जानें कैसे दूर करें फूड हैंगओवर

पार्टियों के दौर  है. पार्टियों पूरे शबाब पर है. प्रिय जनों के निमंत्रण में शिरकत करना तो बनता है पर अक्सर पार्टियों में हमारा खान-पान बन जाता है स्वास्थ्य की तकलीफ की वजह. विभिन्न स्वादिष्ट व्यंजनों को देखकर हम स्वयं को रोक नहीं पाते और कई बार तैलीय मसालेदार व्यंजन और मिठाई जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं. इसका असर हमें उस समय महसूस नहीं होता पर बाद में वही बन जाता है तकलीफ की वजह. दरअसल शरीर अचानक प्राप्त इस अतिरिक्त भोजन को पचाने के लिए तैयार नहीं होता. इसलिए यह समस्या पेश आती हैं. इसके लक्षण हैं शरीर फूलना. तैलीय मसालेदार खानपान के बाद ऐसा महसूस होता है कि शरीर फूल रहा है .हालांकि यह समस्या स्थाई नहीं है. 12 से 16 घंटे के अंतराल पर आप सामान्य महसूस करेंगी.

ऐसे करें इलाज

1. मसालेदार चीजों से बचें 

मसालेदार वाले पदार्थों का सेवन कम करें. अगर रात्रि में किसी पार्टी में शिरकत करनी है, तो दिन भर थोड़े-थोड़े अंतराल पर कुछ खाती पीती रहे. इससे रात में आपको ज्यादा भूख नहीं लगेगी और आप ओवर ईटिंग से बच जाएंगी.

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2. औयली फूड से बचनें की करें कोशिश

नौन वेज व्यंजनों में तेल मसालों का अधिक उपयोग होता है. फल स्वरुप इन में कैलोरी अधिक होती है .इसलिए इनका सेवन बेहद संतुलित मात्रा में करें .बेहतर होगा कि नॉनवेज के बजाए शाकाहारी व्यंजन चुने.

3. हरी सब्जियां है जरूरी

खाने की प्लेट में सलाद वह सब्जी अधिक रखें . मिठाई की बजाए फलों का सेवन कर सकती हैं. जब भी खाना खाए तो उसे धीरे धीरे अच्छी प्रकार से चबा कर खाएं .जो लोग जल्दी जल्दी खाते हैं वह कई बार जरूरत से अधिक खाना खा लेते हैं. असल में खाना खाने के बाद  तृप्ति का संकेत देने में,  मस्तिष्क को 15 मिनट लग जाते हैं.

4. देर रात खाने से बचें

डिनर जितनी जल्दी हो कर ले. देर रात करने से मेटाबोलिज्म की गति धीमी हो जाती है. इसी के साथ सुबह उठने पर गुनगुना पानी पिए इसमें शहद और नींबू का रस भी मिला सकती हैं.

5. ग्रीन टी

एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर इसका सेवन फूड हैंग ओवर से निपटने के लिए लाभप्रद है. सीने में जलन की स्थिति में इससे लाभ पहुंचता है. साथ ही पाचन में भी मदद मिलती है.

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6. पानी पिए

फूड हैंग ओवर से निपटने के लिए सबसे असरदार उपाय हैं .हो सकता है कि पानी पीने से आपको ऐसा महसूस हो कि, आपका शरीर और अधिक फूल गया है. पर बाद मे आप को राहत मिलेगी.

7. टहलना बहुत जरूरी है

खाना खाने के बाद थोड़ी देर अवश्य टहलें. भोजन पचाने के लिए पाचन तंत्र का मूवमेंट भी जरूरी है.

क्रिस्पी काजू क्रैकर्स (बेक्ड फ्राइड)

अगर स्नैक्स के लिए कुछ टेस्टी और हेल्दी अपने बच्चों को खिलाना चाहते हैं तो क्रिस्पी काजू क्रैकर्स की ये रेसिपी ट्राय करें.

हमें चाहिए

– 200 ग्राम काजू

– 2 छोटे चम्मच बेसन

– 4 छोटे चम्मच चावल का आटा

– 2 छोटे चम्मच लालमिर्च पाउडर

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– 1 छोटा चम्मच कालीमिर्च पाउडर

– 2 छोटे चम्मच चाट मसाला

– 1 छोटा चम्मच कसूरी मेथी

– 1 छोटा चम्मच हलदी पाउडर

– तेल फ्राई करने के लिए

– काला व सफेद नमक स्वादानुसार.

