जाह्नवी और ईशान के रिश्ते के लिए भाई शाहिद ने दी ये टिप्स

बौलीवुड के स्टार किड्स में से एक एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर और एक्टर ईशान खट्टर इन दिनों अपने रिलेशनशिप को लेकर सुर्खियों में हैं, जिस पर दोनों एक्टर्स ने तो कोई खुलासा नही किया है, लेकिन ईशान खट्टर के भाई यानी एक्टर शाहिद कपूर ने दोनों के रिश्ते को लेकर एडवाइस दी है. आइए आपको बताते हैं क्या एडवाइस दी हैं शाहिद ने भाई ईशान को…

इंटरव्यू में खोले दिल के राज

एक्टर शाहिद ने हाल ही में नो फिल्टर नेहा सीजन 4 में हिस्सा लिया है. इस दौरान बौलीवुड स्टार और नामी एंकर एंड मौडल नेहा धूपिया के साथ एक्टर शाहिद कपूर ने दिल खोलकर कई बातें की है, जिसमें भाई के रिलेशनशिप के टौपिक पर भी बोला.

 

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भाई के रिलेशनशिप पर कही ये बात

इसी दौरान एक्टर शाहिद से जब उनके भाई ईशान खट्टर और जाह्ववी कपूर के रयूमर्ड रिलेशनशिप को लेकर सवाल किया गया कि वो ईशान को और जाह्नवी कपूर संग रिश्ते पर क्या सलाह देना चाहेंगे तो एक्टर ने बेहद सटीक जवाब दिया. शाहिद कपूर ने कहा, ‘बैलेंस वर्क एंड पर्सनल स्पेस’ यानी की अपनी निजी जिंदगी और काम के बीच सही संतुलन बनाएं.

अक्सर साथ आते हैं दोनों नजर

ईशान खट्टर के परिवार और शाहिद कपूर के घर पर भी जाह्लनी कपूर कई बार स्पौट की गई हैं. शाहिद कपूर के घर पर जाह्नवी अक्सर फैमिली फंक्शन में मौजूद रहती है. वहीं, मीरा राजपूत और जाह्नवी कपूर का एक साथ जिम करना भी सुर्खियों में रहता है.

बता दें कि ईशान खट्टर और जाह्नवी कपूर एक साथ फिल्म धड़क से डेब्यू किया था, जिसके बाद ब्लौकबस्टर मराठी फिल्म सैराठ की हिंदी रीमेक में इन दोनों की केमिस्ट्री औडियंस को खूब पसंद आई थी.

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मलाइका के बर्थडे पर अर्जुन ने पहली बार शेयर की रोमांटिक फोटो तो फैंस ने कही ये बात

बौलीवुड की हौट एक्ट्रेसेस में से एक मलाइका अरोड़ा ने बीती रात यानी 23 अक्टूबर को अपना 46वां बर्थडे सेलिब्रेट किया, जिसमें न सिर्फ उनके दोस्त बल्कि बौयफ्रेंड अर्जुन कपूर भी नजर आए. मलाइका के बर्थडे की खास बात ये रही कि बौयफ्रेंड अर्जुन कपूर ने अपने सोशल मीडिया पर रोमेंटिक अंदाज में विश किया. आइए आपको बताते हैं अर्जुन ने कैसे किया मलाइका को विश….

मलाइका के बर्थडे पर अर्जुन ने पहली बार शेयर की रोमांटिक फोटो

अर्जुन कपूर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपने वेकेशन की रोमेंटिंक फोटो पहली बार शेयर की, जिसमें वह मलाइका को किस करते नजर आ रहे हैं. वहीं फोटो के साथ एक दिल वाला इमोजी भी शेयर किया.

 

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फैंस ने कही ये बात

अर्जुन ने इस फोटो को सोशल मीडिया पर 50 हजार से ज्यादा लाइक्स मिल चुके है. फैंस भी तरह तरह के कमेंट्स करने में लगे हुए है. किसी का कहना है कि दोनों की जोड़ी कमाल की है तो वहीं एक यूजर ने अर्जुन और मलाइका को भईया-भाभी कह दिया है.

malaika

दोस्तों के साथ ऐसे किया बर्थडे सेलिब्रेट


मलाइका ने अपना बर्थडे सेलिब्रेशन बौयफ्रेंड अर्जुन कपूर के अलावा करीना कपूर, करिश्मा कपूर, अनन्या पांडे, तारा सुतारिया से लेकर कई बौलीवुड सेलेब्स के साथ मनाया. सोशल मीडिया पर इस बर्थडे पार्टी की फोटोज खूब वायरल हो रही हैं.

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बता दें, कुछ महीनों पहले मलाइका ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी और अर्जुन की एक फोटो शेयर की थी, जिसमें उन्होंने अपने रिश्ते का ऐलान किया था, जिसके बाद से कईं बार दोनों की शादी की खबरें भी आ चुकी हैं. यहां तक की दोनों ने अपनी शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं ये भी कहा गया था, लेकिन अभी मलाइका और अर्जुन की तरफ से इस बारे में कोई जानकारी नही है. अब देखना है कि क्या दोनों इस साल शादी करेंगे या नहीं.

मेड इन चाइना फिल्म रिव्यू: लेखक व निर्देशक की विफलता का परिणाम

रेटिंगःदो स्टार

निर्देशकः मिखिल मुसाले

कलाकारः राज कुमार राव,मौनी रौय, गजराज राव,बोमन ईरानी, परेश रावल,सुमित व्यास व अन्य.

अवधिः दो घंटे नौ मिनट

परिंदा जोशी के उपन्यास ‘‘मेड इन चाइना’’ पर इसी नाम की फिल्म ‘‘मेड इन चाइना’’ लेकर आए हैं, जो कि एक गुजराती बिजनेसमैन की कहानी है.  मगर इसमें टैबू समझ जाने वाले सेक्स के विषय का मिश्रण कर चूंचूं का मुरब्बा बना डाला.  फिल्मकार ने उपन्यास का बंटाधार कर डाला. .

