‘ये रिश्ता’ का नया प्रोमो रिलीज, नायरा-कार्तिक के खिलाफ हुआ कायरव

सीरियल ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ (Ye Rishta Kya Kehlata Hai) में इन दिनों नायरा (Shivangi Joshi) और कार्तिक (Mohsin Khan) की लाइफ में नया ड्रामा चल रहा है, जो फैंस को काफी एंटरटेन कर रहा है. जहां एक तरफ लव-कुश के खिलाफ कार्तिक (Mohsin Khan), नायरा (Shivangi Joshi) के साथ खड़ा हो गया है तो वहीं गोयनका फैमिली दोनों के खिलाफ हो गई है. लेकिन अब शो का नया प्रोमो आया है, जिसमें कायरव अपने ही मम्मी पापा के खिलाफ खड़ा दिख रहा है. आइए आपको बताते हैं क्या है शो के नए प्रोमो में खास…

कायरव हुआ नायरा-कार्तिक के खिलाफ

शो के मेकर्स ने नया प्रोमो (Ye Rishta Kya Kehlata Hai New Promo) रिलीज कर दिया है, जिसमें कायरव के मन में कार्तिक (Mohsin Khan),  और नायरा (Shivangi Joshi) के लिए गुस्सा नजर आ रहा है. दरअसल, प्रोमो में नायरा-कार्तिक खुश हैं क्योंकि उन्हें त्रिशा के केस के लिए काफी वक्त मिल चुका है. वहीं दूसरी तरफ कायरव मीडिया से दोनों के खिलाफ कड़वी बातें कह रहा है. कायरव मीडिया से कह रहा है कि लव-कुश बहुत अच्छे है, लेकिन मेरे मम्मी पापा उन्हें पसंद नहीं करते. इसीलिए वह उन दोनों को जेल भेजना चाहते हैं. वहीं कायरव की इन बातों से नायरा-कार्तिक की खुशी उदासी में बदल जाती है.

ये भी पढ़ें- पति संग मसूरी की सैर पर निकलीं मोहेना कुमारी, PHOTOS VIRAL

लव-कुश के सपोर्ट में उतरा पूरा परिवार

कायरव के अलावा पूरा गोयनका परिवार भी नायरा-कार्तिक के खिलाफ है. दादी का मानना है कि लव-कुश को जेल भेजने के कारण पूरे परिवार का नाम खराब हो रहा है, जबकि कार्तिक के पिता मनीष का मानना है कि लव-कुश से गलती हुई है, जिसे सुधारा जा सकता है.

बता दें, शो में इन दिनों काफी हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिल रहा है, जो औडियंस को काफी पसंद आ रहा है. लव-कुश को त्रिशा के साथ जबरदस्ती करने के इल्जाम में जेल भेजा गया है, जबकि नायरा और कार्तिक, त्रिशा को न्याय दिलाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. अब देखना ये है कि क्या लव-कुश के कारण नायरा और कार्तिक अपने बेटे कायरव से दूर हो जाएंगे.

ये भी पढ़ें- भाई की शादी में कुछ यूं नजर आईं श्वेता तिवारी फोटोज वायरल

आखिर क्यों बना सरोगेसी का कानून, जानें अहम बातें

सरोगेसी उस अरेंजमेंट को कहा जाता है जिसमें कोई भी शादीशुदा कपल बच्चे पैदा करने के लिए किसी महिला की कोख किराए पर लेता है. इसकी कई वजहें हो सकती हैं. जैसे कि अगर कपल बच्चे पैदा करने में अक्षम है, या फिर महिला को जान का खतरा हो बच्चे पैदा करने में. जो औरत अपनी कोख में दूसरों का बच्चा पालती, वो सरोगेट मदर कहलाती है.

पहले सरोगेसी को लेकर कोई नियम नहीं था तो महिलाएं अपनी कोख किराए पर देकर इससे पैसे भी कमाने लगी थी. खासकर विदेशी कपल सरोगेसी के लिए भारत आते थे.

ये भी पढ़ें- सरोगेसी: कोख मेरी है तो फैसला भी मेरा होगा, आपको बोलने का हक किसने

क्यों बना आखिर कानून?

साल 2008 में सुप्रीम कोर्ट के पास एक मामला आया बेबी मांजी यामादा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया. ये जापान के कपल का केस था जिसमें वो सरोगेट करने के लिए भारत आए और यहां की एक महिला की कोख को किराये पर लिया लेकिन बच्चे के जन्म के एक महीने पहले ही इस कपल का ब्रेक अप हो गया. अब बच्चे का पिता बच्चे को अपने साथ जापान ले जाना चाहता था मगर न तो भारत और न ही जापान की तरफ से उसको इजाजत मिल रही थी. सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद बच्चे को उसकी दादी को सौंपा गया और साथ ही सरोगेट को लेकर एक बहस छिड़ गई. 2009 में लाॅ कमीशन ऑफ इंडिया ने पाया कि भारत में सरोगेसी की सुविधा का विदेशी लाभ उठा रहे हैं तो इसे बंद करने की सलाह दी गई.

 

View this post on Instagram

 

||Om Shri Ganeshaya Namah|| Our prayers have been answered with a miracle… With gratitude in our hearts, we are thrilled to announce the arrival of our little Angel, ???????? ?????? ??????? Born: February 15, 2020 Junior SSK in the house? ‘Sa’ in Sanskrit is “to have”, and ‘Misha’ in Russian stands for “someone like God”. You personify this name – our Goddess Laxmi, and complete our family. ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ⠀⠀⠀⠀⠀⠀ ~ Please bestow our angel with all your love and blessings??❤ ~ Ecstatic parents: Raj and Shilpa Shetty Kundra Overjoyed brother: Viaan-Raj Kundra . . . . . . . . . #SamishaShettyKundra ? #gratitude #blessed #MahaShivratri #daughter #family #love

A post shared by Shilpa Shetty Kundra (@theshilpashetty) on

लोकसभा ने 19 दिसम्बर 2018 को “सरोगेसी रेग्युलेशन बिल 2016” पास कर दिया. इस कानून के कुछ अहम बिंदु है – –

1- कमर्शियल सरोगेसी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. अब केवल परिवार के सदस्यों या करीबियों में ही कोई सरोगेट बन सकेगी और वो भी NRI या फाॅरेनर नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पैसे की लेन देन नहीं होगी. प्रेग्नेंसी के समय खाने पीने और दवा के लिए जरूरत के पैसे ही दिए जा सकते हैं ताकि बच्चे की बेहतर देखभाल हो सकें.