बनाने की विधि

– एक बाउल में काजू, बेसन, चावल का आटा, सफेद नमक, हलदी व लालमिर्च पाउडर डाल कर मिक्स       करें.

– अब हलकाहलका पानी का छींटा देते हुए फिर से मिक्स करें ताकि बेसन व आटे की कोटिंग अच्छी तरह   चढ़े.

– अब 2-3 बूंदें तेल डाल कर 2 मिनट के लिए छोड़ दें.

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– फ्राइंगपैन में तेल गरम कर के काजुओं को सुनहरा होने तक फ्राई कर लें.

– फिर दूसरे मिक्सिंग बाउल में काला नमक, लालमिर्च पाउडर, कालीमिर्च पाउडर, चाट मसाला व कसूरी    मेथी डाल कर मिक्स करें.

– अब फ्राई किए काजुओं को मसाले के मिश्रण में डाल कर मिला दें.

– क्रिस्पी काजू क्रैकर्स तैयार हैं.

 नौकरी के पीछे युवा फौज

नौकरी के पीछे युवा फौज का बढ़ता आंकड़ा भारतीय मानसिकता की इस बात की पुनर्स्थापना करता है कि पढ़लिख कर ब्राह्मण समान बन जाना ही शिक्षा का उद्देश्य है और पढ़ेलिखे हैं, तो हाथ का काम कैसे कर सकते हैं. पढ़ेलिखे हैं तो नौकरी होनी चाहिए, चाहे कैसी भी हो, हाथ से करने का काम न हो. बेरोजगारी के भयावह आंकड़े बताते हैं कि अनपढ़ युवकों में शहरों में रहने वाले केवल 2.1 फीसदी बेरोजगार हैं जबकि पढ़ेलिखे 9.2 फीसदी बेरोजगार हैं. शहरी लड़कियों में 0.8 फीसदी अनपढ़ लड़कियां बेरोजगार हैं तो 20 फीसदी शिक्षित लड़कियां बेरोजगार हैं.

शिक्षा एक तरह से छूत की बीमारी बन गई है. सदियों से हमारे यहां परंपरा रही है कि पढ़नेलिखने का काम केवल ब्राह्मणों का है और वे अपनी रक्षा तक नहीं करते थे. तभी, ऋषि विश्वामित्र राक्षस मारीच के उत्पात के कारण राजा दशरथ के दरबार में पहुंचे और पूरी तरह वयस्क न हुए राम व लक्ष्मण को वे राक्षस को मारने के लिए ले गए. यह पौराणिक कथा है या इतिहास का अंश है, इसे साबित नहीं किया जा सकता, पर आज का शिक्षित इसी को अपनाने की कोशिश कर रहा है चाहे वह किसी भी जाति का हो.

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देश के युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी का मुख्य कारण यह है कि यहां फैक्टरी उत्पादन पूरी तरह अशिक्षित युवाओं के हाथों में है. दशकों से फैक्टरी में ऊंची जातियों के लोग यदि मजदूरी या मशीनों पर काम करने के लिए हामी भी भर देते थे तो जल्दी ही वे यूनियनबाजी पर उतर कर, काम छोड़ कर श्रमिकों को बहकानेफुसलाने का काम करना शुरू कर देते थे. अधिकतर श्रमिक यूनियनों के नेता इन्हीं वर्गों के हैं.

काम न करने का कीड़ा इस कदर हमारे दिमाग में घुसा है कि शिक्षा पाते ही लोग जो पुश्तैनी काम करते थे, उसे छोड़ कर सरकारी नौकरी की तलाश में लग जाते हैं. अगर सरकारी नौकरी में परीक्षा देनी होती है तो वे सिफारिशों और नकल का सहारा लेने लगते हैं. नतीजतन, फैक्ट्रियां आज प्रशिक्षित लोगों की कमी का सामना कर रही हैं.

हमारी शिक्षा भी ऐसी है जो कहीं भी हाथ का काम करने की प्रेरणा नहीं देती. अब कंप्यूटर के जमाने में तो लिखना तक भी कष्टदायक हो गया है और केवल टिक करने की परीक्षाएं होने लगी हैं. युवा अपनी सोच की अभिव्यक्ति भी नहीं कर पा रहे हैं.