कहानीः

फिल्म की कहानी अहमदाबाद के एक गुजराती व्यापारी परिवार की है. परिवार के मुखिया मेहता (मनोज जोशी) के दो बेटे देवराज (सुमित व्यास) और रघुवीर (राज कुमार राव) हैं.  रघुवीर की पत्नी रूक्मणी (मौनी रौय) और एक बेटा है. मेहता ने अपना व्यापार रघुवीर को सौंपकर खुद एक मंदिर के ट्रस्टी बन गए हैं.  देवराज तो एक मोटीवेशनल स्पीकर (गजराज राव) के साथ जुड़े हुए हैं.  रघुवीर अब तक 13 तरह के व्यापार में हाथ आजमा चुका है और हर व्यापार में वह असफल रहा है. मगर उसकी पत्नी रूक्मणी हमेशा उसके साथ खड़ी नजर आती है.

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फिलहाल रघुवीर नेपाली चटाई बेच रहा है,मगर लाभ नहीं हो रहा है. मोटीवेशनल स्पीकर के लिए चीन से धन इकट्ठा करने के लिए देवराज को चीन जाना है,वह अपने पिता से कहकर रघुवीर के साथ ले जाता है. वहां देवराज तो असफल हो जाता है, मगर रघ्ुावीर को एक चीनी मिलता है, जिससे रघुवीर को सेक्स कमजोरी दूर करने की दवा का नुस्खा मिल जाता है. अब रघुवीर भारत वापस आकर भारतीय जुगाड़ के साथ नया बिजनेस शुरू करता है. इसके लिए वह मशहूर सेक्सोलॉजिस्ट डाक्टर वर्दी (बोमन ईरानी)के साथ हाथ मिलाता है. तो वहीं वह मशहूर फायनेंसर तमन (परेश रावल)से भी सलाह लेता रहता है. सारा खेल जम जाता है और उसकी सेक्स कमजोरी ूदूर करने की दवा ‘‘टाइगर सूप’’उंची कीमत पर बिकने लगती है. फिर तमन  बहुत बड़ी राशि रघुवीर के व्यापार में लगाते हैं. इससे मोटीवेशनल स्पीकर और उसके भाई देवराज को तकलीफ होती है. वह उसे फंसाने की सोचने लगते हैं. फिर कहानी कई मोड़ो से होकर गुजरती है और एक दिन वह बहुत बड़ी कारपोरेट कंपनी का सीईओ बन जाता है.

निर्देशनः

पूरी फिल्म देखने के बाद यह अहसास करना मुश्किल हो जाता ैहै कि ‘‘मेड इन चाइना’’के निर्देशक वही मिखिल मुसाले है,जिन्हे दो वर्ष पहले गुजराती फिल्म‘‘रौंग साइड राजू’’ के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. इसकी सबसे बड़ी कमजोर कड़ी पटकथा है. निर्देशक मिखिल मसाले ने दीवाली के अवसर पर पूरे परिवार का मनोरंजन करने के साथ संदेश देने की नेक नीयत से एक गुजराती व्यवसायी एंटरप्रिनोर की कहानी के साथ भारत में टैबू समझे जाने वाले सेक्स समस्या पर जागरूकता वाली फिल्म बनाने का प्रयास किया,मगर ऐसा करते समय वह कुछ नया नही परोस पाए. फिल्म सेक्स, सेक्स से जुड़़ी बीमारी तथा सेक्स शिक्षा से जुड़ी तमाम वर्जनाओ पर बात करती है, मगर फिल्म का क्लायमेक्स जरुरत से ज्यादा डॉ.  वर्दी का उपदेशात्मक भाषण के अलावा कुछ नही है. इतना ही नही इसी तरह का क्लायमेक्स और यही बातें कुछ समय पहले प्रदर्शित असफल फिल्म ‘‘खानदानी शफाखाना’’ में दर्शक देख चुके हैं. सबसे बड़ी समस्या यह है कि फिल्म से ह्यूमर ही गायब है.

इंटरवल से पहले फिल्म कुछ ज्यादा ही कमजोर है. कहानी आगे बढ़ती नहीं,बल्कि घसीटी जाती है. देवरासज का किरदार जिस तरह से परदे पर आता है और रघुवीर से उसकी बातचीत, इस बात का असहास ही नहीं कराती कि वह दोनों भाई हैं. कुछ किरदारों का औचित्य समझ में नही आता. इंटरवल के बाद कहानी गति पकड़ती है.

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अभिनयः

रघुवीर के किरदार में राज कुमार राव ने बेहतरीन अभिनय किया है. बोमन ईरानी ने छा गए हैं.  पूरी फिल्म सिर्फ राज कुमार राव व बोमन ईरानी के ही कंधे पर है. इनके बीच की केमिस्ट्री देखते ही बनते हैं.  मगर कई दृश्यो में बोमन ईरानी के आगे अभिनय के मामले में राज कुमार राव बौने साबित होते है. मौनी रौय का किरदार तो जबरन ठूसा हुआ लगता है. मौनी ने यह फिल्म क्यों की,यह तो वही जाने. अमायरा दस्तूर की प्रतिभा को जाया किया गया. सुमित व्यास और गजराज राव के किरदार सही ढंग से लिखे ही नहीं गए. लंबे समय बाद परदे पर परेश रावल का आगमन सुखद अहसास देता है.

राज कुमार राव,बोमन ईरानी और परेश रावल की मौजूदगी के चलते फिल्म का वजूद बचा रहता है.

DIWALI 2019: सिर्फ खुशबू नहीं, पर्सनैलिटी को निखारता है परफ्यूम

अच्छा परफ्यूम आपकी पर्सनैलिटी को पहचान दिलाता है. परफ्यूम की फ्रैगरेंस बता देती है कि कौन अभी-अभी यहां से गुजरा है. एक बेहतरीन क्वालिटी का परफ्यूम बेशक पौकेट पर भारी पड़े, पर अन्य साधारण फ्रेगरेंस जैसे डीओडेरेंट्स, बौडी स्प्रे, कोलोन या पैकेज्ड फ्रेगरेंस की तुलना में न सिर्फ आपको अपनी सुगंध से सराबोर करते हैं, बल्कि आपको यह एहसास भी देते हैं कि ये वाकई महंगा सौदा नहीं हैं. एक अच्छी क्वालिटी के परफ्यूम सुगंध काफी लंबे समय तक आप में बसी रहती है कुछ की तो क्वालिटी इतनी बेहतरीन होती है कि अगर कोई आपको छुए भी तो उसके हाथों में से भी वह सुगंध आने लगते हैं और वह बिना पूछे नहीं रह पाता कि कौन सा परफ्यूम है यह.

