता टूट गया. दूसरी तरफ कुछ कंटेस्टेंट को नए शो भी मिल गए, जिनमें पारस छाबड़ा का नाम भी शामिल है. माहिरा शर्मा (Mahira Sharma) और पारस छाबड़ा (Paras Chhabra) की शादी का कार्ड जहां सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. वहीं अब माहिरा की मां ने Paras Chhabra को दामाद बनाने की बात पर एक बयान दिया है. आइए आपको बताते हैं क्या कहना है माहिरा शर्मा (Mahira Sharma) और पारस छाबड़ा (Paras Chhabra) की शादी को लेकर मां का कहना….

बेटी के रिश्ते को लेकर कही ये बात

हाल ही में एक इंटरव्यू में माहिरा शर्मा (Mahira Sharma) की मां ने बताया कि ‘मुझे माहिरा शर्मा और पारस छाबड़ा की शादी से किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है. अगर माहिरा ने शादी के लिए हां कहा तो मैं उसे मना नहीं करुंगी. वैसे, मुझे नहीं लगता है कि माहिरा और पारस एक दूसरे को डेट कर रहे हैं. मैंने अपनी बेटी को पारस से लंबी बातें करते हुए कभी नहीं देखा. मुझे उन दोनों के बीच केवल दोस्ती दिखाई देती है. अपनी बेटी को देखकर मुझे बहुत खुशी होती है.’

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बेस्ट जोड़ी के लिए हुए नॉमिनेट

बिग बौस 13 में मिली पौपुलैरिटी के चलते माहिरा शर्मा (Mahira Sharma) और पारस छाबड़ा (Paras Chhabra) को इंटरनेशनल आईकॉनिक बेस्ट जोड़ी ऑफ इंडिया 2020 सीजन 6 के लिए नॉमिनेट किया गया है.

नच बलिए 10 का हिस्सा बन सकता है ये कपल

 

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नच बलिए 10 का हिस्सा बनने के लिए पारस छाबड़ा (Paras Chhabra) और माहिरा शर्मा (Mahira Sharma) को औफर मिला है. वहीं ऑफर मिलने के बाद से पारस छाबड़ा और माहिरा शर्मा बहुत एक्साइटेड हैं. साथ ही जल्द ही दोनों एक पंजाबी फिल्म में भी साथ नजर आने वाले हैं, जिससे उनके फैंस को खुशी होने वाले हैं.

बता दें, पारस छाबड़ा (Paras Chhabra) इससे पहले एक स्वयंवर वाले शो में भी नजर आ चुके हैं, जिसे ज्यादा पौपुलैरिटी नही मिली है.

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#lockdown: घर पर बनाएं टेस्टी राज कचौरी

लॉकडाउन के वक्त घर पर बैठे-बैठे अगर आपको भी राज कचौरी खाने का मन कर रहा है तो आज हम आपको घर पर कचौरी बनाने का तरीका बताएंगे, जिसे आप आसानी से अपनी फैमिली के लिए बना सकते हैं.

हमें चाहिए 

– मैदा 01 कप

– सूजी मोटी (1/4 कप)

– बेकिंग सोडा  (02 चुटकी)

– तेल (तलने के लिये)

कचौरी भरने के लिये

– आलू  (उबले हुए)

– पपड़ी (15 से16 नग)

– बेसन की पकौडी  (15 से 16 नग)

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– ताजा दही  (01 कप फेटा हुआ)

– सेव भुजिया (1/2 कप)

– अनार के दाने (1/2 कप)

– चना (1/2 कप उबले हुये)

– मीठी चटनी (1/2 कप)

– हरी चटनी  (1/2 कप)

– भुना जीरा (02 छोटे चम्मच)

– काला नमक (01 छोटा चम्मच)

– लाल मिर्च पाउडर  (01 छोटा चम्मच)

– नमक  (आवश्यकतानुसार)

राज कचौरी बनाने की विधि :

– सबसे पहले मैदा, सूजी और बेकिंग सोडा को आपस में मिला लें.

– इसके बाद पानी की सहायता से इसे गूंथ लें, गुंथा हुआ आटा पूरी के आटे जैसा होना चाहिये.