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यह खतरनाक मोड़ है. इस से पूरी पीढ़ी नष्ट ही न होगी, देश एक बार फिर पीछे खिसकने भी लगेगा. आज भी हम चीन, थाईलैंड, कोरिया, कंबोडिया, इंडोनेशिया, श्रीलंका से पीछे रह गए हैं. अगर कहीं अफ्रीकी देशों को गृहयुद्धों से फुरसत मिल गई, तो हमारी स्थिति न जाने क्या होगी?

5 टिप्स: कम बजट में दीवारों को सजाएं ऐसे

घर की रौनक बढ़ाने और दीवारों को सजाने के लिए अगर आप किसी बेहतरीन आइडिया की तलाश में हैं और बजट भी ढीला नहीं करना चाहते हैं तो कुछ उपाय आपकी मदद कर सकते हैं. इन दिनों घरों की सजावट में वौल डेको‌रेशन को काफी तवज्जो दी जाती है. दीवार पर कोई थीम ड‌िजाइन आपके कमरे को शाही लुक दे सकती है. आप घर की ही चीजों और नये आइडिया लगाकर अपने घर की दीवारों को बेहद स्टाइलिश बना सकते हैं.

1. कपड़े का एक टुकड़ा

स्कार्फ, चादर या स्टोल, किसी अच्छे प्रिंट वाले एक कपड़े से भी आप दीवार को डिजाइनर लुक दे सकते हैं. इसके लिए बड़े प्रिंट अच्छा विकल्प हैं. ध्यान रखें कपड़े का बेस रंग दीवार के रंग जैसा ही होना चाहिए.

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2. फ्रेम के साथ प्रयोग

पुराने फ्रेम से दीवार सजाने के ल‌िए कोई महंगी पेंटिंग खरीदने के बजाय आप प्रिंटेड वॉलपेपर, हाथ से बनी पेंटिंग, पैच वर्क जैसा कोई भी प्रयोग कर सकते हैं. लिविंग रूम व स्टडी रूम में इस तरह का प्रयोग काफी फबेगा.

3. बड़े हौल या बारांडे के ल‌िए

बड़े हॉल या बारांडे को रिच लुक देने के लिए आपकी कोई खूबसूरत साड़ी या कढ़ाईदार कपड़ा काम आ सकता है. कार्डबोर्ड के चौकोर टुकड़े दीवार पर लगाकर आप अपने कमरे को शाही लुक दे सकते हैं.

4. कट वर्क का इस्तेमाल

एक साइज के कई गोल पैच, या एक जैसे आकार के पैच को बड़े से कार्डबोर्ड पर चिपकाएं. इसे आप पलंग के ऊपर बेडरूम में लगाकर बेडरूम को ड‌िजाइनर बना सकते हैं.

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5. करें कुछ हटके

आपकी खूबसूरती कर्सिव हैंड राइटिंग भी इस मामले में मददगार हो सकती है. किसी भी दीवार को चुनें और इस पर आजमाने में क्या हर्ज है.

छोटी सरदारनी: सरबजीत की खातिर गुंडों से भी भिड़ जाएगी मेहर

कलर्स के शो छोटी सरदारनी में हर दिन एक नया ट्विस्ट आ रहा है जो फैंस को काफी एंटरटेन कर रहा है. इन दिनों शो में दिखाया जा रहा है कि सरब, मेहर के खून के इल्जाम में जेल पहुंच गया है और मेहर उसे बचाने के लिए इंडिया वापस आ चुकी है. लेकिन रौबी के गुंडे यहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ रहे हैं और वो उसे कोर्ट तक पहुंचने से रोकना चाहते हैं. लेकिन सरब की खातिर इस बार मेहर अपनी जान की बाजी भी लगा देगी.

मेहर के पीछे गुंडे भेजेगा रौबी…

आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि जग्गा, मेहर को लेकर कोर्ट तक पहुंचने की कोशिश करेगा. मेहर को गुंडों से बचाने के लिए वो उसे पुलिस की वर्दी पहनाएगा और अपने साथ बाइक पर लेकर जाएगा. लेकिन रौबी इतनी आसानी से हार मानने वाला नहीं है वो अपने गुंडों से दोनों का पीछा करने को कहेगा और उन्हें रोकने के लिए बोलेगा.

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गुंडों से लड़ेगी मेहर

कोर्ट में कुलवंत कौर, सरबजीत को कातिल कहेगी और उसके लिए सजा की मांग करेगी. दूसरी तरफ गुंडे मेहर और जग्गा को घेर लेंगे. लेकिन सरब के लिए मेहर गुंडों से भी भिड़ जाएगी और बिना अपनी परवाह किए जान भी दांव पर लगा देगी.