 1. ट्रेंड

इन दिनों फ्रेश और ट्रांसपेरेंट फ्रेगरेंस का ट्रैंड है, क्योंकि महिलाएं अपनी एक अलग व खुली सोच रखने लगी हैं. परफ्यूम भी आज एक एक्सेसरीज बनते जा रहे हैं.

2. परफ्यूम और  पर्सनैलिटी

कहना गलत है कि “महंगा होगा ,तभी अच्छा होगा”!! जरूरी नहीं कि एक महंगा परफ्यूम ही बेहतरीन हो. कई बार कुछ अच्छे परफ्यूम ज्यादा कीमती नहीं होते. परफ्यूम का चयन करने से पहले अपनी पर्सनैलिटी के बारे में सोचें और यह समझें कि आप किस तरह की सोच रखते हैं.

 3. सुगंध का चयन

परफ्यूम में सबसे ज्यादा प्रयोग मोगरे की खुशबूू का किया जाता है. यही नहीं दुनिया के सबसे महंगे ब्रांड जॉर्जिया  भी इस खुशबू का इस्तेमाल करते हैं . मोगरे की खुशबू ताजगी और मादकता का एहसास कराती है.

 4. कैसी खुशबू

आपने ध्यान करा होगा कि अधिकतम ब्रांड एक्वा नाम का प्रयोग जरूर करते हैं असल में एक्वा का मतलब होता है पानी.. यानी ताजगी  भरा एहसास.इनमें पुदीना, गुलाब और कमल की खुशबुओं का इस्तेमाल किया जाता है. काफी महंगी ब्रांड ‘केल्विन क्लाइन’ ने अपने परफ्यूम ‘सीके वन समर’ में इसी फॉर्मूले को अपनाया.

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5. खुशबू गुलाब की

आप “शनैल नं.5 ” से परिचित तो होंगे ही .यदि नहीं ! तो हम बताते हैं कि यह दुनिया का सबसे नामी परफ्यूम है! और इसकी खुशबू का राज है गुलाब की खुशबू!! गुलाब के इत्र से शायद दुनिया की हर संस्कृति वाकिफ है.

6. फलों की खुशबू

इस साल जो नए परफ्यूम आये  हैं उनमें एस्काडा ने अपने नए परफ्यूम में चेरी और डिओर ने क्रैनबेरी का इस्तेमाल किया है.

 7. स्पोर्टी टच

अगर आप कुछ हटकर ढूंढ रहे हैं तो एक बार जरूर ट्राई करें कल पिंक लाइन का ईटरनिटी और बुलगारी का एक्वा पोर होम . इनमें आपको मिलेगा पहाड़ों और झरनों की ताजगी  का एहसास .  ‘एक्वा फिटनेस’ में समुद्री पौधे पोजीडीना और बायोथर्म नींबू खुशबू के साथ. “इस साल पुरुषों के लिए जो परफ्यूम बन रहे हैं उनमें यकीनन एक स्पोर्टी टच है”.

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DIWALI 2019: फेस्टिवल में न भूलें नींद पूरी करना

दीवाली के दिन खुशी और उल्लास से भरपूर होते हैं, इसलिए चाहे युवा हों या वयस्क सभी इन दिनों खुशी से झूम उठते हैं और बिना अपनी हेल्थ और नींद की परवाह किए बगैर सेलिब्रेशन की तैयारियों में लगे रहते हैं. रात भर डांस पार्टी और हैवी डाइट हमारी हेल्थ को बिगाड़ देती है. फोर्टिस अस्पताल के न्यूरोलौजिस्ट डा. गिरीश नायर का कहना है कि किसी उत्सव या पार्टी को मनाते वक्त व्यक्ति यह भूल जाता है कि उस ने सही नींद नहीं ली है. इससे कई बार तो उस की वह बीमारी जो पहले से है वह बढ़ जाती है या फिर नई बीमारी की शुरुआत हो जाती है.

इस के आगे डाक्टर बताते हैं कि नींद 2 तरह की होती है. गहरी नींद, जिस में व्यक्ति अगर 5 घंटे भी सो ले तो बौडी रिलैक्स हो जाती है. दूसरी कच्ची नींद, जो भले ही 8 घंटे की हो बौडी रिलैक्स नहीं होती. देर रात सोने से बौडी और मस्तिष्क पर जो प्रभाव पड़ता है वह निम्न है:

– देर रात सोने से आप की 6 से 8 घंटे की नींद पूरी नहीं होती, जिस से आप सुबह देर से उठने के बाद भी सुस्त रहते हैं. फ्रैश महसूस नहीं करते. नींद पूरी न होने पर ब्लडप्रैशर बढ़ सकता है.

– माईग्रेन यानी सिरदर्द हो सकता है. अगर माइगे्रन पहले से है तो उस के बढ़ने की आशंका रहती है, क्योंकि आप नियमित दिनचर्या से अलग हट कर काम करते हैं.

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– नींद पूरी न होने से आप की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है, जिस से कफ, कोल्ड, बदहजमी जैसी बीमारियां होने लगती हैं.

देर रात सोने से होती हैं कई और समस्याएं

डाइजेस्टिव सिस्टम पर असर पड़ता है, जिस से ऐसिडिटी बढ़ती है. आप हाइपरटैंशन के शिकार हो सकते हैं. इरिटेबल बाउल सिंड्रोम हो सकता है, जिस में सुबह उठने पर बारबार दस्त होना, पेटदर्द, नौशिया आदि होती है.

अस्थमा के मरीज का अस्थमा बढ़ सकता है, उसे अटैक आ सकते हैं. हारमोनल बैलेंस बिगड़ता है जिस से मधुमेह की बीमारी का बढ़ना या नई शुरुआत हो सकती है.

फर्टिलिटी पर भी असर पड़ता है. पुरुषों का ‘स्पर्म काउंट’ कम हो सकता है. जबकि महिलाओं के ‘मेंसुरेशन साइकिल’ पर असर पड़ता है.

