ये क्या मोहसीन को छोड़ एक-दूसरे के साथ डांस करती दिखीं पखुंडी और शिवानी, VIDEO वायरल

टीवी के पौपुलर एक्ट्रेस शिवांगी जोशी हाल ही में मोहसिन खान के बिना पार्टी करती नजर आईं थी, लेकिन इस बार वह अपनी को स्टार पंखुड़ी के साथ डांस करती नजर आई हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर शिवांगी की एक वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें वह को-स्टार पंखुड़ी संग डांस करती नजर आ रही हैं. आइए आपको दिखाते हैं शिवांगी की वायरल वीडियो…

नायरा के साथ डांस करती दिखीं वेदिका

सीरियल ये रिश्ता क्या कहलाता है कि वेदिका यानी पंखुड़ी अवस्थी ने सीरियल को अलविदा कह दिया है, जिसके चलते शो के सितारों ने पंखुड़ी को फेयरवेल पार्टी दी. वहीं पंखुरी ने शिवांगी जोशी के साथ जमकर मस्ती भी की है. दोनों ने खूब सारे मजेदार वीडियो बनाए और कई फोटो भी क्लिक की.

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पंखुड़ी ने कही ये बात

पंखुड़ी अवस्थी ने शो में उनके किरदार के बारे में कहा कि ये किरदार परमानेंट के लिए नहीं था. इसी के साथ ये भी कहा कि उनका किरदार सिर्फ तीन महीने के लिए ही था, लेकिन इसे 8 महीने तक खींचा गया. साथ ही शो में उनके सफर को लेकर कहा कि वह इस शो को अच्छे नोट पर छोड़ रही है और अब इस सीरियल के सभी कलाकार उनके लिए उनके परिवार जैसे ही है.

बौलीवुड फिल्म में आएंगी नजर

 

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With the setting winter sun!

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पंखुरी जल्द ही बौलीवुड के हिट एक्टर में से एक आयुष्मान खुराना की अपकमिंग फिल्म ‘शुभ मंगल ज्यादा सावधान’में नजर आने वाली हैं, जिसमें वह आयुष्मान के साथ रोमांस करती नजर आएंगी.

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बता दें, पंखुरी अपने सीरियल में वेदिका के किरदार के कारण काफी सुर्खियां बटोर चुकी हैं. वहीं फैंस भी लगातार इस किरदार को खत्म किए जाने की मांग भी कर रहे थे. इसी कारण शो में पंखुड़ी के किरदार को खत्म करने के लिए फैंस मेकर्स को कह रहे थे.

मुश्किल में जनता मजे में सरकार

भाजपा सरकार देश को हिंदूमुस्लिम मामलों में उल झाए रखना चाहती है ताकि उन की गरीबी, बेरोजगारी, गंदगी, बीमारी जैसे मामलों में कोई पूछताछ न करे. देश तो हमेशा से ही पंडोंपुजारियों के कहने पर चला है चाहे जमाना मुट्ठीभर मुगलों का हो या फ्रैंच, डच और अंगरेजों का. जो लोग घोड़ों पर बैठ कर पहाड़ी दर्रों से या लकड़ी की नावों में आए, भारत पर मजे से सैकड़ों साल राज करते रहे और आज की भी 80 फीसदी जनता का हाल वही है जो गुलामी में होता है.

नागरिकता का नया कानून या फिर राम मंदिर देश की हालत को किसी भी तरह से नहीं सुधारेगा. हो सकता है कि आगे इन मामलों को ले कर महल्लेमहल्ले में लड़ाई होने लगे. अब तक दलितों और पिछड़ों को मुसलमानों के खिलाफ खड़ा करना आसान था पर धीरेधीरे पिछड़ों को सम झ आ रहा है कि उन का तो इस्तेमाल किया जा रहा है और न नागरिकता कानून से न राम मंदिर से उन के खेतों की उपज बढ़ने वाली है और न ही नए कारखाने लगने वाले हैं.

भारत से अच्छा तो बंग्लादेश और श्रीलंका करते नजर आ रहे हैं जहां इस तरह के सवाल हैं पर वहां सरकारें आम लोगों को इन के भुलावे में नहीं रख रहीं. यहां तो सरकार 24 घंटों नागरिकता या धर्म का पिटारा खोले रखती है. भारत में रहने वाला हर जना भारतीय ही है. उसे कागज कुछ भी दो वह अपनी जगह बना लेगा, आज नहीं तो कल. लाखों नहीं करोड़ों भारतीय मूल के लोग विदेशों में बसे हैं और बाकी उस तरह के घुसपैठिए हैं जैसे नागरिकता कानून में बताया गया है पर उन्होंने अपनी जगह बना ली है और ज्यादातर दिल से आज भी हिंदुस्तानी बने हैं और अपनी पुरानी सोच के हिसाब से चल रहे हैं.केरल का मलयालम बोलने वाला मुसलमान, कर्नाटक का कन्नड़ बोलने वाला मुसलमान बंगला बोलने वाले मुसलमान से कैसे अलग है?

नागरिकता कानून बेबात में लाखों लोगों को धर्म के हिसाब से अपना इतिहास खोलने को मजबूर करेगा, जिस में जम कर रिश्वतखोरी होगी, पुलिस की मौज आएगी और लाखों घरों में दहशत फैलेगी. यह कानून गरीबों को और गरीब करेगा. जो देश गरीबी से कराह कर लंगड़ा चल रहा है सरकार खुद उस की टांगों पर रस्सियां बांध रही है.इन फैसलों की बारीकियां सम झना आसान नहीं, क्योंकि कानूनों को किस तरह लागू किया जाता है यह आज नहीं कहा जा सकता. कई बार कानून सो जाते हैं, कई बार भोपाल गैस कांड बन कर हजारों को लील जाते हैं. जब लड़ाई सुख और सुविधाएं पाने के लिए करनी चाहिए, सरकार गरीबों को उल झा कर कुछ का उल्लू सीधा कराने में लगी है.

सफलता और असफलता का रास्ता एक ही जैसा है

एक बार एक बुद्धिमान व्यक्ति ने लोगों को सिखाने के लिए कि ‘कैसे अपने जीवन में दुखों से छुटकारा पाया जाए’ एक सेमिनार  का आयोजन किया. उस बुद्धिमान व्यक्ति की बातें सुनने के लिए बहुत से लोग इकट्ठा हुए. उस आदमी ने कमरे में प्रवेश किया और भीड़ को एक चुटकुला सुनाया. सभी लोग उस चुटकुले पर बहुत हँसे.