टूट जाएगा परम के सब्र का बांध…

कोर्ट में वकील सरब पर मेहर के खून का इल्जाम लगाएगा. परम ये सब बर्दाश्त नहीं कर पाएगा और गुस्से से चिल्लाने लगेगा कि उसके पापा ने कुछ नहीं किया है वो बेकुसूर है.

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सरबजीत के लिए कोर्ट पहुंच पाएगी मेहर

एक तरफ जहां मेहर किसी तरह कोर्ट पहुंचने की कोशिश कर रही है तो वहीं सरब कोर्ट पहुंचेगा, जहां जज फैसला सुनाने के लिए तैयार हैं.

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अब देखना है कि क्या मेहर कोर्ट पहुंच कर सरबजीत की बेगुनाही साबित कर पाएगी. जानने के लिए देखिए छोटी सरदारनी’, सोमवार से शनिवारशाम 7:30 बजेसिर्फ कलर्स पर.

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छोटी सरदारनी: गिल फैमिली पर फूटेगा ‘मेहर’ की मां का गुस्सा, ‘सरब’ को कहेंगी कातिल

कलर्स के शो छोटी सरदारनी में इन दिनों सरब और मेहर की जिंदगी में उथल-पुथल चल रही है. दरअसल, मेहर के खून के इल्जाम में सरब जेल चला गया है. जिससे सभी लोग परेशान है. दूसरी तरफ मेहर, सरब की बेगुनाही साबित करने के लिए कुछ भी करने को तैयार है.

वहीं अब शो में गिल फैमिली में मेहर की मां कुलवंत बड़ा धमाका करती हुई नजर आने वाली हैं. आइए आपको बताते हैं क्या होगा गिल फैमिली में आने वाला ट्विस्ट…

गिल फैमिली पर फूटेगा कुलवंत का गुस्सा…

आज की एपिसोड में आप देखेंगे कि बेटी की मौत से दुखी कुलवंत कौर सरबजीत को ही कातिल मान रही है इसलिए जब गिल फैमिली उनके घर पहुंचेगी तो कुलवंत सबके सामने उनकी बेइज्जती करेगी.

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परम का सीक्रेट…

इस बीच परम, जग्गा को एक ऐसा सीक्रेट बताएगा जिसे सुनकर वो हैरान हो जाएगा. जाहिर परम कोई ऐसी बात जानता है जो उसकी मेहर मम्मा से जुड़ी हुई है.

इंडिया पहुंचेगी मेहर…

सर्बियाई पुलिस मेहर को बताएगी कि जब वो इंडिया पहुंचेगी तो उसकी कस्टडी इंडियन पुलिस को सौंप दी जाएगी और उसके बाद उसे रिहा कर दिया जाएगा. मेहर, सरब की हालत के लिए खुद को ही दोषी मानेगी. उसे एहसास होगा कि उसकी वजह से ही सरबजीत मुसीबत में फंस गया है.

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क्यों चुप है सरब…

छोटी सरदारनी

कुलवंत कौर के घर पर, सरब के लोग कुलवंत से पूछेंगे कि अगर वह सरबजीत के खिलाफ है तो फिर सरब उनकी पार्टी का पीआरओ क्यों है. कुलवंत ये बात सुनकर आपा खो देगी और अपने घर में लगी नेम प्लेट से सरब का नाम मिटाने की कोशिश करेगी. कुलवंत कहेगी कि सरबजीत कातिल है और उसने ही मेरी बेटी को मारा है.

छोटी सरदारनी

सवालों से घिरा सरब…

सरब जब कोर्ट पहुंचेगा तो मीडिया उसे घेर लेगी और मेहर के बारे में पूछेगी लेकिन सरब कुछ भी नहीं कह पाएगा. यहां हरलीन, सरब से कहेगी कि वो आज कोर्ट में अपनी बेगुनाही के बारे में कहे. दरअसल, सरब नहीं चाहता है कि मेहर का सच सबके सामने आए इसलिए वो जानबूझकर चुप्पी साधे हुए है.

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अब देखना है कि क्या मेहर, सरब को सजा से बचा पाएगी. क्या वो सही वक्त पर कोर्ट पहुंच पाएगी? जानने के लिए देखिए ‘छोटी सरदारनी’, सोमवार से शनिवार, शाम 7:30 बजे, सिर्फ कलर्स पर.