सुझाव

डा. नायर आगे कहते हैं कि देर रात सोने की आदत हमेशा खराब होती है. पर ग्लोबलाइजेशन या पढ़ाई की वजह से या फिर किसी खास अवसर की वजह से आप रात को देर से सोते हैं, तो निम्न बातों का ध्यान अवश्य रखें:

किसी कारणवश अगर आप देर से सोए हों, और आप की नींद पूरी नहीं हुई हो तो हो सके तो दोपहर में थोड़ी देर नींद ले लें.

खाने पर ध्यान दें. औयली, फ्राइड और प्रोसैस्ड फूड न खा कर घर का भोजन, जिस में फ्रैश फ्रूट्स, सब्जियां और सलाद हो, खाने की कोशिश करें. कम से कम 3 से 4 लिटर पानी पिएं.

अगर आप अगले दिन फ्रैश न हों तो गाड़ी न चलाएं. देर तक जागने की वजह से आप की एकाग्रता कम होगी, जिस से आप का गाड़ी पर कंट्रोल कम हो सकता है, जो कई बार खतरनाक होता है.

मौजमस्ती, कितनी भी करें, पर अपनी जरूरत की नींद अवश्य पूरी करें, क्योंकि नींद टायर्ड मसल्स को रिलैक्स करती है, जिस से आप दूसरे दिन की भागदौड़ के लिए तैयार होते हैं. नींद आप को सही और तुरंत निर्णय लेने में भी मदद करती है, तब आप एक खुशनुमा जीवन बिता सकते हैं.

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DIWALI 2019: मैंगो कोकोनट बर्फी

गरमी में मार्केट में आमों की भरमार होती है. जिससे आप आम की कईं नईं-नई डिश बना सकते हैं तो आज हम आपको मैंगो कोकोनट बर्फी के बारे में बताएंगे जिसे खिलाकर आप अपने फैमिली और फ्रैंड्स का दिल जीत सकती हैं.

हमें चाहिए

आम का गूदा ½ किलो

नारियल पाउडर 200 ग्राम

चीनी 100 ग्राम

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मावा 250 ग्राम

काजू 30 ग्राम

पिस्ता 20 ग्राम

इलायची पाउडर ¼ छोटा चम्मच

बनाने का तरीका

– मध्यम आंच पर एक पैन में नारियल पाउडर लें. इसे लगातार तब तक भूनें जब तक यह सूखकर हल्का भूरा न हो जाए साथ ही एक अच्छी खूशबू न आ जाए.

– फिर दूध/मावा, चीनी और आम का पल्प डालकर मिक्स करें और मध्यम आंच पर पकाते रहें. यह पकने के बाद सूख जाता है और गाढ़ा हो जाता है. जिसमें कम से कम 18 से 20 मिनट का समय लगता हैं.

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– अब इस पेस्ट में ड्राई फ्रूट डालकर गैस बंद करें, साथ ही इलायची पाउडर डालें और इसे एक बढ़ी ट्रे या कंटेनर में निकालें. फिर इसे समान रूप से ट्रे पर घी लगाकर पेस्ट को फैलाएं और इसके ऊपर कटा हुआ पिस्ता और काजू डालें

– एक बार सेट होने पर टुकड़ों में काटें और डिनर या कभी भी अपनी फैमिली और फ्रैंड्स को सर्व करें.

Edited by Rosy

DIWALI 2019: ‘किन्नर बहूू’ के ये स्टाइलिश ब्लाउज, हर लड़की के लिए हैं परफेक्ट

फेस्टिवल में इन दिनों लहंगा साड़ी के साथ फैशनेबल ब्लाउज लोगों को काफी अट्रेक्ट कर रहा है. अगर आप भी फेस्टिवल में ट्रेंडी दिखना चाहते हैं तो ये ब्लाउज आपके लिए परफेक्ट औप्शन है. आजकल शादी हो कोई भी पार्टी हर कोई अपने आप को खूबसूरती बनाने के लिए हर कोशिश करते हैं, जिसके लिए बौलीवुड या टीवी एक्ट्रैसेस बेस्ट औप्शन होते हैं. आजकल डिजाइनर ब्लाउज के साथ लहंगा हो या साड़ी सभी के लिए फैशन ट्रैंड में हैं. आपने देखा होगा कि ‘किन्नर बहू’ के रोल से फेमस टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलाइक अपने सीरियल शक्ति-अस्तित्व के एहसास की के हर एक एपिसोड में नए-नए डिजाइन के ब्लाउज पहनती हैं, जिसे आप भी ट्राई करना चाहती होंगी. आज हम रुबीना दिलाइक के कुछ ब्लाउज के ट्रैंडी फैशन के बारे में बताएंगे, जिसे आप शादी हो या औफिस कहीं भी ट्राय कर सकती हैं.

1. पार्टी के लिए ट्राई करें रुबीना का डीप नेक फ्रिल ब्लाउज

 

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#highlights 2018

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अगर आप किसी पार्टी या शादी में खुद को सेक्सी के साथ-साथ इंडियन लुक देना चाहती हैं, तो रुबीना का डीप नेक फ्रिल ब्लाउज ट्राय कर सकते हैं. वहीं इसका कलर बेबी पिंक होने के चलते ये समर में आपको कूलिंग का एहसास भी दिलाएगा.

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2. रूबीना का नेट बलाउज फैशन भी करें ट्राई

 

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Helo there @helo_indiaofficial

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अगर आप कुछ नया ट्राई करना चाहती हैं तो रूबीना का ये वाइट नेट ब्लाउज फैशन ट्राई कर सकती हैं. इसके साथ आप चाहें तो लहंगा या साड़ी में से किसी के साथ भी कौम्बिनेशन करके पहन सकती हैं.

3. यैलो साड़ी के साथ ट्राई करें ये मिरर ब्लाउज

 

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? head high, eyes on the goal…. LETS DO THIS ??‍♀️

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समर में यैलो कलर फैशन ट्रैंड बन गया है और अगर आपके पास भी कोई यैलो साड़ी है तो उसे आसमानी ब्लू कलर के मिरर ब्लाउज के साथ रुबीना की तरह ट्राय करके स्टाइलिश दिख सकते है. ये आपके लुक को जितना सिंपल रखेगा, उतना ही कूल भी बनाएगा.