2- सरोगेट माँ की उम्र 25-35 साल के बीच ही हो सकती है. वो खुद भी शादी शुदा होनी चाहिए और कम से कम एक बच्चा उसका अपना हो.

3- शादी शुदा दंपति को ही सरोगेसी की सुविधा मिलेगी और उनकी शादी के भी कम से कम पांच साल पूरे होने चाहिए.

लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल, सिंगल या समलैंगिक को सरोगेसी करने की इजाजत नहीं है.

 

View this post on Instagram

 

Little one was a bit confused between ‘Boating’ and Voting, so took him along to experience the difference.

A post shared by Shah Rukh Khan (@iamsrk) on

4 – इस नियम को तोड़ने पर 5 से 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है. सारे रिकार्ड क्लिनिक को भी 25 साल तक रखने होंगे.

फिल्मी दुनिया में सरोगेसी का एक ट्रेंड ही बन चुका था..

इस नियम के लागू होने से पहले ही करण जौहर सरोगेसी से तीन बच्चों के पिता बन चुके हैं.. जबकि वो शादी शुदा नहीं है.. उन्हें समलैंगिक माना जाता है जबकि उन्होंने कभी ये बात स्वीकार नहीं की है. इसके अलावा तुषार कपूर, शाहरुख खान, आमिर खान आदि भी पहले ही सरोगेसी से बच्चों का जन्म करा चुके हैं लेकिन कानून के आने के अब नियम शर्तों का पालन करना जरूरी हो गया है.

सही खान पान है डैंड्रफ का इलाज

डैंड्रफ की समस्या ज्यादातर महिलाओं में देखने को मिलती है. जिस दिन सिर को शैंपू से साफ करो उस दिन डैंड्रफ की परत उभर जाती है. इन्हें हल्का सा खुरचने पर पूरे काले बाल सफेद हो जाते हैं. डैंड्रफ की समस्या कई वजह से हो सकती है पर यह एक तरह का इन्फेक्शन है जो कि जल्द खत्म नहीं होता. धूल गंदगी और पसीने के चलते अक्सर डैंड्रफ की समस्या हो जाती हैद्य यूं तो बाजार में कई ऐसे एंटी. डैंड्रफ शैंपू हैं जो ये दावा करते हैं कि उनके इस्तेमाल से डैंड्रफ की समस्या दूर हो जाती है पर ये शैंपू बालों को रूखा बना सकते हैं.डैंड्रफ की समस्याओ से छुटकारा पाने के लिए नीचे दिए गए 10 चीज़ो को रोज खाने में खाने से डैंड्रफ की से राहत मिल सकती है.

बालों में डैंड्रफ हो जाने के बहुत से कारण हो सकते हैं. कई बार धूलए गंदगी और बदलते मौसम के चलते बालों में डैंड्रफ हो जाती है. तो कभी बालों की सही देखभाल नहीं करने से भी ये समस्या हो सकती है. डैंड्रफ न केवल बालों को रूखा बना देती है. बल्क‍ि इससे सिर में घाव भी हो जाते हैं. बालों में डैंड्रफ हो जाने पर सिर में खुजली होने लगती है. बहुत अधिक खुजली करने से सिर में घाव बन जाते हैं. साथ ही बालों की जड़ें भी कमजोर हो जाती है.

 चना

चना खाने से भी डैंड्रफ दूर होती है इसमें दो जरूरी पोषक तत्व जैसे विटामिन बी6 और जिंक होता है जो कि रुचि का खात्मा करता हैं.

 शकरकंदी

शकरकंदी ऑक्सीडेंट एवंए बीटा कैरोटीन से भरपूर होती है. यह ऑक्सीडेंट को विटामिन ए में तब्दील करता है जो कि सिर की त्वचा को स्वस्थ बनाता है. विटामिन ए की कमी से शरीर में खुजली और डैंड्रफ होता है.

ये भी पढ़ें- हैल्दी प्रैगनेंसी के लिए ऐसे करें प्लानिंग

 पालक

पालक में आयरनए विटामिन ए औरबीटा कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं यह सभी आपके बालों को घने व स्वस्थ बनाए रखने में सहायक है. टमाटर फूलगोभी और लाल शिमला मिर्च एविटामिन सी से भरपूर होती है जो कि बालों को की कोशिकाओं की मरम्मत करने में मदद करती हैं.

अखरोट

अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड और बायोटीन होता है जो आपकी कोशिकाओं के डीएनए को नुक्सान होने से बचाती है.

खट्टे फल

खट्टे फलो में विटामिन सी होता है जो की रक्त प्रवाह एवं बालो के बढ़ने में मदद करता है. अगर आपके शरीर में भरपूर मात्रा में विटामिन सी है तो बाल मुलयम रेनेगे और रुसी जैसी समस्या नहीं होगी.

अदरक

अदरक खाने के कई फायदे हैं. और डैंड्रफ से छुटकारा पाना उनमें से एक है. कुछ लोगों को गलत पाचन के कारण डैंड्रफ हो सकती है. अदरक पाचन में सुधार करके आपकी डैंड्रफ की समस्या को हल करता है. इसके अलावा यह अपने जीवाणुरोधी और एंटिफंगल गुणों के कारण डैंड्रफ को भी दूर रखता है.

सेब

न केवल एक सेब डॉक्टर को दूर रखता हैए बल्कि यह डैंड्रफ को भी दूर रखता है. कई प्राकृतिक चिकित्सकों ने निष्कर्ष निकाला है कि सेब डैंड्रफ का इलाज करने में मदद कर सकते हैं. बस इसे चबाएंए इसे मिठाई के साथ या फलों का सलाद बनाएंए बस कोशिश करें और अपने आहार योजना में सेब को शामिल करें.

 केला

केले में विटामिन बी 6एए मिनरल्स और पोटेशियम और लोहा जैसे खनिज होते हैं. और इतना ही नहीं वे अमीनो एसिड और एंटीऑक्सिडेंट से भी भरपूर होते हैद्य ये सभी डैंड्रफ के इलाज में सहायक हैं.