स्नैक्स में परोसें पोटैटो रैप

अगर आप अपने बच्चों के लिए स्नैक्स में कुछ टेस्टी बनाना चाहते हैं तो ये रेसिपी जरूर ट्राय करें. पोटैटो रैप बनाना बेहद आसान है इसे आप आसानी से शाम के नाश्ते में या खाने में परोस सकते हैं.

हमें चाहिए

– जरूरतानुसार आलू उबले व कटे

– थोड़े से राइस नूडल्स

– 1 कप गाजर बारीक टुकड़ों में कटी

– हरी व लाल शिमलामिर्च बारीक कटी

– जरूरतानुसार सलाद की पत्तियां

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– स्वादानुसार नमक व कालीमिर्च पाउडर

– 1/2 छोटा चम्मच नीबू का रस

– 2 टौरटिला रैप

– स्वादानुसार टबैस्को सौस.

बनाने का तरीका

– एक बाउल में उबले आलू, कटी सब्जियां, सलाद की पत्तियां, नमक, कालीमिर्च पाउडर, नीबू का रस और टबैस्को सौस अच्छी तरह मिला लें.

– टौरटिला रैप पर तैयार मिश्रण रख राइस नूडल्स की लेयर लगाएं और सर्व करें.

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कूड़े के ढेर पर सफाई अभियान

लेखक  -केशी गुप्ता

दिल्ली के गाजीपुर व भलस्वा लैंडफिल के कूड़े के पहाड़ और दिल्ली की हालत देख कर सरकार द्वारा चलाए जाने वाले स्वच्छ भारत अभियान पर कई सवाल खड़े होते हैं. कुछ वीआईपी इलाकों को छोड़ कर दिल्ली के अधिकतर इलाके गंदगी से भरे हैं. गाजीपुर और भलस्वा का कूड़े का पहाड़ चिंता का विषय है. आखिर दिल्ली या अन्य किसी भी शहर के इलाकों से इकट्ठा किया जाने वाला कूड़ा कहां फेंका जाता है? क्या किया जाता है इकट्ठे हुए कूड़े का? स्वच्छता अभियान के तहत एमसीडी द्वारा दिल्ली निवासियों को गीला और सूखा कूड़ा अलगअलग करने की हिदायत दी गई है. मगर एमसीडी का ट्रक एक ही आता है. प्लास्टिक थैलियों का इस्तेमाल रुका नहीं. आज भी कूड़े के लिए आम जनता प्लास्टिक की थैलियां ही इस्तेमाल कर रही है.

सिर्फ आंकड़ों का खेल

एमसीडी कूड़े की समस्या से जू झने में समर्थ नहीं है. इस में कार्य करने वाले कर्मचारी अपने ही कार्यालय से नाखुश नजर आते हैं. कर्मचारियों तथा उपकरणों की कमी बनी रहती है. कूड़े की समस्या पर राजनीतिक खेल खेला जाता है. न तो एमसीडी के कर्मचारियों की कोई वरदी है, न ही गंदगी और बीमारियों से बचने के लिए मास्क या दस्तानों की व्यवस्था. क्या सफाई कर्मचारी इंसान नहीं? आधुनिकीकरण के बावजूद आज भी गटर आदि की सफाई के लिए आधुनिक यंत्र नहीं हैं. आज भी उन में सफाई कर्मचारियों को ही उतरना पड़ता है. क्यों नहीं सरकार एमसीडी कार्यालय और उस में काम करने वाले कर्मचारियों को बेहतर काम करने के लिए प्रशिक्षित करती है? क्या सिर्फ वीआईपी इलाकों की साफसफाई मात्र ही सफाई अभियान का हिस्सा है? सफाई अभियान पर खर्च किया जाने वाला पैसा कहां खर्च किया जाता है? क्या सब आंकड़ों का खेल मात्र है?

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कूड़े को ले कर भी एमसीडी में विभाजन है. पेड़पौधों के लिए हौर्टिकलचर विभाग है, जो पत्तों, घास, गिरे पेड़ों की सफाई के लिए उत्तरदाई है. एमसीडी, हौर्टिकल्चर और डीडीए ऐसे विभाग हैं, जिन में आपस में कोई तालमेल नहीं, जिस से किसी भी तरह की व्यवस्था को सुचारु रूप से चला पाना मुमकिन नहीं. दिल्ली का प्रत्येक क्षेत्र कूड़े की समस्या को ले कर तीनों विभागों में  झूलता नजर आता है और शायद यही समस्या बाकी सभी प्रांतों की भी है.