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4. रुबीना की तरह रेड एंड वाइट का कौम्बिनेशन करें ट्राई

 

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When u skip reading the entire scene , and look for your lines only ????

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रेड एंड वाइट का कौम्बिनेशन समर लुक के लिए परफेक्ट है. वाइट कलर जहां आपको ठंडक देता है, वहीं रेड कलर लोगों को अपनी ओर अट्रेक्ट करने का काम करता है. आप भी रुबीना की तरह वाइट कलर के सिंपल फुल स्लीव फ्रिल ब्लाउज के साथ प्लेन साड़ी ट्राय कर सकती हैं.

5. ग्रीन के साथ क्रीम कलर करें ट्राई

 

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अगर आपके पास भी कोई शाइनिंग साड़ी है तो आप उसके साथ रूबीना की तरह सिंपल क्रीम कलर का ब्लाउज ट्राय कर सकती हैं. वही ब्लाउज को सिंपल रखते हुए लाइनिंग वाला पैटर्न रखकर फ्रिल ब्लाउज ट्राय कर सकती हैं.

बता दें, टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलाइक ने एक्टर अभिनव शुक्ला से शादी हुई, जिसके बाद मीडिया में खबरें हैं की वह और उनके हसबैंड अभिनव शुक्ला ‘नच बलिए 9’ में हिस्सा ले सकते हैं.

DIWALI 2019: गोल्ड खरीदने के गोल्डन रूल्स

भारत में गोल्ड को लग्जरी से ज्यादा इन्वैस्टमैंट के रूप में देखा जाता है. फिर सोने की लगातार बढ़ती कीमत ने इस बात को साबित भी कर दिया है कि गोल्ड निवेश का एक अच्छा जरीया है.

फाइनैंस सलाहकार अभिनव गुलेचा कहते हैं, ‘‘गोल्ड में निवेश करने से महिलाओं के दोनों शौक पूरे हो जाते हैं. पहला उन के गोल्ड कलैक्शन में इजाफा हो जाता है और दूसरा उन की इन्वैस्टमैंट की ख्वाहिश भी पूरी हो जाती है.’’

सोने में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं. गहनों के रूप में या फिर सिक्कों के रूप में सोना खरीदने के अलावा भी सोने में और कई तरीकों से पैसे लगाए जा सकते हैं. इन के अलावा सोने में निवेश के लिए म्यूचुअल फंड प्रारूप भी उपलब्ध है. गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड फंड भी अच्छे विकल्प हैं. यह निवेशक की अपनी सहूलियत पर निर्भर करता है कि वह इन में से किस विकल्प को चुनता है. आइए, इन विकल्पों पर एक नजर डालते हैं.

1. गोल्ड ईएमआई स्कीम

गोल्ड में निवेश का यह सब से आसान तरीका है. आजकल हर ज्वैलरी ब्रैंड गोल्ड पर तरहतरह की स्कीमें ला रहा है. जैसे 12 महीनों में 11 किस्तें ग्राहक भरे और 12वीं किस्त ज्वैलरी ब्रैंड खुद भरेगा. यदि आप 1,000 की किस्त हर महीने भरें तो 12वें महीने एक निश्चित तिथि पर आप 12,000 की कोई भी गोल्ड ज्वैलरी ले सकती हैं. लेकिन अभिनव की मानें तो यह ज्यादा फायदे का सौदा नहीं है. वे कहते हैं, ‘‘इस तरह की स्कीम तब फायदेमंद होगी जब आप को अपना ज्वैलरी कलैक्शन बढ़ाना हो, क्योंकि इस स्कीम से आप को जमा की गई किस्तों के मूल्य की ज्वैलरी ही मिलेगी. यदि आप इसे पैसों में कन्वर्ट कराना चाहें तो भी नहीं करा सकतीं.’’

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2. गोल्ड फ्यूचर्स

गोल्ड फ्यूचर्स के जरीए सोना खरीदने के लिए पूरी राशि की जरूरत नहीं पड़ती. इस प्रक्रिया में मार्जिन मनी से काम चल जाता है. किसी भी वक्त सौदा किया जा सकता है और समाप्त भी. इस में लिक्विडिटी की समस्या नहीं होती. आप चाहें तो कैश में सौदे का निबटान कर दें या फिर इस की फिजिकल डिलिवरी ले सकती हैं.

आप के पास यह सुविधा भी होती है कि आप अगली ऐक्सपायरी में सौदे को रोलओवर कर लें. लेकिन इस के कुछ नुकसान भी हैं. पहली बात तो यह कि फ्यूचर्स में जोखिम अधिक होता है. इस के अलावा सौदे की ऐक्सपायरी से पहले आप को निर्णय लेना ही होता है. गोल्ड फ्यूचर्स में खरीदारी और बिक्री दोनों ही वक्त ब्रोकरेज देना पड़ता है. इसलिए इस प्लान में इन्वैस्ट करने से पहले किसी अच्छे इन्वैस्टमैंट सलाहकार से राय जरूर ले लें.

3. गोल्ड फंड

गोल्ड फंड म्यूचुअल फंड का ही एक रूप है, जिस में अंतर्राष्ट्रीय फंडों के जरीए सोने की माइनिंग से संबंधित कंपनियों में निवेश किया जाता है. गोल्ड फंड में निवेश के कई फायदे हैं. यह इलैक्ट्रौनिक फौर्म में रखा होता है, जिस से इस की हिफाजत की चिंता नहीं रहती है. इस तरह की योजनाओं में निवेश करने से निवेशकों को फंड मैनेजर के कौशल और सक्रिय फंड प्रबंधन का फायदा मिलता है.

अभिनव बताते हैं, ‘‘गोल्ड फंड का सब से बड़ा फायदा यह है कि इसे बगैर डीमैट अकाउंट के औपरेट किया जा सकता है और इस में एसआईपी (सिप) सुविधा भी है. सिप के जरीए छोटी रकम से भी निवेश किया जा सकता है. इस प्लान में आप महज कुछ सौ रुपए की राशि से भी सोने में निवेश कर सकती हैं. गोल्ड फंड में सिप से मिलने वाले रिटर्न पर कोई संपत्ति कर भी नहीं लगता. लेकिन इस की कुछ सीमाएं हैं. कौस्ट औफ होल्डिंग के हिसाब से गोल्ड फंड ईटीएफ से थोड़ा महंगा पड़ता है.’’