ये भी पढ़ें- जब वैजाइनल डिस्चार्ज का बदले रंग

अपनी डाइट में ज्यादा ओमेगा.3 फेटी एसिड शामिल कर लेंरू ओमेगा 3 एक तरह के हेल्दी फेट हैंए जो कुछ दूसरे फ़ायदों के साथए आपकी स्किन और बालों की हैल्थ को सुधार सकते हैं. अगर आपको डेंड्रफ की प्रॉब्लम हैद्य तो फिर ऐसे फूड्स ज्यादा खाने की कोशिश करेंए जिनमें ओमेगा 3 ज्यादा हैए जैसे कि फेटी फिशए सैल्मनए मैकरेल और नट्स सीड्स और सीड ऑइल. आप फिश ऑइल टेब्लेट्स जैसे दूसरे सप्लिमेंट्स से भी ओमेगा 3 फेटी एसिड पा सकते हैंद्य और हर रोज ओमेगा 3 फेटी एसिड के सेवन करने का लक्ष्य रखें.

ज़िंक एक जरूरी डाइटरी मिनरल हैद्य जो आपके इम्यून सिस्टम को हेल्दी रखने में एक अहम भूमिका अदा करता है. ये राहत पाने की प्रोसेस को भी बढ़ा सकता है और ऐसी कंडीशंस को रोकने में मदद कर सकता हैद्य जो आपकी त्वचा बाल और स्केल्प को प्रभावित करती हैं. अपने डॉक्टर से बात करके देखें अगर ज़िंक सप्लिमेंट आपके लिए सही रहे.आप रेड मीटए शेलफिश फलियाँ यजैसे कि चने और दालद्ध नट्स और सीड्स एग डेयरी प्रॉडक्ट होल ग्रेन्स और आलू से भी ज़िंक पा सकते हैं.

हेल्दी हेयर सपोर्ट करने के लिए बायोटिन रिच फूड्स ज्यादा खाएं बायोटिन सप्लिमेंट एक ऐसा जरूरी विटामिन है जो आपके बालों स्किन और नाखून की हैल्थ को बेहतर कर सकता है. अपने डॉक्टर से बायोटिन सप्लिमेंट लेने के बारे में बात करें या फिर उसे इस तरह के फूड सोर्स से पाएँ

एग योल्क

नट्स

सैल्मन

लीवर

न्यूट्रीशनल यीस्ट जिसे बटर या चीज की जगह पर टॉपिंग्स की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है या फिर क्रीम वाले सूप या एग वाली डिश में मिलाया जा सकता है.

स्वस्थ भोजन और जीवनशैली के कारण आपके बाल बेजान और हलके हो जाते है. इसलिए आपके शरीर के अन्य अंगो की तरह आपके बालो को भी बढ़ने के लिए सही मात्रा में पोषण की जरुरत होती है.

मेरी राय में पोषण में किसी भी प्रकार को कमी से आपके बाल रूखे कमजोर हो सकते है और रुसी की समस्या भी. आज कल बच्चे से लेकर हर उम्र में रुसी की समस्या उत्त्पन होती है. शरीर में हार्मोन्स असंतुलन होनेवाले और रूखे बालो के देखभाल के लिए हत्या उत्त्पादको का लम्बे समय तक इस्तेमाल करने से भी बालो में भिन्न प्रकार की समाया पैदा होती है.

डाइ‍टीशियन सूचि फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल जयपुर से बातचीत पर आधारित..

ये भी पढ़ें- जानें क्या है ब्रेन स्ट्रोक और क्या है इसका इलाज

रियल लाइफ में भी बागी हूं–अंकिता लोखंडे

सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ फेम एक्ट्रेस अंकिता लोखंडे (Ankita Lokhande) के 6 साल तक एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के साथ रिलेशनशिप में रहने के बाद ब्रेकअप हो गया, जिसके बाद वह फिल्मी दुनिया से दूर हो गईं. लेकिन अंकिता अब पर्सनल लाइफ में उतार चढाव के बाद फिल्मी दुनिया में वापसी कर रही हैं. जल्द ही अंकिता लोखंडे की फिल्म बागी 3 बड़े पर्दे पर आने वाली हैं, जिसको लेकर उन्होंने काफी सारे अपने एक्सपीरियंस को शेयर किया. आइए आपको दिखाते हैं अंकिता लोखंडे से खास बातचीत के कुछ अंश….

सवाल-इस फिल्म को करने की वजह क्या है?

मुझे कमर्शियल फिल्म करने की हमेशा से इच्छा रहती है. बागी 3 भी वैसी ही फिल्म है. इसे बॉलीवुड फिल्म भी कह सकते है. इसमें डांस, रोमांस, एक्टिंग सब है. यही मेरे लिए सबसे अच्छी बात रही है.

सवाल- बागी शब्द से बगावत समझ में आती है, रियल लाइफ में आप कितनी बागी रही है?

मैं बागी क़िस्म की लड़की हूं, पर जहां सुनना होता है, मैं अवश्य सुनती हूं. जहां कुछ गलत लगता है, मैं अवश्य बोलती हूं, इससे कई बार मैं बुरी भी बन जाती हूं, पर मैं कहने से नहीं हटती. सच का साथ देने के लिए आपको उससे होने वाली समस्याओं को सहने की भी हिम्मत होनी चाहिए. मसलन मेरे घर की कामवाली बाई जिसका पति उसे मारता है, मैं उसके लिए भी लड़ लेती हूं. असल में ये सारे बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है, जिसके लिए खड़े होने की जरुरत है और मैं हमेशा से करती आई हूं.

ये भी पढ़ें- ननद की शादी में पति के साथ यूं मस्ती करती दिखीं दृष्टि धामी, देखें PHOTOS

 

View this post on Instagram

 

Dilbar dilbar #dance #zeerishteyawards #ankitalokhande #majorthrowback❤️

A post shared by Ankita Lokhande (@lokhandeankita) on

 सवाल- यूथ में विद्रोह की भावना बहुत जल्दी पनपता है, इसकी वजह क्या मानती हैं?

यूथ में विद्रोह की भावना को पनपने की वजह कभी परिवार नहीं हो सकता. ये सब टीवी और सोशल मीडिया की देन है. अधिकतर बच्चे घर से बाहर रहते है, ऐसे में उन्हें जो उनके मनमुताबिक लगता है, उसमें वे शामिल हो जाते है. इसके अलावा कुछ अलग बनने की होड़ में वे ऐसा गलत कदम उठा लेते है. इतना ही नहीं आज किसी के पास समय नहीं है. पेरेंट्स बच्चों को समय नहीं दे पाते, इससे भी वे जिद्दी हो जाते है.