जनता भी जवाबदेह

दिल्ली या अन्य किसी भी प्रांत की साफसफाई के लिए सख्त कानून व्यवस्था तथा शिक्षित सरकारी कार्यालयों का होना बेहद आवश्यक है. एमसीडी, डीडीए, हौर्टिकल्चर आदि सभी कार्यालयों में तालमेल के बिना स्वच्छ भारत की कल्पना करना संभव नहीं. सरकार को जनता को जागरूक करने के साथसाथ सख्त कानून भी लागू करना होगा.

दूसरी ओर जनता को भी अपनी जिम्मेदारी सम झते हुए कानून और नियमों के दायरे में चलते हुए कूडे़ की समस्या से जू झने में सरकार की मदद करनी होगी. नई टैक्नोलौजी का इस्तेमाल कर कूड़े का सदुपयोग करना होगा जैसेकि गीले कूड़े से खाद और प्लास्टिक इत्यादि से सड़कों का निर्माण. गाजीपुर कूड़े के पहाड़ से बिजली उपलब्ध कराने की सरकार की योजना चर्चा का विषय है. उम्मीद है जल्द ही दिल्ली के गाजीपुर और भलस्वा के कूड़े के पहाड़ पर मंडराते

चील, कौए हट जाएंगे तथा स्वच्छ भारत अभियान एक राजनीतिक खेल न रह कर सही दिशा में कार्यरत होगा.

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क्यों भा रहीं पुरुषों को बड़ी उम्र की महिलाएं

1981 में रिलीज हुई ‘प्रेम गीत’ फिल्म के गाने की एक लाइन ‘न उम्र की सीमा हो न जन्म का हो बंधन…’ बौलीवुड सितारों पर एकदम सटीक बैठती है. इन दिनों फिल्म इंडस्ट्री में मलाइका अरोड़ा और ऐक्टर अर्जुन कपूर के अफेयर की चर्चा है और इस से ज्यादा चर्चा उन के बीच एज गैप की है. दोनों की उम्र में लगभग 11 साल का अंतर है और इस वजह से उन्हें अकसर सोशल मीडिया पर ट्रोल होना पड़ता है.

एक इंटरव्यू के दौरान मलाइका अरोड़ा ने कहा था कि हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जहां अगर एक उम्रदराज आदमी एक यंग लड़की के साथ रोमांस करे तो लोग उसे स्वीकार कर लेते हैं लेकिन वहीं एक ज्यादा उम्र की महिला अपने से कम उम्र के लड़के से प्यार करें तो लोग उसे ऐक्सैप्ट नहीं करते.

समाज में यह धारणा है कि शादी के वक्त लड़की की उम्र लड़के से कम होनी चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि पति घर का मुखिया होता है तो उसे अनुभवी और ज्यादा सम झदार होना चाहिए. भारत में सरकार की तरफ से भी शादी की कानूनन उम्र लड़के के लिए 21 और लड़की के लिए 18 साल रखी गई है.

मगर बदलते समय में प्यार करने के अंदाज में भी काफी बदलाव आया है और इस का सब से बड़ा उदाहरण है लड़कों का अपनी उम्र से बड़ी लड़कियों के प्रति आकर्षित होना. अब उम्र के अंतर को नजरअंदाज कर प्यार को सम्मान के भाव से देखा जा रहा है. लड़के अपने से उम्र में छोटी नहीं, बल्कि खुद से बड़ी लड़कियों को ज्यादा पसंद करने लगे हैं.

पुरुषों का महिलाओं के प्रति आकर्षित होना हमेशा से ही स्वाभाविक प्रक्रिया रही है. प्रकृति ने वैसे भी पुरुष और महिला को एकदूसरे के पूरक के तौर पर बनाया है, जिस की वजह से इन दोनों के बीच परस्पर आकर्षण होना लाजिम है. लेकिन जब यह आकर्षण अपने से बड़ी उम्र की महिला के प्रति होने लगे तो यह खास बन जाता है.

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हाल ही में एक रिसर्च में पाया गया है कि पुरुष अपने से बड़ी उम्र की महिला से संबंध बनाने के बाद मानसिक और शारीरिक रूप से ज्यादा संतुष्टि प्राप्त करते हैं.