एक-दो मिनट के बाद उस आदमी ने लोगों को फिर से वही चुटकुला सुनाया तो भीड़ में से कुछ ही लोग  उस चुटकुले को सुनकर मुस्कुराए.

जब उसने तीसरी बार वही चुटकुला सुनाया तो कोई भी नहीं हंसा.

बुद्धिमान व्यक्ति मुस्कुराया और उसने कहा, “जब आप एक ही मजाक पर बार-बार हँस नहीं सकते,तो आप अपनी असफलता के बारे में सोचकर बार-बार क्यों रोते रहते हैं? ”

असफलता जीवन की एक वास्तविकता है जिसका सामना सभी मनुष्यों को अपने जीवन में कभी न कभी, किसी न किसी रूप में  करना ही पड़ता है.  इससे कोई भाग नही सकता.

अलबर्ट आइंस्टीन ने कहा था कि “ यदि कोई व्यक्ति कभी असफल नहीं हुआ  इसका मतलब उसने अपने जीवन में कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की”

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अगर आप असफल नहीं होते इसका मतलब आप अपनी लाइफ में रिस्क लेने से डर रहे है. यह आपकी लाइफ का सबसे बड़ा रिस्क है की आप कोई रिस्क नहीं ले रहे है. कोई भी व्यक्ति इतिहास में grow नही किया है बिना रिस्क लिए, रिस्क तो आपको लेना ही पड़ेगा. आगे बढ़ें और चुनौतियों को स्वीकार करें. यदि आप कुछ बातों पर गहराई से विचार करें  तो आप आसानी से अपनी असफलता को सफलता में बदल सकते हैं:

1- अपनी असफलताओ से सीख लें

बात ये नहीं है की आप असफल हुए बात तो इसमें है की आपने अपनी असफलता से क्या सीखा. “थॉमस अल्वा एडिशन बचपन से हर प्रयोग में फेल हो रहे थे .9999 प्रयोग के बाद उन्होंने इलेक्ट्रिक बल्ब बनाया.वो हर प्रयोग के असफल होने के बाद ये नहीं सोचते थे की मैं  फेल हो गया  बल्कि सोचते थे कि आज इस असफलता से मैंने क्या सीखा .उन्होंने बात- चीत के  दौरान एक रिपोर्टर से कहा की ‘मैं 9999 तरीके सीख गया  हूँ जिनसे बल्ब नहीं बनता’”.

असफलता कोई समस्या नहीं है पर अपनी असफलताओं से सीख न लेना ये बहुत बड़ी समस्या है. किसी ने सच ही कहा है कि  “समस्या समस्या में नहीं है, समस्या को समस्या समझना एक बहुत बड़ी समस्या है”

2-अपनी असफलताओं के पीछे के कारण पर पर्दा न डालें

हम अक्सर अपनी असफलताओं को स्वीकार करने से डरते हैं और अपने आप को ही बहाने बनाकर समझाने लगते है कि मेरी असफलता मेरे कारण नही बल्कि दूसरों  के कारण है.

लोगों के पास ये बताने के बहुत से कारण है की मैं असफल क्यों हुआ. कुछ कहते है की मेरे पास पैसा नहीं था, कुछ कहते है की मेरे पास ताकत नहीं थी, कुछ कहते है की मेरे पास अवसर नहीं था , कुछ कहते है की मुझे मौका ही नहीं मिला. ठीक है भले ही आपके पास साधन नहीं है पर अगर आपके पास साधन जुटाने की क्षमता है तो आपको कोई नहीं रोक सकता.

अपनी असफलताओं के बहाने मत ढूंढे क्योंकि ये कुछ समय के लिए तो आपको तसल्ली दे सकते है पर आपको आपकी सफलता से कई कदम दूर भी कर सकते हैं. जिस क्षण आप अपनी असफलता को दिल से गले लगाते हैं और अपने व्यक्तिगत विकास के लिए इसके महत्व को समझते हैं, उसी क्षण आप सफलता की ओर पहली सीढ़ी पर कदम रखते है.

3- अपने आप से पूछे

सावधान रहें कि आप अपने आप से कैसे बात करते हैं, क्योंकि आप सुन रहे हैं. अपने आप से कभी ये मत पूछे  की मैं असफल क्यों हो जाता हूँ बल्कि ये पूछे की मैंने अपनी कौन-सी  ताकत का अब तक इस्तेमाल नहीं किया .अगर आप अपना पूरा फोकस कठिनाइयों पर रखोगे तो सफल होने की संभावनाए ख़त्म होती जाएँगी.

4-असफलता से न डरे

सफलता न मिलने का सबसे बड़ा कारण है कि आपका अपने किसी भी काम में असफल होने का डर होना. अगर एक बार अपने ये मान लिया किया कि आप ये नहीं कर सकते तो आप अपने पूरे  मन से प्रयत्न नही कर पाते और बार बार असफल होते हैं और फिर यही डर आपकी सोच पर हावी हो  जाता है.

कैंसर जैसी बीमारी तो एक बार ठीक भी हो सकती है पर आपकी सोच को कोई भी बाहरी व्यक्ति नहीं ठीक कर सकता .एक बात हमेशा याद रखिये असफल होने से आप और भी ज्यादा मजबूत बनते है और आपको आपका लक्ष्य और भी ज्यादा  साफ़ नज़र आता  है.

5 -अपना कोई एक लक्ष्य बनाए

अगर आपको सफलता पानी है तो आपको अपना कोई एक लक्ष्य निर्धारित करना होगा . अपने लक्ष्य पर जी जान लगाकर मेहनत करो.बहुत सारे काम  एक साथ करने की जरूरत नहीं है. वो करो जो सही है वो नहीं जो आसान है.

6 -अपनी willpower को बढ़ाए

अपनी willpower  को जगाइए  पर साथ ही साथ अपनी emotional feeling  को भी जगाइए,क्योंकि बिना emotional feeling के willpower अधूरी है.

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Willpower का मतलब है की ‘मुझे ये करना ही पड़ेगा’ और willpower के साथ emotional feeling का मतलब है ‘मुझे ये चाहिए ही चाहिए’ .जब किसी काम में आपकी emotional feeling जुड़ जाएगी तो वह काम आपके लिए बहुत आसान हो जायेगा .

7 -सफल व्यक्तियों की सफलताओं से नहीं असफलताओं से शिक्षा लें

अक्सर लोग अपनी तुलना दूसरों से करते है वो दूसरों की सफलताओं को देखकर सोचते हैं की क्या मैं इन जैसा सफल नहीं हो सकता? पर शायद वो ये नहीं जानते या नहीं जानना चाहते की एक सफल व्यक्ति ने भी ना जाने अपने जीवन में कितनी असफलताओं का सामना किया होगा.

भारत के पूर्व राष्ट्रपति और विश्व के महान वज्ञानिकों में से एक Dr. A.P.J. Abdul Kalam ने कहा था कि “अगर आपको अपने जीवन में तेज़ी से सफलता को हासिल करना है तो success stories मत पढ़िए उससे आपको सिर्फ motivation  ही मिलेगा .अगर पढना है तो failure stories पढ़िए क्योंकि उससे आपको आपके अन्दर की कमियों के बारे में पता चलेगा और आप ज्यादा अच्छे तरीके से अपनी कमियों को सुधार सकेंगे” .

याद रखे कि जितनी जल्दी हम अपनी असफलताओं को झटकना बंद कर देंगे,और उनसे सीखना शुरू कर देंगे  उतनी ही आसानी से हम अपनी सफलता की सीढ़ी चढ़ते जायेंगे.

‘Math के एक सवाल का एक ही उत्तर होता है पर जिंदगी के एक सवाल के बहुत सारे उत्तर होते है’.

शुभारंभ: रानी ने शादी में पहना 18 किलो का लहंगा

कलर्स के शो, ‘शुभारंभ’ में राजा और रानी की शादी हो गई है. इन दिनों शो में राजा-रानी की शादी की रस्मों के बीच राजा-रानी की नज़दीकियां भी बढ़ रही हैं. भले ही इस शादी में अड़चनों की कमी नहीं थी, लेकिन प्यार की भी कमी नही दिखी राजा-रानी के बीच. रानी एक बहुत ही खूबसूरत दुल्हन के रूप में नज़र आयी. आज हम बात करेंगे रानी के शादी के लुक की. शादी में रानी बेहद खूबसूरत घरचोला लहंगे में नज़र आयी, जिसमें रानी का लुक देखने लायक था. आइए आपको बताते हैं रानी के खूबसूरत लहंगे की खास बातें…

जोर्जेट और रेशमी कपड़ों से बना रानी का लहंगा

घरचोला दुल्हनों की एक खास गुजराती पोशाक है, जो उनकी संस्कृति में बहुत महत्व रखती है. गुजराती परिवार से ताल्लुक रखने वाली रानी का लहंगा भी सफेद और हरे रंग से बना था. लहंगा जोर्जेट और रेशमी कपड़ों से बना था, जिस पर हाथ की कढ़ाई की गई थी.

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72 घंटे में हुई लहंगे की कढ़ाई

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रानी के इस खूबसूरत लहंगे को बनने में 3 से 4 दिन का समय लगा. सबसे पहले लहंगे की 72 घंटे में कढ़ाई हुई, जिसके बाद दर्जी को 22 घंटे लहंगे में 48 कली का घेरा डालने में लगा. 16 मीटर लंबे घेरे होने के कारण इस लहंगे का वजन लगभग 18 किलो था, जो पोशाक की भव्यता को दर्शाता है. इस लहंगे को बनाने में 6 कारीगर और एक्सपर्ट लगे थे.

रानी की ज्वैलरी भी थी खूबसूरत 

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खूबसूरत लहंगे के साथ रानी ने हरे रत्नों से बना कुंदन का एक नक्काशीदार सेट पहना था, जो रानी की सुंदरता में चार चाँद लगा रहा था. रानी ने शादी में नेचुरल लुक रखा था, जिसमें वह बेहद प्यारी लग रही थी.

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शुभारंभ की कहानी गुजरात के एक छोटे से शहर, सिद्धपुर की है. अलग-अलग प्रतिभा रखने वाले राजा और रानी की किस्मत ऐसी जुड़ जाती है कि दोनों शादी के बंधन में बंध जाते हैं. अब देखना ये है कि शादी के बाद राजा-रानी की जिंदगी में कौनसा नया मोड़ आता है. जानने के लिए देखते रहिए शुभारंभ, सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे, सिर्फ कलर्स पर.

क्या टूटने वाला है एक और स्टार कपल का रिश्ता, 8 साल पहले हुई थी शादी

बौलीवुड हो या टीवी इंडस्ट्री इन रिश्ता टूटना आम बात हो गया है.  कोई अपने 10 साल पुराने रिश्ते तो कोई सालभर पुराने रिश्ते को तोड़ रहा है. हाल ही में एक्ट्रेस श्वेता बासु और रोहित मित्तल ने साल 2018 , 13 दिसंबर को शादी के बंधन में बंधे थे, जिसके बाद साल 2019 खत्म होते हुए खबर आई की दोनों अलग हो गए हैं. वहीं अब इन नामों में एक और सेलेब कपल का नाम जुड़ने जा रहा है. आइए आपको बताते हैं कौन है वो सेलेब्रिटी कपल…

स्टार कपल्स की लिस्ट में शामिल हो चुके हैं आमिर-संजीदा  

टीवी एक्ट्रेस संजीदा शेख और एक्टर आमिर अली स्टार कपल्स की लिस्ट में शुमार किए जाते हैं और दोनों की बौन्डिंग हमेशा ही लोगों को बेहद अच्छी लगी है. लेकिन इस बार दोनों के अलग होने की खबरें मीडिया में छाई हुई हैं.

 

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तलाक होने की कगार पर है आमिर-संजीदा का रिश्ता

 

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मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दोनों की शादीशुदा जिंदगी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. दोनों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और बात तलाक तक आ पहुंची है. दलअसल, खबर है कि दोनों एक दूसरे से अलग रहने लगे हैं और अपनी शादी में खुश नहीं है.

दोस्ती ने हुई थी रिश्ते की शुरुआत

 

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आमिर और संजीदा के रिश्ते की शुरुआत दोस्ती से हुई थी. संजीदा शेख ने एक इंटरव्यू के दौरान खुलासा किया था कि शुरुआत में दोनों दोस्त की तरह ही मिलते थे और घूमते-फिरते थे. जिसके बाद आमिर ने संजीदा को प्रपोज किया और दोनों शादी के बंधन में बंध गए.