– आटा गूंथने के बाद उसे अच्छी तरह से मसल लें, जिससे यह एकदम नरम हो जाये.

– अब एक भारी तले की कढ़ाई में तेल डालकर गरम करें.

– जब तक तेल गरम हो रहा है, आटे की 15-16 लोइयां बना लें.

– लाेइयों को गीले कपड़े से ढ़क दें, जिससे वे सूखें नहीं.

– इसके बाद गूथे गये आटे को बेलन पर रख कर लगभग 3 इंच व्यास में बेल लें.

– बेलने के बाद पूरी को गरम तेल में डालें और आंच मीडियम कर दें.

– पूरी को कलछी से दबा-दबा कर सेंक लें, जिससे वह अच्छी तरह से फूल जायें और कचौरी के आकार की हो जायें.

– कचौरी के ऊपर कलछी से गरम-गरम तेल डालें और उलट-पलट कर गोल्डेन ब्राउन होने तक सेंक लें.

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– सारी पूरियों को सेंकने के बाद नैपकिन पेपर में रखते जाएं, जिससे उनका अतिरिक्त तेल निकल जाए.

– कचौरी बनने के बाद अब इनकी फिलिंग करने की बारी है.

– इसके लिए कचौरी की पतली वाली सतह को सावधानीपूर्वक थोड़ा सा तोड़ें और सर्विंग प्लेट में रख लें.

– अब कचौरी में एक पकौड़ी, आलू के छोटे-छोटे 4-5 पीस, 2 चम्मच उबले हुये चने, छोटा सा भुना जीरा, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, सादा नमक, दही, मीठी चटनी, हरी चटनी डालें.

– इसके बाद एक बार फिर से कचौरी में जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, दही, चटनियां, सेव भुजिया और अनार के दाने डालें.

– लीजिए, राज कचौरी बनाने की विधि कम्‍प्‍लीट हुई.

– अब आपकी स्वादिष्ट राज कचौरी  तैयार है, इसे परोसें और स्वयं भी परिवार के साथ आनंद लें.

#lockdown: घर में नहीं सुरक्षित है महिलाएं!

पूरा वसुधा एक महामारी से लड़ाई में लड़ा है, वही इस लॉकडाउन के समय भारत सहित विश्व के कई देशों में घरेलू हिंसा में वृद्धि हुई है. घरों के अंदर ही महिलाये सुरक्षित नहीं है. लॉकडाउन में जारी क्वारंटाइन, आर्थिक तनाव, खाद्य असुरक्षा  के बीच घरेलू हिंसा या उत्पीड़न होने से महिलाओं पर बुरा असर पड़ रहा है . आइये जानते है आखिर विश्व की जननी महिलाये क्यों हो रही है उत्पीड़न का शिकार …

1. 587 महिला अपराध मामले में 239 घरेलू हिंसा के मामले

हमारे देश में भी महिलाओं को लेकर कोई बेहतर खबर नहीं आ रही है . बीते सप्ताह ही राष्ट्रीय महिला आयोग ने बताया कि 23 मार्च से 16 अप्रैल तक महिला अपराधों से जुड़ी 587 शिकायतें प्राप्त हुई हैं.जिनमें घरेलू हिंसा से जुड़ी शिकायतें 239 हैं. जबकि 27 फरवरी से 22 मार्च तक आयोग को महिला अपराधों से जुड़ी 396 शिकायतें प्राप्त हुई थीं और इनमें से 123 शिकायतें घरेलू हिंसा से जुड़ी थीं. यानी सामान्य समय के मुकाबले लॉकडाउन के पहले 25 दिन और बाद के 25 दिन में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों 182 मामले ज्यादा थे .जबकि घरेलू हिंसा के मामलों में यह बढ़त सौ से ज्यादा थी.