सवाल- परिवार के साथ आपकी बौन्डिंग कैसी रहती है?

बहुत अच्छा रहता है. किसी भी समस्या में वे मेरे साथ हमेशा रहते है. उनके बिना मैं कुछ भी नहीं हूं. मुझे अपना परिवार किसी भी हालत में चाहिए. मैं उनके बिना नहीं रह सकती. मुझे अगर कोई सफलता मिलती है और मैं उसे मेरे माता-पिता को न बता सकूं तो उसका मज़ा मेरे लिए कुछ भी नहीं है.

सवाल- यूथ को क्या मेसेज देना चाहती हैं?

मैं कहना चाहती हूं कि जीवन में परिवार सबसे जरुरी है. किसी भी कठिन परिस्थिति में वे आपको सहयोग दिल से करते है. उन्हें कभी मत भूलिए. उनके जैसा साथ कोई कभी भी नहीं दे सकता. दोस्त कभी भी आते और जाते है, लेकिन परिवार हमेशा साथ देता है.

ये भी पढ़ें- पति संग मसूरी की सैर पर निकलीं मोहेना कुमारी, PHOTOS VIRAL

सवाल- आपकी बॉलीवुड की जर्नी धीरे-धीरे चल रही है, इसकी वजह क्या आपका चूजी होना है?

मुझे हमेशा एक अच्छा इमेज रखकर काम करना है. मैं कुछ भी उठा लूं और उसका प्रभाव दर्शकों पर न पड़े, तो उसका कोई अर्थ मेरे लिए नहीं है. एक कलाकार हमेशा दर्शकों के लिए काम करता है और उसकी प्रशंसा का वह भूखा होता है. मुझे अच्छी फीलिंग वाली काम करने की इच्छा हमेशा से रही है और मैं कर भी रही हूं.

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Ankita Lokhande (@lokhandeankita) on

सवाल-आप अपने कैरियर ग्राफ से कितनी संतुष्ट हैं?

मैंने जो भी काम किया उसमें मुझे ख़ुशी मिली है. मैं इंदौर से निकलकर यहां आई और आज मैं मूवी कर रही हूं. मेरे बचपन का सपना पूरा हो गया है. ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है.

सवाल- जीवन में आये तनाव से डील कैसे करती हैं?

इसमें परिवार का सहयोग सबसे अधिक मैं लेती हूं, लेकिन एक हद के बाद मुझे खुद से ही लड़कर निकलना पड़ता है. इसके लिए मैं अपनी सोच को पॉजिटिव रखती हूं, ताकि कुछ गलत निर्णय मैं न ले लूं.

ये भी पढ़ें- समझ में कम होना है बगावत के लक्षण – रितेश देशमुख

सवाल- आपकी स्टाइल सेंस बहुत अच्छी है, इसे कैसे अडॉप्ट किया?

ये मेरी स्टाइलिस्ट हेमलता की चॉइस है. वह मुझे जो देती है मैं उसे पहन लेती हूं. मुझे वही ड्रेस पसंद है ,जो आरामदायक हो.

9 टिप्स: चमकती रहेंगी घर की टाइल्स

व्यवस्थित और साफ-सुथरा घर हाउसवाइफ के सलीकेदार होने की ओर इशारा करता है. पहले ईंट और सीमेंट के फर्श होते थे अब टाइल्स का जमाना है. टाइल्स अगर चमका कर रखी जाए तो पूरा घर खूबसूरत दिखता है. जबकि एक छोटा सा दाग या गन्दगी भी इस की शोभा बिगाड़ सकती है. टाइल्स को साफ रखना न केवल खूबसूरत घर के लिए जरूरी है बल्क‍ि बीमारियों से सुरक्षा के लिए भी जरूरी है. आइए जानते हैं टाइल्स की सफाई के कुछ आसान और असरकारी उपाय .

1. अगर आप को फटाफट अपने घर की फ्लोर साफ करनी है तो नींबू काट लीजिए. इस के रस को एक बाल्टी में निचोड़ कर बाल्टी में पानी मिलाइए और फर्श की सफाई कीजिए. या फिर टाइल्स पर नींबू रगड कर 10 -15 मिनट छोड़ दें. बाद में मुलायम गीले कपडे से उसे पोंछ दें. इस से जमीन पर मौजूद सारे दाग साफ हो जाएंगे.

ये भी पढ़ें- क्या आपका घर भी है बारिश के लिए तैयार

2. फर्श पर चाय, काफी या किसी भी तरह के जिद्दी दाग लग गए हों तो आप इन्हे साफ़ करने के लिए सिरके का इस्तेमाल करें. इस के लिए आप गर्म पानी में थोड़ी मात्रा में सिरका मिला लें और इस से टाइल्स की सफाई करें. फिर साबुन या डिटर्जेंट मिले गर्म पानी से धो लें. सभी दागधब्बे दूर हो जाएंगे.

3. पैराफीन और नमक में कपडा भिगो कर टाइल्स साफ करने से इस की चमक कायम रहेगी.

4. ब्लीचिंग पाउडर को रात भर टाइल्स पर लगा रहने दें और सुबह साफ कर लें. टाइल्स चमकने लगेंगी.

5. लिक्विड अमोनिया और साबुन के घोल से भी टाइल्स की गंदगी साफ की जा सकती है. एक बाल्टी पानी लें और उस में 1 कप अमोनिया और साबुन का घोल मिला कर फ्लोर टाइल्स की सफाई करें.

6. आप अपने फ्लोर को साफ करने के लिए ऐथेनॉल का इस्तेमाल भी कर सकते है. एक बाल्टी पानी में 1चम्मच ऐथेनोल मिला कर फर्श साफ़ करें. सारे दागधब्बे दूर हो जाएंगे.

ये भी पढ़ें- 4 टिप्स: वौलपेपर के इस्तेमाल से सजाएं घर

7. आप टाइल्स पर लगे दागधब्बों को छुड़ाने के लिए आलू का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. आलू को काट कर उसे टाइल्स पर रगड़ें. 15 मिनट तक छोड़ दें फिर गर्म पानी से दें. टाइल्स बिल्कुल नये जैसी चमकने लगेगी.

8. सफेद टाइल्स साफ करने के लिए 75 प्रतिशत पानी में 25 प्रतिशत ब्लीच या ऑक्सीजन ब्लीच मिला कर स्क्रब या ब्रश से साफ़ करें.