मर्द और औरत की उम्र में इस अंतर का रिलेशनशिप बनते देखे जाना आज आम बात होती जा रही है. लेकिन इस के क्या कारण हैं? क्या उम्र के साथ जहां खूबसूरती ढलती है, वहीं कुछ सकारात्मक चीजें भी महिलाओं में बढ़ जाती हैं, जिन्हें पुरुष शायद नोटिस करते हैं या ऐसी क्या चीजें हैं जो पुरुष को बड़ी उम्र की महिलाओं की ओर आकर्षित करती हैं? आइए जानते हैं:

क्या कहते हैं साइकोलौजिस्ट

कुछ साइकोलौजिस्ट मानते हैं कि 45 से 50 साल की उम्र में उन में सैक्स के प्रति उत्तेजना और सम झ बढ़ जाती है और किसी कम उम्र की महिला की तुलना में वे पुरुष को ज्यादा संतुष्ट कर सकती हैं. यह भी एक कारण है कि पुरुष मैच्योर महिलाओं के प्रति आकर्षित होते हैं. वहीं कई शोध बताते हैं कि जहां पुरुष इंटीमेट होने में ज्यादा वक्त नहीं लगाते वहीं महिलाओं को इस के लिए वक्त चाहिए होता है.

महिलाएं भी अपने से कम उम्र पुरुष की ओर अट्रैक्ट होती हैं, क्योंकि वे अधिक ऊर्जावान होते हैं. इस के अलावा सैक्सुअल प्रेजैंटेशन महिलाओं के बेहद माने रखती है, साथ ही वे फिजिकल और इमोशनल दोनों ही भावनाओं को बांटती हैं. इसलिए पुरुषमहिलाओं की उम्र का यह कौंबिनेशन परफैक्ट कहा जा रहा है. और भी बहुत से कारण है, जिन के चलते पुरुष को बड़ी उम्र की महिलाएं भा रही हैं, जैसे-

आत्मविश्वास: बड़ी उम्र की महिलाएं अपनेआप को बहुत अच्छी तरह सम झती हैं. वे भी फैसला बचपने में नहीं, बल्कि बहुत सोचसम झ कर लेती हैं. वे अपनेआप में बहुत हद तक मैनेज्ड होती हैं. वे जानती हैं कि उन्हें अपनी लाइफ से क्या अपेक्षाएं रखनी चाहिए और क्या नहीं. वे आत्मविश्वासी होती हैं और इसीलिए पुरुष को मैच्योर महिलाएं ज्यादा आकर्षित करती हैं.

जिम्मेदार: समय और तजरबे के साथ मैच्योर महिलाएं जहां अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाना सीख जाती हैं, वहीं वे मुश्किल हालात का भी अच्छी तरह सामना कर पाती हैं. कई मामलों में वे न सिर्फ अपने तजरबे की मदद लेती हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर इन के हल भी ढूंढ़ निकालती हैं, जिस की वजह से कई जगहों पर पुरुष उन के साथ रिलैक्स महसूस करते हैं.

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ऐसी महिलाएं अपने कैरियर को ले कर काफी सैट होती हैं. अपनी लाइफ को और बेहतर बनाने के लिए पुरुषों को ऐसी ही जिम्मेदार साथी की जरूरत होती है जो हर पथ पर उन के साथ कंधे से कंधा मिला कर चले.

स्वतंत्र: युवतियों और किशोरियों से एकदम अलग सोच रखने वाली बड़ी उम्र की महिलाएं मानसिक तौर पर स्वतंत्र होती हैं. अकसर बड़ी उम्र की महिलाएं कमाऊ होती हैं और पूरी तरह से आत्मनिर्भर होती हैं. अत: जरूरत पड़ने पर वह अपने साथी को आर्थिक रूप से सपोर्ट भी करती हैं.

ईमानदार: प्रेम संबंधों में सम्मान और स्पेस, दोनों ही अलग महत्त्व रखते हैं और बड़ी उम्र की महिलाएं यह बात अच्छी तरह सम झती हैं. वे अपने रिश्ते के प्रति बहुत ईमानदार होती हैं, साथ ही अपने साथी की भावनाओं को भी सम झती हैं. लेकिन अगर वे अपने साथी के प्रति ईमानदार हैं तो चाहत भी रखती हैं कि उन का साथी भी उन के प्रति वफादार रहे.

अनुभवी: बड़ी उम्र की महिलाएं अनुभवी होती हैं, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में बहुत कुछ अनुभव कर लिया होता है. इसलिए जीवन में आने वाली मुश्किलों के लिए वे तैयार रहती हैं.

बात करने का सलीका: बड़ी उम्र की महिलाओं का व्यवहार, ‘पल में तोला पल में मासा’ की तरह नहीं होता. वे कोई भी बात सोचसम झ कर और बड़े सलीके से करती हैं.

सैक्स: शरमाने की जगह बड़ी उम्र की महिलाएं सैक्स के दौरान अपने पार्टनर को पूरीपूरी सपोर्ट करती हैं. वे स्पष्ट तौर पर बता देती हैं कि उन्हें अपने पार्टनर से क्या अपेक्षाएं हैं जो पुरुष को बहुत पसंद आता है.     -मिनी सिंह द्य

प्रेम के आगे फीका उम्र का अंतर

बौलीवुड से ले कर हौलीवुड तक में इस तरह के कई कपल्स मिल जाएंगे जिन की उम्र में काफी अंतर है:

इमैनुएल मैक्रों: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी से 24 साल छोटे हैं. जिस वक्त इमैनुएल मैक्रों स्कूल में पढ़ते थे तब वे उन की टीचर थीं और दोनों के बीच उसी समय प्रेम परवान चढ़ा था.

उर्मिला मातोंडकर: एैक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर ने अपने से 9 साल छोटे लड़के मीर मोहसिन अख्तर से शादी की. मोहसिन बिजनैस करने वाले कश्मीरी परिवार से हैं.

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फराह खान: बौलीवुड की जानीमानी डाइरैक्टर और कोरियोग्राफर फराह खान ने भी अपने से 9 साल छोटे शिरीष कुंदर से 2001 में शादी की और आज वे 3 बच्चों के मातापिता हैं. बता दें कि फराह खान ‘मैं हू न’ फिल्म के सैट पर शिरीष कुंदर से पहली बार मिली थीं और फिर दोनों में प्यार हो गया.

प्रीति जिंटा: ऐक्ट्रैस प्रति जिंटा ने अपने से 10 साल छोटे जीन गुडइनफ से 2016 में शादी की थी. आज दोनों खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं.

प्रियंका चोपड़ा: ऐक्ट्रैस प्रियंका चोपड़ा ने पिछले साल ही ईसाई और हिंदू रीतिरिवाज के साथ हौलीवुड ऐक्टर और सिंगर निक जोनस से शादी की थी. दोनों का अफेयर काफी चर्चा में रहा. निक जोनस, प्रियंका से 10 साल छोटे हैं.

अब भी मलाइका से जुड़ा है अरबाज का नाम, देखें वायरल वीडियो

बौलीवुड की हौट एक्ट्रेसेस में से एक मलाइका अरोड़ा अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहती हैं. वहीं मलाइका इस बार अपने एक्स हस्बैंड अरबाज खान के चलते सुर्खियों में आ गईं हैं. आइए आपको बताते हैं मलाइका की वायरल वीडियो की कहानी.

गजरे वाली पड़ी मलाइका के पीछे

बीते दिनों जब मलाइका अरोड़ा अपने जिम सेंटर से बाहर की ओर जा रही थी. जहां पर एक गजरा बेचने वाली महिला बुरी तरह से मलाइका अरोड़ा के पीछे पड़ गई. मलाइका जैसे-तैसे बच-बचाकर अपनी गाड़ी में बैठी ही थी कि वो पीछा करते-करते वहां पर भी आ पहुंची.

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मलाइका के एक्स हस्बैंड का लिया नाम

जिसके बाद गजरे वाली ने मलाइका से जबरदस्ती गजरा खरीदने के लिए जिद्द की और बोली, ‘ले लीजिए न अरबाज जी की तरफ से.‘ ये सुनकर मलाइका के चेहरे की हवाइयां उड़ गई और वो बुरी तरह से चिढ़ गई. मलाइका का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और फैंस तरह तरह के रिएक्शन देने में लग गए हैं.

बता दें, साल 2017 में मलाइका का सलमान खान के भाई अरबाज खान से तलाक हो गया था, जिसकी वजह अर्जुन कपूर को बताई गया था. अब देखना ये है कि मलाइका की वायरल वीडियो पर उनके बौयफ्रेंड अर्जुन कपूर का क्या रिएक्शन आता है.

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