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2.  दिल्ली में महिला अपराध में गिरावट दर्ज किया गया है

दिल्ली में लॉक डाउन के दौरान महिलाओं से छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न व पीछा करने की शिकायतों में में भरी गिरावट पाया गया है. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का कहना है कि घरेलू हिंसा की शिकायतों के संबंध में हेल्पलाइन नंबर 181 के कॉल डेटा के अनुसार, दिल्ली महिला आयोग को 30 मार्च से 6 अप्रैल तक केवल 212 कॉल और 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक मात्र 171 कॉल मिली है. यह संख्या बहुत कम है. सामान्य दिनों में  दिल्ली महिला आयोग को घरेलू हिंसा के मामलों में हेल्पलाइन नंबर 181 पर रोजाना 1500 -1800 कॉल मिलते थे. यानि  लॉक डाउन के  दौरान  राजधानी में छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न व पीछा करने की शिकायतों में गिरावट आई है.

3. व्हॉट्सऐप नंबर की मदद से महिला शिकायत कर सकती है

देश में घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने दस अप्रैल को पीड़ित महिलाओं के मदद के लिए एक विशेष व्हॉट्सऐप नंबर 7217735372  को लॉन्च किया था. इस नंबर पर महिलाये कभी भी शिकायत दर्ज करा सकती है, इस नंबर का मकसद ऐसी महिलाओं की मदद करना था जो ऑनलाइन पोर्टल तक पहुंच नहीं पा रही थी. व्हॉट्सऐप नंबर की मदद से घरेलू हिंसा की पीड़ित महिला शिकायत कर सकती है.

4. विश्व में बढ़ रही है घरेलू हिंसा

संयुक्त राष्ट्र संघ ने कहा है कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच अरब क्षेत्र में महिलाओं व लड़कियों को घरेलू हिंसा और सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. उनकी स्थिति और खराब हो गई है. संयुक्त राष्ट्र की इकोनॉमी एंड सोशल कमीशन फॉर वेस्टर्न एशिया (ईएससीडब्ल्यूए) की एक नई पॉलिसी ब्रीफ में इस बात की जानकारी दी गई है.

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संयुक्त राष्ट्र संघ ने जारी एक बयान में कहा है कि हिंसा में यह बढ़ोत्तरी किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं है. मीडिया रिपोर्टें दुनिया भर में हिंसा में बढ़ोत्तरी दर्ज कर रही हैं – अर्जेंटीना से, चीन, जर्मनी, तुर्की, होंडुरस, दक्षिण अफ़्रीका, ब्रिटेन और अमेरिका इत्यादि. मलेशिया में हेल्पलाइन पर आने वाली कॉल की संख्या दोगुनी हो गई है जबकि फ़्रांस में 32 प्रतिशत वृद्धि हुई है. लेबनान में भी हेल्पलाइन पर इस महीने आने वाली कॉल दो गुना हो गई हैं और पिछले साल भी मार्च महीने में ऐसा ही देखा गया था. चिंता ये है ये ऑंकड़े सिर्फ़ सामने आए मामलों को दिखाते हैं. घरेलू हिंसा के मामलों की असल संख्या से कहीं कम मामले ही सामने आ पाते हैं.

19 दिन 19 टिप्स: 10 टिप्स से घर पर पाएं क्रैक फ्री हील्स

जब भी पैरों की एड़ियां फटती हैं तो उसे देख कर चिंता होने लगती है कि अब इस समस्‍या से कैसे छुटकारा मिलेगा. फिर इस समस्या से निजात पाने के लिये महिलाएं न जाने कौन कौन सी क्रीम और लोशन लगाना शुरु कर देती हैं, मगर इनसे रत्‍ती भर भी फर्क नहीं पड़ता. अगर आपको भी अपनी फटी एड़ियों का डर सता रहा है तो आजमाइये हमारे बताए गए नुस्‍खें.

1. एड़ियों की सफाई करें

नहाते समय अपनी एड़ियों को स्‍क्रब से साफ करें, जिससे डेड स्‍किन और गंदगी निकल जाए. जब भी बाहर से घर को आएं तब अपने पैरों को गरम पानी में डाल कर साफ करें.

2. एड़ियों को नमी प्रदान करें

पैरों में तेल ग्रंथी नहीं होती इसलिये वे हमेशा रूखे बने रहते हैं. इसके लिये आपको रात में सोने से पहले उसकी तेल या क्रीम से मसाज करनी चाहिये.