9. पोंछा लगाते वक्त आप पानी में डिटर्जेंट मिला ले और इस से टाइल्स की सफाई करें| रोज़ाना ऐसा करने से आप का फर्श हमेशा चमकता रहेगा.

edited by rosy

हौट एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा का नियोन ग्रीन में दिखा ग्लैमरस अंदाज

फैशन के बदलते ट्रेंड में इस समय नियॉन ग्रीन हर जगह छाया हुआ हैं. बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड सिलेब्रिटीज सभी इस रंग में रंगे नजर आ रहें हैं. कोई नियॉन ग्रीन आउटफिट में , कोई नियॉन ग्रीन आई मेकअप में, कोई नियॉन ग्रीन फुटवियर में तो कोई नियॉन ग्रीन हेयर कलर में नजर आ रहा है. बॉलीवुड स्टार्स के बीच नियॉन ग्रीन एक नया ट्रेंड बनकर उभरा है लेकिन जब बात हो बॉलीवुड की हॉट एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा की तो मलाइका ने अपने नियोन ग्रीन कलर की ड्रेस से अलग ही जलवा बिखेरा हुआ है.

एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा अपने लुक और स्टाइल के लिए हमेशा सुर्ख़ियों में रहती हैं. उनकी फोटो हो, ड्रेस हो या वीडियो, सोशल मीडिया पर आते ही धमाल मचा देती है. ऐसे में उनकी नियॉन ग्रीन कलर की ड्रेस लोगों को खूब पसंद आ रही है. मलाइका अरोड़ा ने पफ बाजु वाले नियॉन ग्रीन कलर के स्टाइलिश ऑउटफिट के साथ नियॉन ग्रीन कलर की वैली पहनी है. इसके साथ उनका सिंपल मेकअप लुक उन्हें और भी ग्लैमरस दिखा रहा है. अगर आप भी मलाइका के इस रूप को फॉलो करना चाहती हैं तो इस वाइब्रेंट कलर से खुद को एक अनोखा लुक दे सकती हैं.

 

View this post on Instagram

 

#Repost @manekaharisinghani with @get_repost ・・・ @malaikaaroraofficial x @amitaggarwalofficial ? @rishabhkphotography

A post shared by Malaika Arora (@malaikaaroraofficial) on

ये भी पढ़ें- ट्रंप की बेटी ने भारत दौरे पर पहनी ये स्टाइलिश ड्रेसेस, लेकिन डिजाइनर हो गई ट्रोल

विंटर में इस तरह के ब्राइट कलर मौसम के प्रभाव को भी कम करते हैं. ऐसे ब्राइट कलर्स से थोड़ी गर्माहट महसूस होती है. अब सिर्फ ऑउटफिट में ही नहीं बल्कि नियॉन को एक्सेसरीज में भी शामिल किया जा रहा है. अब स्टोल, बैग व फुटवियर्स के नियॉन कलर भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. एक्सेसरीज में नियॉन रंग इस कदर पसंद किए जा रहे हैं कि वे हर तरह के ऑउटफिट के साथ पहने जा रहे हैं. लोग स्पोर्टी लुक के लिए इस तरह के रंग पहनते हैं.  इन रंगों की खासियत यह है कि यह कूल व वॉर्म दोनो तरह का अहसास देते हैं.

हाल ही में मलाइका ‘मिस डीवा 2020’ इवेंट का हिस्सा बनीं. इस दौरान वह टैंगरीन कलर के हाई स्लिट गाउन में नजर आईं. एक्ट्रेस इस आउटफिट में काफी खूबसूरत लग रही थीं. मलाइका  ने इस आउटफिट में फोटोशूट भी करवाया. एक्ट्रेस ने फोटोशूट की तस्वीरें अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर शेयर की. मलाइका की इन तस्वीरों पर यूं तो फैन्स खूब कमेंट कर रहे हैं. मलाइका अरोड़ा का ये गाउन फैशन डिजाइनर Georges Chakra द्वारा डिजाइन किया गया है. एक्ट्रेस अपने इस गाउन को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रही हैं.


ये भी पढ़ें- सोशल मीडिया पर एक बार फिर दिखा भूमि पेडनेकर का जलवा, देखें PHOTOS

मलाइका अरोड़ा के वर्क फ्रंट की बात करें, तोवह ‘नच बलिए’, ‘जरा नच के दिखा’, ‘झलक दिखला जा’, ‘इंडियाज़ गॉट टैलेंट’ जैसे टीवी शो को होस्ट कर चुकीं मलाइका पिछले साल MTV सुपरमॉडल ऑफ द इयर को होस्ट कर रही थीं. वह इन दिनों सोनी टीवी के डांस रियलिटी शो ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ को जज कर रही हैं. इस शो में उनके साथ टैरेंस लुइस और गीता कपूर भी जज के तौर पर नजर आ रहे हैं.

ननद की शादी में पति के साथ यूं मस्ती करती दिखीं दृष्टि धामी, देखें PHOTOS

टीवी की पौपुलर एक्ट्रेसेस में से एक दृष्टि धामी (Drashti Dhami) इन दिनों अपनी ननद की शादी से जुड़ी रस्मों को लेकर सुर्खियों में हैं. दृष्टि धामी(Drashti Dhami)  ननद की शादी में जमकर मस्ती कर रही हैं, जिसका अंदाजा सोशल मीडिया पर वायरल फोटोज से लगाया जा सकता है. आइए आपको दिखाते हैं दृष्टि धामी (Drashti Dhami) की सोशल मीडिया पर वायरल फोटोज की झलक…

ननद के हल्दी लगातें नजर आईं दृष्टि

फोटोज में टीवी एक्ट्रेस दृष्टि धामी (Drashti Dhami) अपनी ननद को हल्दी में नहलाती नजर आई, जिसके बाद रात में दृष्टि धामी (Drashti Dhami) के घर पर संगीत और मेहंदी की रस्मों को पूरा किया गया. इन दौरान दृष्टि धामी बड़े ही जोश में दिखीं.

इमोशनल हुईं दृष्टि धामी

ननद को मेहंदी लगते देख एक तरफ जहां दृष्टि धामी काफी इमोशनल हो गईं. वहीं दूसरी तरफ वह पति और ननद संग फोटोज खिचवातीं हुई भी नजर आईं. साथ ही वह ननद की मेहंदी में फोटोज भी क्लिक करवाती हुई दिखीं.