4. गोल्ड ईटीएफ

गोल्ड ईटीएफ वे म्यूचुअल फंड होते हैं, जो सोने में निवेश करते हैं और शेयर बाजार में लिस्टेड होते हैं यानी इन के जरीए सोने में निवेश करने के लिए यह जरूरी है कि आप के पास डीमैट और ट्रेडिंग खाता हो. हालांकि यह घरेलू महिलाओं के लिए थोड़ा कठिन है, लेकिन कामकाजी महिलाओं के लिए डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाना आजकल कोई मुश्किल काम नहीं है. लेकिन अभिनव की मानें तो गोल्ड ईटीएफ में निवेश करना भले ही आसान है, लेकिन इस की भी अपनी सीमाएं हैं.

वे बताते हैं, ‘‘इस के लिए आप को ब्रोकरेज चार्ज और फंड मैनेजमैंट चार्ज देना होता है. गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने वाले निवेशकों को फंड मैनेजर के कौशल और सक्रिय फंड प्रबंधन का भी कोई फायदा नहीं मिल पाता.’’

पूरे भारत में लोग दीवाली पर सोने की शौपिंग करते हैं. अगर आप भी इस बार दीवाली पर सोना खरीदने का मूड बना रही हैं, तो कुछ बातों का खयाल जरूर रखें. खासतौर पर गोल्ड की क्वालिटी और प्योरिटी का वरना लेने के देने पड़ सकते हैं. आइए, जानते हैं इन जरूरी बातों को:

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5. कैरेट रेटिंग चैक करें

यह सभी को पता होता है कि गोल्ड की प्योरिटी कैरेट से मापी जाती है. कैरेट के मुताबिक ही गोल्ड की कीमत तय की जाती है. प्योर गोल्ड 24 कैरेट में आता है, लेकिन यह बेहद सौफ्ट होता है, इसलिए ज्वैलरी बनाने के लिए इस में कुछ इंप्योरिटी डाली जाती है, जिस से 24 की जगह 22 कैरेट गोल्ड से ज्वैलरी तैयार होती है.

कई बार ज्वैलरी खरीदते वक्त जौहरी ग्राहक को 24 कैरेट गोल्ड कह कर ज्यादा पैसे ऐंठ लेता है जबकि ज्वैलरी हमेशा 22 कैरेट या 18 कैरेट गोल्ड से ही तैयार की जाती है. गोल्ड में कैरेट के हिसाब से ही ज्वैलरी की कीमत लगाई जाती है. इसलिए ज्वैलरी खरीदते समय इस बात का पूरा खयाल रखें कि आप कितने कैरेट की गोल्ड ज्वैलरी ले रही हैं और फिर उसी हिसाब से पेमैंट करें.

6. हौलमार्क चार्ज

हौलमार्क के गहने खरीदते वक्त आप को थोड़ी कीमत अधिक देनी होगी. उस में इस परीक्षण की लागत को भी शामिल किया जाता है. कई बार हौलमार्क के गहनों की कीमत भी अलगअलग दुकानों पर अलगअलग हो सकती है. इसलिए कई जगहों पर पता कर के ही सही जगह से हौलमार्क ज्वैलरी खरीदें.

7. गोल्ड रेट जरूर चैक करें

आप जब गोल्ड खरीदने जाएं तो उस दिन गोल्ड का रेट क्या है, यह जरूर पता कर लें. इस के बाद पेमैंट करते वक्त भी गोल्ड की कीमत जरूर पूछें, क्योंकि गोल्ड की कीमत घटतीबढ़ती रहती है.

8. मेकिंग चार्ज

मेकिंग चार्ज अलगअलग गहनों के मुताबिक अलगअलग होता है, जिसे ज्वैलर्स सोने के गहने बनाने के मेहनताने के रूप में लेते हैं. ऐसे में ज्वैलरी खरीदते वक्त अलगअलग जगहों के मेकिंग चार्ज की जानकारी जरूर लें ताकि आप के गहनों की कीमत में कम से कम मेकिंग चार्ज हो, क्योंकि जब भी आप गहने बेचेंगी मेकिंग चार्ज की कीमत का नुकसान आप को ही उठाना पड़ेगा. ऐसे में कम मेकिंग चार्ज वाली खरीदारी ही फायदे का सौदा है. हां, ध्यान रखें आप सोने में जितने अधिक नगों और डिजाइनों की मांग करेंगी, उन पर मेकिंग चार्ज भी उतना ही अधिक होगा और फिर सोने की शुद्धता भी उतनी ही कम होगी.

9. रिटर्न पौलिसी जान लें

ज्वैलर या सेल्समैन से रिटर्न पौलिसी और प्रामाणिकता के सर्टिफिकेट के बारे में जानकारी जरूर ले लें. हो सकता है कल को आप का अपनी ज्वैलरी बेचने का मन बन जाए, तब यह सर्टिफिकेट आप के काम आएगा. दूसरे, इस सर्टिफिकेट से यह भी पता चल जाएगा कि आप ने जो गोल्ड खरीदा है वह असली है. इस बात को याद रखें कि प्योर गोल्ड रिटर्न के दौरान लेबर चार्जेज के अलावा दूसरा कोई चार्ज नहीं काटा जाता.

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त्यौहारों पर ट्रैफिक जाम, करके रखें इंतजाम

पिछले साल दीवाली पर ही तय कर लिया था कि कुछ भी हो जाए खरीदारी के लिए अब दीवाली से 5-6 दिन पहले ही बाजार जाएंगे. एक प्राइवेट कंपनी में काम कर रहे कपिल तिवारी पिछले साल के इस तकलीफदेह तजरबे से फिर दोचार नहीं होना चाहते जब वे अपने ही शहर के ट्रैफिक जाम में फंस गए थे. कंपनी में दीवाली पर काम ज्यादा था, इसलिए उन्होंने सोचा था कि औफिस से फुरसत पा कर ही पत्नी और दोनों बच्चों सहित शौपिंग पर जाएंगे.

इस बाबत उन्होंने घर फोन कर कह भी दिया था कि शाम 7 बजे के लगभग तैयार रहना और हौर्न देते ही ताले लगा कर सभी बाहर आ जाना. सीधे बाजार चलेंगे. घर आए और बाहर से ही रवाना भी हो गए, लेकिन 3 किलोमीटर की दूरी तय करते ही ट्रैफिक में फंस गए. सड़क पर चारों तरफ रोशनी जगमगा रही थी. कहींकहीं पटाखे भी फूट रहे थे.

लेकिन कपिल की खीज शवाब पर थी. वे कभी खुद को तो कभी ट्रैफिक को कोस रहे थे. इधर पत्नी और दोनों बच्चों की हालत भी जुदा नहीं थी, जिन के हाथों में सामान की लिस्ट थी. ट्रैफिक था कि केंचुए की चाल से रेंग रहा था. जैसे ही आगे की गाडि़यां थोड़ा खिसकती तो मन में उम्मीद जागती कि अब रास्ता साफ हो जाएगा. लेकिन चंद कदम के बाद फिर गाडि़यों के पहिए थम जाते. भले ही ऊपर से चारों ट्रैफिक व्यवस्था, सरकार और एकसाथ सभी की बाजार निकलने की मानसिकता व रिवाज को कोस रहे थे, लेकिन उस से ज्यादा मन ही मन खुद को भी कोस रहे थे कि दीवाली की खरीदारी जैसा अहम काम 5-6 दिन पहले ही कर लेते तो जाम में न फंसते. लेकिन फंस ऐसे चुके थे कि न तो आगे बढ़ सकते थे और न ही पीछे जा सकते थे. बच्चों का उत्साह और धैर्य जवाब देने लगा था. छोटा बेटा रोहित भूख लगने की बात करने लगा था तो बड़ा रोहन बारबार बाजार बंद हो जाने की आशंका जता रहा था कि जब 9 यहीं बज गए तो इस चाल से बाजार पहुंचतेपहुंचते 11 तो बज ही जाएंगे.

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तब तक दुकानें बंद हो चुकीं होगी. दीवाली की खुशी एक रात पहले ही काफूर हो चली थी. खरीदारी के जोश में बच्चे मोबाइल भी नहीं चला रहे थे. 11 तो नहीं पर 10 बजे बाजार पहुंचे तो सब से पहले रोहित के लिए स्नैक्स लिए फिर शुरू की खरीदारी जो वैसी नहीं हो पाई जैसा प्लान पूरा परिवार महीने भर से कर रहा था. पिछले साल की मानसिक और शारीरिक यंत्रणा को याद कर सिहर उठते कपिल ने तय कर लिया है कि त्योहारों की खरीदारी 5-6 दिन पहले ही करेंगे, बजाय शाम या रात को निकलने के दोपहर को ही बाजार के लिए निकल लेंगे. इस पर भी ट्रैफिक का भरोसा नहीं. इसलिए गाड़ी में बच्चों के लिए स्नैक्स और पानी भरपूर मात्रा में रखेंगे और गाड़ी का पैट्रौल टैंक फुल करा कर रखेंगे. पिछली बार इकलौता अच्छा काम यह हुआ था कि गाड़ी में पर्याप्त पैट्रोल था वरना कहीं बीच में फंस कर रह जाते और फिर खरीदारी नहीं कर पाते. बचें फंसने से भोपाल के एक सरकारी महकमे के इंजीनियर असीम चक्रवर्ती का अनुभव तो कपिल तिवारी से भी ज्यादा कटु है.

वे हर बार की तरह दीवाली का त्योहार मनाने के लिए मातापिता के पास इंदौर जाने के लिए सुबह भोपाल से यह सोच कर निकले थे कि दोपहर तक आराम से पहुंच जाएंगे. सिर्फ साढ़े तीन घंटे का रास्ता है. अगर रास्ते में देर भी लगी तो 5 घंटे में तो पहुंच ही जाएंगे. परिवार सहित भोपाल से चले तो आधा सफर तो बढि़या कटा. हाइवे पर ट्रैफिक ज्यादा था, लेकिन जाम कहीं नहीं मिला तो उन्हें उम्मीद बंधी कि समय से पहुंच जाएंगे और फिर सुकून से मम्मीपापा के साथ दीवाली मनाएंगे. लेकिन आष्टा नाम के कसबे की घाटी पर उन की 4 साल पुरानी कार बीच रास्ते रुक गई. बोनट खोल कर कुछ देर इंजन के तारों को हिलाने के बाद भी कार स्टार्ट नहीं हुई तो उन्हें समझ आ गया कि कोई बड़ी खराबी आ गई है. उधर पीछे गाडि़यों की कतार लगनी शुरू हो गई थी.

कुछ देर बाद एक ट्रक ड्राइवर ने आ कर गाड़ी देखी तो उसे भी कुछ समझ नहीं आया. जातेजाते वह ये नसीहतें देना नहीं भूला:

  • जब लंबी दूरी पर निकलो खासतौर पर त्योहारों के मौके पर तो कार की सर्विसिंग जरूर करा लिया करो.
  • गाड़ी की छोटीमोटी खराबी ठीक करना खुद सीखो.
  • इंजन औयल, ब्रेक वगैरह चैक कर चला करो.
  • वाटर कूलेंट की जांच करते रहा करो.
  • गाड़ी में ऐक्स्ट्रा फ्यूल डलवा कर रखा करो.
  • गाड़ी में ऐक्स्ट्रा बल्ब, यूज व लाइट अवश्य रखो.

5-10 मिनट तक वह ड्राइवर धर्मगुरुओं की तरह प्रवचन देता रहा और असीम भक्त की तरह चुपचाप उन्हें ग्रहण करते रहे. मम्मीपापा को उन्होंने फोन कर बता दिया कि रास्ते में गाड़ी खराब हो गई है इसलिए देर हो जाएगी. फिर 2-4 ट्रक ड्राइवरों ने उन की गाड़ी को धक्का दे कर किनारे कर किया. दिन दीवाली का था, इसलिए कोई मैकेनिक भी नहीं मिला. जैसेजैसे रात 8 बजे भोपाल से विभाग के एक कर्मचारी को बुलाया और गाड़ी उस के हवाले कर दी.

बचने के उपाय त्योहारों पर भीड़भाड़ और जगहजगह ट्रैफिक जाम होना आम बात है. इसलिए शहर में जाएं या बाहर कुछ एहतियात बरतना जरूरी है:

– पहली कोशिश यह होनी चाहिए कि ट्रैफिक में फंसा ही न जाए, लेकिन इस के लिए कोई तयशुदा फौर्मूला नहीं है, लेकिन जो हैं उन का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए.

स्मार्ट फोन से ट्रैफिक जाम की जानकारी लेना उन में से एक है.

– झांकियों और सार्वजनिक धार्मिक उत्सवों, चल समारोहों के दौरान घर से गाड़ी में न निकलना ही बेहतर होता है. वजह धर्म के नाम पर हमारे देश में लोगों को जो डिस्काउंट तरहतरह के मिले हुए हैं. सड़क पर मजमे लगा कर ट्रैफिक जाम करना उन में से एक है.

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– अपनी गाड़ी को अपडेट रखें. त्योहार के पहले ही पैट्रोल टैंक फुल करवा लें ताकि बारबार पैट्रोल पंप की लाइन में न लगना पड़े. कई बार त्योहार पर भी इमरजैंसी आ जाती है, इसलिए गाड़ी में पर्याप्त पैट्रोल होना जरूरी है.

– दूर जाएं या पास रास्तों की जानकारी ले लें कि कौन सा खाली है. वही रास्ता चुनें जहां ट्रैफिक कम होता हो. इस बाबत दूसरों से सलाह ले लेना भी बेहतर रहता है.

– ट्रैफिक नियमों का पालन करें. गाड़ी में कोई खराबी हो तो उस का इस्तेमाल त्योहार के वक्त न करें.

– त्योहार आनंद और खुशी के प्रतीक होते हैं, जिन पर गाड़ी को ले कर लापरवाही का ग्रहण आप का व परिवार का मजा किरकिरा कर सकता है. इसलिए शौपिंग वाकई कुछ दिन पहले कर लेना सुविधाजनक रहता है और दूर जाना हो तो त्योहार के दिन का इंतजार न करें बल्कि 1-2 दिन पहले निकलने का प्लान करें.

– ट्रैफिक जाम से बचने के लिए जरूरी है कि लंबी दूरी की यात्रा सुबह शुरू की जाए और अपने ही शहर में जाना हो तो व्यस्त समय से पहले या बाद में निकलें.

– जाम में फंसने पर पैट्रोल ज्यादा फुंकता है, इसलिए टंकी फुल रखें. मैकेनिकों के मोबाइल नंबर भी संभाल कर रखने चाहिए.

DIWALI 2019: जानें कैसे दीवाली मनाते हैं बौलीवुड स्टार्स

भारत में दीवाली हर घर में अलग-अलग तरीके से मनाई जाती है. हर किसी के मनाने का तरीका अलग है, लेकिन अक्सर लोगों जानना चाहते हैं कि उनके फेवरेट स्टार्स किस तरह दीवाली सेलीब्रेट करते हैं. इसलिए आज हम आपको बताएंगे कि आपको फेवरेट बौलीवुड स्टार्स किस तरह अपनी दीवाली सेलिब्रेट करते हैं…
तापसी पन्नू की दीवाली

सवाल- त्यौहारों का आपके जीवन में क्या महत्व है? कैसे मनाती है?

हर त्यौहार का अपना फ्लेवर होता है, फिर चाहे वह खाना हो या घर की सजावट या रिश्तेदारों से मिलना सबकुछ अच्छा होता है. मैं परिवार के साथ रहना त्योहारों में पसंद करती हूं, क्योंकि मेरा परिवार छोटा है. रंगोली बचपन से बनाती आ रही हूं. पहले पटाखे जलाती थी, अब दिए सजाती हूं. मैं दिये पर पेंट भी करती हूं. त्यौहार में साथ रहने मिलने, खाना खाने, डांस करने का एक माहौल मिलता है.

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दीपिका पादुकोण की दीवाली

फैमिली के साथ ऐसे मनाती है दीपिका फेस्टिवल

त्यौहार को सेलिब्रेट करना कितना जरुरी है और दीवाली इस बार रणवीर के साथ कैसे मनाने वाली है पूछे जाने पर दीपिका बताती है कि बचपन से ही मैंने त्यौहार को मनाते हुए देखा है, इसमें बचपन की यादें होती है, साथ ही परिवार और उसकी संस्कृति के साथ जुड़ाव को महसूस करते है. ये कम्युनिटी की फीलिंग को ताज़ा करती है. इस दौरान मिठाइयां बनाना, सबको बांटना, रिश्तेदारों से मिलने जाना आदि संभव होता है. इससे रिश्तों में गहराई आती है. गणपति से लेकर दिवाली तक लगातार उत्सव मनाने का दौर चलता रहता है. अच्छा माहौल होता है और मुझे बहुत पसंद है.

ऐली अवराम की दीवाली

सवाल- यहां के त्योहारों के बारें में आप कितनी जानकारी रखती है, क्या कभी किसी त्यौहार को सेलिब्रेट किया है?

मैंने सबसे पहले होली के त्यौहार को सेलिब्रेट किया है. मुझे बहुत मजा आया था, जब एक अंजान लड़की ने मुझे खुशी- खुशी रंग लगाया. इसके अलावा गणपति और दीवाली भी मुझे बहुत पसंद है, लेकिन मैं चाहती हूं कि त्योहारों को मनाते हुए अपने वातावरण का भी ख्याल रखने की जरुरत हम सभी को है.

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विनीत पाठक की दीवाली

सवाल- दीवाली कैसे मनाते आये है? व्यस्त दिनचर्या में अभी क्या मिस करते है?

दीवाली हर साल खुशियों के साथ मनाते है. मिस मैं अपने पिता को करता हूं, क्योंकि वे अब नहीं रहे. साल 2014 में उनका देहांत हो गया. हर बार दिवाली मैं मां, पत्नी और बच्चों के साथ मनाता हूं.

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