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3. केले का गूदा

फटी एड़ियों पर केले का गूदा लगाइये. 10 मिनट तक छोड़ने के बाद ठंडे पानी से धो लीजिये. जब तक पैर सही न हो जाएं तब तक इसे दिन में एक बार जरुर करें.

4. नींबू

पैरों को नींबू और गरम पानी के घोल में 15 मिनट के लिये डुबोएं. पैरों को स्‍क्रब करें, धोएं और फिर मौइस्‍चराइजर लगा कर मोजे पहन लें.

5. ग्‍लीसरीन का घोल

आधी बाल्‍टी पानी में ग्‍लीसरीन डालें और 10 मिनट के लिये उसमें पैर डाल कर बैठें. उसके बाद ठंडे पानी से पैर धो लें और अपने आप सूखने दे. फिर लोशन लगा कर पैरों को नमी दें.

6. पपीते का गूदा

रूखे पैरों को पके हुए पपीते के गूदे से मसाज करें. इससे पैर और अधिक नहीं फटेंगे तथा स्‍किन मुलायम हो जाएगी.

7. दूध और शहद

दूध को शहद के साथ मिलाइये और अपने पैरों को उसमें 15-20 मिनट के लिये डाल दीजिये. फिर थोड़ा सा स्‍क्रब कीजिये और बाद में गरम पानी से धो लीजिये.

8. नमक

आधी बाल्‍टी में पानी डाल कर उसमें 1 चम्‍मच नमक डालें और मिक्‍स करें. नमक से आपके पैरों से डेड स्‍किन निकल जाएगी और पैर कोमल बन जाएंगे.

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9. तेल मसाज

20 मिनट के लये तेल मसाज कीजिये और 1 घंटे के लिये पैरों को ऐसे ही छोड़ दीजिये. ऐसा ही हफ्ते में तीन बार रात में सोने से पहले करें.

10. चप्‍पल की बजाए बंद जूते पहनें

अगर आप चप्‍पल की जगह पर बंद जूते पहनेंगी तो आपकी ऐड़ियां धूल मिट्टी और गंदगी बची रहेंगी. बंद जूते पहनने से पैर रूखे नहीं होते और हमेशा साफ बने रहते हैं.

रोते-रोते गुमनाम होती ‘रुदाली’

अमित बैजनाथ गर्ग, वरिष्ठ पत्रकार

राजस्थान के जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर और सीमावर्ती क्षेत्रों में राजे-रजवाड़ों और उनके बाद राजपूत जमींदारों के घरों में पुरुष सदस्य की मौत पर रोने का काम करने वाली रुदालियों की जब भी बात आती है, तो लेखिका महाश्वेता देवी के कथानक पर साल 1993 में कल्पना लाजमी निर्देशित फिल्म ‘रुदाली’ का चित्र अनायास सभी की आंखों के आगे ठहर जाता होगा!

उसकी पात्र शनिचरी के जरिए महाश्वेता देवी ने अपनी किताब में रुदालियों का जो वर्णन किया है, उसके अनुसार रुदाली काले कपड़ों में औरतों के बीच बैठकर जोर-जोर से छाती पीटकर मातम मनाती हैं. यह मातम मौत के 12 दिन बाद तक चलता है. कहते हैं कि इसमें जितनी ज्यादा नाटकीयता होती है, उतनी ही इसकी चर्चा होती है.  अब साक्षरता बढ़ रही है और तेजी से पलायन भी हो रहा है. लोग अब शांतिपूर्वक तरीके से अंतिम प्रक्रिया  को प्राथमिकता दे रहे हैं. इससे रुदालियों की अहमियत कम हो रही है. कुछ लोगों का कहना है कि रुदालियां अब नहीं रहीं. फिल्म में रुदालियों की चर्चा कल्पनात्मक ज्यादा है, असलियत कम.