ये भी पढ़ें- पति संग मसूरी की सैर पर निकलीं मोहेना कुमारी, PHOTOS VIRAL

फैमिली संग मस्ती करती दिखीं Drashti Dhami

 

View this post on Instagram

 

Our humble queen?⁦❤️⁩ – – – @dhamidrashti #dhamidrashti #drashtidhami #دراشتي_دهامي

A post shared by ??????? ????? ???????? ???? ? (@drashti_dhami_egyptian_fans) on

दृष्टि धामी ने अपनी फैमिली संग खूब मस्ती करते हुए काफी सारी फोटोज क्लिक करवाई, जिससे साफ पता चलता है कि वह अपनी ननद की शादी में बेहद खुश हैं. इसी के साथ वह फंक्शन के दौरान मेकअप करवाती हुई भी नजर आईं.

अलग था Drashti Dhami का अंदाज

 

View this post on Instagram

 

@janakip ig story ?? #weddingfun#shivkarajshuru #drashtidhami #nishti

A post shared by DrashtiDhami_kw❤️❤️❤️ (@kw_drashtidhami.fc) on

फंक्शन के दौरान दृष्टि धामी ब्लू कलर के आउटफिट में नजर आईं, जिसके साथ उन्होंने गोल्ड की ज्वैलरी कैरी की थी, जिसे देखकर दृष्टि धामी के पति उन्हें देखते ही रह गए.

 

View this post on Instagram

 

My beautiful couple ❤️❤️❤️ Need HD picture ?? @dhamidrashti @khemkaniraj #drashtidhami #couplegoals #nishti

A post shared by Rheiny ? (@rensant86) on

ये भी पढ़ें- बेटी पलक संग ग्लैमरस अंदाज में दिखीं श्वेता तिवारी, भाई की शादी में कर रही हैं जमकर मस्ती

बता दें,  टीवी एक्‍ट्रेस दृष्‍ट‍ि धामी ने हाल ही में पति नीरज खेमका संग शादी की पांचवी सालगिरह मनाई थी, जिसके सेलिब्रेशन पर दृष्‍ट‍ि धामी ने पति के साथ लिपलॉक की फोटोज शेयर करते हुए खास मैसेज शेयर किया था.

पति संग मसूरी की सैर पर निकलीं मोहेना कुमारी, PHOTOS VIRAL

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम एक्ट्रेस मोहेना सिंह (Mohena Kumari Singh) शादी के बाद से सुर्खियों में रहने लगी हैं. भले ही वह टीवी की दुनिया से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर फैंस के लिए अपनी लाइफ के खास पल शेयर करना नहीं भूलतीं. हाल ही में सोशल मीडिया पर मोहेना के वेकेशन की फोटोज वायरल हो रही हैं, जिनमें मोहेना (Mohena Kumari Singh) पति के साथ नजर आ रही हैं. आइए आपको दिखाते हैं पति सुयश संग मोहेना (Mohena Kumari Singh) के वेकेशन की खास फोटोज….

पहाड़ों के बीच वेकेशन मनाने पहुंची मोहेना

मोहेना कुमारी सिंह (Mohena Kumari Singh) इन दिनों मसूरी की सैर पर हैं. हाल ही में मोहेना पहाड़ों के बीच पति संग फोटोज खिंचवाती हुई नजर आईं. वहीं वेकेशन के हर पल को कैद करते हुए मोहेना ने ट्रैवलिंग के दौरान भी कई वीडियो बनाई, जिसे उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया.

ये भी पढ़ें- Valentine’s Day पर मोहेना कुमारी ने पति के लिए लिखा ये रोमांटिक मैसेज, 4 महीने पहले हुई थी शादी

सिंपल लाइफ जी रही हैं मोहेना

रीवा की राजकुमारी मोहेना कुमारी सिंह (Mohena Kumari Singh) की शादी के लाइफ बेहद ही सिंपल हो गई है. वह पति और अपनी फैमिली संग अक्सर मस्ती करते हुए फोटोज और वीडियो शेयर करती रहती हैं. इसी के साथ वह उत्तराखंड के हसीन वादियों में एक्सरसाइज और सेहत का ख्याल भी रखती हैं.

 पति संग ठुमके लगातीं नजर आईं थीं मोहेना

हाल ही में मोहिना अपने पति सुयश संग एक शादी का हिस्सा बनने के लिए गुजरात पहुंची थीं. इस दौरान मोहिना कुमारी बड़े ही मजे से डांस करती नजर आई थीं. मोहिना कुमारी के साथ साथ पति सुयश भी उनके साथ ताल से ताल मिलाते नजर आए थे, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थी.

 

View this post on Instagram

 

Timmy ??? #doggielove #dogs #love #mountaindog #bhutia #bhutiadog #umbrella #mohena

A post shared by Mohena Kumari Singh (@mohenakumari) on

ये भी पढ़ें- पति सुयश रावत संग ठुमके लगाती नजर आईं मोहेना कुमारी, VIDEO VIRAL

बता दें, शाही रीति-रिवाजों से शादी के बंधन में बंधने वाली मोहेना कुमारी की शादी की फोटोज सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं. वहीं शादी की एल्बम की बात करें तो मोहना ने अपने सोशल मीडिया पर शादी की फोटोज भी शेयर की थी, जिसमें वह बेहद खूबसूरत लग रही थीं.

ट्रंप की बेटी ने भारत दौरे पर पहनी ये स्टाइलिश ड्रेसेस, लेकिन डिजाइनर हो गई ट्रोल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) हाल ही अपने परिवार के साथ भारत के दौरे पर आए थे, जिसमें उनकी बेटी इवांका ट्रंप (Ivanka Trump) काफी सुर्खियां बटोरी. हाल ही में इवांका ट्रंप (Ivanka Trump) भारतीय डिजाइनर अनिता डोंगरे (Anita Dongre) की डिजाइन की गई शेरवानी में नजर आईं, जिसके कारण वह सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं. लेकिन आज हम इवांका ट्रंप (Ivanka Trump) ट्रोलिंग की खबर की बजाय उनकी भारत दौरे के दौरान फैशन के बारे में बताएंगे.

शेरवानी में इवांका ट्रंप का लुक था कमाल

प्योर सिल्क से बनी सुरूही शेरवानी की सिलाई पश्चिम बंगाल में हाथों से की गई है. वहीं इस शेरवानी के स्टाइल स्टेटमेंट को बढ़ाने वाले फ्रंट बटन्स पर अनिता डोंगरे (Anita Dongre) के ब्रैंड का सिग्रनेचर एलिफेंट लोगो बना हुआ है. ये ड्रेस इंडियन लुक को एक नया ट्रेंड बनाने के लिए परफेक्ट है.

