शुभारंभ: क्या कीर्तिदा-गुणवंत की चालों में आकर राजा छोड़ देगा अपनी ज़िम्मेदारियाँ?

कलर्स के शो, ‘शुभारंभ’ में रानी के समझाने पर राजा अपनी बिज़नेस से जुड़ी ज़िम्मेदारियों को संभालने में लग गया है, लेकिन राजा को भटकाने के लिए राजा के ताऊजी और ताईजी यानी गुणवंत और कीर्तिदा लगातार कोशिश कर रहे हैं. आइए आपको बताते हैं क्या होगा शो में आगे…

वेलेंटाइन डे पर दुकान को सजाते हैं राजा-रानी

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अब तक आपने देखा कि राजा और रानी वेलेंटाइन डे के मौके पर दुकान में सजावट की तैयारियाँ पूरी करते हैं, लेकिन कुछ गुंडे आकर वेलेंटाइन डे की तैयारियों को यह कहकर बिगाड़ने की कोशिश करते हैं कि ये चीज़ें युवाओं को गुमराह करती हैं और भारतीय संस्कृति के खिलाफ हैं.

रानी करती है राजा की मदद

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रानी गुंडो में से एक को पहचान जाती है, जो कि उसके पड़ोस में रहता है. साथ ही रानी गुंडो को बेरोज़गारी को छिपाने के लिए भारतीय संस्कृति के रखवाले होने का ढोंग बताती है. यह सुनकर गुंडे सभी से माफी मांगकर निकल जाते हैं. इसी तरह रानी, राजा को इस मुसीबत से निकलने में मदद करती है.

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राजा के खिलाफ नई चाल चलते हैं कीर्तिदा-गुणवंत 

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दूसरी तरफ, कीर्तिदा-गुणवंत जानबूझ कर राजा की कुंडली में पितृदोष होने की बात करते हैं ताकि वह सुन ले. इसी बीच कीर्तिदा-गुणवंत ये भी कहते हैं कि इस पितृदोष के कारण अगले एक साल में बिज़नेस के मामले में राजा का भाग्य अच्छा नही है और उसको नुकसान झेलना पड़ सकता है, जिसके कारण वह अपनी ज़िम्मेदारियों को लेकर सोच में पड़ जाता है.

राजा को मिलेगा खास गिफ्ट

आज के एपिसोड में आप देखेंगे कि गुणवंत और कीर्तिदा, राजा को एक उपहार के तौर पर राजा के पिता धनवंत, की पुरानी डायरी देंगे, जिसे देखकर राजा इमोशनल हो जाएगा. साथ ही राजा को दुकान में एक नया डेस्क भी दिया जाएगा. तभी मेहुल बताएगा कि बैंक जाने के दौरान उनके पुराने और वफादार कर्मचारी नट्टू काका पर हमला हुआ है और वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. लेकिन गुणवंत और कीर्तिदा इन सब की वजह राजा के पितृदोष को बताएंगे.

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राजा के वेलेंटाइन डे का आइडिया कामयाब होने पर गुणवंत और कीर्तिदा बौखला जाते हैं. अब देखना ये है कि क्या राजा को पितृदोष की चाल में फंसाकर कीर्तिदा और गुणवंत बिज़नेस से दूर कर पाएंगे? क्या रानी इन चालों से राजा को बचा पाएगी? जानने के लिए देखते रहिए शुभारंभ, सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे, सिर्फ कलर्स पर.

5 टिप्स: कमरे की सफेद दीवारों को सजाएं कुछ ऐसे

घरों की सफेद दीवारें बेहद शांत सी दिखती हैं. सफेद दीवारों से घर और कमरे बड़े दिखते हैं, रोशनी ज्‍यादा आती है लेकिन आपको कुछ समय बाद खालीपन सा लगने लगता है. अगर आप अपनी सफेद दीवार को रंगीन बनाना चाहती हैं तो कुछ क्रिएटिव कर सकती हैं. कुछ इस तरह सजाएं अपने घर की सफेद दीवारें

1. पुरानी तस्‍वीर

अपने घर की दीवारों को पुरानी तस्‍वीरों से सजाएं. आप चाहें तो कलर्ड फ्रेम ला सकती हैं या फिर यूं ही तस्‍वीरों को पेस्‍ट कर सकती हैं. इन तस्वीरों को देख आप अपनी पुरानी यादों को ताजा कर सकती हैं.

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2. पेंट ब्रश से करें कलाकारी

ब्रश और पेंट से दीवारों पर कुछ अच्‍छी सी डिजाइन पेंट कर लें. इससे दीवारों पर रौनक आ जाएगी और आपका कमरा अच्छा लगेगा. जो भी बनाएं, वो बहुत पाजीटिव होना चाहिए. रंगों और शेड का खास ख्‍याल रखें.

3. रंगों और फैब्रिक से करें सजावट

रंगों को मिक्‍स करके और फैब्रिक को मिलाकर आप डिजाइन तैयार करें. आप चाहें तो वेल्‍वेट पेपर पर रंग से कुछ तैयार कर सकती हैं. इस डिजाइन पर तस्‍वीरों को चिपका सकती हैं. इस तरह कुछ भी अलग और स्‍टाइलिश सा बन जाएगा.

4. वूडन बुक शेल्‍फ

अगर आप किताबों की शौकीन हैं तो दीवारों पर वूडन शेल्‍फ बनवा दें और इनमें किताबों को रखें. इससे आपका कलेक्‍शन भी तैयार हो जाएगा और दीवार पर भी कुछ क्रिएटिव काम हो जाएगा.

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5. बोल्‍ड एस्‍सेसरीज

प्‍योर व्‍हाइट वाल पर बोल्‍ड एस्‍सेसरीज को कोई नहीं बीट कर सकता है. आप मेटेलिक प्रिंट के कुशन को कमरे में रखें. एक्‍ट्रा लाइट लगाएं और बोल्‍ड कलर की एस्‍सेसरीज को स्‍टक करें.

Valentine’s से पहले ताजमहल पहुंचे सारा और कार्तिक, दिए ऐसे रोमांटिक पोज

बौलीवुड स्टार कार्तिक आर्यन (Kartik Aaryan) और सारा अली खान (Sara Ali Khan) हाल ही में अपनी अपकमिंग फिल्म ‘लव आज कल’ (Love Aaj Kal 2) के प्रमोशन के लिए आगरा पहुंचे. यहां पहुंचकर दोनों ने ताज महल का दीदार किया. कार्तिक और सारा को देखकर फैन्स की भीड़ वहां उमड़ गई. लेकिन दोनों फिर भी खूब मस्ती करते दिखे. इतना ही नहीं, कार्तिक (Kartik Aaryan) ने इस दौरान सबके सामने सारा को गोद में भी उठाया. सारा-कार्तिक (Sara-Kartik) के इस दौरान के फोटो और वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं. फैन्स ने सारा-कार्तिक के इस मोमेंट को अपने-अपने कैमरे में कैद किया. कार्तिक और सारा ने अपने फैन्स को निराश नहीं किया. उन्होंने फैन्स के साथ खूब सेल्फी क्लिक की.

इससे पहले सारा को अपने हाथों से खाना खिलाते दिखे कार्तिक आर्यन…

कार्तिक (Kartik Aaryan) ने अभी हाल ही में सारा के साथ अपनी फोटो शेयर की जिसमें वो अपने हाथों से खाना खिला रहे हैं. इस फोटो को शेयर करते हुए कार्तिक ने लिखा, ‘काफी दुबली हो गई हो, आओ पहले जैसी सेहत बनाएं.’

 

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Awwwww ????? This picture ? Dono apne main hi khoye huye hain ?? #saraalikhan #kartikaaryan #Sartik #LoveAajKal

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कार्तिक और सारा की कैमेस्ट्री है फैंस को पसंद

कार्तिक-सारा की इस फोटो को फैन्स बहुत पसंद कर रहे हैं. सभी दोनों की केमिस्ट्री को काफ़ी पसंद कर रहे हैं. हालांकि कुछ का कहना है कि क्या से जो और वीर (लव आज कल में दोनों का किरदार) है या कार्तिक और सारा.

अक्सर आते हैं साथ नजर

वैसे बता दें कि जब से इस फिल्म की शूटिंग शुरू हुई है तब से ही दोनों के रिलेशन की खबरें आने लगी थीं. दोनों साथ में पार्टीज और डिनर पर जाते थे. लेकिन फिर अचानक खबर आई कि दोनों का ब्रेकअप हो गया है. दोनों का मिलना भी बंद हो गया था. हालांकि फिल्म के डबिंग सेशन के दौरान दोनों फिर साथ नजर आए और अब दोनों साथ में खूब जोर-शोर से फिल्म का प्रमोशन कर रहे हैं.

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फिल्म ‘लव आज कल 2′(Love Aaj Kal 2)  की बात करें तो इसमें कार्तिक डबल रोल में हैं. फिल्म में सारा, कार्तिक के साथ आरुषी शर्मा और रणदीप हुड्डा (Randeep Hooda) लीड रोल में हैं. इम्तियाज अली (Imtiaz Ali ) द्वारा डायरेक्ट यह फिल्म 14 फरवरी को रिलीज होगी.

जानें क्यों मनाया जाता है Valentine’s day, प्यार और बलिदान की है कहानी

14 February को Valentine Day के नाम से जाना जाता है .इस दिन को हम प्यार करने वालों का दिन कहते है और हर साल February को प्यार का महीना मानते है. पर क्या आप जानते है की Valentine Day क्यूँ मनाया जाता है? शायद आप में से कुछ जानते हों और अगर नहीं जानते तो आज हम आपको Valentine Day मानाने के पीछे का पूरा कारण बताएँगे .

दरअसल Valentine एक व्यक्ति का नाम था .जिनको लोग संत Valentine कहते थे.इस प्यार के दिन की कहानी की शुरुवात प्यार से भरी हुई नहीं है.

ये कहानी है एक निर्दयी राजा की और एक कृपालु संत Valentine की. इस दिन की शुरुआत होती है रोम की तीसरी सदी से जहां एक अत्याचारी राजा हुआ करता था . उसका नाम क्लाउडियस था . रोम  के राजा का यह मानना था कि एक अकेला सिपाही एक शादीशुदा सिपाही के मुकाबले ज्यादा प्रभावशाली होगा क्योंकि शादीशुदा सिपाही को हर वक्त इसी बात की चिंता लगी रहती है कि उसके मर जाने के बाद उसके परिवार का क्या होगा . इसी चिंता से वह जंग में अपनी पूरी एकाग्रता  नहीं बना पाता है. इसलिए क्लाउडियस राजा ने यह ऐलान किया कि उसके राज्य में कोई भी सिपाही शादी नहीं करेगा .राजा के इस फैसले से सभी सिपाही दुखी थे और उन्हें यह पता था कि यह फैसला गलत है . लेकिन राजा के डर से किसी ने भी उसका उल्लंघन करने की हिम्मत नहीं की.

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रोम के संत वैलेंटाइन को यह नाइंसाफी बिल्कुल मंजूर नहीं थी. इसलिए उन्होंने राजा से छुपकर युवा सिपाहियों की शादी करवाना शुरू कर दिया. जो सिपाही अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था वह वैलेंटाइन के पास मदद के लिए जाता था . इस तरह संत वैलेंटाइन ने  बहुत से सिपाहियों की गुप्त तरीके से शादी करवा दी.

लेकिन सच ज्यादा दिन तक नहीं छुप   सकता. किसी ना किसी दिन वह सामने आ ही जाता है. क्लाउडियस राजा को संत वैलेंटाइन के इस काम की खबर लग गई. वैलेंटाइन ने  राजा के आदेश का पालन नहीं किया . इसलिए राजा ने वैलेंटाइन को सजा-ए-मौत दे दी. अब संत वैलेंटाइन जेल के अंदर थे और अपनी मौत का इंतजार कर रहे थे.

एक दिन उनके पास एक जेलर आया जिसका नाम एस्टीरियस था. रोम  के लोगों का कहना था कि संत वैलेंटाइन के पास में एक ऐसी दिव्य शक्ति थी जिससे वह लोगों को रोग मुक्त कर देते थे. उस जेलर एस्टीरियस की एक  अंधी बेटी थी और उस जेलर को पता था कि वैलेंटाइन के पास कोई ऐसी दिव्य शक्ति है जिसके जरिए वह लोगों को रोग मुक्त कर देते हैं. एक दिन वह जेलर संत वैलेंटाइन के पास गया और उनसे विनती की कि मेरी बेटी देख नहीं सकती. कृपया अपनी दिव्य शक्ति से मेरी बेटी की आंखों की रोशनी लौटा दीजिए.

वैलेंटाइन बहुत ही नरम ह्रदय के थे. वैलेंटाइन सबकी मदद करते थे. इसलिए उन्होंने जेलर की भी मदद की और उसकी बेटी की आंखों को ठीक कर दिया. उस दिन के बाद से वैलेंटाइन और एस्टीरियस की बेटी के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी और वह दोस्ती कब प्यार में बदल गई उन्हें पता ही नहीं चला.

एस्टीरियस की बेटी को पता लग गया था कि वैलेंटाइन ज्यादा दिन के मेहमान नहीं है. उन्हें जल्द ही फांसी दे दी जाएगी और वह यह सोच-सोच कर गहरे सदमे में चली गई .

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आखिर में वह कठोर  दिन आ ही गया 14 February  जिस दिन वैलेंटाइन को फांसी लगने वाली थी. अपनी मौत से पहले वैलेंटाइन ने जेलर से एक कलम और कागज मांगा और उस कागज में उस जेलर की बेटी को आखरी अलविदा संदेश लिखा और पेज के लास्ट में उन्होंने लिखा ’तुम्हारा वेलेंटाइन…’.

यह वह लफ्ज़ है जिसे दुनिया आज भी याद करती हैं .वैलेंटाइन के इस बलिदान की वजह से 14  फरवरी को उनके नाम से रखा गया .इस दिन पूरी दुनिया में सभी प्यार करने वाले लोग वेलेंटाइन को याद करते हैं और प्यार बांटते हैं.

Valentine’s से पहले हुआ जाह्नवी कपूर और ईशान खट्टर का ब्रेकअप, जानें क्या है वजह

बौलीवुड में अपनी पहली फिल्म ‘धड़क’ से फैंस का दिल जीतने वाले स्टार्स जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) और शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) के छोटे भाई ईशान खट्टर (Ishaan Khatter) का रिलेशनशिप किसी से छिपा नही हैं. दोनों कई महीनों से एक दूसरे को डेट कर रहे थे, लेकिन अब खबरें हैं कि दोनों का Valentine’s  से पहले दोनों स्टार्स का ब्रेकअप हो गया है. आइए आपको बताते हैं क्या है सच….

हो गया है जाह्नवी और ईशान का ब्रेकअप

हाल ही में दोनों की करीबी दोस्त ने कहा है कि जाह्नवी (Janhvi) और ईशान (Ishaan) ने अपने काम और वर्क कमिटमेंट्स के चलते ब्रेकअप कर लिया है. सूत्र ने यह भी बताया है कि दोनों इस वक्त अपने काम पर ध्यान देना चाहते हैं और इसीलिए फिलहाल अपने काम पर ही फोकस करना चाहते हैं. लेकिन दूसरी खबरों की मानें तो कहा जा रहा है कि ईशान खट्टर (Ishaan Khatter)  का ओवरपजेसिव बर्ताव उनके ब्रेकअप का कारण है.

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प्रमोशन के दौरान दिखीं थी कड़वाहट

 

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1 year of Dhadak. 1 year of Madhu and Parthavi. 1 year of this family, of your love, of all these memories and people that I will cherish my whole life and never let go of. Eternally grateful @karanjohar ❤️ With this film you’ve given me a family, an opportunity and set me on a path I’ve always only dreamed of. Thank you for being my guiding light ?and @shashankkhaitan every step of this journey I looked up to you more and more. Thank you for everything you’ve taught me, for being there for me and for giving us more love than we could have ever hoped for. @ishaankhatter Mr. Madhukar Bagla, Nothing I say will be enough to sum up how happy I am that we went on this journey together and had each other to lean on, to argue with, and to find comfort in. ❤️ love you team Dhadak I miss you’ll everyday!!

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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ‘धड़क’ स्टार जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) बीते दिनों वेब सीरीज घोस्ट स्टोरीज (Ghost Stories) के प्रमोशन में ईशान खट्टर (Ishaan Khatter) का आना जाह्नवी कपूर (Janhvi Kapoor) को पसंद नही आया था, जिसके बाद दोनों के ब्रेकअप की खबरें सच मानी जा रही हैं.

 पहली फिल्म में आए थे करीब
साल 2018 में फिल्म धड़क (Dhadak) के साथ डेब्यू करने वाले जाह्नवी और ईशान फिल्म की शूटिंग के दौरान करीब आए थे और दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी. हालांकि दोनों ने हमेशा अपने रिलेशनशिप की खबरों से इंकार किया, लेकिन लगातार एक साथ दिखना और फैमिली फंग्शन्स में पहुंचना इनके रिलेशनशिप का सबूत बन गया था.

 

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बता दें, जाह्नवी कपूर की बात करें तो वह इन दिनों अपनी फिल्म गुंजन सक्सेना को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें वह पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) के साथ काम कर रही हैं. वहीं दूसरी फिल्म की बात करें तो वह राजकुमार राव (Rajkumar Rao) संग फिल्म रूहीआफ्जाना (Roohi Afzana) में नजर आने वाली हैं.

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60 साल की उम्र में भी लाजवाब है नीना गुप्ता का स्टाइलिश अंदाज

बौलीवुड की बिंदास एक्‍ट्रेस नीना गुप्‍ता (Neena Gupta) इन दिनों अपने ग्‍लैमरस स्‍टाइल के लिए खूब सुर्खियां बंटोर रही हैं. शॉर्ट ड्रेसेस से लेकर वन शोल्‍डर मैक्‍सी ड्रेस और खूबसूरत एथनिक ड्रेसेस पहनकर नीना अपने स्‍टाइल से सभी को इम्‍प्रेस कर रही हैं.

इन दिनों नीना ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ (Shubh Mangal Zyada Saavdhan) प्रमोशन में बिजी हैं.  एक प्रमोशनल इवेंट के दौरान जब नीना (Neena Gupta) स्टाइलिश अंदाज में पहुंची, तो लोगों उन्हें देखते ही रह गए. बढ़ती उम्र में उनका स्टाइलिश अंदाज वाकई लाजवाब था लोग उनके स्टाइल के दीवाने हो गए .

 

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Soch rahi hu aur role milenge kya? ? @amrapalijewels Saree @houseofmasaba @smzsofficial #shubhmangalzyadasaavdhan

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आपको बता दे नीना ने प्रोमोशनल इवेंट के दौरान पिंकी कलर की साड़ी पहनी थी. साड़ी के पल्ले पर ब्रॉन्ज और गोल्डन कलर का वर्क किया गया था, वहीं इस साड़ी के साथ उन्होंने  ब्लाउज पैंटगन नेक डिजाइन का  ब्लाउज पहना हुआ था. नीना गुप्ता (Neena Gupta) की यह साड़ी उनकी बेटी मसाबा गुप्ता के डिजाइन की हुई कलेक्शन की है.  नीना (Neena Gupta) ने इसके साथ कुंदन का हार और ईयररिंग्स पहने थे, जिस पर पर्ल वर्क भी था. जो  उनकी साड़ी के पल्लू के वर्क से बहुत मैच कर रही थी. साड़ी में धमाल मचा रही हैं नीना गुप्‍ता के देसी स्‍टाइल पर लोग खूब फिदा हो रहे है.

 

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Intzar aur abhi

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कुछ समय से नीना गुप्ता इंस्‍टाग्राम अकाउंट में एक के बाद एक खूबसूरत साडि़यों में छाई रही. नीना ने अपने इंस्‍टाग्राम अकाउंट पर प्रिंटेड साड़ी के साथ एक खूबसूरत तस्‍वीर पोस्‍ट की. इस साड़ी को  भी उनकी डिजाइनर बेटी मसाबा ने डिजाइन किया था. ब्राउन कलर की इस साड़ी में खूबसूरत प्रिंट, देवनागरी और जियमेट्रिक पैटर्न बने थे. इस साड़ी को उन्‍होंने स्‍टेटमेंट चोकर और मैचिंग चूड़ियों से कम्‍पलीट किया.

इसके अलावा नीना गुप्‍ता ने मसाबा की इस मल्‍टी-कलर्ड फ्लोरल साड़ी को ड्रॉप ईयरिंग्‍स और स्‍टाइलिश हेयर स्‍टाइल से कम्‍पलीट किया.

नीना गुप्ता नए साल की शुरूआत में फिल्म ‘पंगा’ करने के बाद वह जल्द  फिल्म ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’ में एक खास किरदार में नजर आएंगी.

 

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Trying a contrast

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Valentine’s Special: Kiss Day पर जताएं प्यार लेकिन रखें इन बातों का ध्यान

Valentine day के ठीक 1 दिन पहले यानी 13  February को आता  है Kiss Day. Kiss Day को पूरे Valentine Week का सबसे रोमांटिक दिन माना जाता है. Kiss प्यार जताने का सबसे प्राकतिक और आसान तरीका है. एक प्यारा सा Kiss , सबसे अच्छा तरीका है उस Feeling को Express करने का जो शब्दों में नहीं कही जा सकती.

Kiss एक बहुत ही नाज़ुक एहसास होता है .खासकर लड़कियां इस एहसास को लेकर काफी संवेदनशील होती है. Kiss करना, आपका अपने साथी के प्रति प्यार,देखभाल और स्नेह की भावना को दर्शाता है. और अगर आपका प्यार सच्चा है, तो वह इसको समझेगा. एक प्यारा सा Kiss  किसी के चेहरे पर एक मुस्कान ला सकता है.

Kiss Day जहाँ आपके लिए प्यार जताने या बढाने का ज़रिया बनता है वहीँ पर ये दिन कई लोगों के लिए उनकी love लाइफ की तरफ पहला कदम भी बनता है.अगर आप भी ये Kiss Day ,अपने साथी के लिए स्पेशल बनाना चाहते हैं तो आपको कुछ ख़ास बातो  का ख्याल रखना पड़ेगा-

1. प्यार के इस ख़ास दिन यानि Kiss Day का मतलब ये बिलकुल भी नहीं है की आप अपने साथी को इस दिन कभी भी Kiss कर सकते हैं .Kiss करने के लिए सही वक़्त का इंतज़ार करें. इस दिन अपने साथी को स्पेशल feel करवाएं उन्हें किसी रोमांटिक जगह पर ले जाएँ या कोई भी रोमांटिक मूवी दिखाएँ.

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2. ध्यान रहे रिलेशनशिप में एक दूसरे की रजामंदी के बिना कोई भी स्टेप रिलेशनशिप पर भारी पड़ सकता है और एक गलत कदम साबित हो सकता है.ऐसे में अपने साथी को Kiss तभी करें जब वह उसके लिए comfortable हो ,राज़ी हो. हो सकता है की आपका साथी इस रिलेशनशिप को थोड़ा और वक़्त देना चाहता हो.

3. यूँ तो Kiss करने का सबका अपना एक अंदाज़ होता है .तो आप चाहे तो अपने अंदाज़ में नेचुरल होकर बिना अपने मन में कुछ सोचे अपने प्यार को Kiss करें .आपकी feeling को  आपका पार्टनर अपने आप समझ जायेगा .

4. याद रखें ज्यादा उत्तेजित होना आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है .

ये पल आपके लिए बेहद ख़ास और निजी होता है इसलिए Kiss करते समय सही जगह का चयन करें .

अगर आप ये पूरा दिन अपने पार्टनर के साथ बिता सकते है और फिर भी  आप Kiss करने ही हिम्मत नहीं जुटा  पाए है तो उन्हें दिन के अंत में अलविदा कहते हुए goodbye Kiss एक बेहतर विकल्प हो सकता है. लेकिन इन सारी चीजों के बीच एक बार फिर बता दूं की बिना अपने  साथी की रजामंदी के उसे Kiss करना एक बहुत बड़ा गलत कदम हो सकता है.

आपका अपने साथी को किया गया एक  polite  Kiss  प्यार की एक ऐसी अभिव्यक्ति है जो आपके साथी को खुशी और मासूमियत की एक काल्पनिक दुनिया में ले जाता है  जहां सब कुछ एकदम सही लगता है.

एक और बात अगर आप दूर हैं या किसी भी कारण से आप अपने साथी  से नहीं मिल सकते हैं जिसे आप प्यार करते हैं, तो चिंता न करें आप अपने साथी  को एक प्यारा सा उपहार या फूल भेज सकते हैं.

तो आगे बढ़िए और प्यार, स्नेह और कोमलता के साथ इस Kiss Day को सेलिब्रेट करिए.

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Kiss Day पर आपका ऑउटफिट कैसा हो

Kiss Day यानी वो दिन जब बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड अपने रिश्ते को एक कदम और आगे बढ़ाते हैं और अपने साथी को Kiss करके जताते है .इस दिन आप लाइट कलर का knee length गाउन या मैक्सी ड्रेस पहन सकती हैं.

जब हों टेढ़े-मेढ़े दांत

कुछ लोग अपने दांतों के टेढ़ेपन से परेशान रहते हैं. उन्हें ठीक करते के लिए वे मैटल के तार लगाते हैं, जिस से उन्हें स्माइल करने पर तकलीफ के साथसाथ शर्मिंदगी भी महसूस होती है. मगर अब उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अब मार्केट में इस परेशानी का नया सौल्यूशन आ गया है. आइए, ओडीएस क्लियर एलाइनर्स की संस्थापक डा. स्वप्निल गुप्ता से इनविजिबल ब्रेसेज के बारे में विस्तार से जानते हैं:

इनविजिबल ब्रेसेज और्थोडौंटिक्स के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक है. यह उन लोगों के लिए आदर्श है, जो अपने दांतों को सीधा करना चाहते हैं, लेकिन अपने लुक के बारे में सचेत रहते हैं. वे नहीं चाहते कि उन के दांतों में हर समय तार दिखते रहें.

यह प्रक्रिया मैटल, सिरैमिक, तार या लिंगुअल ब्रैकेट के उपयोग के बिना आप के टेढ़ेमेढ़े दांतों को सीधा करती है. ये ब्रेसेज परंपरागत तरीके से काम करते हैं और आगे निकलने वाले दांतों को सही करते हैं. वे लोग जो अपने लुक में दखल नहीं देना चाहते हैं और जिन के पास समय की कमी होती है वे इस थोड़ी अधिक महंगी प्रक्रिया के लिए जा सकते हैं. यह उपचार दर्दरहित है और अस्पताल में दाखिल होने की आवश्यकता नहीं होती है.

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कैसे किया जाता है इलाज

यह प्रक्रिया कई स्टेज में पूरी होती है. उपचार की प्रक्रिया आप के मसूढ़ों के इंप्रैशन के साथ दांतों और जबड़े का एक पूरा ऐक्सरे ले कर शुरू होती है. इन ब्रेसेज को प्लास्टिक या ऐक्रिलिक सामग्री से बाहर रखना होता है. इस में लगभग 1 महीना लग सकता है. यह सैट हटाने योग्य होता है, लेकिन खाने के दौरान ब्रशिंग या फ्लासिंग के समय को छोड़ पूरा दिन पहनना चाहिए. सैट को अगले सैट द्वारा प्रतिस्थापित करने से पहले 2-3 सप्ताह के लिए पहना जाता है.

इन बातों का रखें खयाल

– अपने चिकित्सक की सलाह के अनुसार 1 से

2 सप्ताह के लिए एलाइनर का प्रत्येक सैट पहनें. हर 6 से 8 सप्ताह में चैकअप कराएं.

– एलाइनर्स के प्रत्येक नए सैट को पहनने के बाद कुछ समय तक थोड़ा अतिरिक्त दबाव या असुविधा महसूस कर सकते हैं जो पूरी तरह से सामान्य है.

इनविजिबल ब्रेसेज दांतों के बीच गैप, टेड़ेमेढ़े दांत, ओवरबाइट, अंडरबाइट, डीप बाइट और ओपन बाइट जैसी परिस्थितियों का सामना करने वालों के लिए प्रभावी हैं.

सावधानियां

दांतों की अच्छी तरह देखभाल करें. पानी पीने के अलावा कुछ भी खाने या पीने से पहले ब्रेसेज को निकालना जरूर याद रखें. इस के अलावा एलाइनर्स को धब्बों से बचाने के लिए हर भोजन के बाद ब्रश करें.

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लगने वाला समय और कीमत

इनविजिबल ब्रेसेज के उपयोग से आप के दांतों  को सही करने में लगभग 1 वर्ष का समय लग सकता है. इस में ₹1 से ₹4 लाख तक का खर्च आ जाता है. इनविजिबल ब्रेसेज के परिणाम स्थाई हैं और ये पूरे जीवन चलते हैं.

Valentine’s Special: इन प्रौडक्टस से बनाएं खूबसूरत हेयरस्टाइल

एक कंप्लीट लुक के लिए आप का हेयरस्टाइल आकर्षक होना चाहिए और साथ ही वह लंबे समय तक मैंटेन भी रहे. मगर हेयरस्टाइल ज्यादा देर न टिक कर मैसी हो जाता है. इस सिचुएशन से बचने के लिए हेयर स्प्रे, हेयर जैल और हेयर मूस का इस्तेमाल किया जा सकता है. ये हेयर प्रोडक्ट्स लुक को लंबे समय तक एक जैसा बनाए रखते हैं.

1. स्प्रे

हेयर स्प्रे एक प्रकार का स्टाइलिंग प्रोडक्ट है, जो बालों को एक जगह स्टिक कर के रखता है यानी अगर आप कोईर् खास तरह का हेयरस्टाइल अपना रही हैं तो हेयर स्प्रे की मदद से इसे काफी समय तक वैसे का वैसा रख सकती हैं. हेयर स्प्रे छोटेछोटे बाल जो उभरे हुए दिखाई देने के कारण लुक को खराब करने का काम करते हैं, को अपनी जगह टिका कर हेयरस्टाइल को परफैक्ट बनाता है. जहां लो होल्ड स्प्रे स्ट्रेट हेयरस्टाइल पर अच्छा वर्क करता है वहीं मीडियम होल्ड स्प्रे वे हेयरस्टाइल्स, जिन में हाफ ऊपर और हाफ नीचे स्टाइल बना होता है उन पर और वैडिंग वगैरह में बनाए जाने वाले हेयरस्टाइल में स्ट्रौंग स्प्रे अच्छा रिजल्ट देता है.

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वेवी, ड्राई और शौर्ट लैंथ हेयर में जब भी कोई स्टाइल कैरी किया जाता है, तो उस के तुरंत बाद हेयर स्प्रे उपयोग में लाया जाता है. इस से स्टाइल सैट रहता है. बालों को प्राकृतिक लुक व चमक देने के लिए ब्लो ड्राई के बाद हेयरब्रश पर हेयर स्प्रे डाल कर बालों में जड़ों से ले कर सिरे तक ब्रश किया जाता है.

अकसर बालों का जूड़ा बनाने के लिए बौबी पिंस की जगह कस कर स्पिन पिंस बांधी जाती है. या एक ही जगह बालों को जमा कर रखने के लिए बालों के वेवी किनारों को नीचे रख कर बौबी पिंस का प्रयोग किया जाता है. पिंस पर स्प्रे का प्रयोग कर के उन्हें ज्यादा देर के लिए बालों पर लगाए रख सकती हैं.

अगर आप ने स्ट्रेट हेयर पर कर्ल स्टाइल किया है, तो वह लंबे समय तक टिका नहीं रहता है. ऐसे में बालों को कर्ल, रोल करने के बाद उन पर हेयर स्प्रे किया जाता है. इस से कर्ल सिक्योर हो जाते हैं. अगर कर्ली हेयर रूखे व बेजान से लगते हैं, तो उन्हें शाइनी बनाने के लिए उन पर ग्लिसरीनयुक्त हेयर स्प्रे भी लगाया जाता है. इस स्प्रे को घर पर भी बनाया जा सकता है. इस के लिए समान मात्रा में पानी और ग्लिसरीन मिला लें. फिर इसे अच्छी तरह शेक कर के इस में कुछ बूंदें हेयर औयल की डाल दें. इस ग्लिसरीन के स्प्रे को गीले बालों पर छिड़का जाता है. स्प्रे का यूज हेयरस्टाइल बनाने से पहले या बाद में दोनों तरह से किया जा सकता है.

आप अपने पतले और हलके बालों को बाउंसी लुक देने के लिए भी हेयर स्प्रे का यूज कर सकती हैं. इस से बालों का वौल्यूम बढ़ता है. उन की जड़ों व अंदर की तरफ हेयर स्प्रे करने से वे और भी खूबसूरत व घने दिखते हैं.

2. जैल

आजकल कोईर् भी महिला हमेशा एकजैसा लुक रखना पसंद नहीं करती है. इसी कारण हेयर जैल का क्रेज बढ़ा है. इस का यूज आप जैसा स्टाइल चाहती हैं उस स्टाइल को लौंग टाइम तक स्टे रखने के लिए किया जाता है और यह डिपैंड करता है जैल की क्वालिटी पर कि उस में मीडियम होल्ड करने की क्षमता है या फिर स्ट्रौंग होल्ड करने की. अगर आप हेयर जैल का अच्छा रिजल्ट चाहती हैं, तो सब से पहले बालों को टौवेल से अच्छी तरह सुखाने के बाद दोनों हाथों में जैल ले कर बालों में अप्लाई करें. जैल को स्कैल्प पर न लगाएं, क्योंकि इस से जड़ें कमजोर होती हैं और ड्राईनैस की समस्या भी पैदा होती है. जैल छोटे बालों के लिए बैस्ट होता है.

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3. मूस

हेयर मूस हेयरस्टाइल को हलके से होल्ड करता है, जिस से बाल बिलकुल नैचुरल लुक देते हैं. मूस एक प्रकार से शेविंग क्रीम के  झाग जैसा दिखने और हेयर सैटिंग में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ होता है. इसे बालों में अच्छी तरह लगाने के लिए इस की थोड़ी मात्रा को कंघी रख कर पूरे बालों में लगा दें. बालों पर लगने के बाद यह पानी जैसा दिखाई देने लगता है.

-भारती तनेजा

डाइरैक्टर औफ ऐल्पस ब्यूटी क्लीनिक ऐंड ऐकैडमी

औरतें धर्म नहीं शिक्षा से आगे बढ़ेंगी

सरकार शिक्षा के साथ जो भी कर रही है वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के इशारे पर कर रही है, यह कुछ समय पहले संघ संचालक सर मोहन भागवत के भाषण से स्पष्ट है. हमें जो शिक्षा ब्रिटिश युग में दी गई थी वही आजादी की लड़ाई में काम आई. उसी शिक्षा के बल पर न केवल हम ने ब्रिटिश सरकार का मुकाबला किया, घरघर में क्रांति भी आई.

उस समय सैकड़ों स्कूल सरकार ने खोले तो भारतीय उद्योगपतियों व व्यापारियों ने भी. दोनों में शिक्षा वह दी गई, जो जरूरी थी. भूगोल, इतिहास, समाज की जानकारी के साथसाथ लेखन कला का भी विकास कराया गया पर आजादी आते ही तेवर बदल गए और शिक्षा में लगातार धर्म धकेला जाने लगा. धार्मिक शिक्षा हमारी शिक्षा का हिस्सा कांग्रेस के जमाने में ही हो गई, क्योंकि कट्टरपंथियों ने शिक्षा पर कब्जा कर रखा था.

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मोहन भागवत कहते हैं कि शिक्षा की रचना भी भारतीय दृष्टि से करनी पड़ेगी. यह भारतीय दृष्टि क्या है? मुख्यतया यही कि औरतें शिक्षा न पाएं, वे संस्कारों में बंधी रहें, वे गुरुओं की सेवा करें, पति की सेवा करें, पूजापाठ करें. ‘स्वभाषा, स्वभूषा, स्वसंस्कृति का सम्यक परिचय तथा उस के बारे में गौरव प्रदान करने वाली शिक्षापद्धति हमें चाहिए,’ इन शब्दों का क्या अर्थ है? स्वभूषा यानी औरतें न जींस पहनें न टौप. वे घूंघट में रहें. उन्हें क्या पहनना है वह कोई शास्त्र पढ़ कर बताएगा- मोहन भागवत के अनुसार. स्वभाषा का क्या अर्थ है? आप सिर्फ हिंदी बोलें, पढ़ें भी नहीं. हमारी स्वभाषा तो संस्कृत ही है, जो लिखी जाती है. अन्य भाषाओं को तो लिखने की कला पश्चिम से आई. छपाई की तकनीक पश्चिम से आई. मोहन भागवत इस के विरोधी हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते कि औरतें, दलित, पिछड़े ही नहीं वैश्य और क्षत्रिय भी पढ़ें. स्वभाषा का सैद्धांतिक अधिकार तो केवल एक विशिष्ट जाति के लिए है न? इस का पाठ भी आज जम कर पढ़ाया जा रहा है स्वसंस्कृति के नाम पर.

स्वसंस्कृति का क्या अर्थ है? यही न कि औरतें घरों में रहें. विधवा होने पर सबकुछ त्याग दें. निपूति हों तो पति को हक हो कि दूसरा विवाह कर ले. यहां तो आज भी यह गाथा सुनाई जाती है कि कैसे एक पत्नी अपने कोढ़ी पति को वेश्या के पास खुशीखुशी ले जाती थी या दूसरी पति के शव को ढकने के लिए अपना अंतिम वस्त्र भी देती है, यह संस्कृति भी हम पर थोपी जाए.

हम किस मुंह से गौरव की बात करें? अगर 1956 में हिंदू विवाह व उत्तराधिकारी कानून नहीं बनते तोे गौरव का अर्थ होता औरतों को सौतनों को सहना और पति या पिता की संपत्ति में हिस्सा न मिलना.

संघ असल में हिंदूमुसलिम विवाद खड़ा कर के औरतों, शूद्रों, अछूतों को गुलाम बनाए रखना चाहता है. उस का कोई निर्णय या कार्यक्रम ऐसा नहीं है, जो हिंदू औरतों को निरंतर धार्मिक चक्रव्यूहों और सामाजिक बंधनों से मुक्ति दिलाए. तीन तलाक पर 3 करोड़ तालियां बजवाने में पीछे नहीं रहता पर हिंदू औरतों के उद्धार की सोचने की उस की इच्छा नहीं, क्योंकि मोहन भागवत के शब्दों में तो ‘परिवारों में संस्कारों का क्षरण हो चुका है’ और आज के परिवार ‘निष्ठा विरहित आचरण’ की समस्याओं से जू झ रहे हैं जबकि सच यह है कि आज की हिंदू औरतें सदियों पुरानी विरासत की गुलामी, दोयमदर्जे का व्यवहार सह रही हैं, क्योंकि वे हिंदू औरतें हैं, पश्चिमी देशों की औरतें नहीं हैं.

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शिक्षा के माध्यम से सरकार और कट्टरपंथी असल में औरतों को प्राचीन संस्कारिक ढांचे में ढालना चाहते हैं जब उन्हें मुंह खोलने की इजाजत न थी और उन की स्वर्ण मृग की इच्छा या मनचाहा पति चाहने पर महाकाव्य लिख डाले गए. उन्हें ही रामायण और महाभारत के युद्धों के लिए दोषी ठहराया गया.

आज ऐसी शिक्षा की जरूरत है कि वह जाति और जैंडर के भेदभाव को भुला कर बराबरी कैसे पाएं का रास्ता बताए. बराबरी होगी तो इज्जत होगी. बराबरी होगी तो जाति आड़े नहीं आएगी. बराबरी होगी तो छेड़खानी और बलात्कार नहीं होंगे, शिक्षा यह दे सकती है.

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