1. …पर आज भी हैं रुदालियां

रुदालियों की कहानी का  मौजूदा पहलू यह है कि जोधपुर के शेरगढ़ व पाटोदी, बाड़मेर के छीतर का पार, कोटड़ा, चुली व फतेहगढ़ और जैसलमेर के रामदेवरा व पोकरण जैसे गांवों में आज भी रुदालियां हैं. हालांकि रुदालियों का दायरा अब काफी हद तक सिमट रहा है. अब राजपूत जमींदारों का वह प्रभाव ही नहीं रहा, जो पहले हुआ करता था. ये रुदालियां न केवल गंजू और दुसाद जातियों से हैं, बल्कि उनसे भी ज्यादा भील और निम्न जातियों से आती हैं.  सभी रुदालियां विधवा होती हैं. इन्हें  अशुभ ही माना जाता है. समाज इनके साथ वैसे ही पेश आया है, जैसे पति के मर जाने के बाद महिला पर नजर गड़ाकर बैठे लोग पेश आते हैं.

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2. कुछ नाता गईं, कुछ उलझी रहीं

इन विधवा रुदालियों में से अधिकतर ने समाज-पंचों के फैसले के आगे अपना सिर झुकाते हुए नाता प्रथा (परिवार में ही देवर-जेठ से ब्याह कर लेना) को अपना लिया. कुछ जिंदगी के भंवर में उलझी रहीं और विधवा होने का दंश हमेशा उनके साथ चलता रहा. इन्होंने रुदाली का पेशा अपना लिया, लेकिन रोने के काम से पेट नहीं भरता. कोई रोज-रोज मरता नहीं, तो रोज-रोज रोने का स्वांग किसके लिए करें! काम नहीं तो पैसे नहीं! इसके लिए ये रुदालियां आज मजदूरी, खेती-बाड़ी और पशुपालन का काम भी कर रही हैं. रुदालियों को प्रतिबंधित खेजड़ी और रोहिड़ा के पेड़ों को काटने के लिए भी बुलाया जाता है. पैसे लेकर रुदाली इन पेड़ों को काटती भी हैं. कुछ गांवों में तो रुदाली बनने वाली इन विधवाओं को सख्त हिदायत है कि सुबह-सुबह घर से बाहर ना निकलें. इन्हें आज भी अशुभ और मनहूस ही माना जाता है.

3. उम्र तय करती है पहनावा

रुदालियों का पहनावा इनकी उम्र तय करती है. मसलन, कम उम्र की विधवा है तो हलके हरे रंग के कपड़े. वहीं अगर उम्रदराज विधवा है, तो गाढ़े लाल रंग की चुनर. उस पर उकेरे हुए काले मोर पंख. गहरे लाल रंग की कुर्ती-कांचली और उसी रंग की छोटी मगजी (लहंगे के नीचे दूसरे कपड़े से मढ़ा हुआ कपड़ा) वाला धाबला (बिना कली का लहंगा). अक्सर कहा जाता है कि रुदालियों को गांव के बाहर ही रहना पड़ता है, लेकिन यह पूरा सच नहीं है. असल में पहले राजे-रजवाड़ों के पास बहुत जमीनें हुआ करती थीं, सो वे रुदालियों को अशुभ मानकर गांव के बाहर आसरा दे देते थे. अब रुदालियां गांव के बाहर भी रहती हैं और गांव के भीतर भी. इसमें इनकी सक्षमता और अक्षमता का बहुत बड़ा योगदान है. मसलन, जो रुदालियां खेती-बाड़ी, पशुपालन और मजदूरी का काम ढंग से कर लेती हैं, उनकी आय रोने के काम पर आश्रित रुदालियों से कहीं बेहतर है. खास बात यह भी है कि रुदालियों के ये काम भी उच्च जातियों के लोगों के द्वारा ही दिए गए हैं.

4. समूह गीतों में जीवन का दर्द

जहां तक गांव से बाहर रहने की बात है तो जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर के कुछ गांवों में गांव की ओरण में उन्हें बसेरा दे दिया जाता है. मसलन, जहां गांव का आखिरी घर आ जाए, वहीं से रुदालियों का पहला घर शुरू हो जाता है. इनके घर छप्पर और कच्ची मिट्टी के बने होते हैं. इन घरों की बेरंगत आने वाले को इनके जीवन के सच को आसानी से महसूस करा देती है. एक सच यह भी है कि समाज के ठेकेदारों की गंदी निगाहों से रुदालियां भी अछूती नहीं रही हैं. रोने को रिवाज में तब्दील करने वाली इन रुदालियों को भी जबर्दस्ती का सामना करना पड़ा है.  इन गांवों में आज भी रुदालियों को अपने समूहों में गीत गाते हुए देखा जा सकता है. इन गीतों में वे अपने दु:ख को भली-भांति बयां कर देती हैं.