 

View this post on Instagram

 

Hyderabad House

A post shared by Ivanka Trump (@ivankatrump) on

ये भी पढ़ें- दीपिका और शोएब से सीखें Couple Fashion Tips

2. इवांका की फ्लावर प्रिंट ड्रेस है पार्टी परफेक्ट

 

View this post on Instagram

 

The grandeur and beauty of the Taj Mahal is awe inspiring!

A post shared by Ivanka Trump (@ivankatrump) on

अगर आप पार्टी में जाने के लिए सिंपल, लेकिन ट्रेंडी ड्रेस ट्राय करना चाहते हैं चो इवांका ट्रंप (Ivanka Trump) की लौंग फ्लावर प्रिंट ड्रेस परफेक्ट हैं. इस ड्रेस को आप समय हो या विंटर कभी भी ट्राय कर सकते हैं.

3. वेडिंग सीजन के लिए परफेक्ट है ये ड्रेस

 

View this post on Instagram

 

It was an honor to join President Kovind at a beautiful banquet in honor of @POTUS and @FLOTUS’s visit to India. ????

A post shared by Ivanka Trump (@ivankatrump) on

अगर आप वेडिंग सीजन के लिए कुछ नया ट्राय करना चाहते हैं तो इवांका ट्रंप (Ivanka Trump) की ये ड्रेस वेडिंग सीजन के लिए परफेक्ट है. सिंपल वाइट कलर के साथ फ्लावर प्रिंटेड कौम्बिनेशन वाली लौंग ड्रेस ट्राय करें. इसके साथ ज्वैलरी के लिए आप झुमके ट्राय कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें- 5 टिप्स: परफेक्ट बौडी लैंग्नेज से पाएं खूबसूरत लुक  

4. फ्लावर प्रिंट ड्रेसेस का है जमाना

अगर आप वेडिंग सीजन के लिए कुछ नया ट्राय करना चाहते हैं तो फ्लावर प्रिंट ड्रेस आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. फ्लावर प्रिंट ड्रेसेस आपको परफेक्ट देने में मदद करेगी. साथ ही आपके लुक को खूबसूरत बनाने में मदद करेगी.

वक्त की मांग: पाप पुण्य में उलझी ‘ब्रेन डेथ’ को मिले मान्यता

हिंदुस्तान को हर साल कम से कम 2 लाख किडनियां चाहिए ताकि किडनी फेल से पीड़ित मरीजों को मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सके. इसी क्रम में हिंदुस्तान को 50 हजार से ज्यादा दिल या हार्ट तथा इतने ही लिवर भी चाहिए.अगर ये सब उपलब्ध हो जाएं तो हिंदुस्तान में हर साल 5 लाख लोगों को असमय मरने से बचाया जा सकता है. सवाल है ये मानव अंग आखिर कैसे उपलब्ध हो सकते हैं? इसका एक ही तरीका है कि बड़े पैमाने पर लोग अंगदान करें. यूं तो हम ऋषि दाधीचि के विरासतदार हैं जिन्होंने देवताओं को परेशान करने वाले असुर वृत्तासुर के संहार के लिए अपनी अस्थियों का दान दे दिया था ताकि उनकी अस्थियों से देवराज इंद्र के लिए धनुष बनाया जा सके और वृत्तासुर का वध किया जा सके.

लेकिन व्यवहारिक सच यही है कि हमारे यहां दुनिया में सबसे कम अंगदान होता है.10 लाख लोगों में सिर्फ 0.26 लोग ही अंगदान करते हैं.यही वजह है कि अगर किसी व्यक्ति का कोई अंग फेल हो जाता है और उस अंग के बिना जीना संभव नहीं होता तो अकसर ऐसे लोगों को मौत ही गले लगानी पड़ती है.यह समस्या हल हो सकती है, अगर देश में बड़े पैमाने पर अंगदान होने लगे. यूं तो अंगदान के लिए लोगों को जागरूक करने की कोशिश पिछले 5 दशकों से हो रही है,लेकिन इस सबमें अपेक्षित सफलता अभी तक नहीं मिली और न ही मिल रही है. जीवित अंगों को हासिल करने का एक तरीका यह भी है कि ‘ब्रेन डेड’ लोगों के जीवित अंगों का इस्तेमाल उन मरीजों के लिए हो, जो इनके बिना मौत के मुंह में जाने को अभिशप्त हों.

ये भी पढ़ें- बच्चों का उत्पीड़न हो सकता है खतरनाक

लेकिन हिंदू माइथोलाजी के मुताबिक जब तक किसी मरे हुए व्यक्ति का विधिवत अंतिम संस्कार नहीं होता तो कहते हैं वह स्वर्ग नहीं जाता. इसलिए हिंदुओं में अंगदान की परंपरा बहुत कमजोर है.लेकिन मुस्लिमों में तो यह बिल्कुल न के बराबर है.क्योंकि इस्लाम में मान्यता है कि कयामत के दिन सारे मुर्दा जी उठेंगे, इसलिए कोई भी मुस्लिम अंगदान करने से बचता है.इससे कयामत के दिन उसके जी सकने की संभावना खत्म होती है.कुल मिलाकर हिंदुस्तान में अंगदान न होने का बहुत बड़ा कारण यह है कि दोनो बड़े धर्मों के लोग मृत्यु को पाप पुण्य और पुनर्जन्म से जोड़ रखा है.जबकि दुनिया के बाकी देशों में खासकर यूरोप और अमरीका जैसे वैज्ञानिक नजरिये वाले देशों में अंगदान की कोई समस्या नहीं है.

अब भारत सरकार भी ‘ब्रेन डेथ’ की कानूनी स्थिति और मान्यता में बदलाव करके बड़े पैमाने पर मानव अंगों की व्यवस्था करने का मन बनाया है ताकि लाखों लोगों को असामयिक मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सके. गौरतलब है कि केरल ने इस साल जनवरी में ब्रेन डेथ के संबंध में जो दिशानिर्देश जारी किये हैं, उनके अनुसार ब्रेन डेड व्यक्ति से लाइफ सपोर्ट हटाने का निर्णय लेने का अधिकार डॉक्टरों को दिया गया है.कहने का मतलब कि डॉक्टर ऐसा अपनी तरफ से भी कर सकते हैं. इस तरह देखें तो यह अब तक का सबसे साहसी निर्णय है.हालांकि कुछ लोग इसे डरावना भी बता रहे हैं.बहरहाल केरल सरकार ने इसके लिए दस-सूत्रीय सर्टिफिकेशन प्रक्रिया भी जारी की है. केरल की देखा देखी अब महाराष्ट्र भी इसी दिशा में आगे बढ़ने की योजना बना रहा है.