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शादी को हो चुके हैं 8 साल

 

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बता दें,  आमिर अली और संजीदा शेख ने 8 साल पहले 2 मार्च 2012 में शादी की थी, जिसके बाद दोनों कई सीरियल्स में नजर आए. इसी के साथ दोनों पौपुलर रियलिटी शो नच बलिए में जोड़ी के रूप में नजर आए थे, जिसे फैंस ने काफी पसंद किया था.

तानाजी फिल्म रिव्यू: अजय देवगन और सैफ अली खान की शानदार एक्टिंग

रेटिंगः साढ़े तीन स्टार

निर्माताः अजय देवगन,भूषण कुमार और किशन कुमार

निर्देशकः ओम राउत

कलाकारः अजय देवगन,काजोल,सैफ अली खान व अन्य.

अवधिः दो घंटे 14 मिनट

मराठा साम्राज्य की शूरवीरता को भव्य अंदाज में दर्शाने वाली आशुतोष गोवारीकर की फिल्म ‘‘पानीपत’’ के बाद अब ओम राउत उसी साम्राज्य की शूरवीरता को दिखाने के लिए फिल्म ‘‘तानाजीःद अनसंग वॉरियर’’ लेकर आए हैं.यह कथा सत्रहवीं सदी की ‘बैटल आफ सिंहगढ़’’ के नाम से मशहूर मुगल शासक औरंगजेब के खिलाफ मराठा साम्राज्य के शासक छत्रपति शिवाजी महाराज का युद्ध है. इसमें कोंढाणा किले को मुगल साम्राज्य से छुड़कर स्वराज्य का भगवा लहराने वाले वीर तान्हा जी कथा है. अमूमन युद्ध के इर्द गिर्द घूमने वाली ऐतिहासिक फिल्में बोरियत से भरपूर होती हैं, मगर ‘‘तानाजीःद अनसंग वौरियर’’ एक ऐसी कमर्शियल मसाला फिल्म है, जिसमें मनोरंजन के सारे तत्व भव्य पैमाने पर मौजूद हैं.

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कहानीः

यह कहानी है इतिहास के सत्रहवीं सदी में सिंहगढ़ युद्ध के नाम से दर्ज युद्ध की, जब मुगल शासक औरंगजेब (ल्यूक केनी) पूरे भारत पर मुगलिया परचम  लहराने के लिए ‘फूट डालो राज करो’की नीति के तहत दक्षिण में मराठा साम्राज्य के खिलाफ लड़ने के लिए हिंदू योद्धाओं और हिंदू राज्यों के शासकों का साथ ले रहे थे. उधर दक्षिण (दक्खण)में शिवाजी महाराज (शरद केलकर) अपने स्वराज्य को लेकर ली गई कसम के प्रति कटिबद्ध है. 17वीं शताब्दी में शिवाजी महाराज का परममित्र और जांबाज योद्धा सुबेदार तानाजी मालसुरे (अजय देवगन) खेती करने के साथ साथ अपनी पत्नी सावित्रीबाई (काजोल) के साथ अपने बेटे की शादी की तैयारियों में व्यस्त हैं.वह इस बात से अनभिज्ञ हैं कि एक संधि के तहत शिवाजी महाराज कोंढाणा किले समेत 23 किले मुगलों के हवाले कर चुके हैं.जब औरंगजेब की सेना कोंढाणा किले पर कब्जा करने आती है, तब राजमाता जीजाबाई ने कसम खायी थी कि जब तक इस किले पर दोबारा भगवा नहीं लहराएगा, तब तक वह पादुका नहीं पहनेंगी और नंगे पैर ही रहेंगी.

खैर,मुगलिया शासक औरंगजेब की प्यास नहीं मिटी है. औरंगजेब अपने विश्वासपात्र और अति क्रूर हिंदू सैनिक उदयभानु सिंह राठौड़ (सैफ अली खान)को भारी भरकम सेना और नागिन नामक एक बड़ी तोप के साथ कोंढाणा किले की ओर कूच करने का आदेश देते हुए मराठा साम्राज्य को खात्मा करने की बात कहता है.

शिवाजी महाराज अपने बहादुर और प्यारे दोस्त तानाजी के बेटे की शादी में व्यवधान न पड़े, इसलिए वह उदयभान सिह से युद्ध की त्रासदी में तानाजी को शामिल नहीं करना चाहते.पर जब तानाजी अपने बेटे की शादी का निमंत्रण शिवाजी महाराज को देने आते हैं,तो तान्हाजी को पता चल जाता है कि स्वराज्य और शिवाजी महाराज खतरे में हैं. ऐसे में वह बेटे की शादी की से पहले उदयभानु का सर कलम कर कोंढाणा किले पर भगवा फहराने के लिए निकल पड़ते हैं.

इस कहानी के ही बीच एक उपकहानी यह है कि क्रूर व जांबाज उदयभानु अपने पहले प्यार यानी कि विधवा राजकुमारी कमला (नेहा शर्मा)को उठा लाए हैं और उन्हें अपनी रानी बनाने पर अड़े हुए हैं. इसलिए कमला का भाई तानाजी का साथ देने को तैयार है, जिससे वह अपनी बहन को उदयभानु के चंगुल से बचा सके. उदयभानु सिंह के साथ युद्ध में तानाजी को विश्वासघात भी मिलता है.पर अंतिम परिणाम क्या होता है, क्या सूबेदार तानाजी मालुसरे (अजय देवगन) देश के लिए स्वतंत्रता अर्जित करने के अपने पिता के कर्ज को उतारते हैं. इसके लिए फिल्म देखना उचित रहेगा.

लेखन व निर्देशनः

‘लोकमान्यःएक युग पुरुष’ जैसी ऐतिहासिक फिल्म का लेखन व निर्देशन कर पुरस्कार हासिल कर चुके ओम राउत की यह दूसरी ऐतिहासिक फिल्म है, जिसे वह अतिभव्यता के साथ पेश करने में सफल रहे हैं. मगर पटकथा के स्तर पर इंटरवल से पहले वह थोड़ा सा मात खा गए.इंटरवल तक वह सिर्फ ‘सिंहगढ़ युद्ध’की आधारशिला ही रख पाए. इंटरवल के बाद फिल्म ज्यादा तेज गति से बढती है. फिल्म का क्लायमेक्स दर्शकों के अंदर एक जोश भरता है. लेखकद्वय प्रकाश कापड़िया व ओम राउत की तरफ से फिल्म की शुरूआत में ही घोषणा कर दी गयी है कि उन्होने पटकथा लेखन के दौरान सिनेमाई स्वतंत्रता ली है, इसलिए इसे इतिहास की कसौटी पर कसने की जरुरत नही रह जाती.

इस थ्री डी फिल्म में इतिहास के सत्रहवीं सदी के महत्वपूर्ण अध्याय की इस कहानी में जांबाजी, रोमांस, थ्रिल, विश्वासघात सहित सारे तत्व विद्यमान हैं.सबसे बड़ी संतोषजनक बात यह है कि फिल्म के युद्ध दृश्यों में जिस तरह की भयानक गलती फिल्म ‘पानीपत’में निर्देशक आशुतोष गोवारीकर ने की थी,वह ओम राउत ने अपनी फिल्म ‘‘तानाजीः द अनसंग वॉरियर’’ में नही की है. इसके लिए ओम राउत बधाई के पात्र हैं. ज्ञातब्य है कि ‘पानीपत’और‘तानाजीःद अनसंग वॉरियर’का कालखंड एक ही है.

फिल्म का वीएफएक्स शानदार है. फिल्म की कमजोर कड़ी इसके गीत हैं,जो कि फिल्म की गति को प्रभावित करते हैं.जबकि फिल्म का पाश्र्वसंगीत काफी बेहतर है.

फिल्म के एक्शन दृश्य सत्रहवीं सदी और मराठा शूरवीरों की छापामार युद्ध कौशल का अहसास दिलाते हैं. इसके लिए जर्मनी के एक्शन निर्देशक रमजान बुलट बधाई के पात्र हैं.

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अभिनयः    

वीर योद्धा सुबेदार तान्हा जी के किरदार को संगत तरीके से निभाने में अजय देवगन सफल रहे हैं. स्वराज्य के लिए मर मिटने वाला इमोशन भी उनके चरित्र को खास बनाता है. काजोल के साथ उनकी केमिस्ट्री भी परदे पर अच्छी बनी है. काजोल का अभिनय काफी सधा हुआ है. उदयभानु सिंह के किरदार में सैफ अली खान ने शानदार अभिनय किया है. युद्ध के दृश्यों में सैफ अली खान ने अजय देवगन को भी पछाड़ दिया है. उदयभानु की बर्बरता को जिस खूबसूरती से अपने अभिनय से सैफ अली खान ने परदे पर उकेरा है, वह बिरले कलाकारों के ही वश की बात है. शिवाजी के किरदार में बौडी लैंगवेज व भाव-भंगिमा से शरद केलकर बेहतर अभिनय कर दिखाया. अन्य कलाकार भी अपनी अपनी जगह ठीक हैं.

शादी के सीजन में ट्राय करें ये 3 लेटेस्ट ब्राइडल हेयर स्टाइल

वैसे तो खुले बाल हर प्रकार के परिधान के साथ मैच करते हैं, लेकिन किसी को ग्रीट और सैलिब्रेशन करते वक्त खुले बाल अच्छे नहीं लगते. ऐसे में इन मौकों पर अपनाएं ये हेयरस्टाइल:

1. कौंबर करंट

सब से पहले बालों को ले कर पूरे सिर पर बड़ेबड़े टोंग बना लें. फिर इन्हें खोल कर 2 भागों में जिगजैग पोजीशन में कर लें और दोनों सिरों से बालों को ले कर चोटी गूंथती जाएं. थोड़े बालों की लड़ी को चेहरे पर छोड़ दें. अंत में दोनों चोटियों को एकसाथ मिला कर टक कर दें और हेयर स्पे्र से सैट कर लें. इस के बाद चोटियों पर ऐक्सैसरीज और फूलों की सजावट कर सकती हैं.

वैडिंग में सब से अलग दिखना सब को पसंद होता है. इस मौके पर महिलाएं मेकअप और कपड़ों के चयन पर ही ध्यान नहीं देतीं वरन हेयरस्टाइल भी कुछ हट कर बनाना चाहती हैं. इस बारे में स्ट्रिक्स प्रोफैशनल के ऐक्सपर्ट एग्नेस चेन कहते हैं कि वैडिंग के अलगअलग अवसरों पर दुलहनें ऐथनिक ड्रैस ही पहनती हैं. ऐसे में उन का हेयरस्टाइल भी वैसा ही होना चाहिए, जो उन के परिधान के साथ सूट करे.

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2. पर्शियन वैवलेट

बालों के रूट्स पर मूस लगाएं. सभी बालों को समेट कर टोंग बना लें. ऐसा पूरे सिर के ऊपर कर लें. थोड़ी देर बाद बालों को छोड़ दें. वे कर्ली हो जाएंगे. इस के बाद बैक कौंब कर सिर के ऊपरी भाग में क्राउन की तरह बनाएं. फिर हर सैक्शन को ट्विस्ट कर नौट बना कर पिन करें. इसे फिक्स करने के लिए ऊपर से हेयर स्पे्र करें.

3. कारमाइन क्रौस बन

एक से दूसरे कान तक सैक्शन बना कर पीछे एक पोनीटेल बनाएं. इसे ट्विस्ट कर लो बन बना लें. आसपास के बालों को ले कर बन के पास पिन कर लें. इस के अलावा हर हेयर सैक्शन की नौट बना कर बन के पास पिन करें. स्टाइल को फिक्स करने के लिए स्प्रे का प्रयोग करें.

स्टाइलिश लुक देने से पहले

बालों को स्टाइलिश लुक देने से पहले उन्हें तैयार करना जरूरी होता है ताकि उन्हें सही तरह से मैनेज किया जा सके. इस बारे में स्ट्रिक्स के टैक्निकल हैड समीर हमदारे के 5 टिप्स पेश हैं:

– सप्ताह में 1 बार बालों को स्पा या कंडीशनिंग अवश्य करा लें. इस से डल हेयर की समस्या दूर हो जाती है.

– बालों को धोने के बाद सीरम का प्रयोग गीले और सूखे बालों में करें. इस से बालों की चमक अधिक बढ़ जाती है.

– कुनकुने तेल से हेयर मसाज अवश्य कर लें ताकि बालों का ब्लड सर्कुलेशन, डीप कंडीशनिंग आदि अच्छी तरह हों.

– फ्रैश हेयर कट करा लें ताकि बाल शेप में दिखें.

– सल्फेट फ्री शैंपू और कंडीशनर का प्रयोग सप्ताह में 2 बार करें.

– मनचाहा हेयर लुक पाने के लिए बालों का

स्वस्थ और चमकदार होना बेहद जरूरी है. इस के लिए 1 महीना पहले से ही हेयरकेयर शुरू करें. किसी हेयर ऐक्सपर्ट की मदद लेना न भूलें.

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– सर्द मौसम में स्कैल्प रूखी हो जाती है, जिस से हैवी हेयरस्टाइल में कंफर्टेबल महसूस नहीं होता. उस में बारबार खुजली होने से इरिटेशन होती है. इसलिए स्कैल्प ट्रीटमैंट जरूर लें.

सैलरी के बारे में क्या और कैसे पूछें

किसी नौकरी के लिए दिए जाने वाले इंटरव्यू में जब एंप्लौयर जौब चाहने वाले से पूछता है कि सैलरी को ले कर आप की क्या रिक्वायरमैंट है, तो यह पल ज्यादातर उम्मीदवारों के लिए  बहुत तनावपूर्ण होता है. लेकिन याद रखिए कामयाबी के लिहाज से यह बहुत महत्त्वपूर्ण पल होता है, क्योंकि आप की सैलरी एक तो आप कितने काम के हैं यह बताती है, साथ ही यह भी इशारा करती है कि आप भविष्य में कहां तक जा सकते हैं. यही वजह है कि कोई और चाहे आप खुद भी अपनेआप से यही उम्मीद करते हैं कि इंटरव्यू के दौरान सैलरी पर डिस्कशन को अच्छे से हैंडल करें. मगर सवाल है कैसे करें? कौर्पोरेट जगत में इस संबंध में कई ऐसे सटीक फौर्मूले हैं जिन से आप बेहतर स्थिति में रह सकते हैं, आइए इन्हें जानें.

1. आत्मविश्वास से रहें भरपूर

इंटरव्यू भी एक किस्म की जंग ही होती है. इसलिए जंग के बेसिक नियम इस पर भी लागू होते हैं जिस में से पहला यह है कि

जब भी आप अपनी सैलरी की बात करें आत्मविश्वास से भरपूर दिखें. आप की जबान स्पष्ट हो. हावभाव में सकारात्मकता टपक रही हो. सामने वाले को लगे कि आप इस से कम में शायद काम न करें. इसलिए वह आकर्षक फिगर खुद ही अपनी तरफ से कोट कर दे.

यह सब तभी संभव है जब आप वाकई आत्मविश्वास से भरपूर दिखेंगे. अगर आप की जबान मिमियाती हुई होगी, कंधे ढुलके होंगे और आंखों से चमक गायब होगी तो आप को आप की पसंद की सैलरी भला कौन देगा.

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2. घर से होमवर्क कर के जाएं

जब फाइनल इंटरव्यू के लिए जा रहे हों तो सैलरी कितनी मांगनी है और क्यों मांगनी है, इन दोनों सवालों की तैयारी कर के जाएं. क्योंकि मान कर चलिए कि फाइनल इंटरव्यू के दौरान इन सवालों से टकराना ही पड़ेगा भले चाहे नौकरी मिले या न मिले.

रिसर्च से मतलब यह है कि जिस जौब के लिए अप्लाई किया है, उस के लिए इंडस्ट्री में कितनी सैलरी दी जा रही है इस का आप के पास एक ठोस आकलन हो. चाहे तो कुछ दोस्तों व परिजनों की मदद ले सकते हैं. अगर ऐसी मदद देने वाला कोई संपर्क में न हो तो इन दिनों तमाम वैबसाइटें यह काम करती हैं. उन की भी मदद ले सकते हैं. इन वैबसाइटों में कुछ चुनिंदा कंपनियों का सैलरी चार्ट होता है. सैलरी डौट कौम, पेस्केल डौट कौम ऐसी ही कुछ वैबसाइटें हैं. वास्तव में वेतन संबंधी आप की कोई मांग तभी विश्वसनीय लगती है जब वह मार्केट के अनुरूप हो.

3. लचीले भी रहें

यह तो तय है कि अपनी सैलरी के लिए आप के पास एक न्यूनतम सीमा होनी चाहिए. एक फिगर होनी चाहिए जिस के नीचे आप न जाएं. लेकिन सैलरी के मामले में कोट की गई पहली ही फिगर को पत्थर की इमारत न बनाएं. थोड़े लचीले तो रहें ही. इसलिए जो पहला अमाउंट कोट करें उसे अपनी वास्तविक उम्मीद से थोड़ा ज्यादा करें. क्योंकि यह आम मनोविज्ञान है कि आप की पहली डिमांड पर एम्प्लौयर राजी नहीं होता. इसलिए मन में तय रखें कि इस सैलरी में आप कंफर्टेबल रह सकते हैं.

4. जल्दबाजी न करें

यह तो तय है कि फाइनल इंटरव्यू में कहीं न कहीं सैलरी डिस्कशन होना ही है. लेकिन इस का मतलब यह नहीं है कि आप इंटरव्यू शुरू होते ही असल मुद्दे पर आ जाएं. यहीं नहीं, अगर एम्प्लौयर भी शुरूआत में ही सैलरी का मुद्दा ले आए तो कोशिश करिए कि थोड़ी देर तक टालें. इस के लिए पहले एक ठोस माहौल बना लीजिए. यह भी कोशिश करें कि सैलरी टौपिक को खुद ही न छेड़ें. पहले इंटरव्यूअर से अपने काम और जिम्मेदारी की ठोस जानकारी पाने की कोशिश करें. अपनी पोजीशन को भी स्पष्ट कर लें. लेकिन इन जानकारियों का मतलब यह भी नहीं है कि एम्प्लौयर का इंटरव्यू ही लेने लगें.

5. प्राथमिकता स्पष्ट हो

किसी और से नहीं बल्कि खुद से इंटरव्यू में जाने से पहले एक बार एक सवाल करें कि आप की प्राथमिकता ज्यादा सैलरी होनी चाहिए या ज्यादा बेहतर ओहदा. कुछ लोग पोजीशन और काम करने के माहौल को तरजीह देते हैं तो कुछ लोग सैलरी को. आप को अपनी प्राथमिकता खुद तय करनी है.

6. भूल कर भी यह बातें न करें

अगर सैलरी नैगोसिएशन में कुछ बातें आप की पोजीशन को बेहतर करती हैं तो कुछ बिगाड़ती हैं, विशेषकर एम्प्लौयर से सहानुभूति या दया की चाह. इसलिए जिस तरह सैलरी डिस्कशन के समय जहां कुछ बातें कहनी जरूरी होती हैं, वहीं कुछ बातें न कहनी भी जरूरी होती हैं, मसलन-

7. मम्मीपापा बीमार रहते हैं

याद रखिए आप के मम्मीपापा, आप के एम्प्लौयर के मम्मीपापा नहीं हैं, इसलिए उन की बीमारी से उन्हें कोई सहानुभूति नहीं हो सकती. तो, सैलरी ज्यादा मांगने की कभी यह वजह न गिनाना वरना ज्यादा तो छोडि़ए आप को ड्रौप भी किया जा सकता है कि यह श्रवण कुमार तो अपने मम्मीपापा में ही उल झा रहेगा.

8. मेरी शादी होने वाली है

तो एम्प्लौयर क्या करे? इस बात को गांठ बांध लीजिए कि आप के परेशान होने से किसी को कुछ फर्क नहीं पड़ता. उलटे अगर आप परेशान फैलो लगेंगे तो आप को नौकरी देने के बारे में ही कई बार सोचा जाएगा. इसलिए सैलरी डिस्कशन के दौरान पर्सनल परेशानियां न सुनाएं, उन से किसी को लेनादेना नहीं है. आप की दुखभरी कहानी सुन कर इंटरव्यू लेने वाले का दिल पसीज जाएगा, ऐसे परसैप्शन से जितना बचें उतना बेहतर है. सब से अच्छा है कि इंटरव्यू के दौरान पर्सनल बातें करने से बचें.

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9. बारबार सौरी की जरूरत नहीं

सैलरी डिस्कशन कोई गुनाह नहीं है, इसलिए इस में सौरी शब्द को कतई बीच में न लाएं. आप अपने पैसों के बारे में बात कर रहे हैं और यह आप का अधिकार है.

10. ये बातें भी नहीं

कभी भी इंटरव्यूअर से यह न कहिए कि मेरे पास ज्यादा सैलरी का दूसरा औफर भी है. एक पल में गच्चा खा सकते हैं. अरे, जब है तो यहां क्यों मगजमारी कर रहे हो? ऐसे  झूठे दावों से सामने वाले को गुस्सा भी आ सकता है. वह मन बना रहा हो तो भी मना कर सकता है. यह भी किसी से मत कहिए कि बहुत दिनों से मु झे सैलरी हाइक नहीं मिली. नहीं मिली तो कहीं ऐसा तो नहीं कि आप इस के लायक ही न हों? याद रखिए, एम्प्लौयर इस तरह से भी सोच सकता है.

 

यह कुटिल चाल है

छोटे रेस्तराओं और छोटे हलवाइयों का बिजनैस चौपट कर के एकछत्र राज कायम करने की तरकीब में फूड डिलिवरी प्लैटफौर्म स्वीगी और जोमैटो कोई सेवा नहीं कर रहे. यह एक कुटिल चाल है. पहले लोगों को समय पर खाना पहुंचा कर कैशबैक का औफर दे कर घर बैठे गरमगरम खाना भिजवा कर वह भी सस्ते में इन छोटे रेस्तराओं और हलवाइयों का दिवाला निकलवाया जाएगा और फिर टैलीकौम सेवाओं की तरह दाम बढ़ा दिए जाएंगे.

स्वीगी को 2018-19 में ₹2,364 करोड़ का घाटा हुआ और जोमैटो को ₹2,026 करोड़ का. यह भुगतान वे विदेशी कंपनियां कर रही हैं जो घरों पर कब्जा करने के लिए, लोगों के खाने में बदलाव लाने के लिए नए सिरे से टेस्ट बड तैयार करने के लिए सस्ते में सुलभ खाना दे रही हैं.

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स्वीगी आज देश के 500 शहरों में खाना सप्लाई करती है. 1 साल में 50 करोड़ और्डर लेती है. कौन सा रेस्तरां और हलवाई इस तरह के टैंकों की फौज का मुकाबला कर सकता है? हर रेस्तरां, हर हलवाई, हर घरेलू खाना बनाने वाली को कब्जे में ले कर, उन पर अपनी शर्तें थोप कर एक तरफ वे उन्हें लूटेंगी और जब कंपीटिशन नहीं रहेगा तो ग्राहकों को लूटेंगी.

बैंकों ने कै्रडिट कार्डों में यही किया है. पहले बड़े लुभावने विज्ञापन दिए कि क्रैडिट कार्ड के फायदे ही फायदे हैं. करोड़ों ने क्रैडिट कार्ड ले लिए, अब उन्होंने सरकार को भी फांस लिया जिस ने भुगतान क्रैडिट कार्ड से ही जबरदस्ती कराना शुरू कर दिया. एक बार क्रैडिट कार्ड की आदत पड़ी नहीं कि उन्होंने शर्तें थोपनी शुरू कर देती हैं. ₹10 कम रह जाएं तो ₹50 रुपए का जुरमाना वसूल कर लेती हैं क्रैडिट कार्ड कंपनियां.

इसी तरह स्वीगी और जोमैटो कंपनियां अब ग्राहकों को मजबूर करेंगी कि उन का बेस्वाद, ठंडा, न जाने कहां का बना खाना खाओ जो सस्ता पड़े पर शानदार पैकिंग में हो. वे सप्लायर्स का पैसा दबा लेंगी. डिलिवरी बौयज को कहेंगी कुछ देंगी कुछ. धुआंधार प्रचार का मारा ग्राहक कल को यही कहेगा कि भई खाना तो स्वीगी और जोमैटो का ही अच्छा है जैसे वह कीचड़ भरे गंगा के पानी में डुबकी लगाने के बाद कहता है कि उस के 3 जन्मों के पाप तर गए. यह दिमागी दीवालिएपन का एक नमूना है. पहले धर्म के दुकानदार ही बेवकूफ बनाते थे अब और बहुत से आ गए हैं जो तर्क और आदमी के अपने जजमैंट को पूरी तरह किल कर देते हैं.

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Winter Wedding में ऐसे करें आई मेकअप और पाएं परफेक्ट लुक

इन आंखों की मस्ती के … ये गाना तो आपने सुना ही होगा, आंखों की खूबसूरती पर ऐसे कई गाने और शायरियां लिखी जा चुकी हैं. आंखों की इसी खूबसूरती को बढ़ाने का काम करती हैं सुन्दर, लंबे व घने बालों वाली पलकें और मेकअप. तो अब आगे आने वाले मौसम में कैसे करें मेकअप कि आंखें बोल उठें , जानते हैं आंखों के मेकअप के लिए  खास टिप्स से –

आई प्राइमर

अगर आई मेकअप करने के बाद वह कुछ ही घंटों में फैलने लगे तो पूरा लुक खराब हो जाता है. ऐसे में आई प्राइमर का रोल अहम हो जाता है. चेहरे पर सब से पहले आई मेकअप करें. आई मेकअप का बेस भी चुन कर लगाएं ताकि आप की आईशैडोज का लुक निखर आए. सब से अधिक परेशानी तैलीय पलकों वाली महिलाओं को होती है. आप बीबी व सीसी क्रीम और अपनी पसंद के कंसीलर को मिला कर आईबेस क्रीम तैयार कर सकती हैं, इस के बाद लूज पाउडर से इसे सैट करें ताकि पलकें तैलीय न रह जाएं.

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कंसीलर

एक गलत धारणा है कि अगर आंखों के नीचे काले घेरे या दागधब्बे न हों तो कंसीलर की जरूरत ही न पड़े, लेकिन ऐसा नहीं है. हलके मेकअप में लाइट कवरेज कंसीलर का प्रयोग करें.

कलर करैक्टर का अहम रोल है. जब भी खुद मेकअप करने की बात आती है, तो अपनी अंडर टोन स्किन की पहचान करें, जिस में 3 विकल्प हैं- यलो अंडरटोन, औरेंज अंडरटोन व ब्लू अंडरटोन. स्किन अंडरटोन की पहचान के बाद अच्छा करैक्टर खरीदें. इस के बाद कंसीलर लगाएं और लूज पाउडर सैट करें.

आईशैडो

आईशैडो का लुक तभी निखर कर आता है जब इसे अच्छी तरह ब्लैंड किया जाए. मेकअप आर्टिस्ट बेहद खूबसूरती से आईशैडो को ब्लैंड करती है. अगर आप खुद मेकअप करने जा रही हैं, तो ब्लैंडिंग पर खास ध्यान दें. आईशैडो में एक रंग का चुनाव या 2 रंगों का चुनाव कर रही हैं यह अहम नहीं है. ब्लैंड के दौरान इस बात का ध्यान रखें कि यह अच्छी तरह मिक्स हो जाए. आईशैडो भी कई विकल्पों में मौजूद हैं- जैसेकि पाउडर बेस आईशैडो, क्रीम बेस आईशैडो.

पाउडर आईशैडो

यह लगाने में आसान होता है और इसे लगाने में रंग भी खूब निखर कर आता है. मैट, साटन, शिमर, पर्ली, ग्लिटरी ये सभी आईशैडो अपने लुक व ड्रैस के अनुसार लगा सकती हैं. स्मोकी आई के लिए डार्क आईशैडो चुन सकती हैं. आईब्रोज हाईलाइट करने के लिए शिमर आईशैडो का प्रयोग करें. साटन व मैट आईशैडो अधिकतम क्रीज पर प्रयोग किया जाता है. नैचुरल लुक के लिए हलके ब्राउन शेड का प्रयोग करें.

आई मेकअप ब्रश

मेकअप मार्केट में कई तरह के मेकअप ब्रश मौजूद हैं. फ्लैट ऐप्लिकेटर ब्रश का प्रयोग आईशैडो को पलकों पर लगाने के लिए किया जाता है. इस की जगह आप फिंगर टिप का भी प्रयोग कर सकती हैं. पैंसिल ब्रश का प्रयोग ऊपरी व निचली लैशलाइन पर आईशैडो लगाने के लिए और आंखों के किनारों को हाईलाइट करने के लिए किया जाता है. ब्लैंडिंग ब्रश से आप क्रीज पर आईशैडो को मिक्स करती हैं. यह ब्रश सभी के लिए काफी कारगर रहता है. फ्लैट ऐंगल ब्रश भी एक खास तरह का ब्लैंडिंग ब्रश है जो किनारों व ब्रो बोन को उभारने में प्रयोग में लाया जाता है.

आईलाइनर

आजकल बाजार में कई तरह के आईलाइनर उपलब्ध हैं. इन में सब से ज्यादा चलन में लिक्विड ब्लैक आईलाइनर है. लेकिन वाटरप्रूफ आईलाइनर को अपने मेकअप बौक्स में शामिल करें. पैंसिल आईलाइनर लगाने में काफी आसान है.

आप इसे आईशैडो की तरह भी इस्तेमाल कर सकती हैं. लेकिन शार्प लुक के लिए पैंसिल को शार्प रखें. कैटआईज के लिए पैन आईलाइनर का प्रयोग करें. अगर जल्दी में हैं तो पैन आईलाइनर आप के लिए सब से अच्छा विकल्प है.

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काजल

काजल के बिना मेकअप पूरा नहीं होगा. आई मेकअप में काजल की अहम जगह है. अगर आंखें थकी व हैवी हैं, तो काजल लगाते ही यह कमी भी छिप जाती है.

ब्लू, ग्रे, ग्रीन, ब्लैक जैसे कई रंगों में काजल बाजार में मौजूद है. काली व भूरी आंखों पर हरे रंग का काजल लगाया जा सकता है. ग्रीन रंग की आंखों पर बैंगनी, हलका भूरा, नीला, ग्रीन आदि रंग फबते हैं. नीली आंखों पर नीले रंग का काजल लगाने से बचें. काला, ग्रे, वायलेट आदि रंगों से नीली आंखों की सुंदरता और निखर कर आएगी.

आईब्रोज

चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के लिए आईब्रो कलर पर खास ध्यान दें. आईब्रो कलर से आप चेहरे को आकर्षक बना सकती हैं. शेप देने के लिए ब्राउन पैंसिल का इस्तेमाल करें. आईब्रो कलर चुनने से पहले अपने बालों व स्किन टोन का ध्यान रखें. ये नैचुरल दिखने चाहिए.

पलकें

जब भी मसकारा लगाएं अपनी पलकों को कर्ल करना न भूलें. यह आप की पलकों को आकर्षक अंदाज देगा.

 बातचीत पर आधारित —इस्मत रजा़, ब्यूटी एक्सपर्ट ,ग्लैम मेकओवर नई दिल्ली.

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