5. मरने पर कोर्ई नहीं रोता…

आज रुदालियों के पास जब मातम का काम नहीं होता है, तो वे मजूदरी व खेती-बाड़ी का काम करती हैं. नाममात्र की मजदूरी के अलावा कुछ लोग इन्हें बचा हुआ खाना और पहनने को कपड़े दे देते हैं. हालांकि अब रुदालियों के जीवन में कुछ जगह बदलाव है, तो कुछ जगहों पर धर्म के ठेकेदारों ने परिस्थितियां बदल दी हैं. कुछ रुदालियों की रो-रोकर छातियां सूख गई हैं, अब वे रोने के काम में पहले जैसी हुनरमंद नहीं रहीं. रोने का भी रिवाज भी अब घरों की बंद ड्योढ़ी में सिमटता जा रहा है. वृद्ध हो गई रुदाली के मर जाने पर तो रोने वाला भी कोई नहीं होता. नई रुदालियां कम होने से यह पेशा सिमट रहा है.

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6. सम्मान चाहती है तिरस्कृत रुदाली

समाज में अच्छी छवि नहीं होने के कारण इनकी पीढिय़ों की लड़कियों की शादी में कठिनाइयां आ रही हैं. रुदालियों में शिक्षा का अभाव है, जिससे बदलाव आना आसान नहीं है. तिरस्कृत रहीं रुदालियां सम्मान चाहती हैं. उन्हें समाज की नजरों में खुद के लिए दया नहीं, बल्कि हक चाहिए. कुछ कर गुजरने का, आजादी से काम करने का, पढ़ने-लिखने का, अपने लिए जीवन साथी चुनने का.

हां, विधवा होने पर जीवन को खुद के हिसाब से जीने का. ना कि समाज के थोपे हुए तरीके से मर-मर के जीने का.

Maang Tikka की फैन हैं Asim Riaz की गर्लफ्रेंड Himanshi Khurana, आप भी कर सकती हैं ट्राय

बिग बॉस 13 में अपने रिलेशनशिप के चलते एक्ट्रेस हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) अक्सर सुर्खियों में रहती हैं. असीम रियाज (Asim Riaz) के साथ हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana)  के रिलेशनशिप को लेकर अक्सर अफवाहें भी फैलती रहती हैं. हाल ही में ब्रेकअप की अफवाहों को लेकर सुर्खियों में रहने हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) को ज्वैलरी का बेहद शौक है. वह अक्सर हैवी ज्वैलरी पहने नजर आती है, जिनमें मांग टीका उनकी सबसे पसंदीदा ज्वैलरी है.

हाल ही में हिमांशी (Himanshi Khurana) ने अपने फैंस के लिए मांग टीके के साथ कुछ फोटोज शेयर की हैं, जिसे आप भी किसी भी पार्टी या शादी में अपने लुक को खूबसूरत बनाने के लिए ट्राय कर सकती हैं.

1. मांग टीका पहनकर किया फैंस को दी बधाई

 

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हिमांशी खुराना (Himanshi Khurana) ने रमजान के मौके पर अपने फैंस को मुबारकबाद देते हुए कुछ फोटोज शेयर की हैं, जिनमें वह मांग टीका पहनकर रमजान मुबारक कहती नजर आईं.

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2. हर मौके पर पहन सकती हैं मांग टीका

 

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कुछ ही दिनों पहले भी एक्ट्रेस और सिंगर हिमांशी ने अपनी फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थी. इस फोटो में भी वो पिंक सूट के साथ पिंक कलर के मांग टीके में बेहद खूबसूरत लग रही थीं. वहीं उनके इस लुक से आप के लिए टिप है कि आप किसी भी इंडियन आउटफिट के साथ मांग टीका ट्राय कर सकती हैं.

3. ब्राइडल लुक को कंप्लीट करता है मांग टीका

 

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हाल ही हिमांशी खुराना ने ब्राइडल फोटोशूट करवाए थे, जिनमें उनके लुक की लाइमलाइट मांग टीका रहा था. अगर आप भी जल्द दुल्हन बनने वाली हैं तो हिमांशी की तरह अपने मांग टीके को अपने लुक में खास जगह दें, ताकि आपके लुक पर चार चांद लग जाए.

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4. सिंपल मांग टीका भी परफेक्ट

 

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हैवी ही नहीं एक्ट्रेस के पास सिंपल मांग टीके भी हैं जो वो अपनी अलग-अलग ड्रेसेस के साथ पहनना पसंद करती है. वहीं इससे आप ये भी देख सकते हैं कि जरूरी नही आपका मांग टीका हैवी ही हो, सिंपल मांग टीका भी आपके लुक पर चार चांद लगा देगा.

Dr Ak Jain: अंडकोष के दर्द को न करें अनदेखा

मैडिकल साइंस की एक पत्रिका में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ सालों से पुरुषों में अंडकोष के कैंसर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. अंडकोष में कैंसर 6 माह के अंदर खतरनाक हालत में पहुंच जाता है. इस का फैलाव पेड़ से दिमाग तक हो सकता है.

 पुरुष अंडकोष के दर्द को सामान्य रूप में लेते हैं जिस की वजह से वे डाक्टर के पास देर से जाते हैं. कुछ डाक्टर के पास जाते भी हैं तो डाक्टर पहचानने में गलती कर जाते हैं. साधारण बीमारी समझ कर उस का इलाज कर देते हैं. अधिकतर भारतीय पुरुष  अंडकोष के कैंसर से अनजान हैं जिस की वजह से वे अपने अंडकोष में आए परिवर्तन की ओर ध्यान नहीं देते हैं. जब समस्या बढ़ जाती है तब डाक्टर के पास पहुंचते हैं.

अगर आप भी ऐसी ही किसी समस्या से जूझ रहे हैं तो संपर्क करिए लखनऊ के डॉक्टर ए. के. जैन से जो पिछले 40 सालों से इन समस्याओं का इलाज कर रहे हैं.

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हर पुरुष को चाहिए कि वह अपने अंडकोष  में आए परिवर्तन पर ध्यान रखे. अंडकोश में दर्द, सूजन, आसपास भारीपन, अजीब सा महसूस होना, लगातार हलका दर्द बना रहना, अचानक अंडकोष के साइज में काफी अंतर महसूस करना, अंडकोष पर गांठ, अंडकोश का धंसना आदि लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डाक्टर से मिलना चाहिए. पुरुषों में यह समस्या किसी भी उम्र में हो सकती है.

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अंडकोष  कैंसर के कारण

किसी भी व्यक्ति के अंडकोष में कैंसर उत्पन्न हो सकता है. इस के होने की कुछ वजहें ये हैं :

क्रिस्टोरचाइडिज्म :

यदि किसी युवक के बचपन से ही अंडकोश शरीर के अंदर धंसे रहें तो उसे अंडकोष कैंसर की समस्या हो सकती है. क्रिप्टोरचाइडिज्म का इलाज बचपन में ही करवा लेना चाहिए ताकि बड़े होने पर उसे खतरनाक समस्या से न जूझना पड़े. सर्जन छोटा सा औपरेशन कर के अंडकोष को बाहर कर देते हैं.

आनुवंशिकता :

यदि पिता, चाचा, नाना, भाई आदि किसी को अंडकोष के कैंसर की समस्या हुई हो तो सावधान हो जाना चाहिए. टीएसई यानी टैस्टीक्युलर सैल्फ एक्जामिनेशन द्वारा अंडकोष की जांच करते रहना चाहिए.

बचपन की चोट :

बचपन में खेलते वक्त कभी किसी बच्चे को यदि अंडकोष में चोट लगी है तो बड़े होने पर उसे अंडकोष के कैंसर की समस्या उत्पन्न हो सकती है. बचपन में चोट लगने वाले पुरुषों के अंडकोष में किसी तरह का दर्द, सूजन आदि महसूस होने पर तुरंत डाक्टर को दिखाना चाहिए.

हर्निया :

हर्निया की समस्या की वजह से भी किसीकिसी के अंडकोश में दर्द व सूजन उत्पन्न हो जाती है. ऐसे में डाक्टर से शीघ्र मिलना चाहिए.

हाइड्रोसील :

हाइड्रोसील की समस्या होने पर अंडकोष की थैली में पानी जैसा द्रव्य जमा हो जाता है. इस में अंडकोष में दर्द भले ही न हो लेकिन थैली के भारीपन से अंडकोश प्रभावित हो जाते हैं जिस की वजह से अंडकोष का कैंसर हो सकता है.

इंपोटैंसी :

नई खोज के अनुसार, इंपोटैंसी की वजह से भी अंडकोष के कैंसर की समस्या उत्पन्न हो सकती है. डा. जूड मोले बताते हैं कि जिन लोगों को अंडकोष कैंसर की समस्या पाई गई है उन में से अधिकतर पुरुष इंपोटैंसी यानी नपुंसकता के शिकार थे.

अंडकोष का इलाज :

अंडकोष में असामान्यता दिखाई देने पर तुरंत डाक्टर से मिलना चाहिए. डा. राना का कहना है कि ब्लड, यूरिन टैस्ट व अल्ट्रासाउंड द्वारा बीमारी का पता लगा लिया जाता है. बीमारी की स्थिति के मद्देनजर मरीज को दवा, कीमोथेरैपी या सर्जरी की सलाह दी जाती है. जिस तरह से महिला अपने स्तन का सैल्फ टैस्ट करती है उसी प्रकार पुरुष अपने अंडकोश का सैल्फ टैस्ट कर के जोखिम से बच सकते हैं.

सावधानी

  1. विपरीत पोजिशन में संबंध बनाते वक्त ध्यान रखें कि अंडकोष में चोट न लगे.
  2. तेज गति से हस्तमैथुन न करें, इस से अंडकोष को चोट लग सकती है.
  3. किसी भी हालत में शुक्राणुओं को न रोकें. उन्हें बाहर निकल जाने दें नहीं तो यह शुक्रवाहिनियों में मर कर गांठ बना देते हैं. आगे चल कर कैंसर जैसी समस्या उत्पन्न हो सकती है.
  4. क्रिकेट, हौकी, फुटबाल, कुश्ती आदि खेल खेलते समय अपने अंडकोश का ध्यान रखें. उस में चोट न लग जाए. चोट लगने पर तुरंत डाक्टर को दिखाएं.
  5. टाइट अंडरवियर न पहनें, लंगोट बहुत अधिक कस कर न बांधें. इस से अंडकोष पर अधिक दबाव पड़ता है.
  6. सूती और हलके रंग के अंडरवियर पहनें. नायलोन के अंडरवियर पहनने से अंडकोष को हवा नहीं मिल पाती है. गहरे रंग का अंडरवियर अंडकोष को गरमी पहुंचाता है.
  7. हमेशा अंडरवियर पहन कर न रहें. रात के वक्त उसे उतार दें जिस से अंडकोष को हवा लग सके.
  8. अधिक गरम जगह जैसे भट्ठी, कोयला इंजन के ड्राइवर, लंबी दूरी के ट्रक ड्राइवर आदि अपने अंडकोष को तेज गरमी से बचाएं.
  9. अंडकोष पर किसी प्रकार के तेल की तेजी से मालिश न करें. यह नुकसान पहुंचा सकता है.

बहरहाल, अंडकोष में किसी भी प्रकार की तकलीफ या फर्क महसूस करने पर खामोश न रहें. डाक्टर से सलाह लें. अंडकोष की हर तकलीफ कैंसर नहीं होती लेकिन आगे चल कर वह कैंसर को जन्म दे सकती है इसलिए इस से पहले कि कोई तकलीफ गंभीर रूप ले, उस का निदान कर लें.

लखनऊ के डॉक्टर ए. के. जैन, पिछले 40 सालों से इन सभी समस्याओं का इलाज कर रहे हैं. तो आप भी पाइए अपनी सभी  सेक्स समस्या का बेहतर इलाज अंतर्राष्ट्रीय ख्याति एवं मान्यता प्राप्त डॉ. जैन द्वारा. 

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