विशेषज्ञों की नजर में केरल की साहसिक कोशिश के बावजूद इस संदर्भ में नैतिकता व प्रैक्टिस को लेकर अनेक प्रश्न अभी तक अनुत्तरित हैं.इसलिए जरूरी है कि केंद्र न केवल ब्रेन डेथ को परिभाषित करे बल्कि कानूनन स्पष्ट करे कि एक ब्रेन डेड व्यक्ति के साथ क्या किया जाये और उसकी लाइफ सपोर्ट के बारे में कौन निर्णय ले? भारत में ब्रेन डेथ को केवल मानव अंग प्रत्यारोपण कानून (टीएचओ)-1994 के तहत अंग दान के संदर्भ में ही एक बार परिभाषित किया गया है,जिससे सर्टिफिकेशन को सिर्फ अंगदान प्रक्रिया में मदद करने के रूप में ही देखा जाता है.लेकिन अगर परिवार यह कह दे कि वह अंगदान नहीं करना चाहता, तब क्या होगा? इस पर कोई स्पष्टता नहीं है.कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए अधिकतर मामलों में डॉक्टर वेंटीलेटर व सपोर्ट सिस्टम्स को स्विच-ऑफ करने से इंकार कर देते हैं.

बावजूद इसके कि वह जानते हैं कि एक बार ब्रेन डेड डायग्नोज होने पर उपचार जारी रखना ‘बेकार का हस्तक्षेप’ है. परिवार झूठी उम्मीदें पाले रखता है कि रोगी ठीक हो जायेगा और इस प्रकार आईसीयू सुविधाएं, जिनकी भारत में काफी कमी है, अकारण ही घिरी रहती हैं. भारत के अधिकतर राज्यों में जब परिवार ब्रेन डेड रोगी के अंगदान करने पर सहमत होता है तभी टीएचओ नियमों-1995 के तहत सर्टिफिकेशन प्रक्रिया आरंभ होती है. इन नियमों के अनुसार चार मेडिकल विशेषज्ञों को ब्रेन-स्टेम डेथ डायग्नोज करनी होती है। ब्रेन-स्टेम डेथ हो गई है, इसके लिए रोगी का गहरे कोमा में और वेंटीलेटर पर होना आवश्यक है कि स्वतः सांस न ली जा रही हो और सभी ब्रेन-स्टेम रिफ्लेक्स अनुपस्थित हों.छह घंटे के अंतराल पर सभी निर्धारित टेस्टों को दोहराना होता है. ध्यान रहे कि ब्रेन स्टेम दिमाग का वह हिस्सा है, जिससे सभी आवश्यक कार्य जैसे सांस, दिल की धड़कन व ब्लड प्रेशर का नियमन होता है। रोगी का मूल्यांकन केवल उसी समय होता है जब अस्पताल से जुड़े समाज सेवी यह रिपोर्ट करें कि रोगी का परिवार उसके अंगदान करने का इच्छुक है.अगर समिति के मूल्यांकन के बाद परिवार अपनी बात से पीछे हट जाता है तो रोगी का उपचार जारी रहता है.

ये भी पढ़ें- क्या आपने 18 हजार का पान खाया है?

अब केरल ने जो दिशानिर्देश जारी किये हैं, उनका अर्थ यह है कि डॉक्टरों  का एक पैनल निर्धारित टेस्ट करेगा, अगर साबित हो जाता है कि रोगी ब्रेन डेड है और उसके ठीक होने की कोई संभावना नहीं है तो सभी उपचार रोक दिए जायें और इसके लिए परिवार की अनुमति लेना आवश्यक नहीं है. ध्यान रहे कि ब्रेन डेथ अनेक देशों में लीगल व मेडिकल मौत है.लेकिन परिवारों के लिए सपोर्ट स्विच ऑफ करना कठिन होता है क्योंकि रोगी ब्रेन डेड होने के बाद भी जीवन के कुछ चिन्ह प्रदर्शित करता है. केरल ने इस सिलसिले में निर्णय लेने का भार परिवार से हटाकर डाॅक्टरों पर डाल दिया गया है.एक अच्छी बात केरल ने यह की है कि ब्रेन डेथ घोषणा को अंगदान से अलग कर दिया है.इससे वह अस्पष्टता दूर हो गई है जो जनता व डॉक्टरों के मन में थी. अब जरुरत इस बात की है कि ब्रेन डेथ को जन्म व मृत्यु पंजीकरण कानून 1969 के तहत मौत की परिभाषा में शामिल किया जाये, जोकि केंद्र सरकार ही कर सकती है.

इस कानून के तहत मौत को इस प्रकार परिभाषित किया गया है कि जीवित जन्म के बाद किसी भी समय जब जीवन के तमाम साक्ष्य लुप्त हो जायें तो वह मौत कहलायेगी।.चूंकि ब्रेन डेड व्यक्ति वेंटीलेटर की मदद से सांस ले सकता है, इसलिए इस कानून के तहत वह मृत नहीं होता. विशेषज्ञ लम्बे समय से ब्रेन डेथ को डेथ सर्टिफिकेट में शामिल करने की मांग करते आये हैं.यहां यह बताना आवश्यक है कि व्यक्ति की दो तरह से मौत होती है- कार्डियक डेथ (दिल की धड़कन का बंद हो जाना) और ब्रेन डेथ. इन दोनों मौतों में कभी-कभार कई दिन का अंतर हो जाता है, ऐसे में रोगी के परिवार के समक्ष यह नैतिक उलझन होती है कि वह लाइफ सपोर्ट जारी रखे या नहीं. अब महाराष्ट्र भी केरल का अनुसरण करने की योजना बना रहा है.तमिलनाडु के डॉक्टर भी कह रहे हैं कि ब्रेन डेथ का अर्थ मौत ही है.कर्नाटक के डॉक्टरों का कहना है कि ब्रेन डेड व्यक्ति को वेंटीलेटर पर रखकर हम परिवार पर निर्णय लेने का बोझ डालते हैं जोकि सही नहीं है.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें